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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव : रायपुर जिले के 4 जनपद अध्यक्षों के लिए आरक्षण एवं जिला पंचायत सदस्य के आरक्षण तय
रायपुर। राजधानी के शहीद स्मारक भवन में रायपुर जिले के जनपद अध्यक्षों की आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई. वहीं जिला पंचायत सदस्यों के लिए आरक्षण का कार्य चल रहा है. रायपुर जिले 4 जनपद पंचायत हैं. इसमें से अभनपुर जनपद अध्यक्ष के लिए SC महिला, आरंग जनपद अनारक्षित महिला, धरसीवा जनपद अध्यक्ष OBC महिला के लिए आरक्षित हुआ. वहीं तिल्दा नेवरा जनपद अध्यक्ष अनारक्षित के लिए आरक्षित किया गया.
अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 4.39 % होने के कारण नियमानुसार ST को आरक्षण नहीं दिया गया. बता दें कि इससे पहले के चुनाव में धरसीवा जनपद SC महिला, आरंग जनपद अनारक्षित, अभनपुर जनपद अनारक्षित महिला और तिल्दा जनपद OBC महिला के लिए आरक्षित था.
जिला पंचायत सदस्यों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया भी पूरी हो गयी है.
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव : धमतरी जिले के 4 में से 2 जनपद अध्यक्ष की सीट महिला आरक्षित, जिला पंचायत सदस्य की सिर्फ एक सीट पर ओबीसी आरक्षण तय
धमतरी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया धमतरी जिले में पूरी कर ली गई है. जिले के 4 में से 2 जनपद अध्यक्ष की सीट महिला आरक्षित की गई है. इनमें जनपद पंचायत धमतरी अध्यक्ष के लिए अजजा महिला, जनपद पंचायत कुरूद के लिए अनारक्षित महिला, जनपद पंचायत मगरलोड अध्यक्ष के लिए अनारक्षित मुक्त और जनपद पंचायत नगरी अध्यक्ष सीट के लिए अजजा मुक्त आरक्षित की गई है.
वहीं धमतरी जिला पंचायत के 13 सीटों में से 8 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है. जिला पंचायत सदस्य की सिर्फ एक सीट ओबीसी आरक्षित हुई है. आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद धमतरी के ओबीसी वर्ग ने आरक्षण पर आपत्ति जताते हुए इसे नियमों के विपरीत बताया है. इस मामले में धमतरी एडीएम ने कहा कि सब कुछ सरकार से मिली गाइडलाइन के हिसाब से किया गया है.
जनपद अध्यक्षों के लिए आरक्षण
जनपद पंचायत धमतरी अध्यक्ष – अजजा महिला
जनपद पंचायत कुरूद अध्यक्ष – अनारक्षित महिला
जनपद पंचायत मगरलोड अध्यक्ष – अनारक्षित मुक्त
जनपद पंचायत नगरी अध्यक्ष – अजजा मुक्त
धमतरी जिला पंचायत सदस्यों के लिए आरक्षण
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 1 – अनारक्षित महिला
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 2 – अनुसूचित जाति महिला
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 3 – अनारक्षित मुक्त
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 4 – अनारक्षित मुक्त
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 5 – अनारक्षित महिला
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 6 – अनारक्षित महिला
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 7 – अनारक्षित महिला
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 8 – ओबीसी महिला
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 9 – अजजा मुक्त
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 10 – अजजा महिला
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 11 – अजजा मुक्त
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 12 – अनारक्षित मुक्त
जिला पंचायत सदस्य क्रमांक 13 – अजजा महिला
मुख्यमंत्री के प्रयासों से बेहतर हुई जशपुर जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं, कैंसर के इलाज में कर्ज बोझ तले दबा था राम प्यारे का जीवन, दीर्घायु वार्ड में मिला निःशुल्क उपचार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के शासकीय अस्पतालों की सुविधाओं में लगातार विस्तार हो रहा है । मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से राज्य के मरीजों का विश्वास सरकारी अस्पतालों के प्रति मजबूत हुआ है। जशपुर के रामप्यारे और दीनदयाल स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर अपनी कहानी बयान कर रहे हैं।
राम प्यारे को दीर्घायु वार्ड में मिला निःशुल्क उपचार
कैंसर का उपचार कराने में मेरी पूरी जमा पूंजी खत्म हो गयी घर बेचने तक की नौबत आ गयी, ऐसे में जिला अस्पताल का दीर्घायु वार्ड मेरे लिए संकटमोचक बना जहां मुझे निःशुल्क उपचार के साथ दवाइयां भी मिल रहीं हैं। ये कहना है राजापारा निवासी 60 वर्षीय रामप्यारे राम का। राम प्यारे शासकीय मॉडल स्कूल में भृत्य के पद पर कार्यरत हैं। कई सालों से उनके पेट में दर्द एवं जलन की शिकायत थी। प्रारम्भ में जब राम प्यारे ने अम्बिकापुर में निजी अस्पताल में जांच कराई तो पेट में अल्सर होने की बात कह कर चिकित्सकों ने ईलाज प्रारम्भ किया। दो साल तक उपचार होने के बाद आराम ना मिलने पर उन्होंने रायपुर के निजी अस्पताल में अपने ईलाज कराया। जांच में पता चला कि उन्हें अमाशय का कैंसर है। वहां से दूसरे निजी अस्पताल रेफर किया गया। जहां उनका एक साल तक उपचार चला। इस ईलाज में उनकी घर की सारी जमा पूँजी खत्म हो गयी। स्थिति ऐसी बनी कि उन्हें अपना घर बेचने तक की नौबत आ गयी थी। वे कर्ज के बोझ तले दबते चले गए। बच्चों ने जहां से बन पड़ा कर्ज लेकर ईलाज कराने की कोशिश की।
ऐसे में उन्हें जिला अस्पताल में निःशुल्क उपचार के संबंध में जानकारी मिली। उन्होंने यहां पर अपना उपचार कराना प्रारम्भ किया। अब उन्हें ईलाज के लिए बार बार रायपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। राम प्यारे बताते हैं कि उनके ईलाज में प्रति माह 90 हज़ार से 1 लाख तक हो जाते थे। ऊपर से आने जाने और अन्य खर्चें अलग से करना पड़ता था। यहां पर उपचार निःशुल्क हो जाता है और कहीं जाने के खर्च की भी जरूरत नहीं पड़ती। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं शासन का धन्यवाद दिया।
दीनदयाल की परेशानी में आशा की राह बना दीर्घायु वार्ड
कांसाबेल के कैंसर पीड़ित मरीज दीनदयाल यादव ने बताया कि उन्हें सितम्बर 2023 से कई शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पहले जब जांच कराई तो हैड्रोसिल की समस्या का पहचान कर उसका ईलाज किया गया। पर शारीरिक व्याधि फिर भी बढ़ती रही पेट में सूजन हो गया। एक दिन वे घर पर काम करते हुए बेहोश हो गए तो 2-3 दिनों तक बेहोशी की हालत में कुनकुरी में ईलाज चलता रहा। जहां बीमारी का ज्ञान ना होने पर अम्बिकापुर में भी जांच हुई तो चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रायपुर जाने की सलाह दी। जहां पर चिकित्सकों की जांच में किडनी का कैंसर होने की बात सामने आई।
घर में राजमिस्त्री का कार्य कर पूरे घर की जिम्मेदारी अपने ऊपर उठाने वाले दीनदयाल की इस हालत से पूरे परिवार में डर का माहौल फैल गया था, पर डॉक्टरों ने समझाया की उन्हें आर्थिक बोझ ना हो इसके लिए वे अपने जिले में ही इसका उपचार करा सकते हैं। जब वे जशपुर आये तो दीर्घायु वार्ड में उनका निःशुल्क उपचार आयुष्मान कार्ड योजना द्वारा प्रारम्भ हुआ। दीनदयाल का जहां बिस्तर से उठना बोलना भी दूभर हो गया था। अब धीरे-धीरे वह ठीक होने लगे हैं वे अब खुद उठ कर बैठने की अवस्था में आ गए हैं। इसके लिए दीनदयाल एवं उनकी पत्नी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी धन्यवाद दिया।
विष्णु का सुशासन : मेकाहारा में मरीजों के खून जांच के लिए नई व्यवस्था शुरू, नहीं लगाना होगा लैब का चक्कर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज के परिजनों को खून की जांच कराने के लिए सैंपल लेकर पैथोलॉजी लैब नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल में भर्ती अंतः रोगी मरीजों के लिए प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। अब वार्ड में भर्ती सभी मरीजों के पैथोलॉजिकल जांच के लिए उनका ब्लड सैंपल वार्ड में एकत्रित कर वार्ड बॉय द्वारा पैथोलैब तक पहुंचाया जाएगा और जांच पश्चात् ब्लड रिपोर्ट एकत्रित करके उसे संबंधित वार्ड में ऑन ड्यूटी नर्स को दिया जाएगा। अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मेडिसिन मेल वार्ड क्र. 8 एवं 9 तथा मेडिसिन फीमेल वार्ड क्रं. 10 एवं 11 में भर्ती मरीजों के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। धीरे-धीरे सभी वार्डों में सैंपल कलेक्शन सिस्टम की यह व्यवस्था लागू हो जाने के बाद मरीजों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी और उनके अटेंडर को भी जांच के लिए ब्लड सैंपल को लेकर पैथोलॉजी लैब तक नहीं जाना पड़ेगा। रिपोर्ट भी उनको समय पर मिल जायेगा।
विदित हो कि 1340 बेड के अम्बेडकर अस्पताल में रोजाना 950 से भी अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। वहीं प्रतिदिन लगभग 260 नये मरीज अतः रोगी विभाग (आईपीडी) में भर्ती होते है। यहाँ विभिन्न विभागों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन लगभग दो से ढाई हजार रहती है। ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए सप्ताह के सातों दिन चौबीस घंटे खून जांच एवं रेडियोलॉजी जांच की व्यवस्था रहती है।
चर्च के रूप में इस्तेमाल कर रहे हॉल पर चला बुलडोजर, जानिए पूरा मामला…
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक निजी जमीन पर हाॅल बनाकर चर्च के रूप में उपयोग कर रहे हाॅल को हिंदू संगठन के नेताओं ने जमीन मालिक की उपस्थित में जेसीबी चलाकर ढहाया. हिंदू संगठन ने जिला प्रशासन से गुहार लगाकर उक्त हाल को तोड़ने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन निजी जमीन होने के चलते इस मामले में प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी. इसके चलते हिंदू संगठन के नेताओं ने खुद जेसीबी चलाकर हॉल को तोड़ा.
जानकारी के मुताबिक रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम चोढ़ा में एक निजी जमीन पर पिछले दो सालों से हॉल बनाकर उसका चर्च के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था. विगत दिनों ग्रामीणों की शिकायत पर हिन्दू संगठन के लोग गांव पहुंचकर उसे तोड़ने की मांग की थी, जिसके बाद हाल नहीं टूटने पर हिंदू संगठन के सदस्यों ने हाॅल के अंदर और बाहर गंगा जल छिड़कर बाहर के दिवार में स्वास्तिक का निशान बनाया था.
बताया जा रहा है कि हिंदू संगठन के सदस्यों के विरोध करने के बाद उक्त हॉल को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है. चोढ़ा गांव निवासी संतोष राठिया की भूमि पर मुन्ना राठिया ने हाॅल का निर्माण कराया था, जिसका उपयोग चर्च के रूप में किया जा रहा था, जहां आसपास गांव के ग्रामीणो को बुलाकर एक समुदाय विशेष के लोगों द्वारा प्रार्थना सभा कराई जा रही थी. ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया था और उक्त हाॅल का उपयोग गांव के लिए सामुदायिक भवन के रूप में करने की मांग की थी, जिस पर कोई निर्णय नहीं हो सका.
निजी जमीन के चलते प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई
हिंदू संगठन के नेता अंशु टुटेजा और उनकी टीम ने जमीन मालिक संतोष राठिया से मिलकर बताया था कि उनके द्वारा विगत दिनों जिला प्रशासन से गुहार लगाकर उक्त हाॅल को तोड़ने के लिए आवेदन भी दिया था, लेकिन निजी जमीन होने के चलते इस मामले में प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी. इसके बाद जमीन मालिक की अनुमति पर हिंदू संगठन ने गांव के सरपंच, पंच की उपस्थिति में अवैध रूप से बने चर्च पर जेसीबी चलाकर ढहाया.
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना फेस-4 के लिए शुरू हुई कार्यशाला, जानिए क्या है अबकी बार योजना का उद्देश्य
रायपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) फेस-4 के तहत दो दिवसीय ईस्ट जोन क्षेत्रीय कार्यशाला का गुरुवार को शुभारंभ हुआ. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य योजना के विभिन्न पहलुओं, नवीनतम तकनीकों, कार्यान्वयन प्रक्रिया और गुणवत्ता प्रबंधन पर चर्चा करना है.
कार्यशाला की अध्यक्षता पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में सचिव भीम सिंह ने की. इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ प्रमुख अभियंता केके कटारे भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय डायरेक्टर केएम सिंह, NRIDA डिप्टी डायरेक्टर सुनील गुप्ता, NRIDA डायरेक्टर विशाल श्रीवास्तव, ग्रामीण विकास मंत्रालय से रंजन सैनी, विशाल कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा PMGSY-IV योजना प्रारंभ की गई है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य सामान्य क्षेत्रों में 500+ जनसंख्या वाली असंबद्ध बसाहट, आदिवासी क्षेत्रों में 250+ जनसंख्या वाली असंबद्ध बसाहट और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 100-249 जनसंख्या वाली असंबद्ध बसाहट को जोड़ना है. इसके साथ ही, सड़कों में आने वाली वृहद पुलों का भी निर्माण किया जाएगा.
इस कार्यशाला में झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और बिहार के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता एवं अन्य अभियंता भी भाग ले रहे हैं.
कार्यशाला के पहले दिन प्रतिभागियों को उन्नत तकनीकों के उपयोग, हरित निर्माण विधियों, और गुणवत्ता प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी गई. साथ ही, ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता सुधार, सतत निर्माण तकनीकों के उपयोग, और परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा की गई.
इस अवसर पर भीम सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना ग्रामीण विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. इस प्रकार की कार्यशालाएँ योजना के सुचारू कार्यान्वयन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होती हैं. कार्यशाला का समापन 8 जनवरी को होगा, जिसमें विचार-विमर्श के निष्कर्ष और सिफारिशें प्रस्तुत की जाएगी.
अवैध ब्लास्टिंग और अंधाधुंध खनन का खुलेआम चल रहा है खेल, प्रशासन की अनदेखी से ग्रामीणों का हाल बेहाल…
खैरागढ़। खैरागढ़ जिले के ठेलकाडीह और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में अवैध खनन का खेल खुलेआम जारी है. यहां सक्रिय दर्जनों खदानें और क्रेशर माफिया, जिला खनिज विभाग और प्रशासन की अनदेखी का फायदा उठाकर अंधाधुंध खनन कर रहे हैं. पत्थरों के अवैध उत्खनन और ब्लास्टिंग ने न केवल पर्यावरण को बर्बाद किया है, बल्कि ग्रामीणों की जिंदगी को भी संकट में डाल दिया है.
इस क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर अवैध ब्लास्टिंग और पत्थर खनन हो रहा है. इसका असर इतना खतरनाक है कि यहां का भू-जल स्तर 500 फीट तक गिर चुका है. धूल और प्रदूषण से न केवल खेत बंजर हो रहे हैं, बल्कि आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. जिले के कलकसा, टेकापार, बल्देवपुर, साल्हेभर्री और जुरलाकला जैसे गांवों में खदानों की गहराई 150 से 200 फीट तक पहुंच गई है. इन खदानों के चारों ओर न तो कोई सुरक्षा घेरे का इंतजाम है और न ही पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन हो रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार खदानों में अवैध गतिविधियों, सुरक्षा की कमी और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की शिकायतें की हैं. लेकिन अधिकारियों और खदान संचालकों के बीच साठगांठ के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.ग्रामीणों के अनुसार, कभी-कभी सरकारी गाड़ियां खदानों की ओर जाती दिखती हैं, लेकिन वे केवल दिखावे के लिए दौरा करती हैं. जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है.

खनिज विभाग ने खदानों और क्रेशरों को 4 एकड़ में उत्खनन की अनुमति दी थी, लेकिन असल में इन खदानों का फैलाव कई गुना अधिक हो चुका है. ग्रामीण बताते हैं कि पिछले चार सालों से खदानों की कोई जांच तक नहीं हुई है. खदानों की लीज पहले 5 साल के लिए दी जाती थी, लेकिन 2018 में नियम बदलने के बाद अब यह लीज 30 साल के लिए दी जा रही है. इसका मतलब यह है कि यहां के लोगों को 2048 तक इन्हीं हालातों में जीना पड़ेगा.

तो हो जाएगा ग्रामीण जीवन तबाह
खैरागढ़ का यह इलाका अवैध खनन की वजह से बर्बादी के कगार पर है. अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यहां का पर्यावरण, खेती और ग्रामीण जीवन पूरी तरह से तबाह हो जाएगा. प्रशासन की सुस्ती और खदान संचालकों की हठधर्मिता ने इन गांवों को संकट में डाल दिया है. क्या अब भी सरकार और प्रशासन जागेगा, या यह विनाश ऐसे ही चलता रहेगा?
2 हजार करोड़ का शराब घोटाला मामला : पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे से दूसरी बार पूछताछ कर रही ईडी, छापेमारी में नगद लेन-देन के मिले थे सबूत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2 हजार करोड़ के शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आज दूसरी बार पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा से पूछताछ कर रही. इससे पहले 3 जनवरी को ईडी ने दोनों से पूछताछ की थी. इस दौरान कुछ दस्तावेजों के लिए पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने ED से समय मांगा था.
बता दें कि शराब घोटाला मामले में 28 दिसंबर को ED ने पूर्व मंत्री लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा के ठिकानों पर छापा मारा था. छापेमार कार्रवाई में ED ने नगद लेनदेन के सबूत मिलने की जानकारी दी थी. 3 जनवरी को दोनों को पूछताछ के बाद छोड़ा गया था. आज फिर कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा ईडी दफ्तार पहुंचे हैं, जहां ईडी दोनों से फिर पूछताछ कर रही.
निकाय चुनाव के लिए बनेगी रणनीति : भाजपा कोर कमेटी की बैठक शुरू, प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन, सीएम साय, सभी मंत्री समेत कई नेता शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी प्रदेश कार्यालय में भाजपा कोर कमेटी, मंत्रिमंडल व महामंत्रियों की बैठक शुरू हो गई है. भाजपा प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन और CM विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बैठक हाे रही, जिसमें निकाय और पंचायत चुनाव के मुद्दे तय किए जाएंगे.
बैठक में महापौर, अध्यक्ष सहित पार्षद प्रत्याशी चयन का मापदंड तय किया जाएगा. बैठक में चुनाव प्रभारी भी तय किए जाएंगे. बैठक में प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा समेत सभी मंत्री और कोर कमेटी के सदस्य उपस्थित हैं.
रायपुर : आज शाम घरों में नहीं आएगा पानी, फिल्टरप्लांट में बदला जाएगा खराब वाल्व
रायपुर। रावणभाठा फिल्टरप्लांट में खराब एनआरव्ही वाल्व बदले जाने का आवश्यक कार्य किया जाएगा. आज 6 घंटे का शटडाउन रहेगा, जिसके चलते शाम को घरों में पानी सप्लाई नहीं होगी. 150 एमएलडी प्लांट के 29 ओवरहेड टैंक, नया 80 एमएलडी प्लांट के 4 ओवरहेड टैंक से आंशिक रूप से जलप्रदाय व्यवस्था प्रभावित रहेगी. 10 जनवरी को सुबह नियमित पानी सप्लाई होगी.
नगर निगम कार्यपालन अभियंता फिल्टरप्लांट नरसिंह फरेन्द्र ने बताया कि अधिकृत फर्म आईएचपी कंपनी द्वारा 9 जनवरी को सुबह 6 से दोपहर 12 तक 6 घंटे का शटडाउन प्रस्तावित है. एनआरव्ही वाल्व बदलने के कारण 150 एमएलडी प्लांट से भरने वाले ओवर हेड टैंक भाठागांव, चंगोराभाठा, कुशालपुर, डीडी नगर, ईदगाहभाठा, सरोना, टाटीबंध, कोटा, कबीर नगर, जरवाय, गोगांव, मठपुरैना, लालपुर, अमलीडीह, अवंति विहार, मण्डी, मोवा, सडडू, दलदल सिवनी, रामनगर, कचना, आमासिवनी, देवपुरी, बोरियाखुर्द, जोरा, भनपुरी नया, रायपुरा, कुकुरबेड़ा, एवं नया 80 एमएलडी प्लांट से भरने वाले ओव्हरहेड टैंक बैरन बाजार (नया), देवेन्द्र नगर (नया), संजय नगर एवं मोतीबाग ओव्हरहेड टैंक से आज सुबह जलप्रदाय नियमित रूप से होगा. संध्याकालीन जलप्रदाय व्यवस्था आंशिक रूप से प्रभावित रहेगी. 10 जनवरी को सुबह उक्त टंकियों से नियमित जल प्रदाय व्यवस्था दी जाएगी.
सत्यवती को अब नहीं होगी चलने में परेशानी, जिला अस्पताल मुंगेली में बोन टयूमर का हुआ सफल ऑपरेशन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप स्वास्थ्य सुविधाओं एवं बेहतर डॉक्टरों की टीम के साथ मुंगेली जिला अस्पताल मरीजो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिले के नवागढ़ ब्लाक के ग्राम भदौरा निवासी सत्यवती चतुर्वेदी के बोन ट्यूमर बीमारी का सफल ऑपरेशन किया गया। सत्यवती पिछले 06 माह से बाएं पैर की एड़ी के ऊपर सूजन और दर्द के कारण काफी परेशान थी। उन्होंने आस-पास इलाज कराया पर कोई समाधान नहीं मिला।
आर्थिक तंगी के कारण महंगे निजी अस्पतालों में इलाज करना संभव नहीं था। ऐसे में उन्होंने जिला चिकित्सालय मुंगेली में संपर्क किया। यहां पर अस्थि रोग विशेषज्ञों द्वारा जांच एवं एक्सरे किया गया और उनके बाएं पैर की फीबुला हड्डी में बोन ट्यूमर बीमारी का होना पाया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभात चंद्र प्रभाकर ने बताया कि सिविल सर्जन डॉ. एम.के.राय के नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरो की टीम द्वारा पूरी संवेदनशीलता एवं कुशलतापूर्वक सत्यवती के इस जटिल हाई रिस्क सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया और सत्यवती ने बताया कि पहले चलने में काफी परेशानी होती थी, पैर में दर्द रहता था। निजी अस्पताल में इलाज कराने से लाखों रुपए खर्च होते, लेकिन जिला चिकित्सालय में उनका बिना पैर काटे सफल ऑपरेशन हुआ है। इससे वह काफी खुश है। उन्होंने जिला चिकित्सालय की पूरी टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि अब उन्हें कोई परेशानी नहीं है। वह अपने दैनिक कार्यो को आसानी से कर सकेगी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक गिरीश कुर्रे ने बताया कि सत्यवती को स्वास्थ्य लाभ के लिए रेड क्रॉस और जन औषधि के माध्यम से 05 हजार रुपए का चेक भी प्रदान किया गया।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी, अब तक लगभग 110 लाख मीट्रिक टन की हो चुकी खरीदी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमतापूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। वहीं धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। राज्य में 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक लगभग 110 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 21 लाख से अधिक किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 24 हजार 677 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।
प्रदेश के समस्त पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय हेतु टोकन की सुविधा ऑनलाईन एप्प (टोकन तुंहर हांथ) एवं उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी 2025 तक के लिए उपलब्ध कराया गया है। किसान सुविधा अनुसार तिथी का चयन कर नियमानुसार धान विक्रय कर सकते है।
धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। अब तक 81 लाख मीटरिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, इसके एवज में 52 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।
किसानों के लिए खुशखबरी : इस दिन आएगी धान खरीदी की अंतर की राशि, CM साय ने की बड़ी घोषणा, देखें वीडियो…
बालोद। किसानों को धान खरीदी पूरी होते ही अंतर की राशि एकमुश्त दी जाएगी. यह घोषणा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की है. बता दें कि सीएम साय आज बालोद जिले के दौरे पर रहे. इस दौरान उन्होंने जिला भाजपा कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह घोषणा की.
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार के पास फंड की कोई कमी नहीं है. कार्यक्रम में सीएम सहित प्रदेश अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री ने आने वाले निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश भरा और चुनाव के लिए तैयार रहने की अपील की. जिले के तीनों विधानसभा में जीत के लिए अभी से जुटने की बात कही.
बता दें कि भाजपा ने अपनी सरकार आने पर 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की घोषणा की थी. अभी केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों का मोटा धान 2183 रुपए और पतला धान 2203 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है. बाकी अंतर की राशि को लेकर अब सीएम साय ने बड़ी घोषणा की है. धान खरीदी पूरी होते ही अंतर की राशि किसानों के खातों में डाली जाएगी.
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छत्तीसगढ़ बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में मोहला-मानपुर के युवक ने जीता सिल्वर मेडल, 300 बॉडी बिल्डरों ने लिया हिस्सा
मोहला-मानपुर। नक्सल प्रभावित मोहला-मानपुर जिले में जिला मुख्यालय निवासी युवक अजय यादव ने मिस्टर छत्तीसगढ़ बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान अर्जित करते हुए सिल्वर मेडल जीता है. ये प्रतियोगिता कवर्धा में आयोजित हुई थी. जहां छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जिलों, क्षेत्रों के तकरीबन 300 बॉडी बिल्डरों ने बतौर प्रतिभागी शिरकत की थी. उक्त राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतकर अजय यादव ने नवीन जिला मोहला-मानपुर का मान बढ़ाया है.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदेश की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 55 किलोग्राम से 85 किलोग्राम तक विभिन्न भार वर्गों में बॉडी बिल्डरों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. मोहला-मानपुर जिले के बॉडी बिल्डर अजय यादव ने 75 किलोग्राम भार श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान हासिल कर प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल अपने नाम किया.
एक साधारण व निर्धन परिवार से ताल्लुख रखने वाले मोहला निवासी युवक अजय यादव ने बॉडी बिल्डिंग की विभिन्न प्रतियोगिताओं में पहले भी उत्कृष्ट स्थान अर्जित कर चुके हैं. कवर्धा में आयोजित मिस्टर छत्तीसगढ़ बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में भी अपनी फिटनेस और तकनीक का बेहतरीन प्रदर्शन कर न केवल सिल्वर मेडल हासिल किया है बल्कि युवा पीढ़ी को बेहतर फिटनेस के जरिए बॉडी बिल्डिंग के प्रति अपना रुचि बढ़ाने का संदेश भी दिया. अजय यादव की इस अतुलनीय प्रतिभा और जीत के लिए उनके कोच निलेश ठाकुर, टिकेश ठाकुर सहित इष्ट मित्रों व जिलेवासियों ने बधाई दी है.
समय पर कलेक्टोरेट नहीं पहुंचते अधिकारी-कर्मचारी: कलेक्टर के औचक निरीक्षण में हुआ खुलासा, 65 को थमाया शो-कॉज नोटिस
गरियाबंद। कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने आज सुबह 10 बजे संयुक्त जिला कार्यालय में संचालित विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खाद्य, श्रम, योजना एवं सांख्यिकी, खनिज विभाग, निर्वाचन शाखा, पीएमजीएसवाय, शिक्षा, आबकारी, महिला एवं बाल विकास, आदिवासी विकास विभाग एवं उद्यानिकी विभाग के कार्यालय का निरीक्षण किया।
देर से कार्यालय पहुंचने वालो पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संयुक्त जिला कार्यालय के शाखाओं में जाकर अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति, स्थापना, फाइलों का भंडारण एवं स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यालयीन समय पर उपस्थित शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की भी जानकारी ली। वहीं निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर गहरी नाराजगी जताते हुए 65 शासकीय सेवकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

बायोमेट्रिक मशीन लगाने के दिए निर्देश
कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने प्रतिदिन बायोमैट्रिक के माध्यम से अटेंडेंस सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टोरेट परिसर में बायोमेट्रिक मशीन लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कार्यालयीन समय में अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की सैलरी भी काटने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
पहचान पत्र और निर्धारित ड्रेस पहनकर आना होगा कार्यालय
कलेक्टर ने सभी कर्मियों को शासकीय पहचान पत्र आईडी कार्ड पहन कर ही कार्यालय आने के निर्देश दिए। साथ ही चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों को निर्धारित ड्रेस में ही कार्यालय आने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि शासन के मंशा अनुसार सभी शासकीय सेवक निर्धारित समय में कार्यालय में उपस्थित होकर शासकीय दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने जिला अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों के कर्मचारियों को भी निर्धारित समय में कार्यालय आने के नियम का पालन करवाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान सभी शाखाओं में नस्तियों के व्यवस्थित संधारण एवं साफ सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी आलमारियों में रजिस्टर एवं दस्तावेजों को क्रमबद्ध तरीके से रख कर फाइलों के नाम युक्त सूची अलमारी में चिपकाने के निर्देश दिए, जिससे आसानी से फाइलों को कार्य अनुसार निकाला जा सके। कलेक्टर अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर का भी अवलोकन किया। उन्होंने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में गंदगी नहीं करने एवं इधर उधर बिखरे पड़े कूड़ा करकटों को तत्काल सफाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अरविंद पांडे सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: पेंगोलिन तस्करों पर कसा शिकंजा, तीन तस्कर पकड़ाए, 43 किलो स्केल्स बरामद
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन विभाग ने एक बार फिर से वन्यजीव तस्करों के खिलाफ बड़ी सफलता हालिस की है। वनमंडल बस्तर, राज्यस्तरीय वन उड़नदस्ता रायपुर और वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई में 43 किलो पेंगोलिन स्केल्स (साल खपरी का छाल) जब्त किए हैं। वन्य तस्करों की धरपकड़ का यह अभियान वन मंत्री केदार कश्यप और प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीनिवास राव के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।
गुप्त सूचना के आधार पर 7 जनवरी को किए गए छापों में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से पहला आरोपी, जेम्स मैथ्यू, जगदलपुर रेंज के ग्राम तेली मारेंगा का निवासी है, जिसके घर से 32 किलोग्राम पेंगोलिन स्केल्स बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी ने लॉकडाउन के दौरान बीजापुर के अंदरूनी इलाकों से इन स्केल्स को एकत्र किया था और खरीदार की तलाश में था। दूसरी कार्रवाई चित्रकोट रेंज के मारडूम-बारसूर मार्ग पर हुई, जहां चुन्नीलाल बघेल और राजकुमार कुशवाहा को 11 किलो पेंगोलिन स्केल्स के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। हालांकि, इनके दो साथी जंगल का सहारा लेकर भागने में कामयाब रहे। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। तस्करी में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उक्त कार्यवाही में उप वनमण्डलाधिकारी जगदलपुर देवलाल दुग्गा, उप वनमण्डलाधिकारी चित्रकोट योगेश कुमार रात्रे, वन परिक्षेत्र अधिकारी चित्रकोट प्रकाश ठाकुर, वन परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर देवेन्द्र वर्मा, परिक्षेत्र अधिकारी कोलेंग बुधराम साहू, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी चित्रकोट बुधरू राम कश्यप, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर (ग्रामीण) लल्लन तिवारी, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर (शहर) श्रीधर नाथ स्नेही, परिसर रक्षक चौतन सिंह कश्यप, कु. शारदा मण्डावी, शंकर सिंह बघेल, गोपाल नाग, राम सिंह बघेल, कैलाश नागेश, कु. कविता ठाकुर, कुन्ती कश्यप, जया नेताम, सोनमती, चंद्रीका राणा, दीपा पटेल, उमर देव कोर्राम, कमल ठाकुर आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



