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खाद्य विभाग के संचालक ने धान खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण, पूर्व प्रबंधक के पास मिले 9 किसानों के टोकन, जांच के दिए निर्देश…
बिलासपुर। खाद्य विभाग संचालक जितेंद्र शुक्ला ने आज बिलासपुर जिले का दौरा कर कई धान खरीदी केंद्रों और PDS दुकानों- गोदामों में गरीबों को दिए जाने वाले चावल की उपलब्धता और गुणवत्ता का निरीक्षण किया. इस दौरान बिरकोना धान उपार्जन केन्द्र में निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि विगत वर्ष कलेक्टर द्वारा हटाए गए प्रबंधक देवारी लाल यादव, पिता कार्तिक राम यादव मौके पर उपस्थित हैं और उनके पास से 9 किसानों के टोकन मिले. इसके अलावा पूर्व में जो लिपिक पद पर कार्यरत था उसे ही वहां प्रबंधक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है.
बता दें, खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 2388 क्विंटल धान (5.7 प्रतिशत) का शॉर्टेज के चलते प्रबंधक समेत वहां के सभी स्टाफ को हटाने के निर्देश दिए थे. वहीं आज निरीक्षण के दौरान प्रबंधक से इन 9 कृषकों का टोकन प्राप्त किया गया- नंद किशोर, रामधन, कृष्ण कुमार द्विवेदी, अमित द्विवेदी, ईश्वर प्रसाद बरेठ, सुशीला रूद्रकर, आनंद यादव, बहोरन पिता विजय तथा मिलिंद पिता नंदकिशोर.
पूछताछ में हटाए गए प्रबंधक देवारी लाल यादव ने बताया कि वे उपरोक्त 9 किसानों के रकबे में अधिया/रेगहा का कार्य करते हैं. इसके बाद संचालक ने विभागीय कर्मचारियों को बिरकोना धान उपार्जन केन्द्र के तत्काल भौतिक सत्यापन पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं.
बिरकोना धान उपार्जन केंद्र में आज उपार्जित धान की मात्रा 28,532 क्विंटल, जारी डी०ओ० की मात्रा 17,500 क्विं० एवं उपार्जन केन्द्र में उठाव का प्रतिशत 61.33 होना पाया गया है.

बिरकोना से पहले खाद्य विभाग संचालक ने लिंगियाडीह और सेंदरी में भी निरीक्षण किया था. लिंगियाडीह स्थित छ०ग० स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के गोदाम के निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोदाम में चावल की गुणवत्ता के साथ-साथ गोदाम में संलग्न दुकान के लिए 2 महीने के लिए चावल की उपलब्धता का निरीक्षण किया. जांच में गोदाम में निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में चावल भंडारित होना पाया गया.
इसके बाद उन्होंने सेन्दरी गांव में पहुंचकर धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया. जहां धान की मात्रा 39,585 क्विंटल, जारी डी०ओ० की मात्रा 22160 क्विंटल एवं उपार्जन केन्द्र में उठाव 56 प्रतिशत होना पाया गया. इस दौरान उन्होंने केन्द्र में धान विक्रय करने हेतु आये किसानों से भी बातचीत की. रैण्डम रूप से बोरो का तौल कर वजन की जांच की. इसके अलावा आर्द्रतामापी यंत्र द्वारा नमी की मात्रा की भी जांच की गई, जो कि निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया. उन्होंने केन्द्र प्रबंधक और प्रभारी को शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप धान उपार्जन करने के निर्देश दिये.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता एवं निर्देशक प्रकाश झा ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं पटकथा लेखक प्रकाश झा ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री प्रकाश झा के छत्तीसगढ़ आगमन पर उन्हें शाल और स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत और अभिनंदन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में हिंदी फिल्मों के निर्माण और फिल्म उद्योग के विकास की संभावनाओं के सम्बन्ध में चर्चा की। प्रकाश झा ने कहा कि छत्तीसगढ़ पसंदीदा फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रकाश झा उन दिग्गज फिल्मकारों में से एक हैं, जो अपनी फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को पर्दे पर बखूबी उतारते हैं।
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण की सराहना, 225 करोड़ रुपये की दी प्रोत्साहन राशि
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण के लिए किए गए प्रयासों की केंद्र सरकार ने सराहना की है। छत्तीसगढ़ सरकार की पहल और इसके दूरगामी सकारात्मक प्रभावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य को 225 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। छत्तीसगढ़ सरकार को भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया को ऑनलाइन करने और इसे भूमि रिकॉर्ड से जोड़ने के लिए 150 करोड़ रुपये तथा विरासत रजिस्ट्री को डिजिटल कर आम जनता के लिए सर्च सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 75 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य में भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण कार्य की सराहना और इसके लिए दी गई प्रोत्साहन राशि हमारे लिए उत्साहवर्धक है। यह राशि हमारे डिजिटलीकरण प्रयासों को और तेज करेगी, जिससे नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के तहत भू-आधार (विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या) जारी करने, कैडेस्ट्रल नक्शों का सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण तथा कृषक रजिस्ट्री तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। इससे किसानों को बैंकिंग सेवा, ऋण और सरकारी योजनाओं का सहजता से लाभ मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए जीआईएस मैपिंग के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण किया जा रहा है। यह प्रक्रिया शहरी नियोजन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के साथ ही मास्टर प्लान तैयार करने में सहायता करेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण परियोजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी नागरिकों को सशक्त बनाने के साथ ही राज्य में विकास कार्यों को नई दिशा प्रदान करेगी। केंद्र सरकार द्वारा मिली यह सराहना राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और इस प्रोत्साहन राशि का उपयोग नागरिकों के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाने में किया जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, रायपुर में 8 और 9 जनवरी को होगी आरक्षण की प्रक्रिया
रायपुर। छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेजी से चल रही है. इस बीच रायपुर जिले के ग्राम पंचायत के पंच, सरपंच, जनपद सदस्य और अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया की तारीखों का ऐलान हो गया है. आरक्षण की प्रक्रिया 8 और 9 जनवरी को पूरी की जाएगी. रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी है.
ग्राम पंचायत के पंच पदों के लिए आरक्षण की कार्रवाई
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत ग्राम पंचायत के पंच पदों के लिए प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई 8 एवं 9 जनवरी को होगी. आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय आरंग में 9 जनवरी को दोपहर 11 बजे से होगी. इसके अलावा आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय धरसींवा, जनपद पंचायत कार्यालय तिल्दा-नेवरा और जनपद पंचायत कार्यालय अभनपुर में 8 जनवरी को 11 बजे से होगी.
जनपद पंचायत के अध्यक्ष पदों के लिए प्रवर्गवार आरक्षण की कार्रवाई 9 जनवरी को
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत जनपद पंचायत के अध्यक्ष पदों के लिए प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण और आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय धरसींवा, जनपद पंचायत कार्यालय तिल्दा-नेवरा, जनपद पंचायत कार्यालय अभनपुर में 9 जनवरी को 11 बजे होगी. इस संबंध में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने आम सूचना जारी कर दी है.
जिला पंचायत के सदस्य पदों के लिए प्रवर्गवार आरक्षण की कार्रवाई
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत जिला पंचायत के सदस्य पदों के लिए प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई पुराना बस स्टैंड शहीद स्मारक भवन रायपुर में 9 जनवरी को दोपहर 1 बजे से होगी. इस संबंध में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने आम सूचना जारी कर दी है.
ग्राम पंचायत के सरपंच पदों के लिए प्रवर्गवार आरक्षण की कार्रवाई
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत ग्राम पंचायत के सरपंच पदों के लिए प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई 8 एवं 9 जनवरी को होगी. आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय आरंग में 8 जनवरी को दोपहर 2 बजे से होगी. इसके अलावा आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय धरसींवा, जनपद पंचायत कार्यालय तिल्दा-नेवरा और जनपद पंचायत कार्यालय अभनपुर में 9 जनवरी को 2 बजे से होगी.
जनपद पंचायत के सदस्य पदों के लिए प्रवर्गवार आरक्षण की कार्रवाई
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत जनपद पंचायत के सदस्य पदों के लिए प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई 8 एवं 9 जनवरी को होगी. आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय धरसींवा, जनपद पंचायत कार्यालय तिल्दा-नेवरा, जनपद पंचायत कार्यालय अभनपुर में 9 जनवरी को 11 बजे होगी. साथ ही जनपद पंचायत कार्यालय आरंग में 8 जनवरी सुबह 11 बजे होगी.
मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की जयंती पर उन्हें किया याद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की जयंती पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए सादर नमन किया है। श्री साय ने कहा कि बिलासपुर जिले के छोटे से गांव बालपुर में जन्मे पाण्डेय जी ने अपनी लेखनी से साहित्य के क्षेत्र में विशेष प्रतिष्ठा हासिल की। उन्होेंने छत्तीसगढ़ी, हिन्दी और उड़िया में कई रचनाएं लिखी। लोचन प्रसाद पाण्डेय ने अपनी रचनाओं के माध्यम से संयम और चरित्रोत्थान के लिए पाठकों को प्रेरित किया। श्री साय ने कहा कि ‘‘साहित्य वाचस्पति’’ सम्मान से विभूषित लोचन प्रसाद पाण्डेय का नाम छत्तीसगढ़ के साहित्य गौरव के रूप मेें हमेशा आदर से लिया जाएगा।
रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर फ्लाइट को नहीं मिला एक भी यात्री, अब लिया गया ये बड़ा फैसला…
रायपुर। फ्लाई बिग (Fly Big) ने रायपुर-अंबिकापुर- बिलासपुर फ्लाइट (Raipur-Ambikapur- Bilaspur Flight) शुरू करने के बाद उसको तीन दिन से बढ़ाकर छह दिन करने की घोषणा की गई थी. लेकिन अब इस फ्लाइट के संचालन को लेकर कंपनी ने बड़ा फैसला लिया है. इसके पीछे की वजह संभवतः ये है कि विमानन कंपनी को इस रूट के लिए यात्री नहीं मिल रहे है. सोमवार को आलम ये रहा कि उक्त फ्लाइट को एक भी यात्री नहीं मिला, जिसके बाद अब कंपनी ने इसे 6 दिन के बजाए हफ्ते में 5 दिन चलाने का फैसला किया है.
जानकारी के मुताबिक अंबिकापुर फ्लाइट में गुरूवार को आई और इसमें करीब सात यात्री आए और उतने ही गए. यही कारण है कि अब आगे से यह फ्लाइट रविवार और सोमवार को छोड़कर शेष पांच दिन चलेगी. फ्लाई बिग एयर लाइंस कंपनी ने विगत 19 दिसंबर से उड़ान योजना में शामिल रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर रूट पर हवाई सेवा शुरू कर दी है. पहले सप्ताह में तीन दिन गुरूवार, शुक्रवार और शनिवार को चलाने की घोषणा की गई थी. इसके बाद रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर फ्लाइट रविवार को छोड़कर शेष दिन चलाने की घोषणा कर की गई. सोमवार को उक्त फ्लाइट अंबिकापुर से आई भी, लेकिन एक भी यात्री नहीं मिले. इसलिए खाली आने के बाद फ्लाइट बिना यात्री के वापस हुई. इसके बाद मंगलवार और बुधवार को अंबिकापुर फ्लाइट रद्द रही. अब फ्लाई बिग द्वारा अंबिकापुर उड़ान को सप्ताह में रविवार और सोमवार को छोड़कर शेष पांच दिन मंगलवार, बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार और शनिवार को चलाने का निर्णय लिया है.
नए शेड्यूल के अनुसार रायपुर से अंबिकापुर की उड़ान सुबह 9 बजे प्रारंभ होगी और 10:15 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी. फ्लाइट 25 मिनट वहां रुकने के बाद 10:40 बजे अंबिकापुर से उड़ान भरकर 11:35 पर बिलासपुर लैंड करेगी और 12:00 दोपहर को बिलासपुर से अंबिकापुर के लिए उड़ान भरेगी. 12:55 पर अंबिकापुर पहुंचेगी. वहां से 1:20 पर विमान उड़ कर दोपहर 2:30 बजे रायपुर एयरपोर्ट वापस पहुंचेगी.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अवैध मदिरा के विनिर्माण, धारण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग के समन्वय से कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश आबकारी विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में स्थापित आबकारी चेक पोस्ट को क्रियाशील रखें। राज्य में स्थित आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में देशी मदिरा की नवीन बॉटलिंग इकाई हेतु प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जाए तथा छत्तीसगढ़ के बाहर निर्मित मदिरा की विनिर्माण इकाईयों को छत्तीसगढ़ में स्वयं के विनिर्माण संयंत्र लगाये जाने के लिये प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए उन्हें कार्य अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश दिए।
उन्होंने महुआ संग्राहक वनवासियों को आय के बेहतर साधन उपलब्ध हो सकें, इस उद्देश्य से अन्य राज्यों में प्रचलित महुआ नीति का अध्ययन करने के निर्देश दिये गये। विभाग द्वारा मदिरा दुकानों में कार्यरत कार्मिकों की उपस्थिति के संबंध में लागू आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) की मुख्यमंत्री ने सराहना की। इसी तरह देशी-विदेशी मदिरा के उपभोक्ताओं को उनकी पसंद अनुरूप मदिरा उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने हेतु प्रारंभ किये गये ‘मनपसंद ऐप’ में उपयोगकर्ता के डाटा की गोपनीयता बनाए रखने एवं ऐप में प्राप्त सुझाव एवं शिकायत पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश बैठक में दिये गये। मदिरा दुकानों में आवश्यक साफ-सफाई रखने, मदिरा के ब्राण्ड-लेबल का समुचित प्रदर्शन किये जाने तथा निर्धारित पंजियों का अद्यतन संधारण सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी बैठक में दिये गये।
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बसंल, राहुल भगत, पी. दयानंद और बसवराजू एस., सचिव सह आयुक्त आबकारी आर. संगीता, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्याम लाल धावड़े, विशेष सचिव (आबकारी) देवेन्द्र सिंह भारद्वाज तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
सीमेंट कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखा पत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ के संसाधनों का दोहन करते हुए सीमेंट कंपनियों द्वारा बार-बार कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि कर प्रदेश की जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। इस संबंध में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ एवं केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर सीमेंट की बढ़ी कीमतों पर सख्त कदम उठाने की मांग की है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सीमेंट का प्रत्येक महीना लगभग 30 लाख टन (6 करोड़ बैग) उत्पादन किया जाता है जिसकी कीमतों में एकाएक खुले बाजार में 40 रूपये तक की प्रति बोरी के हिसाब से वृद्धि की गई है। प्रदेश में सभी सीमेंट कम्पनियॉ खुले बाजार में नवम्बर 2024 के पूर्व लगभग 260 रू. प्रति बोरी सीमेंट बेच रहे थे जिसे अचानक एक दिन में लगभग 310 रूपये कर दिया गया है। वहीं सरकारी एवं जनहित के प्रोजेक्ट के लिए मिलने वाला सीमेंट 205-210 रूपये प्रति बोरी से बढ़ाकर 250 रूपये प्रति बोरी कर दिया गया है, जिसमें भी और वृद्धि की तैयारी है। सीमेंट की कीमतों में एकाएक ही लगभग 40-50 रूपये प्रति बोरी की वृद्धि प्रदेश की जनता के उपर सीधा-सीधा आर्थिक बोझ है।
श्री अग्रवाल ने बताया कि इस वृद्धि का सीधा असर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, शासकीय योजनाओं, और प्रधानमंत्री आवास योजना पर पड़ रहा है। गरीबों के लिए घर बनाना मुश्किल हो रहा है, और शासकीय परियोजनाओं की लागत में भी वृद्धि हो रही है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सितंबर में हुई इसी प्रकार की मूल्य वृद्धि पर उनके अनुरोध के बाद कंपनियों को दरें वापस लेनी पड़ी थीं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस बार भी तेजी से प्रभावी कदम उठाकर जनता को राहत प्रदान की जाए।
श्री अग्रवाल ने इस विषय पर गंभीरता दिखाने और आम जनता के हित में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।


राज्य सरकार ने बीएड सहायक शिक्षकों के समायोजन के लिए बनाई कमेटी, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय टीम गठित
रायपुर। बीएड सहायक शिक्षकों की नियुक्ति आदेश रद्द होने के विवाद उसके समायोजन और अन्य संभावनाओं पर विचार के लिए राज्य सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने का ऐलान किया था. वहीं आज सरकार ने सहायक शिक्षकों की मांगों पर विचार के लिए कमेटी गठित की है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है.
जारी आदेश के अनुसार, कमेटी का अध्यक्ष मुख्य सचिव अमिताभ जैन को बनाया गया है. इस कमेटी में प्रमुख सचिव विधि विभाग, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, सचिव वित्त विभाग और सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को सदस्य बनाया गया है. यह समिति सहायक शिक्षकों के अभ्यावेदन पर अपनी रिपोर्ट देगी.
बता दें कि 30 दिसंबर को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में राज्य सरकार ने सहायक शिक्षकों के 2855 पदों पर बीएड धारियों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश जारी किया है. लोक शिक्षण संचालनालय ने बस्तर और सरगुजा संभाग के इन सहायक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डीएड धारियों की चयन प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं में एक दिवसीय स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन, स्वास्थ्य विभाग के कुल 47 अधिकारी/कर्मचारियों ने किया रक्तदान
रायपुर। नया रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में एक दिवसीय स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर के माध्यम से आमजन के बीच रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के साथ रक्तदान के प्रति समझ को विकसित करने का प्रयास किया गया ।
एक दिवसीय रक्तदान शिविर में आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला, मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन विजय दयाराम के., संचालक महामारी नियंत्रण डॉ सुरेन्द्र पामभोई, राज्य नोडल अधिकारी ब्लड सेल डॉ निधि गवालरे व समस्त विभागों के नोडल, उप संचालक व समस्त अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं के स्वैच्छिक रक्तदाता के रूप में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया व कुल 47 यूनिट रक्त संग्रहित किये गए।
रक्तदान शिविर के आयोजन पर आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला ने स्वयं भी रक्तदान किया और रक्तदान के संबंध में जानकारी दी कि एक यूनिट रक्त से तीन व्यक्तियों की जान बचाई जा सकती है। कई बार ऐसी स्थिति देखने में आती है, जिसमें खासतौर पर गर्भवती महिलाएं शामिल होती है, जिनके अंदर रक्त की कमी पाई जाती है तथा डिलीवरी के समय उन्हें रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में आपके द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से लोगों के शरीर में एक नई उर्जा का संचार होता है। रक्तदान के पश्चात 90 दिन के बाद लोगों के शरीर में फिर नया रक्त संग्रह हो जाता है। इसलिए लोगों को रक्तदान करने से कभी घबराना नहीं चाहिये और रक्तदान कर लोगों को जीवन दान देना चाहिए। रक्तदान किसी एक व्यक्ति की जान को तो बचाता ही है बल्कि साथ-साथ में कुछ व्यक्ति के जीवन से जुड़े अन्य परिवारजनों की आशाओं को भी जीवित रखता है, क्योंकि यह किसी भी रक्तदाता को पता नहीं होता कि उसके द्वारा दान किया गया रक्त कितने जरूरतमंद व्यक्ति को मिल रहा है। रक्तदान करने के कई स्वास्थ्यगत लाभ भी हैं। नियमित रूप से रक्तदान करने से आयरन की अतिरिक्त मात्रा नियंत्रित हो जाती है। जो दिल की सेहत के लिए अच्छी है। कई बार मरीजों के शरीर में खून की मात्रा इतनी कम हो जाती है कि उन्हें किसी और व्यक्ति से ब्लड लेने की आवश्यकता पड़ जाती है। ऐसी आपात स्थिति में रक्त की आपूर्ति के लिए लोगों को रक्तदान करने के लिए आगे आकर जरूरतमंदों की मदद की जानी चाहिए।
शराब घोटाला : ED ने कवासी और हरीश लखमा को 8.30 घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ा, कवासी लखमा ने कहा…
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आज रायपुर के ईडी दफ्तर में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और हरीश लखमा से ईडी अधिकारियों की पूछताछ खत्म हो गई है। करीब 9 घंटे तक चली पूछताछ के बाद कवासी और हरीश लखमा ईडी दफ्तर के बाहर आए। इस दौरान कवासी लखमा ने बताया कि अधिकारियों के सभी सवालों का उन्होंने जवाब दिया।
पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा, “ईडी के द्वारा मांगे गए दस्तावेज़ मैंने उन्हें सौंप दिए हैं। हालांकि, मेरे पूछे गए सवालों का जवाब ईडी के द्वारा नहीं दिया गया। मुझसे जो कागज मांगे गए थे, वे मैंने जमा किए हैं। कुछ बातें सभी ने पूछी, जिसका मैने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि कुछ कागज बाकी हैं, जिन्हें पेश करने के लिए मैंने और कुछ दिन का समय मांगा है। मेरी बेटी और पत्नी ने संपत्ति का ब्योरा दिया है, अभी बड़े बेटे और बहू का देना है।”
जब तक जिंदा रहूंगा, आदिवासियों के लिए लड़ता रहूंगा
उन्होंने यह भी कहा, “कोई बदतमीजी नहीं हुई है। चाय-नाश्ते के लिए पूछा गया था, लेकिन कोई परेशानी नहीं हुई। अंदर की बातों को सार्वजनिक करना ठीक नहीं है। मैं कांग्रेस पार्टी का सदस्य हूं और कानून को मानने वाला व्यक्ति हूं। बीजेपी ने जानबूझकर मुझे परेशान करने के लिए आरोप लगाए हैं। यह आरोप सरकार और बीजेपी के कारण मुझ पर लगाए गए हैं। मैं इस लड़ाई को अंतिम तक लडूंगा। जब तक जिंदा रहूंगा, आदिवासियों के लिए लड़ता रहूंगा।”
कवासी लखमा ने आगे कहा, “मैं घोटाले को कबूल नहीं कर रहा हूं, लेकिन जांच चल रही है। अधिकारी अंदर हैं। अगर दो नंबर की शराब भेजी गई है, तो अधिकारी के घर में क्यों नहीं बन रही थी? तीन शराब बनाने वाली कंपनियां हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? शराब कंपनियों पर जांच करो।” उन्होंने कहा, “ऐसा कोई ऑफर मुझे नहीं मिला है। वे जानते हैं कि मैं कांग्रेस पार्टी में हूं, इसलिए मुझे कोई ऑफर नहीं दिया गया।”
ईडी के अनुसार – साक्ष्य मिले हैं
गुरुवार को ईडी ने अपने आधिकारी बयान में कहा था कि रेड के बाद कवासी लखमा के घर में कई सूबत मिले हैं. ईडी ने अपने बयान में कहा था कि कवासी लखमा द्वारा नकद में पीओसी के उपयोग से संबंधित सबूत जुटाने में सक्षम हो गया है. इसके अलावा, तलाशी में कई डिजिटल डिवाइस बरामद और जब्त की गईं, जिनके बारे में माना जाता है कि उनमें आपत्तिजनक रिकॉर्ड हैं।
अधिकारी-नेता अधिकारी जेल में
छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले को लेकर ईडी लगभग दो साल से कार्रवाई कर रही है. इस मामले में कई अधिकारी और नेताओं के रिश्तेदार जेल में हैं. रायपुर मेयर के भाई अनवर ढेबर और एपी त्रिपाठी भी शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं.
ED के राडार में कई नेता-अधिकारी
जैसे जैसे ईडी परत दर परत मामले को उधेड़ रही है. वैसे वैसे अधिकारी और राजनेता शराब घोटाले मामले में संलिप्त पाए जा रहे हैं. ईडी की कार्रवाई निरंतर जारी है ऐसे में कई राजनेता और अधिकारी राडार में आ सकते है
राज्यस्तरीय युवा उत्सव : राजधानी में 12 से 14 जनवरी तक होगा युवा उत्सव आयोजन, कवि कुमार विश्वास और सुपर 30 फेम आनंद कुमार होंगे शामिल
रायपुर। राजधानी में तीन दिवसीय युवा उत्सव का आयोजन होगा. आज इसकी तैयारियों को लेकर कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बैठक ली. यह आगामी 12 से 14 जनवरी को साइंस कालेज ग्राउंड में आयोजित होगी, जिसमें प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभाओं की प्रस्तुति देगें.
इसकी तैयारी की बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को कार्यभार की जिम्मेदारी सौंपी. उन्होंने कहा कि इस आयोजन के लिए सभी अधिकारी जुट जाएं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समर्पित होकर कार्य करें.
युवा उत्सव कार्यक्रम में देश के प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने अपनी प्रस्तुति देंगे. साथ ही सुपर 30 फेम आंनद कुमार का प्रेरणादायक उद्धबोधन भी होगा. बैठक में नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप सहित जिले के सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सक्ती जिले में ली समीक्षा बैठक, शासन की जनहितकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन के दिए निर्देश
रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सक्ती जिले के कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में सभी विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिले में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन करते हुए आमजन को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को विभिन्न ग्राम पंचायतों में जाकर स्व-सहायता समूह को स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए है।
समीक्षा बैठक में सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, पूर्व विधायक डॉक्टर खिलावन साहू, जिला पंचायत सदस्य विद्या सिदार, जिला पंचायत सदस्य टिकेश्वर गबेल, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में सक्ती जिले में अब तक किये गए पौधरोपण के कार्यों की जानकारी लेते हुए रोपित किये गए पौधों की देख रेख करने के निर्देश दिए। मंत्री ने समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न ग्रामों में मनरेगा अंतर्गत कौन-कौन से कार्य चल रहे है तथा कितने लोगों को मनरेगा अंतर्गत कार्य उपलब्ध कराया गया है की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। श्रीमती राजवाड़े ने जिले के किसानों को धान के बदले अन्य फसल लेने के लिए कृषि विभाग के मैदानी अमलों द्वारा जमीनी स्तर पर जागरुक करते हुए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य अधिकारी से धान खरीदी कार्याे की जानकारी ली। जिले में बारदानो की उपलब्धता, धान उठाव की स्थिति, संग्रहण केन्द्रों की भण्डारण क्षमता, छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जारी किये गए राशनकार्ड की संख्या सहित अन्य कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी लेते हुए सुव्यवस्थित रूप से धान खरीदी कार्य कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में विभिन्न निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओ की संख्या, शिशुवती माताओं की संख्या, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, पोषण पुनर्वास केंद्र, नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृधि योजना सहित अन्य विभिन्न विभागीय योजनाओं व कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। मंत्री ने सक्ती जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भर्ती प्रक्रिया के वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा उक्त भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और उचित ढंग से नियमानुसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने महतारी वंदन योजना के लक्ष्य और उसके विरुद्ध किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। मंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी को जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाए अच्छी रखने तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों को नैतिक शिक्षा देने कहा।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के योजनाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंद को मिले।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुंगेली में 36 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज मुंगेली में 36 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने जिला मुख्यालय मुंगेली के आगर खेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पांच करोड़ 43 लाख रुपए से अधिक के कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें 17 लाख 56 हजार रुपए की लागत से गुरु घासीदास, महाराणा प्रताप एवं महावीर चौक का सौंदर्यीकरण, एक करोड़ 79 लाख 34 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-1 से वार्ड क्रमांक-22 में 37 स्थानों पर सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य, 25 लाख छह हजार रुपए की लागत से पौनी-पसारी परिसर का निर्माण कार्य, एक करोड़ 44 लाख 46 हजार रुपए की लागत से आठ स्थानों पर ट्यूबलर पोल स्थापना कार्य और 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत एक करोड़ 76 लाख 79 हजार रुपए की लागत से विभिन्न वाहनों के क्रय शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में मुंगेली शहर के लिए 25 करोड़ रुपए से अधिक के नए विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज गौरवशाली और ऐतिहासिक पल है। मुंगेली शहरवासियों के लिए 36 करोड़ रुपए से अधिक के लागत के कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ है। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तेज गति से विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुंगेली की जनता को मांगने की जरूरत नहीं है। वे मुंगेली की आवश्यकताओं को भली-भांति जानते हैं। मुंगेली का बहुत पुराना व गौरवशाली इतिहास रहा है। उसके गौरव के अनुरूप मुंगेली की तरक्की हो, उसके लिए हरसंभव कार्य करेंगे।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के लिए 31 करोड़ 35 लाख रुपए से अधिक के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें पांच करोड़ 50 लाख रुपए की लागत का नवीन नगर पालिका भवन एवं पार्किंग निर्माण कार्य, चार करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से गौरव पथ उन्नयन एवं सौंदर्यीकरण कार्य, 45 लाख रुपए की लागत से विवेकानंद की मूर्ति का सौंदर्यीकरण कार्य, तीन करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से स्वीमिंग पुल निर्माण कार्य, तीन करोड़ रुपए की लागत से पांच स्थानों पर स्वागत द्वार निर्माण कार्य, एक करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बुधवारी बाजार उन्नयन कार्य, दो करोड़ रुपए की लागत से पुष्प वाटिका उन्नयन कार्य, छह लाख 24 हजार रुपए की लागत से परशुराम चौक का सौंदर्यीकरण एवं निर्माण कार्य, 48 लाख 13 हजार रुपए की लागत से चौपाटी निर्माण कार्य, आठ लाख 15 हजार रुपए की लागत से वार्ड-11 में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, आठ लाख 15 हजार रुपए की लागत से वार्ड नंबर-20 में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, आठ लाख 15 हजार रुपए की लागत से वार्ड नंबर-22 में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, 29 लाख 84 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-11 में मुक्तिधाम उन्नयन कार्य, 48 लाख 32 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-8 में देवांगन समाज मुक्तिधाम निर्माण कार्य, 53 लाख 19 हजार रुपए की लागत से परमहंस वार्ड क्रमांक-6 में डंपिंग यार्ड के समीप बाउंड्रीवाल एवं शेड निर्माण कार्य, 21 लाख 53 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-8 में मुक्तिधाम उन्नयन कार्य, 35 लाख 10 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-12 में मुक्तिधाम में कंपाउंड वाल निर्माण कार्य, 35 लाख 15 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-20 महाराणा प्रताप वार्ड पेंडाराकापा में मुक्तिधाम उन्नयन कार्य, 14वें वित्त आयोग एवं अधोसंरचना मद के अंतर्गत आठ करोड़ आठ लाख 50 हजार रुपए की लागत से मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड-1 से वार्ड-22 में 107 स्थानों पर सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य शामिल हैं।
मुंगेली में हाइटेक बस स्टैण्ड और नालंदा परिसर बनेगा
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मुंगेली में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में 25 करोड़ रुपए से अधिक के नए कार्यों की घोषणा की। उन्होंने मुंगेली में हाइटेक बस स्टैंड के लिए छह करोड़ 20 लाख रुपए और नालंदा परिसर के लिए चार करोड़ 41 लाख रुपए की घोषणा की। श्री साव ने आगर खेल मैदान के जीर्णोद्धार के लिए एक करोड़ 10 लाख रुपए, अधिकारी-कर्मचारी आवास निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए 80 लाख रुपए, भक्त माता कर्मा चौक के निर्माण एवं मूर्ति की स्थापना के लिए 30 लाख रुपए, निरंजन प्रसाद केशरवानी बाल वाटिका मलाई घाट के मुक्तिधाम के लिए 30 लाख रुपए, साहू पारा में सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपए, मां परमेश्वरी चौक, परशुराम चौक, गुरू घासीदास चौक जैसे पांच चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए 25 लाख रुपए, मां परमेश्वरी चौक देवांगन मुक्तिधाम में हाई मास्क लाइट के लिए 12 लाख रुपए, हीरालाल वार्ड में आगर नदी तट पर शेड निर्माण और मृतक संस्कार हेतु चबूतरा निर्माण के लिए 10 लाख रुपए तथा महाराणा प्रताप पेंडाराकापा में पचरी निर्माण के लिए सात लाख रुपए देने की भी घोषणा की। कलेक्टर राहुल देव, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, वनमण्डलाधिकारी संजय यादव, जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, मुंगेली नगर पालिका के सीएमओ आशीष तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष संतूलाल सोनकर, उपाध्यक्ष मोहन मल्लाह, पूर्व सांसद लखनलाल साहू और जिला पंचायत की सदस्या दुर्गा उमाशंकर साहू सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।


CGPSC घोटाला : पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और श्रवण कुमार को नहीं मिली राहत, CBI कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की 2021 राज्य सेवा भर्ती परीक्षा में कथित घोटाले के मामले में CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पॉवर इस्पात के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल जेल में बंद हैं. दोनों आरोपियों को आज शुक्रवार को सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया. जहां कोर्ट ने दोनों की 14 दिन की रिमांड बढ़ा दी है. बता दें कि CBI ने दोनों को 18 नवंबर को गिरफ्तार किया था.
क्या है पूरा मामला?
सीबीआई जांच में यह सामने आया कि श्रवण कुमार गोयल, जो ‘बजरंग पावर एवं इस्पात लिमिटेड’ के निदेशक हैं. वह अपने बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार को डिप्टी कलेक्टर बनाने के लिए 45 लाख रुपये की रिश्वत दी थी. यह रिश्वत 20 और 25 लाख रुपये के दो किस्तों में ग्रामीण विकास समिति के माध्यम से की गई थी.
शशांक गोयल और भूमिका कटियार कांग्रेस नेता सुधीर कटियार के दामाद और बेटी हैं. 2021 के सीजीपीएससी परिणाम में शशांक ने तीसरी रैंक और भूमिका ने चौथी रैंक हासिल की थी.
जानिए CGPSC घोटाले में अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई
-11 मई 2023 को CGPSC 2021 का अंतिम परिणाम जारी हुआ, जिसमें 15 अभ्यर्थी डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए.
-इस परीक्षा में शशांक गोयल ने तीसरी रैंक और उनकी पत्नी भूमिका कटियार ने चौथी रैंक हासिल की.
-शशांक और भूमिका के चयन में फर्जीवाड़े के आरोप लगे. उस समय के तत्कालीन PSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी पर अपने रिश्तेदारों और कांग्रेस नेताओं के करीबियों को फायदा पहुंचाने का आरोप गया.
-आरोपों पर तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांच कराने से इनकार किया, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की.
-हाईकोर्ट ने 18 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक लगाई. जिसे विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए प्रदर्शन किया.
-भाजपा के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने जांच का जिम्मा EOW और ACB को सौंपा. बाद में यह मामला सीबीआई को सौंपा गया.
-CGPSC घोटाले मामले में पूर्व सरकार के कार्यकाल में हुई गड़बड़ी पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से 48 शिकायतें की गई.
-भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार मामले में टामन सिंह सोनवानी सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.
-वहीं इस मामले में कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने टामन सिंह सोनवानी और श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया.
अब कस्बों में भी विकसित होंगी शहरी सुविधाएं, 9 ग्राम पंचायत बने नगर पंचायत, 7 नगर पंचायतों को पालिका में किया गया उन्नयन…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले साल जनवरी से दिसम्बर के बीच नौ नए नगरीय निकायों का गठन किया गया है। राज्य शासन ने इस दौरान सात नगर पंचायतों का नगर पालिका के रूप में उन्नयन भी किया है। स्थानीय रहवासियों की मांगों पर राज्य शासन ने संवेदनशीलतापूर्वक विचार करते हुए जन-आकांक्षाओं को पूरा करने नए नगरीय निकायों के गठन को मंजूरी दी है। इससे उभरते शहरों के रूप में विकसित हो रहे कस्बों में शहरी सुविधाएं जुटाने के कामों को और गति मिलेगी। राज्य में पिछले वर्ष गठित नगरीय निकायों को मिलाकर अब कुल 192 नगरीय निकाय हो गए हैं। इनमें 14 नगर निगम, 54 नगर पालिका और 124 नगर पंचायत शामिल हैं। I
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की कस्बाई आवादी की मांग और उभरते शहरों के अनुरूप अधोसंरचनात्मक विकास को गति देने बीते कैंलेडर वर्ष 2024 में नौ नए नगर पंचायतों का गठन किया गया है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की पहल पर स्थानीय जन-आकांक्षाओं को पूर्ण करने तथा उन्हें मूर्त रूप देने नए नगरीय निकायों के गठन तथा ज्यादा आबादी वाले नगर पंचायतों के नगर पालिकाओं में उन्नयन की त्वरित कार्यवाही की गई है।
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मांग पर वर्ष-2024 में जनवरी से दिसम्बर के बीच राजनांदगांव जिले के लाल बहादुर नगर और घुमका, मुंगेली के जरहागांव, कोरिया के पटना, बेमेतरा के कुसमी, गरियाबंद के देवभोग, सूरजपुर के शिवनंदनपुर, जांजगीर-चांपा के बम्हनीडीह और बालोद जिले के पलारी को नगर पंचायत बनाया गया है। वहीं जन-आकांक्षाओं को देखते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला नगर पंचायत और पेंड्रा नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन किया गया है। इनके साथ ही मुंगेली जिले के लोरमी नगर पंचायत, रायपुर के अभनपुर नगर पंचायत, बिलासपुर के बोदरी नगर पंचायत, बलौदाबाजार-भाटापारा के सिमगा नगर पंचायत और बलरामपुर-रामानुजगंज के रामानुजगंज को भी नगर पालिका के रूप में उन्नयन किया गया है।
95 नगर पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति, इन्हें मिली जिम्मेदारी
रायपुर। राज्य सरकार ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं के बाद प्रदेश के 95 नगर पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी है. तहसीलदार को प्रशासक बनाए गए हैं. ये प्रशासक नगर पंचायतों का निर्वाचन कार्यकाल खत्म होते ही अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे.



