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सभी विभागों में ई-आफिस का पूर्ण क्रियान्वयन 31 मार्च 2025 तक करें सुनिश्चित - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार सुशासन को सशक्त बनाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में, 1 जनवरी 2025 को विभागीय सचिवों की बैठक में सभी विभागों और कार्यालयों में ई-ऑफिस को लागू करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग की अधिकांश फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से ही निपटाई जा रही हैं और सभी विभागों में इसका पूर्ण क्रियान्वयन 31 मार्च 2025 तक सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस के प्रशिक्षण की सुविधा देने की बात कही, ताकि सभी विभागों में इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-ऑफिस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है। पहले इसे सामान्य प्रशासन विभाग में शुरू किया गया था और अब इसे मंत्रालय के सभी विभागों में विस्तारित कर दिया गया है। अब तक 16 विभागाध्यक्ष कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ा जा चुका है और जिला स्तर पर भी इसे लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सक्ती पहला ऐसा जिला है, जहां ई-ऑफिस पूरी तरह से लागू हो चुका है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से सरकारी कार्यों की गति, दक्षता और पारदर्शिता में अभूतपूर्व सुधार होगा। इस पहल से सरकारी प्रक्रियाओं में स्वचालन (automation) आएगा, जिससे फाइलों की ट्रैकिंग आसान होगी, निर्णय लेने की गति तेज होगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि सभी विभागों में फाइलों की डिजिटल स्वीकृति सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी कार्यों में अनावश्यक देरी समाप्त हो और प्रशासनिक निर्णयों को त्वरित रूप से लागू किया जा सके।
राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को हर स्तर पर सशक्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "डिजिटल इंडिया" अभियान को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने ई-गवर्नेंस को प्रभावी रूप से लागू किया है, जिससे राज्य की सभी सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, सुगम और त्वरित बनेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ई-गवर्नेंस को सुशासन के प्रभावी उपकरण के रूप में अपनाया गया है, जिससे सरकारी सेवाएं तेजी से और आसानी से जनता तक पहुंचेंगी।
ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन से फाइलों के अनुमोदन में लगने वाला समय कम होगा, जिससे प्रशासनिक निर्णयों को शीघ्र लागू किया जा सकेगा। इसमें फाइलों की रियल-टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल दस्तावेजों की सुरक्षा और डुप्लिकेशन रोकने के लिए केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन की सुविधा शामिल है। कागजी कार्यवाहियों में कमी आने से सरकारी कार्यालयों की कार्यक्षमता में सुधार होगा और शासन अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनेगा। ई-ऑफिस प्रणाली से कागज, मानव संसाधन और परिवहन लागत में भी बचत होगी, जिससे सरकारी खर्चों में भी कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली को प्राथमिकता के साथ लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सरकार की कार्य प्रणाली को अधिक समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस का सफल क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक ठोस कदम होगा।
कांग्रेस ने 17 बागी नेताओं को पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता, जिला महामंत्री को थमाया नोटिस
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। नगरीय निकाय चुनाव से पहले जिला कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए 17 बागी नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके अलावा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमित पाठक (जिला महामंत्री) को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 48 घंटे के भीतर जवाब देने का समय दिया गया है, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष भी निष्कासित
बता दें कि कांग्रेस से निष्कासित नेताओं में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश जालान और इकबाल सिंह भी शामिल हैं। निवर्तमान अध्यक्ष राकेश जालान को टिकट नहीं मिलने के कारण उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था, इस अनुशासनहीनता के चलते उन पर कार्रवाई की गई है।


ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों पर भी गिरी गाज
गौरेला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अमोल पाठक का इस्तीफा पार्टी ने मंजूर कर लिया है। टिकट बंटवारे से असंतुष्ट होकर उन्होंने पहले ही पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं, पेंड्रा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत श्रीवास को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।


जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने की कार्रवाई
गौरतलब है कि यह कार्रवाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम वासुदेव ने की है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और चुनावी माहौल में अनुशासन भंग करने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस में मचा घमासान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में नगरीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस में उठापटक तेज हो गई है। बागी नेताओं के निष्कासन के बाद कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इन बागी नेताओं के निष्कासन का आगामी चुनावों पर क्या असर पड़ता है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के भव्य रोड शो में उमड़ा जनसैलाब, भाजपा की विजय सुनिश्चित करने का किया आह्वान
रायपुर। भाजपा की सरकार गरीबों, किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को घर मिल रहे हैं, महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के खातों में 1000 रुपये जमा हो रहे हैं, और आगे भी जनहित में योजनाएं चलाई जाएंगी। भाजपा की नगर निगम में सरकार बनने के बाद गरीबों को जमीन का पट्टा भी दिया जाएगा। हमारा उद्देश्य है सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास है।
यह बात सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को राजधानी में नगर निगम चुनाव में भाजपा के प्रचार के दौरान कहीं। बृजमोहन अग्रवाल ने भव्य रोड शो कर भाजपा महापौर उम्मीदवार मीनल चौबे समेत सभी पार्षद प्रत्याशियों के पक्ष में जनता से समर्थन मांगा। भगवती चरण शुक्ल वार्ड और शहीद पंकज विक्रम वार्ड में आयोजित इस रोड शो में मंत्री राम विचार नेताम, विधायक सुनील सोनी समेत हजारों भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जनता का अपार उत्साह और समर्थन यह दर्शाता है कि रायपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित है।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जनता से भाजपा को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की, जिससे नगर निगम में भी सुशासन, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी जा सके और रायपुर का तेजी से विकास हो सके। उन्होंने इस रायपुर के विकास के लिए भाजपा सरकार की उपलब्धियों की भी गिनाया।




राजिम कुंभ मेला शुरू होने से पहले फूटा व्यापारियों का गुस्सा, तहसील कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन…
गरियाबंद। राजिम कुंभ कल्प मेला 12 फरवरी से शुरू हो रहा है. इस महाआयोजन के लिए खरीदारी कर चुके व्यापारियों को दुकान लगाने की अनुमति नहीं मिली है, जिसके विरोध में उन्होंने तहसील कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया.
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों की मांग है कि उन्हें कुलेश्वर मंदिर से राजीवलोचन मंदिर के बीच नदी में दुकान लगाने की इजाजत दी जाए. उनकी दलील है कि पिछले 20 वर्षों से वे इसी स्थान पर दुकान लगाते आ रहे हैं. इस बार भी दुकान लगाने की उम्मीद से वे पहले ही लाखों रुपये का माल खरीद चुके हैं. ऐसे में स्थान बदले जाने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.
बता दें कि राजिम कुंभ कल्प मेले में प्रदेश के कोने-कोने से आए व्यापारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी अपनी-अपनी दुकानें लगाते हैं. वहीं प्रशासन गाइडलाइन का हवाला देते हुए इस बार मेला मैदान में सिर्फ 600 दुकानों की व्यवस्था करने की बात कह रहा है. निर्धारित स्थान पर दुकान लगाने की अनुमति नहीं मिलने पर व्यापारी नाराजगी जता रहे हैं.
फिलहाल, प्रशासन ने नगरीय निकाय चुनाव समाप्त होने के बाद विषय पर गौर करने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर आक्रोशित व्यापारियों ने प्रशासन द्वारा उन्हें दुकान लगाने की जगह उपलब्ध नहीं कराए जाने पर पुराने मेला मैदान की निजी जमीन पर दुकान लगाने की चेतावनी दी है.
TVS साईं थ्री-व्हीलर शोरूम का किया गया शुभारंभ, एडवांस फीचर्स वाली इलेक्ट्रिक ऑटो हुई लॉन्च
रायपुर। राजधानी रायपुर के देवपुरी में टीवीएस साईं थ्री व्हीलर सवारी ऑटो शोरूम का शुभारंभ हुआ. शुभारंभ के साथ इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर लॉन्च हुई. जो आज के समय में बेस्ट क्लास फीचर है. थ्री व्हीलर में ही बहुत से आकर्षित फीचर दिए गए है. जिसका शुभारंभ रीजनल मैनेजर मनप्रीत सिंह छाबड़ा और ऑटो यूनियन संघ के प्रेसिडेंट कमल पांडे ने किया.


6 साल की वारंटी और 175 किमी रेंज
TVS शो रूम के प्रमुख सुमित सजनानी ने जानकारी देते हुए बताया कि TVS कंपनी के EV ऑटो में 6 साल की वारंटी मिलती है. अब टू वन एंड हाफ किलोमीटर स्मार्ट फीचर्स साथ आते हैं. ब्लूटूथ कनेक्टिविटी भी देखने को मिलता है. जो कि अब तक किसी वेरिएंट कंपनी में यह सब फीचर नहीं है. सबसे हाईएस्ट किलोमीटर रेंज है. 175 किलोमीटर का रेंज है. इतना बेस्ट क्लास माइलेज किसी कंपनी में भी नहीं मिलेगा. हमारी कंपनी अच्छी बेस्ट क्लास माइलेज देती है. इसमें गाड़ी चोरी होने की का डर नहीं होगा. ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, गूगल रिनोवेशन भी है. आपकी गाड़ी चोरी होने पर भी आप इसे ढूंढ सकते हैं. बेस्ट क्लास गाड़ी यह है.


ऑटो महासंघ के प्रमुख कमल पांडे ने कहा कि अभी तक मार्केट में जो ईवी सेक्टर में जो गाड़ियां मार्केट में मौजूद हैं, उनमें टीवीएस का प्रोडक्ट बहुत अच्छा दिख रहा है. प्रोडक्ट के साथ-साथ जो कलर ऑप्शन हैं, वो काफी अच्छा लग रहा है. यह गाड़ियां बहुत अच्छी दिख रही है. अगर मेन्टेन्स के साथ इन वेहिकल को रखा गया तो भविष्य में सडकों पर टीवीएस ऑटो ही देखने को मिलेगी.
नगरीय निकाय चुनाव 2025 : चाय का 12 रुपए और एक प्लेट पोहे का रेट 15 रुपए, चुनाव आयोग के रेट लिस्ट से असमंजस में प्रत्याशी
रायपुर। नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों ने अपना प्रचार तेज कर दिया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के चुनावी खर्चे का लिमिट तय किया है. यदि कोई प्रत्याशी लिमिट से ज्यादा खर्च करता है तो उन पर कार्रवाई हो सकती है. चुनाव आयोग ने खान-पान के लिए भी रेट तय कर दिया है. इसे लेकर प्रत्याशी असमंजस में है और सोच-समझकर खर्च कर रहे. ज्यादातर प्रत्याशी सोशल मीडिया के माध्यम से चुनावी कैंपेन चला रहे.
चुनाव आयोग ने एक कप चाय के लिए 12 रुपए का रेट तय किया है, जबकि बाजार में अच्छी चाय की कीमत 10 रुपए तक है. वहीं बाजार में जो कॉफी 20 से 30 रुपए में मिलती है उसकी कीमत 15 रुपए तय की है. इसी तरह पोहे का रेट प्रति प्लेट 15 रुपए फिक्स किया है. प्रत्याशियों का कहना है चुनाव आयोग की रेट को लेकर असमंजस की स्थिति है.
सोशल मीडिया पर छाया है चुनावी खुमारी
निर्वाचन आयोग के अनुसार, खाने के लिए जनरल थाली की कीमत 120 रुपए तय की गई है. स्पेशल थाली की कीमत 200 रुपए रेट तय किया है. केसर लस्सी प्रति गिलास 30 रुपए और शरबत प्रति गिलास 15 रुपए के हिसाब से प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा. मार्केट रेट और चुनाव आयोग के रेट में अंतर है, जिस कारण से प्रत्याशी सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं. इस बार के चुनावी में प्रत्याशी सोशल मीडिया को माध्यम बनाकर ज्यादा प्रचार कर रहे.
राज्य निर्वाचन आयोग ने तय की है ये खर्च सीमा
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने मेयर और अध्यक्षों की खर्च सीमा तय की है. 5 लाख या उससे अधिक आबादी वाले नगर निगमों में मेयर प्रत्याशी 25 लाख, 3-5 लाख की आबादी वाले नगर निगम में 20 लाख और 3 लाख से अधिक आबादी वाले निगम में 10 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे. वहीं 50 लाख से अधिक आबादी वाले नगर पालिका अध्यक्ष अधिकतम 10 लाख रुपए और 50 हजार से कम आबादी वाले नगर पालिका अध्यक्ष अधिकतम 8 लाख रुपए खर्च कर सकेंगे. इसके अलावा नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए खर्च की सीमा 6 लाख रुपए है. पार्षदों की खर्च सीमा भी तय की गई है. ऐसे नगर पालिका निगम, जहां 3 लाख या उससे ज्यादा जनसंख्या है वहां पार्षद 8 लाख रुपए तक चुनावी खर्च कर सकेंगे.
निकाय में 11 को मतदान, पंचायत चुनाव के लिए 17, 20 व 23 को वाेटिंग
बता दें कि छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव की वोटिंग 11 फरवरी को होगी और परिणाम 15 फरवरी को घोषित होंगे. इस बार नगरीय निकाय चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के माध्यम से कराए जाएंगे. छत्तीसगढ़ के 10 प्रमुख नगर निगमों में चुनाव होंगे. इनमें अंबिकापुर, कोरबा, चिरमिरी, जगदलपुर, दुर्ग, धमतरी, बिलासपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ और रायपुर नगर निगम शामिल हैं. इसके अलावा 49 नगर पालिकाओं और 114 नगर पंचायतों में भी चुनाव होंगे. वहीं पंचायत चुनाव तीन चरणों में होंगे, जिनकी तारीखें 17, 20 और 23 फरवरी हैं. इसके नतीजे 18, 21 और 24 फरवरी को घोषित किए जाएंगे. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रदेश में 433 जिला पंचायत सदस्य, 2,973 जनपद पंचायत सदस्य, 11,672 ग्राम पंचायत सरपंच और 1,60,180 ग्राम पंचायत पंच का चुनाव बैलट पेपर से होगा.
ई-ऑफिस की दिशा में सरकार ने बढ़ाया कदम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रियों को लिखा पत्र…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने त्वरित प्रशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ई-ऑफिस के क्रियान्वयन के लिए मंत्रिमंडलीय सहयोगियों को पत्र लिखा है. इस कार्य के लिए 31 मार्च की समय सीमा निर्धारित की गई है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्र में 1 जनवरी को विभागीय सचिवों की बैठक में तमाम शासकीय विभागों में ई-ऑफिस के क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किए जाने का जिक्र किया. इसके साथ ही बताया कि वे स्वयं सामान्य प्रशासन विभाग की अधिकतर फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से सम्पादित कर रहे हैं
उन्होंने बताया कि ई-ऑफिस की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कार्यालयीन स्टॉफ को भी प्रशिक्षण दिया गया है. इसके साथ जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे.

बिग ब्रेकिंग : चुनाव से पहले आबकारी विभाग की टीम ने पकड़ा शराब का जत्था, मतदाताओं को बांटने लाई गई थी शराब, 1 करोड़ का सामान जब्त
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव से पहले आबकारी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक शराब जब्त किया है. इस शराब को मतदाताओं को बांटने के लिए लाया गया था, जिसे राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने सिमगा के ताज ढाबा के पास से पकड़ा है. जब्त शराब की कीमत 54 लाख रुपए बताई जा रही है. वहीं ट्रक की कीमत 50 लाख के आस पास बताई जा रही है.

मिली जानकारी के अनुसार, जब्त ट्रक में करीब 700 पेटी शराब होने का अनुमान लगाया जा रहा है. हालांकि विभागीय अधिकारी फिलहाल इसकी गिनती कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक यह ट्रक पश्चिम बंगाल पासिंग है.



विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह के प्रचार पर कांग्रेस को आपत्ति, पत्र लिखकर निर्वाचन आयुक्त से की कार्रवाई की मांग…
रायपुर। कांग्रेस ने निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखाकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नगरीय निकाय चुनाव के दौरान भाजपा के पक्ष में प्रचार करने पर शिकायत दर्ज कराई है. कांग्रेस ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन करार देते हुए प्रचार पर तत्काल रोक लगाते हुए रमन सिंह पर उचित कानून कार्रवाई की मांग की है.
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विधि विभाग की ओर से निर्वाचन आयुक्त को लिखे पत्र में कहा गया कि राज्य में नगरीय निकाय चुनाव और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर 20 जनवरी से आचार संहिता लागू है. ऐसी स्थिति में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा का प्रचार-प्रसार करना आपत्तिजनक है.
कांग्रेस विधि विभाग ने पत्र में डॉ. रमन सिंह के विधान सभा के अध्यक्ष के संवैधानिक पद पर होने के बाजवूद भाजपा का प्रचार-प्रसार करना आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन बताते हुए विरोध दर्ज कराया है.

मुख्यमंत्री से मिले सैन्य अधिकारी, छत्तीसगढ़ यात्रा को बताया अविस्मरणीय, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित हुए अधिकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर प्रदेश है और नैसर्गिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध जैव विविधता इसे खास पहचान देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए 18 सैन्य और सिविल सर्विस के अधिकारियों के दल ने छत्तीसगढ़ भ्रमण उपरांत उनसे मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ सभी सैन्य अधिकारियों से उनके छत्तीसगढ़ भ्रमण को लेकर चर्चा की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हमारी धरोहर का अभिन्न अंग हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौंदर्य अनुपम है। आपने जो यात्रा की है, वह सिर्फ प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति और इतिहास से जुड़ा हुआ सफर भी है। यह अनुभव सदैव आपकी स्मृतियों में अंकित रहेगा।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हम न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से बल्कि शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसरों के माध्यम से भी इस समस्या का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने औद्योगिक और शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के उत्थान पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता, नवाचार और उत्कृष्ट शासन प्रणाली का उदाहरण बने। आपका यह भ्रमण हमारे प्रयासों को एक राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है।
नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने अपने प्रवास के दौरान आईआईएम रायपुर, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, ग्रीन फील्ड सिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कानून व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन अभियान के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों ने सिरपुर, एजुकेशन सिटी दंतेवाड़ा, कांकेर वुड आर्ट सेंटर, जंगल वारफेयर कॉलेज, कोंडागांव के टाटामारी और शिल्पग्राम, बादल एकेडमी और चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया।
दल का नेतृत्व कर रहे एडमिरल संदीप सिंह संधु ने बताया कि नेशनल डिफेंस कॉलेज के द्वारा प्रति वर्ष एक वर्षीय कोर्स संचालित किया जाता है, जिसमें सेना, सिविल सेवा और अंतरराष्ट्रीय रक्षा अधिकारियों को रणनीतिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है। इस वर्ष 124 अधिकारी इस कोर्स में शामिल हैं, जिनमें 13 भारतीय और 5 अन्य देशों के अधिकारी छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक ढांचे को समझने के लिए भ्रमण पर आए है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद और डॉ. बसवराजू एस उपस्थित रहे। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों में ब्रिगेडियर अमितोज सिंह, संदीप कुमार मिश्रा, कोमोडोर कार्तिक मूर्ति, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध सिंह कंवर, एयर कोमोडोर शेखर यादव, ब्रिगेडियर गुरप्रीत सिंह मान, ब्रिगेडियर रजनीश मोहन, कैप्टन एम. व्ही. ओरपे सहित श्रीलंका, मोरक्को, नाइजीरिया, नेपाल और यूएई के अधिकारी शामिल थे।



त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगे प्रदेश के सांसद-विधायक, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पत्र लिखकर दिया आमंत्रण…
रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के विधायकों और सांसदों को महाकुंभ में स्नान के लिए 13 फरवरी को प्रयागराज चलने का आमंत्रण दिया है. यात्रा के लिए सांसद संतोष पांडेय और विधायक सुशांत शुक्ला से संपर्क करने को कहा गया है.
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के सांसदों और विधायकों के नाम लिखी चिट्ठी में बताया कि गंगा-यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी संगम तट पर आयोजित महाकुंभ में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी को प्रयागराज आमंत्रित किया है.
विधानसभा अध्यक्ष ने पत्र में बताया कि लाखों वर्षों से आयोजित हो रहे सनातन धर्म के इस महानतम अनुष्ठान को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार और अधिक भव्य रूप में आयोजित किया है. यही नहीं संगम तट पर छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए विष्णुदेव साय सरकार की ओर से आवास व भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की है, जिसकी पूरे देश में प्रशंसा हो रही है.

भाजपा प्रत्याशी के प्रचार में उतरे डॉ. रमन सिंह, चुनाव आयोग से शिकायत करने की तैयारी में कांग्रेस…
रायपुर। राजनांदगाँव में भाजपा प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में शामिल होने पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के खिलाफ कांग्रेस चुनाव आयोग में शिकायत करने जा रही है. कांग्रेस ने रमन सिंह पर संवैधानिक पद की मर्यादा के उल्लंघन का आरोप लगाया है.
भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के प्रचार पर आपत्ति जताते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि डॉ. रमन सिंह को अपनी पद की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए. वे संवैधानिक पद पर हैं. इस तरह से खुलेआम पार्टी का प्रचार करना सीधा संवैधानिक पद की मर्यादा का उल्लंघन है. मामले में कांग्रेस के विधि विभाग का प्रतिनिधि मंडल शनिवार को निर्वाचन आयोग में शिकायत करेगा.
वहीं कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि डॉ. रमन सिंह अध्यक्ष पद की क्या मर्यादा है, वह बेहतर समझते हैं. इसके बाद भी वो भाजपा का चुनाव प्रचार कर रहे हैं. ये संवैधानिक पद की मर्यादा का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे हुए व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह पद की गरिमा का ख्याल रखे. लेकिन डॉ. रमन सिंह ने अपने आचरण से विधानसभा अध्यक्ष पद की गरिमा को गिराया है.
उप मुख्यमंत्री साव ने किया पलटवार
डॉ. रमन सिंह पर कांग्रेस के आरोप पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के इस बयान से साफ होता है, उनके पास कोई मुद्दा नहीं है. विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस इस तरह के बयान दे रही है. कांग्रेस लोगों को भड़काने का काम करती है.
बता दें शुक्रवार को राजनांदगाँव में भाजपा के महापौर प्रत्याशी मधुसूदन यादव और सभी पार्षदों के प्रचार के लिए विजय संकल्प सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह शामिल हुए थे.
BJP मेयर प्रत्याशी के खिलाफ हाईकोर्ट में संशोधित याचिका मंजूर, इस दिन होगी सुनवाई
बिलासपुर। नगर निगम बिलासपुर के भाजपा प्रत्याशी पूजा विधानी के खिलाफ संशोधित याचिका हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है. पूजा विधानी के ओबीसी प्रमाण पत्र पर आपत्ति जताते हुए बसपा प्रत्याशी आकाश मौर्य ने कोर्ट में संशोधित याचिका दायर की है.
बता दें कि पहले भी मौर्य ने याचिका लगाई थी, जिसमें लिपिकीय त्रुटि के कारण याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेनी पड़ी थी. अब रिटर्निंग ऑफिसर को पक्षकार बनाकर दोबारा याचिका पेश की गई है. आगामी 10 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई होगी. वहीं 11 फरवरी को बिलासपुर नगर निगम मेयर चुनाव के लिए मतदान होना है.
बता दें कि पूजा विधानी को भाजपा उम्मीदवार घोषित किए जाने एवं नामांकन दाखिल होने के बाद से जाति प्रमाण पत्र पर कांग्रेस ने सवाल उठाया था. कांग्रेस ने इस मामले में उनके जाति प्रमाण पत्र को आंध्रप्रदेश का बताते हुए छत्तीसगढ़ में मान्य नहीं होने की बात कही थी. इस संबंध में निर्वाचन आयोग के समक्ष आपत्ति की गई थी. निर्वाचन आयोग ने आपत्ति को निरस्त कर दिया था. इसके बाद अधिवक्ता लवकुश साहू के माध्यम से बसपा प्रत्याशी आकाश मौर्य ने याचिका लगाई थी, जिसमें गलत प्रतिवादी बनाने की वजह से याचिका वापस लेना पड़ा था.
छत्तीसगढ़ को मिला एक और आईएएस, मणिपुर कैडर से किया गया ट्रांसफर…
रायपुर। छत्तीसगढ़ को आईएएस पथरे अभिजीत बबन के तौर पर एक और आईएएस मिल गया है. मूलत: मणिपुर कैडर के आईएएस पठारे अभिजीत बबन का गत दिवस केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ कैडर में ट्रांसफर किया है.
भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा 6 फरवरी को जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि आईएएस पठारे अभिजीत बबन की आईपीएस साकोरे मानसी नानाभाऊ से शादी होने की वजह से ट्रांसफर किया गया है.
महाराष्ट्र के अहमदनगर के रहने वाले पठारे अभिजीत बबन ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में अखिल भारतीय रैंक 333 हासिल की थी. अभिजीत ने पुणे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीई किया है. स्नातक होने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए पुणे की फर्म में ऑफिस एग्जीक्यूटिव के रूप में काम किया. फिर उन्होंने आईएएस बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी.
