प्रदेश
समायोजन के लिए सड़क पर उतरे बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षक, राजधानी में निकाली आक्रोश रैली…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बर्खास्त किए गए बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों का समायोजन को लेकर राजधानी में प्रदर्शन जारी है. इस कड़ी में रविवार को तेलीबांधा थाना से घड़ी चौक तक आक्रोश रैली निकाली, जिसे बीच में ही पुलिस ने बीच में रोक दिया.
समायोजन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सहायक शिक्षकों को आज बड़ी महिला संख्या में पहुंची महिला शिक्षकों का भी साथ मिला. सब मिलकर तेलीबांधा थाना से लेकर घड़ी चौक में अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यापर्ण करने जा रहे थे. इस दौरान बीच में ही पुलिस ने इन्हें रोक लिया. इस दौरान सहायक शिक्षकों ने समायोजन को लेकर जमकर नारेबाजी की.
सहायक शिक्षक समीर वर्मा ने बताया कि समायोजन की मांग को लेकर शिक्षक सर्द रात में भी अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका परिवार के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं. लगातार प्रदर्शन के बाद भी सरकार हमारी मांगें नहीं सुन रही है, लेकिन हमें भरोसा है कि जल्द सरकार हमारी समायोजन की मांग को पूरा करेगी.
कबाड़ियों के खिलाफ पुलिस ने छेड़ा बड़ा अभियान, 8.57 लाख का कबाड़ जब्त
बिलासपुर। छत्तीसगढ के बिलासपुर जिले में पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में अवैध कबाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है. इसके तहत सिरगिट्टी थाना प्रभारी रजनीश सिंह ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. सिरगिट्टी ने कुल 31 टन 600 किलो कबाड़ समेत 3 ट्रक वाहन जब्त किया है. जब्त कबाड़ की कीमत लगभग 8.57 लाख रुपये बताई जा रही है.

पुलिस जांच में वाहन क्रमांक सीजी 04 जेसी 5860 के चालक मिर्जा सलीम (40 वर्ष) निवासी तालापारा और सीजी 11 एबी 0819 के चालक भोला विश्वकर्मा (32 वर्ष) निवासी कुंदरापारा को कबाड़ के साथ पकड़ा गया. इन दोनों ने कबाड़ को इमरान कबाड़ी का बताया. इसके अलावा, वाहन क्रमांक सीजी 06 एम 0866 के चालक नफीस अली (23 वर्ष) निवासी काली मंदिर के पास, तिफरा को भी कबाड़ के साथ गिरफ्तार किया गया, और उसने कबाड़ को फिरोज कबाड़ी का बताया.

पुलिस के मुताबिक, इमरान कबाड़ी से संबंधित दो वाहनों में 20 टन 600 किलो कबाड़ बरामद हुआ, जिसकी कीमत 5 लाख रुपये है. वहीं, फिरोज कबाड़ी के वाहन से 11 टन कबाड़ जब्त किया गया, जिसकी कीमत 3.48 लाख रुपये है. पुलिस अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैबिनेट के सदस्यों के साथ सुनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात'
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रेडियो वार्ता "मन की बात" सुनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 'मन की बात' कार्यक्रम में हर बार कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है। यह कार्यक्रम वास्तव में देशवासियों की उपलब्धियों, मानवता की सेवा के कार्यों और नवाचार की जानकारियों का अनूठा संगम है, जहां प्रधानमंत्री जी की ज्ञान, विज्ञान की बातें, स्वस्फूर्त रूप से देशवासियों के देश के लिए समर्पित होकर किए जा रहे कार्यों और नई नई जानकारियां सुनने वालों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करती है।
'मन की बात' में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के गुरुघासीदास तमोरपिंगला टाइगर रिजर्व की चर्चा करते हुए कहा कि ये हम सभी के लिए बहुत खुशी की बात है कि बीते दो महीनों में हमारे देश में दो नए टाइगर रिजर्व जुड़े हैं। इनमें से एक है छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व और दूसरा है –मध्यप्रदेश में रातापानी टाइगर रिजर्व।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की उपलब्धियों, युवाओं द्वारा शुरू किए गए स्टार्ट अप, महिला सशक्तिकरण के सफल प्रयासों का उल्लेख किया। देश की महान विभूतियों स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाषचंद बोस से युवाओं को प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की बात कही। प्रधानमंत्री ने मन की बात में देशवासियों से कहा कि हम सभी अपने अपने काम से अपने देश को हर दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ बनाने का प्रयास करते रहें।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में भारतीय गणतंत्र की 75वीं वर्षगाँठ पर संविधान सभा की सभी महान विभूतियों को नमन किया। उन्होंने मन की बात में बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के संविधान सभा में परस्पर सहयोग, डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मानवीय मूल्यों के प्रति देश की प्रतिबद्धता और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अवसर की समानता पर प्रेरणादायक संबोधन के अंश उनकी आवाज में सुनवाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज के महाकुंभ में युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि जब युवा-पीढ़ी अपनी सभ्यता से गर्व के साथ जुड़ती है, तो उसकी जड़ें और भी मजबूत होती है जिससे उसका स्वर्णिम भविष्य भी सुनिश्चित हो जाता है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ समता और समरसता का संगम और विविधता में एकता का उत्सव है।
प्रधानमंत्री ने रामलला के प्राण प्रतिष्ठा पर्व की 11 जनवरी को पहली वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिन लाखों राम भक्तों ने अयोध्या में रामलला के साक्षात दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि हमें विकास के रास्ते पर चलते हुए, अपनी विरासत को भी सहेजना है और उनसे प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है।


विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक खत्म, पढ़िये कैबिनेट के सभी बड़े फैसले
रायपुर। नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय चुनाव से पहले साय कैबिनेट की अंतिम बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
- कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में आज एक बड़ा निर्णय लिया गया। इस निर्णय के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप इस साल भी समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले राज्य के लगभग 27 लाख किसानों को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित दर के अनुसार 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इस साल किसानों से केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2300 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है, जिसका भुगतान किसानों को किया जा रहा है तथा प्रति क्विंटल अंतर की राशि 800 रूपए छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आदान सहायता के रूप में एकमुश्त फरवरी 2025 में प्रदान करेगी।
- कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में उपार्जित धान में से अतिशेष धान की नीलामी को ऑनलाईन प्लेटफार्म के माध्यम से निराकरण करने का निर्णय लिया है।
- छत्तीसगढ़ राज्य में एचव्ही-4 श्रेणी के विद्युत उपभोक्ता-मिनी स्टील प्लांट, स्टील उद्योग को जिनके कैप्टिव पावर प्लांट नहीं है या एक मेगा वॉट से कम है तथा उनका लोड 2.5 एमव्हीए से अधिक है को औद्योगिक एवं आर्थिक मंदी के कारण उन्हें प्रतिस्पर्धा में बनाए रखने तथा राहत देने के उद्देश्य से कैबिनेट द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विशेष राहत पैकेज अंतर्गत ऊर्जा प्रभार में 01 अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक अधिकतम एक रूपए प्रति यूनिट छूट देने का निर्णय लिया गया।
- कैबिनेट ने विधानसभा सत्र में किए गए घोषणा के अनुपालन में राज्य के कलाकारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। अर्थाभावग्रस्त लेखकों और कलाकारों एवं उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता देने के लिए संस्कृति विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ कलाकार कोष नियम 1982 में संशोधन कर राज्य के कलाकारों को 25 हजार रूपए के स्थान पर अब अधिकतम 50 हजार रूपए की सहायता एवं मृत्यु होने पर 01 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान किए जाने का निर्णय लिया है।
- छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं को वित्तीय बाजारों, निवेश के साधनों एवं वित्तीय नियोजन के क्षेत्र में उपयुक्त कौशल तथा आवश्यक ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छात्र स्किलिंग प्रोग्राम (एसएसपी) के तहत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया गया है। यह प्रशिक्षण हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूल तथा कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए संचालित किया जाएगा।
- वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग में अपर आयुक्त आबकारी का एक नवीन पद (वेतन मेट्रिक्स लेवल-15) का सृजन करने का निर्णय लिया गया।
- नवा रायपुर अटल नगर में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रयोजन हेतु श्री सत्य सांई हेल्थ एवं एजुकेशन ट्रस्ट को अतिरिक्त 05 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने का निर्णय लिया गया।
- छत्तीसगढ़ विशेष क्षेत्र (अचल संपत्ति का व्ययन) नियम, 2008 के तहत् नवा रायपुर अटल नगर में The Art of Living Centre की स्थापना हेतु 40 एकड़ भूमि रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया।
- नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की नया रायपुर आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति, 2017 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया।
- छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के द्वारा निर्मित 5 वर्ष से अधिक समय से नहीं बिके हुए आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को (One time settlement) एकमुश्त निपटान हेतु लागत मूल्य (बेस रेट) से 10 प्रतिशत, 20 प्रतिशत तथा 30 प्रतिशत छूट देकर विक्रय करने का निर्णय लिया गया।
- प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 अंतर्गत एक लाख 32 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए कुल अनुदान राशि 3938.80 करोड़ है, जिसमें अनिवार्य राज्यांश 1450 करोड़ रूपए एवं अतिरिक्त राज्यांश 538 करोड़, जो कि मकान पूर्ण करने अथवा गृह प्रवेश पर दिया जाएगा, का अनुमोदन किया गया।
- कैबिनेट ने महिला स्व-सहायता समूह के हित को ध्यान में रखते हुए रेडी टू ईट निर्माण का काम महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। पहले चरण में रेडी टू ईट निर्माण का कार्य 5 जिलों में महिला स्व-सहायता समूहों को दिया जाएगा।
- छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण संबंधी प्रावधानों में संशोधन किए जाने हेतु विभिन्न धाराओं में संशोधन संबंधी जारी अध्यादेश की समयावधि को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
IAS ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का गौरव, नम्रता गांधी के साथ हरीश एस का हुआ पीएम ट्राफी के लिए चयन…
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी गौरव लेकर आए हैं. धमतरी कलेक्टर नम्रता गांधी के साथ-साथ सुकमा कलेक्टर हरीश एस का भी चयन पीएम ट्राफी के लिए हुआ है. दोनों कलेक्टर की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें सिविल सर्विस डे के अवसर पर 21 अप्रैल को पीएम ट्राफी से नवाजा जाएगा.
बात करें हरीश एस की तो उन्हें सुकुमा जिले के सर्वांगीण विकास के लिए प्राइम मिनिस्टर्स अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन पब्लिस सर्विसेस 2023 से नवाजा गया है. इस संबंध में भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय के सचिव वी श्रीनिवास ने पत्र जारी कर प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव को प्रशंसा पत्र भेजा गया है, जिससे वे अधिकारी के ईआर शीट पर शामिल कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ कैडर के 2015 बैच के आईएएस हरीश एस सुकमा जिले के कलेक्टर हैं. मूलतः तमिलनाडु के मदुरई जिले के रहने वाले हरीश एस का बतौर कलेक्टर उनका यह पहला जिला है.

जन्म और शिक्षा
हरीश एस तमिलनाडु राज्य के मदुरई के रहने वाले है. उनका जन्म 6 नवंबर 1987 को हुआ है. उनके पिता जल संसाधन विभाग में इंजीनियर थे. हरीश एस की माता प्राइवेट हॉस्पिटल में हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर थी. हरीश अपने माता-पिता की इकलौती संतान है.
टीवीएस स्कूल मदुरई से 12वीं की पढ़ाई उन्होंने भौतिकी, रसायन और गणित विषयों से उत्तीर्ण की थी. हायर सेकेंडरी के बाद हरीश ने चेन्नई में स्थित कॉलेज आफ इंजीनियरिंग गिंडी से मैन्युफैक्चरिंग ब्रांच से बीटेक की उपाधि प्राप्त की. इंजीनियरिंग करने के बाद हरीश ने कुछ समय तक सॉफ्टवेयर कंपनी व बैंक में जॉब किया. फिर नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी करने लगे. यूपीएससी के अपने पांचवें प्रयास में हरीश एस ने यूपीएससी क्रैक किया और आईएएस के लिए चुने गए. हरीश एस ने यूपीएससी मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के रूप में मानव विज्ञान विषय चुना था.
प्रोफेशनल कैरियर
हरीश एस ने 7 सितंबर 2015 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की. लाल बहादुर प्रशासन अकादमी से प्रशिक्षण पूरा करने के उपरांत फील्ड ट्रेनिंग के लिए उनकी पोस्टिंग बिलासपुर जिले में सहायक कलेक्टर के पद पर हुई. इसके बाद में वे रायगढ़ जिले के खरसिया अनुविभाग में एसडीएम बने. एसडीएम के बाद रायगढ़ के अपर कलेक्टर रहे.
खरसिया और रायगढ़ में पोस्टिंग के दौरान भू अधिग्रहण व राजस्व संबंधी काम अच्छे से निपटाया. 2018 के विधानसभा चुनाव में शांतिपूर्ण ढंग से चुनावी प्रक्रिया अपनाने में हरिश एस का रायगढ़ में रहते महत्वपूर्ण योगदान रहा. रायगढ़ अपर कलेक्टर के बाद हरीश एस बलरामपुर–रामानुजगंज जिले के जिला पंचायत सीईओ बने. बिलासपुर जिले के जिला पंचायत सीईओ रहे. बतौर कलेक्टर हरीश एस को पहली पोस्टिंग सुकमा जिले में मिली है.

नम्रता गांधी का जल संरक्षण के लिए हुआ चयन
धमतरी कलेक्टर आईएएस नम्रता गांधी को जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए चयन किया गया है. सिविल सर्विस डे के अवसर पर 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नम्रता गांधी को सम्मानित करेंगे.
प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित होने वाली नम्रता गांधी छत्तीसगढ़ की तीसरी आईएएस अधिकारी है. इससे पहले दंतेवाड़ा के तत्कालीन कलेक्टर ओपी चौधरी और आईएएस सौरभ कुमार को यह पुरस्कार मिला था.
जनवरी 2024 से धमतरी कलेक्टर नम्रता गांधी ने भखारा नगर पंचायत में पेयजल की समस्या को देखते हुए नगर पंचायत व जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर गंगरेल नहर से सिलघट तक पानी पहुंचाने की योजना बनाई. गंगरेल नहर के पानी को सिलघट एनीकट के पास नगर पंचायत के इनटेक वेल के माध्यम से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाकर वाटर ट्रीटमेंट करते हुए पिछले दिनों से भखारा नगरवासियों को पेयजल आपूर्ति शुरू करवाई गई. कलेक्टर नम्रता गांधी की दूरदर्शिता से नगर पंचायत क्षेत्र की पेयजल समस्या का समाधान हो गया.
2013 बैच की आईएएस हैं नम्रता गांधी
नम्रता गांधी छत्तीसगढ़ कैडर की आईएएस 2013 बैच की आईएएस अफसर हैं. मुंबई, महाराष्ट्र की रहने वाली नम्रता गांधी का जन्म 1 फरवरी 1989 को हुआ है. उनके पिता का नाम हेमेंद्र गांधी और माता का नाम मीता गांधी है. उनके पिता का अपना कारोबार है.
राजनीति विज्ञान में किया ऑनर्स
नम्रता गांधी ने मुंबई के गोपी बिड़ला स्कूल से सीबीएसई बोर्ड से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज मुंबई से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स से किया था. ग्रेजुएशन में नम्रता ने मुंबई यूनिवर्सिटी में दूसरा रैंक हासिल किया था. केवल पढ़ने में ही नहीं बल्कि वाद-विवाद जैसी बौद्धिक गतिविधियों में भी नम्रता गांधी सक्रिय थीं.
यूपीएससी में दूसरे प्रयास में बनीं आईएएस
ग्रेजुएशन पूरा होने के बाद नम्रता ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की मुख्य परीक्षा के लिए उन्होंने अपना वैकल्पिक विषय राजनीति विज्ञान ही रखा. हार्ड वर्क एवं बेहतर रणनीति के साथ तैयारी करते हुए यूपीएससी 2011 में अपने प्रथम प्रयास में 600 रैंक प्राप्त किया और इंडियन पोस्टल सर्विस के लिए चुनी गईं. 2012 में अपने दूसरे प्रयास में नम्रता गांधी ने 42 वीं रैंक लाकर यूपीएससी उत्तीर्ण कर लिया और आईएएस के लिए चुनी गईं.
गरियाबंद और जीपीएम की रहीं कलेक्टर
नम्रता गांधी ने यूपीएससी 2012 क्रैक किया और 2013 बैच की आईएएस बनीं. नम्रता को छत्तीसगढ़ कैडर अलॉट हुआ. नम्रता ने आईएएस की सर्विस 2 सितंबर 2013 को ज्वाइन की. उन्हें फील्ड पोस्टिंग के लिए राजनांदगांव में सहायक कलेक्टर के तौर पर पहली पोस्टिंग मिली. जिसके बाद अविभाजित बिलासपुर जिले के गौरेला– पेंड्रा–मरवाही अनुविभाग की एसडीएम बनीं. फिर वे कांकेर, सरगुजा व धमतरी जिला पंचायत की सीईओ रहीं. इसके बाद गरियाबंद व जीपीएम के बाद अब धमतरी जिला की कलेक्टर हैं.
नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता, दो ईनामी नक्सली समेत 3 माओवादी गिरफ्तार
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. जिले के थाना चिंतागुफा क्षेत्र में पुलिस ने 2 ईनामी नक्सली समेत कुल 3 माओवादियों को धर दबोचा है. गिरफ्तार नक्सलियों में से 1 नक्सली पर 2 लाख रुपये और 1 नक्सली पर 1 लाख रुपये का इनाम था. गिरफ्तार नक्सली साल 2024 में दुलेड़ के पास हुए एक पीकअप वाहन लूटपाट और वाहन में आग लगाने की घटना में शामिल थे. चिंतागुफा पुलिस बल और डीआरजी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इन्हें गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दक्षिण बस्तर डिवीजन के नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे उन्मूलन अभियान के तहत, 16 जनवरी 2025 को थाना चिंतागुफा से जिला बल और डीआरजी की संयुक्त पार्टी दुलेड़, मेटागुड़ा, एर्रनपल्ली और आसपास के जंगल क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान, दुलेड़ के जंगल क्षेत्र में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को देखा गया, जो पुलिस पार्टी को देखकर भागने लगे. पुलिस ने घेराबंदी कर तीन संदिग्धों को पकड़ा, जो बाद में नक्सली निकले.
पुलिस की पूछताछ में नक्सलियों ने बताया वे दुलेड़ में पीकअप वाहन से लूटपाट आगजनी घटना समेत जिले में हुई अन्य नक्सली घटनाओं में भी शामिल थे. इस घटना के संबंध में थाना चिंतागुफा में पहले ही अपराध क्रमांक 03/2024 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था.
गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान इस प्रकार हुई:
1. मड़कम नंदा (ईनामी 2 लाख रुपये), कृषि टीम सदस्य, निवासी मड़पे, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
2. कवासी लखमा (ईनामी 1 लाख रुपये), जनताना सरकार सदस्य, निवासी कंचाल, थाना पामेड़, जिला बीजापुर
3. मड़कम नंदा (ईनामी 1 लाख रुपये), डीएकेएमएस अध्यक्ष, निवासी कंचाल, थाना पामेड़, जिला बीजापुर
16 जनवरी 2025 को इन्हें गिरफ्तार कर 17 जनवरी 2025 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
PM मोदी से मिले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मां बमलेश्वरी का छायाचित्र भेंटकर छत्तीसगढ़ आने दिया न्योता
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान डॉ. रमन सिंह ने पीएम मोदी को आदिशक्ति मां बम्लेश्वरी की छायाचित्र भेंट किया, जिस पर प्रधानमंत्री ने आभार जयाया है. इसके साथ ही डॉ. रमन सिंह ने पीएम मोदी को छत्तीसगढ़ प्रदेश के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश की जानकारी साझा करते हुए प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने पीएम मोदी को छत्तीसगढ़ आने के लिए आमंत्रित किया है.
प्रधानमंत्री से चर्चा के दौरान राज्य के विकास, जनहित योजनाओं और प्रदेश के समग्र उत्थान से जुड़े विभिन्न विषयों पर सकारात्मक संवाद हुआ. डॉ. रमन सिंहने इस मुलाकात को प्रदेश के लिए हितकारी बताते हुए प्रधानमंत्रीके मार्गदर्शन को छत्तीसगढ़ के विकास के लिए नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करने वाला बताया.
स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिला भूमि का मालिकाना अधिकार, आर्थिक मजबूती की ओर बड़ा कदम - वित्त मंत्री ओपी चौधरी
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से जुड़कर स्वामित्व योजना के तहत देशभर में 65 लाख संपत्ति कार्ड का वितरण किया। इस अवसर पर सरगुजा जिले के अंबिकापुर पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने जिले के 471 हितग्राहियों को संपत्ति कार्ड सौंपकर शुभकामनाएं दीं।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर के 50 हजार गांवों के 65 लाख हितग्राहियों को संपत्ति कार्ड सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीणों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे वर्षों से अपने घरों में निवास कर रहे ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा। अब वे संपत्ति कार्ड के आधार पर बैंकों से ऋण प्राप्त कर सकेंगे और जमीन संबंधी विवादों का भी समाधान होगा।
मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार लगातार अपने वादों को पूरा कर रही है। सरकार बनते ही किसानों को बोनस राशि उनके खातों में स्थानांतरित की गई। साथ ही रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम यात्रा का अवसर मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए जा रहे हैं और सर्वे प्रक्रिया पुनः प्रारंभ कर दी गई है, जिससे कोई भी जरूरतमंद छूटे नहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हमारी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं को शक्ति वंदन योजना के तहत 25 हजार तक का पेपरलेस लोन देने बैंकों को निर्देशित किया गया है।
जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरगुजा के चहुंमुखी विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने करोड़ों की राशि विभिन्न विकास कार्यों के लिए आवंटित की है। उन्होंने आगामी बजट में सरगुजा जिले के लिए अधिक से अधिक विकास योजनाओं को शामिल करने की बात कही।
गौरतलब है कि स्वामित्व योजना के तहत जिले के 06 तहसीलों के 471 हितग्राहियों को संपत्ति कार्ड वितरण किया गया जिसमें तहसील अंबिकापुर में 283, तहसील उदयपुर में 50, तहसील लखनपुर में 40, तहसील सीतापुर में 21, तहसील बतौली में 14, तहसील लुण्ड्रा में 20, तहसील दरिमा में 43 अधिकार अभिलेख का वितरण शामिल है। इस अवसर पर अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
इस अवसर पर मंत्री श्री चौधरी ने कार्यक्रम में लगे विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया और बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, जिला कलेक्टर विलास भोसकर, एसपी योगेश पटेल सहित बड़ी संख्या में हितग्राही एवं आमजन उपस्थित थे।
राज्य युवा महोत्सव में विजेता छात्रों का किया सम्मान
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राज्य युवा महोत्सव में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले संगीत महाविद्यालय के रॉक बैंड को सम्मानित किया गया। उन्होंने उनकी उपलब्धि की सराहना की और 25 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की।
सरगुजा में नालंदा परिसर की तर्ज पर लाइब्रेरी निर्माण की पहल
जिले के युवाओं ने मुलाकात कर मंत्री श्री चौधरी से नालंदा परिसर के तर्ज पर जिले में लाइब्रेरी निर्माण पर चर्चा की जिसमें उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर की तर्ज पर लाइब्रेरी बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। जिसपर युवाओं ने बेहद खुशी जताई।
हितग्राहीमूलक वस्तुओं का किया गया वितरण-
इस अवसर पर 5 हितग्राहियों को आयुष्मान भारत कार्ड, 5 हितग्राहियों को पम्प, 5 को नवीन किसान क्रेडिट कार्ड, 5 हितग्राहियों को एटीएम कार्ड जारी किया गया। इसी प्रकार 5 हितग्राहियों को पावर स्प्रेयर , 5 हितग्राहियों को जाति प्रमाणपत्र, 35 प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को चाबी एवं दीवार घड़ी वितरित किया गया। 10 गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत हाउस कीपिंग के ट्रेनिंग लेने वाले 10 महिलाओं को प्रमाणपत्र सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक वस्तुएं वितरित की गई।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी व्यापार महोत्सव 2025 में हुए शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा जयंती स्टेडियम भिलाई में आयोजित व्यापार महोत्सव 2025 में शनिवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शिरकत की। उन्होंने मेले का अवलोकन कर व्यापारियों और उद्यमियों से मुलाकात की तथा व्यापार क्षेत्र के विकास को लेकर चर्चा की।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल व्यापारियों को एक मंच मिलता है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार व्यापार और उद्योग के अनुकूल वातावरण बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
महोत्सव के दौरान वित्त मंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और व्यापारियों से उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों के अनुरूप व्यापारियों को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
व्यापार महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों से आए व्यापारियों ने खाद्य उत्पाद, वस्त्र, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उत्पाद और अन्य व्यवसायिक सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई। इस अवसर पर विधायक गजेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में नागरिकों और व्यापारियों की उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी पूरी: भूमिहीन श्रमिकों को 10-10 हजार रुपए सालाना देने की मुख्यमंत्री श्री साय ने की घोषणा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मोदी की एक और गारण्टी को पूरी करने की घोषणा की है। राज्य के ग्रामीण भूमिहीन श्रमिकों को अब 10-10 हजार रूपए की राशि सालाना प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार के एक साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिला मुख्यालय सक्ती में आयोजित कार्यक्रम में आज ये घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के 5 लाख 62 हजार श्रमिकों को फायदा मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सक्ती जिले के दमऊदरहा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आज लगभग 170 करोड़ रुपए के विकास कार्यों से सक्ती जिले के विकास को नई गति मिलेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे 15 जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह शुभ अवसर प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का भी है। 144 साल बाद यह शुभ संयोग बना है। सनातन धर्म की इस महान परंपरा का पुण्य लाभ लेने का यह अच्छा अवसर है। हमारे छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्री भी इसका लाभ उठायें, इसके लिए हमारी सरकार ने मेलास्थल में साढ़े चार एकड़ क्षेत्र में विशेष व्यवस्था की है। हमारे प्रदेश से जो श्रद्धालु वहां जा रहे हैं, वहां उनके लिए ठहरने और भोजन का भी इंतजाम है। प्रयागराज में छत्तीसगढ़ पैवेलियन में हमने अपनी छत्तीसगढ़ी संस्कृति को विशिष्ट रूप से दिखाया है जो लोगों को काफी भा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रहे हैं। पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई है। पहले चरण में 8.47 लाख आवास निर्माण को स्वीकृति मिली थी। इनमें से कई हितग्राही अपने आवास में गृह प्रवेश कर रहे है। बीते दिनों केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान दुर्ग के नगपुरा आए थे जहां उन्होंने 3.5 लाख अतिरिक्त आवास की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही आवास प्लस के सर्वे का काम भी शुरू कर दिया गया है। पीएम आवास के लिए पात्रता का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब जिनके पास दो पहिया वाहन है, 2.5 एकड़ सिंचित भूमि अथवा 5 एकड़ असिचिंत भूमि, 15 हजार तक की मासिक आमदनी है, वे भी आवास हेतु आवेदन कर सकते हैं। आवास स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाने ऑनलाइन ऐप लॉन्च किया गया है। इससे किसी भी व्यक्ति द्वारा घर बैठे ही आवेदन किया जा सकेगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता जिन विकास कार्यों की राह देख रही थी, उसे हम आज पूरी तेजी से पूरा करने का काम कर रहे हैं। जनता का पैसा जनता के कामों में लग रहा है। सक्ती जिले में 6 नगरीय निकायों के लिए बीते एक साल में 77 करोड़ रुपए दिए गए। 31 सौ रूपये में धान खरीदी हो रही, महतारी वंदन का पैसा हर महीने मिल रहा है, आवास का निर्माण तेजी से हो रहा है, इससे ग्रामीण विकास को नई रफ्तार मिली है। कार्यक्रम को सांसद कमलेश जांगड़े ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक रामकुमार यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।




स्वामित्व कार्ड पाकर मकान मालिकों और भू-स्वामियों के चेहरे खिले, छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में हुआ स्वामित्व कार्डों का वितरण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज महासमुंद में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में 25 भू-स्वामियों को स्वामित्व कार्ड प्रदान कर बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर लाभार्थियों को हार पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर हितग्राहियों के चेहरे खुशी से दमक उठे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। लाभार्थियों ने एक स्वर में इस अभिनव योजना को ग्रामीण विकास के लिए क्रांतिकारी बताया।
महासमुंद जिले के ग्राम परसट्ठी के इंदरमन धु्रव, बुधारू साहू, और सखाराम ध्रुव सहित कई हितग्राहियों ने वर्षों से स्वामित्व अधिकार का इंतजार किया था। इंदरमन ध्रुव ने बताया, 23 साल से मैं अपने मकान में निवास कर रहा था, लेकिन स्वामित्व अधिकार के अभाव में कई योजनाओं का लाभ नहीं ले पाया। अब मेरे परिवार के लिए यह किसी उपहार से कम नहीं है। स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण नागरिकों को उनकी संपत्ति के मालिकाना दस्तावेज प्रदान किए जा रहे हैं। ग्रामीण नागरिक इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंकों के माध्यम से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। यह योजना आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
गौरतलब है कि देश के अब तक 3.17 लाख गांव में ड्रोन सर्वे पूरा किया गया है एवं 1.49 लाख गांव के लिए 2.19 करोड़ सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है। छत्तीसगढ़ के सभी आबादी गांव में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है एवं 1384 गांवों में 1.84 लाख सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है। स्वामित्व योजना का उद्देश्य भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के माध्यम से ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार प्रदान करना है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि देशव्यापी स्वामित्व कार्ड वितरण के अंतर्गत आज छत्तीसगढ़ राज्य के 10 जिलो में स्वामित्व कार्ड का वितरण की शुरूआत की गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले में 128 गांवों के 10 हजार 850 लोगों को स्वामित्व कार्ड का वितरण का शुभारंभ किया। इसी तरह कोरबा जिले में उप मुख्यमंत्री अरूण साव की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में 9 हजार, दुर्ग जिले में उप मुख्मयंत्री विजय शर्मा ने 10 हजार 325, राजनांदगांव जिले में वन मंत्री केदार कश्यप ने 548, धमतरी जिले में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने 12 हजार 716, स्वामित्व कार्डों का वितरण कर इसकी विधिवत् शुरूआत की। इसी प्रकार बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पांच हजार 841, अम्बिकापुर जिले में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 471, सूरजपुर जिले में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने 478, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने 757, कबीरधाम जिले में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा 7 हजार 025 स्वामित्व कार्डों का वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

व्यक्ति केंद्रित चुनावी घोषणाओं से टूट रहे परिवार: वृंदावन हॉल में विकसित भारत का सपना और वास्तविकता पर राष्ट्रीय संवाद हुआ संपन्न
रायपुर। समृद्ध भारत से ही दुनिया में वसुधैव कुटुंबकम की भावना साकार हो सकेगी। विकसित भारत में हर परिवार खुशहाल और समझदार बने तभी असली विकास साबित होगा। वर्तमान चुनावी प्रक्रिया में व्यक्ति को प्रभावित करने चुनावी घोषणाएं की जाती हैं, जिससे परिवार में बिखराव आते जा रहे हैं, जबकि यह संविधान की मूल भावना के विपरीत है। यह बातें वृंदावन हॉल सिविल लाइन में आयोजित विकसित भारत- सपना, योजना और वास्तविकता पर संवाद में वक्ताओं ने कही।
बता दें कि इस कार्यक्रम का आयोजन साधना फाउंडेशन और आचार्य सरयूकांत झा स्मृति संस्थान ने विकसित भारत संवाद श्रृंखला के अंतर्गत किया। इसमें मध्यस्थ दर्शन दिल्ली के अध्येता सोमदेव त्यागी ने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात् जिस आज़ादी का सपना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था, वह पूरी नहीं हो रही है। तब हमारे देश में परिवार संयुक्त होते थे, साथ मिलकर सहयोग और मूल्यों के साथ लोगों का जीवन होता था। आधुनिक भारत में चुनावी प्रक्रिया खर्चीली हो गई है, राजनीतिक दल धन और प्रचार तंत्र से चुनावी जीतने को प्राथमिकता देते हैं, हर घोषणा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए होती है। हर मतदाता के लिए अलग घोषणा होने से परिवार का महत्व समाप्त होने लगा है, जबकि परिवार भारत में सबसे सशक्त इकाई होती थी।

इस विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के वक्ता इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स (आईएसएई) के अध्यक्ष प्रोफेसर दिनेश मारोठिया, नई दिल्ली से दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार सुदीप ठाकुर, पूर्व निर्वाचन अधिकारी व आईएएस डॉ. सुशील त्रिवेदी, भाषाविद डॉ. चितरंजन कर, डॉ. पूर्णेंदू सक्सेना, प्रोफेसर डॉ. कल्पना मिश्रा, अभिभावक विद्यालय रायपुर की संचालिका अनिता शाह, डॉ. राकेश गुप्ता, अधिवक्ता केके शुक्ला, अभ्युदय संस्थान अछोटी से डॉ. संकेत ठाकुर, डॉ. शुभा बनर्जी, पत्रकार पूजा जैन, निखिल तिवारी विशेष वक्ता थे।
आईएएस डॉ. सुशील त्रिवेदी ने कहा कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना में सबको राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्वतंत्रता का अवसर दिलाने की बात लिखी है, इसमें इकॉनामी या जीडीपी के जरिए विकसित भारत की कल्पना नहीं की गई है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भूस्वामियों को वितरित किए स्वामित्व प्रमाणपत्र
रायपुर। स्वामित्व योजना के तहत आज कोरबा जिले के किसानों और ग्रामीणों को स्वामित्व (प्रॉपर्टी) कार्ड का वितरण उप मुख्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन लोगों ने वर्चुअली सुना। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामित्व योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए इसे हितग्राहियों के लिए आर्थिक सुरक्षा की गारंटी बताया। उन्होंने कहा कि गाँव में आबादी भूमि में बिना कानूनी दस्तावेज के रहने वाले ग्रामीणों को उनकी जमीन का मालिकाना हक प्रदान करने के लिए स्वामित्व योजना प्रारंभ की गई है। इससे बैंक में ऋण भी मिल सकता है। कानूनी अधिकार होने से विवाद की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। इस सम्पत्ति से जीवन बदल सकता है। प्रधानमंत्री ने इसे ग्राम स्वराज को जमीन पर उतारने की पहल बताते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण, आयुष्मान, पीएम आवास, पीएम सड़क योजना आदि से देश के ग्रामीणों के जीवन में आए बदलाव को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी कहते थे कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है और हमारी सरकार उन्हीं से प्रेरित होकर गाँव के विकास और ग्रामीणों के जीवन में बदलाव के लिए काम कर रही है। उन्होंने स्वामित्व योजना से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्गों के लोगों को बहुत लाभ मिलने की बात कही।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कोरबा के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों को स्वामित्व योजना के कार्ड वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री बहुत संवेदनशील हैं। उन्होंने गरीबों की चिंता की है। वे गाँववालों की समस्याओं को जानते हैं और उनके निराकरण की योजना बनाते हैं। श्री साव ने कहा कि स्वामित्व योजना से जमीन संबंधी विवादों का अंत होगा। जमीन को लेकर पड़ोसी, भाई-भाई और अन्य रिश्तेदारों में अक्सर विवाद होता है। इस तरह के विवादों के निराकरण में कई पीढ़ी भी गुजर जाती है। अब आबादी भूमि में रहने वाले परिवारों को एक ऐसा कानूनी दस्तावेज मिल जाएगा, जिसमें जमीन की पूरी जानकारी होगी। इसके साथ ही इस जमीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड और नक्शा भी रहेगा। किसी प्रकार की हेर-फेर मुश्किल होगी। ड्रोन के माध्यम से सर्वे कर रिकॉर्ड तैयार कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में जमीन को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि हमारे प्रदेश में राजस्व रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण भी किया गया है। स्वामित्व योजना से कोरबा जिले के 137 गांव के नौ हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। इससे लोग विधिवत लोन ले पाएंगे। श्री साव ने आज स्वामित्व योजना के 125 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख प्रदान किया। उन्होंने कार्यक्रम में कोरबा जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की दो युवतियों कुमारी छोटी और कुमारी रजनी को जिला खनिज संस्थान न्यास मद अंतर्गत अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।
कार्यक्रम को विधायक प्रेमचंद पटेल और कोरबा जिला पंचायत की अध्यक्ष शिवकला कँवर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कलेक्टर अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ कोरबा व कटघोरा अरविंद पीएम, कुमार निशांत और निगमायुक्त आशुतोष पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की प्रभावी पहल- मुख्यमंत्री विष्णु साय
महासमुंद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा और दूरदर्शी सोच के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा स्वामित्व योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए मजबूती से कदम उठाया गया है। स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की प्रभावी पहल है। संपत्ति का अधिकार केवल भूमि और अन्य संसाधनों के कानूनी स्वामित्व तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह व्यक्तियों और समुदायों को आत्मनिर्भरता, स्थिरता और सम्मानित जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। यह अधिकार विशेष रूप से हमारे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है, इसलिए भू-अभिलेखों को पारदर्शी और प्रभावी बनाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज महासमुंद में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण सामरोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी स्वामित्व कार्ड के लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज महासमुंद जिले के 128 गांवों के 10 हजार 850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से भूमि का मालिकाना हक सीमाओं का न सिर्फ स्पष्ट निर्धारण होगा, इससे भू-संबंधी विवादों में कमी भी आएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम भूमि संबंधित मामलों में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे ग्राम पंचायतों को उच्च-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल मानचित्र उपलब्ध कराए जा सकें। यह बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में मदद करेगा, जिससे विकास की गति तेज होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए “सुगम एप“ विकसित किया है और दस्तावेजों के डिजिटलीकरण पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अभी 3 लाख 88 हजार नवीन प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति और मिली है। साथ ही भविष्य में भी 4 लाख नये आवासों की स्वीकृति भी मिलेगी। हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई थी। राज्य में अभी आवास प्लस 2024 में सर्वे का कार्य प्रारम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि अब ढाई एकड़ सिंचित या 5 एकड़ असिंचित जमीन तथा जिनके पास टू व्हीलर होगा, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज देशव्यापी स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में दिल्ली से वर्चुअल रूप से जुड़े और 50 हजार गांवों में 65 लाख ग्रामीणों को उनकी काबिज भूमि का स्वामित्व कार्ड प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के लाभार्थियों को संबोधित किया और उनसे संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में प्रदेशवासियों को प्रयागराज महाकुंभ का सहभागी बनने के लिए निमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रयागराज सेक्टर 6 अंतर्गत साढ़े 4 एकड़ क्षेत्र में भव्य पंडाल छत्तीसगढ़ वासियों के लिए निर्मित किया गया है। यहां उनके ठहरने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष 31 जनवरी तक धान खरीदी होगी। अभी तक 132 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी हो चुकी है तथा 23 लाख से अधिक किसान धान बेच चुके है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के पश्चात शीघ्र ही अंतर की राशि प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर राजस्व एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य कर ही है। सबका साथ और सबका विकास एक नारा ही नहीं एक भाव है, जिसको सार्थक करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि आपके अधिकार, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रमाण है।
कार्यक्रम में सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जनहित के कामों में तेजी आयी है। कार्यक्रम को विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, संपत अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से 1073 गांव में सर्वे पूर्ण कर लिया गया है। जिसके माध्यम से 128 गांवों के 10850 लाभार्थियों का स्वामित्व कार्ड तैयार कर वितरण की शुरूआत की गई है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल, महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया, संयुक्ता सिंह, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, पूर्व संसदीय सचिव पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक परेश बागबाहरा एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अनिवार्य सेवानिवृत्ति आदेश निरस्त होने पर मृत ASI का पुत्र अनुकम्पा नियुक्ति का पात्र, हाई कोर्ट का आदेश…
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति आदेश के निरस्त होने के बाद उनके विधिक वारिस अनुकम्पा नियुक्ति और अन्य आर्थिक लाभ प्राप्त करने का हकदार बताया है. इसके साथ ही याचिकाकर्ता को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान किए जाने का गृह विभाग के सचिव को आदेश दिया है.
हाई कोर्ट का यह फैसला विक्की भारती की याचिका पर है. दरअसल, याचिकाकर्ता के पिता सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ बूंदराम भारती को सेवाकाल के दौरान 18 अगस्त 2017 को अनिवार्य सेवानिवृत्त कर दिया गया था. उक्त आदेश के विरूद्ध उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष रिट याचिका दायर की थी. इसी दौरान 9 अक्टूबर 2018 को उनकी मृत्यु हो गई.
मृत्यु के 21 दिन गृह विभाग के सचिव ने आदेश जारी कर बूंदराम भारती का अनिवार्य सेवानिवृत्ति आदेश निरस्त कर सेवा में बहाल करने का आदेश किया. बूंदराम भारती की मृत्यु होने की वजह से उनके पुत्र विक्की भारती ने विभाग के समक्ष अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन प्रस्तुत किया.
इस पर गृह विभाग ने मृत्यु के समय बूंदराम भारती पुलिस विभाग की सेवा में ना होकर अनिवार्य सेवानिवृत्त होने का तर्क देते हुए विक्की भारती की अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन खारिज कर दिया.
इस आदेश के विरुद्ध विक्की भारती ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय के माध्यम से हाई कोर्ट के समक्ष याचिका दायर की. अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने हाई कोर्ट के समक्ष तर्क प्रस्तुत किया गया कि याचिकाकर्ता के पिता बूंदराम भारती को अनिवार्य सेवानिवृत्त किया गया था, उसी दौरान उनकी मृत्यु हो गई. लेकिन मृत्यु के पश्चात् विभाग ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति आदेश को नियम विरूद्ध पाते हुए निरस्त कर दिया था. अतः मृतक एएसआई का पुत्र अनुकम्पा नियुक्ति का पात्र है.
हाई कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के पश्चात् मृत्यु दिनांक को मृत एएसआई बूंदराम भारती सेवा में था, यह मानते हुए अनुकम्पा नियुक्ति पालिसी 2013 के तहत याचिकाकर्ता को पुलिस विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किये जाने का आदेश दिया.
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने सौंपा ज्ञापन, महंगाई भत्ता बढ़ाने समेत ये हैं प्रमुख मांगें
रायपुर। छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से उनके निवास पर मुलाकात कर प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में महंगाई भत्ते को जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत बढ़ाने सहित पांच सूत्रीय मांगें शामिल हैं. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए.
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं प्रवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री को कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान की आवश्यकता को विस्तारपूर्वक बताया गया. भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र, जिसे “मोदी की गारंटी” के नाम से जारी किया गया था, में किए गए वादों को शीघ्र लागू करने का अनुरोध किया गया. फेडरेशन ने अपने आंदोलन “झन करव इनकार, हमर सुनव सरकार” के बारे में भी जानकारी दी.
ये हैं प्रमुख मांगें
1. प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को भाजपा के घोषणा पत्र के अनुरूप केंद्र के समान देय तिथि से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाए. साथ ही जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते का एरियर भविष्य निधि खाते में समायोजित किया जाए.
2. विभिन्न संवर्गों के वेतन विसंगति एवं अन्य मुद्दों के लिए गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए.
3. प्रदेश के शासकीय सेवकों को चार स्तरीय पदोन्नति वेतनमान क्रमशः 8, 16, 24 एवं 32 वर्षों की सेवा पर प्रदान किया जाए.
4. मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में अर्जित अवकाश का नगदीकरण 300 दिवस किया जाए.
5. शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करते हुए, राज्य के मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों से कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाए.
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में तकनीकी शिक्षा और सीएसआरबॉक्स फाउंडेशन, सीआईआई यंग इंडियंस और अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड के मध्य हुआ एमओयू
रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्रदान करने के उद्देश्य से आज शहीद स्मारक ऑडिटोरियम, रायपुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन एवं कौशल विकास मंत्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार विभाग के सचिव एस भारतीदासन ने सीएसआरबॉक्स फाउंडेशन, सीआईआई यंग इंडियंस और अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संचालक तकनीकी शिक्षा और रोजगार ऋतुराज रघुवंशी, अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट डॉ प्रीतसिंह, सीएसआरबॉक्स फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट मनो विराज सिंह, वाईस प्रेजिडेंट और सीआईआई यंग इंडियंस के चेयर पर्सन गौरव अग्रवाल के अलावा अन्य अधिकारी कर्मचारी और विभिन्न संस्थान के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
अनुबंध निष्पादन समारोह के अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के कौशल विकास और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज का यह अनुबंध छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित होगा। हमारा उद्देश्य केवल युवाओं को नौकरी देना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा कौशल प्रदान करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकें। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर छात्र चाहे वह आईटीआई से हो इंजीनियरिंग कॉलेज से हो या पॉलीटेक्निक से उसके पास रोजगार का उचित अवसर हो। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि रोजगार के लिए पंजीकृत छात्रों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और यह केवल राज्य के हित में उपयोग किया जाएगा। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि अनुबंध के तहत जो भी सेवाएं प्रदान की जाएंगी, वे पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएंगी।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने युवाओं से सीजी रोजगार पोर्टल पर पंजीकरण करने की अपील करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर युवा को उसकी क्षमता और योग्यता के अनुरूप एक सही दिशा मिले। युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए यह सरकार हर संभव प्रयास करेगी। अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड, सीएसआरबॉक्स और सीआईआई यंग इंडियंस जैसे साझेदारों के साथ मिलकर राज्य में रोजगार और कौशल विकास का एक नया युग शुरू हो रहा है। आईबीएम द्वारा फ्री ऑफ कॉस्ट सर्टिफिकेशन कोर्स करवाया जाएगा जो राज्य के आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में उपलब्ध होगा। इस कोर्स से छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा और कम से कम 10% छात्रों को रोजगार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि युवा अगर चाहे तो बड़े से बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार केवल एक विचार से शुरू होता है। हमें अपने युवाओं को प्रेरित करना होगा कि वे केवल वही न बनाएं जो पहले से बाजार में है, बल्कि ऐसे नए उत्पाद और समाधान तैयार करें, जो समाज के लिए उपयोगी हों। एक छोटी सोच को बड़ा लक्ष्य बनाकर ही सफलता पाई जा सकती है। इस अनुबंध के साथ सरकार ने कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में एक नई शुरुआत की है, जो राज्य के युवाओं को एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाएगी।
वन एवं कौशल विकास मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार क्षमता है, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसरों की आवश्यकता है। यह अनुबंध सुनिश्चित करेगा कि ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के युवा भी मुख्यधारा में शामिल हो सकें और अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना चाहती है।

