रायपुर। ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस आज प्रदेशभर में प्रदर्शन कर रही है. इस मामले में डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा, नगरीय निकाय में ओबीसी को 30% आरक्षण मिला है. क्या कांग्रेस इसका भी विरोध कर रही है? साव ने कहा, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर आरक्षण दिया गया है. भ्रम, भय और भ्रष्टाचार कांग्रेस के राजनीति का आधार रहा है. कांग्रेस इस तरह की राजनीति करना बंद करे. अरुण साव ने कहा, कांग्रेस के भ्रम की बातों में जनता नहीं आने वाली है.
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को घेरते हुए उन पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने का आरोप लगाया. साव ने व्यक्तिगत टिप्पणी को निम्न स्तर की राजनीति बताते हुए कहा, निम्न स्तर की राजनीति से आहत हूं. ये सिर्फ मेरे वकालत पर प्रश्नचिन्ह नहीं उठा रहे. स्टेट बार कौंसिल जिन्होंने मुझे डिग्री दी उनका भी अपमान किया है. मेरे साथ सभी वकालत की डिग्रीधारियों का भी अपमान कर रहे हैं. विधानसभा में उनके सभी सवाल का मैंने जवाब दिया है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका को धोखाधड़ी के शिकार हुई महिलाओं का पैसा वापस दिलाने पत्र लिखा है. महंत ने कहा है कि गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों ने प्रदेश की हजारों गरीब महिलाओं एवं शिक्षित बेरोजगारों से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की है, पीड़ितों को उनकी राशि वापस दिलाएं एवं निवेश के नाम पर बैंकों से दिलवाए गए ऋण को माफ किया जाए.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा है कि भाजपा राज में यह चिटफंड पार्ट 2 है. भाजपा की पिछली सरकार में भी प्रदेश के आम गरीबों के करोड़ों रुपए चिटफंड के नाम पर लूटे गए थे, जिसे कांग्रेस की सरकार ने कुछ हद तक गरीबों के रुपए लौटने का कार्य किया था. वर्ष 2023 में भाजपा की सरकार बनते ही फिर से चिटफंड कंपनियां सक्रिय हो गई है. गरीब, पढ़े लिखे युवा, महिलाओं से मात्र एक साल में ही हजारों करोड़ों की धोखाधड़ी हो गई है. लूटी गई जनता परेशान है, भाजपा सरकार मौन है.
नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत ने पत्र में कहा है कि कोरबा, जांजगीर, बालोद समेत छत्तीसगढ़ के 10-12 जिलों की लगभग 40 हजार महिलाओं एवं शिक्षित बेरोजगार युवकों से गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने हजारों करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की है. इनमें कोरबा की फ्लोरामेक्स कम्पनी, बालोद की सप्तऋषि संस्थान सहित सैकड़ों गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियां शामिल है. पीड़ित महिलाएं एवं युवा अपने अधिकार एवं पैसे वापसी के लिए संवैधानिक तरीके से सड़क की लड़ाई लड़ रही है. महंत ने पत्र में राज्यपाल से कहा है कि इस गंभीर मामले पर त्वरित रूप से प्रभावित महिलाओं एवं शिक्षित बेरोजगारों की जमा राशि वापस करने एवं बैंकों से ली गई ऋण की वसूली रोकने सरकार को निर्देशित करें. इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्तियों को सख्ती से रोकने प्रभावी प्रयास की जाए.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार में छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग (CGPSC) की पहली राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा आगामी 9 फरवरी 2025 (CGPSC Exam Date 2025) को होगी. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन गत 1 दिसंबर से 30 दिसंबर 2024 के बीच मंगाए गए. 2 जनवरी 2025 को त्रुटि सुधार हुआ. पीएससी सूत्रों का कहना है कि 246 पदों के लिए अब तक लाखों की संख्या में आवेदन मिले हैं.
इसके दो कारण गिनाए जा रहे हैं. पहला पीएससी के प्रति छात्रों का विश्वास बढ़ा है और दूसरा आवेदन के लिए शुल्क फ्री होना है. बहरहाल पीएससी ने 246 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था. जिसमें जिसमें डिप्टी कलेक्टर के 7 पद, उपपुलिस अधीक्षक के 21, राज्य वित्त सेवा के 7, जिला आबकारी अधिकारी के 2, सहायक संचालक वित्त के 3, सहायक संचालक पंचायत के 1, सहायक संचालक/जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के 2, सहायक संचालक समाज कल्याण विभाग के 7, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के 3. महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी के 6, छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के 32, नायब तहसीलदार के 10, राज्य कर निरीक्षक के 37, आबकारी उपनिरीक्षक के 90, उपपंजीयक के 6, सहायक निरीक्षक/सहकारिता विस्तार अधिकारी के 5 पद और सहायक जेल अधीक्षक के सात पद शामिल हैं. इन पदों को लेकर पीएससी ने आगामी 9 फरवरी को दो पाली में परीक्षा का आयोजन किया गया है. इसके लिए सभी 33 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं.
रायपुर। राजधानी रायपुर में आज राजस्थानी प्रजापति समाज द्वारा रियाज अकादमी में “राजस्थानी प्रजापति प्रीमियर लीग 2025” का आगाज किया गया, जिसमें समाज के युवाओं द्वारा 6 टीमों का गठन किया गया है, जो कि प्रजापति यूनिकॉर्न, प्रजापति किंग्स, प्रजापति ईगल, प्रजापति टाइटन्स, प्रजापति पैंथर्स और प्रजापति रॉयल्स के नाम से खेल रही हैं.
इस मैच में 80 से ज्यादा युवाओं ने खेल में भाग लिया. समाज द्वारा 7 प्रतिष्ठीत प्रतिष्ठान इसमें अपनी टीम के स्पोंसर बने. युवाओं में जोश और परस्पर सहयोग के भाव से सीरीज कराई जा रही है, जिसमें विजेता टीम को 11,000 हजार रुपये नगद पुरस्कार और अन्य कई उपहार ट्राफी विजेता का भी आयोजन किया गया है. कार्यक्रम के प्रमुख अनूप प्रजापति, हितेश प्रजापति, मुकेश प्रजापति और लक्ष्मी नारायण के द्वारा सभी को एकजुट कर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है
फाइनल मैच में यूनिकॉर्न का मुकाबला टाइटंस का हुआ था, जिसमें टाइटंस ने जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया. इस मुकाबले में मैन ऑफ़ द सीरीज प्रशांत प्रजापति को दी गई. इसके साथ ही सभी मैच के मैन ऑफ़ द मैच के पुरस्कार दिए गए. आयोजन में 100 से अधिक युवा एक मंच में आए और अपना शत प्रतिशत दिया. आगे भी इस प्रकार के आयोजन समाज द्वारा किए जाएंगे.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। वहीं धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। राज्य में 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक लगभग 121 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 22.49 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 25 हजार 549 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।
प्रदेश के समस्त पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय हेतु टोकन की सुविधा ऑनलाईन एप्प (टोकन तुंहर हांथ) एवं उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी 2025 तक के लिए उपलब्ध कराया गया है। किसान सुविधा अनुसार तिथी का चयन कर नियमानुसार धान विक्रय कर सकते है।
धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। अब तक 92.65 लाख मीटरिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, इसके एवज में 65 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने 114 नगर पंचायतों के लिए पर्यवेक्षकों की सूची जारी कर दी है। इन पर्यवेक्षकों को नगर पंचायत में अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों के आवेदनों की प्राथमिकता के आधार पर सूची तैयार करने का कार्य सौंपा गया है। यह सूची पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) को दी जाएगी, ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सही उम्मीदवारों का चयन हो सके।
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार के द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक उन्हीं प्रयासों का एक उदाहरण है। बस्तर ओलंपिक आयोजन की प्रधानमंत्री मोदी भी तारीफ कर चुके हैं। बस्तर ओलंपिक में विभिन्न खेलों के 14 विजेता खिलाड़ियों को भ्रमण कराने के लिए राजधानी रायपुर लाया गया है। एक सुदूर गांव से उठकर चकाचौंध से भरे शहर ने इन युवाओं के मन में कई सपने संजो दिए हैं।
बस्तर से पहुंचे खिलाड़ियों ने चर्चा में उनमें से कुछ ने बताया कि उनके गांव में बिजली ही कुछ साल पहले पहुंची और अब रायपुर आकर सब कुछ सपने सा लग रहा है। इनमें से कुछ ऐसे युवा भी थे जो अपने परिवार के पहले ऐसे सदस्य थे, जो अपने गांव से निकलकर ऐसे किसी शहर में पहुंचे हैं।
बस्तर ओलंपिक में 318 सरेंडर नक्सली खिलाड़ी ने लिया हिस्सा
साल 2024 में बस्तर के नाम सबसे बड़ी उपलब्धि ‘बस्तर ओलंपिक’ रही। दरअसल, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित संभाग में बस्तर ओलंपिक की शुरुआत हुई। इसकी खास बात यह रही कि शहरों और गांवों के खिलाड़ियों के साथ ही सरेंडर नक्सली भी बस्तर ओलंपिक में हिस्सा लिए। बस्तर ओलंपिक की शुरुआत नवंबर के महीने में हुई थी। वहीं इसके समापन समारोह में खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर पहुंचे थे।
गौरतलब है कि बस्तर ओलंपिक में पुरुष खिलाड़ियों की संख्या 1252 और महिला खिलाड़ियों की संख्या 1170 थी। वहीं सरेंडर नक्सली खिलाड़ी 318 और नक्सल हिंसा से ग्रसित 18 खिलाड़ी इस ओलंपिक में हिस्सा लिए। खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए बस्तर ओलंपिक में इस बार रिकॉर्ड 1 लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।
बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ – पीएम
दिसंबर में ‘मन की बात’ के 117वें संबोधन में पीएम मोदी ने बस्तर ओलंपिक का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि मेरे लिए यह बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। आपको भी यह जानकर अच्छा लगेगा कि यह उस क्षेत्र में हो रहा है, जो कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। पीएम ने कहा, पहली ही बार में बस्तर ओलंपिक में 7 जिलों के 1 लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है। यह हमारे युवाओं के संकल्प की गौरव-गाथा है।
रायपुर। सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी आई है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में 33 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर खाद्य और औषधि प्रशासन के अधीन विभिन्न परीक्षण प्रयोगशालाओं में इन 33 पदों पर भर्ती का निर्णय लिया गया है. इन पदों के लिए वित्त विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है. इनमें औषधि परीक्षण प्रयोगशाला के लिए 16 और खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के लिए 17 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है.
खाद्य एवं औषधि सुरक्षा से जुड़े कार्यों में प्रभावी निगरानी और परीक्षण के लिए सक्षम कर्मचारियों की आवश्यकता को देखते हुए वित्त विभाग ने भर्ती के लिए स्वीकृति दी है. इन रिक्त पदों को भरने से प्रयोगशाला के काम-काज में तेजी आएगी. वहीं नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री और औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेंगी.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के पगुराबहार गांव में आयोजित 9 वें सशस्त्र सेना वयोवृद्ध दिवस पर सेना के वीर जवानों के साहस और बलिदान को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपनी वीरता का प्रदर्शन कर राष्ट्रपति द्वारा सेना मेडल से सम्मानित भागलपुर निवासी 81 वर्षीय अरुण कुमार का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंटकर उनके अदम्य साहस की सराहना की। अरुण कुमार ने अपने युद्ध के अनुभव साझा कर देशसेवा के गौरवशाली क्षणों को याद किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले के तीन शहीद सेनानियों के परिवारों को सम्मानित किया। इनमें शहीद सिपाही शिमोन केरकेट्टा, शहीद राजेश बारा और शहीद अशोक राम भगत के परिजन शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इन परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। शहीद हवलदार शिमोन केरकेट्टा की पत्नी तेरेसा केरकेट्टा को चलने में हो रही कठिनाई को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें व्हीलचेयर प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने शहीद सिपाही शिमोन केरकेट्टा के अदम्य साहस को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 1966 में मिजोरम में देश के दुश्मनों से लड़ते हुए प्राणों की आहुति दी। वहीं शहीद राजेश बारा ने 2002 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। शहीद अशोक राम भगत ने 2020 में सिक्किम के ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहादत दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वीर सपूतों के बलिदान और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने भारतीय सशस्त्र सेनाओं के पहले कमांडर इन चीफ फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा के योगदान को याद करते हुए कहा कि सशस्त्र सेना वयोवृद्ध दिवस हमारे जवानों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है। यह दिन शांति और स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष और बलिदान को स्मरण करता है। कार्यक्रम में विधायक गोमती साय और जिला भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति के अधिकारी व सदस्यगण उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में राज्य के स्थानीय लोगों के लिए छत्तीसगढ़ पवेलियन तैयार है। मुख्यमंत्री ने अपनी दूरदर्शी सोच से प्रयागराज में राज्य के लोगों के लिए ठहरने और भोजन करने की निःशुल्क व्यवस्था की है।
कैसे पहुंचे छत्तीसगढ़ पवेलियन
छत्तीसगढ़ के जो भी श्रद्धालु महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाना चाहते हैं उनके लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन महाकुंभ मेला के सेक्टर 6 में स्थित है। यह ठीक बघाड़ा मेला के पास स्थित है जहां आने के लिए लक्ष्मी द्वार से प्रवेश करना है। यहां से निकटतम रेलवे स्टेशन प्रयाग है। सड़क अथवा हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालु इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के रास्ते यमुना ब्रिज क्रॉस करके यहां पहुंच सकते हैं।
रायपुर। मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत माना नगर पंचायत में निर्माणाधीन जल प्रदाय योजना के काम में अब तेजी आएगी। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फील्ड पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल योजना के काम में तेजी लाने तथा गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर नगर निगम और माना नगर पंचायत के बीच पेयजल आपूर्ति में समन्वय के लिए रायपुर नगर निगम के आयुक्त को माना नगर पंचायत में पेयजल की उपलब्धता के लिए आवश्यक निर्देश दिए। विधायक मोतीलाल साहू, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा भी कार्यों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज माना नगर पंचायत में पुष्प वाटिका गार्डन में निर्माणाधीन पानी टंकी के कार्यों के निरीक्षण के दौरान पेयजल वितरण लाइन के लिए लोक निर्माण विभाग की लगभग नौ किमी की लंबाई की सड़कों को लेकर विभाग और नगर पंचायत के बीच समन्वय की कमी को भी दूर किया। उन्होंने कार्यस्थल पर ही नगरीय निकाय और लोक निर्माण विभाग के बीच जल प्रदाय परियोजनाओं में समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने और पाइपलाइन विस्तार का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। श्री साव ने सीएसपीटीसीएल से संबंधित प्रकरणों के निराकरण के लिए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर तत्काल परियोजना में आ रही भूमि संबंधी दिक्कतों के समाधान के निर्देश दिए।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत माना नगर पंचायत में पेयजल योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत माना नगर पंचायत के करीब चार हजार घरों में नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। 44 करोड़ 38 लाख रुपए लागत की इस योजना का अब तक 30 प्रतिशत से अधिक काम पूरा कर लिया गया है। सितम्बर-2025 तक इसका काम पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
माना नगर पंचायत कार्यालय में निर्माणाधीन 840 किलोलीटर और पुष्प वाटिका गार्डन में निर्माणाधीन 650 किलोलीटर क्षमता की दो ओवरहेड पानी टंकियों के माध्यम से माना शहर में जलापूर्ति की जाएगी। दोनों टंकियों का काम क्रमशः 85 प्रतिशत और 75 प्रतिशत पूरा हो गया है। जलापूर्ति के लिए नगर पंचायत में करीब 66 किमी का डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाया जाएगा। इसमें से अब तक 34 किमी से अधिक पाइपलाइन बिछाया जा चुका है।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता में आदिवासी समाज का उत्थान शामिल है। उन्होंने देश के सर्वाेच्च पद राष्ट्रपति के लिए आदिवासी महिला को अवसर दिया। आज देश की राष्ट्रपति एक आदिवासी है, छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री एक आदिवासी है, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच का ही परिणाम है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारी सरकार का ध्येय वाक्य है। इसके माध्यम से हम विजन-2047 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने में आप सबके सहयोग से सफल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के पमशाला में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार है। इससे लोगों को राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की योजनाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है। हमने पिछले एक साल में मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को पूरा कर दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी समुदाय के समग्र विकास और उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पीएम जनमन, धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। उन्होंने इन योजनाओं में आदिवासियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण आहार, रोजगार और मकान से लेकर हर जरूरत का ध्यान रखा है। छत्तीसगढ़ सरकार इन योजनाओं में तेजी से आदिवासी समुदाय को लाभान्वित कर रही है। हमारी सरकार आदिवासी समुदाय के साथ ही सभी वर्गों के जीवन में खुशहाली लाने और उनके उत्थान के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फरसाबहार में स्नेक पार्क और तपकरा को तहसील बनाने और पमशाला के स्टेडियम के समतलीकरण के लिए 20 लाख रूपए की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने 87 करोड़ 31 लाख 98 हजार रूपए लागत् के 507 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 85.08 करोड़ रूपए की लागत के 483 कार्यों का भूमिपूजन एवं 2.23 करोड़ की लागत से निर्मित 24 कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने शपथ-ग्रहण के दूसरे ही दिन कैबिनेट की पहली बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना से प्रदेश के 18 लाख परिवारों को लाभान्वित करने तत्काल निर्णय ले लिया था। हमने तेंदूपत्ता संग्रहण दर को चार हजार रूपये से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए प्रति मानक बोरा कर दिया है। इससे वनवासी भाईयों के जीवन स्तर में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश में धान की खरीदी कर रहे हैं। हम किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान तत्काल कर रहे हैं। धान खरीदी समाप्त होते ही अंतर की राशि भी उनके बैंक खातों में जमा करा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में कहा कि आदिवासी कंवर समाज तेजी से विकास पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि जो समाज अपनी दिशा और दशा पर लगातार चिंतन करता है, आपस में विचार-विमर्श करता है, कुरीतियों को दूर करता है, विकास के अवरोधों को चिन्हित करते हुए उन्हें दूर करने का जतन करता है, उस समाज को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर अपनी उपलब्धियों को साझा करने और एक दूसरे के अनुभवों से सीखने और एक दूसरे को प्रेरित करने का भी अवसर है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की गोमती साय ने कंवर समाज को विकास कार्यों के लिए 20 लाख रूपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी महेश्वर साय द्वारा लिखित पुस्तक ‘कंवर जनजाति के सामाजिक एवं आर्थिक विकास’ तथा ‘बदलता अबूझमाड़ एवं अन्य कहानियां’ का विमोचन किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद नंदकुमार साय, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, कंवर समाज के अध्यक्ष भरत साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कोंडागांव। निकाय चुनाव और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण में कटौती के खिलाफ पिछड़ा वर्ग समाज ने मोर्चा खोल दिया है. छ्त्तीसगढ़ सर्व पिछड़ा वर्ग समाज जिला कोंडागांव ने आज शीतला माता मंदिर में बैठक आहूत की, जिसमें पिछड़ा वर्ग समाज अंतर्गत आने वाले सभी समाज प्रमुख शामिल हुए. सभी समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में न जाकर सांकेतिक विरोध की सराहना की. बैठक में 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर 17 जनवरी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, मंत्री केदार कश्यप और बस्तर सांसद के निवास का घेराव करने का निर्णय लिया. बैठक के बाद सभी सामाजिक लोगों ने शीतला मंदिर से जय स्तम्भ चौक पहुंचकर आरक्षण रोस्टर की कॉपियां जलाई और साय सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
बैठक को संबोधित करते हुए संभाग के अध्यक्ष तरुण धाकड़ ने कहा, सीएम के कार्यक्रम से पिछड़ा वर्ग समाज की दूरी का नतीजा है कि सीएम ने अपने उद्बोधन में समाज का जिक्र तक नहीं किया. सीएम साहब ने प्रथम कोंडागांव आगमन में ओबीसी समाज का उल्लेख तक नहीं किया. हमारा समाज ऐसे ही संगठित होकर आगे भी सरकार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा. उन्होंने कहा, 17 जनवरी को पिछड़ा वर्ग समाज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, मंत्री केदार कश्यप और बस्तर सांसद के निवास का घेराव करेगा. संगठन की मजबूती एवं आरक्षण में हुई कटौती के विरोध में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और वन मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप के निवास का घेराव कर 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की जाएगी.
सड़क से न्यायालय तक लड़ेंगे लड़ाई : संभाग अध्यक्ष
मीडिया से बातचीत में संभाग अध्यक्ष तरुण धाकड़ ने कहा, हमारी लड़ाई आरक्षण को लेकर है. जब तक हमें 27 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलता हमारी लड़ाई जारी रहेगी. अभी तो सिर्फ सांसद, मंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष निवास घेराव कर रहे हैं. मांग जल्द पूरी नहीं होने पर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी. अब मेल मुलाकात का समय गया, सिर्फ सड़क और न्यायालय की लड़ाई लड़ेंगे.
बैठक एवं आरक्षण रोस्टर जलाए जाने के दौरान संभाग अध्यक्ष तरुण धाकड़, जिलाध्यक्ष रितेश पटेल, महामंत्री रैमल दीवान, कोषाध्यक्ष आईसी निषाद, उपाध्यक्ष मनोज सेठिया, संरक्षक नीलकंठ शार्दुल, बिरस साहू, नरेन्द्र देवांगन, अमित गुप्ता, मनोज सेठिया, सुरेश देवांगन, लक्ष्मण पांडे, आनंद पवार, पूरन सिंह पटेल, कृष्णा मानिकपुरी, शंकर विश्वकर्मा सहित भारी संख्या में सामाजिक लोग मौजूद रहे.
बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने आज रेलवे सेंट्रल हॉस्पिटल, बिलासपुर का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं का जायजा लिया.
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने हाई डिफिशिएंसी वार्ड, आईसीयू, जनरल वार्ड, और मरीजों के लिए खाना बनाने वाले किचन का निरीक्षण किया. साथ ही, उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों का भी अवलोकन किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों व उनके परिजनों से भी संवाद कर उनका हालचाल जाना. महाप्रबंधक ने अस्पताल में साफ-सफाई और मरीजों के लिए बनाई गई सुविधाओं का अवलोकन कर अस्पताल स्टाफ को बेहतर सेवाएं प्रदान करने और मरीजों की हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
इस अवसर पर तरुण प्रकाश ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्रदान करना रेलवे की प्राथमिकता है. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर बल दिया. निरीक्षण के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी एवं अस्पताल के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे.
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर नगर पंचायत पहुंचकर मिशन अमृत 2.0 के तहत निर्माणाधीन जल प्रदाय योजना के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सरगी नाला एनीकट पर प्रगतिरत इंटेकवेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का जायजा लेकर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने दर्रीपार रोड किनारे निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर निर्माणाधीन पंप हाउस, फिल्टर टैंक, रिजर्वायर टैंक इत्यादि का बारिकी से निरीक्षण किया। राजिम के विधायक रोहित साहू, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और गरियाबंद के कलेक्टर दीपक अग्रवाल भी निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्यो तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों की सुविधा और मजबूती को ध्यान में रखते हुए अच्छी सामग्रियों का उपयोग करने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ मैदानी अधिकारियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए। श्री साव ने सभी कार्यों में तेजी लाते हुए निर्माण एजेंसी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी और उप अभियंता को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने आगामी ग्रीष्म ऋतु के पहले योजना का काम खत्म कर जल प्रदाय शुरू करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव के निरीक्षण के दौरान राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक लोकेश्वर साहू, अधीक्षण अभियंता रमेश सिंह और फिंगेश्वर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी चंदन मानकर सहित नगरीय प्रशासन विभाग और निर्माण एजेंसी के अधिकारी भी मौजूद थे।
मिशन अमृत से हर घर पहुंचेगा नल से जल, फिंगेश्वर की 13 हजार आबादी होगी लाभान्वित
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन इस जल प्रदाय योजना से फिंगेश्वर शहर के तीन हजार परिवारों तक नल से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। सरगी नाला एनीकट पर इंटेकवेल बनाकर पाइपलाइन से पानी तीन किमी दूर फिंगेश्वर शहर लाया जाएगा। फिंगेश्वर के दर्रीपार में बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में उच्च तकनीक एवं निर्धारित मापदण्डों के अनुसार जल का शुद्धिकरण कर घरों में आपूर्ति की जाएगी। शहर की करीब 13 हजार आबादी को इसका लाभ मिलेगा। अब तक योजना का 60 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। विभाग द्वारा इस साल जून तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
फिंगेश्वर नगर पंचायत में 37 करोड़ आठ लाख रुपए की लागत से यह जल प्रदाय योजना विकसित की जा रही है। योजना का काम पूर्ण होने के बाद पांच वर्ष तक संचालन एवं मरम्मत का कार्य भी संबंधित फर्म द्वारा किया जाएगा। योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन 4.69 एमएलडी क्षमता के इंटेकवेल का 86 प्रतिशत और तीन एमएलडी क्षमता के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का 57 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। इन दोनों कार्यों के साथ ही पाइपलाइन बिछाने और नल कनेक्शन प्रदान करने का काम भी जारी है। योजना के तहत 3.8 किमी रॉ-वॉटर पाइपलाइन, 3.7 किमी क्लीयर-वॉटर पाइपलाइन, 48 किलोमीटर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और दो ओवरहेड पानी टंकिया भी निर्मित की जा रही हैं। स्कॉडा सिस्टम के माध्यम से संपूर्ण जल प्रदाय योजना की तकनीकी मॉनिटरिंग की जाएगी।
रायपुर। प्रसिद्ध वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र की तरफ से विगत 33 वर्षों से हर साल दीपावली और होली त्यौहारों के समय निःशुल्क नेत्र शिविर के आयोजन को अद्वितीय जनसेवा कार्य मानते हुए उनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है. छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस रिकॉर्ड के लिए डॉ. दिनेश मिश्र को संस्था द्वारा जारी पदक व प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. इस अवसर पर संस्था की छत्तीसगढ़ हेड श्रीमती सोनल राजेश शर्मा तथा विधानसभा अध्यक्ष के सचिव श्री विक्रम सिसोदिया सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे.
इस अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि डॉ. दिनेश मिश्र द्वारा काफी लंबे समय से समाजसेवा का कार्य किया जा रहा है. निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविरों के अलावा अंधविश्वास उन्मूलन और टोनही प्रताड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए उनके द्वारा बहुत सराहनीय कार्य किए गए हैं. संस्था की छत्तीसगढ़ प्रमुख श्रीमती शर्मा ने कहा कि डॉ. दिनेश मिश्र ने पिछले 33 वर्षों में हर वर्ष दीपावली व होली में निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित किए. यह 66 शिविर एक तरह से बहुत ही आवश्यकता और आपातकालीन परिस्थितियों में किए गए जब बड़े-बड़े त्यौहारों के कारण चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं होती है. ऐसी स्थिति में मरीज और उनके रिश्तेदार दुर्घटनाग्रस्त हालत में भटकते हैं. डॉ. मिश्र ने अपनी गुणवत्तापूर्ण सेवाओं से विश्वसनीय मदद प्रदान करते हुए मानवता की बड़ी सेवा की है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने डॉ. दिनेश मिश्र को पदक, प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया एवं उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी.
डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1991 में यह सेवा शुरू की थी. उन्होंने देखा था कि त्यौहारों की खुशियों को गम में बदलने से बहुत ही निराशा का माहौल बनता है. ऐसे में शहर के बीच ऐसे निःशुल्क शिविर लगाने की जरूरत थी जहां आपात स्थिति के नाम पर बेहद जरूरतमंद और आपात स्थिति में पहुंचे मरीजों के साथ किसी भी तरह की उपेक्षा या धोखाधड़ी न हो. निःशुल्क शिविर करने से मरीजों को इस बात का भी विश्वास हुआ कि दुर्घटना के नाम से उनसे किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा. इन शिविरों की चर्चा प्रदेश के दूर-दूर के जिलों और गांवों में पहुंची और लोग लंबी-लंबी दूरी तय कर राहत के लिए पहुंचने लगे. दिवाली में पटाखें हो या होली में रंग के कारण दुर्घटनाएं, दोनों परिस्थितियों में मरीजों के नेत्रहीन होने का खतरा रहता है इसलिए उन्हें तुरंत उपचार देना जरूरी होता है.
बता दें, डॉ. मिश्र द्वारा इन शिविरों के लिए कभी भी, किसी व्यक्ति या संस्था से कोई भी आर्थिक मदद नहीं ली गई. जिसमें निशुल्क, परीक्षण, उपचार, दवाईयां, यहां तक ऑपरेशन भी किया गया है. 4 हजार से अधिक घायल मरीजों का इलाज हुआ है. अपने सेवा कार्यों के लिए डॉ. मिश्र को प्रदेश शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण रविशंकर शुक्ल सम्मान 2006, एवं राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय अवॉर्ड 2008, महिला आयोग 2007 द्वारा सम्मानित किया जा चुका है. उन्हें रेड एंड व्हाइट ब्रेवरी गोल्ड अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुका है. समय-समय पर विभिन्न मीडिया हाउस व अन्य समाजसेवी संस्थाओं द्वारा भी सम्मानित किया गया है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और यहां का गौरवशाली इतिहास हर किसी को प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और मोदी की गारंटी के साथ तेजी से आगे बढ़ रहे छत्तीसगढ़ को जानने के लिए देश में हर कोई बेताब रहता है। इसकी बड़ी झलक प्रयागराज महाकुम्भ के दौरान छत्तीसगढ़ पैवेलियन में देखने को मिल रही है।
प्रयागराज के सेक्टर 6 महाकुम्भ में लक्ष्मीद्वार के पास भारत सरकार के कलाग्राम के सामने छत्तीसगढ़ पैवेलियन स्थित है। इसके प्रवेश द्वार को छत्तीसगढ़ की पहचान गौर मुकुट का रूप दिया गया है जो दूर से ही श्रद्धालुओं को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। प्रवेश द्वार पर ही भारत के नियाग्रा कहे जाने वाले बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात की तस्वीर लगी है। पैवेलियन के भीतर प्रवेश करते ही छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित की गयी है और प्रवेश द्वार के दाहिनी तरफ राज्य की चार ईष्ट देवियां मां महामाया, मां चंद्रहासिनी, मां दंतेश्वरी और मां बम्लेश्वरी की फोटो और उनकी जानकारी दी गयी है।
पैवेलियन के भीतर प्रवेश करते ही बांयी तरफ छत्तीसगढ़ के जीवंत ग्रामीण परिवेश को दिखाया गया है। यहां पर परंपरागत ग्रामीण जीवन के साथ ही आदिवासी कला, संस्कृति, आभूषण, वस्त्र समेत एक संपूर्ण गांव का चित्रण किया गया है।
छत्तीसगढ़ के प्रदर्शनी में प्रवेश करने के पहले बस्तर के ढोकरा शिल्प और राजकीय पशु तथा पक्षी को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ शासन की फ्लैगशिप योजनाओं विशेषतर मोर आवास मोर अधिकार, 3100 रूपए प्रति क्विंटल धान खरीदी योजना की जानकारी दर्शायी गयी है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक विरासत के रूप में सिरपुर और जैतखाम की प्रतिकृति को निर्मित किया गया है।
स्थानीय लोग और देश भर से आए श्रद्धालु छत्तीसगढ़ को ज्यादा से ज्यादा करीब से जान पाएं, इसके लिए वर्चुअल रियेलिटी हेडसेट और डोम के भीतर 180 डिग्री वीडियो के माध्यम से शासन की योजनाओं और छत्तीसगढ़ राज्य की जानकारी साझा की जा रही है। इन तकनीकों के जरिए छत्तीसगढ़ को जानने के लिए स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह है और लोग लंबी लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए नजर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की संकल्पना पर काम कर रहे हैं और ये संकल्पना धीरे धीरे मूर्त रूप ले रही है। जिस तरह से छत्तीसगढ़ को जानने और समझने की इच्छा रखने वाले यहां आ रहे हैं उससे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की सार्थकता झलक रही है। इसे देखकर कहा जा सकता है मानो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मानो एक छोटा सा छत्तीसगढ़ ही बसा हुआ है।
बीजापुर। जिले के गंगालूर तहसील में बीते दिन एक निर्माणधीन मकान पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया. इससे नाराज ग्रामीणों ने आज गंगालूर से बीजापुर के बीच सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया. करीब 4 घंटे तक नाराज ग्रामीणों ने चक्काजाम कर शासन और प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए. इस दौरान गंगालूर से बीजापुर आने वाले सारे यात्री और बाजार हाट वाले परेशान होते रहे. बीजापुर भाजपा के नेता भी ग्रामीणों के साथ सड़क पर बैठ प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए. इस बीच गंगालूर तहसीलदार,पटवारी और पुलिस प्रशासन के लोग धरना स्थल पहुंचे और पीड़ित परिवार को दो दिनों का आश्वासन देकर प्रदर्शन का समाप्त कराया.
पीड़ित सोमलू हेमला ने बताया कि इस जमीन में मेरे पूर्वज घर बनाए थे. घर बरसात में कमजोर होकर गिरने पर उस जगह पर मैं एक-एक पाई पैसा जोड़कर नया घर बना रहा था. इसके लिए ग्राम सभा की बैठक में सभी की सहमति से ही मैं उस घर को बना रहा था, परंतु प्रशासन ने मुझे किसी भी प्रकार से बिना जानकारी के मेरे घर पर बुलडोजर चलवा दिया, जिससे मैं और मेरा परिवार बहुत आहत हैं. प्रशासन अगर दो दिन बाद न्याय नहीं करेगा तो बीजापुर जिले में ग्रामीणों के साथ धरना प्रदर्शन करेंगे.
न्याय नहीं मिलने पर बीजापुर में देंगे धरना
स्थानीय सरपंच कमलू राजू ने कहा कि पीड़ित परिवार ने 2 अक्टूबर 2024 को स्थानीय ग्राम सभा में आवेदन किया था, उसको मैं पांच गांवों की सहमति पर साइन करने दिया था. तहसीलदार गंगालूर को भी आवेदन दिया था, लेकिन तहसीलदार और पटवारी ने किसी का सुने बिना अपने तरीके से बुलडोजर लाकर चलवा दिया, जिसके लिए हमें आज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ा. दो दिन प्रशासन ने समय मांगा है. अगर दो दिन बाद पीड़ित परिवार को मुआवजा और न्याय नहीं मिला तो हम जिला मुख्यालय में धरने पर बैठने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी. इस मामले में तहसीलदार लोकेश ठाकुर को मोबाइल पर संपर्क करने पर उन्होंने फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा.