रायपुर। छत्तीसगढ़ में ओबीसी आरक्षण को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने ओबीसी सर्वे में गड़बड़ी का संदेह जताते हुए कहा कि सर्वे में ओबीसी की आबादी कम बताई गई है. सरगुजा में ओबीसी सर्वे में अनारक्षित वर्ग के लोगों ने अपना नाम जुड़वाया है. ऐसे में कई इलाकों में ओबीसी का प्रतिनिधित्व नहीं होगा. वहीं निकाय चुनाव को लेकर भाजपा नेता अजय चंद्राकर के बयान पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को यदि इनडायरेक्ट चुना जा सकता है तो निकायों में क्यों नहीं?
सिंहदेव ने कहा है कि हॉर्स ट्रेडिंग नीचे हो सकता है, लेकिन ऊपर नहीं, ये कैसा तर्क है. इसमें वन नेशन वन प्रक्रिया क्यों नहीं करते. दशकों से हम देखते आ रहे हैं कि प्रणाली बदलती रही है. आजकल ऑपरेशन लोटस चलन में है. नियम कानून आए, लेकिन रुक नहीं रहा है. सभी असफल रहा. जीतने कड़े कानून बना सके बनाना चाहिए. यदि कोई दल बदलता है तो आगे कुछ समय तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा देना चाहिए.
एकलव्य विद्यालय मामले में केदार कश्यप के बयान को बताया शर्मनाक
नारायणपुर के एकलव्य विद्यालय के वायरल वीडियो को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने शर्मनाक बताया है. वन मंत्री केदार कश्यप के वीडियो बनाने वाले पर कार्रवाई करने के बयान पर सिंहदेव ने कहा, यदि व्यवस्था ऐसी है तो अमानवीय है. इसे एक्सेप्ट करना चाहिए और सुधार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.
‘शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में नहीं हुई कोई प्रगति’
बीजेपी के जनादेश दिवस को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह ने कहा है कि काम नहीं के बराबर हुआ है. एक महतारी योजना ही लागू किया. बिजली से लोग परेशान हैं. शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई प्रगति नजर नहीं आ रहा है. कई क्षेत्रों में स्थिति और खराब हुई है.
सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक के टिटहीपाली प्राथमिक शाला में आज शिक्षक की कमी को लेकर विद्यार्थियों और उनके पालकों ने विरोध प्रदर्शन किया है. स्कूल के विद्यार्थियों और पालकों ने मिलकर स्कूल में ताला जड़ दिया और बाहर बैठ कर बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इस मामले की जानकारी मिलने पर ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर ने तुरंत संज्ञान लिया और एक शिक्षक की व्यवस्था की गई, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया.
गरियाबंद। फिंगेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा विशेषज्ञों ने लामबंद होकर खंड चिकित्सा आधिकारी (BMO) डॉ. वीरेंद्र हेरोदिया की मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. डॉक्टरों ने कहा है कि जिम्मेदार अधिकारी द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसकी शिकायत जिला चिकित्सा अधिकारी गरियाबंद और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से भी की गई थी.
शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज चिकित्सा अधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है. वहीं इस संबंध में डॉक्टरों ने आज राजिम विधायक रोहित साहू से मुलाकात कर अपनी समस्या से अवगत कराया और लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
रायपुर। पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर के दिल्ली दौरे से छत्तीसगढ़ के सियासत में उबाल आ गया. विधायक चंद्राकर ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन गडकरी सहित कई बड़े नेताओं से मुलाकात भी की है. चर्चा है की मंत्री के दो खाली पड़े पद में एक नाम अजय चंद्राकर का भी हो सकता है.
विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मंत्री बनना, नहीं बनना कब बनना और कैसे बनना है. यह विशुद्ध रूप से मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. इस बारे में मुझे ना कुछ बोलना है. ना ही कुछ कहना है. खाली विभाग जो है. वे विभाग मुख्यमंत्री के पास हैं.
क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गए थे दिल्ली
दिल्ली दौरे को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि हम निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गए थे. कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर जा सकते हैं, जो केंद्र सरकार से संबंधित है. मैंने अपने सांसद से लेकर छत्तीसगढ़ के मंत्री तोखन साहू के साथ में क्षेत्र की जो समस्याएं थी, केंद्र सरकार के समक्ष उसके बारे में ही चर्चा हुई.
धान खरीदी को लेकर विधायक का बयान:
कांग्रेस के धान खरीदी केंद्रों को लेकर प्रेस वार्ता को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा- कोई गंभीर बात वो नहीं बता सके हैं. सुचारू रूप से काम चल रहा है. वहीं धान खरीदी कम होने को लेकर कहा, धान की कटाई पूरी तरह हुई नहीं है. समय बढ़ाने के आवश्यकता नहीं पड़ेगी. निर्धारित समय में पूरी खरीदी हो जाएगी.
नगरीय निकायों में विकास को लेकर कांग्रेस पर पलटवार
बीजेपी की सरकार बनने के बाद निकायों में विकास नहीं होने के बयान पर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विकास जिसका होना है, उसका तो पूरा विकास हो गया. रायपुर में कितने तालाबो का सौंदर्यीकरण हुआ है देखिए. ये कांग्रेस का विकास है रायपुर में.
बढ़ते अपराध और धान को लेकर कांग्रेस के आंदोलन पर दिया बयान
अपराध और धान को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है. इस सवाल पर विधायक चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस हमलावर रहेगी. एक प्रेस वार्ता लेकर एक बार क्रोध में उन्होंने आंदोलन किया. टोल नाका के लिए टोल नाका में 15 से 20 कांग्रेसी थे, कुछ पुलिस वाले थे. पहले जन समर्थन लेना चाहिए, उसके बाद करें. केवल समाचार पत्रों में, मीडिया भर में वे आंदोलित हैं. जमीन में कहीं कांग्रेस की उपस्थिति नहीं है.
कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेता चरण दास महंत
विधायक अजय चंद्राकर ने आगे कहा कि कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेता हैं, चरण दास महंत. उनके अनुभव का ही कांग्रेस उपयोग करती, तो यह गति नहीं होती. जिस गति में आज कांग्रेस है.
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में इन दिनों समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का दौर जारी है. ऐसे में गरियाबंद जिला सबसे बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है. गरियाबंद में अब तक 21351 किसानों से 234 करोड़ की धान खरीदी की जा चुकी है. वहीं धान विक्रय करने वाले 94 फीसदी किसानों ने ऑनलाइन टोकन की सुविधा का लाभ उठाया है.
अन्नदाता के सहूलियत में कोई कमी नहीं रहेगी बाकी : कलेक्टर
गरियाबंद जिले के 90 धान खरीदी केंद्र में से 50 का बफर लिमिट महज 13 दिन की खरीदी में पार हो गया है. खरीदी लिमिट ओवर होने से भले केंद्रों को रख रखाव के लिए मशक्कत उठानी पड़ रही है, पर यह एक सुखद खबर है कि प्रदेश भर में गरियाबंद जिला खरीदी में अव्वल स्थान पर है.
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक 21351 किसानो के 28236 हेक्टेयर में 101740 मिट्रिक टन धान की खरीदी हुई है जो कुल पंजीयन के 25.43 फीसदी है. गरियाबंद के किसान अब तक 234 करोड़ के धान बेच चुके हैं. भुगतान की प्रकिया भी संतोष जनक बताई जा रही है.
खरीदी को लेकर कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने कहा कि शुरू से ही हमने किसानों के सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लगातार नोडल, खरीदी प्रभारियों की बैठक लिया गया. खरीदी में हर उस कमजोर कड़ी को हटाने की कोशिश की गई, जिससे पहले खरीदी प्रभावित हो रही थी. हमारी टीम सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में पूरी तल्लीनता से लगी हुई है.
मिलर्स के हड़ताल खत्म, उठाव में आयेगी तेजी
अपनी मांगो को लेकर प्रदेश भर के मिलर्स हड़ताल पर थे, जिसके चलते उठाव की समस्या हो रही थी. हालांकि जिला प्रशासन ने सरकारी संग्रहण केंद्र के लिए उठाव शुरू कर दिया था. डीएमओ मार्कफेड अमित चंद्राकर ने बताया कि जिले में 59 मिलर्स हैं, जिसमें से 11 ने पंजीयन के लिए आवेदन किया है. उन्होंने कहा कि मिले निर्देश के मुताबिक जिन मिलरों ने पिछले साल के एफसीआई मिलिंग या समायोजन 80 फीसदी कर दिया है उन्हें ही नए सीजन में मिलिंग हेतु पंजीयन किया जाना है.
जानिए वर्ग वार लाभान्वित कृषकों का प्रतिशत (रकबा अनुसार):
राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ सभी वर्ग के किसानों तक पहुंच रहा है। अब तक योजना के तहत अलग-अलग रकबे के किसानों को इस प्रकार से लाभान्वित किया गया है:
ढाई एकड़ से कम रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक
ढाई से पांच एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक
पांच एकड़ से 10 एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक
मुंगेली। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष, मनियारी, मुंगेली में जनसुनवाई की. उनके साथ सदस्य सरला कोसरिया और लक्ष्मी वर्मा भी मौजूद रहीं. जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न से संबंधित 11 मामलों पर सुनवाई की गई.
बता दें, डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में राज्य स्तर पर यह 292वीं और मुंगेली जिले में चौथी जनसुनवाई थी. सुनवाई के दौरान कुछ मामलों को नस्तीबद्ध किया गया, तो कुछ मामलों में आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
इन मामलों में हुई सुनवाई
(1) बकाया राशि की वसूली के लिए निर्देश:
एक मामले में आवेदिका ने अनावेदक पर बकाया राशि का दावा किया. पिछले सुनवाई में अनावेदक ने वॉयस रिकॉर्डिंग में अपनी आवाज होने की बात स्वीकार की थी. आयोग ने आवेदिका को अपने दस्तावेजों के आधार पर दीवानी न्यायालय में मामला दर्ज करने का सुझाव देते हुए प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया.
(2) सुसाइड नोट मामले में एसपी दुर्ग से मांगी गई रिपोर्ट:
एक अन्य मामले में आवेदिका ने बताया कि उसके पति सौरभ सोनी ने आत्महत्या कर ली थी. उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में अनावेदिका को जिम्मेदार ठहराया गया था. आयोग ने इस मामले में जीआरपी थाना दुर्ग से अब तक हुई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट एक माह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा. रायपुर में इस प्रकरण की सुनवाई की जाएगी.
(3) जमीन और संपत्ति विवाद सुलझा:
एक मामले में आवेदिका और अनावेदक (ससुर) के बीच संपत्ति विवाद को सहमति से सुलझा लिया गया. आवेदिका को खेती की जमीन में 1/4 हिस्सा और लोरमी स्थित मकान में हिस्सेदारी देने पर दोनों पक्ष सहमत हुए. मामला नस्तीबद्ध किया गया.
वन विभाग के मामले में होगी जांच
एक प्रकरण में आवेदिका ने वन विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. आयोग ने इस मामले में डीएफओ मुंगेली को पत्र भेजकर जांच कराने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. रिपोर्ट मिलने के बाद अगली सुनवाई रायपुर में होगी.
अनुपस्थित आवेदिका के मामले नस्तीबद्ध
एक अन्य मामले में आवेदिका की लगातार अनुपस्थिति के कारण प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया गया.
महिला आयोग ने जनसुनवाई में आए मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने उम्मीद जताई है कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सामने आएंगी और उनके लिए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा.
रायपुर। विष्णुदेव साय सरकार ने एक और योजना का नाम बदल दिया है। कांग्रेस सरकार में तीरथ बरत योजना के नाम से चल रही योजना अब मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के नाम से चलेगी। इस संबंध में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
बता दें कि डॉ. रमन सिंह की सरकार में 2012 में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना शुरू की गई थी। कांग्रेस सरकार ने इसका नाम बदलकर तीरथ बरत योजना कर दिया था।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर में स्वास्थ्य को लेकर फैली अवस्थाओं पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर लगातार सुनवाई चल रही है. मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश अमितेंद्र किशोर प्रसाद की युगलपीठ में सुनवाई के दौरान पिछले 15 नवंबर 2024 को दिए अपने आदेश के परिपालन के बारे में जानकारी ली.
जिसपर प्रतिवादी राज्य की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा कि सिम्स अस्पताल बिलासपुर में इसके समुचित संचालन और यहां आने वाले मरीजों को सभी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक नई टीम गठित की गई है. यह बताया गया है कि सोनोग्राफी मशीन, सिटी स्कैन आदि के संबंध में जो समाचार प्रकाशित हुआ था, वह हलफनामे के पैराग्राफ 5 और 6 में किए गए कथनों से स्पष्ट किया, जिसमें कोर्ट ने संतुष्टि जताते हुए कहा कि प्रगति पर है.
इसके मद्देनजर, हम निर्देश देते हैं कि जिला मजिस्ट्रेट, बिलासपुर को सिम्स का दौरा नहीं करना चाहिए. यदि आवश्यक हो तो इस न्यायालय द्वारा निर्देश दिए जाने तक स्थिति का और अधिक आकलन किया जाएगा. मुख्य न्यायाधीश ने कहा बिलासपुर में गठित नई टीम को इसका ध्यान रखना होगा और डीन, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान, बिलासपुर में आने वाले मरीजों को सभी बुनियादी सुविधाएं और परीक्षण प्रदान करके सिम्स के कामकाज के संबंध में अपना व्यक्तिगत हलफनामा दायर करना होगा. इस मामले को लेकर अगली सुनवाई 10 जनवरी 2025 को फिर से सूचीबद्ध की गई है.
बीजापुर। सोमवार को जिला पंचायत के सभागार में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास योजना अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक के बाद जिला सीईओ ने शासन की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत स्वीकृत व्यक्तिगत शौचालय, सामुदायिक शौचालय, सामुदायिक सोकपीट निर्माण कार्य में देरी करने वाले 10 ग्राम पंचायत के सचिवों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। संबंधित निर्माण कार्यों के लिए ग्राम पंचायत कार्य एजेंसी है।
इन 10 पंचायतों के सचिव को नोटिस
बता दें कि जिन 10 ग्राम पंचायतों में राशि जारी होने के बाद भी हितग्राही मूलक कार्यों को समय सीमा में पूर्ण नहीं किया गया है, उनमें केतुलनार, कोण्ड्रोजी, सण्ड्रापल्ली, बारेगुड़ा, दम्पाया, गुलापेंटा, मिनकापल्ली, कोत्तापल्ली, पेगड़ापल्ली, तमलापल्ली का नाम शामिल है। जिला सीईओ ने इन ग्राम पंचायतों के सचिवों को जारी नोटिस का 3 दिन के भीतर तथ्यात्मक कारण सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और निर्माण कार्य को समय सीमा में पूरे करने निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जवाब समाधानकारक नहीं पाए जाने या समय सीमा में प्राप्त नहीं होने की स्थिति में उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी है।
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एस.पी. ने अनुशासनहीनता को लेकर सख्त कार्रवाई करते हुए एक प्रधान आरक्षक और एक आरक्षक को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई ड्यूटी में अनुपस्थित पाए जाने और कर्तव्य पर लापरवाही बरतने के कारण की गई है.
बता दें, दोनों पुलिसकर्मी प्रेमनगर थाना में पदस्थ थे. रात्रि गश्त और रात्रि ड्यूटी पर तैनात नहीं रहने के कारण और बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने की शिकायत के बाद आक्समिक चैकिंग के दौरान एसएसपी प्रशांत ठाकुर ने यह कार्रवाई की है.
मुंगेली। मुंगेली नगर पालिका के सरदार पटेल वार्ड में उस वक्त कौतूहल का विषय बन गया और लोग हैरत में पड़ गए, जब जिले के कलेक्टर राहुल देव और पुलिस कप्तान भोजराम पटेल प्रशासनिक अमला के साथ डोर-टू-डोर लोगों के घरों में पहुंचकर समस्या जानने पहुंचे. कुछ वक्त तक तो लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था,फिर वार्डवासियों को बताया गया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की मंशा अनुरूप जिला प्रशासन के द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए “वार्ड चलो अभियान” की शुरुआत की गई. जिसके तहत आगर क्लब में नगरीय प्रशासन एवं जिला प्रशासन की टीम लोगों की समस्या सुनने और उसका यथासम्भव निराकरण करने के उद्देश्य से शिविर भी लगाया गया. साथ ही प्रशासनिक अमला के साथ खुद कलेक्टर -एसपी लोगों के घरों में पहुंचकर न सिर्फ समस्याओ से वाकिफ हुए बल्कि त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिये गए.
जानिए क्या है वार्ड चलो अभियान
जिला प्रशासन द्वारा नगर पालिका परिषद मुंगेली के आगर खेल परिसर से अभिनव पहल ‘‘वार्ड चलो अभियान’’ की शुरूआत की गई. इस दौरान कलेक्टर राहुल देव, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, प्रशासनिक अमला के साथ विभिन्न वार्डों में पहुंचे. उन्होंने रामगोपाल तिवारी वार्ड, सरदार पटेल वार्ड, सुभाष वार्ड, महामाई वार्ड, राजेंद्र वार्ड, गांधी वार्ड और विवेकानंद वार्ड में वार्डवासियों और व्यावसायियों से साफ-सफाई, पानी, बिजली सहित मूलभूत सुविधाओं के संबंध में चर्चा की.
आम लोगों से कलेक्टर-एसपी ने क्या कहा
कलेक्टर ने नागरिकों को अपने आसपास को साफ एवं सुरक्षित रखने प्रोत्साहित किया. उन्होंने नगर पालिका सीएमओ को प्रत्येक वार्डों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त करने के निर्देश दिए. साथ ही सरदार पटेल वार्ड में आकाश सोनी को तात्कालिक स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया. पुलिस अधीक्षक ने लोगों से आसपास में चोरी की घटना के संबंध में जानकारी ली और सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए जागरूक किया.
वार्डवासियों ने गिनाई ये समस्या
महामाई वार्ड में ललिता सोनी ने पानी एवं बिजली की समस्या बताई. जगतराम सोनी ने वृद्धा पेंशन योजना दिलाने की मांग की. इसके साथ ही वार्डवासियों ने अतिक्रमण के कारण गली सकरा होने और गाड़ी आने-जाने में होने वाली परेशानी से अवगत कराया. कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को टीम गठित कर सभी के सहयोग से अतिक्रमण को मुक्त कराने, वृद्धा पेंशन और पानी, बिजली की समस्या का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए.
क्या है मुख्यमंत्री की मंशा
कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव की मंशा है कि शहर स्वच्छ एवं सुरक्षित हो. इसके मद्देनजर हम विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई का निरीक्षण किया जा रहा है. नागरिकों की समस्याओं को सुनने के साथ उसके निराकरण के लिए प्रयास किया जा रहा है. इसका निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम आएगा. इस मुहिम के अंतर्गत सभी वार्डों में जाएंगे और नागरिकों को पानी, बिजली, सड़क सहित मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के साथ और पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना व विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करेंगे. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री की मंशा है कि नगरों में सीसीटीवी कैमरा लगे और वहां पर लोगों का जीवन सुरक्षित हो. सुरक्षा का भाव सिर्फ पुलिस विभाग से नहीं बल्कि जन सहयोग से संभव होगा, इसलिए पूरी टीम स्वच्छता को देखने के साथ-साथ सुरक्षा को भी देखने के लिए पहुंचे हैं. लोगों को सीसीटीवी टीवी कैमरा लगाने जागरूक किया जा रहा है. जनता से बातचीत करके यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि किसी को कोई शिकायत तो नहीं है. साथ ही लोगों से मिलकर उन्हें साइबर के बारे में भी जागरूक कर सके.
आगर क्लब में लगाया गया स्टॉल
कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर पालिका अध्यक्ष ने जिला प्रशासन मुंगेली की अभिनव पहल ‘वार्ड चलो अभियान’’ अंतर्गत आगर खेल परिसर में लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया. उन्होंने समाज कल्याण, उद्योग, चिप्स, पुलिस, राजस्व, नगर पालिका परिषद, जनसंपर्क, श्रम, अंत्यावसायी, अग्रणी बैंक और स्वास्थ्य विभाग के स्टॉलों किया और आमलोगों द्वारा मांगों एवं समस्याओं संबंधी प्राप्त आवेदनों और उसके निराकरण की जानकारी ली. इसके साथ ही आम लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए. प्रधानमंत्री आवास शहरी योजनांतर्गत 104 आवेदन प्राप्त हुए. इसी तरह अन्य विभागों में आम नागरिकों ने आवेदन सौंपे, जिनमें से कई आवेदनों का मौके पर निराकरण आमजनों को राहत पहुंचाई गई.
बिलासपुर। शराब घोटाला केस के आरोपी जेल में बंद पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को हाइकोर्ट से एक बार फिर झटका लगा है. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने टुटेजा की जमानत याचिका खारिज कर दी है.
बता दें, कि शराब घोटाला केस के सिलसिले में ED और IT ने टुटेजा के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई थी. लेकिन अप्रैल में ACB-EOW ने टुटेजा के खिलाफ एक नया मामला दर्ज करने के बाद नोटिस देकर पूछताछ के लिए उन्हें मुख्यालय में बुलाया था और फिर बाद में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. टुटेजा ने इसी मामले को लेकर जमानत याचिका दायर की थी. जिस पर सुनवाई के बाद अरविंद वर्मा की एकल पीठ ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व मृदा दिवस पर प्रदेशवासियों विशेषकर किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि विश्व मृदा दिवस एक ऐसा अवसर है जो पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने में मिट्टी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की उर्वर धरती की फसल उत्पादन और कृषकों की समृद्धि में बहुत बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ में मृदा जैसे अमूल्य संसाधन की रक्षा की सामूहिक ज़िम्मेदारी को हम सभी को याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सब साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि हमारी उर्वर धरती आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ और जीवंत बनी रहे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बस्तर ओलंपिक के समापन और पुलिस अवार्ड कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे गृह मंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की हालिया उपलब्धियों और बस्तर संभाग में चलाए जा रहे विकास कार्यों के सम्बन्ध में केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सरकार द्वारा सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार के लिए किए गए प्रयासों ने स्थानीय जनता का भरोसा जीता है, जिससे माओवादी प्रभाव कमजोर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों के कारण बस्तर क्षेत्र में नक्सल प्रभावित इलाकों में घटनाओं में तेजी से कमी आई है। सरकार के प्रयासों से बस्तर अब नक्सल मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा बल लगातार प्रभावी अभियान चला रहे हैं, और विकास कार्यों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त कर लिया जाएगा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 15,000 मकानों के निर्माण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को बस्तर ओलंपिक के महत्व और राज्य में इसके प्रभावों के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन युवाओं को खेलों के माध्यम से जोड़ते हुए शांति और विकास की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है। अब तक इस ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बस्तर ओलंपिक में हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी और वॉलीबॉल समेत 11 पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है, जो युवाओं को एकजुटता, सकारात्मकता और सामुदायिक भावना से जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की एक नई लहर का प्रतीक है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नए नए उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां मिनरल्स का विपुल भंडार है, अनुकूल औद्योगिक वातावरण है, साथ ही उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा कर राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30 तैयार की गई है। इस नवीन नीति में उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई औद्योगिक नीति के रूप में निवेशकों के लिए रेड कारपेट छत्तीसगढ़ में खुला है। निवेश की जटिलताएं अब छत्तीसगढ़ में नहीं रही। सिंगल विंडों सिस्टम ने सब कुछ बहुत सरल कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में नीति आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संयुक्त रूप से ‘‘छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के संबंध में हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम (स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप)’’ को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य दिया है। इसके लिए हमें विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना होगा। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। छत्तीसगढ़ के विकास हेतु विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक लोगों को रोजगार का अवसर प्रदान किया जाएगा।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक नीति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रेरणा लेकर किया गया है। नई नीति तैयार करने में उद्योगपतियों से सुझावों को शामिल किया गया है। इस नीति से प्रदेश में निवेश तो आएगा ही, नये उद्योगों की स्थापना होगी, साथ ही राज्य के लोगों को रोजगार मिलेगा।
नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार संजीत सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बन गया है। छत्तीसगढ़ के नवीन औद्योगिक नीति की हर तरफ प्रशंसा की जा रही है। इस नीति से प्रदेश में सस्टेनेबल औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। नई नीति में एमएसएमई उद्योगों को सशक्त बनाने का अच्छा प्रयास किया गया है। नये क्षेत्रों में निवेश के लिए इंसेन्टिव स्कीम तैयार की गई है। इस उद्योग नीति में रोजगार सृजन महत्वपूर्ण पहलू है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में राज्य के 27 बड़े औद्योगिक समूहों को नवीन पूंजी निवेश के प्रस्ताव के संबंध में 32 हजार 225 करोड़ रुपए के निवेश के लिए इंटेंट टू इन्वेस्ट लेटर प्रदान किए। इनमें राज्य के कोर सेक्टर के साथ ही नये निवेश क्षेत्रों जैसे आईटी, एआई, डाटा सेंटर, एथेनॉल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कम्प्रेस्ड बायो गैस जैसे क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। इनमें शिवालिक इंजीनियरिंग, मां दुर्गा आयरन एण्ड स्टील, एबीआरईएल ग्रीन एनर्जी, आरएजी फेरो एलायज, रिलायंस बायो एनर्जी, यश फैंस एण्ड एप्लायंसेस, शांति ग्रीन्स बायोफ्यूल, रेक बैंक डाटा सेंटर आदि सम्मिलित हैं।
मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन, निर्यात प्रोत्साहन और उद्योगों की मंजूरी और स्थापना की प्रक्रिया के सरलीकरण पर फोकस किया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने बताया कि नवीन औद्योगिक विकास नीति में राज्य की प्राथमिकताओं एवं राज्य में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिये प्रावधान किये गये हैं ।
कार्यक्रम में आयोजित पैनल डिस्कशन में रोजगारवर्धक औद्योगिक विकास में औद्योगिक अधोसंरचना, नीति समर्थन एवं उद्योग स्थापना हेतु औपचारिक आवश्यकताओं को कम करने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बिलासपुर। जांजगीर-चांपा जिले के किसानों को आखिरकार 40 साल बाद न्याय मिला है. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने किसानों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए शासन और जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि तीन महीने के भीतर जमीन का सीमांकन कर अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाए.
बता दें कि जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर ब्लाक के ग्राम खम्हारडीह, मुरलीडी निवासी किसान भागवत दास, ताराचंद, दुखवा केवट सहित 10 किसानों की जमीन में वर्ष 1983-84 में नंदेली से कचंदा तक डब्ल्यूबीएम सड़क निर्माण करा दिया गया. जमीन के एवज में मुआवजा न दिए जाने पर भूमि स्वामियों ने अधिवक्ता योगेश चंद्रा के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका लगाई. जिसमें लोक निर्माण विभाग, कलेक्टर, भूअर्जन अधिकारी सहित अन्य को पक्षकार बनाया गया.
मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से जवाब पेश कर कहा गया कि उक्त सड़क आपदा राहत योजना के तहत बनाया गया. इसके लिए भूमि स्वामी स्वेच्छा से जमीन दिया है, साथ ही विलंब से याचिका पेश करने की बात कहते हुए याचिका खारिज करने की मांग की गई.
मामले में जस्टिस बीड़ी गुरु ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा विधि को दृष्टिगत राज्य को किसी के सम्पति में अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी जा सकती है. शासन को याचिकाकर्ता से संबंधित क्षेत्र का सीमांकन करना होगा. इसका उपयोग सड़क निर्माण किया गया. उक्त क्षेत्र के अधिग्रहण के लिए कार्रवाई की जाए. सीमांकन तीन माह की अवधि के भीतर पूरा किया जाए और उसके बाद भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही तैयार की जायेगी, उचित अवधि के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है.
रायपुर। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत कांकेर के सभाकक्ष में सुबह 11.00 बजे से नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों में आगामी आम/उप निर्वाचन अंतर्गत निर्वाचन कार्यों की तैयारियों के संबंध में समीक्षा की गई। बैठक में बस्तर संभाग के संभाग आयुक्त डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी ओ.पी. पाल, आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे सहित संभाग के सभी जिला के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी अधिकारियों को बस्तर संभाग में पारदर्शिता, निष्पक्षता के साथ शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में प्रति एक हजार मतदाता के लिए एक मतदान केन्द्र और पंचायतों में निर्वाचन के लिए प्रति 500 मतदाता हेतु एक मतदान केन्द्र बनाया जाय । साथ ही यह भी कहा कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचक नामावली में अनिवार्य रूप से जोड़े जाएं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बैठक में मुख्य रूप से चुनाव के सुचारू रूप से संचालन हेतु चुनाव की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केन्द्रों की स्थिति और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण तैयारियों की समीक्षा की । इस बैठक के माध्यम से चुनाव के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग के साथ ही प्रदेश के सभी संभागों में निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा सम्पन्न हो गई है। आगामी समय में चुनाव की तैयारियों के संबंध में मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ आयोग की संयुक्त रूप से बैठक की जाएगी, जिसके तहत चुनावी प्रक्रिया के दौरान होने वाली चुनौतियों और संभावित समस्याओं पर भी चर्चा की जाएगी । उन्होंने अधिकारियों को चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने, मतदाता जागरूकता बढ़ाने और मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि 01 अक्टूबर 2024 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी पात्र लोगों के नाम निर्वाचक नामावली में अनिवार्य रूप से होने चाहिए।
इस दौरान बैठक में बस्तर संभागायुक्त श्री सिंह ने संभाग के सभी जिलों में की जा रही निर्वाचन की तैयारियों की संक्षिप्त जानकारी दी। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर संभाग सुंदरराज ने निर्वाचन के दौरान की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था के संबंध जानकारी दी। साथ ही संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने जिलों के निर्वाचन संबंधी तैयारियों की अद्यतन स्थिति से आयोग को अवगत कराया।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने सुरक्षा उपायों और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर सुविधाओं, कर्मचारियों की तैनाती, और निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय और सहयोग बना रहे ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में धान 14 नवम्बर सें शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। राज्य में 14 नवम्बर से अब तक 26.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 5.49 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 5994 करोड़ 82 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 4 दिसम्बर को 58468 किसानों से 2.67 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 66453 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 44349 टोकन जारी किए गए हैं।
राज्य सरकार धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर जारी किए है, जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाईन नम्बर पर फोन कर अपनी समस्यओं का समाधान कर सकते है।