रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज चारामा में 35 करोड़ 56 लाख 68 हजार रुपए लागत के 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 15 करोड़ 84 लाख 40 हजार रुपए के चार निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और 19 करोड़ 72 लाख 28 हजार रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं। कांकेर के सांसद भोजराज नाग और विधायकगण किरण देव सिंह, विक्रम देव उसेंडी और आशाराम नेताम भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में जल जीवन मिशन के तहत सिंगल विलेज नल जल प्रदाय योजनांतर्गत कांकेर विकासखण्ड के ग्राम बोरगांव, आंवराभाठ और माकड़ीसिंगराय तथा चारामा विकासखण्ड के भुईंगांव, तेलगरा, काटागांव, भोथा और रतेडीह में कुल 19 करोड़ 72 लाख 28 हजार रुपए लागत के 12 कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने चारामा में पंडित दीनदयाय उपाध्याय की मूर्ति का अनावरण भी किया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने चारामा में मुख्य मार्ग के पास आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बताए मार्ग पर चलकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों, जवानों और महिलाओं सहित सभी वर्गों का सतत् विकास कर रही है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर इन दिनों ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत चारामा के विकास के लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है।
कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग और जगदलपुर के विधायक किरण देव सिंह ने भी नगरवासियों को संबोधित किया। पूर्व सांसद मोहन मंडावी, चारामा नगर पंचायत के अध्यक्ष प्यारेलाल देवांगन, उपाध्यक्ष केशर नागवंशी, मत्स्य विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा और स्थानीय पार्षदों सहित कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कांकेर जिला संसाधन और साधन सम्पन्न जिला है, जिसका सुव्यवस्थित विकास आप सबकी महती जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधि हो या प्रशासनिक अधिकारी, सबका एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ नागरिकों तक पहुंचे। आप लोग अपनी क्षमता और कार्य-शैली का श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अपने सद्व्यवहार, टीम वर्क और समयबद्धता से बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करें। कांकेर के सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ के विधायक विक्रम देव उसेंडी और कांकेर के विधायक आशाराम नेताम भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में कहा कि सभी लोक सेवकों को ईश्वर ने लोगों की सेवा का सुअवसर दिया है। उनकी अपेक्षाओं और आकांक्षाओं पर खरे उतरना प्रशासनिक ही नहीं, नैतिक जिम्मेदारी भी है। जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध पेयजल मिले, यह सुनिश्चित करें। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़कों और पुल-पुलियों के काम पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा करें। श्री साव ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्व अधिकारी न्यायालयीन प्रकरणों का नियमित निपटारा करने अनिवार्यतः समय दें। इसके लिए सकारात्मक कार्य-शैली अपनाते हुए समयबद्ध तरीके से विभागीय दायित्वों का निर्वहन करें। अन्नदाता किसानों को भटकना न पड़े, इसके लिए जनाकांक्षाओं पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करें।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वास्थ्य सेवाओं, सुविधाओं, चिकित्सकों एवं आवश्यक दवाओं की समय पर मौजूदगी की जमीनी हकीकत जानने नियमित और सघन मॉनिटरिंग करें। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को वर्तमान में संचालित ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा की मैदानी स्थिति जानने नगरीय निकायों का जायजा लेने को कहा। अधिकारी पूरे शहर की सुविधाओं और समस्याओं की चिंता करें। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे प्राकृतिक साधनों से परिपूर्ण कांकेर जिले को अग्रणी बनाने और यहां के लोगों के लिए सुविधाएं विकसित करने हरसंभव सार्थक प्रयास करें।
समीक्षा बैठक में कांकेर के कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने एजेंडावार पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, आदिवासी विकास विभाग, समाज कल्याण, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पशुधन विकास, मछलीपालन और खाद्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी। कांकेर जिला पंचायत के अध्यक्ष हेमंत ध्रुव, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला, जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल और डीएफओ आलोक वाजपेयी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
जगदलपुर। शहर के वार्डों में नगर निगम द्वारा कचरा डंपिंग का मुद्दा बढ़ता जा रहा है. रविवार को गंगानगर वार्ड के पार्षद और वार्डवासियों ने गीदम रोड पर कचरा डालकर प्रदर्शन किया. वहीं आज छत्रपति और महाराणा प्रताप देव वार्ड में महीनों से चल रहे विरोध के बाद वार्डवासियों ने वार्ड में कचरा डालने पर वन विभाग के सामने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया. यह जाम लगभग एक घंटे तक रहा, जिससे पूरी तरह से आवागमन बाधित रहा. जाम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तहसीलदार को मौके पर भेजा.
तहसीलदार ने आंदोलनकारियों से बातचीत की. इस दौरान पार्षदों और वार्डवासियों ने मांग की कि शहर का कचरा उनके वार्ड में न डाला जाए. तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि अब वहां कचरा डंप नहीं किया जाएगा, जिसके बाद आवागमन की बहाली हुई. हाल के दिनों में वार्डवासियों ने कचरे के कारण गंभीर समस्याएं झेली है. तालाब में डंप किए गए कचरे के कारण पानी इतना दूषित हो चुका है कि नहाने वाले लोगों को त्वचा पर बड़े दाने निकल रहे हैं. कई लोग कचरे की बदबू से बीमार भी हो चुके हैं.
निगम की उदासीनता पर पूर्व विधायक ने जताई चिंता
पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने निगम की उदासीनता पर चिंता जताते हुए कहा कि वार्डवासी परेशान हैं. उन्होंने राज्य सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सोई हुई सरकार को जगाने का कार्य वे कर रहे हैं. जैन ने चेतावनी दी कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी चक्काजाम और धरने का सहारा लेते रहेंगे. यह मुद्दा न केवल वार्डवासियों के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है. अगर प्रशासन इस पर तुरंत ध्यान नहीं देता तो संघर्ष जारी रहेगा.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों को रेशम पालन के क्षेत्र में एक और बड़ा पुरस्कार हासिल किया है। केन्द्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने बैंगलूरु में केन्द्रीय रेशम बोर्ड के 75वें स्थापना दिवस 20 सितम्बर को आयोजित कार्यक्रम में टसर कृमिपालक एवं टसर धागाकारक गतिविधि के लिए छत्तीसगढ़ को बेस्ट एचिवर पुरस्कार से नवाजा गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसके लिए विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और रेशम पालक किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।
ग्रामोद्योग के इस उपलब्धि पर सचिव सह संचालक यशवंत कुमार ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग विभाग द्वारा परीक्षण एवं अनुशंसा के उपरांत संतोष कुमार देवांगन, ग्राम-सिवनी, जिला-जांजगीर-चांपा को धागाकारक एवं गणेश राम सिदार, ग्राम-बार जिला-सारंगढ, बिलाईगढ़ को टसर कृमिपालक के रूप में नामांकित करते हुए उक्त कृषकों द्वारा दोनों विधाओं में प्राप्त उत्कृष्ठ उपलब्धि पत्रक एवं हितग्राहियों की जुबानी सफलता की कहानी फोटोग्राफ एवं विडियों सहित पूर्ण संकलन संयुक्त सचिव केन्द्रीय रेशम बोर्ड बैंगलूरू प्रेषित किया गया था।छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग (रेशम प्रभाग) द्वारा ’’प्लेटिनम जुबली सेलिब्रेशन’’ में भाग लेने के लिए राज्य की ओर से टसर कृमि पालक और धागाकारक के किसान को प्लेटिनम जुबली सेलिब्रेशन में भेजा गया था। इन दोनों विधाओं के प्रतिभागी कृषकों को केन्द्रीय रेशम बोर्ड बैंगलूरू द्वारा पुरस्कृत किया गया है।
रायपुर। प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर बस्तर के लोग अपनी संस्कृति और विशेष परंपराओं के निर्वहन के लिए जाने जाते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने खुशहाल जीवन जीने के लिए स्वयं को प्रकृति के अनुकूल बनाए रखा, अपने को संभाले रखा, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनके खुशहाल जीवन को माओवादियों की नजर लग गई थी, नाच-गाना बंद हो गए, मांदर की थाप मंद पड़ गई, सड़कें सुनी हो गई और स्कूल बंद होने लगे। स्थानीय हाट बाजार भी बंद हो गये, जहां से स्थानीय लोग अपनी छोटी-छोटी जरूरतों की खरीदी करते थे। हर हाल में अपनी जीवन में खुशियों के रंग सहेजकर रखने वाले बस्तर के वनवासियों की जिंदगी धीरे धीरे बेरंग हो गई।
माओवादी गतिविधियों के कारण शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का समुचित लाभ भी अंदरुनी इलाकों में स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा था। इस सब समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा ‘‘नियद नेल्ला नार‘‘ (अपका अच्छा गांव) संचालित की जा रही है। जिसमें सुरक्षा कैम्पों के पांच किलोमीटर के दायरे वाले गांवों में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ शतप्रतिशत हितग्राहियों तक पहुंचाने की मुहिम चलायी जा रही है। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय हाट बाजार अब गुलजार होने लगे हैं। बंद पड़े हाट बाजार और स्कूल अब फिर से शुरू हो रहे हैं। जिससे बस्तर की तस्वीर बदलती जा रही है और बस्तर में पुनः रौनक लौटी है।
आदिवासी क्षेत्रों में वामपंथी उग्रवाद को रोकने के लिए राज्य सरकार ने सुरक्षा और विकास की नीति को मूल मंत्र बनाया है, इसके सार्थक परिणाम दिख रहे हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं भी दी जा रही है। बीते 9 महीनों के दौरान मुठभेड़ों में 156 माओवादियों को ढेर किया गया। पिछले 6 महीने में 32 फारवर्ड सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई। निकट भविष्य में दक्षिण बस्तर एवं माड़ में रि-डिप्लायमेंट द्वारा 29 नए कैम्पों की स्थापना भी प्रस्तावित है।
नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना नक्सल प्रभावित इलाकों में गेम चेन्जर्स साबित हो रही है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों एवं ग्रामीणों को 17 विभागों की 59 हितग्राहीमूलक योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा।
आदिवासी समुदाय की बसाहट ज्यादातर वनांचल क्षेत्रों में है। इन क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। कई ऐसे हाट बाजार जो वीरान हो गए थे, वे अब पुनः गुलजार होने लगे हैं। माओवादी क्षेत्रों में बारहमासी सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण किया जा रहा है, जो दिलों को जोड़ने का काम कर रही है। अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में पक्की सड़कों के निर्माण, स्कूलों के नियमित रुप से खुलने, उचित मूल्य दुकानों के बेहतर संचालन से बस्तर की तस्वीर बदलने लगी है। केन्द्र सरकार द्वारा नगरनार में देश का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र भी शुरू किया गया है, इससे बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिली है और लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बस्तर जिले के दरभा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कलेपाल में बारहमासी सड़क का निर्माण किया गया है, बिजली पहुंच गयी है। यहां का साप्ताहिक बाजार जो बंद हो गया था, वह फिर से शुरु हो गया है। दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण से बस्तर जिले के कलेपाल गांव तक पक्की सड़क का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। दरभा ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोलेंग में बारहमासी सड़क का निर्माण हुआ है, बिजली पहुंची है, आंगनबाड़ी केन्द्र प्रारंभ हुआ है। लोहंडीगुड़ा विकासखण्ड के ग्राम बोदली में उचित मूल्य दुकान खोली गयी है तथा पहुंच मार्ग का निर्माण किया जा रहा है।
सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत आने वाले गांव पूवर्ती में बनी राशन दुकान जल्द ही शुरू होगी। इस गांव में राशन दुकान नहीं होने के कारण यहां के लोगों को कई किलोमीटर दूर पैदल चल कर दूसरे गांव में राशन लेने जाना पड़ता है। अब गांव में ही राशन दुकान खुलने से ग्रामीणों को उनके ही गांव में राशन मिलने लगेगा। शासन-प्रशासन की पहुंच से कोंसो दूर बसा, यह गांव दशकों से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा था, लेकिन अब यहां शासन की योजनाएं पहुंचने लगी है।
आखिर क्यों खास है पूवर्ती गांव
सुकमा जिले के अंदरूनी व अतिसंवेदनशील क्षेत्र में बसा हुआ पूवर्ती गांव एक वक्त नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना हुआ करता था। एक करोड़ रूपए का ईनामी नक्सली हिड़मा तथा टेकलगुड़ा कैंप निर्माण के दौरान नक्सली हमले की घटना का मास्टरमाइंड देवा का यह पैतृक गांव होने के कारण हमेंशा चर्चा में रहा है। माओवादियों का प्रभाव में होने के कारण पूवर्ती गांव में शासन की योजनाएं नहीं पहुंच पा रही थी, लेकिन अब इस गांव में सुरक्षा कैम्प खुलने से यहां के लोगों को तेजी से मूलभूत सुविधाएं सुलभ होने लगी है।
नियद नेल्ला नार योजना का ही यह परिणाम है कि सुकमा जिले के अंदरूनी क्षेत्र के गांव नवापारा एल्मागुंडा में डीटीएच का इंस्टालेशन किया गया है, जिसका लाभ बच्चों के साथ-साथ ग्रामीण भी उठा रहे हैं। मनोरंजन के साथ ही वे देश-प्रदेश की खबरों से भी रूबरू हो रहे हैं। मोबाइल टॉवर लगने से ग्रामीण अब शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
नियद नेल्ला नार योजना के चलते ही नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखण्ड के गांवों में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत् 12 हितग्राहियों के मकान बनाने का काम पूर्ण हो चुका है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में यहां के बच्चों को पूरक-पोषण आहार के साथ ही स्कूल पूर्व प्राथमिक शिक्षा मिलेगी। ग्राम मसपुर में नया उचित मूल्य दुकान भी स्थापित किया गया है, जिससे यहां के ग्रामीणों को अब अपने गांव में ही राशन सामग्री प्राप्त होगी। गांव में शुद्ध पेजयल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हैण्डपंप के स्थापना भी तेजी से की जा रही है। कोहकामेटा से कानागांव तक और आकाबेड़ा से कलमानार तक सड़क का निर्माण किया जाएगा।
बीजापुर जिले के चिक्कापल्ली में नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्राथमिक शाला भवन और आंगन बाड़ी भवन का निर्माण प्रक्रियाधीन है। उचित मूल्य दुकान खोलने के लिए गांव में भवन बनाया जा रहा है। पेयजल सुविधा के लिए सोलर ड्यूल पंप स्थापित किया गया है। इसी प्रकार उड़तामल्ला पंचायत के ग्राम यमपुर में ग्रामीणों के लिए 08 नग बोर खनन, सोलर हाई मास्ट की स्थापना की गई है। गांव में प्राथमिक शाला भवन, आंगनबाड़ी भवन, उचित मूल्य की दुकान का भी निर्माण किया जा रहा है। अतिसंवेदनशील इलाके के इन गांवों की यह बदलती तस्वीर, बदलते बस्तर की बानगी है।
रायपुर। राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत 1 से 30 सितंबर तक महासमुंद जिले के कुल 1790 आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। पोषण माह के अंतिम सप्ताह में विविध कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। आज शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों द्वारा रैली निकालकर जागरूकता संदेश दिया गया। इस रैली का उद्देश्य बच्चों और ग्रामीणों में संतुलित आहार के साथ पोषण आहार की निरंतरता, मात्रा और खाने के तरीके पर लोगो तक जन जागरूकता लाना है। सही मात्रा में पौष्टिक भोजन लेने पर ही हम शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते है ।
महासमुंद शहरी परियोजना अंतर्गत सेक्टर 1 में पोषण माह अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में संतुलित आहार एवं खानपान की जानकारी दी गई। विभिन्न व्यंजनों का प्रदर्शन कर गर्भवती और शिशुवती माताओं को खानपान के बारे में समझाया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि गर्भवती माताओं के लिए जीवन के सुनहरे एक हजार दिन विशेष होते हैं। इस अवधि में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। उन्होंने महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने और अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की समझाईश देते हुए कहा कि समय पर पौष्टिक आहार लेवें। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं की जानकारी का भी लाभ उठाएं। इस दौरान बच्चों का वजन लिया गया एवं रैली निकालकर जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में स्थानीय भजन मंडली द्वारा सोहर गीत और पोषण गान गाकर बच्चों के आशीष और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की गई। पोषण गीत के माध्यम से भी उनके स्वास्थ्य और मानसिक, शारीरिक विकास हेतु प्रेरित किया गया। परियोजना अधिकारी ने बताया कि महिला को स्वस्थ रहने के लिए 20 मिलीग्राम आयरन प्रतिदिन चाहिए। यदि लंबे समय तक शरीर में पोषण की कमी बनी रहती है तो वही धीरे-धीरे कुपोषण के रूप में दिखाई देता है। 18 से 35 वर्ष की महिलाओं में उनके बैलेंस डाइट पर कार्य करने की जरूरत है महिला जैसे विवाहित होती है उसकी लगातार काउंसलिंग करने से उसके शरीर में खून की मात्रा का पता कर शरीर में खून की कमी ना हो इसके लिए लगातार परामर्श देना प्रारंभ करना अति उत्तम समय होता है। कार्यक्रम में पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित महिलाएं एवं बच्चे मौजूद थे।
ज्ञातव्य है कि 23 सितम्बर से 29 सितम्बर तक जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। जिसमें 24 सितंबर को शाम को कुपोषण मुक्ति हेतु मशाल रैली, 25 सितंबर को बाजार हाट में पोषण जागरूकता, 26 सितंबर को समस्त कार्यकर्ता की पोषण भी पढ़ाई भी पर कार्यशाला, 27 सितंबर को पंचायतों में विशेष पोषण सभा (जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में), 28 सितंबर को स्वच्छता ही सेवा (आंगनवाड़ी और पोषण वाटिका, हितग्राही के पोषण बाड़ी की साफ-सफाई) एवं 29 सितंबर को व्यंजन, रंगोली, मेहंदी और पोषण खेलकूद का आयोजन किया जाएगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिले में आकाशीय बिजली गिरने की घटना में मृतकों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने जिला प्रशासन अधिकारियों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने साथ-साथ घायलों के उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
गौरलतब है कि राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जोरातराई में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मृत्यु हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को आरबीसी 6-4 के तहत 4-4 लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। आकाशीय बिजली गिरने से 5 बच्चे तथा 3 लोगों की मृत्यु हो गई है। इस घटना में एक घायल व्यक्ति का ईलाज अस्पताल में किया जा रहा है, वह खतरे से बाहर है।
रायपुर। कबीरधाम जिले के ग्राम लोहारीडीह में 15 सितंबर 2024 को शिवप्रसाद साहू की मृत्यु उपरांत घटित आगजनी में रघुनाथ साहू की मृत्यु होने के कारण उक्त घटनाक्रम के संबंध में दंडाधिकारी जांच के लिए अतिरिक्त कलेक्टर निर्भय साहू को दंडाधिकारी जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
अतिरिक्त कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री साहू ने बताया कि इस जांच बिन्दु से संबंधित जानकारी रखने वाले व्यक्ति 24 सितंबर 2024 से 04 अक्टूबर 2024 तक सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर पूर्वान्ह 11 बजे से सांय 5 बजे तक कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कबीरधाम के कक्ष क्रमांक 17 में उपस्थित होकर लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य एवं अभिलेख प्रस्तुत कर सकते हैं।
घटना जांच के लिए निर्धारित बिन्दुओं में घटना का सिलसिलेवार विचरण। सम्पूर्ण घटना किन परिस्थितियों में हुई। घटना के क्या कारण थे। भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो या अन्य कोई सुझाव या जांच अधिकारी अन्य बिन्दुओं को शामिल करना उचित समझे।
रायपुर। नगरीय निकाय एवं पंचायत आम चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए बलरामपुर जिले में जाबो (जागव बोटर) कार्यक्रम अंतर्गत व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से चुनाव के लिए गांव-गांव में मतदाता जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में जमीनी स्तर पर ग्रामीणों, आम नागरिकों, नव मतदाताओं को मतदाता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक अभियान चला कर लोगों को मतदान के लिए सब काम छोड़ मतदान करो की सीख दी जा रही है।
शिक्षा विभाग द्वारा रैली, मानव श्रृंखला, निबंध, लेखन, रंगोली एवं चित्रकला के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। मतदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्कूल के सभी छात्र-छात्राएं अपने घर मोहल्ले में मतदान करने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे है। रैली के माध्यम से स्कूली विद्यार्थियों द्वारा युवा, बुजुर्ग और महिलाओं को मतदान करने की अपील की जा रही है। साथ ही मानव श्रृंखला बनाकर लोगों को अपने अमूल्य मत का प्रयोग करने जागरूक कर रहें हैं। जिसमें बताया जा रहा है कि चाहे वो 80 वर्ष से उपर के व्यक्ति हो या दिव्यांग हो या फिर 18 वर्ष पूर्ण कर चुकेे हो वे मतदान का उपयोग अवष्य करें।
विद्यार्थियों ने पेंटिंग के माध्यम से संदेश दिया कि लोकतंत्र में मतदान मतदाता का सबसे बड़ा अधिकार है। मतदाता को इस अधिकार का उपयोग अवश्य करना चाहिए। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ें और अधिक मजबूत होती हैं। बच्चों ने मतदाता जागरूकता बैनर, पोस्टर बनाने में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और जागरूक करने नये-नये तरीकों के माध्यम से मतदाताओं को लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी के संदेश को रचनात्मकता के साथ प्रदर्शित भी किया।
रंगोली प्रतियोगिता में छात्र छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मतदान के प्रति जागरूक किया। छात्र-छात्राओं ने विषयानुकूल सुंदर एवं आकर्षक रंग संयोजन के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया। जिसमें मतदाताओं को जागरूक करने अनिवार्य रूप से वोटिंग करने, मतदान द्वारा जिले, राज्य, देश को सशक्त बनाने आदि विषयों पर केंद्रित रंगोली बनाई गई। साथ ही ग्रामीण अंचल का चित्रण कर घर में बैठे महिलाओं को मतदान के लिए प्रेरित करते हुए दिखाया गया। जबकि कुछ में ईवीएम, वीवीपैट का चित्रण कर मताधिकार का प्रयोग करने का संदेश दिया गया।
ग्राम पंचायतों में ग्रामीण स्तर पर दीवार लेखन के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न पारा, मोहल्ले में दीवारों पर नारों, स्लोगन के जरिए मतदान के विभिन्न आयाम एवं फायदे के बारे में बताया जा रहा है। विभिन्न प्रकार की दीवार लेखन के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। मतदाता जागरूकता के लिए प्रशासन द्वारा जगह जगह पर चलाए जा रहे मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। ताकि शत-प्रतिशत मतदान के लक्ष्य को सार्थक किया जा सके।
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश बाकेटबॉल संघ की प्रबंध कार्यकारिणी की बैठक 22 सितंबर को रायपुर में हुई. बैठक में पुरानी प्रबंधकारिणी समिति को भंग करके नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया. अध्यक्ष पीताम्बर गुप्ता और महासचिव के लिए सुमित उपाध्याय का नाम सर्वसम्मति से पारित किया गया. इनके नाम का प्रस्ताव अनिल पुसदकर ने रखा था.
प्रदेश कार्यकारिणी के साथ-साथ विभिन्न जिला संघों के पदाधिकारियों व सदस्य की उपस्थिति में बैठक हुई, जिसमें एजेंडे में प्रदेश संघ की महासचिव के निधन के पश्चात रिक्त पद के पूर्ति के साथ नवीन प्रबंधकारिणी के गठन और प्रत्येक जिला, नगर निगम एवं संस्थान को मान्यता देना शामिल था.
बैठक में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अमर परवानी, नरेश डाकलिया, अनिल पुसदकर, प्रमोद सिंह, राजेश पाण्डेय, आनंद सिंह, उमेश सिंह ठाकुर, राजेश प्रताप सिंह, आलोक गुप्ता, नमिताभ जैन, इकबाल अहमद, नुरेन चंद्राकर, राजेन्द्र तम्बोली, वरिष्ठ NIS कोच सुधीर राजपाल, प्रीतम दास, विष्णु पाण्डेय, वीरेन्द्र देशमुख उपस्थित थे.
इनके अलावा जिलों से प्रतियूश नेमी, अमित तिवारी, हुमन राम यदु, सुनील नायक, देवेन्द्र महानंद, अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी लुमेंद्र साहू, अंजू जोशी, अतुल मिश्रा, रघुनाथ मुखर्जी, नलिन शर्मा, अब्बाश आलम, राघव पाण्डेय सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे.
कोंडागांव। केशकाल घाटी में शनिवार रात से लगा जाम अब तक नहीं हट सका है, जिससे मालवाहक वाहनों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. घाट के सातवें मोड़ पर एक ट्रक के खराब होने से यह जाम शुरू हुआ, जो अब लगभग 50 घंटे से जारी है.
केशकाल थाना प्रभारी विकास बघेल ने बताया कि रायपुर से जगदलपुर जाने वाली गाड़ियों को दादरगढ़ के पास और जगदलपुर की ओर आने वाली गाड़ियों को बटराली और फरसगांव के पास रोक दिया गया है. केवल बसों और छोटे वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी जा रही है. इस जाम से मालवाहक वाहन दोनों ओर फंसे हुए हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है.
रविवार से केशकाल घाट की सड़क के नवीनीकरण का काम शुरू हो गया है, जिससे स्थिति और भी जटिल हो सकती है. प्रशासन जाम हटाने के प्रयास में जुटा हुआ है, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष रूप से रूचि रखने और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के द्वारा स्वास्थ्य विभाग में जनहित कार्यों और जन-सुविधाओं के पर्यवेक्षण रखने के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। अब लोगों को दूर जाए बिना ही घर के आसपास ही शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य जांच एवं इलाज की सभी सुविधाएं मिल रही हैं। वर्तमान में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। इसका सुखद परिणाम भी सामने आ रहा है। इसी कड़ी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग में 6 महिलाओं की सफलतापूर्वक डिलीवरी कराई गई। मेडिकल टीम की सकुशल मेहनत और प्रयास से 6 नन्हे फरिश्तों ने जन्म लिया। सभी नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ है। शिशुओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच कर सभी का प्रारंभिक टीकाकरण किया गया है।
दरअसल देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 21 सितंबर दोपहर 1.30 बजे से 22 सितंबर के दोपहर 3 बजे तक 15 घंटे में 6 सुरक्षित प्रसव कराया गया। शुरू के डेढ़ घंटे में ही 4 प्रसव करा लिए गए थे। 15 घंटे के भीतर 6 महिलाओं की सफल डिलीवरी जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग के डॉक्टरों की टीम ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई। साथ ही एक दूसरे का हौसला अफजाई भी किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गार्गी यदु पाल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में डॉक्टरों की टीम ने विशेष रणनीति बनाकर महिलाओं की सफल डिलीवरी करने में विशेष भूमिका निभाई। इस उपलब्धि के लिए कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टाफ की टीम को बधाई देते हुए जिले में निरंतर उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही गंभीरता एवं सक्रियता पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए मेडिकल टीम की प्रशंसा भी की।
उल्लेखनीय है कि राज्य के मैदानी सहित दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में भी सक्रियता के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है। गांवों में स्थित प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की गई हैं। साथ ही आवश्यक मेडिकल जांच एवं निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध की गई है। जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। साथ ही डॉक्टर एवं मेडिकल टीम भी सक्रिय होकर काम कर रही हैं। जिससे लोग शासकीय अस्पतालों में उम्मीदों एवं विश्वास के साथ इलाज कराने आ रहे हैं। इसके फलस्वरूप लोगों को अपने गांव के आसपास ही शासकीय अस्पतालों में आसानी से मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल पा रहा है। इसके अलावा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कैंप लगाकर भी वनांचल गांवों में लोगों का आवश्यक स्वास्थ्य जांच एवं इलाज किया जा रहा है।
गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच तथा समय-समय पर टीकाकरण भी सक्रियता के साथ किया जा रहा है। साथ ही शिशुवती माताओं को आवश्यक पूरक पोषण आहार भी प्रदान किया जा रहा है। इसके फलस्वरूप संस्थागत प्रसव को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। साथ ही लक्ष्य पूरा करने में सफलता मिल रही है। प्रति माह 9 व 24 तारीख को गर्भवती दिवस मनाया जाता है। जिसमे गर्भवती माताओं की पूरी जांच के अलावा उन्हें संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाता है।
रायपुर। महासमुंद जिला के ग्राम पंचायत कांपा की जय मां दुर्गा महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की अनोखी मिसाल पेश की समूह की महिलाओं ने मेहनत और हौसले से फ्लाई एश ब्रिक्स निर्माण का व्यवसाय स्थापित किया है। समूह की अध्यक्ष अहिल्या साहू और सचिव कल्याणी दुबे ने बताया कि उन्होंने अपने व्यवसाय के लिए बिहान योजना के तहत आर्थिक मदद प्राप्त की। उनके समूह में 10 महिलाएं और उन्होंने एक ऑपरेटर भी रखा है।
बिहान योजना से मिली आर्थिक सहायता का सही उपयोग करते हुए, कल्याणी और उनके समूह ने व्यवसाय को मजबूती से खड़ा किया। इस समूह के द्वारा अब तक लगभग तीन लाख फ्लाई ऐश ब्रिक्स (ईंट) का निर्माण कर लिया गया है, जिसको सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं में विक्रय कर चुकी है। इस व्यवसाय की शुरुआत में समूह को 1,50,000 रुपये की शुद्ध आय हुई। यह आय न केवल समूह के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक संबल बनी, बल्कि इसे महिलाओं के लिए एक नया मार्गदर्शन भी दिया कि वे भी अपने व्यवसाय को शुरू कर सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपने दृढ़ निश्चय से यह साबित कर दिया कि कोई भी चुनौती असंभव नहीं होती, यदि उसमें मेहनत और हौसला हो। फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण जैसे मर्दों के व्यवसाय में कदम रखकर उन्होंने यह दिखाया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकती हैं। उनका यह कार्य अन्य स्व सहायता समूहों के लिए प्रेरणा बन चुकी है, और जिले में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई हैं। जय मां दुर्गा महिला स्व सहायता समूह ने इस सफलता के साथ यह संदेश दिया है कि सही दिशा में मेहनत, हिम्मत, और आर्थिक सहयोग से महिलाएं भी किसी भी व्यवसाय में ऊँचाइयों को छू सकती हैं। ये महिलाएं विभिन्न काम करके अपने परिवारों को पालने और अपने जीवनस्तर में सुधार करने का संघर्ष कर अपनी क़िस्मत बदल रही है और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
रायपुर। प्रदेश में आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना तथा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना का क्रियान्वयन हो रहा है। इस सम्बंध में लगातर लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जाए रहे हैं। पूर्व में कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर घर-घर जा कर कार्ड बनाये जाने का अभियान क्रियान्वित किया गया था। उसी दौरान छूटे हुए हितग्राहियों का सर्वे भी किया गया। अब एक बार पुनः जिले में 30 सितंबर तक छूटे हुए परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाये जाने हेतु आयुष्मान पखवाड़ा शुरू किया गया है।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि छूटे हुए परिवारों का शत- प्रतिशत आयुष्मान कार्ड न केवल बनाएं जाए बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बने हुए कार्ड संबंधित हितग्राहियों को समय पर प्राप्त हों।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी ने बताया की इस हेतु मितानिन,एम टी ,स्वास्थ्य कर्मी जुटे हुए हैं तथा घर-घर जा कर कार्ड बनाया जा रहा है। इस कार्य मे पंचायत के जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। योजना के लाभ और उसकी आवश्यकता का भी प्रचार-प्रसार मितानिन एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता कर रहे हैं। इसके लिए गांव गांव में दीवार लेखन एवं मुनादी भी कराया जा रहा है। यह कार्ड जिले के समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,जिला अस्पतालों में भी बन रहे हैं।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत परिवार की पात्रता अनुसार अंत्योदय कार्ड और प्राथमिकता राशन कार्ड धारी परिवार को पाँच लाख तक रुपए तक के इलाज की सालाना सुविधा इन कार्डाे से मिलेगी,जबकि शेष राशन कार्ड धारी सामान्य राशन कार्ड परिवारों को सालाना 50 हज़ार रुपये तक का निरूशुल्क इलाज पंजीकृत शासकीय एवं निजी अस्पतालों में मिलेगा। ऐसे ही मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत गंभीर बीमारियों हेतु अधिकतम 25 लाख तक की सहायता मरीज को दी जाती है।
अब मोबाइल के माध्यम से भी कार्ड बना सकते हैं
भारत सरकार ने स्मार्ट फ़ोन के माध्यम से घर पर ही कार्ड बनाने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई है। इसके लिए सर्वप्रथम प्ले स्टोर से आयुष्मान ऐप डाउनलोड करें। आयुष्मान लॉगिन पर जाएं । विकल्प चुनें मोबाईल नंबर दर्ज कर ओटीपी डालकर लॉगिन करे। इसके बाद दूसरा विकल्प आएगा जिस पर स्टेट राशन कार्ड फैमिली आईडी जिला राशन नंबर दर्ज करें।
यदि आधार कार्ड से लिंक मोबाइल उपलब्ध है तो आधार ओटीपी विकल्प का चयन करें। यदि आधार लिंक मोबाइल उपलब्ध न हो तो फेस ओथ विकल्प का चयन करें। यदि फिंगरप्रिंट डिवाइस उपलब्ध हो तो फिंगरप्रिंट का चयन करें और प्रक्रिया पूर्ण करें। इसके बाद कैप्चर फोटो का विकल्प पर जाकर अपना क्लोजअप फोटो कैप्चर करें पश्चात मोबाइल नंबर व एड्रेस की जानकारी भरकर सबमिट बटन दबाए। अप्रूवल होने की प्रतीक्षा करें। अप्रूवल होने के बाद आयुष्मान कार्ड डाउनलोड करें। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र या टोल फ्री नं.104 या 14555 में संपर्क करें।
रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज बिलासपुर में सिम्स के विस्तार के रूप में कोनी में बन रहे मल्टी स्पेश्यालिटी हास्पिटल भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने 31 अक्टूबर 2024 तक तमाम निर्माण, खरीदी एवं भर्ती के कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि राज्य स्थापना सप्ताह के दौरान इसका लोकार्पण किया जा सके। उन्होंने अस्पताल भवन एवं अब तक उपलब्ध की गई सुविधाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त वित्तीय भागीदारी से लगभग 200 करोड़ रूपये की लागत से इस अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। छह गंभीर रोगों के मरीजों के इलाज के लिए इसमें 240 बेड की सुविधा है। नया मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल ग्राउण्ड फ्लोर सहित 10 मंजिलों में बना है। मंत्री ने सभी मंजिलों में बने सुविधाओं और मशीन उपकरणों का निरीक्षण किया। सिम्स के इस विस्तारित अस्पताल भवन में छह विशेषज्ञ वाले विभाग- नेफोलॉजी, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, सीटीव्हीएस, न्यूरोलॉजी और न्यूरो सर्जरी शामिल हैं। भवन का निर्माण केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग और उपकरणों की खरीदी केन्द्र सरकार की एजेन्सी हाईट्स द्वारा की जा रही है।
श्री जायसवाल ने अस्पताल शुरू करने के पहले फॉयर ऑडिट और लिफ्ट की ऑडिट कराने लेने के निर्देश दिए। मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ग्राउण्ड फ्लोर में रेडियोलॉजी एवं केजुअल्टी की व्यवस्था है। पहले और दूसरे मंजिल में ओपीडी, तीसरी मंजिल में प्रशासनिक भवन, चौथी मंजिल में ऑपरेशन थियेटर और कैथलैब, पांचवी मंजिल में सर्विसेस के साथ छठवें से दसवें तक मेडिकल वार्ड होंगे। उन्होंने अस्पताल में ट्रायल शुरू करने के निर्देश दिए ताकि जो कमियां सामने आएंगी उन्हें समय रहते सुधारा जा सके। उन्होंने समीप में ही बन रहे कैंसर इंस्टीट्यूट भवन की भी जानकारी ली और मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सिम्स का नया भवन भी इसी परिसर में बनेगा। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए 700 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस अवसर पर विधायक सुशांत शुक्ला, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ , कमिश्नर चिकित्सा शिक्षा किरण कौशल, संचालक स्वास्थ्य ऋतुराज रघुवंशी, एमडी सीजीएमएससी पद्मिनी भोई, एनएचएम के एमडी जगदीश सोनकर, संयुक्त सचिव अभिजीत सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
रायपुर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम ने राजधानी स्थित आवासीय तीरंदाजी अकादमी और आवासीय बालिका हॉकी अकादमी के छात्रावासीय खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधाओं का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान बालक-बालिका छात्रावासों में कई प्रकार की कमियां पाई गईं. इसे लेकर उन्होंने जिम्मेदारों को फटकार लगाई और सख्ती से कार्रवाई की है.
जानकारी के अनुसार, बालिका छात्रावास के मेस में मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं परोसे जाने की बात सामने आई. इसे लेकर संबंधित वेण्डर को तत्काल नोटिस जारी करवाया. इसके साथ ही दोबारा शिकायत प्राप्त होने पर निविदा निरस्त करने की हिदायत भी दी गई. वहीं साफ-सफाई में कमियां पाई गई, इस पर भी संबंधित वेण्डर को फटकार लगाते हुऐ नोटिस जारी कर तत्काल व्यवस्था दुरूस्त करने का निर्देश दिया गया है.
बालिका छात्रावास एवं बालक छात्रावास में कमरों का निरीक्षण भी संचालक द्वारा किया गया. मेंटेनेंस की कमियों के संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल अवगत कराते हुए आवश्यक मेंटेनेंस की कार्यवाही तत्काल पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था की कमी को देखते हुए संचालक ने नाराजगी जाहिर की और नोटिस जारी कर सुरक्षा व्यवस्था ठीक करने का निर्देश दिया.
बालक छात्रावास में नियुक्त वार्डन की अनाधिकृत अनुपस्थिति के संबंध में संबंधित को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया. विभागीय प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली गई और खिलाड़ियों के परफॉर्मेंस को और बेहतर बनाने का लक्ष्य दिया गया है.
संचालक तनुजा सलाम ने कहा की जहा-जहा भी अव्यवस्था पाई गई है. उसमे मैने उन्हे कड़े निर्देश और चेतावनी दी है की आगे किसी भी प्रकार की कोई भी परेशानी हॉस्टल में रह रहे खिलाड़ियों को ना हो. आगे मैं निरंतर इसको लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए है. अगर कोई भी ऐसी अव्यस्था देखी जाती है. तो उन पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी. जिम्मेदारों से जवाब देने 24 घंटे का समय भी दिया था. जो भी जवाब आएगा उसके हिसाब से जांच होगी.
रायपुर। प्रदेश के हवाई यात्रियों के लिए हैदराबाद जाने-आने का सफर अब और सुगम हो गया है. बजट एयरलाइंस इंडिगो ने आज 23 सितंबर से हैदराबाद-रायपुर सेक्टर में एक नई उड़ान के संचालन की तैयारियां कर ली है. अब हैदराबाद के लिए तीन उड़ानों का विकल्प उपलब्ध होगा. यह नई उड़ान हैदराबाद-रायपुर-हैदराबाद के बीच प्रतिदिन संचालित की जाएगी. इस उड़ान की शुरुआत के साथ हैदराबाद-रायपुर सेक्टर में दो एयरबस और एटीआर की सेवाएं उपलब्ध होंगी.
विमानन कंपनियों के लिए सीजन की शुरुआत के साथ हैदराबाद की नई उड़ान मिलने से प्रदेश के यात्रियों को काफी राहत मिलेगी. स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से सबसे ज्यादा छह उड़ानों का संचालन दिल्ली के लिए किया जाता है. अब दूसरे स्थान पर कोलकाता और हैदराबाद के लिए रोजाना तीन-तीन उड़ानों का विकल्प उपलब्ध होगा.
फ्लाइट शेड्यूल
इंडिगो 6 ई 6467: हैदराबाद से 9:30 बजे, रायपुर 10:50 बजे
इंडिगो 6 ई 6263: हैदराबाद से 14:20 बजे, रायपुर 15:55 बजे
इंडिगो 6 ई 7248: हैदराबाद से 18:25 बजे, रायपुर 20:15 बजे
इंडिगो 6 ई 473: रायपुर से 11:20 बजे, हैदराबाद 12:30 बजे
इंडिगो 6 ई 6327: रायपुर से 16:25 बजे, हैदराबाद 17:45 बजे
इंडिगो 6 ई 7249: रायपुर से 20:55 बजे, हैदराबाद 22:40 बजे
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ की उच्च स्तरीय जांच समिति ने लोहारीडीह का दौरा किया। प्रदेश अध्यक्ष टहल सिंह साहू के नेतृत्व में जांच समिति ग्राम लोहारीडीह पहुंचकर वस्तुस्थिति का अवलोकन किया। जांच समिति ने घटना की निंदा की। समिति ने लोहारीडीह हिंसा मामले में जांच समिति ने प्रंशात साहू के परिवार को सरकारी नौकरी, तीनों परिवारों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा, गिरफ्तार लोगों को निशर्त रिहाई और एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव को बर्खास्त करने की मांग सरकार से की है।
छत्तीसगढ़ साहू समाज की 16 सदस्यीय टीम पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष टहल साहू ने साहू समाज भवन में प्रेस कांफ्रेंस कर नाराजगी जताई। उन्होंने लाहारीडीह में तीनों मृतकों के परिजनों लिए सरकारी नौकरी और एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा राशि की मांग रखी। एक सप्ताह के भीतर मांगे पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। साथ ही एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव को बर्खास्त करने की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष टहल सिंह साहू ने पूरी घटना के लिए प्रशासन को दोषी ठहराया।
प्रदेश अध्यक्ष टहल सिंह साहू ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि मृतक प्रशांत साहू के परिवार में उनका एक छोटा बेटा है। सरकार उसको शिक्षा और शासकीय नौकरी दे। उस परिवार को कम से कम 1 करोड़ रुपया मुआवजा राशि दें। ताकि उनके परिवार का पालन पोषण हो सके। साथ ही रघुनाथ साहू का आगजनी में मृत्यु हुई है उसको भी सरकार मुआवजा दे और शिव प्रसाद उर्फ कचरू साहू की मृत्यु का निष्पक्ष जांच कर उनके परिवार को भी को भी राहत राशि प्रदान करें। सरकार तीनों परिवार को मुआवजा दें और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। इस घटना में मुख्य रूप से आरोपित व्यक्ति को सरकार न्यायिक जांच बैठा कर अपराधी को सामने लाएं और उचित न्याय दिलाए। इस प्रकार की भविष्य में घटना न हो इसकी चिंता करें और जो बहुत सारे निर्दोष लोग और खासकर महिलाएं थाना में व जेल में बंद है उनको सरकार तत्काल निशर्त रिहा करें।
बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य के बॉर्डर में स्थित ग्राम लोहारीडीह थाना रेंगाखार जिला कबीरधाम में विगत दिनों जो आगजनी और प्रशांत साहू की न्यायिक हिरासत में मौत के विषय को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया। इसमें प्रदेश अध्यक्ष टहल सिंह साहू के नेतृत्व में जांच समिति ग्राम लोहारीडीह पहुंचकर वस्तुस्थिति का अवलोकन किया।
टहल सिंह साहू ने बताया कि वहां जाने से पता चला कि यह विवाद दो परिवारों के बीच का था। शिवप्रसाद साहू उर्फ़ कचरू साहू और रघुनाथ साहू के परिवार में आपसी रंजिश थी। इस बीच 15 सितंबर को शिवप्रसाद उर्फ कचरू साहू की मौत हो गई। गांव से दूर फांसी में लटका हुआ मिला था। उसकी हत्या करने वाला का अभी तक पता नहीं चला है। लेकिन गांव में अफवाह फैल गई की रघुनाथ साहू ने उसकी हत्या की गई। इस बीच सुबह 10 बजे रघुनाथ साहू के घर में सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुषों उसके घर में आग लगा दी।रघुनाथ साहू को घर में बंद कर दिया। आग से झुलस जाने के कारण रघुनाथ साहू की मौत हो गई। उसकी पत्नी के साथ भी मारपीट की गई। इस बीच पुलिस प्रशासन के पहुंचने पर पुलिस के साथ भी झूमा झटकी हुई। इसके बाद गांव के 70 लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर जेल में डाल दिया। इस बीच प्रशांत साहू की पुलिस हिरासत में मृत्यु हो गई।
छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष टहल सिंह साहू, उपाध्यक्ष भुनेश्वर साहू, मालकराम साहू, महामंत्री हलधर साहू, दयाराम साहू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष थानेश्वर साहू, कार्यकारी अध्यक्ष विष्णु साहू, उपाध्यक्ष भीखम साहू, प्रमोद साहू, महिला प्रकोष्ठ के सहसंयोजक अंजनी साहू, युवा प्रकोष्ठ के संयोजक पवन साहू, सहसंयोजक दुलीकेशन साहू, साहू समाज राजिम भक्तिन माता समिति के अध्यक्ष लाला साहू, संरक्षक मनोहर साहू, पिथौरा प्रदेश संयुक्त सचिव पंचम साहू, जिला साहू संघ बेमेतरा के उपाध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह साहू, हरीश साहू, घनश्याम साहू, प्रकाश साहू, बेमेतरा जिला साहू संघ मुंगेली के पूर्व अध्यक्ष बलदाऊ साहू, अध्यक्ष पुहुपराम साहू एवं युवा प्रकोष्ठ के प्रफुल्ल साहू, विक्की साहू, कामत साहू सहित ग्रामवासी एवं सामाजिक पदाधिकारी उपस्थित थे।