प्रदेश
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए
रायपुर। विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक खत्म हो गयी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
राज्य मंत्रिमण्डल ने राज्य में गठित पांचों विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन आदेश में आंशिक रूप से संशोधन की मंजूरी दी है। इस संशोधन से पांचों प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व का दायरा काफी विस्तृत किया गया है। पांचों प्राधिकरणों में अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल करने के साथ ही संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं प्राधिकरण क्षेत्रों के जिला पंचायत अध्यक्षों को अब इसका सदस्य बनाया गया है। पांचों प्राधिकरणों में प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शेष सभी सदस्य यथावत रहेंगे।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में प्रस्तावित संशोधन को मंत्रिमण्डल ने मंजूरी दी, जिसके तहत मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक उपाध्यक्ष होंगे। इस प्राधिकरण में सदस्य के रूप में शामिल पूर्व में मात्र तीन विभागों के मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त माननीय मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जिला पंचायत अध्यक्ष प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को प्राधिकरण के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 35 विधायकगणों को और अन्य सदस्यों को यथावत रखा गया है।
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्री एवं वित्त मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगण प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जनजाति बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष भी अब प्राधिकरण के सदस्य होंगे। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार इसमें सदस्य के रूप में शामिल 14 विधायकगणों को यथावत शामिल किया गया है।
अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण
माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विधायक (अ.जा. आरक्षित) प्राधिकरण के उपाध्यक्ष होंगे। राज्य मंत्रिमण्डल के दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों, संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण के जिला पंचायत अध्यक्ष (अ.जा.), अनुसूचित जाति विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव/सचिव इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुरूप सदस्य के रूप में शामिल किए गए 10 विधायकों को यथावत रखा गया है।
मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण
माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में किए गए संशोधन के अनुसार अब दो मंत्रीगणों के स्थान पर राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों तथा प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस प्राधिकरण में आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। इस प्राधिकरण में पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 12 विधायकों को यथावत रखा गया है।
बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण
माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्राधिकरण क्षेत्र के निर्वाचित विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) इसके उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल मात्र दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों, प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद तथा प्राधिकरण क्षेत्र के जनजातीय बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इस प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण में सदस्य के रूप में पूर्व में शामिल 12 विधायकगणों को यथावत सदस्य रखा गया है।
- मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से 262 व्यक्ति एवं संस्थाओं को 4 करोड़ 56 लाख 72 हजार रूपये स्वीकृत राशि का अनुमोदन किया गया।
- राज्य के शहरों के सुव्यवस्थित विकास और राज्य की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा एक बड़ा निर्णय लिया गया। जिसके तहत भूखण्डों का पुनर्गठन और प्रदेश में स्वीकृत विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु शहरी विकास नीति (टी.डी.एस.) का अनुमोदन किया गया। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने हेतु आवास एवं पर्यावरण विभाग को अधिकृत किया गया है।
प्रदेश में विकास योजनाओं में प्रस्तावित जनोपयोगी भूमि के समुचित रूप से विकास करने, अतिक्रमण तथा अवैध निर्माणों को हतोत्साहित करने एवं शहरी आबादी को आधुनिक नागरिक सुविधाओं के अभाव और असुविधाओं के निराकरण के लिए इस शहरी विकास नीति का निर्धारण किया गया है। नगर विकास योजना आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक अथवा अन्य प्रयोजन हेतु क्रियान्वित की जा सकेगी।
मतदाता सूची की शुद्धता ही चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता का आधार है : राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने स्थानीय निकायों के निर्वाचन हेतु निर्वाचक नामावली प्रेक्षकों की ब्रीफिंग में कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता ही चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता का आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए आज विशेष ब्रीफिंग का आयोजन किया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य नामावली में संभावित त्रुटियों को दूर करना और सभी योग्य मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज करना है ताकि चुनाव निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से आयोजित हो सके। आयुक्त अजय सिंह ने निर्धारित समय सीमा में मतदाता सूची शुद्ध एवं त्रुटि रहित बनाने के निर्देश दिए।
आयुक्त अजय सिंह ने सभी प्रेक्षकों से कहा कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के विभिन्न चरणों में ई आर ओ तथा ए ई आर ओ द्वारा किए जा रहे कार्यों का समय पर निरीक्षण करते रहें और यदि आपको आवंटित जिले में पुनरीक्षण कार्यक्रम में किसी भी चरण में जिले में नियमों, निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है तो इसकी सूचना संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी तथा आयोग को तत्काल प्रदान कर समाधान प्राप्त करें।
ब्रीफिंग में निर्वाचक प्रेक्षकों को निर्वाचन प्रक्रिया में उनकी अहम भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रेक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे मतदाता सूची की जांच और सुधार प्रक्रिया में पूरी सतर्कता बरतें। यह सुनिश्चित किया जाए कि सूची में कोई नाम दोहराया न जाए, मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएं, और नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएं। आयोग द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया की 1 जनवरी 2024 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले मतदाता का नाम सूची में आवश्यक रूप से जोड़ा जाए तथा जिला स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
आयोग के सचिव डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि जिला स्तर पर किसी भी प्रकार की समस्या आने पर राज्य निर्वाचन आयोग से संपर्क कर समाधान लिया जा सकता है।आयोग द्वारा जारी निर्देशों एवं निर्धारित प्रक्रिया का शत प्रतिशत पालन करें तथा किसी भी प्रकार की वाद विवाद की स्थिति निर्मित ना हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा दी गई जिम्मेदारी का गंभीरता पूर्वक पालन करें। इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग की उपसचिव डॉ. नेहा कपूर एवं आलोक श्रीवास्तव उपस्थित थे।


सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज, भाजपा पार्षदों की शिकायत पर मामला दर्ज
बिलासपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने का सिलसिला शुरू हो गया है. राजधानी रायपुर में गुरुवार को दर्ज एफआईआर के बाद अब बिलासपुर में भी राहुल गांधी के खिलाफ FIR हुई है. इसके अलावा प्रदेश के पांचो संभागों में शिकायत दर्ज कराई गई. बता दें कि हाल ही में अमरीका प्रवास के दौरान राहुल गांधी ने सिख समाज को लेकर बयान दिया था, जिसके बाद से देशभर में राहुल के बयान के बाद से सियासत गरमा गई है और मामले लगातार शिकायत दर्ज कराई जा रही है.
राहुल गांधी के अमेरिका प्रवास के दौरान दिए गए बयानों को लेकर बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में भाजपा पार्षदों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई. लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा 299 और 302 के तहत राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है.
शिकायत में भाजपा पार्षदों ने कहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने अमेरिका प्रवास में सिख समाज के धार्मिक प्रतीक पगड़ी और कड़ा को लेकर भी अमर्यादित और अप्रासांगिक टिप्पणी करके भारतीय लोकतंत्र भारत की सर्व समावेशी और सर्वस्पर्शी संवैधानिक व्यवस्था पर चोट पहुंचाने के साथ-साथ सिख समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. राहुल गांधी का यह कृत्य भी भारतीय सर्वधर्म समभाव की छवि को बिगाड़ कर विश्व पटल पर सिख समाज को अपमानित करने और भारत की छवि को गलत रूप में प्रस्तुत करने की एक सोची समझी राजनीतिक साजिश को प्रमाणित करता है. मामले में एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए.

बस्तर में मिली हीरे की मौजूदगी, भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में हुई पुष्टी, ग्रामीण कर रहे खनन का विरोध

ग्रामीणों का कहना है कि सर्वेक्षण की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से मिली, जिससे यह पता चला कि भविष्य में यहां खनन किया जा सकता है. उनका कहना है कि इस खनन में उनकी पट्टे वाली जमीन भी शामिल है. इसे लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. ग्रामीणों की मांग है कि भविष्य में होने वाली खनन की योजना को तुरंत रोका जाए.

आंदोलन की चेतावनी:
ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर खनन की योजना पर रोक नहीं लगती, तो वे अपने गांवों को पूरी तरह से बंद कर देंगे और किसी को भी गांव में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देंगे. इसके अलावा, वे ग्राम सभा आयोजित कर सशक्त निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं. यह पहला मौका नहीं है जब बस्तर के लोग खनन के खिलाफ खड़े हुए हैं. इससे पहले भी, 2016 में खनन के लिए हुए सर्वेक्षण का विरोध हुआ था, जिसके बाद खनन रोक दिया गया था.
महिलाओं का संघर्ष:

गांव की महिलाओं का कहना है कि वे इस गांव में चार पीढ़ियों से निवास कर रही हैं और वे अपने घरों को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगी. महिलाओं का कहना है कि उनकी जमीन और जंगल उनकी जीवनरेखा हैं, जिन्हें वे किसी भी कीमत पर नहीं खोना चाहतीं.
औद्योगीकरण का विरोध:
बस्तर में पहले भी औद्योगीकरण को लेकर विरोध होते रहे हैं. उदाहरण के लिए, लोहंडीगुड़ा में टाटा स्टील प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते वह परियोजना नहीं हो सकी. इसी प्रकार, नगरनार स्टील प्लांट भी ग्रामीणों की जमीन पर लगाया गया, लेकिन आज भी वहां के ग्रामीण रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
अब, बस्तर में डायमंड सर्वे के बाद ग्रामीणों में असंतोष और बढ़ गया है. उनका संघर्ष इस बात का प्रतीक है कि वे अपने जल, जंगल और जमीन को किसी भी सूरत में खोने नहीं देना चाहते.
जोगी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का गठन, संगठन में बड़े पैमाने पर हुआ बदलाव, देखें लिस्ट …
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की नई कार्यकारिणी लिस्ट के अनुसार, तीन लोगों को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें टांकेश्वर भारद्वाज, अशोक नगाईच, जहीर अहमद को उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसके साथ ही भगवानु नायक को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है. प्रदेश संगठन महामंत्री सौरभ झा को बनाया गया है. इसके साथ ही दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग में जिला अध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है.
देखें लिस्ट-


वन मंडल में करोड़ों का रॉयल्टी घोटाला, 121 एनीकट निर्माण में भ्रष्टाचार पर हुई सुनवाई
बिलासपुर। मरवाही वन मंडल में 3 करोड़ 80 लाख की रॉयल्टी घोटाला सामने आया है. इस मामले की सुनवाई बिलासपुर हाईकोर्ट में चल रही है, जहां वन विभाग ने रॉयल्टी रसीद पेश नहीं कर पाई. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को रिज्वाइंडर दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी.
जानकारी के मुताबिक मरवाही वन मंडल के पेंड्रा क्षेत्र में 121 एनीकट के निर्माण में बड़ी गड़बड़ी की गई है. खनिज सामग्री की सप्लाई के लिए ट्रक और हाइवा का इस्तेमाल किया गया, लेकिन नियमों के अनुसार रॉयल्टी की रसीद नहीं ली गई. वन विभाग ने बिना रसीद के ही करीब 3 करोड़ 80 लाख की रॉयल्टी की रकम का भुगतान कर दिया है.
64 दिनों की छुट्टी का स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
रायपुर। स्कूलों में इस साल 64 दिनों के लिए अवकाश की घोषणाा स्कूल शिक्षा विभाग ने की है। स्कूलों में इस साल दशहरा और दीपावली में 6-6 दिन की छुट्टी रहेगी। शीतकालीन अवकाश 6 दिन का ही रहेगा। गर्मी की छुट्टियां 46 दिनों की होगी। इस तरह कुल 64 दिनों के छुट्टी आदेश जारी किया गया है.
स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर ने शिक्षा सत्र 2024-25 (26 जून 2024 से 30 अप्रैल 2025) के लिए राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं के लिए अवकाश की घोषण की है।
इसमें दशहरा की छुट्टी 6 दिनों की रहेगी, जो 7 से 12 अक्टूबर तक होगी। दीपावली अवकाश 28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक रहेगा। शीतकालीन अवकाश 23 से 28 दिसंबर तक रहेगा। इस तरह गर्मी की छुट्टियां 1 मई से 15 जून 2025 तक 46 दिन की रहेगी।

नक्सल हिंसा से पीड़ित बस्तर के लोगों से मिले गृह मंत्री अमित शाह, दोहराया 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का मोदी सरकार का संकल्प…
नई दिल्ली। नक्सली हिंसा की वजह से अपने परिजनों को खोने वाले, अपाहिज होने वाले छत्तीसगढ़ के पीड़ितों से गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने नक्सल हिंसा के साथ विचारधारा को जड़ से उखाड़ फेंकने के सरकार के संकल्प को दोहराया.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने बस्तर के 4 जिलों को छोड़कर पूरे देश में नक्सलवाद को खत्म करने में सफल रही है. इस देश में नक्सलवाद को अंतिम विदाई देने के लिए 31 मार्च 2026 की तारीख तय की गई है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि उससे पहले नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा. मैं नक्सलियों से अपील करता हूं कि वे कानून के सामने आत्मसमर्पण करें. अपने हथियार को छोड़ दें.
बता दें कि नक्सली हिंसा से पीड़ित बस्तर के लोगों के एक समूह ने इलाके में न्याय और शांति की मांग को लेकर गुरुवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था. ‘बस्तर शांति समिति’ के बैनर तले समूह ने कर्तव्य पथ से अपना प्रदर्शन शुरू किया और दोपहर तक जंतर-मंतर पहुंचा.
बस्तर शांति समिति के समन्वयक मंगूराम कवाडे ने चर्चा में कहा कि हम दशकों से नक्सली हिंसा से पीड़ित हैं. हमारे गांव तबाह हो गए हैं और हमारा क्षेत्र विकास से वंचित रह गया है.’ हम मांग करते हैं कि बस्तर की आवाज सुनी जाए और हमारे लोगों को लगातार हो रही इस हिंसा से मुक्त कराया जाए.

‘मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना’ में भ्रष्टाचार: 3 एसडीओ और 8 सब इंजीनियर्स को जारी हुआ शो कॉज नोटिस…
मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली में ‘मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना’ के अंतर्गत बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. मुंगेली जिला कलेक्टर के निर्देश पर गठित टीम ने जांच कर इस बात का खुलासा किया है. जिसके बाद 3 एसडीओ और 8 सब इंजीनियर को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है. वहीं 1 ठेकेदार से रिकव्हरी के लिए पत्र जारी किया गया है.
बता दें, ‘मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना’ में हुए कार्यों की जांच में मुंगेली जिले के 24 स्कूलों में निर्माण कार्य असन्तोष जनक पाए गए. वहीं प्रदेशभर के अलग-अलग जिलों से मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना में भ्रष्टाचार की खबरें आ रही हैं. इन मामलों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्ती से जांच और कार्रावाई के निर्देश दिये हैं, जिसका असर ब जिलों ने देखने को मिल रहा है. कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए इस भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद प्रशासन जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है.
मुंगेली कलेक्टर राहुल देव ने बताया कि जांच के दौरान 24 स्कूलों में योजना के अंतर्गत गड़बड़ियां पाई गई हैं. इस मामले में सभी जिम्मेदारों के खिलाफ नोटिस जारी की गई है और भ्रष्टाचार करने वालों से लाखों रुपये की रिकवरी भी की जाएगी. सीएम साय के स्पष्ट निर्देश हैं कि मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिले में गंभीरता पूर्वक अनुशासन लाने के लिए कार्य भी किया गया है, लेकिन बावजूद इसके जिन लोगों ने गलतियां की हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.
नगरीय निकाय चुनाव से पहले जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी को झटका, प्रभारी महामंत्री महेश देवांगन ने छोड़ी पार्टी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनाव से पहले जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के प्रभारी महामंत्री महेश देवांगन ने आज राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रेणु जोगी को इस्तीफा पत्र प्रेषित करते अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। महेश देवांगन के इस निर्णय ने पार्टी के भीतर हलचल मचा दी है, क्योंकि महेश देवांगन को जोगी परिवार के बेहद करीबी और पार्टी के अहम सदस्य के रूप में देखा जाता रहा है।
पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रेणु जोगी और प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने उनका इस्तीफा भारी मन से स्वीकार किया। अमित जोगी ने इस मौके पर कहा, “महेश देवांगन जोगी परिवार के अभिन्न अंग थे, हैं, और आगे भी रहेंगे। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। हम उनके उज्जवल राजनीतिक भविष्य की कामना करते हैं।”
महेश देवांगन पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं और उनकी गिनती जोगी परिवार के भरोसेमंद सहयोगियों में होती थी। उनके इस्तीफे के कारण और भविष्य की योजना पर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह इस्तीफा पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव अमेरिका यात्रा से लौटे
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव अमेरिका के अध्ययन प्रवास के बाद आज सुबह रायपुर पहुंचे। राजधानी वापसी पर स्वामी विवेकानंद विमानतल पर उनका भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया की अमेरिका के अपनी अध्ययन यात्रा के दौरान उन्होंने पांच प्रमुख शहरों का भ्रमण कर सड़क निर्माण और सड़कों के रखरखाव की तकनीक, इनमें एआई (Artificial Intelligence) के उपयोग और पुल-पुलियों के निर्माण को लेकर तकनीकी विशेषज्ञों से चर्चा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह के साथ अमेरिका के बड़े-बड़े शहरों में निर्माण कार्यों में प्रयुक्त होने वाली तकनीकों का अध्ययन किया। श्री साव ने अमेरिका में निर्माण स्थलों और ग्रीन-फील्ड रोड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अपनी यात्रा को काफी लाभदायक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की परिस्थितियों में जिन तकनीकों का इस्तेमाल हो सकता है, उन्हें यहां जरूर लागू करेंगे।



श्री साव अपने अध्ययन प्रवास के दौरान शिकागो में आयोजित भारतीय स्वदेशी मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अमेरिका यात्रा के दौरान सभी शहरों में भारतीयों और खासकर छत्तीसगढ़ के लोगों से बड़ी संख्या में मुलाकात और बात हुई। छत्तीसगढ़ के बहुत से लोग वहां रह रहे हैं और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। श्री साव ने बताया कि उन्होंने अमेरिका में रह रहे छत्तीसगढ़ के लोगों, भारत के अन्य प्रांतों के लोगों और अमेरिकी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक-पौराणिक महत्व के स्थलों को देखने तथा यहां की संस्कृति और सभ्यता को समझने के लिए आमंत्रित किया हूं।
मुख्यमंत्री भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित युवा उत्सव 3.0 में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित युवा उत्सव 3.0 को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है और वे हमेशा कहते हैं कि युवाओं को जॉब गिवर बनना चाहिए ना की जॉब सीकर। निश्चित रूप से विकसित भारत बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं पर है और इस लक्ष्य को पाने में छत्तीसगढ़ की युवाशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है ।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह खुशी की बात है कि आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना को अपने आयोजन की थीम बनाया है। युवा उत्सव के दौरान अलग-अलग विषयों को लेकर पैनल डिस्कशन होंगे, जिसमें युवाओं के लिए उद्यम में अवसर पर बात होगी। सीआईआई और यंग इंडियन्स की इस पहल से वर्तमान और भावी पीढ़ी को सफल उद्यमी बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत नए जमाने की प्रौद्योगिकी और रोजगार जरूरतों के मुताबिक स्किल डेवलपमेंट करने और शिक्षा देने की बात पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में हम प्रदेश के आदिवासीबहुल क्षेत्र के युवाओं को अब रोबोटिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे तकनीकी विषय पढ़ा रहे हैं। प्रदेश के स्कूलों में स्किल डेवलपमेंट का कोर्स शामिल करने से पढ़ाई के साथ ही बच्चे हुनरमंद भी हो रहे हैं।
श्री साय ने कहा कि हमारे साथ उद्योग जगत के लोग बैठे हैं। आप सभी जानते है कि प्रदेश में प्रशिक्षित कुशल इंजीनियरों की बहुत अधिक मांग है। इस मांग को पूरी करने हम छत्तीसगढ़ में नए प्रौद्योगिकी संस्थान आरंभ करने जा रहे हैं। इस बजट में हमने आईआईटी की तर्ज पर पांच सीआईटी आरंभ करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा कर रही है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। एक हफ्ते पहले हमने पुलिस में विभिन्न पदों में भर्तियों के लिए स्वीकृति दी है। नालंदा की तर्ज पर हम सभी नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरी बनवा रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 लागू किया है और नई उद्योग नीति भी ला रहे है। छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से हम युवा उद्यमियों को बढ़ावा देंगे। इसके लिए प्रदेश के युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश मूलतः कृषि आधारित होने से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र में विकास की बड़ी संभावनाएं है। छत्तीसगढ़ फूड प्रोसेसिंग का वैश्विक केंद्र बनेगा। हवाई कार्गाे सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि इन उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सरगुजा और बस्तर को विकास की मुख्यधारा में शामिल कर अर्थव्यवस्था को विस्तार दे रहे हैं। इन दोनों ही संभागों में आप लोगों के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। दोनों ही जगहों में जैविक उत्पाद और लघु वनोपज को लेकर भी बड़ा काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम प्रदेश में कार्य कर रहे हैं। हमने अपना बजट वर्ष 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्यों को देखते हुए तैयार किया है। श्री साय ने कहा कि मुझे उम्मीद है हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित देशभर का युवा राष्ट्र की मज़बूती में अपना योगदान देने में पीछे नहीं रहेगा।
इस अवसर पर संजय जैन, अनुजा भंडारी, गौरव अग्रवाल, श्वेता सहित सीआईआई छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी उपस्थित थे।


राजधानी में बड़े धूमधाम से निकली गणेश विसर्जन झांकी, गाड़ा बाजा के साथ बैंड की धुन में झूमे लोग

वहीं पुराने दौर की तरह अधिकांश झांकियों में वाद्य यंत्र दफड़ा, गाड़ा बाजा के साथ बैंड का इस्तेमाल हुआ. इन वाद्य यंत्रों की धुनों के बीच शहर में झांकियों का उत्सव मनाया गया, जिसमें समिति सदस्यों के साथ-साथ शहर के लोग झूमते नजर आए. वहीं झांकी में कुछ समितियों ने सीमित संख्या के बॉक्स के साथ साउंड सिस्टम इस्तेमाल किया. इसके साथ ही कई झांकियों में डीजे भी नजर आई.

झांकी में चाकू मारकर युवक की हत्या
शहर में झांकी की शुरुआत जैसे ही हुई तभी करीब 11 बजे देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र के फोकटपारा में एक 20 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. हालांकि झांकी के दौरान दर्शकों की भीड़ उमड़ने के मद्देनजर एक हफ्ते पहले से तैयारियां जारी थी और 20 अधिकारियों के नेतृत्व में एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया लेकिन झांकी से पहले ही देवेन्द्रनगर क्षेत्र में हत्या से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.

डीजे के साथ निकलीं कई झांकियां
झांकी में डीजे वाली झांकी भी लोगों को नजर आई. प्रशासन के आदेश के बाद भी कई झांकियां डीजे के साथ निकली. वहीं कई झांकियां धुमाल पार्टी और आकर्षक लाइटों के साथ निकली. झांकियों की धूम सुबह तक नजर आई दर्शक भी काफी उत्साहित नजर आए और शारदा चौके से शुरू हुई झांकियों का कारवां महादेव घाट की ओर चल रहा है.

ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई: चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने राज्य सरकार को दिए कड़े निर्देश
बिलासपुर। ध्वनि प्रदूषण के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि पूरे राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि आम नागरिक शांति से रह सकें। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
बता दें कि आज सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने बीते दिनों भिलाई में हुई एक गंभीर घटना का उल्लेख किया। जहां एक व्यक्ति ने तेज आवाज में डीजे बजाने के खिलाफ अनुरोध किया था, जिसे अनसुना कर दिया गया। इस स्थिति से दुखी होकर उसने आत्महत्या कर ली। चीफ जस्टिस ने कहा कि जितनी आवाज में स्पीकर्स और साउंड बॉक्स को बजाने की अनुमति है उतनी ही आवाज में डीजे को बजाने की अनुमति दें।
मामले की सुनवाई के दौरान बेंच ने नागरिकों के अधिकारों के प्रति जागरूकता पर टिप्पणी की और कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी की कमी पर चिंता जताई। बेंच ने कहा कि यहां नागरिक अपने अधिकारों के प्रति तो जागरूक हैं मगर कर्तव्यों के लिए उनकी कोई जवाबदारी नहीं दिखाई देती। त्यौहार मनाने के नाम पर कुछ लोग नशा कर रहे हैं, अमर्यादित व्यवहार कर रहे हैं।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर तेज आवाज में डीजे बजेगा, तो छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी और आत्महत्या जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं। इस सबकी जिम्मेदारी कौन लेगा? सुनवाई के दौरान बिलासपुर एसपी ने शपथपत्र पेश किया और महाधिवक्ता ने कहा कि अनुमति योग्य आवाज में साउंड सिस्टम रखने के लिए सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री का जीरो टॉलरेंस, पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक को किया निलंबित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर कान्फ्रेंस में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस को लेकर सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए थे। मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर कड़ाई जमीनी स्तर पर भी उतनी ही सख्त नजर आ रही है। इसकी बानगी एक बार फिर सरकार की त्वरित कार्रवाई से दिखती है। बीते दिनों छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई शैक्षणिक सत्र 2024-25 की नई किताबों को कबाड़ में बेचे जाने का मामला सामने आया था।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिलयारी स्थित रियल बोर्ड पेपर मिल में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई वर्ष 2024-25 सत्र की नई किताबें के कबाड़ में बेचे जाने की घटना के प्रकाश में आने पर तत्काल गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले को इस घटना की जांच के निर्देश दिए थे। जांच के उपरांत छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर प्रेम प्रकाश शर्मा की प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित होने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्टर एसपी कांफ्रेंस में कड़े तेवर दिखाने के बाद मुख्यमंत्री ने निलंबन की इस कार्यवाही से यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक लापरवाही उन्हें बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं होगी।
छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम का मामला सामने आने पर इस घटना की जाँच का दायित्व मुख्य सचिव के पश्चात सबसे वरिष्ठ अधिकारी को देना यह स्पष्ट करता है कि इस राज्य में अब प्रशासनिक ढिलाई के दिन बीत चुके हैं । यदि किसी ने लापरवाही या भ्रष्टाचार किया, तो उस पर कार्यवाही अवश्य होगी।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों सीएम के रौद्र रूप कई प्रशासनिक निर्णयों में दृष्टिगोचर हुए हैं। सीएम शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों में बिलकुल भी लापरवाही नहीं चाहते। मुख्यमंत्री श्री साय ने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने वाले लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह सुशासन की सरकार है और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के द्वारा अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी तथा लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कारवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री की पहल : स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर होगी भर्ती
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पतालों में उन्नत चिकित्सकीय उपकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में वित्त विभाग ने स्वास्थ्य विभाग में रिक्त विभिन्न 650 पदों पर भर्ती की अनुमति दे दी गई है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि वित्त विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग को स्टॉफ नर्स, टेक्नीशियन, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, ड्रेसर, वार्ड व्वाय, वार्ड आया आदि के कुल 650 पदों पर भर्ती के लिए अनुमति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर उक्त पदों की भर्ती की जाएगी।
वित्त विभाग द्वारा स्टॉफ नर्स के 225, सायकेट्रिक नर्स के 5, ओ.टी. टेक्नीशियन के 15, डेंटल टेक्नीशियन के 5, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरूष एवं महिला के 100-100, सहायक ग्रेड-3 एवं फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के 25-25, ड्रेसर ग्रेड-1 के 50, तथा वार्ड व्वॉय एवं वार्ड आया के 50-50 इस प्रकार कुल 650 पदों पर भर्ती के अनुमति स्वास्थ्य विभाग को दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कैबिनेट ने ‘पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान‘ को मिली मंजूरी, अभियान के लिए 79156 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान‘ को मंजूरी दे दी है। इस अभियान के तहत आदिवासी बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में आदिवासी परिवारों को सेचुरेट करने तथा आदिवासी समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए 79,156 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
जिसमें केन्द्र सरकार का 56,333 करोड़ रूपए और राज्य सरकार का 22,823 करोड़ रूपए का हिस्सा शामिल हैं। इस अभियान के तहत लगभग 63 हजार गांव शामिल होंगे। जिसमें पांच करोड़ से अधिक आदिवासी लोगों को लाभ मिलेगा।
छत्तीसगढ़ के आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्प संख्यक विकास मंत्री रामविचार नेताम ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्रीय मंत्री परिषद के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ की आबादी में जनजातियों का हिस्सा एक तिहाई है। इस योजना के क्रियान्वयन से आदिवासी बहुल गांवों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ेगी, जिससे लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या 10.45 करोड़ है और देश भर में 705 से अधिक आदिवासी समुदाय हैं, जो दूरदराज और पहुंच से दूर के क्षेत्रों में रहते हैं। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान का उद्देश्य भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सामाजिक बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका में महत्वपूर्ण अंतराल को भरना और पीएम जनमन की सीख और सफलता के आधार पर आदिवासी क्षेत्रों और समुदायों का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित करना है।