रायपुर। कोरबा नगर निगम क्षेत्र के वॉर्ड क्रमांक 48 सेमीपाली बस्ती में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में मंत्री लखन लाल देवांगन ने जिला खनिज न्यास मद से वॉर्ड क्रमांक 47 जमनीपाली केपीएस स्कूल के पास से रमला देवी से होते हुए ग्राम सभा भवन के सामने तक नाली निर्माण, गोपालपुर में कोसगाई दाई प्रांगण चबुतरा में छत का निर्माण लागत राशि 7.99 लाख, वॉर्ड क्रमांक 48 प्राथमिक शाला सेमीपाली में नवीन भवन का निर्माण कार्य लागत 13.64 लाख, वार्ड क्रमांक 53 तुलसी नगर स्वीपर मोहल्ला मे पंडाल निर्माण कार्य लागत 4.95 लाख के कार्यों का भूमिपूजन किया।
इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा की ऐसा कोई वार्ड, बस्ती या फिर क्षेत्र विकास कार्यों से वंचित नहीं रहेगा। जितनी भी निधि या फिर मद है उनका सदुपयोग करते हुए प्राथमिकताएं तय की गई है। विष्णुदेव साय सरकार की मंशा है की सभी वार्डों में एक साथ विकास कार्य प्रारंभ किए जाएं। इसके लिए डीएमएफ, अधोसंरचना मद के अलावा अन्य मद से कार्यों को तत्कल स्वीकृत करा कर प्रारंभ किए जा रहे हैं। सड़क नाली के साथ-साथ अन्य अधोसंरचना के कार्य जैसे मंच, सामुदायिक भवन और पंडाल समेत अन्य कार्य भी प्रारंभ किए जा रहे हैं। मंत्री श्री देवांगन ने कहा की अभी एक सप्ताह पहले ही मुख्यमंत्री ने कोरबा शहर को 7 करोड़ के विकास कार्यों की स्वीकृति दी है, इस सूची में भी सभी वार्ड के जरूरी कार्यों को स्वीकृत किया जा चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। इस अवसर पर वार्ड पार्षद विजय साहू ने कहा की बीते साढ़े 4 साल से सड़क और नाली निर्माण के लिए परेशान थे, वार्ड के साथ भेदभाव किया जा रहा था। मंत्री श्री देवांगन ने सिर्फ 8 महीने में ही सभी रुके हुए कार्यों की स्वीकृति दिलाकर आज कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर वॉर्ड क्रमांक 16 के पार्षद नरेंद्र देवांगन, एमआईसी सदस्य सुनील पटेल, वॉर्ड क्रमांक 48 के पार्षद विजय साहू, वार्ड क्रमांक 47 के पार्षद पुष्पा देवी कंवर, बूथ अध्यक्ष थनेस्वर सिंह, अतिराम कंवर, विशाल सिंह, रतन बाई, कलेश कंवर, सुमित्रा कंवर, नकुल सिंह, आनंद सिंह कंवर, सुमिरन सिंह समेत अधिक संख्या में वॉर्ड वासी उपस्थित रहे।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के गांधीनगर में चौथे ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स समिट एंड एक्सपो (री-इंवेस्ट-24) का शुभारंभ किया। इसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में क्लीन और ग्रीन एनर्जी (Clean and green energy) के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को मंच से साझा किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने में छत्तीसगढ़ राज्य का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सोलर एनर्जी, हायडल एनर्जी, बायोगैस से बिजली के उत्पादन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में बिजली की खपत 5500 मेगावाट है। प्रदेश में करीब 15 प्रतिशत बिजली का उत्पादन रिन्यूएबल एनर्जी के स्त्रोतों से किया जा रहा है। इसे आने वाले समय में 45 प्रतिशत तक बढ़ाने का हमारा लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे जहां अक्षय ऊर्जा से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं जलवायु परिवर्तन की बड़ी चुनौती से निपटने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा के उत्पादन की असीम संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण क्रेडा के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा तथा अन्य गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के दूरस्थ एवं वनांचलों में स्थित गांवों में जहां बसाहटें काफी बिखरी हुई होती हैं। बसाहटों की दूरी एक दूसरे से दो-तीन किमी तक होती है। बीच में कोई नाला आ गया, कोई छोटी सी पहाड़ी आ गई। ऐसे में बिजली की लाइन खींचना बेहद कठिन होता है और लागत बढ़ जाती है। ऐसे क्षेत्रों में क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा से बिजली पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ढाई हजार से ज्यादा शासकीय भवन, आश्रम छात्रावास और स्वास्थ्य केंद्र सौर ऊर्जा से रोशन हैं। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रेडा को वर्ष 2018 में सराहा गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारंभ की गई पीएम सूर्यघर योजना से देश का आम आदमी अब बिजली खरीदने वाला नहीं, बिजली बेचने वाला बन जाएगा। छत्तीसगढ़ में भी इस योजना के उत्साह जनक परिणाम मिल रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में वार्डवार शिविर लगाकर लोगों को इस योजना के संबंध में जागरूक किया जा रहा है और मौके पर ही फार्म भराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से भिलाई के बीच चरौदा में रेलवे की जमीन पर सोलर प्लांट लगाया गया है। इस सोलर प्लांट से रायपुर और दुर्ग की लोकल ट्रेन चल रही हैं। इसी तरह बलरामपुर जिले के तातापानी में गर्म जल के प्राकृतिक कुंड हैं। यहां 100 किलो वाट का भूतापीय विद्युत संयंत्र लगाने का निर्णय लिया गया है। खेती-किसानी में भी सिंचाई के लिए सौर सिंचाई पंपों का उपयोग किया जा रहा है। क्रेडा द्वारा किसानों के खेतों में डेढ़ लाख से ज्यादा सोलर सिंचाई पंप स्थापित किए गए हैं। इसी तरह प्रदेश में सोलर पंप के माध्यम से 230 सौर सामुदायिक सिंचाई संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में लगभग 25 हजार सोलर पेयजल पंप स्थापित किये जा चुके हैं। इनसे साढ़े छह लाख परिवारों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में छोटे-छोटे लघु जल विद्युत संयंत्र भी स्थापित किए गए हैं, इनसे 75 मेगावाट ऊर्जा मिल रही है। प्रदेश में 37 लघु जल विद्युत परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ भी प्रमुख भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय ऊर्जा प्रदूषण मुक्त ऊर्जा का स्त्रोत है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के स्त्रोत हमेशा मौजूद रहने वाले हैं। पूरी दुनिया इनकी ओर बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ में भी हम सब अक्षय ऊर्जा के अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित हैं। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चौथे ’ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट एंड एक्सपो’ (री-इन्वेस्ट) का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य श्री देवव्रत, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश और गोवा के मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ के उर्जा विभाग के सचिव पी. दयानंद एवं क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस कार्यक्रम में 40 से अधिक सत्र होंगे। री-इंवेस्ट-24 की थीम ‘मिशन 500 गीगावाट’ है। पहली बार यह कार्यक्रम राजधानी दिल्ली से बाहर हो रहा है।
चौथे ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स समिट एंड एक्सपो (री-इंवेस्ट-24) में ये देश हुए शामिल
एक्सपो समिट में मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, राजस्थान, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश हिस्सा रहा हैं। वहीं इस साल प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भागीदारों में ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, जर्मनी और नॉर्वे जैसे देश भी शामिल हैं। री-इन्वेस्ट समिट दुनिया को भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता को प्रदर्शित करने और बहुपक्षीय वार्ता शुरू करके क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दुर्ग-विखाशापट्टनम के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. रायपुर से विशाखापटनम की दूरी दूसरी ट्रेन जहां 11 घंटों में तय करते थे, वह तेज भागने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस महज 8 घंटे में पूरा करेगी. इसके अलावा इस ट्रेन की खासियत है कि इसमें यात्रीगण जरूरत पड़ने पर महज एक बटन दबाकर सीधे गार्ड और ड्राइवर से बात कर पाएंगे.
गरियाबंद। देवभोग के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में अतरिक्त कक्ष निर्माण के लिए केंद्रीय योजना के समग्र शिक्षा मद से 48.42 लाख की मंजूरी दिया गया था. मैनपुर के लिए भी इतने ही राशि की मंजूरी दी गई है कार्य कराने की जवाबदारी गृह निर्माण मंडल को सौंप दिया गया है. मंडल ने टेंडर जारी कर उक्त कार्य निर्माण के लिए जून 2023 में मेसर्स अनिल कुमार चंदसोरया फर्म को इसकी जवाबदारी दिया है. काम भी शुरू हो गया है. लेकिन कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के शाला प्रबंध समिति को इस निर्माण पर आपत्ति है.
समिति के अध्यक्ष प्रमोद यदु और उपाध्यक्ष प्रेमा बाई मांझी ने गृह निर्माण मंडल पर मनमानी का आरोप लगाया है. यदु ने केंद्र से तय ड्राइंग डिजाइन को दिखाते हुए कहा कि अतरिक्त कक्ष का निर्माण आवासीय विद्यालय से लगे स्थान पर बनना था,ग्राउंड लेबल से कूल 6 कमरे का प्रावधान था जिसे बहु मंजिला बनाया जाना था. लेकिन गृह निर्माण मंडल ने भारत सरकार के बगैर सहमति अनुमति के अपने हिसाब से ही ड्राइंग बना दिया. बनाया गया ड्राइंग भी होस्टल के अनुरूप सूटेबल नहीं है. प्रमोद यदु ने कहा कि मूल होस्टल से 500 मीटर के भीतर बनाने के बजाए 2016 में आधा अधूरा निर्मित आरएमएस भवन में इसका निर्माण करवा रही है. उक्त भवन के निर्माण में पहले ही कई लापरवाही बरती गई थी,भवन के फर्स्ट फ्लोर में जो पिलहर उठाए गए थे उसी को तोड़ कर पहले के रोड में नए भवन के लिए लेपिंग किया जा रहा है. कक्ष की साइज भी छोटे कर 6 के बजाए 13 कर दिया गया है. जिससे छात्रवास संचालन में भी दिक्कत आएगी.
ड्रिलिंग के चलते नीचे भवन में पड़ रही दरार
देवभोग कस्तूरबा शाला प्रबंधन समिति ने बताया की निर्माण के लिए पुराने पिल्हर को ड्रिल से तोड़ा जा रहा है. जिससे कमजोर बने भवन के निचले दीवारों में दरारे आ रही है. ऐसे में नए भवन के टिकाऊ पर भी सवाल उठाया. आगे बताया कि अवधि निकल गई है, धीरे काम हो रहा है, उपयोग किए जा रहे मटेरियल की क्वालिटी भी अमानक है. हाउसिंग बोर्ड के अफसर कर्मी सभी रायपुर में रहते हैं. ठेका कंपनी अपने मुनीम के भरोसे मनमाफिक काम करा रहा है. अफसर कार्य क्षेत्र में झांकने तक नहीं आते.
समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक के पास हाउसिंग बोर्ड का था प्रभार
भवन निर्माण शुरू होने से पहले ही शाला प्रबंधन समिति के आपत्ति पर कस्तूरबा की अधीक्षिका ने समग्र शिक्षा के तत्कालीन प्रबंध संचालक इफ्फत आरा को 21/06/23 को पत्र लिख बदले गए डिजाइन पर आपत्ति दर्ज कराया था. इस पत्र के निराकरण के लिए समग्र शिक्षा से पत्र गृह निर्माण मंडल के आयुक्त को पत्र लिख निर्माण किए जाने वाले 6 कक्ष के लिए नियम का पालन और शिकायत का निराकरण करने 06/07/23 को पत्र जारी किया था. लेकिन अपाप्ति का निराकरण किए बगैर काम को शुरू कर दिया गया. बताया जाता है की उस समय इफ्फात आरा हाउसिंग बोर्ड के प्रबंध संचालक का प्रभार भी संभाल रही थी. शायद इसी बड़ी वजह के कारण जिला प्रशासन की आपत्ति के बावजूद तब्दील किए गए ड्राइंग मामले की कोई सुनवाई प्रदेश स्तर पर नही हुई.
गृह निर्माण मंडल की प्रतिक्रिया
गृह निर्माण मंडल के एसडीओ जितेंद्र साहू ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ड्राइंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि काम को समय-समय पर मैं खुद देखता हूं, नीचे के भवन दीवार में भी कोई दरार नहीं है. उपयोग किए जाने वाले सामग्री की गुणवत्ता जांच लैब में होती है. हालांकि, उन्होंने माना कि कार्य में विलंब जरूर हुआ है और जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा.
रायपुर। कवर्धा जिले के लोहारीडीह घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल घटना स्थल का दौरा कर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से मुलाकात करेगा. इस प्रतिनिधि मंडल में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण महंत सहित कई नेता शामिल होंगे. यह निर्णय प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट से चर्चा के बाद लिया गया.
बता दें कि रविवार को गांव के लोगों ने एक परिवार को जलाने की कोशिश की. घर में आग लगाने से एक युवक की मौत हो गई. यह घटना उस समय घटी जब एक युवक की हत्या के शक में ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा कर दिया. स्थिति तब और बिगड़ गई जब गुस्साए लोगों ने मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया.
आक्रोशित ग्रामीणों ने एसपी अभिषेक पल्लव को बंधक बनाने की कोशिश की, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए. पुलिस ने 170 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है. वहीं गांव में बवाल करने वाले 70 लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके.
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के गांधीनगर में चौथे ‘ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट एंड एक्सपो’ का शुभारंभ किया. इस मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने “ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट एंड एक्सपो-2024” का सत्र उत्साहवर्धक रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ का अहम योगदान रहेगा.
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का संकल्प है कि आने वाले 2030 तक इस देश में 500 मेगावाट रिन्यूअल एनर्जी का उत्पादन हो और उसे क्षेत्र में हमारा छत्तीसगढ़ का भी काफी योगदान रहेगा. हम सोलर के सेक्टर में, हाईड्रल में, बायोगैस में सभी में अच्छा काम कर रहे हैं. अभी हमारे प्रदेश की खपत कुल 5500 मेगावाट है जिसमें से करीब 15% रिन्यूअल एनर्जी में आधारित है, जिसे आगे ले जाकर हम 45% तक बढ़ाने वाले हैं. इस तरह से जो प्रधानमंत्री का संकल्प है, उसमें हमारे छत्तीसगढ़ का भी योगदान रहेगा.
रायपुर। कवर्धा जिले के लोहारीडीह की घटना को लेकर उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा, यह घटना दुखद है. ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी. फिलहाल सभी नियंत्रण में है. प्रभावित गांव में पुलिस बल तैनात हैं.
गृहमंत्री शर्मा ने कहा, मध्यप्रदेश के बॉर्डर के उस पार लाश लटकी मिली है. लोहारीडीह के एक युवक की हत्या के शक में आगजनी की घटना हुई है, जिसमें जलकर एक व्यक्ति की मौत हुई है. इस मामले में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. घटना कैसे हुई, यह जांच का विषय है. जांच के बाद घटना की वजह स्पष्ट हो जाएगी. पहले घटना स्थल पर पुलिस बल कम था तो कुछ परेशानी हुई थी. उसके बाद पुलिस के साथ कुछ कलेश हुआ उस वक्त SP वहां स्वयं मौजूद थे. मौके पर पुलिस बल बढ़ाया गया है. अभी मामला नियंत्रण में है.
जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई
गृहमंत्री ने कहा, इस घटना को कैसे अंजाम दिया गया है, इसे लेकर कुछ कहना जल्दीबाजी होगा. जांच होने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि कौन जिम्मेदार है और कैसे अंजाम दिया गया है. पुलिस की रोल निष्पक्ष होना चाहिए. मुस्तैदी से पुलिस वहां गांव को नियंत्रण में लिया है. लोगों से आग्रह है कि शांति बनाए रखें. पुलिस को कार्रवाई करने में मदद करें. उन्होंने कहा, लोहारीडीह शांतिप्रिय गांव है. यहां एक बार नहीं सौ बार से भी ज्यादा गया हूं. घर-घर के लोगों से पहचान है.
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ गांव
घटना के बाद गांव छावनी में तब्दील हो गया है. लगभग 450 से ज्यादा जवान तैनात हैं. मामले से जुड़े लगभग 50 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. लगभग 40-50 आरोपियों की तलाश जारी है. कार्रवाई के दौरान पुलिस वाले भी चोटिल हुए हैं.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सीमेंट कंपनियों ने 45 रुपए दाम घटा दिए हैं. बता दें कि सीमेंट कंपनियों ने 50 रुपए दाम बढ़ा दिए थे. इसका रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विरोध किया था और मुख्यमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री और प्रतिस्पर्धा आयोग को पत्र भी लिखा था और बढ़ी कीमत को वापस लेने की मांग की थी.
पत्र में सांसद ने उल्लेख किया था कि छत्तीसगढ़ खनिज, लौह, कोयला, और ऊर्जा संसाधनों से भरपूर है, इसके बावजुद सीमेंट कंपनियों ने 3 सितंबर 2024 से कीमतों में एकाएक वृद्धि की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सीमेंट कंपनियों ने एक कार्टल बनाकर सीमेंट की कीमतें 50 रुपए प्रति बोरी तक बढ़ा दी हैं, जो कि प्रदेश की जनता पर सीधा आर्थिक बोझ डाल रही है।
सांसद ने पत्र में आगे उल्लेख किया था कि “छत्तीसगढ़ की सरकार को सीमेंट फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए कीमतों की वृद्धि को वापस कराकर आम जनता को राहत दिलाने की आवश्यकता है। प्रदेश में सीमेंट कंपनियों को खनिज, कोयला, ऊर्जा, और सस्ती बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, फिर भी कीमतों में वृद्धि सीधे-सीधे छत्तीसगढ़ की जनता के लिए भार है।” पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में सीमेंट का मासिक उत्पादन लगभग 30 लाख टन (8 करोड़ बैग) है। 3 सितंबर 2024 से पूर्व सीमेंट की कीमतें लगभग 260 रुपए प्रति बोरी थीं, जो अचानक एक दिन में 310 रुपए कर दी गई हैं। सरकारी और जनहित के प्रोजेक्ट्स के लिए मिलने वाला सीमेंट भी 210 से बढ़ाकर 260 रुपए प्रति बोरी कर दिया गया है।
सांसद अग्रवाल ने अपने पत्र में सीमेंट की कीमत में वृद्धि पर चिंता जताते हुए यह भी बताया कि कीमत वृद्धि का असर छत्तीसगढ़ में चल रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जैसे सड़क, भवन, पुल-पुलिया, नहर, स्कूल, कॉलेज, और पीएम आवास योजना पर भी पड़ेगा। इस अचानक की गई वृद्धि से शासकीय प्रोजेक्ट्स की लागत बढ़ जाएगी और गरीबों के लिए घर बनाना कठिन हो जाएगा, जो कि राज्य और देश के हित में नहीं है।
बलरामपुर। प्रतापपुर और वाड्रफनगर को मिलाकर एक नए जिले बनाने की मांग उठ रही है. इस संबंध में वाड्रफनगर के जनपद पंचायत सभागार में जिला बनाओ संघर्ष समिति की बैठक हुई, जिसमें नए जिले का नाम उत्तर सरगुजा रखने का प्रस्ताव रखा गया. इसके साथ ही जिला मुख्यालय का निर्माण अम्बिकापुर-वाड्रफनगर मुख्य मार्ग के समीप स्थापित किए जाने पर सहमति जताई.
बैठक के दौरान चर्चा आई कि सरगुजा जिले से पृथक हो कर बने दो नए जिला बलरामपुर और सूरजपुर 2012 से अस्तित्व में आए हैं. जिसमें उपेक्षा के शिकार वाड्रफनगर और प्रतापपुर दोनों तहसील मुख्यालय हुए हैं. अगर सूरजपुर की बात करे तो प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र का आधा हिस्सा वाड्रफनगर हैं, जो बलरामपुर जिले में आता हैं. इस कारण सूरजपुर जिले में उपेक्षित रवैया जिला प्रशासन का हमेशा रहा है. इसी तरह वाड्रफनगर वासियों के लिए बलरामपुर जिला मुख्यालय में आना-जाना काफी लंबा होता, जहां किसी प्रकार की कोई बस या ट्रेन सेवा अब तक शुरू नहीं हो पाई है.
जिला बनाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने तमाम और सुविधाओं को देखते हुए नए जिला बनाने की मांग राज्यपाल और मुख्यमंत्री के पास पत्र के माध्यम से रखने की बात कही है. बैठक में यह भी बात कही कि जब तक जिला का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक समिति गांधीवादी विचारधारा से आंदोलन करती रहेगी. समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जिला बनने हेतु जो भी अहर्ताएं जरूरी होती हैं, वह सभी पहलू वाड्रफनगर व प्रतापपुर को मिलाकर पूर्ण हो जाती है, इसलिए नए जिले का निर्माण उत्तर सरगुजा के नाम से किया जाए.
इस बैठक में प्रतापपुर से एडवोकेट गिरीश पटेल, लाल संतोष सिंह, नवीन जायसवाल, गोपाल कश्यप, हरिहर यादव, जयप्रकाश जायसवाल, पुरंजय मिश्रा, धीरेंद्र द्विवेदी, राजू सिंह उइके, रामदेव जगते, अनिल कुशवाहा, सीताराम कुशवाहा, अमित खाखा, नंदू कुशवाहा, राजेन्द्र जायसवाल, लालती सिंह, भगवान दास केसरी, राजकिशोर शुक्ला, अब्दुल रशीद, दिनेश आयाम, राकेश कनौजिया, सुदीप उपाध्याय, नंदलाल श्यामले, दीपक यादव, देवनारायण मरावी सहित सभी समाज के प्रमुख जन उपस्थित रहे.
रायपुर। भोपाल में आयोजित उल्लास के रीजनल कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ के अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने हर कार्य में बेहतर प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जहां एक ओर नवाचारी गतिविधियों की बेहतर प्रस्तुति दी गई, जिसमें कठपुतली इत्यादि को संजोकर छत्तीसगढ की प्रदर्शनी लगाई गई। शिक्षार्थी व स्वयंसेवी शिक्षक ने चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर उपाय बताएं वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी छत्तीसगढ़ छाया रहा।
भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की संयुक्त सचिव अर्चना शर्मा अवस्थी, एनसीईआरटी नई दिल्ली की एनसीएल प्रभारी प्रोफेसर उषा शर्मा राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण व राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद छत्तीसगढ़ के डायरेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा के कुशल नेतृत्व में दो दिवसीय उल्लास क्षेत्रीय सम्मेलन रीजनल कॉन्फ्रेंस NITTTR भोपाल में आयोजित कियागया। श्री कटारा ने छत्तीसगढ़ में उल्लास कार्यक्रम की प्रगति से संयुक्त सचिव श्रीमती अवस्थी को अवगत कराया। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण में उल्लास कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी कार्यक्रम में प्रोजेक्टर के द्वारा छत्तीसगढ़ में उल्लास में किए गए कार्यों एवं बेस्ट प्रैक्टिसेस को बताया। प्रस्तुतिकरण में साक्षरता चौक साक्षरता रथ साक्षरता ताली स्थानीय संसाधनों से पढ़ने के नए-नए तरीके के साथ यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम चरण में 10 लाख असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य दिया गया है, उसमें से 75 प्रतिशत नाम उल्लास पोर्टल में दर्ज कर लिया गया है।
एससीईआरटी एससीएल प्रकोष्ठ प्रभारी डेकेश्वर प्रसाद वर्मा ने बताया कि उल्लास प्रवेशिका को छत्तीसगढ़ के परिप्रेक्ष्य में स्थानीय संदर्भ लोक संस्कृति, लोक कला को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के 16 स्थानीय भाषाओं में उल्लास गीत पुस्तक एवं ऑडियो निर्माण किए गए है।
छत्तीसगढ़ तथा अन्य प्रदेशों के सेल्फ टीचिंग लर्निंग मटेरियल स्टॉल लगाए गए थे। छत्तीसगढ़ का स्टॉल आकर्षक रहा ओर सभी अतिथियों ने किए गए कार्यों की सराहना की। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह क्षेत्रीय सम्मेलन विशेष रहा है रायपुर की जिला परियोजना अधिकारी डॉ कामिनी बावनकर के संयोजन में छत्तीसगढ़ की टीम ने सेल्फ टीचर लर्निंग मटेरियल को तैयार करके मंच पर बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया। जिसकी सभी राज्यों ने प्रशंसा की। संचालक श्री कटारा के आतिथ्य में सांस्कृतिक संध्या के प्रतिभागियों को अंग वस्त्र एवं पौधा भेंट किया गया।
भोपाल की धरती पर छत्तीसगढ़ महतारी का वंदन गीत पर शानदार नृत्य निर्जला धीवर, स्वयंसेवी शिक्षक एवं छत्तीसगढ़ के सरगुजा नृत्य हाय रे सरगुजा नाचे… गीत के नृत्य में, हेम धर साहू एवं ग्रुप ने सभी प्रतिभागियों को झूमने पर मजबूर किया । सांस्कृतिक संध्या मेंठछत्तीसगढ़ के बैगा संस्कृति व वेशभूषा से बीएड कॉलेज के छात्र अध्यापकों ने सभी को प्रभावित किया। छत्तीसगढ़ लोक संस्कृति के परिधान में साक्षरता के लिए किए गए कार्यों से लोग प्रभावित हुए और क्षेत्रीय सम्मेलन में अमिट छाप छोड़ी।
छत्तीसगढ़ के स्वयंसेवी शिक्षकों, नव साक्षर, शिक्षार्थी ने साक्षर बनाने में आ रही चुनौतियो को बताते हुएठ उल्लास में किए गए कार्यों की सफलता की कहानी बताई। स्वयंसेवी शिक्षकों की नवाचारी गतिविधियां कठपुतली के माध्यम से ‘‘दीदी ओ दाई ओ पढ़ना लिखना है जरूरी……..’’ जैसे गीतों के साथ स्वयं सेवी शिक्षकों, नव साक्षर, शिक्षार्थी में आत्मविश्वास बना रहा। शिक्षक तस्कीन खान ने बताया कि वह शिक्षार्थियों को कक्षा में जोड़ने के लिए मुस्लिम होने के बावजूद रामचरितमानस सुनाकर रामायण पढ़ने की ललक जगाकर शिक्षार्थियों को पढ़ने की ओर प्रेरित किया।जन जन साक्षर… जय अक्षर का संकल्प लेते हुए छत्तीसगढ़ की टीम ने अपनी उपलब्धियां से दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। लोगों ने कहा छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया।
इस अवसर पर राज्य शिक्षा केंद्र के डायरेक्टर हरजिंदर सिंह, शिक्षा मंत्रालय की सलाहकार सुनीता चौहान, बानी बोरा, राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के नियंत्रक राकेश दुबे, सिद्धांत ज्योति, किरण खलको निर्जला धीवर, श्रुति तिवारी, शालिनी, प्रतिमा शिक्षार्थी एवं नव साक्षर सुमंती तिग्गा, धनराजी तिग्गा, श्यामापति का विशेष योगदान रहा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुस्लिम भाईयों सहित प्रदेशवासियों को पैगम्बर साहब के जन्मदिवस ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी है। इस पवित्र मौके पर उन्होंने देश-दुनिया में अमन-चैन और लोगों की खुशहाली की कामना की है।
रायपुर। वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा के वॉर्ड क्रमांक 53 दर्री कनवेयर बेल्ट के पास नवनिर्मित मुस्लिम समाज के सामुदायिक भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया। साथ ही कीचन शेड और अन्य विकास कार्यों के लिए विधायक निधि से 15 लाख रुपए देने की घोषणा की।
मंत्री श्री देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा की सामाजिक कार्यक्रम के साथ समाज के उत्थान के लिए विभिन्न कार्य पूरे शहर में स्वीकृत किए जा रहे हैं। पिछले 8 महीने में वार्डों के विकास कार्यों के लिए 200 करोड़ रूपए से ज्यादा की स्वीकृति दी जा चुकी है, साथ ही जिन समाज की मांग की गई थी उन सभी भवन को भी स्वीकृति दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा हर समाज के उत्थान के लिए संकल्पित है। समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए हम संकल्पित हैं।
इस अवसर पर नूरानी मस्जिद कमेटी के प्रमुख मुल्तान कुरेशी, सुल्तान कुरेशी, इकबाल मेमन, यूसुफ ख़ान, ईश्वर साहू, नारायण सिंह, तुलसी ठाकुर, पार्षद ममता साहू, कविता नारायण, पार्षद नरेन्द्र देवांगन, बुधवार साय यादव, गोलू पांडे समेत अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
रायपुर। आंजनेय विश्वविद्यालय और चेस सिटी रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में शतरंज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में 208 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल रहे। उन्होंने कहा कि शतरंज का खेल जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले फैसले और रणनीतियाँ हमारे जीवन के निर्णयों को प्रतिबिंबित करते हैं । शतरंज सिखाता है कि सोच-समझकर और धैर्यपूर्वक निर्णय लेना कितना महत्वपूर्ण है, ठीक वैसे ही जैसे जीवन में हमें हर कदम पर विचार करना पड़ता है । शतरंज धैर्य, योजना और सही समय पर सही निर्णय लेने की कला सिखाता है, जो हमारे व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सफलता के लिए आवश्यक गुण हैं। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में शतरंज ध्यान और योग की तरह है, क्योंकि यह मानसिक एकाग्रता, धैर्य और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाता है। जैसे योग शरीर और मन को संतुलित करता है, वैसे ही शतरंज मस्तिष्क को सक्रिय रखता है और सोचने-समझने की क्षमता को विकसित करता है ।
उद्घाटन सत्र के दौरान विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल डॉ बी सी जैन ने इंडोर स्पोर्ट्स के महत्त्व को रेखांकित करते हुए कहा कि खेल के प्रति लगाव जीवन में अनुशासन को बढ़ाता है । खेल में नियमित अभ्यास, नियमों का पालन और धैर्य की आवश्यकता होती है । यह जीवन में समय प्रबंधन, संयम और लक्ष्य प्राप्ति के प्रति समर्पण सिखाता है। खेल भावना से व्यक्ति अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में भी अनुशासन बनाए रखता है। इवेंट कोर्डिनेटर परेश बुधवानी ने बताया कि यह प्रतियोगिता स्विस फॉर्मेट के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसमें कुल 8 राउंड हुए। वहीं सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू), भिलाई के तत्त्वावधान में शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर में जनजातीय गौरव दिवस के निमित्त एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में जनजातीय समाज के ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक योगदान को सामने लाना है।
कार्यक्रम का आयोजन रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती (5 अक्टूबर) और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती (15 नवंबर) को ध्यान में रखते हुए किया गया, जिसके अंतर्गत पूरे राज्य में 5 अक्टूबर से 15 नवंबर तक 40 दिनों तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत, उनके सामाजिक मूल्यों और स्वतंत्रता आंदोलनों में महत्त्वपूर्ण भूमिका को समाज के सामने लाया जाएगा।
इस कार्यशाला में राज्यभर के विभिन्न इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निकल एवं आईटीआई संस्थानों के समन्वयक एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा थे। मुख्य प्रशिक्षक एवं वक्ता के रूप में बस्तर से आए रामनाथ कश्यप और सामाजिक कार्यकर्ता वैभव सुरंगे ने जनजातीय समाज के ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक पहलुओं पर गहन प्रकाश डाला। कार्यक्रम स्थल पर जनजाति नायकों की सुंदर प्रदर्शनी भी लगाई गई जो विद्यार्थियों व प्राध्यापकों के बीच में आकर्षण का केंद्र रही।
इस अवसर पर सीएसवीटीयू के कुलपति प्रो. एम. के. वर्मा, वनवासी विकास समिति के प्रांत अध्यक्ष उमेश कच्छप, रजिस्ट्रार प्रो. अंकित अरोड़ा, शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.आर. खान, डॉ अनुराग जैन प्रांत सचिव वनवासी विकास समिति,टेक्निकल एजुकेशन के उप संचालक और राष्ट्रीय सेवा योजना के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राजीव शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर जनजाति छात्राओं द्वारा आकर्षक स्वागत नृत्य की प्रस्तुति भी की गई ।कार्यक्रम में सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग से बड़ी संख्या में अध्येताओं और छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज उज्जैन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पूज्य पिता स्व. पूनमचंद यादव के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्व. पूनमचंद यादव के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत पुण्यात्मा को शांति प्रदान करने ईश्वर से प्रार्थना की।
रायपुर। राजधानी रायपुर में आगामी गणेश उत्सव और ईद मिलादुन्न नबी पर्व के अवसर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च शहर के विभिन्न अंदरूनी और मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों से होकर गुजरेगा। इस फ्लैग मार्च का उद्देश्य न केवल शांति व्यवस्था बनाए रखना है बल्कि गुंडे-बदमाशों में खौफ पैदा करना भी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि फ्लैग मार्च को दो भागों में बांटा गया है और यह उन इलाकों से गुजरेगा जहां बदमाशी की आशंका है। पुलिस टीम और अतिरिक्त बल के साथ स्थानीय थाने को भी तैनात किया गया है। हम अड्डेबाज़ी और बदमाशों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे और अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने यह भी बताया कि त्यौहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण करने वाले लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी थाना और पुलिस चौकियों के पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सतर्क रहें और कानून का पालन सुनिश्चित करें।
पुलिस ने 400 से अधिक बदमाशों को किया तलब
गौरतलब है कि त्यौहारों के मद्देनजर पुलिस ने हाल ही में 400 से अधिक बदमाशों को थाना तलब किया था और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। आगामी झाँकी विसर्जन और ईद मिलादुन्न नबी के दौरान डीजे के लिए माननीय हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा। किसी भी प्रकार की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि त्योहारों के दौरान लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन ने रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में विभिन्न चरणों में बैठकें लेकर भाजपा सदस्यता अभियान की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश सदस्यता टोली और मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ दो चरणों में सदस्यता अभियान की अब तक की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रकोष्ठ मोर्चा को बूथों की जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय सदस्यों को ही दायित्व दिए जाएंगे।
सदस्यता अभियान की प्रदेश टोली की बैठक में उन्होंने कहा कि भाजपा सदस्यता अभियान में प्रत्येक मंडल इकाई में 200 से अधिक सक्रिय सदस्य बनाए जाएंगे, प्रदेश भर में एक लाख सक्रिय सदस्य बनाए जाएंगे और आने वाले समय में पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय सदस्यों को ही दायित्व दिए जाएंगे।
प्रदेश प्रभारी नवीन ने कहा कि निर्धारित अवधि में सदस्यता का लक्ष्य अर्जित करने, ज्यादा-से-ज्यादा प्रदेशवासियों को भाजपा की विचाधारा से जोड़ने, गली-गली और घर-घर पहुंचकर भाजपा के सदस्यता अभियान को सर्वव्यापी और सर्वस्पर्शी बनाने के लिए इस अभियान को और तीव्र गति प्रदान के लिए कार्यकर्ता पूरे मनोयाग से जुट जाएं।
विदित रहे, प्रदेश में इन दिनों भाजपा का संगठन महापर्व सदस्यता अभियान तेज गति से चल रहा है और सभी कार्यकर्ता प्रदेश के लिए निर्धारित सदस्यता का लक्ष्य हासिल करने में जुटे हुए हैं। ज्ञातव्य है, अब तक प्रदेश में भाजपा की सदस्यता 10 लाख से अधिक हो चुकी है।
मोर्चा-प्रकोष्ठ पदाधिकारियों के साथ अभियान की समीक्षा
भाजपा प्रदेश प्रभारी नवीन ने सभी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री, सभी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक व सह संयोजकों के साथ बैठक करके सदस्यता अभियान की समीक्षा भी की। मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र के बूथों पर फोकस करने कहा। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। महिला मोर्चा की जिम्मेदारी है कि महिलाओं को ज्यादा-से-ज्यादा बनाना है, इसी प्रकार आर्थिक प्रकोष्ठ है तो अर्थव्यवस्था से जुड़े हुए लोगों को बनाना है। इस तरह सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ज्यादा-से-ज्यादा सदस्य बनाना है।
बैठक में प्रदेश प्रभारी नवीन के साथ प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र सव्वनी सदस्यता अभियान के प्रदेश प्रभारी अनुराग सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, जगदीश (रामू) रोहरा, भरतलाल वर्मा, रामजी भारती, सांसद रूपकुमारी चौधरी, संभाग प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही, अजजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम, अजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन मार्कण्डेय, एनजीओ प्रकोष्ठ से सुरेंद्र पाटनी, व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदीप सिंह, आर्थिक प्रकोष्ठ के राजेश अग्रवाल, आरटीआई प्रकोष्ठ के विजय मिश्रा, बुनकर प्रकोष्ठ के पुरुषोत्तम देवांगन, मछुवारा प्रकोष्ठ के नेहरू निषाद, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राजेश अवस्थी, महिला मोर्चा अध्यक्ष शालिनी राजपूत, अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष विकास मरकाम, किसान मोर्चा, शिक्षा प्रकोष्ठ के बिसेसर पटेल, सहकारिता प्रकोष्ठ के शशिकांत द्विवेदी और पंचायत प्रकोष्ठ के रामकुमार भट्ट सहित पदाधिकारी सम्मिलित हुए।
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, कौशल विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने आज यहां नारायणपुर के घड़ी चौक में अभियंता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि अभियंता सर विश्वेश्वरैया ने अभियांत्रिकी क्षेत्र में देश को अलग पहचान दिए। श्री कश्यप ने कहा कि डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया एक सिविल इंजीनियर, राजनेता और मैसूर के 19वें दीवान थे, देश के लिए उनके द्वारा किए गए योगदान को भुलाया नही जा सकता। श्री कश्यप ने कर्नाटक राज्य में स्थित कृष्णा राजसागर बांध को उनकी प्रमुख उपलब्धियों में से एक बताया। भारत के प्रथम अभियंता सर विश्वेश्वरैया को वर्ष 1955 में भारत के सर्वाेच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था।
वन मंत्री श्री कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा दुरस्त अंचल के जिलों को विकसित करने की दिशा में विशेष कार्य किए जा रहा है। उन्होंने कहा कि नारायणपुर जिले के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता मनरेगा के कार्य करते हैं, वे बच्चे भी आईआईटी में चयनित होकर कामयाबी हासिल किए हैं। नारायणपुर को विकसित करने में हमारी सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। अभियंताओं द्वारा आवासीय परिसर बनाए जाने की मांग करने पर मंत्री श्री कश्यप ने 30 लाख रुपए की घोषणा की।
इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, कलेक्टर बिपिन मांझी, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, डीएफओ सचिकानंदन के., एसडीएम वासु जैन, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता जे.एल.मानकर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यपालन अभियंता एस. के वर्मा, पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता विनय वर्मा सहित सभी विभागीय अभियंता मौजूद थे।