गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन को हाथी अलर्ट ऐप विकसित करने के लिए ‘ईको वारियर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है. अवॉर्ड समारोह के मुख्य अतिथि बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुडा ने उन्हें “बेस्ट यूज ऑफ टेकनोलोजी इन कंसर्वेशन” श्रेणी में इस अवॉर्ड से सम्मानित किया. समारोह में डायरेक्टर जनरल (फारेस्ट) जीतेन्द्र कुमार, डायरेक्टर जनरल (International Big Cats Alliance) एस पी यादव, सी पी गोयल (सदस्य सेंट्रल एमपावर्ड कमिटी), एस के अवस्थी (भा.व.से), सुनीश बक्सी (DIG फारेस्ट) उपस्थित थे.
अलर्ट एप से हाथी-मानव संघर्ष पर लगी रोक
बता दें, छत्तीसगढ़ हाथी ट्रैकिंग एंड अलर्ट एप्प आर्टिफिशल इंटेलिजेंस आधारित एप्प है, जिसमें ग्रामीणों (प्रमुख रूप से कोटवार, सचिव, सरपंच एवं वन प्रबंधन समिति सदस्यों) को हाथी विचरण की सूचना ऑटोमेटेड कॉल्स, SMS एवं व्हाट्सएप नोटिफिकेशन से मिल जाती है.
एप्प के संचालन के बाद से विगत डेढ़ वर्षों में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में कोई भी जन हानि घटित नहीं हुई है. इस एप्प के सफल प्रयोग के बाद अब इसका उपयोग राज्य के 15 हाथी प्रभावित वनमंडल कर रहे हैं, जिससे हाथी-मानव के बीच की लड़ाई (संघर्ष) को कम करने में मदद मिल रही है. इसके अलावा एप्प के माध्यम से विभिन्न हाथी दलों की कॉरिडोर मैपिंग भी हो रही है, जिससे उनके संभावित विचरण और रहवास क्षेत्रों की जानकारी लगातार प्राप्त होती है.
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि एप्प के सफल संचालन के पीछे हाथी मित्र दलों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर लगातार गश्त करते हैं. इसके साथ ही अवार्ड समारोह में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में प्रयोग किये जा रहे ड्रोन मैपिंग पोर्टल एवं रिमोट सेंसिंग पोर्टल के उपयोग से वनों एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण के बारे में भी जानकारी दी गयी.
पिछले साल की तरह इस वर्ष भी इंडियन मास्टरमाइंडस और भारतीय वन सेवा संघ (सेंट्रल यूनिट) की तरफ से संयुक्त रूप से “इको वारियर अवार्ड्स ” नयी दिल्ली के डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किये गये. इन अवार्ड्स का उद्देश्य पर्यावरण, वनों और वन्यजीवों के संरक्षण संवर्धन कार्य के लिए भारतीय वन सेवा के उत्कृष्ट अधिकारियो को सम्मानित करना है. अवार्ड्स की पांच श्रेणी तय किए गए थे. 1. फारेस्ट प्रोटेक्शन, 2. वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन, 3. वाइल्डलाइफ कंसर्वेशन, 4. बेस्ट यूज ऑफ टेकनोलोजी इन कंसर्वेशन, 5. व्युत्क्रमसंबद्ध.
अवार्ड्स के लिए विभिन्न राज्यों से नॉमिनेशन अप्रैल-मई माह में मांगे गये थे. इन नॉमिनेशन में से विजेताओं को चुनने के लिए एक ज्यूरी (Jury) का गठन किया गया था, जिसमें केशव वर्मा (आईएएस, चेयरमैन ग्लोबल टाइगर फोरम), सी.पी. गोयल (आईएफएस, सेंट्रल एमपावर्ड कमिटी), IPS तिलोतमा वर्मा (आईपीएस, डीजीपी प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश), मधु वर्मा (पर्यावरण अर्थशास्त्री) और शरद गुप्ता (संपादक इंडियन मास्टरमाइंडस) शामिल थे.
मध्य प्रदेश के अनुपम शर्मा को “फारेस्ट प्रोटेक्शन”, प्रतिभा अहिरवार को “वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन”, कर्नाटक के रमेश कुमार को “वाइल्डलाइफ कंसर्वेशन”, पश्चिम बंगाल के जस्टिन जोंस को “कम्युनिटी कनेक्ट” और कर्णाटक के दीपक सरमाह (सेवानिवृत आईएफएस) को “लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया.
रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वर्ष 2024-25 के बजट के अंतर्गत विभिन्न विभागों के मंत्रियों को पत्र लिखा है। वित्त मंत्री ने पांच मंत्रियों के विभागों में बजट की राशि के कम खर्च होने पर यह चिट्ठी लिखी है। वित्त मंत्री चौधरी ने मंत्रियों से आग्रह किया है कि खर्च की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा है कि बजट जिस अनुपात में खर्च किया जाना चाहिए था उस अनुपात में खर्च नहीं हो रहा है।
वित्त मंत्री चौधरी ने मंत्रियों को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि बजट के निर्धारित मापदंड के अनुसार पूंजीगत व्यय के लिए प्रत्येक तिमाही के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और इसके अनुसार पूंजीगत व्यय होने से कार्यों में निरंतरता के साथ अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। वित्त मंत्री ने अनुरोध किया है कि कार्य योजना तैयार कर और नियमित पर्यवेक्षण के माध्यम से बजट लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है। इससे समय पर लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी और समग्र विकास की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
वित्तमंत्री चौधरी ने गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखा है और कहा है कि वर्ष 2024-25 के बजट में आपके विभाग से संबंधित बजट में पूंजीगत व्यय के लिए किए गए प्रावधानों के विरूद्ध अगस्त माह तक गतवर्ष की तुलना में काफी कम व्यय हुआ है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में 171 करोड़ तथा गृह विभाग में 31 करोड़ पूंजीगत व्यय हुआ है। वित्त विभाग की ओर से विभागों के लिए निर्धारित व्यय सीमा के अनुसार प्रथम छः माही में 40 प्रतिशत (प्रथम तिमाही में 25 प्रतिशत एवं द्वितीय तिमाही में 15 प्रतिशत) व्यय किया जाना है। विभाग में पूंजीगत व्यय की योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में निरंतर व्यय तथा इसका नियमित पर्यवेक्षण किया जाना आवश्यक है। पूंजीगत व्यय अधिक होने से रोजगारों का सृजन तथा अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने में गुणात्मक प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि पूंजीगत व्यय अंतर्गत निर्माण कार्यों के लिए निर्माण कंपनियों/ठेकेदारों के समय पर भुगतान करने से कार्यों की निर्धारित समयावधि में पूर्णता सुनिश्चित होती है। इससे कार्यो की गुणवत्ता भी बेहतर होती है तथा भविष्य में कार्यों की निविदा दरों में भी कमी आती है। अतः 31 जुलाई 2024 तक लंबित सभी नियमित देयकों का भुगतान 30 सितम्बर 2024 तक करने के लिए कृपया अपने अधीनस्थों को निर्देशित करने का कष्ट करें।
वहीं वित्तमंत्री चौधरी ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम को लिखे पत्र में कहा है कि वर्ष 2024-25 के बजट में आपके विभाग से संबंधित बजट में पूंजीगत व्यय के लिए किए गए प्रावधानों के विरूद्ध अगस्त माह तक गतवर्ष की तुलना में काफी कम व्यय हुआ हैं। आदिमजाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग में 20 करोड़ एवं कृषि विकास और किसान कल्याण विभाग में 18 करोड़ पूंजीगत व्यय हुआ है। वित्त विभाग की ओर से विभागों के लिए निर्धारित व्यय सीमा के अनुसार प्रथम छः माही में 40 प्रतिशत (प्रथम तिमाही में 25 प्रतिशत एवं द्वितीय तिमाही में 15 प्रतिशत) व्यय किया जाना है। विभाग में पूंजीगत व्यय की योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में निरंतर व्यय तथा इसका नियमित पर्यवेक्षण किया जाना आवश्यक है। पूंजीगत व्यय अधिक होने से रोजगारों का सृजन तथा अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने में गुणात्मक प्रभाव पड़ता है।
वहीं वन मंत्री केदार कश्यप को वित्तमंत्री चौधरी ने पत्र लिखा और कहा है कि वर्ष 2024-25 के बजट में आपके विभाग से संबंधित बजट में पूंजीगत व्यय के लिए किए गए प्रावधानों के विरूद्ध अगस्त माह तक गतवर्ष की तुलना में काफी कम व्यय हुआ हैं। जल संसाधन विभाग में 655 करोड़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में 80 लाख पूंजीगत व्यय हुआ है। वित्त विभाग की ओर से विभागों के लिए निर्धारित व्यय सीमा के अनुसार प्रथम छः माही में 40 प्रतिशत (प्रथम तिमाही में 25 प्रतिशत एवं द्वितीय तिमाही में 15 प्रतिशत) व्यय किया जाना है। विभाग में पूंजीगत व्यय की योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में निरंतर व्यय तथा इसका नियमित पर्यवेक्षण किया जाना आवश्यक है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव को पत्र लिखा और कहा है कि वर्ष 2024-25 के बजट में आपके विभाग से संबंधित बजट में अगस्त माह तक गतवर्ष की तुलना में काफी कम व्यय हुआ हैं। लोक निर्माण विभाग में 1320 करोड़ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 220 करोड़ नगरीय प्रशासन विभाग में 348 करोड़ तथा विधि और विधायी कार्य विभाग में 2.29 करोड़ पूंजीगत व्यय हुआ है। विभाग में पूंजीगत व्यय की योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में निरंतर व्यय तथा इसका नियमित पर्यवेक्षण किया जाना आवश्यक है।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को लिखे पत्र में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा है कि 2024-25 के बजट में आपके विभाग से संबंधित बजट में पूंजीगत व्यय के लिए किए गए प्रावधानों के विरूद्ध अगस्त माह तक गतवर्ष की तुलना में काफी कम व्यय हुआ हैं। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 91 करोड़ एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 15 लाख पूंजीगत व्यय हुआ है। वित्त विभाग की ओर से विभागों के लिए निर्धारित व्यय सीमा के अनुसार प्रथम छःमाही में 40 प्रतिशत (प्रथम तिमाही में 25 प्रतिशत एवं द्वितीय तिमाही में 15 प्रतिशत) व्यय किया जाना है। विभाग में पूंजीगत व्यय की योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में निरंतर व्यय तथा इसका नियमित पर्यवेक्षण किया जाना आवश्यक है। पूंजीगत व्यय अधिक होने से रोजगारों का सृजन तथा अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने में गुणात्मक प्रभाव पड़ता है।
रायपुर। उरला इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के तत्वावधान में 11 सितंबर को रिम्स हॉस्पिटल की नई इकाई उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन परिसर में शुरू हुई. कार्यक्रम रायपुर ग्रामीण के विधायक मोती लाल साहू के मुख्य आतिथ्य और उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन अध्यक्ष अश्विन गर्ग के विशेष आतिथ्य एवं रिम्स के डायरेक्टर केके वाधवा की अध्यक्षता में आयोजित हुई.
विधायक मोतीलाल साहू ने इस अवसर पर कहा कि रिम्स एवं उरला इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए की गई पहल बहुत ही सराहनीय है. हम चाहते हैं कि उरला औद्योगिक क्षेत्र एक मॉडल के रूप में छत्तीसगढ़ में विकसित हो.
उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विन गर्ग ने बताया कि रिम्स हॉस्पिटल की उरला इकाई के चालू होने से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उद्योगों के कर्मचारियों के साथ साथ बीरगांव, उरला, अछोली एवम् आस पास के अन्य गांवों की जनता को भी प्राप्त होगा. UIA कैंपस में स्थित उक्त हॉस्पिटल में हर तरह की चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी.
उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में 2 MBBS डॉक्टर साथ एक गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर, एक्स-रे, सोनोग्राफी मशीन, ऑपरेशन थिएटर इत्यादी की सुविधाएँ उपलब्ध हैं. UIA के सदस्य इकाइयों एवं बिरगांव नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी गाँव की जनता के लिए ओपीडी एवं आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित 6 बेड की सुविधा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध रहेगी.
इसके साथ ही हर तरह के मेडिकल टेस्ट में 35% की छूट दी जाएगी. यह सभी सुविधाएं ESIC एवम आयुष्मान कार्ड के साथ 24×7 उपलब्ध रहेगी.
अश्निन गर्ग ने बताया कि साथ ही हॉस्पिटल में आधुनिक उपकरणों से लेस एक एम्बुलेंस हमेशा उपलब्ध रहेगा, जो कि किसी गंभीर चिकित्सकीय समस्या होने पर मरीज़ को गोढ़ी स्थित रिम्स अस्पताल के मुख्य इकाई ले जा सकेगी. उन्होंने उद्योगपतियों और आस-पास के गाँव की जनता से सभी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने का आग्रह किया. यह जानकारी उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सह सचिव नीरज अग्रवाल ने दी.
कार्यक्रम में उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सदस्य, रिम्स हॉस्पिटल से डॉक्टर एवं नर्सिंग टीम के साथ-साथ बीरगांव नगर निगम के पार्षदगण एवं रह वासियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी 50 से ज्यादा प्रॉपर्टी अटैच कर दिया है. ED ने अटैच की गई संपत्तियों का बोर्ड उनके घर में चस्पा कर दिया है.
बताया जा रहा है कि अटैच की गई संपत्तियों में सौम्या चौरसिया का भिलाई स्थित सूर्या विहार स्थित निवास भी शामिल है. सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने 2 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार किया था. इसके बाद से वे सेंट्रल जेल रायपुर में बंद हैं.
सौम्या चौरसिया पर आरोप
ईडी ने छत्तीसगढ़ में कथित कोयला घोटाले में 500 करोड़ रुपए की अवैध उगाही को लेकर जांच शुरू की थी. जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया था. आरोप है कि सौम्या चौरसिया ने वसूली के लिए नियमों में बदलाव किया गया था. इस लेवी से हासिल राशि से चल-अचल संपत्तियां अर्जित की गईं, जिनमें कई बेनामी भी हैं.
रायपुर। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट 15 सितंबर को छत्तीसगढ़ आएंगे. दो दिनों के प्रवास के दौरान पायलट वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें करेंगे.
जानकारी के अनुसार, पायलट के साथ दोनों नवनियुक्त प्रभारी सचिव एसए संपत कुमार और जरिता लैतफलांग भी छत्तीसगढ़ आएंगे. प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट प्रवास के दौरान नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर रणनीति बनाएंगे. इसके अलावा संगठन में बदलाव को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है.
रायपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आज छत्तीसगढ़ के महासमुंद, कबीरधाम और रायगढ़, गौरेला पेंड्रा- मरवाही में 5 रिश्वतखोर अधिकारियों को पकड़ा है. एसीबी इकाई बिलासपुर ने गौरेला पेंड्रा- मरवाही जिले के गौरेला जनपद पंचायत में पदस्थ लोकपाल वेद प्रकाश पांडेय को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा.
चार सितंबर को जनपद पंचायत गौरेला में पदस्थ कार्यक्रम अधिकारी रोशन शराफ ने शिकायत की थी. उन्होंने बताया था कि ग्राम पंचायत कुड़कई में मनरेगा योजना के अंर्तगत बने अमृत सरोवर निर्माण कार्य में अनियमितता के संबंध में लोकपाल वेदप्रकाश पांडेय द्वारा जांच की जा रही है, जिसे नस्तीबद्ध करने आरोपित उससे 25 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। इस पर एसीबी ने ट्रैप कर प्रार्थी द्वारा मधुबन कालोनी गौरेला जाने वाली रोड में स्थित एटीएम के पास आरोपित को रिश्वत रकम देने का प्रयास करने पर आरोपित द्वारा प्रार्थी के चारपहिया के भीतर में बैठकर रिश्वत की रकम 25 हजार रुपये को लिया। उसी दौरान टीम ने उसे दबोच लिया.
महासमुंद में महिला उप-पंजीयक गिरफ्तार
महासमुंद में महिला उप पंजीयक पुष्पलता लिली बेग को रजिस्ट्री के एवज में रिश्वत लेते ट्रेप किया गया। महासमुंद जिले के सरायपाली उप-पंजीयक कार्यालय में उप पंजीयन के पद पर पुष्पलता लिली बेग पदस्थ हैं। पीड़ित वीरेंद्र पटेल ने रजिस्ट्री की एवज में 26 हजार रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी से की थी। प्रार्थी से दान की पांच एकड़ जमीन की रजिस्ट्री के एवज में उप पंजीयक ने 11 हजार रुपये रजिस्ट्री शुल्क के अलावा 26 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी, जिसे प्रार्थी ने वाइस रिकार्ड कर एसीबी को दिया था। गुरुवार को 11 सदस्यीय टीम ने रेड कार्रवाई कर रंगे हाथ उप पंजीयक पुष्पलता लिली बैग को पकड़ा। उसके सहयोगी शत्रुहन ताड़ी को भी गिरफ्तार किया गया.
कवर्धा में सहायक लेखा अधिकारी गिरफ्तार
सहायक लेखाधिकारी, जनपद पंचायत, बोडला, जिला कबीरधाम को भी एसीबी ने रिश्वत लेते पकड़ा है. प्रार्थी मोती बैगा ने शिकायत की थी कि उसकी पत्नी ग्राम पंचायत, कुकरापानी की सरपंच है। शासन द्वारा उसके ग्राम पंचायत को आंगनबाड़ी भवन कार्य के लिए 11.69 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। स्वीकृत धनराशि का आहरण जनपद पंचायत बाडला कार्यालय से होना था। लगभग 05.84 लाख रुपये ग्राम पंचायत को जारी भी कर दिए। कार्यालय के सहायक लेखाधिकारी नरेंद्र ने रिश्वत की मांग की थी। इसकी शिकायत पर आरोपित नरेंद्र कुमार राउतकर को एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
रायगढ़ में शिक्षा विभाग का बाबू पकड़ाया
एसीबी ने रायगढ़ में शिक्षा विभाग के बाबू को रिश्वत लेते पकड़ा है। प्रार्थी ओमेंद्र सिंह चौहान, शिक्षक ने एंटी करप्शन ब्यूरो के बिलासपुर कार्यालय में शिकायत की थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उसकी पत्नी के सिर के आपरेशन के इलाज का लगभग चार लाख रुपये का मेडिकल बिल पिछले तीन महिने से अधिक समय से लंबित था, जिसे पारित कराने के लिए ओमप्रकाश नवरतन, सहायक श्रेणी-02, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, खम्हार, जिला रायगढ़ ने 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी. इस पर एसीबी की टीम ने शिक्षा विभाग के बाबू को रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा.
रायपुर। वित्त विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 2,583.98 करोड़ रुपये की राशि जारी की है. यह राशि हितग्राहियों को पहली किस्त के रूप में 15 सितंबर को उनके खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी.
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत केंद्र सरकार से 8 लाख 46 हजार 931 आवास की स्वीकृति मिली है. इसके लिए केन्द्र सरकार से 1,550.39 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों के लिए स्वीकृत ग्रामीण आवासों की प्रथम किश्त के रूप में विमुक्त की गई है, जबकि राज्यांश के रूप में 1,033.59 करोड़ रुपये शामिल हैं. इसके लिए वित्त विभाग ने पहली किस्त के लिए 2583 करोड़ 98 लाख रुपए पंचायत विभाग को जारी कर दिए हैं.
पीएम आवास योजना का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों को गुणवत्ता युक्त आवास उपलब्ध कराना है. वित्त विभाग से जारी की गई इस बड़ी राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण की गति तेज होगी.
रायपुर। प्रदेश के बीज उत्पादक किसानों ने आज कृषि मंत्री राम विचार नेताम से मुलाकात कर बीज निगम के मनमाना रवैया के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराई. प्रदेश भर के किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने बीज भवन स्थित कृषि मंत्री के दफ्तर में मंत्री राम विचार नेताम से मुलाकात की. किसानों का कहना था कि राज्य शासन बीज उत्पादक किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों के उत्पादित बीज अच्छे दाम पर खरीदती है लेकिन इस साल किसानों के उत्पादित बीज को बाजार मूल्य से भी कम पर खरीदने के लिए दर निर्धारित की गई है, जो किसानों के साथ सरासर अन्याय है.
किसानों ने बताया कि शासन ने गेहूं और चने की बीच के लिए जो दर तय की गई है, वह खुले बाजार में गेहूं और चने की दर से करीब 1500 से लेकर 2000 रुपए तक कम है. किसानों ने कहा कि बीज निगम को 100% बीज आपूर्ति करने के बाद रेंडम सैंपल पास होने पर 80% बीज ही निगम की ओर से लिया जाता है. इसके बाद किसान बचे हुए 20% बीज को खुले बाजार में बेचते हैं.
किसानों ने बताया कि शासन ने गेहूं की कीमत 3185 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित की है जबकि खुले बाजार में गेहूं 3500 से लेकर 4000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बेचा जा रहा है. इसी प्रकार चना की कीमत राज्य शासन ने 7002 रुपये प्रति क्विंटल तय की है जबकि खुले बाजार में चने की कीमत 9 से 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल है. ऐसी स्थिति को अपना शोषण बताते हुए किसानों ने बीज निगम को दिए गए गेहूं और चने की बीज तुरंत वापस करने की मांग की है.
कृषि मंत्री से मुलाकात में किसानों ने मांग की है कि बीज की कीमत निर्धारण करने के लिए जो कमेटी बनाई जाती है उसमें किसानों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए और बीज की कीमत अनाज के बाजार दर से अधिक तय की जाए। इससे किसान बीज उत्पादन के लिए लगातार प्रोत्साहित हो सकें. किसानों की बात को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही किसानों की मांगों पर विचार कर राज्य शासन की ओर से उचित निर्णय लिया जाएगा.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन के कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आईएएस अधिकारियों पर शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी रहती है। मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन के सदस्यों ने दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाया गया स्मृति चिन्ह भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएएस अधिकारियों और राजनेताओं का जीवन बहुत कुछ एक जैसा होता है। दोनों का उद्देश्य जनसेवा ही रहता है । आईएएस अधिकारी के रूप में आप हमेशा व्यस्त रहते हैं, अपने घर पर भी समय नहीं दे पाते। आईएएस अधिकारी इस सेवा में आने के लिए विशेष पढ़ाई करते हैं। आप सभी बुद्धिजीवी हैं लेकिन समाज से ही आते हैं । हम सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं। हमारा कर्तव्य राज्य की 3 करोड़ जनता की सेवा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में अपने कार्य के द्वारा अपनी पहचान बनाना सबसे महत्वपूर्ण होता है। आप अपने कार्यक्षेत्र में ऐसा काम करें कि आपके जाने के बाद भी लोग आपको याद करें । जनता के मन में आपकी स्मृति ऐसी हो कि उन्हें लगे कि वे अधिकारी बहुत अच्छे थे, वे सभी की सुनते थे और समस्याओं का त्वरित निराकरण करते थे। हमें टीम भावना से मिल कर कार्य करना है । छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में खड़ा करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। हमारी बहुत अच्छी टीम है । आशा है कि हम प्रदेश को बहुत आगे ले जाएंगे ।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिरीक्षक अशोक जुनेजा, छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज पिंगुआ, सचिव आर प्रसन्ना सहित अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। स्कूलों में इस साल 64 दिनों के लिए अवकाश की तिथियों की घोषणाा स्कूल शिक्षा विभाग ने की है। स्कूलों में इस साल दशहरा और दीपावली में 6-6 दिन की छुट्टी रहेगी। इस तरह शीतकालीन अवकाश 6 दिन का ही रहेगा। गर्मी की छुट्टिया 46 दिनों की होगी।
स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर ने शिक्षा सत्र 2024-25 (26 जून 2024 से 30 अप्रैल 2025) के लिए राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं के लिए अवकाश की घोषण की है।
इसमें दशहरा की छुट्टी 6 दिनों की रहेगी, जो 7 से 12 अक्टूबर तक होगी। दीपावली अवकाश 28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक रहेगा। शीतकालीन अवकाश 23 से 28 दिसंबर तक रहेगा। इस तरह गर्मी की छुट्टियां 1 मई से 15 जून 2025 तक 46 दिन की रहेगी।
यह अवकाश शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त शालाओं और डीएड/बीएड/एमएड कॉलेजों में दिए जाएंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि कलेक्टर्स आम जनता के हितों को केन्द्र में रखकर संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो। शासन की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। इन योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए मिशन मोड पर जुट कर काम करें। प्रशासन के कार्यों से जनता के मन में शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास का भाव उत्पन्न हो।
मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर में लगातार 8 घंटों तक चली कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में ये दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। लंच ब्रेक को छोड़कर मुख्यमंत्री लगातार बैठक में उपस्थित रहे। कॉन्फ्रेंस में अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसवराजु एस., राहुल भगत तथा सभी संबंधित विभागों के सचिव सहित सभी संभागों के आयुक्त, सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ और नगर निगमों के आयुक्त भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे कार्यों की सराहना होगी और कार्य में लापरवाही बरतने पर कड़ा रूख भी अपनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टरों के परफार्मेंस की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाएगी और जिलों की रैंकिंग तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी जिम्मेदारी आपको सौंपी गई है उसकी मॉनिटरिंग की जाती है। फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन और जिला प्रशासन के कार्यों पर हमारी नजर रहती है। जिले में होनी वाली घटनाओं पर जिला प्रशासन कितनी तत्परता से काम करता है, यह भी देखा जाता है। कलेक्टरों की पहली जिम्मेदारी दंडाधिकारी के रूप में कानून व्यवस्था बनाए रखने की है। विभिन्न संगठनों के साथ संवाद के दौरान यदि असंतोष की कोई बात सामने आती है, तो उसका समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर में गुरूवार को जनदर्शन आयोजित किया जाता है। इसमें अनेक ऐसी छोटी-छोटी समस्याएं आती हैं जिनका समाधान तहसील और जिला स्तर पर किया जा सकता है। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि रायपुर में होने वाले जनदर्शन में ऐसी समस्याएं ही आएं जिनका समाधान जिला स्तर पर नहीं हो सकता है। जिलों में आम जनता की समस्या के समाधान के लिए कलेक्टर जनदर्शन का कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किया जाए। नागरिकों तक शासन की योजनाओं की सुगम पहुंच से शासन की छवि बनती है। कलेक्टर यह भी सुनिश्चित करें कि भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाण पत्र बनाने में दिक्कत न आए। प्राथमिकता के साथ इन परिवारों का जाति प्रमाण पत्र बनाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की पीड़ा को मैंने करीब से महसूस किया है। पीएम जनमन योजना इन जनजातियों के लिए आशा की नई किरण है। इसका क्रियान्वयन पूरी गंभीरता से करते हुए योजनाओं का हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बीच जाकर मैं स्वयं पीएम जनमन योजना के क्रियान्वयन का निरीक्षण करूंगा। प्रधानमंत्री ने हाल ही में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत प्रदेश में 8 लाख 46 हजार आवासों की स्वीकृति दी है। जिससे गरीब परिवारों के स्वयं के घर का सपना अब पूरा होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पहली बार पैरेंट्स टीचर मीटिंग और जनभागीदारी से न्योता भोज की पहल की गई है। स्थानीय भाषा में बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की गई है। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ स्कूलों की इमारत की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। स्कूलों में बच्चों के स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनाने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों का निराकरण समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ हो। राजस्व मामलों को हल करने में अमला जितनी तत्परता दिखायेगा, सरकार की छवि भी उतनी ही अच्छी बनेगी। हम जितना तकनीकी नवाचार को बढ़ाएंगे, राजस्व संबंधी भ्रष्टाचार उतना ही घटेगा। डिजिटल क्राप सर्वे, भू नक्शे की जियो-रिफ्रेंसिंग आदि के माध्यम से इस क्षेत्र में पारदर्शिता आयेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के माध्यम से अधिकतम रोजगार के अवसर सृजित हों। जल संचय के कार्यों को बढ़ावा दिया जाए। छत्तीसगढ़ में तालाबों की सुन्दर परंपरा रही है। नये तालाब बनाए जाएं, इससे जल स्तर बेहतर होगा, खेती-किसानी के लिए पानी मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी द्वारा प्रारंभ की गई अमृत सरोवर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। बस्तर, सरगुजा और मैदानी क्षेत्रों के ऐसे गांव जो मानसून में कट जाते हैं, उन क्षेत्रों के लिए सड़कों का प्रस्ताव बनाकर शीघ्र भेजें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो, निजी अस्पतालों में भी मरीजों का आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने में कोई दिक्कत न आए। पीएम जनऔषधि केन्द्र प्राइम लोकेशन पर हो, यहां दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता हो। प्रदेश की बड़ी आबादी शासकीय अस्पतालों पर निर्भर हैं, इसकी व्यवस्था दुरूस्त हो। हेल्थ बजट का उचित उपयोग हो और बुनियादी स्वास्थ्य अधोसंरचनाएं तैयार करने में जीवन दीप समितियों और डीएमएफ की राशि का उपयोग किया जाए। डेंगू और मलेरिया को लेकर सतत अभियान चलाया जाए। सिकल सेल के मरीजों को चिन्हांकन और इलाज की समुचित व्यवस्था हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकों में तकनीकी वजहों से कुछ हितग्राहियों को महतारी वंदन योजना की राशि मिलने में दिक्कत आती है, इस पर कलेक्टर नजर रखें। कुपोषण दूर करने के लिए सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। दलहन-तिलहन और मिलेट्स का रकबा बढ़ाया जाए। उद्यानिकी, पशुपालन और मछलीपालन के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में काम हो। शहरी क्षेत्रों में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के क्रियान्वयन, पेयजल, सीवरेज सिस्टम साफ-सफाई के काम पर पूरा फोकस रखें। शहरों में आबादी तेजी से शिफ्ट हो रही है। यहां नागरिक सुविधाओं को नये सिरे से तैयार किया जाए। वनाधिकार पत्रों के आवेदनों पर तेजी से काम करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पीडीएस का माडल पूरे देश ने अपनाया है। धान खरीदी से लेकर भंडारण, मिलिंग से उपभोक्ताओं को पीडीएस दुकानों में राशन की उपलब्धता तक हर स्तर पर बारीक मानिटरिंग जरूरी है। उन्होंने कहा कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। आम आदमी की शिकायतों को हल करने का जितना बेहतर तंत्र हम बना सकेंगे, उससे ही शासन की छवि बनेगी। मुख्यमंत्री जनदर्शन में आये सभी आवेदनों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। जिले में उपलब्ध संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुसार स्किल डेवलपमेंट के लिए कार्य हों। नियोक्ताओं तक स्किल लेबर की पहुंच सुनिश्चित करें। समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन में किसी तरह की दिक्कत न हो, यह भी सुनिश्चित करें। जल जीवन मिशन के कार्यों की मानिटरिंग करते रहें। यदि किसी तरह की दिक्कत आ रही हो तो इसकी जानकारी दी जाए।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंचित तबके के जीवन का आधार पेंशन की राशि होती है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि हितग्राहियों को समय पर पेंशन का भुगतान हो। उन्होंने कहा कि निराश्रित निधि में 400 करोड़ रूपए की राशि उपलब्ध है। दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष स्कूल और अस्पताल के निर्माण की कार्ययोजना बनाकर शीघ्र प्रस्तुत करें। नशामुक्ति आज राष्ट्रीय समस्या बन चुकी है। प्रत्येक जिले में नशामुक्ति केन्द्र की स्थापना कर विशेष अभियान चलाएं।
बस्तर ओलंपिक 2024 का होगा आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित और संवेदनशील जिलों की खेल प्रतिभाओं को दुनिया से जोड़ने के लिए बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन किया जा रहा है। दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी इसमें खेल प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
रायपुर। सामाजिक एकता विपरीत परिस्थिति में भी एक दूसरे को मदद करने के लिए प्रेरित करती है। एकजुट रहना, मजबूत रिश्ते और मजबूत समाज के निर्माण में एकता विशेष महत्व रखता है। प्रदेश के अन्य समाज की भांति देवांगन समाज भी छत्तीसगढ़ के विकास में सहभागी है। यह समाज व्यापार और व्यवसाय के क्षेत्र में आगे आकर समाज को आगे ले जाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। इस आशय के उद्गार वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने रायपुरा स्थित सत्यम विहार में परमेश्वरी भवन में आयोजित देवांगन समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के आसंदी से कही। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमें अपने बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के प्रति विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है, जिससे समाज तरक्की के राह पर आगे बढ़ सके।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज देवांगन समाज की एकजुटता मिशाल है। हमारे आने वाली पीढ़ी भी सामाजिक एकता और समरसता के बारे में इसी तरह से मिशाल पेश करेगा। हमारा यह कर्तव्य है कि पारंपरिक और आधुनिक समाज की मुख्य धारा में सभी को शामिल कर सकें तो निश्चित रूप से वे समृद्ध व लाभान्वित हो सकते हैं। इससे समाज और मजबूत बन सकता है। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने माता परमेश्वरी की पूजन अर्चना कर समाज की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंत्री श्री देवांगन ने समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा की विष्णु देव सरकार आने के बाद हर योजना का तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है। धरसीवा विधायक अनुज शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप देवांगन, नरेंद्र देवांगन, किरण देवांगन, दद्दू देवांगन, ओम प्रकाश देवांगन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। रायपुर संसदीय क्षेत्र मेरा घर है और इसका विकास मेरी प्राथमिकता भी है और जिम्मेदारी भी है। यह कहना है रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने रायपुर और बलौदा बाजार में 16 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया साथ ही 1.25 करोड़ रुपए के कार्यों की स्वीकृति भी प्रदान की।
श्री अग्रवाल ने बुधवार को राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित बी.एस.यू.पी. कॉलोनी (एच.पीएल.) में 336.65 लाख रुपए की लागत से बिल्डिंग ब्लॉक एवं नाली की मरम्मत एवं संधारण कार्य और 17 लाख रुपए से सामुदायिक भवन, चबूतरा, रंगमंच निर्माण कार्य का भूमिपूजन, तथा 48.19 लाख रुपए से वार्ड के विभिन्न क्षेत्रों ने आरसीसी नाली एवं सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन।
इसके अतिरिक्त शहीद राजीव पांडे वार्ड में टिकरापारा स्थित सरयूबांधा तालाब के पास 122.66 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन किया साथ ही शहीद पंकज वार्ड स्थित गोडवाना भवन परिसर टिकरापारा में 41.11 लाख के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। जिससे 15 लाख की लागत से गोंडवाना समाज भवन में अतिरिक्त कमरा निर्माण 15 लाख रुपए से शेड तथा टैगोर नगर में 11 लाख रुपए से नाली निर्माण शामिल है इसके अलावा सांसद ने सीसी रोड के 10 लाख रुपए अतिरिक्त देने की घोषणा की है और बारिश के बाद सड़कों के डामरीकरण की भी बात कही है। बृजमोहन अग्रवाल ने टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन गर्ल्स हॉस्टल की घोषणा की है जिसके क्षमता 200 बेड की होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, रायपुर का विकास मेरी प्राथमिकता है और जिम्मेदारी भी है। जिस जनता ने उन्हें लगातार 8 बार विधानसभा भेजा और उसके बाद ऐतिहासिक जीत दिलाकर अब लोकसभा भेजा उनके लिए जितना भी किया जाए कम है।
उन्होंने यह भी कहा कि, विकास करना उनका काम है लेकिन कार्यों की देखभाल करना जनता की भी जिम्मेदारी है। कुछ आराजक तत्व अपराध को अंजाम देने के लिए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे तत्वों को जनता चिन्हित कर पुलिस को सूचना दें। अपराधियों को कानून के मुताबिक सबक सिखाया जाएगा।
कार्यक्रम में सभापति नगर निगम प्रमोद साहू, नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे, ज्ञानेश शर्मा, मन्नू विजेता यादव, पार्षद उत्तम साहू, पार्षद समीर अख्तर, पार्षद निशा यादव, निगम जोन 05 कमिश्नर विमल शर्मा, मनीषा चंद्राकर समेत स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
बलौदा बाजार में 10 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन
फोर लेन रोड और रेल कनेक्टिविटी के जरिए रायपुर से जुड़ेगा बलौदा बाजार: बृजमोहन अग्रवाल
इससे पहले बुधवार को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बलौदा बाजार में 10 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
जिसमे 92.1 लाख रुपए की लागत से नगर भवन का जीर्णोद्धार कार्य, 79.26 लाख रुपए से मंडी कॉम्प्लेक्स के पास वाह्य विकास कार्य, 60 लाख से पौनी पसारी निर्माण, 45 लाख से हाट बाजार निर्माण, 20 लाख रुपए से अंबेडकर चौक के पास सौंदर्यीकरण और 25 तहसील लाख रुपए की लागत से ऑफिस के सामने सौंदर्यीकरण का लोकार्पण किया । इसके अतिरिक्त 7 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया।
बलौदा बाजार में आयोजित समारोह में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जिले में बिजली व्यवथा दुरुस्त करने के 50 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण के लिए 25 लाख रुपए, आरसीसी नाली निर्माण के लिए 40 लाख रुपए और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। श्री अग्रवाल ने कहा कि, आने वाले समय में रायपुर और बलौदा बाजार के बीच यात्रा को सुगम बनाने के लिए रायपुर से बलौदा बाजार होते हुए सारंगढ़ तक के लिए करीब 23 सौ करोड़ से बनने वाले फोर लेन रोड को केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा रायपुर बलौदा बाजार के बीच रेल लाइन सर्वे को लेकर भी रेल अधिकारियों से चर्चा हो गई है और जल्द ही सर्वे का काम भी शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि, क्षेत्र की जनता ने लोकसभा चुनाव में उन्हें देश में टॉप टेन स्थान दिलाया और अब वो क्षेत्र को टॉप टेन में शामिल करेंगे। इस अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल ने पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को 50 हजार रूपए के चेक और स्वसहायता समूह को प्रमाण पत्र प्रदान किए। समारोह में मंत्री टंक राम वर्मा, कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय, सनम जांगड़े, लक्ष्मी वर्मा , शिव रतन शर्मा, चित्तावर जायसवाल समेत विभागीय अधिकारी कर्मचारी और गणमान्यजन उपस्थित रहे।
रायपुर। वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन की विशेष पहल पर कोरबा शहर को 73 विकास कार्यों के लिए 7 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात मिली है। हर वॉर्ड की जरूरत को देखते हुए प्राथमिकता देते हुए सड़क और नाली निर्माण की स्वीकृति मिली है। मंत्री श्री देवांगन की अनुशंसा पर नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा नगर निगम कोरबा को वित्तीय वर्ष 2024-25 में अधोसंरचना मद के तहत राशि की स्वीकृति जारी की गई है।
श्री देवांगन ने वार्डों में जिन विकास कार्यों के लिए घोषणा की गई थी, उसे मंत्री बनने के बाद उन्होंने मिशन मोड पर स्वीकृति दिलाकर कार्य प्रारम्भ करने में जुट गए हैं। मंत्री श्री देवांगन ने पहले ही वॉर्ड को डीएमएफ फंड से 5-5 लाख की स्वीकृति दिलाकर कार्य शुरू करवा चुके हैं। मंत्री श्री देवांगन ने इसके अतिरिक्त निगम क्षेत्र के सभी वार्डों के लिए कुल 7 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरूण साव से आग्रह किया था। इसे मुख्यमंत्री श्री साय से तत्काल स्वीकृति दी। इस संबध में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 12 सितंबर को आदेश भी जारी कर दी गई है।जारी आदेश के मुताबिक कुल 73 कार्यों के लिए सात करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
इन कार्यों के लिए मिली स्वीकृति
वॉर्ड क्रमांक 23 मैगजीन भाटा में कलवर्ट व एप्रोच रोड का निर्माण कार्य 25 लाख, वॉर्ड क्रमांक 4 इंदिरा नगर में सीसी रोड व नाली निर्माण के लिए 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 36 यादव मोहल्ला मे सीसी रोड निर्माण कार्य 10 लाख, वॉर्ड 42 दशहरा मैदान शिवनगर मे बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य 5 लाख, वॉर्ड क्रमांक 21 रमेश किराना स्टोर्स के पास सांस्कृतिक मंच का निर्माण 5 लाख, वॉर्ड क्रमांक 28 फेस 1 दशहरा मैदान के पास नाली निर्माण 20 लाख, वॉर्ड क्रमांक 45 स्याहीमुड़ी में दो स्थान पर सीसी रोड कुल 14 लाख, वॉर्ड 47 गोपालपुर में माता चौरा के पास सामुदायिक भवन 15 लाख, वॉर्ड क्रमांक 32 सतनाम नगर बस्ती में सामुदायिक भवन 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 42 न्यू शान्ति नगर में सीसी रोड व नाली निर्माण कार्य 25 लाख, वॉर्ड क्रमांक 16 शीतला मंदिर पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 39 राम मन्दिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण 7 लाख, वॉर्ड क्रमांक 39 हाऊसिंग बोर्ड मुख्य चौक पर स्थित सामुदायिक भवन का विस्तार 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 23 रवि शंकर नगर में नाली निर्माण 18 लाख, वॉर्ड क्रमांक 7 सीतामणी मोतीसागर पारा कोरबा में आश्रय होटल के पीछे सामुदायिक भवन निर्माण 15 लाख, वॉर्ड क्रमांक 14 पानी टंकी के पास सामुदायिक भवन में अतिरिक्त कक्ष एवम विस्तार कार्य 15 लाख, वॉर्ड क्रमांक 05 सीसी रोड 12 लाख, वॉर्ड 01 में अधोसंरचना मद से नाली एवम रोड सोल्डर कार्य 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 06 पुरानी बस्ती स्थित सियान सदन के उपर छत में शौचालय एवम बाथ सहित हाल व स्टोर रूम 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 12 न्यू शारदा विहार में नाली निर्माण 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 14 पंप हाउस में झोपड़ी पारा अटल आवास के पीछे नाली निर्माण 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 17 नया और पुराने मानसनगर में विकास कार्य 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 29 पोड़ी बहार मे सीसी रोड नाली निर्माण 10 लाख व अन्य कार्यों को स्वीकृति दी गई है।
इन वार्डाे को 10-10 लाख रुपए की स्वीकृति
वॉर्ड क्रमांक 58 इमलीछापर में नाली व सीसी रोड निर्माण 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 57 आनंदनगर में सीसी रोड एवं नाली निर्माण 10 लाख, वॉर्ड 55 में बलगी में कलवर्ट में 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 49 शक्ति नगर में सीसी रोड 10 लाख, वॉर्ड 43 सिंचाई कॉलोनी में चिल्ड्रन पार्क निर्माण 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 41 परसभाटा में सीसी रोड मरम्मत कार्य 10 लाख, वॉर्ड क्रमांक 40 नेहरू नगर बालको में आरसीसी कवर नाली व सीसी रोड निर्माण 10 लाख की स्वीकृति मिली है।
मंत्री श्री देवांगन के पास वार्डों का खाका तैयार, सड़क व नाली निर्माण प्राथमिकता में
मंत्री श्री देवांगन ने कोरबा नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डाे के विकास कार्यों का खाका तैयार कर लिया है। वार्डों को सबसे अधिक किन कार्यों की जरूरत है इसे देखते हुए कार्यों को स्वीकृत की जा रही है। लोगों की अधिक परेशानी को देखते हुए सीसी रोड, नाली, कलवर्ट निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री अरूण साव का आभार जताते हुए कहा कि कोरबा शहर के हर वॉर्ड का बिना किसी भेदभाव के तेजी के साथ विकास कार्य शुरू कराए जा रहे है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ में रिश्वतखोरों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) लगातार कार्रवाई कर रही है और उन्हें रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ रही है. इस बीच आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में ACB की एक बड़ी कार्रवाई की है. एसीबी की टीम ने मनरेगा के लोकपाल को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. पीड़ित गौरेला जनपद पंचायत के कार्यक्रम अधिकारी की शिकायत पर यह बड़ी कार्रवाई की गई.
लोकपाल मनरेगा वेद प्रकाश पांडेय को गिरफ्तार कर छह सदस्य एसीबी की टीम गौरेला जनपद के सभागार ले गई. गौरेला जनपद पंचायत के कार्यक्रम अधिकारी रोशन सराफ ने शिकायत दर्ज कराई थी. उनके एक भ्रष्टाचार के मामले में मनरेगा लोकपाल वेद प्रकाश पांडेय के द्वारा उनसे रिश्वत मांगी जा रही है, जिसकी शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने जिला पंचायत के लोकपाल मनरेगा के कार्यालय में दबिश दी और गिरफ्तार किया है.
रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसदीय क्षेत्र रायपुर से केन्द्री और अभनपुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए रायपुर-केन्द्री-अभनपुर ब्रॉड गेज रूट पर ट्रेन सुविधा जल्द शुरू करने की मांग को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है।
बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि, मेरे संसदीय क्षेत्र अभनपुर जिला रायपुर के आस-पास के गांव के मजदूर
विद्यार्थीगण, और दूसरे दैनिक यात्री हजारों की संख्या में प्रतिदिन अभनपुर से रायपुर एवं रायपुर से अभनपुर की यात्रा करते है।
जिसको देखते हुए रायपुर-केन्द्री-अभनपुर रूट पर प्रतिदिन चलने वाली ट्रेन की महती आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी लिखा है कि, पूर्व में विगत 50 वर्षों से संचालित नैरो गेज ट्रेन को वर्तमान में ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया है. परंतु संचालन अभी आरंभ नहीं हुआ है। उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत् सखते हुए रायपुर-केन्द्री-अभनपुर ब्रॉड गेज पर शीघ्र अतिशीघ्र मोनो रेल आरंभ करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देर्शित करें।
इससे पहले बृजमोहन अग्रवाल ने डीआरएम ऑफिस में रेलवे अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी रेल यात्रियों को हो रही परेशानियों पर नाराजगी जताते हुए। ट्रेनों के संचालन को बेहतर करने के निर्देश दिए थे।
नारायणपुर। नारायणपुर जिले के चिकित्सा विभाग में नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के पद को लेकर रस्साकशी चल रही है, जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दरअसल, जिले में पहले से पदस्थ डॉ. तुकाराम कुंवर को हटाकर छत्तीसगढ़ शासन ने 16 अगस्त 2024 को डॉ. श्याम शंकर राज को प्रभारी CMHO नियुक्त किया। परंतु, डॉ. तुकाराम कुंवर ने उच्च न्यायालय से स्टे ऑर्डर प्राप्त कर पुनः नारायणपुर में अपनी सेवाएं शुरू कर दी। अब, जिले के अधिकारी और कर्मचारी असमंजस में हैं कि वे किस अधिकारी के निर्देशों का पालन करें, क्योंकि दोनों अधिकारी खुद को सीएमएचओ के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं।
वहीं, डॉ. श्याम शंकर राज ने 21 अगस्त को कार्यभार संभालने का दावा किया और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक को इसकी जानकारी दी। उन्होंने उल्लेख किया कि उनके स्थानांतरण का आदेश राष्ट्रीय लोक अदालत के निर्णय के अनुसार वैध है, जबकि डॉ. तुकाराम कुंवर ने 5 सितंबर को उच्च न्यायालय से स्टे ऑर्डर के आधार पर अपना स्थानांतरण निरस्त होने का दावा किया।
बेबी केयर किट विवाद
इस विवाद के बीच, जिले में बेबी केयर किट सप्लाई का मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सीएमएचओ कार्यालय की ओर से 5 हजार बेबी केयर किट्स की खरीद का ठेका एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जाना है। आरोप है कि इस सप्लाई का ठेका CMHO अपने करीबी व्यक्ति को दिलवाना चाहते थे। यह मामला मंत्री स्तर तक पहुंच चुका है और कयास लगाए जा रहे हैं कि यह विवाद सीएमएचओ के पद को लेकर चल रही रस्साकशी का एक मुख्य कारण हो सकता है।
किट खरीदी पर सवाल
कुछ सप्लायरों का कहना है कि जिले के शासकीय अस्पतालों में सालभर में 5 हजार बच्चों का जन्म नहीं होता और किट में शामिल कॉस्मेटिक सामानों की एक्सपायरी डेट भी एक वर्ष से अधिक नहीं होती। ऐसे में, इतनी बड़ी मात्रा में किट की खरीद पर सवाल उठ रहे हैं और इसे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका से जोड़ा जा रहा है। हालांकि टेंडर जारी हो चुका है, लेकिन सप्लाई किसे सौंपी जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के इस नेतृत्व संकट और बेबी केयर किट विवाद ने नारायणपुर जिले में विभागीय कार्यो को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्थिति को स्पष्ट करने के लिए शासन प्रशासन को जल्द से जल्द कदम उठाने की जरूरत है ताकि विभागीय कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में तहसीलदार को सस्पेंड करने पर प्रदेशभर के तहसीलदार भड़क गए हैं. राज्यभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने बैठक कर कलेक्टर नम्रता गांधी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए उनको हटाए जाने की मांग को लेकर आंदोलन करने का फैसला लिया है. तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के संघ छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की वीसी के जरिए हुई बैठक में लिए गए फैसले की सूचना देने कुछ देर में संघ का प्रतिनिधिमंडल राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से मुलाकात करेंगे.
बता दें कि रायपुर कमिश्नर महादेव कावरे ने 11 सितंबर को बेलरगांव में पदस्थ तहसीलदार अनुज पटेल को निलंबित किया था. मुख्यालय से बाहर रहने और शासकीय कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई थी. कमिश्नर महादेव कावरे की ओर से किए गए निलंबन आदेश में कलेक्टर धमतरी नम्रता गांधी से मिले प्रतिवेदन का जिक्र है. इस निलंबन पर ही तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का संघ कलेक्टर के खिलाफ नाराज और आक्रोशित है.
तहसीलदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीलमणि दुबे ने बताया कि हमारे तहसीलदार अनुज पटेल ने आंखों के ऑपरेशन के लिए एसडीएम को आवेदन देकर तीन दिनों का अवकाश लिया था. ऑपरेशन के लिए तीन दिनों के अवकाश पर जाने की सूचना कलेक्टर धमतरी को भी दूरभाष पर दी गई थी. इसके बावजूद तहसीलदार को निलंबित करने का प्रस्ताव भेजा गया. संघ की यह भी दलील है कि निलंबन के पहले ना तो कोई नोटिस दिया गया और ना ही पक्ष सुना गया, सीधे सस्पेंड कर दिया गया. इसे लेकर कलेक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं. अगर कार्यवाही नहीं हुई तो पूरे प्रदेशभर के तहसीलदार लामबंद होकर अनिश्चित कालीन हड़ताल में जा सकते हैं.