रायपुर। कांग्रेस का 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में राजभवन पहुंचा. प्रतिनिधिमडंल ने राज्यपाल को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर ज्ञापन सौंपकर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है. इस दौरान प्रतिनिधिमण्डल में दीपक बैज के साथ पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू, अमितेष शुक्ल शिव डहरिया, सहित कई नेता शामिल थे.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है. बलौदाबाजार हिंसा मामले में दोषियों को छोड़कर निर्दोषों को गिरफ्तार किया जा रहा है. सतनामी समाज के गरीब लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है. दुष्कर्म की घटनाओं को रोक पाने में भी सरकार नाकाम साबित हो रही है. लूट, चोरी और हत्या की घटनाएं भी बढ़ रही है. राज्यपाल से हमारी मांग है कि वो सरकार को इन मामलों पर निर्देशित करें.
रायपुर। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत चुरेली, परसापानी और उमरिया दादर में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विशेष पिछड़ी जनजाति के सैकड़ों लोग शासन की योजनाओं से लाभान्वित हुए।
ग्राम पंचायत चुरेली में आयोजित पीएम जनमन शिविर में 31 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 10 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र, 11 हितग्राहियों को पीएम किसान सम्मान निधि और 16 हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण किया गया। इसी प्रकार ग्राम पंचायत परसापानी में 22 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 29 हितग्राहियों को जाति प्रमाण, 23 हितग्राहियों को पीएम सम्मान निधि एवं 29 हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए। ग्राम उमरिया दादर शिविर में 77 हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र, 15 हितग्राहियों को बैल जोड़ी, छह हितग्राहियों को स्टिक और पांच हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण किया गया। शिविर में मौके पर ही योजनाओं का लाभ मिलने से विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा एवं बिरहोर आदिवासी बहुत खुश दिखाई दिए।
रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के आंगनबाड़ी केंद्र बीरपुर से आज वजन त्यौहार 2024 का शुभारंभ किया। महिला एवं बाल विकास परियोजना सिलफिली के सेक्टर पार्वतीपुर के आंगनबाड़ी केंद्र बीरपुर से वजन त्यौहार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राष्ट्रीय पोषण माह के तहत 12 से 23 सितंबर तक वजन त्यौहार कार्यक्रम चलाया जाता है, जिसकी शुरूआत आज से राज्य के प्रत्येक आंगनबाड़ी केेंद्रों में की गई।
सूरजपुर जिले के बीरपुर आंगनबाड़ी केंद्र में वजन त्यौहार कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि माताओं को बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष तौर से ध्यान देना चाहिए। उन्हें संतुलित तथा पौष्टिक आहार का सेवन कराएं, ताकि उनका स्वास्थ्य अच्छा एवं वजन संतुलित हो। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया। उन्होंने राष्ट्रीय पोषण माह 2024 की गतिविधियों की जानकारी भी ली। उन्होंने स्कूल की बच्चियों की एनीमिया जांच की जानकारी ली और स्वयं का स्वास्थ्य जांच भी कराया।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आज राज्य में वजन त्यौहार कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का आयोजन 12 से 23 सितंबर 2024 तक किया जाना है, जिसमें शून्य से 06 वर्ष से कम बच्चों का वजन एवं ऊंचाई जांच कर कम वजन वाले बच्चों को चिन्हित कर कुपोषण की स्थिति का पता लगाया जाएगा। इस दौरान उनके कुपोषण के स्तर की भी जांच की जाएगी। वजन त्यौहार का उद्देश्य 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के पोषण स्तर का आंकलन कर शत्-प्रतिशत रूप में सुपोषित करना है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में दो दिवसीय कलेक्टर कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कहा कि बीते 9 महीने में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश को संवारने की दिशा में प्रयास किया गया है, किन्तु विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के लिए हम सबको और अधिक कठिन परिश्रम करना होगा। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि शासन की योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ क्रियान्वित की जाए और इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी फ्लैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें। उन्होंने कुछ जिलों में आम जनता और स्कूली छात्रों से शासकीय अधिकारियों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और सहृदयता के साथ आम जनता की समस्याओं को सुने और उसका यथासंभव शीघ्र निराकरण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों की भाषा-शैली मर्यादित होनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को जनसामान्य से संयमित लहजे में बातचीत करने की हिदायत दी और कहा कि यदि आपके अधीनस्थ अधिकारी भाषा संयम न रखें, तो उन पर तत्काल सख्त कार्यवाही करें।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याएं वहीं निपटे, छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर लोगों को राजधानी न आना पड़े। इस बात का ध्यान जिला प्रशासन को रखना चाहिए। जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान में लाई गई जन समस्याओं के त्वरित निदान के लिए प्रभावी कदम उठाएं जाएं।
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान साफ तौर पर कहा कि इस विभाग का आम लोगों और किसानों से ज्यादा वास्ता है। राजस्व के प्रकरणों का निराकरण बिना किसी लेट-लतीफी के किए जाने से शासन-प्रशासन की छबि बेहतर होती है। उन्होंने अधिकारियों को जनसामान्य की भूमि संबंधी छोटी-छोटी त्रुटियों एवं समस्याओं का निदान पूरी संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा में करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़, बस्तर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में राजस्व मामलों के निराकरण की धीमी गति पर अप्रसन्नता जताई। उन्होंने जिलेवार कलेक्टरों से अविवादित और विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार, डायवर्सन, असर्वेक्षित ग्रामों की जानकारी, नक्शा बटांकन की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में ऐसे जिले जिनकी प्रगति 70 प्रतिशत से कम है, उन्हें इस मामले में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। विवादित बटवारा के प्रकरण 6 माह से ज्यादा लंबित न हो। सीमांकन के प्रकरणों को भी तेजी से निराकृत किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी कमिश्नरों को अधीनस्थ जिलों का नियमित दौरा कर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को प्रधानमंत्री ने अभी पीएम आवास के अंतर्गत 8 लाख 46 हजार 931 आवासों को स्वीकृति दी है। पूर्ववर्ती सरकार के दौरान पीएम आवास का काम काफी पिछड़ गया था। हमें तेजी से इस पर काम करना है। यह सर्वाेच्च प्राथमिकता का कार्य है। इसके साथ ही हमने चिन्हांकित किये गये लगभग 47 हजार आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने का निर्णय भी लिया है। इस पर भी जुट कर काम करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वच्छता सर्वे अभी चल रहा है। छत्तीसगढ़ के गांव और ग्राम पंचायतें स्वच्छता सर्वे को सभी मानदंडों को पूरा करती हों, इस पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत हैं। मनरेगा रोजगार सृजन का सबसे अच्छा माध्यम है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी अधोसंरचनाएं तैयार करें। मनरेगा में भुगतान संबंधी दिक्कतों का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन कम होने पर बस्तर कलेक्टर पर नाराजगी जतायी। उन्होंने कलेक्टरों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वसहायता समूहों को बढ़ावा देने के साथ ही ट्रेनिंग, बैंक लिंकेज आदि की व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पंचायतों का व्यापक निरीक्षण करने, वहां की समस्याओं को हल करने के निर्देश दिए। अमृत सरोवर योजना को जन अभियान का स्वरूप देने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का तेजी से निर्माण कराए जाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाली योजना है। 15 सितम्बर को प्रधानमंत्री जी द्वारा पहली किश्त जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल विकास योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की और खैरागढ़, सारंगढ़, सक्ती, रायगढ़ जिलों की शून्य प्रगति पर नाराजगी जताई और कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा के दौरान गरियाबंद जिले के सूपेबेड़ा में किडनी की बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय करने और आवश्यकतानुसार दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाकर सेवाएं लेने की बात कही। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम का सभी जिलों में संचालन तथा रोगियों को लाभ सुनिश्चित करने, आगामी 6 माह में शत प्रतिशत आयुष्मान पंजीयन करने, पीएम जनऔषधि केंद्रों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने टीबी उन्मूलन के तहत किये जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में रायपुर और बिलासपुर जिले में बेहतर स्थिति की सराहना की। उन्होंने अन्य जिलों को भी टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सरस्वती सायकल योजना के वितरण में कुछ जिलों में हुई लेट-लतीफी को लेकर अप्रसन्नता जताई। उन्होंने कलेक्टरों को स्पष्ट तौर पर कहा कि सायकल का वितरण शिक्षा सत्र शुरू होते ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सुकमा एवं बलरामपुर जिले में साइकिल वितरण अब तक न होने पर की स्थिति को देखते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा के दौरान हितग्राहियों को प्रधानमंत्री जन मन योजना का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कबीरधाम जिले में वन अधिकार पट्टा के कार्य में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया और जिन जिलों में डिजिटलाइजेशन का कार्य 80 प्रतिशत से कम है, वहां तेजी से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आश्रम एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा और कलेक्टरों को स्वयं निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही, छात्रावासों में भोजन मेन्यू के अनुसार उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए महतारी वंदन योजना को सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना में कोई पात्र महिला वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पीएम मातृ वंदन योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से कुपोषण को जड़ से समाप्त करना हम सभी का लक्ष्य होना चाहिए और इसके लिए विभाग को विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और पी. दयानंद तथा सभी संबंधित विभागों के सचिव सहित सभी संभागों के आयुक्त, सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ और नगर निगमों के आयुक्त भी मौजूद थे।
दुर्ग। हेमंचद यादव विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अरुणा पल्टा ने 12 सितंबर को अपने पांच साल का कार्यकाल पूर्ण कर लिया. इस अवसर पर उन्होंने कार्यकाल को लेकर संतुष्टि जताई. इसके साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा विश्वविद्यालय में यूटीडी की स्थापना की घोषणा को अपने कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में से एक करार दिया.
डॉ. अरुणा पल्टा ने अपने पांच साल के कार्यकाल को लेकर कहा कि इस अवधि में मैंने हेमंचद यादव विश्वविद्यालय को यूजीसी, राज्य शासन, राजभवन के नियमों का पूर्णतः पालन करते हुए एक नई पहचान दिलाने का प्रयास किया. इस दौरान राजभवन, छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के साथ छात्र संगठनों का सहयोग मिला.
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा 158 महाविद्यालयों के प्राचार्यों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं ने भी विश्वविद्यालय को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाये रखने में हर संभव योगदान दिया. यही नहीं विश्वविद्यालय कार्यपरिषद् एवं विद्या परिषद् के सदस्यों का अभूतपूर्व सहयोग मिला है.
डॉ. पल्टा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा हेमंचद यादव विश्वविद्यालय में यूटीडी की स्थापना की घोषणा उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में से एक है. तकनीकी कारणों से विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन भवन का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया, लेकिन आशा है कि आने वाले एक-दो महीने में विश्वविद्यालय अपने नये भवन में संचालित होने लगेगा.
अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए डॉ. पल्टा ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय को सदैव ’’छात्र केन्द्रित’’ बनाये रखने का प्रयास किया. विद्यार्थियों का हित उनकी प्रथम प्राथमिकता रहीं. विद्यार्थियों के हित में विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर की पांच संस्थाओं के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किये गये है. कोरोना काल में भी विश्वविद्यालय में अनेक ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स तथा आमंत्रित व्याख्यान आयोजित कर छात्रों की पढ़ाई को सर्वोपरि रखा. विगत दो वर्षों से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय तथा जोनल युवा उत्सव में प्रथम, द्वितीय पुरस्कार हासिल किये. एनएसएस, एनसीसी तथा खेलकूद में इस विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी दक्षता सिद्ध की है.
डॉ. पल्टा ने बताया कि उनके कार्यकाल में कोरोना समयावधि के पश्चात् लगातार दो दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किये गये. इनमें कुल 80 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि तथा सैंकड़ों विद्यार्थियों को प्रावीण्य सूची में सर्वोच्च स्थान करने पर स्वर्ण पदक प्रदान किए गए. डॉ. पल्टा ने बताया कि वर्तमान में लगभग दो लाख नियमित और प्राइवेट छात्र संख्या वाले इस विश्वविद्यालय में 19 विषयों में 1164 शोधार्थी पीएचडी के लिए पंजीकृत हैं. इस विश्वविद्यालय में 158 महाविद्यालय सात जिलों में स्थित है.
उन्होंने कहा कि मैंने विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के बीच सौहाद्रपूर्ण संबंध स्थापित रखने का हर संभव प्रयास किया. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष जारी होने वाले अकादमिक कैलेण्डर का पूर्ण रूप से पालन करते हुए समय पर परीक्षाओं का आयोजन एवं परीक्षा परिणामों की घोषणा ने इस विश्वविद्यालय को अगल पहचान दिलाई है. छात्र-छात्राओं से जुडे़ विभिन्न कार्य जैसे डिग्री, माईग्रेशन, पात्रता प्रमाणपत्र, प्रवेश एवं परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन जैसे सभी चीजों को दूरस्थ अंचल के विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन किया गया. विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों की समस्याओं के निराकरण हेतु छात्र सुविधा काउंटर भी स्थापित किया गया है.
डॉ. पल्टा ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में सांप्रदायिक सौहाद्र बनाये रखना उनकी पहली प्राथमिकता थी. इस हेतु उन्होंने विश्वविद्यालय में सर्वधर्म त्योहार मनाने, जन्मदिन मनाने की परंपरा की शुरुआत की. विश्वविद्यालय में कार्यरत् महिलाओं को भी अनेक अवसर पर पुरस्कार एवं उपहार प्रदान कर उनका आत्मविष्वास बढ़ाने का प्रयास उन्होंने किया. अपने पांच वर्षों के कार्यकाल से पूर्ण रूप से संतुष्ट डॉ. अरूणा पल्टा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय और उन्नति करे, यही उनकी कामना है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य के प्रत्येक वर्ग के लिए खुशियों का पिटारा शामिल है. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल राज्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतरी के कार्य को लेकर लगातार प्रतिबद्ध हैं. इसी को लेकर मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा निर्णय लिया है. इस निर्णय के अंतर्गत सरकारी मेडिकल कॉलेजों के सीनियर रेसीडेंट और प्रदर्शक (पीजी), सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक एवं प्राध्यापक के वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि का आदेश जारी किया गया है. यह आदेश 1 सितंबर 2024 से पूरे राज्य के शासकीय मेडिकल कालेजों के लिए प्रभावी होगा.
छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग के द्वारा जारी आदेश के अनुसार गैर अनुसूचित क्षेत्रों के मेडिकल कालेज में पदस्थ प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 55 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 90 हजार रूपए कर दिया गया है. इसी तरह से सह प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 35 हजार से 1 लाख 55 हजार, सहायक प्राध्यापक का वेतन 90 हजार से 1 लाख और सीनियर रेसीडेंट व प्रदर्शक (पीजी) का वेतन 65 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया है.
जारी आदेश के अनुसार, अनुसूचित क्षेत्रों के मेडिकल कालेज में पदस्थ प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 90 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख 25 हजार रुपये कर दिया गया है. इसी तरह से सह प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 55 हजार से 1 लाख 85 हजार, सहायक प्राध्यापक का वेतन 90 हजार से 1 लाख 25 हजार तथा सीनियर रेसीडेंट व प्रदर्शक (पीजी) का वेतन 65 हजार रुपये से बढ़ाकर 95 हजार रुपये कर दिया गया है.
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के संविदा चिकित्सकों के लिए जारी पुनरीक्षित संविदा वेतनमान के अनुसार अनुसूचित क्षेत्र में लगभग 46 फीसदी और गैर अनुसूचित क्षेत्र में लगभग 23 फीसदी की वेतन वृद्धि की गयी है. इस ऐतिहासिक वेतन वृद्धि को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने कहा कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पढ़ने वाले भावी डाक्टरों का ये अधिकार है कि उन्हें अच्छी गुणवत्ता वाला शिक्षक और शिक्षा मिले और वेतन वृद्धि का ये आदेश राज्य शासन की स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने की मंशा को स्पष्ट जाहिर करता है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के डीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षक अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग द्वारा सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का पालन न किए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। आज बड़ी संख्या में डीएड अभ्यर्थी DPI कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज किए जाने की आदेश कॉपी सौंपकर मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों से तत्काल नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की, ताकि न्यायपालिका के आदेशों का सम्मान हो सके।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा विभाग की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया था और हाईकोर्ट के 2 अप्रैल 2023 के फैसले को सही ठहराया था। बावजूद इसके, शिक्षा विभाग ने अब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की है। अभ्यर्थी इस देरी से बेहद आहत हैं और अब चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की तैयारी में हैं। अभ्यर्थियों ने शिक्षा सचिव, संचालक और सरकार से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए। उनका कहना है कि यदि प्रक्रिया जल्द नहीं शुरू की गई, तो कोर्ट की अवमानना का मामला दर्ज कर वे उग्र आंदोलन करेंगे।
नगरीय निकाय चुनावों को प्रभावित कर सकता है आंदोलन
डीएड अभ्यर्थियों ने सरकार को सख्त चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वे न केवल कोर्ट की अवमानना का मामला दर्ज करेंगे, बल्कि चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन भी करेंगे। अभ्यर्थियों ने यह भी संकेत दिया कि उनका आंदोलन आगामी नगरीय निकाय चुनावों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सरकार को आगाह किया है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो वे अपने विरोध प्रदर्शन को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाएंगे।
बिलासपुर। धमतरी जिले के उमरगांव निवासी पुलिस कांस्टेबल नवदीप ठाकुर के ट्रांसफर पर हाईकोर्ट ने उनकी पत्नी की गर्भावस्था को ध्यान में रखते हुए रोक लगा दी है। आईजी रायपुर द्वारा जारी आदेश के तहत नवदीप ठाकुर का ट्रांसफर धमतरी से महासमुंद किया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
याचिका में बताया गया कि उनकी पत्नी डिगेश्वरी ध्रुव 6 माह की गर्भवती हैं और प्रसव की संभावित तिथि तीन महीने बाद है। परिवार में गर्भवती पत्नी की देखभाल के लिए कोई अन्य सदस्य नहीं है, और ट्रांसफर की स्थिति में वह उनकी देखभाल नहीं कर पाएंगे। कोर्ट ने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफर आदेश पर रोक लगा दी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में नशीली दवाओं और गांजे के अवैध व्यापार से जुड़े दो महत्वपूर्ण मामलों में आयुक्त महादेव कांवरे (IAS) ने एक निर्णायक और प्रभावशाली कार्रवाई की है। उन्होंने अवैध व्यापार में लिप्त दो आरोपियों को अलग-अलग प्रकरण में तीन-तीन महीने की सजा सुनाई है, जो नशे के खिलाफ प्रशासन की कड़ी मुहिम का स्पष्ट संकेत है।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, अनावेदक एजाज खान पिता अहमद खान, निवासी भवानी नगर सिमगा, और ज्वाला चतुर्वेदी पिता इंद्रमन चतुर्वेदी, निवासी भैंसापसरा, बलौदाबाजार के खिलाफ पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा इश्तगाशा पेश किया गया था। अवैध रूप से स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थों का व्यापार करने की पुष्टि हुई थी। मामले की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद यह निर्णय लिया गया कि इन दोनों आरोपियों की संलिप्तता में कोई संदेह नहीं है।
जांच के दौरान, आयुक्त महादेव कांवरे ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे अवैध गतिविधियों से समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके आदेश में यह भी उल्लेखित है कि अनावेदक अवैध रूप से नशीली कैप्सूल तस्करी करने के आदी हैं, जिससे उनके समाज में रहने से संभावित विपरीत प्रभाव को नकारा नहीं जा सकता।
आयुक्त कांवरे ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर गहन विचार करने के बाद यह निर्णय लिया कि अनावेदक एजाज खान और ज्वाला चतुर्वेदी के विरुद्ध स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 10 के तहत तीन माह के लिए जिला जेल बलौदाबाजार निरुद्ध किया जाए।
आयुक्त महादेव कांवरे की यह कड़ी कार्रवाई न केवल नशे के अवैध व्यापार के खिलाफ प्रशासन की दृढ़ता को प्रदर्शित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ सरकार नशे के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति को गंभीरता से लागू कर रही है। इस कार्रवाई के माध्यम से आयुक्त ने यह संदेश दिया है कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कृतसंकल्पित हैं और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में डीजे को लेकर SC के निर्देश पर राज्य सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है. अब डीजे लगाने वाली गाड़ियों का परमिट निरस्त किया जाएगा. नई गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने सभी कलेक्टर औ एसपी को निर्देश दिए गए हैं.
बता दें कि डीजे और ध्वनि प्रदूषण को लेकर उच्च न्यायालय ने 2017 में सख्त आदेश देते हुए गाइडलाइन जारी की थी, मगर उसका कड़ाई से पालन नहीं हो रहा था. जनहित याचिका के जरिए इस मामले की कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है और कोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ चल रही सुस्त कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी. इसे देखते हुए राज्य सरकार ने नई गाइड लाइन जारी की है.
नई गाइडलाइन के मुताबिक कोई भी वाहन अगर डीजे लगाए हुए दोबारा पकड़ा गया तो उसका परमिट रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई होगी. इसी तरह डीजे संचालकों पर भी नियम का पालन नहीं करने पर अवमानना की कार्यवाही की जाएगी.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों के अंतर्गत रायगढ़ के गांवों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर त्वरित गति से पहल करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से गत रात्रि चर्चा कर हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने का अनुरोध किया जिससे बाढ़ की संभावित आपदा से बचाव हो सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर ओडिसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दोनों प्रदेशों के हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने का आदेश दिया जिससे दो दर्जन से ज्यादा गांवों में होने वाली जन-धन की संभावित हानि से ग्रामवासियों का बचाव हो सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की इस संवेदनशील पहल के लिए उन्हें हृदय से आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व प्रतिवर्ष भारी बारिश की वजह से हीराकुड बांध के डुबान क्षेत्र में आने के कारण छत्तीसगढ़ के लगभग दो दर्जन से ज्यादा गांवों को बाढ़ की विपदा झेलनी पड़ती थी। इस वर्ष छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनो राज्यों में जनकल्याण को प्राथमिकता देने वाली जनहितैषी सरकारों के रहने से पहली बार दोनो राज्यों के मध्य अपूर्व सामंजस्य के साथ त्वरित निर्णय लेकर लोकहित में कार्य किए जा रहे हैं। दोनो राज्यों की सरकारों के मध्य ऐसा सामंजस्य पहली बार देखा जा रहा है जिसका यह सुपरिणाम है की अब दोनो राज्यों में प्रत्येक वर्ष भीषण रूप से बाढ़ग्रस्त रहने वाले क्षेत्र वर्तमान में बाढ़ की विपदा से ग्रस्त नही है।
रायपुर। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को बलौदाबाजार जिला मुख्यालय स्थित नगर भवन में आयोजित भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 10 करोड़ 34 हजार रूपये लागत के विकास कार्यों क़ा भूमिपूजन व लोकार्पण किया। इसमें नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार में 7 करोड़ 3 लाख 98 हजार रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों क़ा भूमिपूजन एवं 2 करोड़ 96 लाख 36 हजार रुपये के निर्माण कार्यों क़ा लोकार्पण शामिल है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को पंजीयन प्रमाण पत्र एवं प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना के तहत 50 हजार रुपये क़ा चेक वितरित किया गया। सांसद श्री अग्रवाल ने नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष चित्तावर जायसवाल क़ी मांग पर लगभग एक करोड़ 26 लाख रूपये के विभिन्न निर्माण कार्याे क़ी स्वीकृति प्रदान की।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि नगरपालिका को सुंदर, स्वच्छ बनाने में हम सबकी भागीदारी होनी चाहिए। आपसी भाई-चारा के साथ खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी सामूहिक जिम्मेदारी लेनी होगी। निर्माण सम्बन्धी विकास कायों के साथ ही सांस्कृतिक विकास पर भी ध्यान देना होगा।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि शहरों में निर्माण कार्य लगातार बढ़ रहे है। निर्माण के साथ उसका संरक्षण करना भी नागरिकों क़ा कर्तव्य है। नगर क़ी पहचान केवल अच्छी सड़कें, बिजली, पानी की सतत् आपूर्ति ही नहीं बल्कि वहां के नागरिकों के प्रतिभा एवं गुणों से भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर को सुन्दर बनाने में नागरिकों को जिम्मेदारी लेनी होगी। कार्यक्रम को पूर्व विधायक भाटापारा शिवरतन शर्मा एवं नगर पालिका अध्यक्ष चित्तावर जायसवाल ने भी सम्बोधित किया।
विकास कार्याे का हुआ भूमिपूजन व लोकार्पण
अधोसंरचना मद अंतर्गत विभिन्न सी.सी. रोड एवं आर.सी.सी. नाली निर्माण कार्य लागत राशि 5 करोड़, वार्ड क्रमांक 18 एवं 19 में गार्डन चौक से मणिकंचन केंद्र होते हुए रिस्दा रोड तक सीसी रोड निर्माण लागत राशि 98.34 लाख, 15वें वित्त आयोग मद अंतर्गत विभिन्न सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण कार्य लागत राशि 45.90 लाख रुपये, षष्ठी देवी मंदिर के पास सौंदर्यीकरण कार्य 35 लाख रूपये, अधोसंरचना मद अंतर्गत वार्ड क्र.-2 तहसील ऑफिस के सामने सौंदर्यीकरण कार्य 24.74 लाख रूपये क़ा भूमिपूजन तथा वार्ड क्र.-10 मण्डी कॉम्प्लेक्स के पास बाह्य विकास कार्य 79.26 लाख रूपये, हाट बाजार निर्माण कार्य 45 लाख रुपए, नगर भवन जीणोद्धार कार्य 92.10 लाख रुपए, राज्य प्रवर्तित योजना अंतर्गत पौनी-पसारी निर्माण कार्य 60 लाख रुपए एवं अम्बेडकर चौक के पास सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 20 लाख रूपये के कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं।
इन कार्याें की मिली स्वीकृति
स्ट्रीट लाईट के लिए 50 लाख रुपये, आर.सी.सी. रोड निर्माण के लिए 66 लाख रूपये एवं सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपये शामिल हैं।
इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ.सनम जांगड़े, पूर्व विधायक लक्ष्मी बघेल, कलेक्टर दीपक सोनी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा, जिला पंचायत सदस्य अदिति बघमार सहित जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि राज्य में वन्य तस्करी, लकड़ी की अवैध कटाई और परिवहन में संलिप्त माफियाओं को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इन पर शिकंजा कसा जा रहा है। वनों की अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के विरूद्ध संघन कार्रवाई का अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसको प्रोत्साहित और संरक्षण देने वाले लोगों की भी पहचान कर उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई विभाग द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि वनों का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। पर्यावरण को बेहतर रखने के लिए वनों का बचाव जरूरी है।
वनमंत्री श्री कश्यप कल राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम साइंस कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय वन शहीद दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर देश में वन और वन्य जीव की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि वन माफिया एवं वन्य तस्करी में संलिप्त लोगों को माफ नहीं किया जाएगा। वन की अवैध कटाई को रोकने के लिए बाह्य शक्ति से ज्यादा आंतरिक शक्तियों से लड़ने की आवश्यकता है। ऐसी शक्तियों को हमें रोकना होगा। उन्होंने कहा कि आज इस बात पर चिंतन करना चाहिए कि हम आने वाली पीढ़ी को क्या देकर जा रहे हैं। देश में वन एवं पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’’ की सराहना की और इसके लिए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।
वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं पर्यावरण के संरक्षण तथा हरियाली को और अधिक बढ़ाने के लिए पूरे जोर-शोर से ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधों का रोपण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इस अभियान ने राज्य में जनआंदोलन का रूप ले लिया है। शहर से लेकर गांव तक जहां-जहां भी सरकारी जमीन उपलब्ध है, वहां वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण एवं उसके संरक्षण का काम पूरी गंभीरता से किया जा रहा है। लोग बढ़-चढ़कर इस अभियान में न सिर्फ हिस्सा ले रहे हैं अपनी मां, पूर्वजों एवं देवी-देवताओं के नाम पर भी पेड़ लगा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में वन विभाग लगातार इस दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। इस अभियान के तहत अब तक लगभग 7 करोड़ वृक्षों का रोपण किया गया है। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित 70 लाख माताओं-बहनों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।
वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि पौराणिक काल से भी हमारे वनों का ऐतिहासिक महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि वनवासी नेताओं ने आजादी के पहले से वनांचल में वनों को बचाने के लिए आंदोलन किया था। उन्होंने कहा कि शहीद वीर गुण्डाधुर ने अंग्रेजों से कहा था कि यदि एक पेड़ काटोगे, तो हम एक सर काटेंगे का नारा दिया था, जिसका वनांचल के वनवासियों ने समर्थन किया। हमारी सरकार वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उसे सुदृढ़ करने के लिए वनरक्षक सहित अन्य पदों की भर्ती की प्रक्रिया की जा रही है। वनवासी जंगल को अपना घर समझते हैं और उसकी रक्षा करते हैं। कोई बाहरी व्यक्ति या तस्कर अवैध कटाई के लिए उन्हें प्रेरित करता है तो ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। कार्यक्रम में वनमंत्री श्री कश्यप ने राष्ट्रीय वन कर्मचारी महासंघ द्वारा प्रस्तावित मांग को पूरा करने का आश्वासन देते हुए कहा कि स्वीकृत पदों का सेटअप का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है।
कार्यक्रम को विधायक पुरन्दर मिश्रा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय वन अधिकारी महासंघ की स्मारिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष सतीष मिश्रा, महासचिव कमल यादव, कोषाध्यक्ष जगबन्धु पात्रा सहित 17 विभिन्न प्रदेश के अखिल भारतीय वन अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।
यहां यह उल्लेखनीय है कि कल सुबह राजीव स्मृति वन (ऊर्जा पार्क) में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वन शहीदों की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में वन शहीद स्मारक का अनावरण किया और वन शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अखिल भारतीय वन अधिकारी-कर्मचारी महासंघ ने वनमंत्री केदार कश्यप को प्रतीक चिन्ह और शॉल भेंटकर सम्मानित किया।
रायपुर। जो व्यक्ति जीवन में जितने कठिन परिस्थितियों से गुजरता है और संघर्ष करता है, वह उतना ही ऊंची सफलता प्राप्त करता है। उक्त बातें आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए जूट मिल हायर सेकेंडरी स्कूल के सभा कक्ष में छात्रों को कैरियर मार्गदर्शन प्रदान किया।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज स्थानीय जूट मिल हायर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के छात्र-छात्राओं को कैरियर मार्गदर्शन के संबंध में टिप्स दिये। उन्होंने अपने जीवन काल के दौरान शासकीय शाला से प्रारम्भ कर आईएएस बनने का सफर और संघर्ष कर सफलता पाने का अनुभव सुनाते हुए बच्चों को जीवन में हमेशा संघर्ष के लिए तैयार रहने और निरंतर प्रयास करने का सुझाव दिया। इस दौरान श्री चौधरी ने रायगढ़ जिले में वृहद नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना, नवीन प्रयास विद्यालय खोलने के निर्णय और छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने 8वीं कक्षा के छात्रों के लिए प्रयास विद्यार्थीश् कोचिंग कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ जिले के अंतर्गत वृहद नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना, नवीन प्रयास विद्यालय खोलने के निर्णय और अन्य प्रयासों की चर्चा की। श्री चौधरी ने कक्षा आठवीं में पढऩे वाले सभी बच्चों के प्रयास विद्यालय में चयन हेतु कोचिंग कक्षा देने के लिए सीईओ जिला पंचायत को निर्देश दिये। इसके साथ ही वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यार्थियों के लिये दूसरे प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे आईआईटी, नीट, क्लेट की तैयारी करने के लिए छात्रों के लिए कोचिंग कक्षाएं संचालन करने निर्देश दिये।
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विराट कोहली के उदाहरण से बच्चों को लक्ष्य पर अडिग रहने और अपने लक्ष्य की पूर्ति के लिये निरतंर प्रयास जारी रखने की बात कही। उन्होंने जिले के सभी स्कूलों में कैरियर काउंसिलिंग कार्यक्रम करने और विद्यार्थियों के लिए कैरियर मार्गदर्शिका पुस्तिका प्रदान करने का आश्वासन दिया ताकि बच्चों को सही कैरियर के चुनाव कर सके। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने युवाओं के कैरियर मार्गदर्शन के लिये सुपर थर्टी के संचालक आनंद कुमार और मनोज कुमार जो बारहवीं फैल के ओरिजनल हीरो जो कि एक आईपीएस अधिकारी हैं को भी मार्गदर्शन देने के लिए रायगढ़ आमंत्रित करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर उन्होंने आज सभी बच्चों को करियर मार्गदर्शिका पुस्तक का वितरण किए।
बच्चों के सवालों का वित्त मंत्री ने दिया जवाब
कार्यक्रम के दौरान शाला में अध्ययन करने वाले कुमारी याना महिलाने 12 वी जीवविज्ञान और कुमारी यशोदा यादव कक्षा 11 वी कॉमर्स ने कैरियर निर्माण के दौरान आने वाले परेशानियों और उनसे निपटने का सवाल किया तो वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बेहतर तरीके से समझा कर उन्हें संतुष्ट किया। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बच्चों से भी सवाल किया उन्होंने आईआईएम के फूल फॉर्म पूछने पर कक्षा 11 वी के मोहम्मद अबू राशिद के द्वारा सही जवाब देने पर उसे 1000 रूपये देकर सम्मानित किया और सभी बच्चों को अपने कक्षा के विषयवस्तु के साथ समसामयिक घटनाओं का भी निरंतर अध्ययन करने की सलाह दिया।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव, जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर के.व्ही राव, जिला मिशन समन्वयक नरेंद्र कुमार चौधरी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय सिंह, एपीसी भुवनेश्वर पटेल, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारिका प्रसाद पटेल के साथ संस्था के प्राचार्य संतोष चंद्रा के साथ समस्त स्टाफ उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य के प्रत्येक वर्ग के लिए खुशियों का पिटारा शामिल है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल राज्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतरी के कार्य को लेकर लगातार प्रतिबद्ध हैं। इसी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा निर्णय लिया है। इस निर्णय के अंतर्गत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के सीनियर रेसीडेंट व प्रदर्शक (पीजी), सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक एवं प्राध्यापक के वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश 1 सितंबर 2024 से पूरे राज्य के शासकीय मेडिकल कालेजों के लिए प्रभावी होगा।
छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग के द्वारा जारी आदेश के अनुसार गैर अनुसूचित क्षेत्रों के मेडिकल कालेज में पदस्थ प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 55 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 90 हजार रूपए कर दिया गया है। इसी तरह से सह प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 35 हजार से 1 लाख 55 हजार, सहायक प्राध्यापक का वेतन 90 हजार से 1 लाख तथा सीनियर रेसीडेंट व प्रदर्शक (पीजी) का वेतन 65 हजार रूपए से बढ़ाकर 75 हजार रूपए कर दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों के मेडिकल कालेज में पदस्थ प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 90 हजार रूपए से बढ़ाकर 2 लाख 25 हजार रूपए कर दिया गया है। इसी तरह से सह प्राध्यापक का वेतन 1 लाख 55 हजार से 1 लाख 85 हजार, सहायक प्राध्यापक का वेतन 90 हजार से 1 लाख 25 हजार तथा सीनियर रेसीडेंट व प्रदर्शक (पीजी) का वेतन 65 हजार रूपए से बढ़ाकर 95 हजार रूपए कर दिया गया है।
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के संविदा चिकित्सकों के लिए जारी पुनरीक्षित संविदा वेतनमान के अनुसार अनुसूचित क्षेत्र में लगभग 46 फीसदी तथा गैर अनुसूचित क्षेत्र में लगभग 23 फीसदी की वेतन वृद्धि की गयी है। इस ऐतिहासिक वेतन वृद्धि को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पढ़ने वाले भावी डाक्टरों का ये अधिकार है कि उन्हें अच्छी गुणवत्ता वाला शिक्षक और शिक्षा मिले और वेतन वृद्धि का ये आदेश राज्य शासन की स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने की मंशा को स्पष्ट जाहिर करता है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कल शाम यहां अपने निवास कार्यालय 75 दिन तक मनाये जाने वाले देश के ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के सफल आयोजन के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक ली। उन्होंने इस दौरान बस्तर दशहरा पर्व की गरिमा के अनुरूप सफलतापूर्वक आयोजन के लिए सर्व संबंधितों को सौंपे गए दायित्व का कुशलतापूर्वक निर्वहन किये जाने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि 75 दिन तक चलने वाला बस्तर दशहरा पर्व हरेली अमावस्या के दिन पाट जात्रा पूजा विधान के साथ 4 अगस्त 2024 से शुरू हो गया है, जो कि 19 अक्टूबर 2024 तक मनाया जाएगा। यह दशहरा पर्व विभिन्न जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय को इस दौरान बस्तर दशहरा उत्सव समिति द्वारा इसमें तिथिवार विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के विषय में विस्तार से जानकारी दी गयी। जिसमें बताया गया कि ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के दौरान 15 अक्टूबर 2024 को मुड़िया दरबार का आयोजन होगा। इसी तरह बस्तर दशहरा को भव्य रूप देने के लिए बस्तर मड़ई, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स मीट, एक पेड़ बस्तर के देवी-देवताओं के नाम, बस्तर टूरिस्ट सर्किट, दसरा पसरा, नगरगुड़ी टेंट सिटी, टूरिज्म ट्रेवलर्स आपरेटर मीट, देव सराय, स्वच्छता पखवाड़ा जैसे विविध कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। बस्तर दशहरा पर्व में लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष यात्री बसों के संचालन के सम्बंध में भी चर्चा की गई।
4 अगस्त को पाट जात्रा पूजा विधान से शुरू हुए ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व 2024 के अंतर्गत 2 अक्टूबर को काछनगादी पूजा विधान, रेलामाता पूजा विधान। 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन नवरात्रि पूजा विधान, रथ परिक्रमा पूजा विधान। 12 अक्टूबर को मावली परघाव विधान, 15 अक्टूबर को काछन जात्रा पूजा विधान और मुरिया दरबार, 16 अक्टूबर को कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान, 19 अक्टूबर को मावली माता जी की डोली की विदाई पूजा विधान आयोजित है।
मुरिया दरबार
गौरतलब है कि मुरिया दरबार में विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रमुख, नेता और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर संस्कृति, परंपरा और प्रथाओं को सहेजने और सामुदायिक मांग तथा समस्याओं पर विचार करते हैं। इस वर्ष 15 अक्टूबर 2024 को मुरिया दरबार का आयोजन किया जायेगा।मुरिया दरबार आयोजन के 10 दिन बाद बस्तर संभाग के मांझी, चालकी, मेम्बर, मेम्बरीन, पुजारी, कोटवार, पटेल, मातागुड़ी के मुख्य पुजारियों का सम्मेलन आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।
ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा कई अभिनव पहल की जा रही है। द बस्तर मड़ई के अंतर्गत बस्तर की प्राकृतिक सौन्दर्य, एतिहासिक एवं पुरातत्विक स्थलों, एडवेंचर स्थलों, सांस्कृतिक स्थलों से पर्यटकों को अवगत कराने के लिए प्रशासन द्वारा “द बस्तर मड़ई” की अवधारणा तैयार की गयी है।
बस्तर मड़ई के अंतर्गत 21 सितम्बर को सामूहिक नृत्य कार्यक्रम, 21 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक बस्तर हाट-आमचो खाजा, 24 सितम्बर को सिरहासार परिसर मैदान में बस्तर नाचा, 27 सितम्बर को पारंपरिक लोक संगीत, 29 सितम्बर को बस्तर की कहानियां एवं हास्य कवि सम्मेलन, 30 सितम्बर को बस्तरिया नाचा जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन होगा। 2 अक्टूबर से बस्तर दशहरा 2024 की समाप्ति तक बस्तर के पारंपरिक व्यंजन के स्टॉल लगाए जाएंगे।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप तथा विधायक द्वय किरण सिंहदेव व लता उसेंडी और मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानन्द, बसवराजू एस, राहुल भगत और सचिव अन्बलगन पी, आयुक्त बस्तर डोमन सिंह, बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम, एसपी शलभ सिन्हा उपस्थित रहे।
रायपुर। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने आज नई दिल्ली में हुई बैठक में छत्तीसगढ़ में मास रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर विकसित करने की संभावना पर चर्चा की। उन्होंने आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के ओएसडी (शहरी परिवहन) जयदीप कुमार को इस पहल की संभावनाओं की जांच करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान, मंत्री ने मेट्रो, मोनोरेल, रैपिड रेल और केबल कारों जैसे विभिन्न परिवहन विकल्पों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह पहल छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक शहरों – दुर्ग, भिलाई और रायपुर – के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाने का उद्देश्य रखती है। मंत्री ने इन शहरों के लिए एक व्यापक गतिशीलता योजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।
तोखन साहू ने यह भी निर्देश दिया कि व्यापक गतिशीलता योजना तैयार करने में सर्वेक्षण इत्यादि का सारा खर्च केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मास रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और अन्य सेवाओं की बेहतर पहुंच प्राप्त होगी।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आगे के मूल्यांकन और विचार के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने और प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला और नकली होलोग्राम मामले के आरोपियों की न्यायिक रिमांड 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है. शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी को कोर्ट ने 25 सितंबर तक जेल भेज दिया है. आज ईडी की स्पेशल कोर्ट में दोनों को पेश किया गया था, जहां दोनों आरोपियों की रिमांड बढ़ाई गई.
वहीं नकली होलोग्राम मामले में जेल में बंद 4 आरोपियों को भी आज एसीबी की विशेष कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने आरोपी दिलीप पांडे, अनुराग दिवेदी, दीपक द्वारी, अमित सिंह की न्यायिक रिमांड भी 14 दिन यानी 25 सितंबर तक बढ़ा दी गई है.
बता दें कि EOW ने 9 जुलाई को प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्मस प्राइवेट लिमिटेड के स्टेट हेड दिलीप पांडे को गिरफ्तार किया था. ईओडब्ल्यू की जांच में आबकारी घोटाले में डुप्लीकेट होलोग्राम से संबंधित सबूत हाथ लगे थे. पकड़े गए आरोपी के कब्जे से ईओडब्ल्यू ने डुप्लीकेट होलोग्राम के परिवहन संबंधी इंपॉर्टेंट दस्तावेज भी बरामद किया. गिरफ्तार आरोपी दिलीप पांडे ने EOW को पूछताछ में बताया कि नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन के अंडरग्राउंड कक्ष में होलोग्राम प्रिंटिंग के सेटअप से जुड़े हुए इंडस्ट्रियल कंप्यूटर के हार्ड ड्राइव को भी बरामद कर लिया था. इसके माध्यम से डुप्लीकेट होलोग्राम के सीरियल नंबरों की छपाई की गई थी. जिसकी वीडियोग्राफी कराकर जब्त की गई थी.
प्रिज्म कंपनी के नोएडा स्थित मुख्यालय से डुप्लीकेट होलोग्राम छपवाकर रायपुर तक परिवहन के लिए उपयोग में आने वाले डॉक्यूमेंट जिसमें डुप्लीकेट होलोग्राम की संख्या और दूसरी जानकारी दर्ज होती थी, उसे भी आरोपी दिलीप पांडे के कब्जे से बरामद किया गया थी, जिसकी जांच की जा रही है. पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि सिंडिकेट के मुख्य आरोपी अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी की संलिप्तता प्रिज्म होलोग्राफी के मालिक विधु गुप्ता के द्वारा 2019 से लेकर 2022 तक फर्जी होलोग्राम छत्तीसगढ़ में स्थित डिस्टीलारियों को उपलब्ध कराया गया था.