प्रदेश
मुख्यमंत्री श्री साय बेमेतरा में तुषार साहू के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए, शोक संतप्त परिवारजनों को बंधाया ढांढस
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बेमेतरा नयापारा में तुषार साहू के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने तुषार साहू को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मिलकर ढाढ़स बंधाते हुए कहा कि हम सब दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े हैं, इस कठिन समय में हम सब को धैर्य बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तुषार साहू एक होनहार युवा थे। समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से उनकी भागीदारी रहती थी। किसी भी कार्य को वह हमेशा समर्पण और सेवा भाव से करते थे। उनकी कमी हम सब को खलेगी। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी श्रद्धांजलि दी और परिवारजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में स्थानीय नेताओं, गणमान्य नागरिकों और तुषार साहू के करीबी सहयोगियों ने भी दिवंगत आत्मा के प्रति सम्मान प्रकट किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। गौरतलब है कि तुषार साहू, उप मुख्यमंत्री अरूण साव के भांजे थे। विगत 4 अगस्त को उनकी कवर्धा ज़िले के बोडला स्थित रानीदहरा जलप्रपात में नहाने के दौरान डूबने से मृत्यु हो गयी थी।


SECL की ओपन कास्ट माइन से हो रहे हादसों पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जताई चिंता, लोकसभा में शून्यकाल में लोकमहत्व के मुद्दे पर किया ध्यान आकर्षित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में NMDC, SECL की लापरवाही के कारण होने जनता को होने वाली परेशानियों को देखते सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को लोकसभा में शून्यकाल में लोक महत्व का मुद्दा उठाया। बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि, छत्तीसगढ़ की SECL ओपन कास्ट कोयला परियोजनाओं, खादानों में कोयले के खनन करने के बाद नियमानुसार उसे वापिस भरकर पुरानी स्थिति में लाना एवं उसके ऊपर वृक्षारोपण करने की बाध्यता है। लेकिन SECL ने 50 से अधिक खदानों से कोयला तो निकाल लिया। रिक्लेमिनेषन के नाम पर अरबों रूपये खर्च भी किए जा चुके है। लेकिन उन्हें पुरानी स्थिति में नहीं लाया गया, न ही उनके ऊपर वृक्ष लगाए गए। जिसके कारण खदानों में पानी भरने एवं खुले रहने के कारण वहां लगातार दुर्घटनाएं होती रहती हैं। जिसमे बड़ी संख्या में ग्रामीणों और पशुओं की मौत भी हो रही है। साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। जिस कारण क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी, गुस्सा एवं भय का वातावरण बना हुआ है। बृजमोहन अग्रवाल ने कोयला मंत्रालय से दोषी अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कारवाई और खुली खदानों के जल्द पुनर्वास की मांग की है।
हर-घर तिरंगा अभियान में सभी उत्साह से भाग लें: राज्यपाल रमेन डेका
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने सभी नागरिकों से हर घर तिरंगा अभियान में उत्साह से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने देश व प्रदेश के नागरिकों से आग्रह किया है कि अपने घरों में तिरंगा फहराएं और स्वतंत्रता दिवस को सम्मान व गर्व के साथ मनाएं।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘हर घर तिरंगा अभियान‘ में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके आव्हान पर यह अभियान आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत महोत्सव के तहत शुरू किया गया था। राज्यपाल ने कहा कि यह अभियान, देश भक्ति और एकता की भावना को मजबूत करेगा और राष्ट्रीय पर्व की गरिमा बढ़ाएगा। इस महाअभियान से न केवल तिरंगे के प्रति हमारा व्यक्तिगत जुड़ाव मजबूत होगा बल्कि राष्ट्र निर्माण की भावना भी सुदृढ़ होगी।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर देश के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद करते हुए उनसे प्रेरणा लें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम जिले के ग्राम तरेगांव जंगल और रेंगाखार में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के आदिवासी एवं बैगा बहुल बोड़ला विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम तरेगाव जंगल के एकलव्य आर्दश आवसीय विद्यालय परिसर और ग्राम रेंगाखर में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी, वीर शहीद गुंडाधुर, शहीद वीर नारायण सिंह और धरती आबा बिरसा मुंडा के तैल्यचित्र पर पुष्प अर्पित और दीप प्रज्जवलित कर किया गया। ग्राम तरेगांव जंगल में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा का आदिवासी परंपरा की विशेष पहचान फेटा (पगड़ी), कलगी, छिट और तिलक लगाकर स्वागत अभिनंदन किया गया। उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर और उनके योगदान को सराहा। उन्होंने आदिवासी अधिकारों और उनके विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और आदिवासी संस्कृति की रक्षा और संवर्धन के लिए जोर दिया।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विश्व आदिवासी दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज हम सब इस समाज के लोग विश्व आदिवासी दिवस पर एक साथ उपस्थित हुए है यह हमारे आदिवासी समाज के एकता का प्रतीक है। इसी तरह हम 15 नवंबर को धरती आबा बिरसा मुंडा के जयंती पर एक साथ मिलकर स्मरण करेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र में समाज के प्रमुखों की प्रशंसा करते हुए बताया कि अपने समाज को एक जुट रख कर अपने समाज, अपनी परंपरा को बचाएं रखने का प्रयास करना बहुत ही सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में संचालित सभी आश्रम छात्रावास में जनभागीदारी समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में आश्रम छात्रावास में पढ़ने वाले बच्चों के पालक, जनप्रतिनिधि और बच्चों के माताएं शामिल होंगे। समिति के लिए सदस्यों का चयन प्रारंभ हो गया है। जनभागीदारी समिति आश्रम छात्रावास के व्यवस्थाओं देख रेख करेंगे। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि बच्चों को सभी सुविधाएं उपलब्ध हो। इसके लिए समाज को एक होकर कार्य करना है।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि विशेष पिछड़ी बैगा जन जातियों के युवक और युवतियों के लिए एएनएम, बीएससी नर्सिंग का कोर्स कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैगा समाज के प्रमुख व्यक्ति अपने आसपास युवक और युवतियों को प्रेरित करें और बताए की जो युवक, युवतिया एएनएम, बीएससी नर्सिंग का कोर्स करना चाहते है उसकी पूरी व्यवस्था कराई जाएगी। इस दौरान ग्राम वासियों ने उप मुख्यमंत्री को विभिन्न मांगों, शिकायत के संबंध में आवेदन किया। उप मुख्यमंत्री ने सभी आवेदनों का अवलोकन कर पूरा करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में संतोष पटेल, विदेशी राम धुर्वे, बरसती वर्मा, राम किनकर वर्मा, बलदाऊ चंद्रवंशी, झुम्मन चंद्रवंशी, नरेश चंद्रवंशी, संतराम, सुंदर लाल बैगा, एसडीएम बोड़ला गीता रायस्त सहित जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे। मंच का संचालन लालमनी सोनवानी ने किया।



सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में हिंसा प्रभावित संकटग्रस्त महिलाओं की लोकसभा में उठाई आवाज
रायपुर/नई दिल्ली। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल लोकहित के मुद्दों को पूरी गंभीरता के साथ लोकसभा में उठा रहे है।
श्री अग्रवाल ने शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास मंत्री से छत्तीसगढ़ में हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे एकीकृत सहायता और सहयोग प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण मिशन के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर योजना की जानकारी मांगी।
जिसपर महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि, छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में से प्रत्येक में एक और रायपुर में एक अतिरिक्त कुल 34 ओएससी स्वीकृत हैं जिसमे से वर्तमान में 27 ओएससी कार्यशील हैं। उन्होंने यह भी बताया कि, पिछले तीन सालों में करीब 17 हजार महिलों को सहायता प्रदान की गई है। वन स्टॉप सेंटर योजना का सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ पूरे देश में 1 अप्रैल, 2015 से क्रियान्वयन किया जा रहा है। देश भर में वर्तमान में 816 में से 786 वन स्टॉप सेंटर कार्यशील हैं।
ओएससी का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर एकीकृत सहायता प्रदान करना है। यह जरूरतमंद महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता और सलाह, अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता, मनोवैज्ञानिक सामाजिक परामर्श सहित विभिन्न सेवाएं प्रदान करती है।
भ्रमण तो बहाना है, असल में निगम के पैसों से पिकनिक मनाना है…, महापौर-पार्षदों के भ्रमण पर उठ रहे सवाल…
रायपुर। शहर की व्यवस्था को दुरुस्त करने और स्वच्छता रैंकिंग में अव्वल आने का हवाला देकर थोक में नगर निगम पार्षद – अधिकारी दूसरे प्रदेशों का दौरा करते हैं. लेकिन इन दौरों का कोई फायदा होता अभी तक नजर नहीं आया है, उल्टे राजधानी की जनता की पैसों की बर्बादी के साथ निगम की रैंकिंग में गिरावट ही देखने को मिली है.
रायपुर नगर निगम के 65 जनप्रतिनिधि और अधिकारी एक बार फिर अध्ययन भ्रमण पर हैं. इस बार ये दौरा बैंगलुरु और मैसूर के शहर का है जिसमें रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, एमआईसी सदस्य, पक्ष और विपक्ष के पार्षद और अधिकारी शामिल हैं. महापौर अध्ययन भ्रमण में इस बार यह समझने के लिए निकले हैं कि रायपुर स्वच्छता रैंकिंग में आखिर पीछे क्यों रह जाता है. जानकर ये हैरानी होगी कि साल 2022 में 80 से अधिक पार्षद और अधिकारी इंदौर और चंडीगढ़ इन्हीं व्यवस्थाओं के अध्ययन दौरे पर थे, जिसके परिणामस्वरूप रायपुर की रैंकिंग 6वें से सीधे 11वें स्थान पर आ गिरी थी.
इंदौर और चंडीगढ़ के भ्रमण व्यय की बात करें तो इस पर 40 लाख रुपए फूंक दिए गए थे. चंडीगढ़ के एक माडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ निगम के भी इस दौरे पर 12 लाख रुपए खर्च हुए थे. इससे साफ है कि निगम पदाधिकारियों का दौरा अन्य राज्यों को भी इसका बोझ उठाना पड़ता है. और इतने खर्चे के बाद राजधानी की तस्वीर में कोई बदलाव नजर नहीं आता. कचरा हर दिन की तरह राजधानी की सड़कों पर नजर आता है. ओपन ड्रेनेज सिस्टम हर साल जनता की परेशानी का सबब बनता है. लोगों के घरों में गंदा पानी घुसता है, बीमारियां फैलती है, एसटीपी फेल हो जाते हैं, हज़ारों मछलियाँ मरती हैं, और अंत में अध्ययन भ्रमण की सच्चाई सबके सामने होती है.
पिछले पांच सालों में रायपुर निगम के जन प्रतिनिधियों का यह दूसरा दौरा है, जिससे नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने तौबा कर लिया है. उनका कहना है कि पिछले दौरे से सीखी और समझी गई चीज़ों पर अमल नहीं किया गया. नेता प्रतिपक्ष के इस बयान से साफ है कि भ्रमण महज निगम के पैसों पर पिकनिक जाने का बहाना है.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में न्यायालय ई सेवा केंद्रों का मुद्दा लोकसभा में उठाया
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अधिक सुलभ और पारदर्शी न्यायिक सेवा दिलाने के लिए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को लोकसभा में न्यायालय ई सेवा केंद्र का मुद्दा उठाया। श्री अग्रवाल ने विधि और न्याय मंत्री से छत्तीसगढ़ समेत देशभर में कार्यशील ई सेवा केंद्र और वहां उपलब्ध सेवाओं की जानकारी मांगी।
जिसपर विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को पायलट परियोजना के अधीन 2 ई-सेवा केंद्र स्थापित करने के लिए 10.68 लाख रुपये जारी किए गए थे। हालांकि, ई-न्यायालय मिशन मोड परियोजना के तीसरे चरण के अधीन, अतिरिक्त ई-सेवा केंद्र स्थापित करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य को 4.44 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में जिला न्यायालयों में 23 और उच्च न्यायालय में 1 ई-सेवा केंद्र काम कर रहे हैं। देशभर में ई-सेवा केंद्रों की संख्या 1,072 है। ई-न्यायालय मिशन मोड परियोजना के भाग के रूप में, ई-सेवा केंद्रों को वन स्टॉप सेंटर के रूप में स्थापित किया गया है, जो अदालती मामलों/आदेशों/निर्णयों, न्यायालय से संबंधित मामलों की सुविधा और ई-फाइलिंग सेवाओं के बारे में निःशुल्क जानकारी प्रदान करते हैं, विशेष रूप से उन लोगों को लाभान्वित करते हैं, जिनके पास प्रौद्योगिकी तक पहुंच नहीं है या जो दूरदराज के क्षेत्रों में रहते हैं।
ई-सेवा केंद्रों का उद्देश्य वाद स्थिति, सुनवाई की अगली तारीख और अन्य विवरणों के बारे में पूछताछ का निपटारा करना। प्रमाणित प्रतियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान करना। हार्ड कॉपी याचिकाओं की स्कैनिंग, ई-हस्ताक्षर जोड़ने, उन्हें सीआईएस पर अपलोड करना और फाइलिंग नंबर बनाने से लेकर याचिकाओं की ई-फाइलिंग, ई-स्टाम्प पेपर/ई-भुगतान की ऑनलाइन खरीद में सहायता आदि प्रदान करना है।
धान खरीदी में सूखत पर कार्रवाई का मामला : 46 समिति प्रभारियों ने लगाई याचिका, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब, तीन हफ्ते की दी मोहलत
बिलासपुर। धान खरीदी केंद्रों में सूखत को लेकर राज्य शासन द्वारा समितियों पर कार्रवाई की जाती है. इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है. कोर्ट ने राज्य शासन को तीन सप्ताह की मोहलत दी है. तब तक सूखत के नाम पर समितियों पर किसी तरह की कार्रवाई पर रोक रहेगी.
दरअसल, प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद समितियों से तय समय पर धान संग्रहण केंद्र ना पहुंचने पर सूखत के बाद राज्य शासन समितियों पर कार्रवाई करती है. इसे लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 46 समिति प्रभारियों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है, जिसमें कहा गया है कि मार्कफेड द्वारा तय समय पर धान का उठाव व ट्रांसपोर्टिंग नहीं कराया जाता. इसके चलते धान में सूखत की वजह से वजन घट जाता है. इसकी रिकवरी समितियों से की जाती है. मार्कफेड अफसरों की लापरवाही का खामियाजा समिति क्यों भुगते.
जस्टिस एनके चंद्रवंशी की कोर्ट में सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई. कोर्ट ने राज्य शासन व मार्कफेड के अफसरों से पूछा कि सूखत का क्या मापदंड है. इसे लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग क्या नियम बनाए गए हैं. इस पर मामले की सुनवाई के दौरान मार्कफेड के एमडी ने शपथ पत्र के साथ कोर्ट को जानकारी दी कि इस तरह का कोई मापदंड तय नहीं किया गया है. मामले में हुई पूर्व की सुनवाई में हाईकोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता समितियों को सूखत के संबंध में अभ्यावेदन पेश करने और इस पर 30 दिनों के भीतर निराकरण करने का निर्देश दिया था.
बलौदाबाजार में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस, पारम्परिक वेशभूषा में पहुंचे मूल निवासी
रायपुर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कलेक्टोरेट परिसर में शुक्रवार को विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर दीपक सोनी तथा आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने बड़ा देव की पूजा- अर्चना किया तथा शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोग पारम्परिक परिधान एवं वेश- भूषा के साथ शामिल हुए। इस दौरान मल्लखम्भ प्रशिक्षण के 20 प्रतिभागियों को ड्रेस किट का वितरण किया गया। इसके साथ ही निःशुल्क पौधा वितरण भी किया गया।
कलेक्टर श्री सोनी ने विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनायें देते हुए कहा कि ऐसे अवसर एक दूसरे के साथ जुडने व जानने समझने के लिए होता है। एक दूसरे से जुड़ेंगे तो समाज के बारे में जानकारी मिलेगी, समस्या या सुझाव मिलेंगे जिससे समाज की बेहतरी के लिए रास्ते निकलेंगे। उन्होंने कहा कि अपनी समस्या या बात रखने में संकोच न हो। अपनी बोली भाषा में भी बिना झिझक के समस्या या सुझाव के बारे में बता सकते हैं। समाज के विकास के लिए नवाचार पहल होनी चाहिए जिससे प्रशासन के सहयोग से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले में मल्लखम्ब खेल प्रशिक्षण की शुरुआत हुई है। जिला प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से हुनर तराशने का प्रयास किया जा रहा है।
सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र ध्रुवंशी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस सभी मूल निवासियों के लिए गौरव का दिन है। आदिवासियों को प्रकृति के सान्निध्य में जीवन यापन करने का सौभाग्य मिला है। हमें सांवैधानिक अधिकार भी दिए गए हैं। इन अधिकारों के तहत हमें अपने समाज को आगे ले जाना है।


एक दिवसीय प्रवास पर कवर्धा पहुचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 25 दिव्यांगजनों को पेट्रोल चलित स्कूटी वितरण किया
रायपुर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा प्रवास के दौरान विधायक कार्यालय में जिले के 25 दिव्यांगजनों को पेट्रोल चलित स्कूटी वितरण किया। उन्होंने इस अवसर पर दूर-दराज से आए दिव्यांगजनों से आत्मीयता से मुलाकात की और उनकी समस्याओं से रूबरू भी हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विष्णु देव साय की सरकार आपके सहयोग और आर्थिक विकास के लिए हमेशा साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा और क्षेत्र का विकास हमारी प्राथमिकता में शामिल है। प्राथमिकता से सभी समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा दिव्यांगजनों और आमजनों की सेवा में आत्मीय खुशी मिलती है।
श्री शर्मा ने इससे पहले कवर्धा आगमन के दौरान ठाकुरदेव चौक में अपने वाहन रुकवाकर आमजनों से भेंट की और सभी का हालचाल जाना। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा कबीरधाम जिले के एकदिवसीय प्रवास पर है। श्री शर्मा आज जिले के तरेगांव, रेंगाखार और कवर्धा के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में भी शामिल हो रहे हैं।









स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर नगर पंचायत झगराखाण्ड को मिली विकास कार्यों की सौगात
रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल से नगर पंचायत झगराखाण्ड को वित्तीय वर्ष 2024-25 में निकाय क्षेत्रांतर्गत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से अधोसंरचना मद में 13 निर्माण कार्यों हेतु अधोसंरचना मद से स्वीकृति मिली है। इन निर्माण कार्यो के लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 1 करोड़ 16 लाख 78 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गयी है।
कार्य का विवरण
नगर पंचायत झगराखाण्ड के वार्ड क्र. 12 में धनेश के घर से पहाड़ी के घर तक सी.सी. रोड निर्माण के लिए 10.02 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 में सुदामा चौधरी के घर से खलील के घर तक नाली निर्माण के लिए 8.04 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 में आबिद के घर से सबीर के घर तक रिटर्निंग वॉल निर्माण कार्य के लिए 4.86 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 में भवानी के घर से पूनम पनिका के घर तक नाली निर्माण कार्य के लिए 4.91 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 में पंप हाऊस के पास शौचालय निर्माण कार्य के लिए 10.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 05 में गोलाई दफाई में शौचालय निर्माण कार्य के लिए 10.00 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
इसी प्रकार वार्ड क्र. 10 में लैला मजनू ग्राउण्ड के पास सांस्कृतिक मंच निर्माण कार्य के लिए 10.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 10 में आंगनबाड़ी में बाऊण्ड्रीवॉल निर्माण कार्य के लिए 4.76 लाख रूपए, वार्ड क्र. 01 में संजय सेन के घर से संतोष वर्मा के घर तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य के लिए 4.72 लाख रूपए, वार्ड क्र. 15 में मोहन वर्मा के घर के पिछे रिटर्निंग वॉल निर्माण कार्य के लिए 4.48 लाख रूपए, वार्ड क्र. 06 एवं 07 मांगलिक भवन में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण कार्य के लिए 19.91 लाख रूपए, वार्ड क्र. 10 में जमुना यादव के घर से आनंद के घर तक नाली निर्माण कार्य के लिए 5.08 लाख रूपए, वार्ड क्र. 08 में पुष्पवाटिका में उन्नयन कार्य के लिए 20.00 लाख रूपए की राशि प्रदाय की गयी है।
DEO की संपत्ति जान चकरा जाएंगे, ACB ने दर्ज किया FIR, पढिये छापे में कहां-कहां मिली प्रॉपर्टी
बिलासपुर। शनिवार को राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बिलासपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी टीकाराम साहू के बिलासपुर और कवर्धा स्थित ठिकानों पर रेड की। इसके बाद साहू के खिलाफ अपराध कायम किया गया है।
टीकाराम साहू के खिलाफ दर्ज FIR में उनके द्वारा अर्जित चल अचल संपत्ति का विवरण भी दिया है। टीकाराम साहू ने आय के ज्ञात स्रोतों से काफी अधिक मात्रा में स्वयं और परिवार के सदस्यों के नाम से करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित की है।
56 वर्षीय टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू मूलतः कवर्धा के श्याम नगर वार्ड क्रमांक 8 के रहने वाले हैं। 7 अक्टूबर 2023 से वे जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। टीकाराम साहू की प्रथम नियुक्ति 20 दिसंबर 1988 को व्याख्याता के पद पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खैरागढ़ जिला राजनंदगांव में हुई थी। इसके बाद भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद पर कबीरधाम, छुईखदान कवर्धा, में मलाईदार पदों पर रहे। 7 अक्टूबर 2023 से बिलासपुर में जिला शिक्षा अधिकारी हैं।
01 - संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी- वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण जी श्यामनगर, विजय ग्रीन पथ में 40×60 में 2400 वर्गफुट में दो मंजिला सर्वसुविधायुक्त मकान। इस भूमि पर कवर्धा में मकान बनाया गया है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग, ई-स्टाम्प राशि 30 लाख रुपये है।
02 -संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 88/34, 89/26 रकबा 0.014 हेक्टेयर जमीन टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 20 नवम्बर 2017 को क्रय किया गर रजिस्ट्री दिनांक-20/11/2017, ई-स्टाम्प राशि 4,74,000/- रुपये
03 -संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 360/1 रकबा 0.403 हेक्टेयर जमीन 13 जून 2018 को क्रया किया गया। रजिस्ट्री दिनांक 13/06/2018, ई-स्टाम्प राशि 3,24,500/-
04 - संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा • जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 359/1 रकबा 0.130 हेक्टेयर जमीन दिनांक 9 सितम्बर 2018 को क्रया किया गया। रजिस्ट्री दिनांक- 11/09/2018 ई-स्टाम्प राशि -1,05,00005।
05 –संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण अटल विहार योजना मकान नं. एलआईजी. 117 मैनपुरी, कवर्धा, जिला कबीरधाम रजिस्ट्री दिनांक 31/05/2019, ई-स्टाम्प राशि -6,35,840/- रुपये
06 - टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला-कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 350 रकबा 0.129 हेक्टेयर जमीन दिनांक 4 अगस्त 2021 को क्रया किया गया। रजिस्ट्री दिनांक 04/08/2021, ई-स्टाम्प राशि 1,53,000 रु
07 - संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम-नवागांव (का०) पहन- 29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 220/12, रकबा 0.158 हेक्टेयर जमीन दिनांक 22 जुलाई 2022 को क्रय किया गया रजिस्ट्री दिनांक 22/07/2022, ई-स्टाम्प रात्रि 98,000/-
08 - संपत्ति धारक का नाम- टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला- 3
कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम-नवागांव (का0) पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 220/10, रकबा 0.420 हेक्टेयर जमीन दिनांक 22 जुलाई 2000 को क्रय किया गया। रजिस्ट्री दिनांक 22/07/2022, ई-स्टाम्प राशि 2,60,000/- रुपये
09 - संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम सागौना प.ह.न.-02 रा.कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम-नवागांव (का0) पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 220/10, रकबा 0.420 हेक्टेयर जमीन दिनांक 22 जुलाई 2000 को क्रय किया गया। रजिस्ट्री दिनांक 22/07/2022, ई-स्टाम्प राशि 2,60,000/- रुपये
10 – संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी- वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम सागोना प.ह.न.-02 रा. नि.म. तहसील कवर्धा जिला कबीरधाम, में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 97/48 रकबा 0.018 हेक्टेयर जमीन दिनांक 28 नवम्बर 2022 को क्रय किया गया। रजिस्ट्री दिनांक 28/11/2022, ई-स्टाम्प राशि 3,37,000/- रुपये
11 –संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 29 नवम्बर 2022 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 44/1 का टुकड़ा रकबा 1200 वर्गफुट प्लाट नम्बर 26 क्रय किया गया है। रजिस्ट्री दिनांक 29/11/2022 प्लाट नंबर 26,27,28,29 का एक ई-स्टाम्प कुल राशि 17,14,000/- रुपये टीकाराम साहू एवं उनकी पत्नी के नाम निम्नलिखित संपतियों के संबंध में पुष्टिकृत जानकारी प्राप्त हुई है।
12 –संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड़ कवर्चा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 29 नवम्बर 2022 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 44/1 का टुकड़ा रकबा 1200 वर्गफुट प्लाट नम्बर 27 क्रय किया गया है।
12 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग., संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 29 नवम्बर 2022 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 44/1 का टुकड़ा रकबा 1200 वर्गफुट प्लाट नम्बर 28 क्रय किया गया है।
13 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग.संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 29 नवम्बर 2022 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 44/1 का टुकड़ा रकबा 1200 वर्गफुट प्लाट क्रय किया गया है।
14 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर 2022-23 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 88/34, रकबा 0.014 वर्गफुट क्रय किया गया है।
15 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 2022-23 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 452/9, रकबा 0.012 वर्गफुट क्रय किया गया है।
16 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 2020-21 को ग्राम खुटू, कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 120/10, रकबा 0.040 वर्गफुट क्रय किया गया है।
17 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग., संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन- 29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 360/1 रकबा 0.403 हेक्टेयर
18- संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 431/12 रकबा 0.049 हेक्टेयर 09-संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा नाम पर दिनांक 2022-23 को पहन 03 रानिम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 452/9, रकबा 0.012 वर्गफुट क्रय किया गया है।
18 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम संपत्ति का विवरण पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू के नाम पर दिनांक 2020-21 को ग्राम खुटु, कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 120/10, रकबा 0.040 वर्गफुट क्रय किया गया है।
18 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग., संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन 29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 360/1 रकबा 0.403 हेक्टेयर
19 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड़ कवाँ, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 431/12 रकबा 0.049 हेक्टेयर
19 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण-ग्राम-नबघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 468/12 रकबा 0.971 हेक्टेयर
20 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण, ग्राम नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 501/3 रकबा 0.328 हेक्टेयर
21 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 514/5 रकबा 0.235 हेक्टेयर
22 -संपत्ति धारक का नाम – पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड कवर्धा, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति धारक का नाम ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 514/7 रकबा 0.060 हेक्टेयर
23 -संपत्ति धारक का नाम पूर्णिमा साहू पति टीकाराम साहू उम्र 53 वर्ष, निवासी- घोटिया रोड़ कवर्धा, तहसील- कवर्धा, जिला कबीरधाम छ.ग. संपत्ति का विवरण. ग्राम-नवघटा पहन-29, रानिम व तहसील पिपरिया, जिला कवर्धा में टीकाराम साहू के नाम पर खसरा नंबर 359/1 रकबा 0.1300 हेक्टेयर
24 -संपत्ति धारक का नाम टीकाराम साहू पिता कुंजराम साहू उम्र 56 वर्ष, निवासी- वार्ड नंबर 08, जी-श्याम नगर, तहसील कवर्धा, जिला कबीरधाम, संपत्ति का विवरण ग्राम कवर्धा तहसील व जिला कवर्धा खसरा नंबर 88/46 रकबा 0.025 हेक्टेयर जमीन टीकाराम साह के नाम पर क्रय किया गया।
प्रदेश में एक साथ हो सकते हैं नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, डिप्टी सीएम साव ने कही ये बात…
वहीं आज विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर डिप्टी सीएम साव ने प्रदेश के सभी आदिवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि प्रदेश के सबसे पुराने समाज यानि आदिवासी समाज के लोगो को बधाई देता हूं. हमारी सरकार आदिवासी समाज के हित में लगातार बड़े कदम उठा रही है. आज प्रदेश में कई जगहों पर बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए है. हम सभी को बधाई देते हैं.
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर कांग्रेस की संविधान यात्रा
भाजपा के विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के दिन 14 अगस्त को कांग्रेस संविधान यात्रा निकालेगी. इसे लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि भ्रम पैदा करना ही कांग्रेस की राजनीतिक आधार है.
डिप्टी सीएम साव ने आगे कहा- विभाजन हम सबके जहन में है कि कैसे लोगों ने कष्ट झेले हैं, कैसे इतनी बड़ी संख्या में लोगों के कतले आम हुए हैं, लोगों को धर्म संपत्ति परिवार की रक्षा के लिए क्या-क्या करना पड़ा है, यह हम सब ने देखा है. उसी विभीषिका को याद करना आज की पीढ़ी के लिए आवश्यक है. इसलिए भाजपा ने देशभर में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है.
उपमुख्यमंत्री साव ने संविधान यात्रा निकालने को लेकर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की देशभक्ति जग जाहिर हो चुकी है. ये एक परिवार के हित के संरक्षण के लिए काम करती है. भाजपा देश के हित में काम करने वाली पार्टी है. हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्रा का आयोजन भाजपा करती रही है. कांग्रेस नकल करने की कोशिश कर रहे हैं. देश में कांग्रेस की प्रासंगिकता बची नहीं है.
कांग्रेस हर मुद्दे पर भ्रम पैदा कर राजनीति करती है: डिप्टी सीएम साव
वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन को लेकर उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि देश की एक पार्टी ने संविधान का उल्लंघन किया है, आपातकाल लगाकर संविधान को तोड़ा मरोड़ा है. कई बार कांग्रेस पार्टी ने संविधान का उल्लंघन किया. वक्फ अधिनियम में संशोधन का विषय आज के समय की आवश्यकता है. कांग्रेस पार्टी हर मामले में राजनीति करती है. कांग्रेस हर मुद्दे पर भ्रम पैदा कर राजनीति करती है.
भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्रकरण होंगे वापिस
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज राजनीतिक प्रकरणों के मामले में बताया कि पिछले 5 सालों में कांग्रेस ने झूठे मुकदमे दर्ज कर जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की है. भाजपा कार्यकर्ताओं को टारगेट कर मुकदमे बनाए गए. डिप्टी सीएम साव ने बताया कि उन मुकदमों की समीक्षा हो रही है. इसके लिए मंत्री उप समिति बनाई गई है. समिति विचार करके रिपोर्ट सौंपेगी और उसके आधार पर सरकार निर्णय करेगी.
अपने गुंडों को बचाने का प्रयास कर रही बीजेपी : PPC चीफ
वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव के इस बयान का पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि BJP नेताओं के खिलाफ दर्ज केस वापस करने के बहाने अपने गुंडों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. कांग्रेस सरकार में अपराधियों पर केस दर्ज हुए हैं, कांग्रेस सरकार ने कभी बदले की भावना से काम नहीं किया. आज भाजपा सरकार बदले की भावना से काम कर रही है, जिसका उदाहरण हमारे विधानसभा घेराव में सभी ने देखा है. हमारे नेताओं के खिलाफ चुन-चुनकर फर्जी प्रकरण दर्ज किए गए हैं.
नियद नेल्लानार योजना से छात्र बन रहे आत्मनिर्भर, हथकरघा में हुनरमंद हो रही महिलाएं और बालिकाएं, विभिन्न ट्रेड में ले रही प्रशिक्षण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में बस्तर संभाग के माओवादी आतंक से सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक तरफ सुरक्षा कैंपों की सख्या बढ़ायी जा रही है। वहीं सुरक्षा कैंपों के आसपास 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में केन्द्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए नियद् नेल्लानार जैसी नवाचारी योजनाओं की शुरूआत की गई है। इस योजना के बेहतर और सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। लोगों का विश्वास फिर से शासन-प्रशासन के प्रति लौटने लगा है।
नियद नेल्लानार योजना से युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। युवा पढ़ाई के साथ साथ अपनी पसंद के ट्रेडस में प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए सार्थक प्रयास किया जा रहा है। बेहतर शिक्षा के साथ उनका कौशल उन्नयन किया जा रहा है। दंतेवाड़ा जिले में शासन की महत्वकांक्षी योजना ‘‘नियद नेल्लानार योजना‘‘ के तहत बासनपुर कैंप के अंतर्गत आने वाले ग्राम गामावाड़ा की 21 महिलाओं को आजीविका के नये संसाधनों से जोड़ने के लिए हथकरघा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत लाइवलीहुड कॉलेज में 12 छात्र भी एसोसिएट, डेस्कटॉप, असिस्टेंट, हैंड एंब्रॉयडरी, टू व्हीलर सर्विस असिस्टेंट ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे हैं। ज्ञात हो कि ’’नियद नेल्लानार योजना‘‘ एवं प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के तहत जिले के बेरोजगार युवक-युवतियों को हुनरमंद बनाने के तहत विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण सत्र चलाये जा रहे हैं। यह एक ऐसा अवसर है जिसमें बेरोजगार युवक-युवतियां किसी भी ट्रेड में प्रशिक्षण लेकर स्वावलंबी बन सकते है।
पहाड़गांव और कुमेली जलप्रपात पर्यटन क्षेत्र होगा विकसित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। सूरजपुर जिले में पर्यटन विकास की दृष्टि से रामानुजनगर जनपद अंतर्गत कुमेली जलप्रपात और सूरजपुर जनपद अंतर्गत पहाड़गांव क्षेत्रों में हुए पूर्व के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
गौरतलब है कि पहाड़गांव सूरजपुर जनपद में अंबिकापुर रोड, सिलफिली के समीप स्थित क्षेत्र है जहां खोखनिया बांध निर्माण से झील का निर्माण हुआ है। पहाड़ों के बीच स्थित झील शांत वातावरण में मनोरम एवं आकर्षक दृश्य निर्मित करता है। स्थल में पर्यटन विकास की संभावना को देखते हुए प्रशासन के द्वारा यहां पहुंच मार्ग के विकास के साथ अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।
क्षेत्र के विकास को लेकर पर्यटकों के सुरक्षा, खाद्य पदार्थों और पेयजल की उपलब्धता, हट पैगोडा निर्माण, अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालय सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा झील में बोटिंग की सुविधा शुरू करने के संबंध में भी कार्ययोजना बनाने के लिए कहा गया है। जिला प्रशासन द्वारा कुमेली जलप्रपात क्षेत्र के विकास के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है।
जिला प्रशासन द्वारा यहां अपशिष्ट प्रबंधन, चेतावनी बोर्ड सहित सुरक्षा के इंतजाम, पेयजल की सुविधा, हट पैगोडा निर्माण के निर्देश दिए साथ ही उन्होंने यहां लगे सोलर लाइट एवं निर्मित शौचालय के मरम्मत के लिए भी निर्देशित किया। कुमेली जलप्रपात सूरजपुर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। सूरजपुर जिला मुख्यालय से यहां केतका रोड एवं राजापुर रोड होते हुए पहुंचा जा सकता है। कुमेली जलप्रपात घने वन के मध्य स्थित है जो लगभग 50 फीट ऊंचा जलप्रपात है जो वर्षा काल में और भी ज्यादा आकर्षक एवं मनमोहक दृश्य का निर्माण करता है।


जर्जर हो चुके 59 शाला भवन एवं शौचालयों को डिस्मेंटल करने की मिली अनुमति, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज
रायपुर। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मरम्मत योग्य नहीं जर्जर हो चुके शाला भवनों को डिस्मेंटल कराने के लिए राज्य शासन द्वारा निर्देश दिए गए है, ताकि जर्जर हो चुके शाला भवनों से किसी तरह की अप्रिय घटना एवं जानमाल की क्षति होने से बचा जा सके। शाला विकास समितियों के प्रस्ताव पर मरवाही विकासखंड के अंतर्गत अत्यंत जर्जर हो चुके 59 शाला भवनों एवं शौचालयों को डिस्मेंटल करने न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी मरवाही द्वारा अनुमति प्रदान की गई है।
जारी आदेश में कहा गया है कि नवीन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर तत्संबंध में अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी मरवाही की संयुक्त जांच दल के प्रतिवेदन के अनुसार 28 शाला भवन, 18 शौचालय एवं 06 शालाओं के अतिरिक्त कक्ष भवन डिस्मेंटल योग्य पाया गया है। उपरोक्त भवनों को डिस्मेंटल करने की अनुमति पदान की गई है। डिस्मेंटल उपरांत मलबा एवं अन्य सामग्री का निस्तारण संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा। संबंधित शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के बैंक खातों में नियमानुसार राशि जमा की जाएगी।
डिस्मेंटल योग्य शाला भवनों में माध्यमिक शाला धुम्माटोला, माध्यमिक शाला बरौर, माध्यमिक शाला बगरार, माध्यमिक शाला कटरा, प्राथमिक शाला देवराजपारा, प्राथमिक शाला मौहारटोला, प्राथमिक शाला सिलपहरी, प्राथमिक शाला कांसबहरा, प्राथमिक शाला डोगराटोला, प्राथमिक शाला चिलहनटोला, प्राथमिक शाला माड़ाकोट, प्राथमिक शाला बरैहाटोला, प्राथमिक शाला मडवाही, प्राथमिक शाला दुवारीटोला, प्राथमिक शाला सिलवारी, प्राथमिक शाला मढैयाटोला, प्राथमिक शाला सचराटोला, प्राथमिक शाला ठाड़पथरा, प्राथमिक शाला बलबहराटोला, प्राथमिक शाला कटरा, प्राथमिक शाला करहनिया, प्राथमिक शाला धौराठी, प्राथमिक शाला फाटपानी, प्राथमिक शाला बरटोला, प्राथमिक शाला टिकठी, प्राथमिक शाला भर्रीडांड, प्राथमिक शाला ढपनीपानी एवं प्राथमिक शाला धनुहारीटोला शामिल है।
डिस्मेंटल शौचालयों में माध्यमिक शाला धुम्माटोला, माध्यमिक शाला सिलपहरी, प्राथमिक शाला मौहारटोला, प्राथमिक शाला कांसबहरा, प्राथमिक शाला डोगराटोला-बेलझिरिया, प्राथमिक शाला पतेराटोला, प्राथमिक शाला डोगराटोला, प्राथमिक शाला ललमटियाटोला, प्राथमिक शाला भर्रीडांड, प्राथमिक शाला खलोटिहाटोला, प्राथमिक शाला चितवाहीटोला, प्राथमिक शाला कोरकोरटोला, प्राथमिक शाला मसूरीखार, प्राथमिक शाला अरमानटोला, प्राथमिक शाला पीपरडांड, प्राथमिक शाला मासुलडांड, प्राथमिक शाला भर्रीडांड एवं प्राथमिक शाला टिकठी शामिल है।
इसी तरह अतिरिक्त कक्षों में प्राथमिक शाला देवराजपारा, प्राथमिक शाला भिरहीनार, प्राथमिक शाला खरकाटोला, प्राथमिक शाला देवरीडांड, माध्यमिक शाला अण्डी एवं बालक माध्यमिक शाला उषाढ शामिल है।
1.02 करोड़ रूपए का गोलमाल: पंजीयन कार्यालयों में दस्तावेजों की जांच में पायी गई गड़बड़ी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पंजीयन विभाग द्वारा अचल संपित्तयों के क्रय-विक्रय पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इन संपत्तियों के पंजीयन के दौरान दस्तावेज़ों के गलत मूल्यांकन को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये हैं। विभाग के सर्तकता प्रकोष्ठ द्वारा 18 प्रकरणों में 1.02 करोड़ रुपये की राजस्व हानि की पहचान की और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। सर्तकता प्रकोष्ठ द्वारा संबंधित जिलों के जिला पंजीयक शुल्क की वसूली के लिए प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। साथ ही संबंधित उप पंजीयक एवं जिला पंजीयकों को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया गया है।
गौरतलब है कि राज्य में स्थित 102 पंजीयन कार्यालयों में पंजीबद्ध होने वाले दस्तावेजों में कर अवपंचन की रोकथाम और सतत् निगरानी के लिए महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक मुख्यालय में विभागीय सतर्कता प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। पंजीयन विभाग द्वारा अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों का पंजीयन से वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभाग ने लगभग 2505.98 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है।
महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक से मिली जानकारी के अनुसार सतर्कता प्रकोष्ठ द्वारा रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़ और बेमेतरा जिले के अधिनस्थ पंजीयन कार्यालयों में पंजीबद्ध दस्तावेजों की रेण्डम जांच की गई। जिनमें 18 प्रकरणों में 1.02 करोड़ रूपए की राजस्व हानि पायी गई है। इन प्रकरणों में कम बाजार मूल्य का निर्धारण, इसके अलावा मुख्य मार्ग से लगी हुई एक ही खसरे की भूमि को दो दस्तावेजों के माध्यम से मुख्य मार्ग एवं अन्य मार्ग के दर अनुसार अलग-अगल उप पंजीयकों से पंजीयन कराया जाना पाया गया है। साथ ही गाइडलाईन के उपबंधों के अनुसार मूल्याकंन नहीं किया गया है। स्टाम्प शुल्क की छूट का प्रमाण पत्र जिस व्यक्ति के नाम से था उसके नाम से दस्तावेज का पंजीयन न किया जाकर अन्य व्यक्ति के नाम से दस्तावेज का पंजीयन किया गया है तथा औद्योगिक संपत्ति का 25 प्रतिशत अधिक मूल्यांकन नहीं किया गया है। स्टाम्प शुल्क छूट का प्रमाण पत्र बैंक के लोन पर प्रभार्य मुद्रांक शुल्क से छूट का था परंतु उस प्रमाण का लाभ भूमि क्रय करने हेतु लिया गया है। स्टाम्प शुल्क छूट निजी भूमि के क्रय पर दिया गया है परंतु औद्योगिक इकाई द्वारा स्टाम्प शुल्क छूट का लाभ भवन, शेड, मशीनरी हेतु लिया गया है।