प्रदेश
किसान अब 16 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा, छत्तीसगढ़ सरकार के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार ने दी सहमति
रायपुर। छत्तीसगढ़ के ऋणी और अऋणी किसान अब 16 अगस्त तक खरीफ कृषि फसल एवं मौसम आधारित उद्यानिकी फसलों का बीमा करा सकेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार ने फसल बीमा कराए जाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई को बढ़ाकर अब 16 अगस्त 2024 कर दिया है। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान से किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित उद्यानिकी फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कृषि विभाग के अधिकारियों को प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं मौसम आधारित उद्यानिकी फसलों के बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए राज्य के ऋणी एवं अऋणी किसानों को मार्गदर्शन देने तथा उनका पंजीयन कराने को कहा है, ताकि प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर उन्हें क्षतिपूर्ति मिल सके।
राज्य में कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2024 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को पंजीयन कराना जरूरी है। इसके लिए पूर्व में अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 निर्धारित की गई थी। राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से केन्द्र सरकार ने फसल बीमा की अवधि को बढ़ाकर अब 16 अगस्त कर दिया है। राज्य के किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत धान सिंचित, असिंचित, सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, मूंग, उड़द, कोदो-कुटकी, रागी फसल का बीमा करा सकते हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलप्लावन, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाले फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति होती है। योजना में ऋणी और अऋणी किसान जो भू-धारक व बटाईदार हो, शामिल हो सकते हैं। ऐसे किसान जो अधिसूचित ग्राम में अधिसूचित फसल के लिए बीमा कराना चाहते हैं वे नियत तिथि 16 अगस्त के पूर्व अपना फसल बीमा करा सकते हैं। इसके लिए किसान अपना आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका, बी-1 पॉचशाला खसरा, बैंक पासबुक की छायाप्रति एवं बोनी प्रमाण पत्र के साथ पंजीयन कराना होगा। किसान बैंक अथवा चॉईस सेंटरों के माध्यम से भी फसल बीमा कराया जा सकता है।
शासन द्वारा जारी अधिसूचना अनुसार बेमेतरा, बस्तर, कोरिया बीजापुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, सक्ती और कांकेर जिला के लिए बजाज जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड, राजनांदगांव, धमतरी, कोरबा, जशपुर, नारायणुर, खैरागढ-छुईखदान-गंडई, महासमुन्द, रायगढ़, सूरजपुर और कोण्डागांव जिला के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड तथा दुर्ग, बिलासपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सुकमा, मुंगेली, सरगुजा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, रायपुर, दंतेवाड़ा, बलरामपुर एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला के लिए एचडीएफसी जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को बीमा हेतु अधिकृत किया गया है। किसानों से अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा कराने की अपील की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए किसान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा नजदीकी बैंक शाखा से सम्पर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री बैस को दी जन्मदिवस की बधाई
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस के जन्मदिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास पहुंचकर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री बैस को पुष्पगुच्छ भेंट किया और उनके स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे।
नगरीय निकायों के जनसमस्या निवारण शिविरों में शुरूआती 6 दिनों में मिले साढ़े 26 हजार आवेदन
रायपुर। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में विगत 27 जुलाई से प्रांरभ जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का बेहतर प्रतिसाद नागरिकों को मिल रहा है। पखवाड़ा के पहले छह दिनों (27 जुलाई से 1 अगस्त तक) में प्रदेश भर में कुल 26 हजार 513 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4442 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों की समस्याएं दूर की गई हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जनसमस्या निवारण पखवाड़ा की समीक्षा कर सभी आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों तथा क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को यथासंभव ज्यादा से ज्यादा आवेदनों को मौके पर ही निराकृत करने के निर्देश दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में वार्डवार आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में नागरिकों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिविरों में प्राप्त आवेदनों का डॉटा-बेस तैयार करने को कहा है, ताकि इनकी निरंतर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को शिविर स्थलों का औचक निरीक्षण कर वहां नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए हैं। जिन निकायों में लोगों की समस्याओं का शीघ्रता से निराकरण नहीं हो रहा है, उन्हें चिन्हांकित कर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश उन्होंने दिए हैं।
प्रदेश में जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के शुरूआती छह दिनों में सफाई से संबंधित कुल 243 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 46 का तत्काल निराकरण किया गया है। पेयजल से जुड़ी 1715 आवेदनों में से 102 तथा प्रकाश व्यवस्था से संबंधित 1447 में से 144 आवेदनों को मौके पर ही निराकृत किया गया है। वहीं सड़क व नाली मरम्मत के 90 और आवास से संबंधित 103 प्रकरण तुरंत निराकृत किए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 54 प्रकरणों पर तत्काल सहमति प्रदान कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। राशन कॉर्ड के 983 और राजस्व के 249 प्रकरणों पर भी त्वरित कार्यवाही की गई है। शिविरों में 1607 शहरी लाभार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी व आयुष्मान कॉर्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
सभी नगरीय निकायों में 27 जुलाई से 1 अगस्त तक जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त 26 हजार 513 आवेदनों में से 4442 को मौके पर ही निराकृत किया गया है। शेष 22 हजार 071 आवेदनों को श्रेणीवार विभाजित कर निराकरण के लिए समय-सीमा दी गई है। जनसमस्या निवारण शिविरों के साथ ही वार्डों में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के चलित वाहनों के माध्यम से चिकित्सा शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बीपी, शुगर, बुखार, सर्दी-खांसी के मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं इलाज कर निःशुल्क दवाईयां दी जा रही हैं। सभी निकायों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि आमजनों की भागीदारी के साथ आगामी 10 अगस्त तक चलने वाले इन शिविरों में अपनी उपस्थिति दे रहे हैं।
नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक कुंदन कुमार ने आज किया औचक निरीक्षण
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक कुंदन कुमार ने आज भिलाई नगर निगम और भिलाई-चरौदा नगर निगम में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आम जनता की समस्याओं के त्वरित निदान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को शिविरों के माध्यम से प्राप्त मांगों का परीक्षण कर प्रस्ताव तैयार कर उच्च कार्यालय को प्रेषित करने को कहा। श्री कुमार ने करदाताओं के लिए करों के भुगतान की सुविधा वार्ड में ही उपलब्ध कराने के साथ ही वार्डवार शिविरों के आयोजन के संबंध में वार्ड एवं नगर में व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था के भी निर्देश दिए।

खेल संचालक ने की बस्तर ओलंपिक के तैयारियों की समीक्षा, संभाग के सभी खेल अधिकारियों को दिए निर्देश
रायपुर। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया के विगत 27 जुलाई को रायपुर प्रवास के दौरान् प्रदेश में वृहद स्तर पर खेल प्रतियोगिता के आयोजन की रूपरेखा बनी थी। इसी अनुक्रम में खेल संचालक तनुजा सलाम ने आज न्यू सर्किट हाउस जगदलपुर में बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों की बैठक लेकर खेल प्रतियोगिता के वृहद स्तर पर आयोजन करने हेतु तैयारियों का जायजा लिया।
बस्तर प्रवास के दौरान् खेल संचालक श्रीमती सलाम ने जगदलपुर में संचालित हॉकी खेलो इंडिया सेंटर और जगदलपुर में प्रस्तावित सिंथेटिक हॉकी टर्फ हेतु स्थल का निरीक्षण किया। प्रियदर्शनी स्टेडियम जगदलपुर में खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों से मुलाकात की। व्यायाम शिक्षकों से मुलाकात कर जिले में संचालित खेल गतिविधियों और प्रशिक्षण का जायजा लिया। सहायक संचालक राजेन्द्र डेकाटे ने जगदलपुर में स्थित खेल अधोसंरचनाओं तथा प्रस्तावित अधोसंरचना के लिए चिन्हित भूमि के बारे में खेल संचालक को जानकारी दी। पंडरीपानी, प्रियदर्शनी स्टेडियम बैडमिंटन हॉल, निर्माणाधीन बैडमिंटन हॉल इत्यादि खेल अधोसंरचना का निरीक्षण किया गया।
बस्तर के युवाओं को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए युवा गतिविधियों के आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश खेल संचालक के द्वारा संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों को दिए गए।
नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 05 जिले कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के अंतर्गत नेल्ला नार-टेकलगुड़ा कैम्प एवं आस-पास के 05 गावों में खेल की विशेष सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने इन जिलों को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 लाख रूपये तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 44 लाख रूपये जारी किए हैं। चिन्हित कैंपों में खेल सामग्री की उपलब्धता एवं सुचारू क्रियान्वयन हेतु जिला खेल अधिकारियों को निर्देशित किया।
बस्तर संभाग के सभी जिलों में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश खेल संचालक ने दिया। बस्तर संभाग में खेलों की नैसर्गिक प्रतिभाएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, इन्हें खेलों का प्रशिक्षण देकर इनकी प्रतिभा को तराशने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। खेल संचालक ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति शासन से मिलते ही जल्द से जल्द रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जाएगी।
न्यू सर्किट हाउस जगदलपुर में खेल संचालक के अलावा राजेन्द्र डेकाटे, सहायक संचालक, सुधा कुमार, वरिष्ठ खेल अधिकारी कोण्डागांव, संजय जैन प्रभारी जिला खेल अधिकारी कांकेर, नारायण गवेल डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी खेल अधिकारी जिला बीजापुर, सुमित कुमार गर्ग डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी खेल अधिकारी जिला नारायणपुर, विरूपाक्ष पुराणिक प्रभारी सहायक खेल अधिकारी जिला सुकमा, प्रदीप सिंह प्रभारी सहायक खेल अधिकारी जिला दंतेवाड़ा सहित संचालनालय स्तर से विष्णु कुमार श्रीवास्तव ओ.एस.डी. छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण एवं गिरीश शुक्ला खेल अधिकारी उपस्थित रहे।

पौधों की देखभाल अपने बच्चों की तरह करें : मंत्री टंकराम वर्मा
रायपुर। जीने के लिए सांस और सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत धरती के सभी जीवों के लिए हमेशा बना रहेगा। वृक्षों से जीवनदायिनी ऑक्सीजन मिलती है, इसका मतलब पेड़ पौधों के बिना मानव और जीव जंतुओं का जीवन संभव नहीं है। हर साल बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाता है लेकिन उसमें से कितने पौधे जीवित बचते हैं। इसका आंकलन करना जरुरी है। जिस प्रकार माँ-बाप अपने बच्चों की देखभाल तब-तक करते हैं, जब तक वे अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते। उसी प्रकार पौधे लगाने के बाद 5-6 साल तक भली-भांति देख-रेख करना जरूरी है। मंत्री टंक राम वर्मा ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय लवन में सावन के रिमझिम फुहारों के बीच वन विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में उपर्युक्त बातें कही। वन महोत्सव कार्यक्रम में एक पेड़ माँ के नाम अभियान अंतर्गत मंत्री टंक राम वर्मा सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्कूल परिसर में पौधरोपण किया।आज स्कूल परिसर में करीब 500 पौधे लगाए गए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ठाना है कि वृहद वृक्षारोपण के माध्यम से छत्तीसगढ़ कों हरियर प्रदेश बनाना है। उनकी प्रतिबद्धता को पूरा करने आप सभी अपने खेत, खलिहान और जहां भी खाली जमीन मिलता है वहां पेड़ जरूर लगाएं। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राजस्व रिकार्ड में त्रुटियों को सुधारने के लिए अब तहसीलदारों को अधिकृत किया गया है,जिससे अब आसानी से त्रुटि सुधार हो सकेगा। राजस्व रिकार्ड त्रुटि सुधार आगे पंचायत स्तर पर भी शुरु किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल को बढ़ावा देने एवं खिलाडियों को सम्मानित करने के लिए खेल अलंकरण समारोह शुरू किया गया है। इस वर्ष 29 अगस्त को खेल अलंकरण समारोह होगा। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार- भाटापारा जिले का नाम खेल के क्षेत्र में रोशन हो इसके लिए खेल सुविधाएं बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इसके तहत 7.5 करोड़ की लागत से एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।
कार्यक्रम कों सम्बोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि हर साल वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाता है, इस वर्ष इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पेड़ लगाने का आह्वान किया है। यदि हम अपने माँ के नाम से पेड़ लगाएंगे तो उसमें हमारी भावना भी जुडी होगी,जिससे पेड़ की अच्छी देख-भाल होगी। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर हर प्राणी को जीने के लिए ऑक्सीजन की जरुरत होती है जो पेड़ से मिलती है। उन्होंने कहा कि स्वयं पेड़ लगाएं एवं समाज के लोगों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित कर्रे। कार्यक्रम को पूर्व विधायक भाटापारा शिवरतन शर्मा, पूर्व संसदीय सचिव डॉ सनम जांगड़े ने भी सम्बोधित किया। डीएफओ मयंक अग्रवाल ने बताया कि नदी तट योजना के तहत जिले में 50 हेक्टेयर में वृक्षारोपण किया गया है। किसान वृक्ष मित्र योजना अंतर्गत 1151 किसानों के 2185 एकड़ रकबे में वृक्षारोपण किया जाएगा।


विश्व बैंक की टीम ने चिराग परियोजना को लेकर मुख्य सचिव से की भेंट
रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन से आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में चिराग परियोजना के संबंध में विश्व बैंक के अधिकारियों के टीम ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से चर्चा के दौरान चिराग परियोजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि चिराग योजना का प्रदेश में बेहत्तर क्रियान्वयन हो रहा है।
इस मौके पर विश्व बैंक के टास्क टीम लीडर राज गांगुली के साथ विश्व बैंक के अधिकारी मीरा मिश्रा, ब्रेमला नाथन, मनवीन्दर मामक, लक्ष्मी दुर्गा, मधुश्री बैनर्जी और ऋषिकेश ठाकुर मौजूद थे। विश्व बैंक के टीम ने चर्चा के दौरान चिराग परियोजना की प्रगति और पुर्नगठन की आवश्यकता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार, संचालक कृषि सारांश मित्तर, संचालक उद्यानिकी डॉ. एस.जगदीशन एवं परियोजना संचालक तुलिका प्रजापति शामिल थी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिव्यांगजनों को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल और व्हील चेयर का किया वितरण
रायपुर। आज उपमुख्यमंत्री कार्यालय परिसर, कवर्धा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 14 दिव्यांगजनों को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल, दो दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल, और एक दिव्यांगजन को व्हील चेयर का वितरण किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, “प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार समावेशी विकास को प्राथमिकता दे रही है। हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं कि दिव्यांगजनों का जीवन सुगम और सशक्त बने। इस पहल के माध्यम से, न केवल उनकी दैनिक गतिविधियों में सुविधा होगी, बल्कि वे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में भी अधिक सक्रिय भागीदारी कर सकेंगे।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिव्यांगजनों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और उनके लिए चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

नियद नेल्लानार योजना का लाभ हितग्राहियों तक गुणवत्तापूर्वक और समय सीमा पर मिले, मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर संभाग के कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा जिले में शासन की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत यहां के निवासियों को मिल रही बुनियादी सुविधाओं की गहन समीक्षा की। आवासीय विद्यालय, सामूहिक एवं व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा, 500 यूनिट मुफ्त बिजली, किसान सम्मान निधि, किसानों को निःशुल्क बीज एवं कृषि उपकरण, सिंचाई सोलर पंप और किसानों के खेतों में बोरवेल की सुविधा के बारे में जिलों के कलेक्टरों से जानकारी ली। इसी तरह से हाई मास्क लाइट, उज्जवला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, निःशुल्क खाद्यान्न सामग्री, पेयजल, अग्निवीर भर्ती कोचिंग, युवाओं को कौशल विकास ट्रेनिंग और खेल सामग्री, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास, बारहमासी सड़कों की सुविधा सहित मोबाइल कनेक्टिविटी और बैंक एटीएम सुविधा की भी जानकारी ली। मुख्य सचिव ने योजनांतर्गत आने वाले गांवों में आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूलों की स्थिति और लघु वनोपज की खरीदी सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में पुलिस कैम्पों के अंतर्गत नाइट लैंडिंग सुविधा के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों में लोगों की सभी बुनियादी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लाभ दिलाने के लिए योजनाबद्ध कार्य करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सुविधा प्रदान करने वाले सभी विभागीय सचिवों के पास कार्ययोजना एवं दी जा रही सुविधाओं की जिलेवार अपडेट जानकारी रहना चाहिए। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि योजना क्षेत्र के गांवों में सभी हितग्राहियों को राशनकार्ड पर चावल, गुड़, चीनी, चना इत्यादि सामग्री अनिवार्य रूप से मिले इसकी निगरानी लगातार करें। श्री जैन ने बस्तर संभागायुक्त को नियद नेल्लानार योजना की सतत् निगरानी के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, कृषि विभाग की सचिव शहला निगार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित बस्तर संभागायुक्त और कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अभनपुर का निरीक्षण, मरीजों से मिलकर जाना उनका हाल, सुविधाओं का लिया जायजा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज अभनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल पूछा और उनके शीघ्र ही स्वस्थ होने की कामना की। श्री जायसवाल ने अस्पताल में मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। श्री जायसवाल ने इस दौरान अस्पताल के स्टाफ और चिकित्सकों के कार्य और व्यवहार के बारे में भी मरीजों से जानकारी ली । स्वास्थ्य मंत्री ने ओपीडी और वार्ड का निरीक्षण करने के साथ ही ओपीडी पंजीयन काउंटर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान श्री जायसवाल ने चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए मरीजों की बेहतर देखभाल और समुचित उपचार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।


आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने ली छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक
रायपुर। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज यहां अटल नगर नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के कार्यालय में राज्य के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होनें अधिकारियों से कहा स्व-प्रेरित होकर पर्यावरण संरक्षण से जुडे कार्यों में अपना योगदान दे। उनके द्वारा कार्यों में पारदर्शिता एवं तत्परता हेतु प्रदेश एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति, सी.सी.टी.वी. कैमरा लगाने एवं डैश बोर्ड तैयार करने के निर्देश दिये गये ताकि डैश बोर्ड के माध्यम से अधिकारियों द्वारा प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की जा सके। श्री चौधरी ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को मिलने का समय भी निर्धारित कर इसकी सूचना कार्यालय के सूचना पटल पर लगाने कहा।
श्री चौधरी द्वारा उद्योगों द्वारा फ्लाई ऐश के परिवहन एवं निपटारे हेतु नियमों के पालन कड़ाई से कराने हेतु निर्देश दिया गया। फ्लाई ऐश लाने ले जाने के लिये उपयोग किये जा रहे वाहनों में जी.पी.एस. सिस्टम व जियो टेगिंग के उपयोग के निर्देश दिये, जिससे कि फ्लाई ऐश इधर-उधर न फेका जा सके।
श्री चौधरी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों को प्रदान किये गये पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्तों में शामिल वृक्षारोपण की शर्त का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराये तथा उद्योगों केवल वृक्षारोपण करने तक सीमित ना रहें अपितु लगाये गये पौधों के संवर्धन हेतु भी निरीक्षण का एक सिस्टम तैयार किया जाये। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वें अपने-अपने क्षेत्रों में सघन वृक्षारोपण करायें एवं इन पेड़ों में पीपल, नीम आदि पेड़ शामिल किये जाए। श्री चौधरी ने वाहन प्रदूषण नियंत्रण पर जोर देते हुये निर्देशित किया कि सभी क्षेत्रीय अधिकारी वाहन प्रदूषण मापन प्रदूषण जाँच सिस्टम को शक्तिशाली बनाये एवं वाहन प्रदूषण मापन केन्द्रो की समय-समय पर बैठक आयोजित करें।
श्री चौधरी ने अधिकारियों से चर्चा में कहा कि पर्यावरण संरक्षण में उठाये गये कदमों को और कैसे प्रभावी बनाया जा सकता है तथा आने वाली चुनौतियों से कैसे निपटा जा सकता है, इस पर भी विचार करें। उन्होनें जल एवं वायु प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की। श्री चौधरी ने परिसंकटमय एवं अन्य अपशिष्ट नियम के प्रावधानों का पालन, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, ई अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, निर्माण विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, उद्योगों, खदानों, संस्थानों के चिमनी उत्सर्जन, परिवेशीय वायु मापन, उपचारित दूषित जल गुणवत्ता का मापन कार्य, राष्ट्रीय जल गुणवत्ता मापन कार्यकम के अंतर्गत प्राकृतिक जल स्त्रोतों, परिवेशीय वायु गुणवत्ता के मापन कार्यों की भी समीक्षा की।
श्री चौधरी ने कहा की शीघ्र ही सभी स्टेक होल्डर्स की बैठक ली जायेगी एवं प्रदूषण नियंत्रण सुधार कार्यों में बुद्ध जीवी वर्ग की मदद ली जायेगी। श्री चौधरी ने मंडल की पद संरचना की समीक्षा करते हुये मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में पुनः पदसंरचना निर्धारित करने के निर्देश दिये। उनके द्वारा सभी कर्मचारियों के डेटा को एच.आर.एम.एस. सिस्टम में एक माह के भीतर अपलोड करते हुये ऑनलाईन कार्यवाही के निर्देश दिये गये। बैठक में मंडल की अध्यक्ष एवं सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग आर. शंगीता एवं मंडल के सदस्य सचिव पी. अरूण प्रसाद भी उपस्थित थे।
साइबर ठगों ने बनाए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और कलेक्टर के फर्जी वाट्सएप अकाउंट, कलेक्टरों को मैसेज कर मांगी रकम…
रायपुर। साइबर ठग आईएएस अधिकारियों को भी नहीं बख्श रहे हैं, उनके फर्जी फेसबुक और वाट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों को मैसेज कर ठगने का प्रयास कर रहे हैं. साइबर ठगों की करतूत को देखते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कलेक्टरों से सतर्क रहने की अपील की है.
साइबर ठगों ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले और सरगुजा कलेक्टर विलास भोसकर के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार कर प्रदेश के कई कलेक्टरों को मैसेज भेजकर रुपयों की मांग की है. मामले की जानकारी सामने आने पर साइबर सेल में एफआईआर दर्ज किया गया है. इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कलेक्टरों को सतर्क रहने की अपील की है.
भोरमदेव शक्कर कारखाने ने गन्ना किसानों के लिए जारी किया 100 प्रतिशत भुगतान, रियायत दर पर मिलेगी 50 किलो शक्कर
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना राम्हेपुर ने त्योहारी सीजन में गन्ना किसानों को एफआरपी गन्ना भुगतान अंतर्गत 6 करोड़ 2 लाख रुपए का भुगतान जारी किया है। इस प्रकार भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना की ओर से पेराई सीजन वर्ष 2023/24 में कारखाने में गन्ना बेचने वाले किसानों को कुल 113.52 करोड़ का भुगतान जारी कर दिया गया है। इस सत्र में गन्ना बेचने वाले समस्त किसानों का 100% भुगतान कारखाने ने जारी कर दिया है।
सावन के पवित्र महीने और त्यौहारों के सीजन में गन्ना बिक्री की राशि मिलने से क्षेत्र के गन्ना किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना की ओर से पूर्व वर्षों के अनुसार ही एफआरपी गन्ना राशि का शत प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। कारखाना प्रबंधन ने बताया है कि क्षेत्र के किसानों की जागरूकता और उच्च क्वालिटी की गन्ना कारखाने को आपूर्ति करने के कारण रिकवरी में भी पिछले वर्ष से वृद्धि हुई है। इसके कारण इस वर्ष किसानों को रिकवरी की राशि भी पिछले वर्ष से ज्यादा मिलेगी। इससे किसानों में खुशी की लहर है, जिसका भुगतान भी अतिशीघ्र किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि एफआरपी रिकवरी की राशि शक्कर कारखाना की ओर से दी जाती है, जबकि गन्ना प्रोत्साहन या बोनस की राशि कृषि विभाग छत्तीसगढ़ शासन की ओर से दी जाती है। बोनस राशि भी शीघ्र गन्ना किसानों को देने छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि बजट मे शामिल है।
इस प्रकार सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व की पालनहारी सरकार और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में अन्नदाता किसानों के हित में लगातार काम कर रही है और किसानों की आय में वृद्धि को लेकर दिन रात प्रयत्नशील है।
छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रहा देश में धान का सर्वाधिक मूल्य
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी छत्तीसगढ़ की जनता के लिए विश्वास, विकास और बदलाव की गारंटी बन चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान कल्याण की नीतियों से खेती में किसानों का मुनाफा बढ़ा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कई अहम निर्णय लिए गए हैं, जिनसे किसान परिवार अधिक सशक्त और फसल उगाने से लेकर उसे बेचे जाने तक की प्रक्रिया बेहद आसान हुई है। सरकार के परिवर्तनकारी फैसलों से छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है, जहां किसानों को उनके धान का उच्चतम मूल्य मिल रहा है।
कृषक उन्नति योजना के जरिए छत्तीसगढ़ के किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीद की गारंटी दी जा रही है। इस फैसले से किसानों में उत्साह दिख रहा है। किसानों से अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ में की विष्णु देव साय की सरकार ने 25 दिसंबर 2023 को सुशासन दिवस के अवसर पर 13 लाख किसानों के बैंक खातों में पिछले दो वर्ष का लंबित धान बोनस का 3,716 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
किसानों को मिल रहे प्रोत्साहन का ही परिणाम है कि वर्ष 2023-24 में 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जिसके एवज में उन्हें 31,913 करोड़ रुपये का भुगतान कियागया। 12 जनवरी, 2024 को धान के मूल्य की अंतर राशि के रूप में 24.75 लाख किसानों को 13,320 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन करने का निर्णय भी लिया गया, जिसके लागू होने से अब अन्य प्रदेश के मंडी बोर्ड अथवा समिति के एकल पंजीयन अथवा अनुज्ञप्तिधारी, व्यापारी एवं प्रसंस्करणकर्ता भारत सरकार द्वारा संचालित ई-नाम पोर्टल (राष्ट्रीय कृषि बाजार) के माध्यम से अधिसूचित कृषि उपज की खरीदी-बिक्री बिना पंजीयन के कर सकेंगे, इससे छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों और विक्रेताओं को अधिकतम मूल्य मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन के अनुसार मंडी फीस के स्थान पर अब मंडी फीस तथा कृषक कल्याण शुल्क शब्द जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही कृषक कल्याणकारी गतिविधियों के लिए मंडी बोर्ड अपनी वार्षिक आय की 10 प्रतिशत राशि छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण निधि में जमा करेगा। खेतों में काम करने वाले मजदूरों की समस्याओं को दूर करते हुए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना संचालित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी, इस योजना के लिए सरकार ने वर्ष 2024-2025 के बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, इसके साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीजों का वितरण भी समय के भीतर ही हो सके।
मंत्रियों-विधायकों की वेतन में नहीं हुई वृद्धि, सोशल मीडिया में चल रहे अफवाह का सरकार ने किया खंडन
सोशल मीडिया में मंत्रियों-विधायकों की वेतन का चार्ट शेयर करते हुए यह प्रचार किया जा रहा है कि यह बढ़ोतरी साय सरकार के द्वारा की गई है, जबकि पड़ताल में यह बात सामने आई कि यह चार्ट पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय का है, जिसमें मंत्रियों और विधायकों की वेतन में बढ़ोतरी की गई थी.
सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जानबूझकर इस तरह की भ्रामक खबर फैलाई जा रही है. दरअसल, यह बढ़ोतरी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हुई थी, जिसे वर्तमान का बताते हुए सोशल मीडिया में शेयर कर सरकार की छवि को धूमिल करने का काम किया जा रहा है. साय सरकार के कार्यकाल में अब तक कोई वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई है.

विकसित भारत की संकल्प यात्रा का दिशा-निर्देशक है केंद्रीय बजट : मंत्री ओपी चौधरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्री ओ. पी. चौधरी ने अपने कोरबा प्रवास के दौरान प्रेस क्लब कोरबा में केंद्र सरकार के आम बजट के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरबा जिला उनके प्रशासनिक जीवन की नर्सरी रही है। यहां उन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन की शुरुआत की है। यहां आना उनके लिए हमेशा यादगार रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट अमृतकाल के विजन का नींव है। यह बजट विकसित भारत की संकल्प यात्रा का दिशा-निर्देशक बजट है, जो समृद्ध और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ विकसित भारत के संकल्प को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह बजट देश की आर्थिक उन्नति को बढ़ावा देगा एवं प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने में सहायक होगा।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अमृत काल के विजन पर फाउंडेशन रखने का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। प्रधानमंत्री के लांग टर्म विजनरी सोच के साथ बजट लाया गया है। जिससे 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा। पिछले 10 वर्षाे में देश की अर्थव्यवस्था विश्व में 11वें नंबर से 5वें स्थान पर आ गई है। आने वाले 5 साल में भारत की अर्थव्यवस्था को तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है।
मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि केंद्रीय बजट में विकास का मुख्य बिंदु GYAN है। यह बजट गरीब, युवा, अन्नदाता एवं नारी शक्ति को समर्पित है। वित्त मंत्री ने कहा, “बजट में गरीब कल्याण, किसान का उत्थान, मातृशक्ति का सम्मान और नौजवानों की मुस्कान समाहित है। बजट में मातृशक्ति का दर्शन, राम राज्य का विजन, विकसित भारत का संकल्प एवं आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य समाहित है। देश के इन वर्गों को विकसित बनाने से ही राष्ट्र का विकास होगा। इस के अतिरिक्त बजट में शिक्षा, रोजगार, कौशल, एमएसएमई, मध्यम वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है। वैज्ञानिक शोध और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अलग प्रावधान रखा गया है।
मंत्री श्री चौधरी बजट में ईपीएफओ के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि औपचारिक क्षेत्रों में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को लक्षित करती है, जिसके तहत उन्हें ईपीएफओ पंजीकरण के माध्यम से तीन किस्तों में वितरित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के रूप में एक महीने का वेतन प्रदान किया जाता है। इसके तहत 15 हजार रुपये प्रति माह तक लाभ हो सकता है, जिसमें 1 लाख रुपये प्रति माह तक के वेतन पर पात्रता निर्धारित की गई है। इस पहल से लगभग 210 लाख युवाओं को लाभ मिलने का अनुमान है उन्होंने कहा कि रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन देकर विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को रोजगार के शुरुआती चार वर्षों के दौरान उनके ईपीएफओ अंशदान से सीधे संबंधित निर्दिष्ट प्रोत्साहन प्राप्त होंगे। अतिरिक्त रोजगार अवसरों को प्रोत्साहित करके सभी क्षेत्रों में नियोक्ताओं का समर्थन करना है। सरकार प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी की नियुक्ति के लिए नियोक्ताओं को उनके ईपीएफओ अंशदान के लिए दो साल तक 3,000 रुपये प्रति माह तक की प्रतिपूर्ति करेगी।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बजट में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल निर्माण किया जाएगा एवं शिशु गृह का निर्माण किया जाएगा। हब एंड स्कोप मॉडल के आधार पर राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर पर उद्योग की आवश्यकता के अनुसार 1000 आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा। बजट में देश के 1 करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप का प्रावधान रखा गया है। 500 बड़े चिन्हाकित उद्योग में प्रशिक्षण दिया जाएगा और युवाओं को 5000 इंटर्नशिप भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। कौशल विकास को बढ़ावा देते हुए बजट में युवाओं के लिए साढ़े 7 लाख तक ऋण का प्रावधान एवं उच्च शिक्षा में 10 लाख तक लोन का प्रावधान है। साथ ही 3 प्रतिशत तक ब्याज में सब्सिडी प्रदान किया जाएगा। बजट में आवास के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा 10 साल में 4 करोड़ आवास बनाने का काम किया गया है एवं आने वाले 5 साल में देश मे 3 करोड़ नए आवास बनने का काम किया जाएगा इससे पिछड़े परिवारों को छत मिलेगा एवं अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रो में प्रधानमंत्री आवास शहरी के तहत 10 लाख करोड़ रुपए निवेश कर 1 करोड़ शहरी आवास बनने का लक्ष्य रखा गया है। बजट में शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए विशेष प्रावधान है।
आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार-
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बजट में छोटे व्यापारियों एमएसएमई को प्रगति का नया रास्ता मिलेगा, बजट में मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर वृहद स्तर पर ध्यान रखा गया है। इससे आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। देश में 100 औद्योगिक पार्क स्थापित किये जायेंगे। क्रिटिकल मिनिरल मिशन की शुरुवात की जाएगी। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना शुरुआत की गई है।
पूंजीगत व्यय अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है-
अधोसरंचना पर व्यय आधारभूत सरंचना होती है। बजट में 11 लाख 11 हजार 111 करोड़ आधार बहुत सरंचना पर खर्च करने का प्रावधान है। साथ ही नवाचार अनुसंधान एवं विकास हेतु 1 लाख करोड़ का प्रावधान है। आयकर स्लैब में भी बदलाव किया गया है। जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बजट में किसान, मध्यम वर्ग, महिला से लेकर सभी वर्गों के लिए जो रूपरेखा रखी है, वह भारतीय अर्थव्यवस्था को सही रास्ते और उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बजट एलोकेशन लगातर बढ़ता जा रहा है। 2047 तक विकसित भारत बनने हेतु रोडमैप तैयार कर कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार राज्य में भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन की सरकार द्वारा विकसित छत्तीसगढ़ बनाने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। राज्य की जीडीपी को आने वाले 5 सालों में दौगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे छत्तीसगढ़ विकास की एक नई ऊंचाई पर पहुँचेगा।
विश्व शांति एवं कल्याण के लिए विहंगम योग संत-समाज की राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा होगी लाभदायी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में विहंगम योग संत-समाज द्वारा आयोजित स्वर्वेद कथा में शामिल हुए। उन्होंने संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके पावन सानिध्य में जय स्वर्वेद कथामृत का श्रवण किया। इस अवसर पर कोंडागांव विधायक लता उसेंडी भी उपस्थित थीं।
गौरतलब है कि विहंगम योग संत समाज द्वारा स्थापना के शताब्दी समारोह के पावन अवसर के निमित्त कन्याकुमारी से कश्मीर तक की राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में जय स्वर्वेद कथा आयोजित की गई थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह परम सौभाग्य की बात है कि माता कौशल्या की धरती और भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में हमें संत प्रवर विज्ञान देव महाराज के पावन सानिध्य का सुअवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पूज्य संतों का आशीर्वाद सदैव प्रदेश पर बना रहे और लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि आए। उन्होंने कहा कि संत जी विहंगम योग संत समाज की स्थापना के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कन्याकुमारी से कश्मीर की यात्रा कर रहे हैं। संत श्री विज्ञान देव जी ने 15 दिवस में छत्तीसगढ़ के 13 जिलों की यात्राएं की। श्री साय ने कहा कि विश्व शांति एवं कल्याण के लिए यह यात्रा निश्चित ही लाभदायी होगा। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण के लिए विहंगम योग संत समाज के प्रयासों की प्रशंसा की।
विधायक लता उसेंडी ने कहा कि विहंगम योग संत समाज के पूज्य संतों का आशीर्वाद हमेशा से छत्तीसगढ़ को मिलता रहा है इनके पावन प्रवास की हम सभी प्रतीक्षा कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में समाज के पूज्य संतों ने आध्यात्मिक अलख जगाने के लिए अनेक प्रयास किए हैं।
विहंगम योग संत समाज के संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कन्याकुमारी से प्रारंभ हुई यह यात्रा कश्मीर तक अपने पावन संकल्पों के साथ पूरी होगी। उन्होंने कहा कि इसी पड़ाव में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस संकल्प यात्रा को गति देने का कार्य किया गया है। इस मौके पर विहंगम योग संत समाज के पदाधिकारी सहित समाज के अनुयायी मौजूद रहे।



बिहान समूह की दीदियां हल्दी की खेती की ओर बढ़ रही आगे
रायपुर। हल्दी का उपयोग धार्मिक कार्याें के अलावा मसाला, रंग सामग्री, औषधि तथा उबटन के रूप में किया जाता रहा है। औषधि एवं घरेलू उपयोग के साथ ही हल्दी में कैंसर रोधी गुण भी पाये जाते हैं। इस क्रम में दंतेवाड़ा जिले के विकासखण्ड कुआकोंडा के 5 ग्रामों को हल्दी की पैदावार के लिए चयन किया गया है। बिहान समूह की महिलाएं हल्दी की खेती कर आगे बढ़ती जा रही हैं।
हल्दी शुभ कार्य के साथ खाने के लिए भी बेहतर उपयोग किया जाता है। हल्दी (टर्मरिक) एक भारतीय वनस्पति है यह अदरक की प्रजाति का 5 से 6 फिट बढने वाला पौधा है जिसमें जड़ की गाठो में हल्दी मिलती है। हल्दी को आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि मानी गयी है। इसके अलावा भारतीय रसोई में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी भारतीय समाज में इसको बहुत शुभ समझा जाता है विवाह में तो हल्दीे की रस्म का एक विशेष महत्व है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ के तहत स्थानीय स्व सहायता समूह की दीदियों को हल्दी उत्पादन के लिए खेती की ओर आगे बढ़ रही है। समूह की महिलाएं ग्राम रेंगानार, गढ़मिरी, कुआकोण्डा, हल्बारास, मैलावाड़ा, गोगपाल के इच्छुक 50 महिलाओं को उद्यानिकी विभाग से 20 क्विंटल हल्दी बीज प्रदाय की गई है और समूह की दीदियों ने 40-40 किलो अपनी बाड़ी में हल्दी गाठों का रोपण किया है। इस प्रकार हल्दी उत्पादन इस वर्ष होने पर अगले वर्ष इस हल्दी को मां दन्तेश्वरी महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड कुआकोण्डा के द्वारा खरीदी भी की जायेगी। खरीदी कर इस हल्दी का समूह के द्वारा प्रसंस्करण कर दुकान तथा थोक किराना दुकानों में सप्लाई करने की योजना है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हल्दी की खेती के लिए अच्छा वातावरण है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ द्वारा हल्दी की खेती को महिलाओं की आर्थिक समृद्धि एवं आजीविका से जोड़ते हुए पहल की जा रही हैं।

