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CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले को लेकर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB-EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मैनपावर एजेंसी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल हैं। दोनों को 19 अप्रैल 2026 को हिरासत में लिया गया।

बता दें कि ACB-EOW ने अपराध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 (बी), 8 और भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471 और 120-बी के तहत इस मामले में अपराध दर्ज किया है।

ED की कार्रवाई से खुला मामला

जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के अधिकारियों ने 29 नवंबर 2023 को तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपए नकद जब्त किए थे। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन को सूचना भेजी गई, जिसके आधार पर ACB-EOW ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

115 करोड़ के ओवरटाइम भुगतान में गड़बड़ी

जांच में सामने आया कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को करीब 115 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। नियमानुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान के रूप में दी जानी थी, लेकिन जांच में पाया गया कि कर्मचारियों तक यह रकम नहीं पहुंची।

बताया गया कि एजेंसियों के माध्यम से यह राशि अवैध रूप से कमीशन के तौर पर निकाली जाती थी और CSMCL के अधिकारियों तथा निजी व्यक्तियों में बांटी जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि अंततः यह रकम कथित रूप से अनवर ढेबर तक पहुंचाई जाती थी।

रिश्वत की रकम पहुंचाने में थी भूमिका

जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के कर्मचारी थे और 29 नवंबर 2023 को कंपनी के बैंक खाते से निकाली गई 28.80 लाख रुपए की राशि को CSMCL अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए भेजे गए थे। यह रकम आरोपी नवीन प्रताप सिंह तोमर द्वारा भेजे गए व्यक्तियों को सौंपी जानी थी।

27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड रहेंगे दोनों आरोपी

दोनों आरोपियों को 20 अप्रैल 2026 को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। ACB-EOW का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस घोटाले से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।