प्रदेश / मध्यप्रदेश

वन और जेल विभाग की संयुक्त भर्ती परीक्षा की तारीख में बदलाव, तैयारी के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय

भोपाल। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने वन विभाग और जेल विभाग की संयुक्त भर्ती परीक्षा की तारीख में बड़ा बदलाव किया है। पहले यह परीक्षा 25 मई से शुरू होना थी, लेकिन अब परीक्षा 4 जून 2026 से आयोजित की जाएगी। परीक्षा तिथि आगे बढ़ने से लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिली है, क्योंकि इसी दौरान एसएससी और सीयूईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं भी आयोजित हो रही थीं।

उम्मीदवारों को तैयारी के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय

बताया जा रहा है कि परीक्षा तिथियों के टकराव के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने दोनों परीक्षाओं में शामिल होने की समस्या खड़ी हो गई थी। लगातार मिल रही शिकायतों और अभ्यर्थियों की मांग के बाद ईएसबी ने भर्ती परीक्षा आगे बढ़ाने का फैसला लिया। अब उम्मीदवारों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय भी मिल जाएगा। यह भर्ती परीक्षा वन विभाग के वन रक्षक, क्षेत्र रक्षक पदों के साथ-साथ जेल विभाग के जेल प्रहरी और सहायक जेल अधीक्षक पदों के लिए आयोजित की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में पहले से ही काफी उत्साह देखा जा रहा था। हालांकि इस बार आवेदन संख्या उम्मीद से कम रही।

ईएसबी परीक्षा कैलेंडर पर पड़ेगा असर

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त भर्ती परीक्षा के लिए करीब 3 लाख 92 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। पिछले भर्ती चक्र की तुलना में यह संख्या कम मानी जा रही है और आवेदन चार लाख का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। इधर, परीक्षा तारीख बदलने का असर अब पूरे ईएसबी परीक्षा कैलेंडर पर पड़ता दिखाई दे रहा है। ईएसबी के 2 अप्रैल को जारी कार्यक्रम के अनुसार, जून महीने में समूह-2 उप समूह-4 संयुक्त भर्ती परीक्षा, समूह-3 उपयंत्री भर्ती परीक्षा और पीएनएसटी जैसी बड़ी परीक्षाएं प्रस्तावित हैं।

तैयारी की रणनीति हो रही प्रभावित

वहीं एएनएमटीएसटी परीक्षा भी मई में प्रस्तावित है। ऐसे में वन रक्षक और जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा आगे बढ़ने से आगामी परीक्षाओं के शेड्यूल में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि मई और जून में प्रस्तावित कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की रुलबुक अब तक जारी नहीं हुई है। इससे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना है कि लगातार बदलती तारीखें और देर से जारी होने वाले नियम पुस्तिका के कारण तैयारी की रणनीति प्रभावित हो रही है।