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छत्तीसगढ़ को मिलेगी औद्योगिक मजबूती, कोल गैसीफिकेशन आधारित यूरिया प्लांट के लिए कोरबा सबसे उपयुक्त : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

गुलमर्ग/रायपुर। छत्तीसगढ़ का ऊर्जा नगर कोरबा, देश को उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है यह कहना है सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का… कि कोयले से गैस बनाकर यूरिया उत्पादन की दिशा में यदि गंभीरता से कार्य किया जाए तो कोरबा देश का सबसे उपयुक्त केंद्र बन सकता है।

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में आयोजित रसायन एवं उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने देश के घरेलू उर्वरक उद्योग को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। बैठक में समिति के सदस्यों के साथ विभिन्न उर्वरक कंपनियों एवं संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में देश को यूरिया उत्पादन के लिए लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस विदेशों से आयात करनी पड़ती है, जिससे विदेशी निर्भरता बढ़ती है और आर्थिक दबाव भी बनता है। ऐसे में ‘कोल गैसीफिकेशन टेक्नोलॉजी’ आधारित यूरिया संयंत्र देश के लिए एक प्रभावी विकल्प साबित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कोरबा में प्रचुर मात्रा में कोयले का भंडार उपलब्ध है। साथ ही वहां औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक भूमि, बिजली और आधारभूत सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। यही कारण है कि कोरबा कोयले से गैस बनाकर यूरिया उत्पादन के लिए देश का सबसे उपयुक्त क्षेत्र बन सकता है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यदि कोरबा में नया यूरिया संयंत्र स्थापित होता है तो इससे छत्तीसगढ़ को औद्योगिक मजबूती मिलेगी, हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। साथ ही देश की उर्वरक आत्मनिर्भरता को भी बड़ा बल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और छत्तीसगढ़ इस अभियान में ऊर्जा एवं औद्योगिक क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम है।

बैठक में राष्ट्रीय उर्वरक लिमिटेड (एनएफएल), राष्ट्रीय रसायन एवं उर्वरक लिमिटेड (आरसीएफ), द फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड (एफएसीटी), ब्रह्मपुत्र घाटी उर्वरक निगम लिमिटेड (बीवीएफसीएल), मद्रास उर्वरक लिमिटेड (एमएफएल), रामागुंडम उर्वरक निगम लिमिटेड (आरएफसीएल) एवं हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।