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तेलीबांधा तालाब में वीर सावरकर की प्रतिमा के प्रस्ताव पर सियासत: दीपक बैज ने कसा तंज, कहा-

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) में वीर सावरकर की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर एक नया सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है। सावरकर स्मृति संस्था द्वारा नगर निगम को इस संबंध में आवेदन दिए जाने के बाद कांग्रेस ने इस पर तीखी आपत्ति जताई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मुद्दे पर सीधे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आड़े हाथों लिया है।

दीपक बैज ने कसा तंज

तेलीबांधा तालाब में वीर सावरकर की प्रतिमा के प्रस्ताव की खबर सामने आते ही कांग्रेस नेता दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा, ये लोग क्या सावरकर के नाम से तेलीबांधा का नामकरण करना चाहते हैं? यहां तो माता कर्मा और तेलहीन माई का नाम रखा जाना चाहिए। जिन्होंने अंग्रेजों के सामने हाथ जोड़े थे, उनका नाम ये बीजेपी वाले लिख रहे हैं और उनकी मूर्ति लगाना चाहते हैं। बैज के इस बयान ने इस मुद्दे को पूरी तरह से वैचारिक और राजनीतिक रंग दे दिया है।

दीपक बैज के बयान पर MIC सदस्य का हमला

वहीं वीर सावरकर की प्रतिमा मामले में दीपक बैज के बयान पर रायपुर नगर निगम के एमआईसी सदस्य दीपेश जायसवाल ने जमकर हमला बोला है। उनका कहना है कि दीपक बैज झूठ बोल रहे हैं। कांग्रेस पार्टी हमेशा झूठ बोलकर लोगों को भ्रमित करती है। लोकतंत्र में कोई भी आवेदन दे सकता है।

स्मृति मंच के संयोजक इंजीनियर ने क्या कहा ?

स्मृति मंच के संयोजक इंजीनियर गिरधारी ने बताया कि संस्था के सदस्यों ने इस संबंध में रायपुर महापौर मीनल चौबे और संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा, जब शहर में सभी महापुरुषों की मूर्तियां लगती हैं, तो वीर सावरकर की भी लगनी चाहिए। उनके जैसा अदम्य साहसी कोई नहीं था। उन्होंने महान साहित्य लिखा और जेल की यातनाएं सहीं। शहर में उनकी एक भी प्रतिमा नहीं है। हमने तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) का प्रस्ताव इसलिए दिया है क्योंकि यहाँ भारी संख्या में आमजन आते हैं। अगर वहाँ प्रतिमा के साथ एक लाइट शो का कार्यक्रम शुरू हो जाए, तो यह लोगों के लिए एक बड़ा टूरिस्ट अट्रैक्शन बन जाएगा।

सभापति और निगम प्रशासन को दिया आवेदन

जानकारी के अनुसार, सावरकर स्मृति संस्था द्वारा सभापति और निगम प्रशासन को आवेदन दिया जा चुका है, जिस पर आगे की प्रक्रिया और अनुमति की कार्रवाई की जा रही है। इस प्रस्ताव को सबसे पहले मेयर-इन-काउंसिल (MIC) की बैठक में रखा जाएगा। एमआईसी में जो भी निर्णय होगा, उसके बाद इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए नगर निगम सामान्य सभा में पेश किया जाएगा।

क्यों प्रसिद्ध है तेलीबांधा तालाब ?

रायपुर का तेलीबांधा तालाब शहर का दिल माना जाता है। यह स्थान शाम की सैर (Evening Walk) और लजीज स्ट्रीट फूड के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है। इसके अलावा, यहाँ 82 मीटर ऊँचा देश का सबसे ऊँचा तिरंगा भी स्थापित है, जो इस जगह के आकर्षण को कई गुना बढ़ा देता है। अब इस हाई-प्रोफाइल जगह पर वीर सावरकर की प्रतिमा को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।