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कांग्रेस का जिला संगठन सृजन शिविर : सचिन पायलट ने कहा – जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग देंगे राहुल गांधी, सरकार को डर और चिंता सता रही

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस का जिला संगठन सृजन शिविर आज से शुरू हो गया है। रायपुर जिले के अभनपुर में आयोजित 10 दिवसीय शिविर में जिलाध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 21 जून को लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहुचेंगे और शिविर में जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग देंगे। 20 जून को प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, चरणदास महंत सहित कई नेताओं ने शिविर स्थल पर तैयारियों का जायजा लिया।

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा, संगठन सृजन के तहत जिला अध्यक्षों का ट्रेनिंग कैंप होगा। पहले दिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अलग-अलग विषयों पर जिला अध्यक्षों से चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, अलग-अलग राज्यों में ट्रेनिंग कैंप हो चुके हैं। हमारे विशेषज्ञ भी अध्यक्षों से चर्चा करेंगे। भाजपा के तीसरे चिंतन शिविर का आयोजन जल्द होगा। इस पर सचिन पायलट ने कहा, भाजपा को चिंतन शिविर नहीं चिंता करनी चाहिए। प्रदेश में भाजपा ने कौन सा वादा पूरा किया? भाजपा के झूठ के ताश का पहाड़ अंत में ध्वस्त होगा।

जनता का विश्वास खो चुकी है सरकार

प्रशिक्षण शिविर से पहले सीएम हाउस में मंत्रियों की बैठक हुई, इस पर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा, भाजपा सरकार का आधा टाइम हो चुका है, सरकार को डर और चिंता सता रही है। कांग्रेस की सरकार बनने वाली है इसका डर है इसलिए सरकार बैठकें ले रही है। मंत्री मंडल में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। इस मामले को लेकर सचिन पायलट ने कहा, चाहे वो अब कुछ भी कर लें, मंत्री मंडल बदल लें, जवाबदेही सरकार की है। पिछले ढाई सालों में सरकार बस केंद्र के निर्देशों पर चली है। खुद के कोई फैसले नहीं ले पाई। सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है।

सही फैसला लेने सरकार को मजबूर करेंगे

नीट एग्जाम को लेकर सचिन पायलट ने कहा, सरकार से देश के युवा परेशान हैं। नीट का पेपर लीक होने से लाखों छात्र परेशान हुए। युवा बेरोजगार बैठने पर मजबूर हैं। हम चाहते हैं हम उनके लिए कुछ करें इसलिए राहुल गांधी नई पहल की शुरूआत की है। नागपुर में नीट के लिए अबुधाबी में सेंटर दिया गया, इस मामले में पायलट ने कहा, बच्चों को अब किसी पर विश्वास नहीं है। न पेपर लिखने वालों पर न पेपर कंडक्ट करने वालों पर न ही पेपर चेक करने वालों पर, पेपर देने के बाद पेपर कैंसिल हो जाए तो नौजवान कहां जाए ? हम सरकार को मजबूर करेंगे कि वो सही फैसला ले।