राखी एक दिन की, लेकिन बहनों की चिंता हर दिन करते मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
राखी का रिश्ता…हर दिन निभाने का संकल्प
रायपुर। रक्षाबंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं है, यह भाई और बहन के बीच विश्वास, सुरक्षा और सम्मान के उस रिश्ते का प्रतीक है, जो जीवनभर साथ चलता है। राखी का त्योहार भले ही एक दिन आता हो, लेकिन बहनों की चिंता और उनके बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी किसी एक दिन तक सीमित नहीं हो सकती।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने महिलाओं को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रदेश के विकास की मजबूत धुरी के रूप में देखने का प्रयास किया है। इसी सोच का सबसे बड़ा उदाहरण महतारी वंदन योजना है, जिसके माध्यम से पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है। 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए ₹8,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
लेकिन महिला सशक्तिकरण की तस्वीर केवल महतारी वंदन तक सीमित नहीं है। महतारी वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना, नवाबिहान योजना, छत्तीसगढ़ महिला कोष की ऋण योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, महिला जागृति शिविर योजना, महिला स्व-सहायता समूह गठन एवं सशक्तिकरण, किशोरी बालिकाओं के लिए योजना, छत्तीसगढ़ महिला कोष की सक्षम योजना, महिला हेल्पलाइन (181), प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, शक्ति सदन, सखी (वन स्टॉप सेंटर), बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सखी निवास, पालना जैसी योजनाएं महिलाओं और बेटियों को आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और सुरक्षा का सहारा देने का काम कर रही हैं।
मातृत्व और स्वास्थ्य की चिंता भी इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गर्भवती महिलाओं के लिए संस्थागत प्रसव, नि:शुल्क दवा-जांच, भोजन और परिवहन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण के लिए भी योजनाएं संचालित हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सरकार का जोर दिखाई देता है। महिला समूहों, ऋण योजनाओं, कौशल और रोजगार से जुड़े प्रयासों का उद्देश्य यही है कि प्रदेश की बहनें केवल सहायता पाने वाली न रहें, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक ताकत और अपने फैसलों की मजबूत भागीदार बनें। महिला एवं बाल विकास विभाग के 2026-27 के बजट में भी महिलाओं के सशक्तिकरण को स्पष्ट प्राथमिकता दी गई है।
यही वजह है कि रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के लिए बहनों का आशीर्वाद केवल एक दिन का भावनात्मक संबंध नहीं, बल्कि उस विश्वास की जिम्मेदारी भी है, जिसे सरकार अपनी योजनाओं और निर्णयों के माध्यम से निभाने का प्रयास कर रही है।
राखी एक दिन बंधती है, लेकिन बहनों के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन का संकल्प हर दिन निभाना पड़ता है। छत्तीसगढ़ की बहनों के लिए यही सबसे बड़ा संदेश है। राखी की डोर कलाई पर एक दिन बंधती है, लेकिन विश्वास की यह डोर सरकार और बहनों के बीच हर दिन मजबूत होनी चाहिए।
और शायद इसी भावना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जोड़कर देखा जा सकता है बहनों की खुशी सिर्फ त्योहार की खुशी नहीं है बल्कि मुखिया के लिए उनके सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ा सतत संकल्प का दिन है।
-सृष्टि मारकंडे