प्रदेश / छत्तीसगढ़

सुखदेव भगत का बस्तर दौरा राजनीतिक पर्यटन से ज्यादा कुछ नहीं : सांसद संतोष पाण्डेय

रायपुर। कांग्रेस के नवनियुक्त छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के बस्तर दौरे को लेकर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने इस दौरे को राजनीतिक पर्यटन करार देते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेश में गंभीर अंतर्कलह, गुटबाजी और संगठनात्मक बिखराव से जूझ रही है। ऐसे में प्रभारी के दौरे से पार्टी की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव आने की उम्मीद नहीं है।

सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई गुटों में बंटी हुई है और हर खेमा अपने हिसाब से राजनीति कर रहा है। पार्टी का संगठनात्मक ढांचा कमजोर और निष्क्रिय हो चुका है। ऐसे हालात में सुखदेव भगत के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न गुटों के बीच संतुलन बनाने की होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस के नए प्रभारी आखिर किस गुट को साधेंगे और किसे किनारे करेंगे? एक गुट को साधने की कोशिश दूसरे गुट की नाराजगी बढ़ा सकती है।

पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए बस्तर की उपेक्षा की और क्षेत्र को भ्रष्टाचार एवं अस्थिरता के अलावा कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार बस्तर के वनांचलों तक विकास, सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का काम कर रही है। वहीं, कांग्रेस के नेता जमीनी मुद्दों पर काम करने के बजाय राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सुखदेव भगत बस्तर जाएं या सरगुजा, पूरे प्रदेश का दौरा कर लें, लेकिन उन्हें भाजपा सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं मिलेगा। उनके मुताबिक, भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और सुशासन के सामने कांग्रेस मुद्दाविहीन हो चुकी है।

पाण्डेय ने कहा कि संगठन की समीक्षा के नाम पर दौरे करने के बजाय कांग्रेस नेतृत्व को पार्टी की कमजोर होती स्थिति और घटते जनाधार पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रभारी का बस्तर दौरा केवल सैर-सपाटे और फोटो खिंचवाने तक सीमित है तथा इसका प्रदेश की राजनीति पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।