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केदार कश्यप, दीपक बैज सहित 116 नेताओं की Z+, Z, Y+ श्रेणी सुरक्षा में बड़ी कटौती, जानिए गृहमंत्री विजय शर्मा ने क्या कहा…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब नेताओं की सुरक्षा घटाई जा रही है। बस्तर संभाग के भाजपा और कांग्रेस से जुड़े 116 नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में कटौती की गई है। बताया जा रहा है कि कई नेताओं की सुरक्षा Z+ से Z, Y+ को Y और Z को Y श्रेणी में कर दी गई है। इस संबंध में गृह विभाग की ओर से जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा और कांग्रेस के नौ नेताओं की सुरक्षा Z+ श्रेणी से घटाकर Z श्रेणी की गई है। इनमें छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मंत्री कवासी लखमा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा कर्मा परिवार को मिल रही सुरक्षा में भी बदलाव किया गया है।

सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों की सुरक्षा की भी समीक्षा

बस्तर क्षेत्र के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था में भी कटौती किए जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा श्रेणी में बदलाव का निर्णय नक्सलवाद के खात्मे के बाद उत्पन्न परिस्थितियों और नेताओं को मौजूदा सुरक्षा खतरे के आकलन के आधार पर की जा रही समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

गृह विभाग जल्द जारी करेगा आदेश

बताया जा रहा है कि नेताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा की समीक्षा के बाद यह बदलाव किए गए हैं। हालांकि, सुरक्षा में कटौती से संबंधित विस्तृत आधिकारिक आदेश अभी जारी होना बाकी है। गृह विभाग जल्द आदेश जारी कर सकता है।

समीक्षा के बाद सुरक्षा में कटौती की गई : विजय शर्मा

इस मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि मार्च 2026 की डेड लाइन पर छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश से सशस्त्र नक्सलवाद खत्म किया गया था। नक्सलवाद समाप्त होने के बाद सुरक्षा को लेकर छह महीने तक कमेटी ने समीक्षा की है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षा हटा देना भी न्यायोचित नहीं है। Z+ को Z, Y+ को Y और Z को Y श्रेणी की गई है। इसी तरह एक-एक ग्रेड कम किया गया है। इसे अगले छह माह में और एक ग्रेड कम किया जाएगा। इसी तरह सुरक्षा समीक्षा कर श्रेणी तय की जाएगी।

जानिए सुरक्षा श्रेणियों का विवरण

Z+ श्रेणी (Z-Plus) – सर्वोच्च स्तर (एसपीजी के बाद) : इसमें लगभग 55 या उससे अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं, जिनमें 10 से 12 NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) या सीआरपीएफ (CRPF) के कमांडो और स्थानीय पुलिस शामिल होती है। इसमें मल्टी-लेयर (बहु-स्तरीय) सुरक्षा घेरा होता है, एडवांस कम्युनिकेशन गैजेट्स, मार्शल आर्ट्स में माहिर कमांडो और बुलेटप्रूफ गाड़ियां मिलती हैं। प्रधानमंत्री (एसपीजी के अलावा), प्रमुख केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और उच्च जोखिम वाले वीआईपी को यह सुरक्षा मिलती है।

Z श्रेणी (Z-Category) : इसमें करीब 22 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। कमांडो और पुलिस: इसमें 4 से 6 NSG कमांडो के साथ-साथ दिल्ली पुलिस या राज्य पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान होते हैं। इसके साथ एक एस्कॉर्ट वाहन (Escort vehicle) और लगातार पहरा देने वाला सुरक्षा घेरा होता है। बड़े नेताओं, विशिष्ट धार्मिक गुरुओं या गंभीर खतरे की आशंका वाले व्यक्तियों को।

Y+ श्रेणी: इसमें कुल 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिसमें 2 से 4 कमांडो और कुछ पुलिसकर्मी व 2 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) शामिल होते हैं।

Y श्रेणी: इसमें कुल 8 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिसमें 1 या 2 कमांडो और स्थानीय पुलिस के जवान होते हैं (इसमें मोबाइल सुरक्षा के लिए 1 गनमैन मिलता है)।