Paris Olympics 2024: रेसलर अमन सहरावत ने कांस्य पदक जीता और भारत के खाते में छठा मेडल आया। पेरिस ओलंपिक के 14वें दिन अमन सहरावत 57 किलो भारवर्ग में प्यूर्टो रिको के डेरियन टोई क्रूज से भिड़े। अमन सहरावत ने मेन्स फ्रीस्टाइल 57 किलो भारवर्ग में डेरियन टोई क्रूज को 13-5 से हराया. अमन यह मैच जीतकर ओलंपिक में मेडल जीतने वाले सातवें भारतीय रेसलर बन गए है।
पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने अब तक 5 मेडल जीते हैं। इससे चार ब्रॉन्ज और एक सिल्वर है। सबसे पहले मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज दिलाया। फिर दूसरा ब्रॉन्ज भी मनु भाकर ने मिक्स्ड टीम इवेंट में दिलाया। उनके साथ सरबजोत सिंह भी टीम में थे। तीसरा ब्रॉन्ज मेडल स्वप्निल कुसाले ने शूटिंग की मेन्स 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में दिलाया। फिर हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज और नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
सहरावत पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले एकमात्र भारतीय पुरुष पहलवान हैं। उन्होंने अपने छोटे से करियर में अब तक कई उपलब्धियां हासिल की हैं। युवा सहरावत ने 2022 एशियाई खेल में पुरुषों की 57 किग्रा स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने 2023 की एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। सहरावत हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहर के रहने वाले हैं। उन्होंने सिर्फ 11 साल की उम्र में अपने मां-बाप को खो दिया था।
स्पोर्ट्स डेस्क। टी20 वर्ल्ड कप 2024 में ट्रॉफी जीतने के बाद भारतीय टीम का यह पहला दौरा था, जिसमें उनसे टी20 सीरीज तो जीत ली, लेकिन वनडे सीरीज को गंवा दिया. अब मेन इन ब्लू बांग्लादेश से भिड़ेगी.
भारतीय टीम ने हाल में श्रीलंका का दौरा किया. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने टी20 सीरीज को 3-0 से अपने नाम किया, लेकिन उसे वनडे सीरीज में 2-0 से करारी शिकस्त मिली. श्रीलंका स्पिनर्स के सामने भारत के दिग्गज खिलाड़ी फ्लॉप हो गए. अकेले रोहित शर्मा को छोड़कर कोई दूसरा खिलाड़ी रंग में नहीं दिखा. यही वजह है कि टीम ने सीरीज गंवा दी. अब भारत की अगला कदम क्या है, उसे किस टीम के खिलाफ खेलना है. चलिए नीचे पूरी डिटेल जानते हैं.
पूरे साल के शेड्यूल पर नजर डालें तो भारतीय टीम अब इस साल वनडे मैच नहीं खेलेगी. वो सिर्फ टेस्ट और टी20 में मैदान पर उतरेगी. श्रीलंका दौरा खत्म होने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच 2 टेस्ट और 3 मैचों की टी20 सीरीज होगी. यह सीरीज सितंबर महीने में होनी है. सीरीज का पहला टेस्ट मैच 19 सितंबर से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच कानपुर के ग्रीन पार्क में 27 सितंबर से होगा.
IND vs BAN T20I सीरीज शेड्यूल
टेस्ट के बाद टी 20 सीरीज का आगाज होगा. भारत बनाम बांग्लादेश के बीच होने वाली टी20 सीरीज का पहला मैच धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में होगा, जबकि दूसरा मैच 9 अक्टूबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा. तीसरा मैच 13 अक्टूबर को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में रखा गया है.
न्यूजीलैंड बनाम भारत टेस्ट सीरीज शेड्यूल 2024
अपने घर में बांग्लादेश से टेस्ट और टी20 सीरीज खेलने के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड की मेजबानी करेगी. यानी कीवी टीम भारत आएगी. दोनों टीमों के बीच 3 टेस्ट होना है. पहला मैच 16 अक्टूबर को बैंगलोर के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 28 अक्टूबर से पुणे में खेला जाएगा. तीसरा मैच 5 5 नवंबर से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित होना है.
भारत को साल के आखिरी में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना है
न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद टीम इंडिया साउथ अफ्रीका का दौरा करेगी. फिर साल के आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएगी. ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के तहत 5 टेस्ट होंगी.
पेरिस। टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा पेरिस में अपने प्रदर्शन को नहीं दोहरा सके और उन्हें दूसरे स्थान पर रहते हुए सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। नीरज ने 6 अटेंप्ट में से सिर्फ एक में ही सही थ्रो कर पाए। बाकी के 5 थ्रो उनके फाउल रहे। नीरज चोपड़ा ने 89.45 मीटर का थ्रो अपने दूसरे प्रयास में किया था। वहीं पाकिस्तान के अरशद नदीम ने सबसे ज्यादा दूर 92.97 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
बता दें कि इस फाइनल में भले ही नीरज को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा लेकिन इसके बावजूद उनके नाम एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। नीरज चोपड़ा ट्रैक एंड फील्ड में लगातार दो ओलंपिक मेडल जीतने वाले भारत के पहले एथलीट बन गए हैं। नीरज चोपड़ा लगातार दूसरे ओलंपिक में मेडल जीता है।
आज फाइनल मुकाबले में नीरज और नदीम ने फाउल के साथ शुरुआत की थी, लेकिन पाकिस्तान के नदीम ने दूसरे प्रयास में ओलंपिक का रिकॉर्ड तोड़ते हुए अपनी दावेदारी मजबूत कर ली। नीरज ने भी दूसरे प्रयास में अपने इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ( 89.45 मीटर) किया, लेकिन वह नदीम से आगे नहीं निकल सके।
नीरज सिर्फ एक ही सफल प्रयास कर सके और उन्होंने छह में से पांच फाउल किए, जबकि नदीम ने छठे प्रयास में 91.79 मीटर का थ्रो किया। यह इस मैच में दूसरी बार था जब नदीम ने 90 मीटर से अधिक का थ्रो किया। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 88.54 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय हॉकी टीम के दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ ही हॉकी को अलविदा कह दिया। भारत ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में स्पेन को 2-1 से हराया जिसमें श्रीजेश ने एक बार फिर अहम योगदान दिया। ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने श्रीजेश के सम्मान में झुककर सलाम किया।
साल 2006 से भारतीय हॉकी टीम की गोलकीपर की जिम्मेदारी संभालने वाले श्रीजेश ने अपने पूरे करियर में 300 से ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेले और लगातार 2 ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल अपनी टीम को जिताने में अहम भूमिका निभाई।
पेरिस ओलंपिक से पहले की थी सन्यास की घोषणा
आपको बता दें कि श्रीजेश ने पेरिस ओलंपिक से पहले घोषणा की थी कि यह प्रतियोगिता भारत के लिए उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच होगा। वहीं आज अपने आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच से पहले सोशल मीडिया पर एक दिल को छू लेने वाला नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा- ‘‘ अब जबकि मैं आखरी बार पोस्ट के बीच खड़ा होने जा रहा हूं तब मेरा दिल कृतज्ञता और गर्व से फूलकर कुप्पा हो रहा है। सपनों में खोए रहने वाले एक युवा लड़के से भारत के सम्मान की रक्षा करने वाले व्यक्ति तक की यह यात्रा असाधारण से कम नहीं है।’’
उन्होंने कहा,‘‘आज मैं भारत के लिए अपना आखिरी मैच खेल रहा हूं। मेरा हर बचाव, प्रत्येक डाइव, दर्शकों का शोर हमेशा मेरे दिल में गूंजते रहेंगे। आभार भारत, मुझ पर विश्वास करने के लिए, मेरे साथ खड़े होने के लिए। यह अंत नहीं है, यह संजोई गई यादों की शुरुआत है। हमेशा के लिए सपनों का संरक्षक। जय हिंद।”
श्रीजेश का हॉकी करियर
केरल के एर्नाकुलम में जन्में पीआर श्रीजेश ने 2006 साउथ एशियन गेम्स में भारत के लिए डेब्यू किया था और तब से ही वह भारतीय गोल पोस्ट की मजबूत दीवार बने हुए थे। श्रीजेश ने अपने पूरे करियर में 300 से ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेले और 2 बार एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल भारतीय टीम के साथ जीता। श्रीजेश ने भारत के लिए 4 ओलंपिक गेम्स (लंंदन 2012, रियो 2016, टोक्यो 2020 और पेरिस 2024) खेले जिसमें 2 बार ब्रॉन्ज अपने नाम किया।
लगातार 2 साल FIH बेस्ट गोलकीपर ऑफ द ईयर रहे श्रीजेश को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड से नवाजा गया था। इसके अलावा 3 बार वह भारत के बेस्ट गोलकीपर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड जीतने में कामयाब रहे। पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्डी श्रीजेश के संन्यास के बाद भारतीय हॉकी टीम को एक शानदार गोलकीपर की कमी कई सालों तक खलेगी क्योंकि इस दिग्गज गोलकीपर के स्तर तक पहुंचना किसी भी अन्य खिलाड़ी के लिए काफी मुश्किल होगा।
पीआर श्रीजेश की उपलब्धियां
वर्ष
एफआईएच बेस्ट गोलकीपर ऑफ द ईयर
2020-21, 2021-22
हॉकी इंडिया बलजीत सिंह अवार्ड फॉर गोलकीपर ऑफ द ईयर
2014, 2021, 2023
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड
2021
पद्म श्री अवार्ड
2017
अर्जुन अवार्ड
2015
हॉकी इंडिया बलबीर सिंह सीनियर अवार्ड फॉर प्लेयर ऑफ द ईयर (पुरुष)
नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक में एक और मेडल अपने नाम कर लिया है। हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में स्पेन को हराकर मुकाबला अपने नाम कर लिया है। भारतीय टीम ने स्पेन के खिलाफ कुल 2 गोल दागे, वहीं स्पेन की टीम केवल एक ही गोल लगा पाई। भारतीय टीम ने इससे पहले साल 2020 के टोक्यो ओलंपिक में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इससे पहले ओलंपिक के इतिहास की बात करें तो भारत ने लगातार यानी बैक टू बैक मेडल साल 1968 और 1972 में अपने नाम किए थे। इसके बाद कभी ऐसा मौका नहीं आया कि भारत ने दो बार लगातार हॉकी में मेडल जीता हो। लेकिन अब भारत ने इतिहास दोहरा दिया है। यानी भारत का सुनहरा दौर वापस आता हुआ नजर आ रहा है, भले ही ब्रॉन्ज मेडल के ही रूप में सही। भारत अब इस ओलंपिक में कुल मिलाकर चार मेडल जीत चुका है। हालांकि ये सभी मेडल ब्रॉन्ज ही है।
पहला गोल खाने के बाद टीम इंडिया ने की वापसी
मुकाबले की बात करें तो स्पेन की टीम पहले क्वार्टर में ही पहला गोल कर दिया था। भारतीय टीम को हल्की सी गलती का खामियाजा उठाना पड़ा। स्पेन को पेनाल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे स्पेन ने गोल में तब्दील कर दिया। ये भारतीय फैंस के लिए दिल तोड़ने वाला मामला था। इसके बाद जब दूसरा क्वार्टर खत्म होने वाला था, तभी 30 सेकेंड पहले भारत को पेनाल्ट कॉर्नर मिला। जिसे कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल में बदल दिया। इससे कुछ ही देर पहले भी भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला था, उस वक्त हरमनप्रीत सिंह ने कमान अपने हाथ में नहीं ली। उन्होंने अमित रोहिताश को मौका दिया। लेकिन वो गोल नहीं हो सका। इससे भारत की उम्मीदों को झटका लगा, लेकिन से दर्द ज्यादा देर तक नहीं चला और हरमनप्रीत ने वापसी करा दी। इसके साथ ही मुकाबला बराबरी पर आ गया। वहीं पर आधा खेल खत्म हो गया।
भारतीय टीम ने आक्रामक अपनाया रुख
इसके बाद जब तीसरा क्वार्टर शुरू हुआ तो भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। करीब 5 ही मिनट बाद भारत को एक और पेनाल्टी का मौका मिला। इस बार भी खुद कप्तान हरमनप्रीत ने ही मोर्चा संभाला। हरमनप्रीत ने एक और गोल दाग दिया। इससे भारत के पास लीड आ गई। यानी मैच की शुरुआत में पीछे चला रहा, भारत अब आगे हो चुका था। यानी जीत की संभावना यहां से बननी शुरू हो गई थी। इसके बाद दोनों टीमें गोल का प्रयास करती रहीं। पेनाल्टी कॉर्नर भी मिला, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिर के 5 मिनट काफी रोचक मुकाबला हुआ। दोनों टीमें हमलावर नजर आ रही थीं, लेकिन गोल करने में सफलता नहीं मिली।
भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट किया शानदार प्रदर्शन
भारत और स्पेन की टीमें अभी तक अच्छा प्रदर्शन कर सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रही हैं। हालांकि दोनों ही टीमों को अपने अपने सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। जहां एक ओर भारतीय टीम को जर्मनी से एक करीबी हार मिली, वहीं स्पेन की टीम नीदरलैंड्स के खिलाफ करीब करीब एकतरफा मैच हार गई थी। यानी यहां पर भी भारत को बढ़त थी। भारतीय हॉकी टीम ने इससे पहले साल 2020 में टोक्यो में खेले गए ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। भारत ने उस साल भी शानदार खेल दिखाते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन वहां भी गोल्ड और सिल्वर की दौड़ से एक मुकाबले पहले हार गई। इसके बाद भारत और जर्मनी के बीच ब्रॉन्ज मेडल खेला गया, जहां भारतीय हॉकी टीम ने मुकाबला जीतकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।
भारतीय रेसलर विनेश फोगाट ने पेरिस ओलिंपिक (Paris Olympic 2024) में डिसक्वालिफाई होने के बाद कुश्ती से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने गुरुवार सुबह 5.17 बजे X पर एक पोस्ट में लिखा- “मां कुश्ती मेरे से जीत गई, मैं हार गई। माफ करना आपका सपना, मेरी हिम्मत सब टूट चुके। इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब। अलविदा कुश्ती 2001-2024, आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी माफी।”
बता दें कि भारतीय रेसलर विनेश फोगाट फाइनल मैच से चंद घंटे पहले पेरिस ओलंपिक से बाहर हो गई थी। तय कैटेगरी में ज्यादा वजन होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय अलंपिक संघ ने विनेश को अयोग्य घोषित कर दिया था। विनेश 50 kg की कैटेगरी में खेलती हैं। बुधवार को उनका वजन करीब 100 ग्राम ज्यादा मिला था। इसके बाद उन्हें ओलिंपिक महिला कुश्ती से अयोग्य घोषित कर दिया गया। उन्हें कोई मेडल भी नहीं मिलेगा।
विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल मुकाबला अपनी कॉम्पटीटर के खिलाफ 5-0 के अंतर से जीता था और वह ओलंपिक फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान थीं।
डिस्क्वालिफिकेशन के खिलाफ अपील भी की
विनेश ने संन्यास के ऐलान से पहले बुधवार रात अपने डिस्क्वालिफिकेशन के खिलाफ अपील दायर की है। उन्होंने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स से मांग की कि उन्हें संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल दिया जाए। विनेश ने पहले फाइनल खेलने की मांग भी की थी। लेकिन उन्होंने अपील बदली और अब संयुक्त रूप से सिल्वर दिए जाने की मांग की।
आप हारी नहीं, हरायी गईं: बजरंग पूनिया
पहलवान बजरंग पूनिया ने विनेश की हौसलाअफजाई करते हुए कहा है कि आप हारी नहीं हैं, बल्कि हराई गई हैं। उन्होंने ट्वीट किया, “विनेश आप हारी नहीं, हरायी गई हैं, हमारे लिए सदैव आप विजेता ही रहेगी। आप भारत की बेटी के साथ साथ भारत का अभिमान भी हो।
फाइनल में पहुंचकर रचा था इतिहास
29 वर्षीय महिला पहलवान ने उस वक्त इतिहास रच दिया था, जब उन्होंने सेमीफाइनल मुकाबले क्यूबा की पहलवान गुजमान लोपेज को 5-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वह ओलंपिक खेलों में ऐसा करने वाली देश की पहली महिला पहलवान बनी थीं। इस तरह उन्होंने कुश्ती की 50 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल भी पक्का कर लिया था। पूरा देश इस बात को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा था कि कम से कम एक मेडल पक्का हो चुका है।
रियो ओलंपिक में किया था डेब्यू
विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता और राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों और एशियाई चैंम्पियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता, विनेश इतिहास की सबसे सफल भारतीय पहलवानों में से एक हैं, लेकिन ओलंपिक खेलों में अयोग्य घोषित होने के बाद उनका सपना टूट गया। प्रसिद्ध फोगाट बहनों में से एक विनेश ने रियो 2016 में महिलाओं की 48 किग्रा फ्रीस्टाइल श्रेणी में ओलंपिक में डेब्यू किया था, लेकिन घुटने में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें क्वार्टर फाइनल मुकाबले से हटना पड़ा था। टोक्यो 2020 में महिलाओं के 53 किग्रा क्वार्टर फाइनल में जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही विनेश को एक बार फिर क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा. पेरिस ओलंपिक में भी उनका वजन ज्यादा निकला, इस कारण वह डिस्क्वालिफाई (अयोग्य) कर दी गईं।
कोलंबो। श्रीलंका दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम की वनडे सीरीज में हालत खराब नजर आई। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम ने 3 मैचों की वनडे सीरीज को 2-0 से गंवा दिया है। सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला बुधवार (7 अगस्त) कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया, जिसमें भारतीय टीम को 110 रनों से करारी शिकस्त मिली।
बता दें कि मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने 249 रनों का टारगेट दिया। जवाब में श्रीलंकाई स्पिनर्स ने ऐसा जाल फेंका कि पूरी भारतीय टीम 26.1 ओवर में 138 रनों पर ही ढेर हो गई और मैच के साथ-साथ सीरीज भी गंवा दी। भारतीय टीम के लिए कप्तान रोहित शर्मा ही सबसे ज्यादा 35 रन बना सके।
इस हार के बाद भारतीय टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पूरी सीरीज में भारतीय बल्लेबाज श्रीलंकाई गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए। श्रीलंका के गेंदबाजों, विशेषकर स्पिनर्स ने भारतीय बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने नहीं दिया और आसानी से विकेट हासिल किए।
27 साल पुराना दबदबा हुआ खत्म
गौरतलब है कि भारतीय टीम ने पिछले 27 सालों से श्रीलंका के खिलाफ कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं गंवाई है, और नए कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में वे इस रिकॉर्ड को बरकरार रखना चाहते थी। हालांकि भारतीय टीम तीसरा वनडे जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाते हुए नजर आई, लेकिन फिर भी सफलता हाथ नहीं लगी।
पेरिस। पेरिस ओलंपिक 2024 में मेडल जीतने का सपना टूटते ही विनेश फोगाट की तबीयत बिगड़ गई है. विनेश फोगाट को बुधवार को 50 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती का फाइनल मुकाबला का खेलना था. उनका मुकाबला अमेरिका की सारा हिल्डब्रांड से होना था. नियम के मुताबिक मुकाबले के दिन सुबह में दोनों रेसलर का वजन लिया गया. विनेश फोगाट का 100 ग्राम वजन ज्यादा निकला. इसके बाद उन्हें मुकाबले से डिसक्वालीफाई कर दिया गया.
मुकाबले के लिए वजन लिए जाने के कुछ देर बाद की विनेश फोगाट की तबीयत बिगड़ गई. विनेश फोगाट बेहोश हो गईं. इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. बता दें कि विनेश फोगाट ने मंगलवार को 7 घंटे के भीतर 3 मुकाबले जीतकर 50 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में जगह बनाई थी.
खबरों के मुताबिक विनेश फोगाट का वजन रात में बढ़ गया था. वजन घटाने के लिए विनेश फोगाट ने रात भर मेहनत की. उन्होंने साइक्लिंग और स्किपिंग की. इस कोशिश में वह ठीक से सोई भी नहीं. इसके बावजूद जब वजन किया गया तो 100 ग्राम ज्यादा निकला.
पेरिस। पेरिस ओलंपिक्स में कुश्ती के 50 किग्रा वर्ग में फाइनल मुकाबले से चंद घंटे पहले विनेश फोगाट का ज्यादा वजन की वजह से अयोग्य घोषित कर दिया गया है. पेरिस से आई इस खबर से पूरा देश अचंभे में है.
क्यूबा की खिलाड़ी को पराजित कर कुश्ती के फाइनल में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय महिला बनने का देश जश्न मना ही रहा है, कि उनके अयोग्य घोषित किए जाने की खबर ने देशवासियों को हैरान-परेशान कर दिया है.
जानकारी के अनुसार, 50 किग्रा कैटेगिरी में खेल रही विनेश का वजन सौ ग्राम ज्यादा पाया गया, जिसकी वजह से उन्हें प्रतिस्पर्धा के अयोग्य करार दिया गया है. इस फैसले पर भारत ने औपचारिक तौर पर कड़ा विरोध जताया है.
Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक में 50 किग्रा श्रेणी सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय रेसलर विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने क्यूबा की युसनेलिस गुज़मैन को हराकर इतिहास रच दिया है। इस जीत के साथ विनेश ने ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई है।
बता दें कि 50 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने क्यूबा की लोपेज गुज़मैन को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। पहले राउंड तक विनेश 1-0 से आगे थीं, और आखिरी तीन मिनट में डबल लेग अटैक कर चार पॉइंट अर्जित किए। इस शानदार जीत ने उन्हें ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बना दिया है।
ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला पहलवान बनी विनेश
विनेश का इस ओलंपिक में प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। रियो ओलंपिक में चोट के कारण हटने और टोक्यो ओलंपिक में राउंड ऑफ 16 से बाहर होने के बाद, इस साल विनेश ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। प्री-क्वार्टर फाइनल में विश्व चैंपियन सुसाकी को 3-2 से हराया और क्वार्टर फाइनल में ओकसाना को 7-5 से हराया। अब, विनेश ने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है और 7 अगस्त को स्वर्ण पदक के लिए उतरेंगी। विनेश से पहले केवल दो पुरुष पहलवान—सुशील कुमार (2012 लंदन ओलंपिक) और रवि दहिया (2020 टोक्यो ओलंपिक)—फाइनल तक पहुंचे थे।
Paris Olympics 2024 के 11वें दिन यानी मंगलवार (6 अगस्त) को भारतीए एथलीट्स ने दमदार प्रदर्शन किया है। भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने क्वालिफिकेशन राउंड में पहला ही थ्रो 89.34 मीटर की दूरी पर फेंका। इसी के साथ उन्होंने फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। वहीं भारत की दिग्गज महिला पहलवान विनेश फोगाट ने क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन की ओक्साना लिवाच को धूल चटाते हुए इवेंट के सेमीफइनल में जगह पक्की कर ली है।
आज सबसे पहले भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने ग्रुप बी के क्वालिफिकेशन में पहले ही प्रयास में 89.34 मीटर का थ्रो किया, जो 84 मीटर के क्वालिफिकेशन मानक से कहीं अधिक था। नीरज ने अपने स्वर्ण पदक की रक्षा के लिए बेहतरीन शुरुआत की है और फाइनल में भी ऐसा ही प्रदर्शन करने की उम्मीद है। पाकिस्तान के प्रतिद्वंद्वी अरशद नदीम ने भी पहले प्रयास में 86.59 मीटर का थ्रो कर फाइनल में जगह बनाई। दोनों एथलीटों ने इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने ग्रुप ए और बी दोनों में शीर्ष स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया।
8 अगस्त को होगा फाइनल मुकाबला
ग्रुप बी के क्वालिफिकेशन राउंड के दौरान पहले ही प्रयास में फाइनल के लिए सीधे क्वालिफाई करने के बाद नीरज और अरशद ने क्वालिफिकेशन में आगे हिस्सा नहीं लेने का निर्णय लिया और वे अन्य प्रयास में भाला फेंकने नहीं आए। पुरुष भाला फेंक इवेंट का फाइनल मुकाबला आठ अगस्त को भारतीय समयानुसार देर रात 11.50 बजे से होगा।
भाला फेंक में दो स्वर्ण जीतने वाले 5वें खिलाड़ी बन सकते है नीरज
नीरज अब फाइनल में ओलंपिक के इतिहास में खिताब बरकरार रखने वाले पांचवां पुरुष भाला फेंक खिलाड़ी बनने के इरादे से उतरेंगे। अगर नीरज जीतते हैं, तो वे व्यक्तिगत वर्ग में दो ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे। अब तक इस उपलब्धि को एरिक लेमिंग (स्वीडन), जोन्नी माइरा (फिनलैंड), जान जेलेंजी (चेक गणराज्य) और आंद्रियास टी (नॉर्वे) ने हासिल किया है।
विनेश ने दमदार अंदाज में जीता मुकाबला
विनेश फोगाट ने ओक्साना लिवाच के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में शानदार प्रदर्शन किया और 7-5 से जीत दर्ज की। मैच की शुरुआत में, विनेश ने पहले राउंड में 2-0 की बढ़त बना ली। दूसरे राउंड की शुरुआत में, उन्होंने अपनी बढ़त को बढ़ाकर 4-0 कर दिया। हालांकि, ओक्साना ने भी मजबूत वापसी की और स्कोर को 5-3 तक सीमित किया।
विनेश को इस समय थकावट का सामना करना पड़ा और उन्होंने अपने कोच से चैलेंज लेने की मांग की। वीडियो रेफरी ने चैलेंज को खारिज कर दिया, जिससे विनेश को एक और अंक गंवाना पड़ा। इस बीच, विनेश को खुद को तरोताजा करने के लिए कुछ सेकेंड मिले। फिर, विनेश ने अपने विरोधी को बाहर धकेलकर दो अंक हासिल किए और बढ़त को 7-4 कर लिया। ओक्साना ने एक अंक और जोड़ा, लेकिन यह विनेश को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं था। अंततः, विनेश ने 7-5 से जीत हासिल की और सेमीफाइनल में जगह बनाई। उनका अगला मुकाबला क्यूबा की गुजमान लोपेज से आज रात 9.45 बजे होगा।
स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया वन डे सीरीज का पहला मैच टाई हो गया। मैच में श्रीलंका ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट पर 230 रन बनाए। वहीं भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 48वें ओवर में 10 विकेट खोकर 230 रन ही बना पाए। 48वें ओवर में श्रीलंका के कप्तान असलंका ने शिवम दुबे और अर्शदीप सिंह को लगातार गेंदों पर आउट करके मैच टाई करवाया। कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मैच में रोहित शर्मा और शिवम दुबे ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया।
भारत ने 231 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए धमाकेदार शुरुआत की। रोहित ने 33 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल 35 गेंद में 16 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान रोहित शर्मा ने 47 गेंद में 58 रन बनाए। इन दोनों बल्लेबाजों को वेल्लालगे ने आउट किया। वॉशिंगटन सुंदर पांच रन ही बना सके। विराट कोहली और श्रेयस अय्यर सेट होने के बाद आउट हुए। कोहली ने 32 गेंद में 24 और श्रेयस ने 23 गेंद में 23 रन बनाए। केएल राहुल और अक्षर के बीच 57 रन की साझेदारी हुई। राहुल 31 और अक्षर 33 रन बनाकर आउट हुए। कुलदीप यादव दो रन बनाकर आउट हुए।
इसके बाद शिवम दुबे ने कुछ बड़े शॉट खेले लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। भारत को आखिरी 18 गेंद में सिर्फ पांच रन चाहिए थे लेकिन असलंका ने लगातार गेंदों पर शिवम और अर्शदीप को आउट करके मैच टाई करवाया। शिवम दुबे 24 गेंद में 25 रन बनाकर आउट हुए। ये दूसरे मौका है, जब भारत और श्रीलंका के बीच मैच टाई हुआ हो।
वहीं श्रीलंका ने भारत के खिलाफ पहले वनडे में बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में आठ विकेट खोकर 230 रन बनाए। श्रीलंका की ओर से दुनिथ वेल्लालगे और निसांका ने अर्धशतकीय पारी खेली। भारत की ओर से गिल को छोड़कर सभी गेंदबाजों ने विकेट चटकाए। श्रीलंका की टीम एक समय 105 के स्कोर पर ही 5 विकेट गंवा चुकी थी लेकिन वेल्लालगे और निसांका की मदद से टीम ने वापसी की और 200 के पार पहुंची। श्रीलंका ने टॉस जीतकर भारत के खिलाफ पहले बैटिंग का फैसला लिया। श्रीलंका के लिए हालांकि यह फैसला कुछ खास साबित नहीं हुआ और तीसरे ओवर में ही श्रीलंका को पहला झटका लगा।
मोहम्मद सिराज ने अपने दूसरे ही ओवर में भारत को पहली सफलता दिलाई। निसांका और मेंडिस के बीच दूसरे विकेट के लिए 39 रन की साझेदारी हुई है। कुसल मेंडिस 31 गेंद में 14 रन बनाकर आउट हुए। शिवम ने उन्हें आउट किया। सदीरा समरविक्रमा 18 गेंद में 8 रन ही बना सके। कप्तान चरिथ असलंका 21 गेंद में 14 रन ही बना सके। पथुम निसांका 75 गेंद में 56 रन बनाकर पवेलियन लौटे। जनिथ लियानगे (20) को अक्षर ने आउट किया। हसरंगा ने 35 गेंद में 24 रन का योगदान दिया। दुनिथ वेल्लालगे ने 65 गेंद में नाबाद 67 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने 7 चौके और दो छक्के लगाए। भारत ने इससे पहले तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में क्लीनस्वीप किया था।
पेरिस। पेरिस ओलिंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 3-2 से हरा दिया है। ओलिंपिक हॉकी के इतिहास में भारत ने 52 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को हराया है। भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया पर आखिरी जीत 1972 में मिली थी।
टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत ने 2 गोल किए। एक गोल अभिषेक ने किया। सभी ग्रुप मैच पूरे होने के बाद यह तय हो जाएगा कि इंडिया क्वार्टर फाइनल में किस टीम से भिड़ेगी।
दूसरी ओर, स्टार शूटर मनु भाकर ने लगातार तीसरे इवेंट के फाइनल में जगह बना ली है। तीरंदाज अंकिता भकत और धीरज की भारतीय टीम मिक्स्ड कैटेगरी का ब्रॉन्ज मेडल मैच हार गई है। भारतीय जोड़ी को अमेरिका ने 6-2 से हराया।
नई दिल्ली। शूटर मनु भाकर ने पेरिस ओलिंपिक में इतिहास रच दिया है। वे एक ही ओलिंपिक गेम्स में दो मेडल जीतने पहली भारतीय बनी हैं। मनु और सरबजोत की भारतीय जोड़ी ने 10 मीटर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट के ब्रॉन्ज मेडल मैच में कोरिया को 16-10 से हराया।
मनिका बत्रा ने सोमवार देर रात खेले गए राउंड ऑफ 32 मुकाबले में फ्रांस की पृथिका पावाडे को हराकर पेरिस ओलिंपिक टेबल टेनिस विमेंस सिंगल्स के प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। मनिका ओलिंपिक के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी बन गई हैं। दुनिया की 28वीं रैंकिंग वाली मनिका ने फ्रांस की राजधानी के साउथ पेरिस एरिना 4 में दुनिया की 18वें नंबर की खिलाड़ी पावाडे को 4-0 (11-9, 11-6, 11-9, 11-7) से हराया।
Paris Olympic 2024: भारतीय टीम के ग्रुप में न्यूजीलैंड और अर्जेंटीना के अलावा ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम और आयरलैंड है. भारत 2 मैचों के बाद अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है. ग्रुप से चार टीमें क्वार्टर फाइनल में जाएंगी.
भारत और अर्जेंटीना के बीच पेरिस ओलंपिक में पूल बी का हॉकी मैच 1-1 की बराबरी पर छूटा. इस मैच में एक वक्त पर लग रहा था कि अर्जेंटीना यह मैच जीत जाएगी लेकिन, भारतीय टीम ने बिल्कुल आखिरी वक्त में मैच का रूख बदल दिया.
दरअसल, टीम इंडिया तकरीबन 58 मिनट तक 1-0 से पीछे चल रही थी. लेकिन इसके बाद आखिरी मिनटों में भारतीय खिलाड़ियों ने गजब का जज्बा दिखाया. टीम इंडिया के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 2 मिनट रहते हुए गोल कर टीम को हार से बचाया. इससे पहले भी उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले मैच में 2 मिनट रहते हुए गोल कर टीम को जीत दिलाई थी.
अर्जेंटीना के खिलाड़ी लुकस मार्टिनेज ने 22वें मिनट में गोल किया.
अर्जेंटीना के खिलाड़ी लुकस मार्टिनेज ने इस मैच के 22वें मिनट में गोल कर अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई. इसके बाद भारतीय खिलाड़ी गोल करने के लिए जूझते रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली. भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर भी जरूर मिला, लेकिन गोल करने में नाकाम रहे, हालांकि, इसके बाद भारत को आखिरी समय में मिले पेनाल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल दाग टीम को बराबरी दिलाई. दरअसल, अगर हरमनप्रीत सिंह गोल करने में नाकाम रहते तो संभवतः टीम इंडिया को हार का मुंह देखना पड़ता. लेकिन इस गोल ने भारत की हार को टाल दिया.
मंगलवार को आयरलैंड से होगा भारत का सामना
इससे पहले भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराया था. वहीं, अब भारत-अर्जेंटीना मैच बराबरी पर छूटा. अब तक इस तरह भारत टूर्नामेंट में अजेय है. मंगलवार को भारत और आयरलैंड का सामना-सामना होगा. बहरहाल, यह देखना मजेदार होगा कि भारतीय टीम का प्रदर्शन आयरलैंड के खिलाफ कैसा रहता है?
Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत का मेडल खाता खुल गया है. स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. मनु निशानेबाजी में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं.
बता दे कि मनु ने पिछले यानी टोक्यो ओलंपिक 2020 में डेब्यू किया था, लेकिन 10 मीटर एयर पिस्टल क्वालिफिकेशन राउंड के दौरान उनकी पिस्टल खराब हो गई थी. इस कारण वो पिछली बार मेडल नहीं जीत सकी थीं. इसके अलावा मिक्स्ड टीम 10 मीटर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में भी वह पदक हासिल करने से चूक गई थी.
जानिए ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद मनु ने क्या कहा ?
10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद मनु ने कहा कि पूरी टीम ने वाकई कड़ी मेहनत की है. व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए, यह वास्तव में अविश्वसनीय है. मुझे लगता है कि मैंने अच्छा काम किया. मैंने बहुत प्रयास किया, और आखिरी शॉट में भी मैं अपनी पूरी ऊर्जा के साथ लड़ रही थी, और यह कांस्य था, लेकिन मैं वास्तव में आभारी हूं कि मैं भारत के लिए कांस्य जीत सकी, शायद अगली बार इससे बेहतर कर पाऊं.
मुकाबले के अंतिम कुछ क्षणों और अंतिम कुछ शॉट्स के बारे में दिमाग में क्या चल रहा था, उसकी चर्चा करते हुए मनु ने कहा कि ईमानदारी से मैंने बहुत सारी गीता पढ़ा है, इसलिए मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि बस वही करो जो तुम्हें करना है. बस वही करो जो तुम्हें करना है, और जो भी नियति है उसे छोड़ दो, तुम उसके परिणाम को नियंत्रित नहीं कर सकते. इसलिए गीता में, कृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि तुम जानते हो, तुम अपने कर्म पर ध्यान केंद्रित करो न कि कर्म के परिणाम पर. तो मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था. ऐसा था ठीक है, बस अपना काम करो. बस अपना काम करो और सब कुछ जाने दो.
टोक्यो से पेरिस तक के सफर की चर्चा करते हुए मनु ने कहा कि टोक्यो के बाद मैं बहुत निराश थी और मेरे लिए जो घटनाएँ हुईं, वे बहुत अच्छी नहीं थीं. मुझे इससे उबरने में बहुत समय लगा. हालाँकि, मैं और मज़बूत होकर वापस आई. इसलिए जो अभी है, वही मायने रखता है. चलो, जो बीत गया, उसे बीत ही रहने दो.
क्वालिफिकेशन के बाद दिमाग में क्या चल रहा था, और आज के बड़े दिन के लिए कैसे तैयार किया. इस पर जवाब देते हुए मनु ने कहा कि जैसे ही क्वालिफिकेशन राउंड खत्म होने के बाद मैं वास्तव में फ़ाइनल का इंतज़ार कर रही था. मैंने वाकई बहुत मेहनत की है और मुझे नहीं पता कि कल मेरा क्या होगा, कल कितना मुश्किल होगा, क्योंकि मैं सभी लोगों को जानता हूँ, सभी, जैसे, आप जानते हैं, भारत से लोग यहाँ हैं, यहाँ बहुत सारे लोग हैं. और मैं बहुत खुश हूँ कि इतने सारे लोग मेरा उत्साहवर्धन करने आए, भारत का उत्साहवर्धन करने आए, और यह पदक हम सभी के लिए है, सिर्फ़ मेरे लिए नहीं. यह हमेशा एक टीमवर्क होता है, और मैं वास्तव में आभारी हूँ कि मैं भारत के लिए यह पदक जीतने का माध्यम था.
इन इवेंट्स में भी हिस्सा ले रही है मनु
पेरिस 2024 ओलंपिक शूटिंग प्रतियोगिता में 22 वर्षीय मनु भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम और महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धाओं में हिस्सा ले रही हैं. वह 21 सदस्यीय भारतीय शूटिंग टीम की अकेली एथलीट हैं जो इतनी सारी व्यक्तिगत स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं.
IND vs SL: क्रिकेट के मैदान पर अक्सर अजीबो-गरीब चीजें देखने को मिलती हैं. भारत और श्रीलंका के बीच हुए पहले टी20 में ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि कोई गेंदबाज एक ही ओवर में दोनों हाथ से बॉलिंग करे. भारत और श्रीलंका के बीच हुए पहले टी20 में टीम इंडिया ने 43 रनों से बड़ी जीत दर्ज की. श्रीलंका के घर में उसे हराने के लिए पहले बल्लेबाजों ने जलवा दिखाया फिर गेंदबाजों ने दम लगाया. पल्लेकेल में हुए इस मैच में टीम इंडिया की जीत से ज्यादा चर्चे उस गेंदबाज के हैं, जिसने 1 ही ओवर में दोनों हाथ से बॉलिंग करके सभी को चौंका दिया. सोशल मीडिया पर इस गेंदबाज के फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं.
दरअसल, मुकाबले में जब टीम इंडिया बैटिंग कर रही थी तो श्रीलंका के कप्तान चरिथ असालंका ने लेफ्ट ऑर्म स्पिनर कामिंदु मेंडिस को 10वें ओवर में गेंदबाजी के बुलाया था. उस वक्त भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और ऋषभ पंत क्रीज पर थे. कामिंदु ने सूर्या को पहली गेंद डाली जिस पर चौका गया. दो गेंदों के बाद पंत क्रीज पर आ गए. गेंदबाज ने देखा कि बाएं हाथ का बैटर क्रीज पर है तो मेंडिस ने अचानक ही अपना बॉलिंग हैंड बदला और वो लेफ्ट आर्म स्पिनर से ऑफ स्पिनर बन गए. इस देख बल्लेबाज और फैंस सब हैरान रह गए.
कौन हैं कामिंदु मेंडिस?
कामिंदु मेंडिस श्रीलंका के बैटिंग ऑलराउंडर हैं. 25 साल के इस खिलाड़ी ने 2018 में टी20 डेब्यू किया था. तब से लेकर अब तक वो 14 मैच खेल चुके हैं, जिनमें 253 रन बनाए. 7 वनडे में 127 रन, जबकि तीन टेस्ट में 428 रन किए हैं.
मैच का हाल
अगर मैच की बात करें तो पल्लेकेले के मैदान पर हुए इस मैच में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 213 रन किए थे. 214 रन का स्कोर चेज कर रही श्रीलंकाई टीम ने भी दमदार शुरुआत की, लेकिन बाद में विकेट गिरते गए और पूरी टीम 19.2 ओवर में 170 रन पर ऑलआउट हो गई.
श्रीलंका की टीम ने 14 ओवर में एक विकेट पर 140 रन बना लिए थे, लेकिन पथुम निसांका के आउट होते ही टीम बिखर गई. श्रीलंकाई टीम ने आखिरी 8 विकेट 30 रन बनाने में गंवा दिए. श्रीलंका के लिए निसांका ने 48 गेंदों पर 7 चौके और 4 छक्कों के साथ 79 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली.
Paris Olympics Day 1: पहले दिन भारतीय प्लेयर्स ने हॉकी, टेबल टेनिस और बैडमिंटन में अच्छा खेल दिखाया. 26 जुलाई से पेरिस ओलंपिक 2024 का आगाज हुआ है. इस दिन ओपनिंग सेरेमनी के चलते कोई इवेंट नहीं हुए. 27 जुलाई में भारत ने अपने अभियान की शुरुआत की. पहला दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा. इस दिन भारत के 7 प्लेयर गेम्स में उतरे थे, इनमें से कुछ को निराशा हाथ लगी तो कुछ ने मेडल की उम्मीदें कायम रखीं.
शनिवार को भारत के अभियान का आगाज राइफल शूटर्स ने किया था, 10 मीटर राइफल मिक्स्ड इवेंट में रमिता-अर्जुन और एलावेनिल और संदीप की जोड़ियां मेडल इवेंट तक नहीं पहुंच सकीं. सरबजोत और अर्जुन भी मेंस 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके, लेकिन मनु ने इस इवेंट की विमेंस कैटेगरी में मेडल की उम्मीद कायम रखी. वे रविवार को मेडल मैच खेलेंगी. जानिए कैसा रहा पहले दिन भारत का प्रदर्शन…
एयर राइफल मिक्स्ड इवेंट में निराशा
10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड इवेंट में टीम अच्छा नहीं कर सकी और क्वालिफिकेशन राउंड से ही बाहर हो गई.
सरबजोत और अर्जुन बाहर
शूटिंग में सरबजोत और अर्जुन ने भी निराश किया. यह दोनों 10 मीटर मेंस एयर पिस्टल से बाहर हो गए हैं.
लक्ष्य सेन ने जीता पहला मैच
बैडमिंटन प्लेयर लक्ष्य सेन ने मेन्स सिंगल्स में अपना पहला ग्रुप मैच जीत लिया है, उन्होंने अर्जेटीना के केविन कॉर्डन को 21-8, 22-20 से हराया. अब लक्ष्य ग्रुप-L के अपने अगले मैच में बेल्जियम के जूलियन कैराग्गी का सामना करेंगे.
सात्विक-चिराग की जोड़ी का कमाल
बैडमिंटन डबल्स में सात्विक-चिराग ने कमाल किया. इस जोड़ी ने अपना पहला मैच मेजबान फ्रांस के खिलाफ जीता.
हरमीत देसाई ने भी जीत दर्ज की
टेबल टेनिस में 31 साल के हरमीत देसाई राउंड ऑफ 64 में पहुच चुके हैं. उन्होंने जॉर्डन के जैद अबो यमन को 4-0 से हराया.
भारत की हॉकी का जीत के साथ आगाज
भारत की हॉकी टीम ने जीत के साथ आगाज किया. पहले ही मैच में न्यूजीलैंड को 3-2 से शिकस्त दी. इस मैच में मनदीप सिंह, विवेक सागर प्रसाद और हरमनप्रीत सिंह ने गोल किए.
मनु भाकर ने पक्का किया मेडल
20 साल बाद कोई भारतीय महिला शूटर ओलंपिक के व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में पहुंची है. मनु भाकर 10 मीटर विमेंस एयर पिस्टल इवेंट के फाइनल में पहुंच गई हैं. उन्होंने क्वालिफिकेशन इवेंट में 600 में से 580 पॉइंट्स हासिल किए और 45 शूटर्स में तीसरे स्थान पर रहीं. इससे पहले सुमा शिरूर एथेंस ओलंपिक 2004 में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में पहुंची थीं.