प्रदेश / छत्तीसगढ़
अपराध और नशामुक्त कर छत्तीसगढ़ को विकसित एवं समृद्ध बनाने में योगदान दें: मंत्री टंकराम वर्मा
रायपुर। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने नारायणपुर जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की समीक्षा की। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना से कोई भी महिला हितग्राही वंचित न रहे। यह योजना सतत् प्रक्रियाधीन है। किसी कन्या की विवाह होने पर उनके आवेदन को प्राथमिकता से लेते हुए ऑनलाईन पंजीयन कराएं। इसी तरह अप्रारंभ प्रधानमंत्री आवास को शीघ्र प्रारंभ कराएं ताकि लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग कर सड़क पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सिंचाई, विद्युत, लोक निर्माण विभाग और जनपद पंचायत विभाग के कार्यों का समीक्षा कर हितग्राही मूलक कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने कहा। राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के मंशानुसार अबूझमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन के अनुरूप हितग्रहियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, नलजल, प्रधानमंत्री आवास मिल सके। जिससे क्षेत्र के विकास में सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र के लोगों के हाथों में बंदूक नहीं बल्कि कलम होना चाहिए, जिससे उनका भविष्य संवरेगा और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें। राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि त्रुटि सुधार और सीमांकन के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। नियद नेल्लानार के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के दुर्गम क्षेत्र मोहंदी, इरकभट्टी, मसपुर और कस्तूरमेटा में कार्य प्राथमिकता से किया जाए।
बैठक में कलेक्टर बिपिन मांझी, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, डीएफओ सच्चिकानंदन के., अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सक्ती जिले में ली समीक्षा बैठक
रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री और जिले की प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय सभाकक्ष में जिले के विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जिले में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन करते हुए आमजन को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित कराने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सक्ती जिले के सभी विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक के साथ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए प्रशासनिक कार्यों में कसावट लाने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा बैठक में सांसद कमलेश जांगड़े, जिला पंचायत सदस्य विद्या सिदार, जिला पंचायत सदस्य टिकेश्वर गबेल, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी प्रमुख योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने महतारी वंदन योजना अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा महिलाओं का फॉर्म भरवाकर उन्हें लाभान्वित कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के योजनाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंद को मिले।
मंत्री श्री राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के ईई से जल जीवन मिशन के कार्यों की जानकारी लेते हुए फील्ड में जाकर जल जीवन मिशन के कार्यों का निरीक्षण करते हुए निर्धारित ग्राम पंचायतों में गुणवत्तापूर्ण ढंग से नल-जल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत ऐसे कार्य जिनका प्रथम किस्त स्वीकृत हो चुके हैं उनका निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। मंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा जैसे कार्यों के लिए आमजन को भटकना न पड़े इसका ध्यान रखते हुए सुव्यस्थित और तेजी से कार्य कराए जाने के निर्देश दिए गए।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शर्मा ने बिलासपुर संभाग के पुलिस अधीक्षकों की ली बैठक
गृहमंत्री श्री शर्मा ने सभी पुलिस अधीक्षकों से कहा कि हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि सभी जिलों में कानून व्यवस्था बेहतर होने के साथ आम नागरिकों के बीच पुलिस का व्यवहार ठीक हो और अवैध शराब, नशीली वस्तुओं, सट्टा, जुआ, तस्करी के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को जिले व सरकार की पहचान बताते हुए कहा कि कुछ बेहतर करने की सोच लेकर आप पुलिस सेवा में आए है। आपने बड़ी जिम्मेदारी ली है, इसलिए आपको जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। आप ऐसा कार्य करें कि आपको ज्यादा न बोलना पड़े, आपका काम बोलें। पुलिस की कार्यवाही दिखे। आम जनता में संतुष्टि दिख। गृहमंत्री ने सभी एसपी को कार्यालय में समय पर बैठकर आम जनता और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में गृहमंत्री श्री शर्मा ने पुलिस अधीक्षकों को और मेहनत करने तथा सफलता के लिए शॉर्टकट नहीं अपनाने कहा। उन्होंने सभी को ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए अवैध शराब, सट्टा, जुआ सहित अन्य अपराधों के रोकथाम में कसावट लाने के निर्देश दिए। कोरबा और रायगढ़ में डीजल चोरी और कबाड़ चोरी को नियंत्रित करने के सख्त निर्देश सम्बंधित पुलिस अधीक्षकों को दिए। गृहमंत्री ने कबाड़ चोरी की घटनाओं पर अंकुश लाने के लिए कबाड़ियों के चिन्हित कर उन्हें लाइसेंस बनवाने के लिए निर्देशित करने, ड्रग्स अन्तर्गत गांजा, हेरोइन, डोडा अन्य नशीले पदार्थ को जब्त करने के साथ ही इसे सप्लाई करने वाले लोगों तक पहुंचने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनडीपीएस अन्तर्गत प्रकरणों में समय सीमा के भीतर कार्यवाही करने तथा 31 अगस्त 2024 तक विवेचना पूर्ण हो चुके प्रकरणों के अन्तर्गत उपलब्ध ड्रग्स का विनिष्टिकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में गृहमंत्री ने गौ-तस्करी के प्रकरणों में शासन द्वारा पारी एसओपी के तहत पशु क्रूरता अधिनियम तथा जब्त वाहन को राजसात करने की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने एनडीपीएस अन्तर्गत, तस्करी के तहत अपराध कर संपत्ति अर्जित करने वालों की सम्पत्ति कुर्क करने की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए।
गृहमंत्री ने जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, प्रमुख मार्गों तथा चिन्हित स्थानों पर कैमरा लगाकर जिला स्तर पर कंट्रोल रूम के माध्यम से मॉनीटरिंग करने, नशा मुक्ति सहित अन्य जागरूकता कार्यक्रम से स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों, एनसीसी, स्कॉउट गाइड को जोड़ने के संबंध में भी निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस थाना अन्तर्गत बीर इंचार्ज का नाम मोबाइल नंबर ग्राम-पंचायत भवन सहित महत्वपूर्ण स्थानों में दीवार लेखन कराने, थानों में नई पंजी बनाने, मुसाफिरों तथा बाहर से आकर रहने वालों की सम्पूर्ण जानकारी रखते हुए उनके गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए। मंत्री श्री शर्मा ने आने वाले समय में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को रोकने की दिशा में कदम उठाने हेतु विषय विशेषज्ञों की उपस्थिति में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में गृहमंत्री श्री शर्मा ने वरिष्ठ आरक्षक से विवेचना, बाण्ड ओवर पर कार्यवाही, दो आर्म्स के स्थान पर एक आर्म्स रखने, फोरेंसिक ऑडिट के लिए कोर्स कराने, दुर्घटनाजन्य स्पॉट को चिन्हित करने, दुकान संचालन की अनुमति के दौरान कैमरा लगाने, तथा विवेचना तथा चालान के पश्चात ड्रग्स का डिस्पोजल करने के संबंध में दिखा निर्देश दिए।
पुलिसकर्मियों के परिजनों से मिले
गृहमंत्री श्री शर्मा ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि कार्यालय में बैठने के साथ ही आमनागरिकों, जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करें। इसके साथ ही उन्होंनं निर्देशित किया कि वे जवानों के परिजनों से मिलकर उनकी समस्याओं को जाने और निराकरण करें। गृहमंत्री ने जवानों के लिए रिफ्रेशर कोर्स कराने, समय-समय पर फिजिकल टेस्ट लेते रहें ताकि जवानों को नैतिक बल, बेहतर सेहत और उन्हें कानून की जानकारी प्राप्त हो। उन्होंने बेहतर विवेचना के संदर्भ में रेंज स्तर पर चरणबद्ध प्रक्रिया से प्रशिक्षण आयोजित करने राज्य, स्तर पर टीआई, डीएसपी, एडीशनल एसपी का प्रशिक्षण, एसपी आईजी स्तर पर हाईकोर्ट के न्यायाधीशों तथा अधिवक्ताओं की उपस्थिति में कार्यशाला का आयोजन करने तथा अभियोजन संबंधी प्रकरणों के संबंध में जानकारी के लिए दो माह में एक बार आईजी, अभियोजन अधिकारी की उपस्थिति में एसपी कार्यालय में बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में आईजी श्री संजीव शुक्ला ने रेंज अंतर्गत एजेण्डा वार जानकारी प्रस्तुत किये। बिलासपुर, कोरबा, सक्ती, जीपीएम, जांजगीर-चाम्पा, सारंगढ़ बिलाईगढ़, मुंगेली के पुलिस अधीक्षकों ने अपने जिले में किये गये विशेष कार्यों की प्रस्तुति दी।
आम जनता से व्यवहार ठीक हो- डीजीपी अशोक जुनेजा
पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी एसपी आम जनता और जनप्रतिनिधियों से मिलें। वे कार्यालय में अपनी उपस्थिति का समय निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि एसपी को एफआईआर एवं उस पर की गई कार्यवाही की अपडेट जानकारी रहनी चाहिए। सभी थानों की जानकारी रखने के साथ बेसिक पुलिसिंग पर ध्यान देते हुए अपराध पर अंकुश रखें। उन्होंने सीन ऑफ क्राईम के संबंध में दिए गये निर्देशों का पालन करने और समीक्षा करने, विभागीय जांच समय पर करते हुए पुलिस को अनुशासन में रहने, कानून व्यवस्था बनाये रखने, जुआ, सट्टा, शराब सहित नशीली वस्तुओं पर कार्रवाई करने , लॉक अप में बंद अपराधियों की जानकारी लेने, ठगी सहित चिटफंड में वसूली कर पीड़ितों को सम्पति वापस करने, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के प्रकरणों में पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए समन्वय बनाकर कार्यवाही करने, आने वाले त्योहारी सीजन में कानून व्यवस्था बनाये रखते हुए अपराधियों पर नजर रखने, एफआईआर, रोजनामचा का अध्ययन करने तथा माननीय न्यायालयों के दिशा-निर्देशों का पालन
सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समय के साथ बदलाव आवश्यक: मनोज पिंगुआ
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ गृह विभाग ने कहा कि पुलिस अधीक्षकों को पुराने प्रकरणों पर ध्यान देकर लंबित मामलों का निराकरण सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय के साथ बदलाव जरूरी है। साईबर अपराध, नारकोटिक्स से संबंधित प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई की बात कहते हुए कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के प्रति अपराध की रोकथाम पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कबाड़ व्यवसाय के माध्यम से सार्वजनिक सम्पत्ति का नुकसान न हो, इसके लिए कबाड़ चोरों पर कार्रवाई के निर्दश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से संबंधित जानकारी समय पर प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।



मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम सहित अन्य कार्यों के संबंध में दिए गए निर्देश
रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े दो दिवसीय सक्ती जिले के प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में चल रहे राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की। उन्होंने अन्य संबंधित विभागों से समन्वय करते हुए विविध कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए। श्रीमती राजवाड़े ने विशेष रूप से एनीमिया जांच, वजन त्यौहार एवं पोषण के संबंध में किशोरी, बालिकाओं एवं स्कूली छात्राओं के लिए कार्यशाला आयोजित करने के संबंध में महिला एवं बाल विकास अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सभी गतिविधियों का प्रतिदिन डैशबोर्ड में एंट्री कराना सुनिश्चित कराएं।
शिक्षक की भूमिका कुम्हार की तरह है जो गीली मिट्टी को घड़े का आकार देता है- विधायक किरणदेव
रायपुर। भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनन के जन्म दिवस के अवसर पर बस्तर जिले के सहयोग से शिक्षा विभाग द्वारा स्थानीय पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी टाऊन हाल में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह विधायक जगदलपुर किरणदेव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। समारोह में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 24 शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल-श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि प्रदान कर नवाजा गया। वहीं जिले में इस वर्ष सेवानिवृत्त हुए शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक किरणदेव सहित महापौर सफीरा साहू तथा अन्य जनप्रतिनिधि और कलेक्टर विजय दयाराम के., सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।
इस मौके पर मुख्य अतिथि विधायक किरणदेव ने शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक की भूमिका कुम्हार की तरह है जो गीली मिट्टी को घड़े का आकार देता है। इसीलिए गुरुजनों का सम्मान सदैव ही यथावत रहेगा। अपनी इस महत्ती योगदान शिक्षा के दीप को जीवन पर्यन्त प्रज्वलित कर दुनिया में प्रकाशवान बने रहें। उन्होंने बच्चों और देश के भविष्य निर्माण में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी लगन और निष्ठा से करने का आग्रह किया।
शिक्षक सम्मान समारोह में महापौर सफीरा साहू ने कहा कि आज का दिन शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए सम्मान का दिन है, यदि विद्यार्थी अपने जीवन में उपलब्धि हासिल करता है तो उसका श्रेय शिक्षकों को जाता है और वे गर्व महसूस करते हैं। इस दौरान भारत स्काउट एवं गाईड के जिला मुख्य आयुक्त संजय पाण्डे तथा वरिष्ठ पार्षद योगेन्द्र पाण्डे ने शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए देश, समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका और उनके नैतिक दायित्वों पर प्रकाश डाला। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प को पूरा करने में शिक्षकों से अनवरत समर्पित रहने की अपेक्षा की। आरंभ में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शिक्षा के उजियारा फैलाने की दिशा में सेवानिवृति के बाद भी सेवा देने का आग्रह सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं से किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने अनुभव साझा किया। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।


महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह 2024 का हुआ आयोजन
रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री और सक्ती जिले की प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य और सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े की अध्यक्षता में आज सक्ती जिले के हटरी धर्मशाला में जिला स्तरीय मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह 2024 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले में सेवानिवृत्त शिक्षकों, शत-प्रतिशत वार्षिक परीक्षा परिणाम दिलाने वाले प्राचार्यों तथा जिले में शिक्षा प्रदान करने वाले विभिन्न शिक्षकों को बेहतर कार्य करने के लिए शिक्षादूत पुरुस्कार और ज्ञानदीप पुरुस्कार से मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद कमलेश जांगड़े सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा शाल, श्रीफल और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सभी को शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बच्चों को जीवन में आगे बढ़ाने और सही राह दिखाने में शिक्षकों का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही वे मार्गदर्शक होते हैं, जो हमें सही दिशा दिखाते हैं और हमारे ज्ञान को बढ़ाने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि जो शिक्षक छात्र-छात्राओं को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने का काम करते है। ऐसे शिक्षकों सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा, अच्छा ज्ञान देंगे तो एक अच्छे समाज का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यार्थी किसी अच्छे मुकाम पर अपने शिक्षक के बदौलत ही पहुँच पाते हैं। इसलिए शिक्षकों का जीवन में महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसी क्रम में सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु के बिना ज्ञान नहीं मिलता। एक शिक्षक के पढ़ाने के बाद ही कोई विद्यार्थी ही कलेक्टर, एसपी, मंत्री, सांसद, जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी, बिजनेसमैन सहित अन्य मुकाम पर पहुँचता है। उन्होंने सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य विद्या सिदार, जिला पंचायत सदस्य टिकेश्वर गबेल, जिला शिक्षा अधिकारी एन के चंद्रा, जिला सांख्यिकी अधिकारी राकेश अग्रवाल सहित कृष्ण कांत चंद्रा, रामनरेश यादव, अभिषेक शर्मा सहित विभिन्न जनप्रतिधि, अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य नागरिक, विभिन्न शिक्षक-शिक्षिकाएं, सेवानिवृत्त शिक्षक, मीडिया प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।



उच्च न्यायालय तथा राज्य के सभी जिला न्यायालयों के लिए आनलाईन आर.टी.आई वेब पोर्टल का शुभारंभ
रायपुर। पारदर्शिता व नागरिकों तथा वादकारियों को सुविधा प्रदान करने व सशक्त बनाने की दिशा में एक नए अध्याय की शुरूवात करते हुए छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने आज गुरूवार 05 सितम्बर 2024 को उच्च न्यायालय तथा राज्य के समस्त जिला न्यायालयों के लिए ‘आनलाईन आर.टी.आई वेब पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से सूचना के अधिकार के तहत् आवेदनों को प्रस्तुत किया जा सकता है और उन्हें रियल टाईम ट्रैक किया जा सकता है और इसके माध्यम से सूचना के अधिकार के तहत् लगने वाले शुल्क का भुगतान भी किया जा सकता है। इस आर.टी.आई. वेबपोर्टल के माध्यम से दुनिया के किसी भी स्थान से सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जा सकेगा ।
इस वेब पोर्टल के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने व्यवत किया कि यह आनलाईन पोर्टल पारदर्शिता, जवाबदेही व नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्य न्यायाधिपति ने यह भी व्यवत किया कि इस वेबपोर्टल का उद्देश्य है कि नागरिकों को सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी व सुलभ बनाना है। यह वेबपोर्टल एक केन्द्रीय प्लेटफार्म की तरह कार्य करेगा जहां नागरिक सूचना के अधिकार के तहत् आवेदन को प्रस्तुत कर सकेंगे और उसके प्रगति को ट्रैक कर सकेंगे और सूचना प्रदान करने वाले अधिकारी की प्रतिक्रियाओं को तत्काल जान सकेंगे और यदि असंतुष्ट हैं तो अपील कर सकेंगे।
मुख्य न्यायाधिपति ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह वेब पोर्टल नागरिकों को सूचना प्रदाता अधिकारियों से सूचना प्राप्त करने के संबंध में आमूलचूल परिवर्तन लाने वाला होगा और यह नागरिकों को सूचना प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाएगा और लोक प्राधिकारियों को और अधिक जवाबदेह बनाते हुए एक पारदर्शी व उत्तरदायी प्रशासन को सुनिश्चित करेगा।
मुख्य न्यायाधिपति द्वारा न्यायालयीन कर्मचारियों को उचित कार्य वातावरण प्रदान करने तथा उन्हें सुविधाएं प्रदान करने व उनके कल्याण के लिए किए जाने वाले कार्यों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक कड़ी जोड़ते हुए एक साथ 300 से अधिक न्यायिक कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया जिसमें जिला न्यायालयों में पदस्थ 11 डिप्टी क्लर्क आफ कोर्ट को प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया गया और 2008 से बहुप्रतीक्षित स्टेनोग्राफरों की पदोन्नती हुई जिसमें 168 स्टेनोग्राफर को स्टेनोग्राफर वर्ग-1, 98 स्टेनोग्राफर को स्टेनोग्राफर वर्ग-2 तथा 23 स्टेनो टायपिस्ट को स्टेनोग्राफर के रूप में पदोन्नत किया गया। बहुप्रतीक्षित कर्मचारियों की पदोन्नति किए जाने को मुख्य न्यायाधिपति द्वारा संवेदनशीलता के साथ लिया गया और एक साथ इतने कर्मचारियों को उनके जायज हक को प्रदान किया गया जिससे सभी कर्मचारियों में हर्ष व्याप्त है। यह पदोन्नति निश्चित तौर पर कर्मचारियों के मनोबल को बढाने वाला है और यह उन्हें पूरे मनोयोग से अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित वाला साबित होगा साथ-ही-साथ एक उचित कार्य वातावरण निर्मित होगा।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े एवं सांसद श्रीमती जांगड़े ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’’ के तहत किया पौधरोपण
रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और जांजगीर सांसद कमलेश जागड़े ने सक्ती जिले के कलेक्टोरेट कार्यालय परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’’ के तहत बादाम का पौधा भी लगाया। उन्होंने जिले में संचालित स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत साफ-सफाई किया और स्वच्छता का भी संदेश दिया।


छत्तीसगढ़ में BJP के सदस्यता अभियान को मिल रहा जबरदस्त रिस्पांस, महज दो दिनों में 3 लाख लोगों ने ली पार्टी की सदस्यता
भाजपा सदस्यता अभियान की अब तक की प्रगति की समीक्षा बैठक लेने राजधानी पहुँची सुश्री राहटकर ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सदस्यता नवीनीकरण का अभियान पूरे देश में शुरू हो चुका है। 2014 व 2019 के सदस्यता अभियान की चर्चा करते हुए सुश्री राहटकर ने कहा कि कार्यकर्ताओं व जनता जनार्दन के सतत सम्पर्क के कारण छत्तीसगढ़ में इस अभियान को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फोन नं. 8800002024 पर मिस्ड कॉल करके, क्यूआर कोड स्कैन करके, नमो एप और भाजपा की वेबसाइट पर जाकर भाजपा की सदस्यता ली जा सकती है।
सुश्री राहटकर ने कहा कि राष्ट्रनिर्माण की भावना और 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने देश के हर नागरिक को जोड़ना इस अभियान का उद्देश्य है। इसी के साथ भाजपा की विचारधारा और भाजपानीत सरकारों की जनकल्याणकारी उपलब्धियों की चर्चा करके हम सबको पार्टी के साथ जोड़ेंगे। सुश्री राहटकर ने कहा कि भाजपा का सदस्य या हितैषी हमारे लिए सिर्फ एक अंक नहीं है, अपितु वह हमारी विचारधारा का वाहक और कार्य संस्कृति का पोषक भी है।
भाजपा सदस्यता अभियान की प्रदेश प्रभारी सुश्री राहटकर ने कहा कि पार्टी के इस सदस्यता अभियान में सभी मोर्चा-प्रकोष्ठ, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता सहयोग करेंगे और सदस्यता के लक्ष्य को अर्जित करेंगे। राष्ट्रीय स्तर के बाद प्रदेश, जिला और मंडल इकाइयों में सदस्यता अभियान की शुरुआत के बाद अब कल 6 सितंबर से शक्ति केंद्रों पर अभियान शुरू किया जाएगा। इसी प्रकार 11 सितंबर को संसद सदस्य, 12 सितंबर को विधायक-विधायक प्रत्याशी, 13 सितंबर को नगरीय निकाय के सभी जनप्रतिनिधि और 14 सितंबर को पंचायती संस्थाओं के जनप्रतिनिधि सदस्यता अभियान में जुटेंगे।
सुश्री राहटकर ने कहा कि पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी समाज के पुरस्कार प्राप्त प्रतिष्ठित जनों, समाज प्रमुखों से संपर्क करके उन्हें पार्टी का सदस्य बनाएंगे। इस तरह हर बूथ तक पहुँचकर हम इस अभियान को सफल बनाएंगे। छत्तीसगढ़ में यह अभियान बहुत अच्छे ढंग से शुरू हुआ है और अपने लक्ष्य को पार करने में सफल रहेगा। सुश्री राहटकर ने कहा कि पार्टी का कार्यकर्ता संगठन व सरकार के बीच एक कड़ी का काम करता है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है। मिस्ड कॉल के जरिए सदस्यता लेने वाले कार्यकर्ताओं को भी हम कभी मिस नहीं करेंगे, क्योंकि कार्यकर्ता भाजपा की थाती हैं और पार्टी अपने सभी नए-पुराने कार्यकर्ताओं की पूरी चिंता करती है।
इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सवन्नी, सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक अनुराग सिंहदेव, संभाग प्रभारी रजनीश सिंह, अजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन मार्कण्डेय, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी व प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल भी उपस्थित थे।
गरीबों के राशन पर डाका डालने वालों की खैर नहीं: मंत्री केदार कश्यप
रायपुर। वन मंत्री एवं जिला के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के दिशा-निर्देश पर सुकमा जिले में राशन माफियाओ के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। स्थानीय लोगों से शिकायत मिल रही थी कि चिंतलनार इलाके के ग्रामीणों को केंद्र व राज्य सरकार के द्वारा दी जाने वाली फ्री राशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। राशन माफिया गरीबों के हक का चावल डकार रहे हैं। शिकायत मिलने के पश्चात प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर सुकमा कलेक्टर ने टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिस पर छापेमारी कार्रवाई की गई और भारी मात्रा में अमानक खाद्यान्न जब्त किए गए।
प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन वाली सरकार है जो गरीब कल्याण के कृत संकल्पित सरकार है। उन्होंने कहा कि गरीबों के पेट का निवाला छिनने वाले, गरीबों का राशन लूटने वाले लुटेरों को बक्शा नही जायेगा। सभी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जायेगी। इस मामले में संलिप्त दो सेल्स मैन विजय हेमला और भीमसेन वेट्टी को पुलिस ने गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया हैं वहीं अन्य फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए कलेक्टर और एसपी को निर्देशित किया गया है।
ध्वनि प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त, डीजीपी ने शपथ पत्र में दी कार्रवाई की जानकारी
बिलासपुर। ध्वनि प्रदूषण को लेकर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, इस दौरान कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक ने डीजे और कोलाहल नियंत्रण के संबंध में शपथ पत्र पेश किया है. जिसमें प्रदेश में की गई कार्रवाई और त्योहार के मौके पर ध्वनि प्रदूषण रोकने डीजे संचालकों के साथ ली गई बैठक की जानकारी दी गई. डीजीपी ने अपने शपथ पत्र में ध्वनि प्रदूषण को लेकर की जा रही पूरी कार्रवाई और कार्ययोजना का उल्लेख किया है. कोर्ट ने आगे इस संबंध में क्या कार्रवाई की जा रही है, इसकी जानकारी देने कहा है.
बता दें कि नागरिक संघर्ष समिति रायपुर समेत अन्य लोगों ने आम त्योहारों और शादी समारोहों में तेज आवाज के साथ बजाए जाने वाले डीजे को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी. डीजे के शोर के कारण एक छोटे बच्चे की मौत पर हाईकोर्ट ने संज्ञान में लिया था. इस जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में पहले हुई सुनवाई में कहा था, कि आदेश का पालन नहीं हो रहा है. नियमों और आदेशों का पालन कराया जाय.
स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर CMHO की कड़ी कार्रवाई, चार चिकित्सकों को थमाया नोटिस
बिलासपुर। रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) से नदारद चार डॉक्टरों को CMHO ने नोटिस जारी किया है. जांच के दौरान बीते 31 अगस्त को रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चार डॉक्टर अनुपस्थित थे. जबकि रतनपुर क्षेत्र में इन दिनों मलेरिया, डायरिया का प्रकोप फैला है. बताया जा रहा है कि मामले की शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंच गई है.

रतनपुर क्षेत्र में मलेरिया और डायरिया का प्रकोप है. बड़ी संख्या में पीड़ित इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं. शिकायत पर जांच करने टीम पहुंची तब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चार डॉक्टर अपनी ड्यूटी से नदारत थे. सीएमएचओ ने उन्हें बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉक्टर शीला शाहा, डॉ नेहल झा, नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ एम एल कोराम, एनेस्थीसिया निधि कोराम शामिल हैं. स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर कड़ा एतराज जताया है. लोगों को कहना है कि रतनपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला सही तरह से काम नहीं कर रहा, जिसके चलते यहां लगातार मलेरिया और डायरिया से मौतें हो रही हैं.
शिक्षक दिवस : मुख्यमंत्री साय ने शिक्षकों को दी बधाई, कहा – नक्सलवाद के अंधियारा छंटने से बस्तर में भी शिक्षा का खुल रहा रास्ता…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने शिक्षक दिवस पर राज्यस्तरीय सम्मान से सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएँ दी. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी समाज को रचने में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है. भारत उच्च शिक्षा के मामले में शुरू से ही समृद्ध रहा है. दुनिया को शून्य भी भारत ने ही दिया. आर्यभट्ट जैसे गणितज्ञ भारत ने दिए. प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए नई शिक्षा नीति लागू की है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भले ही इंटरनेट की दुनिया में ज्ञान एक क्लिक में उपलब्ध है, लेकिन अनुभाग और जीवन जीने की शिक्षा सिर्फ़ विद्यालय में ही उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का अंधियारा छंटने से बस्तर में भी शिक्षा का रास्ता खुल रहा है. आने वाला दिन AI और रोबोटिक का है, इसमें हमारे बच्चे पीछे नहीं रहेंगे. आदिवासी क्षेत्र में रोबोटिक और AI की शिक्षा प्रारंभ कर दी है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि नालंदा की तरह 13 स्थानों में हाईटेक लाइब्रेरी की स्थापना की गई है. शासकीय स्कूलों में पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग पर ज़ोर दे रहे हैं. छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में जैसा काम हो रहा है, ऐसे शिक्षकों का सम्मान कर और बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
वनवासी रामप्यारे के सूखे खेतों में आई हरियाली, डबरी से मिली सिंचाई की सुविधा
रायपुर। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के मनेंद्रगढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पिपरिया की भौगोलिक स्थिति वनांचल जैसी है। लेकिन यहां किसानों को सिंचाई के लिए पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है। वंचित वर्ग में आने वाले ऐसे ही एक आदिवासी परिवार के लिए खेती योग्य भूमि होने के बाद भी पानी का संसाधन ना होना एक बड़ी समस्या थी। ऐसे में मनरेगा के तहत बनी एक डबरी में सिंचाई की कमी पूरी कर खुशहाली का माध्यम बन गई। पहले केवल मानसूनी बारिश पर आधारित धान की खेती करने वाले आदिवासी किसान रामप्यारे के खेत में अक्सर सिंचाई के लिए पानी की कमी हो जाती थी। ऐसे में मेहनत करने के बाद भी उन्हें अपनी फसल से कोई लाभ नहीं मिल पाता था। परंतु इस बार सिंचाई की सुविधा पाकर रामप्यारे के परिवार ने समय पर अपने खेतों में रोपाई का कार्य पूरा कर लिया है और उनकी धान की फसल भी लहलहा रही है। इस खुशहाली के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत बनी एक डबरी इस किसान परिवार के लिए वरदान साबित हो रही है।

पहले श्री रामप्यारे की समस्या का निराकरण ग्राम सभा की बैठक में हुआ, जहां उन्होंने अपने खेतों में महात्मा गांधी नरेगा के तहत एक डबरी बनाए जाने का आवेदन प्रस्तुत किया। उनके आवेदन के आधार पर ग्राम सभा ने डबरी बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया और ग्राम पंचायत को एजेंसी बनाया और डबरी का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया। इसमें अकुशल मजदूरी करके इस परिवार को सौ दिवस का रोजगार भी प्राप्त हुआ। डबरी बन जाने के बाद रामप्यारे बताते हैं कि सब्जी लगाकर वह लगभग 20 हजार रुपए की आमदनी ले चुके हैं और इस बार उनके खेतों में समय पर धान की रोपाई का काम पूरा हुआ है। डबरी में पर्याप्त पानी होने के कारण वह इसमें अगले साल से मछली पालन करने की योजना बना रहे हैं। रामप्यारे के अनुसार लगभग तीन एकड़ खेतों में इस बार धान की अच्छी फसल होने से उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा। मनरेगा से बना एक संसाधन इस परिवार के लिए आजीविका की नई राहें बना रहा है। इसके लिए रामप्यारे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कल रात यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने प्रांताध्यक्ष शिशुपाल शोरी के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के रायपुर में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम में आने की सहमति दी।
प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के बी.पी. एस नेताम, भारत सिंह, पूर्व विधायक राजेंद्र कुमार राय, लक्ष्मी ध्रुव और श्यामलाल कंवर, एम आर ठाकुर, देवरतन सिंह, आर बी सिंह, फूल सिंह नेताम, मोहिंदर कंवर, गणेश ध्रुव, कुंदन सिंह ठाकुर, शिव प्रसाद ध्रुव, सनम सिंह, हेमलता परते, उमा शर्मा, अलका परते, उपेंद्र ठाकुर डॉ शंकर उईके सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे।
पहाड़ी कोरवा ममता की जिंदगी में थी उलझनों की मोड़, कलेक्टर ने शिक्षा से दिया नाता जोड़
आठ साल पहले स्कूल खुलने के दिन यानी एक जुलाई को ग्राम आंछीमार की पहाड़ी कोरवा ममता तब कक्षा दसवीं पास करके कक्षा 11वीं में ही पहुंची थीं। तब वह बहुत असमंजस में थी कि 11 वीं में कौन सा विषय लिया जाए, जो विषय ली है, वह ठीक है या नहीं..? उसके समाज में कोई ऐसा परिचित भी उन्हें नहीं मिल रहा था कि वह उससे पूछ सकें…। विषय चयन सहित आगे की पढ़ाई को लेकर एक मोड़ पर उलझी ममता के लिए अचानक से कलेक्टर का घर आना उनके भविष्य के लिए एक नया रास्ता था। कलेक्टर पी दयानंद ने तब उन्हें एक शिक्षक की तरह समझाते हुए बायोलॉजी सब्जेक्ट चयन करने और इससे बनने वाले कैरियर के विषय में बताते हुए एकाग्रता के साथ मन लगाकर पढ़ाई करने तथा पहाड़ी कोरवा समाज की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनने की बात कही। पहाड़ी कोरवा ममता के लिए यहीं एक ऐसा मोड़ था जिससे उनकी उलझने दूर हुई और ममता की जिंदगी बदल गई। कलेक्टर की बातों को गांठ बांधकर पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाया और बायोलॉजी से पहले 11वीं और 12वीं पास करने के बाद बीएससी, डीसीए, एमए की पढ़ाई पूरी की। किसी शिक्षक के रूप में एक कलेक्टर से मिले ज्ञान और अपनी पढ़ाई की बदौलत ममता ने आखिरकार कामयाबी हासिल की। अब वह शिक्षिका बन गई है और प्रभारी प्रधानपाठक का दायित्व सम्हालने के साथ ही ग्रामीण विद्यार्थियों को ज्ञान की किताब पढ़ा रही है।
कोरबा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम आंछीमार की पहाड़ी कोरवा ममता शिक्षिका के रूप में प्राथमिक शाला चीतापाली में पढ़ाती है। उसने बताया कि वह जिस समाज से आती है, उसमें बहुत ही कम लोग 10वीं, बारहवीं तक की पढ़ाई किए हुए हैं। कॉलेज की पढ़ाई करने वाले गिनती के ही लोग है। उसे भी लगता था कि वह बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी कर पायेगी या नहीं। 10वीं कक्षा पास करने के बाद कलेक्टर पी दयानंद के घर आने और उनसे मिली प्रेरणा के विषय में बताती हुई ममता कहती है कि वह दिन सचमुच मेरी जिंदगी में एक नया मोड़ के समान था। कलेक्टर सर का चेहरा, उनकी बातें मुझे पढ़ाई के लिए हमेशा प्रेरित करती रही। ममता ने बताया कि उनके दादा-दादी, माता-पिता की जिंदगी संघर्षों के बीच बीती है। समाज में लड़कियां 5वीं, 8वीं पढ़ लेती थीं, वहीं उनकी उपलब्धि थी और इसके बाद शादी के बंधन में बंध जाती थी। ऐसे में उन्हें भी लगता था कि 10वीं के बाद पता नहीं कब उनका भी रिश्ता तय कर दिया जाए और पढ़ाई वहीं बंद हो जाए। ममता कहती है कि कलेक्टर के घर आकर उनसे मिलने से घर का पूरा माहौल बदला। उनके निर्देश पर हास्टल में जगह मिली। माता-पिता ने उन्हें आगे पढ़ाई पूरी करने में पूरा सहयोग दिया और नौकरी मिलते तक शादी भी नहीं की। समाज के अन्य लोगों को भी यह जानकार खुशी हुई कि कलेक्टर साहब उनके घर आए थे और उन्होंने भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने का काम किया। ममता ने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई करने के बाद वह एनआरएलएम से जुड़ी और सक्रिय महिला सदस्य के रूप में दिल्ली में कार्यक्रम में सम्मिलित भी हुई। उन्होंने बताया कि कलेक्टर के घर आने के बाद वह भी अधिकारी बनना चाहती थी, लेकिन शिक्षिका के रूप में नौकरी लगने के बाद अहसास हुआ कि यह फील्ड उनके लिए बहुत अच्छा है और इस नौकरी की बदौलत अपने समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित कर सकती है।
अपने से अधिक पढ़ाई वाला या बड़ा नौकरी वाला पति नहीं ढूंढी-
ममता बताती है कि अधिक पढ़ाई करने के बाद भले ही कुछ लड़कियों का सपना होता है कि वह उनके जैसा या उनसे अधिक पढ़ाई करने वाला लड़के से शादी करेगी। ममता ने बताया कि वह भी ऐसा कर सकती थी, लेकिन उन्होंने 12वीं पास लड़के से विवाह किया है। पति मुकेश कुमार को हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर अजीत वसंत ने अतिथि शिक्षक के रूप में स्कूल में नौकरी प्रदान की है। ममता कहती है कि हमारी किस्मत बदल रही है। आने वाले समय में हमारा भविष्य बेहतर होगा। हम शासन-प्रशासन से मिले सहयोग से अपना ही भविष्य नहीं संवार रहे है, अपितु आने वाले पीढ़ियों का भी भविष्य संवारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
शिक्षा और शिक्षक के भूमिका को बताया महत्वपूर्ण –
पहाड़ी कोरवा ममता कहती है कि मैं जो कुछ हूं अपनी शिक्षा और स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षा से लेकर कलेक्टर द्वारा शिक्षक के रूप में घर आकर दिए गए प्रेरणा से ही हूं। मैं पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी होती तो आज मेरा भविष्य जंगलों में गुम हो जाता। बकरी चरा रही होती। आर्थिक रूप से भी मजबूत नहीं होती। मेरे आने वाले बच्चों का भविष्य भी गरीबी से गुजरता। अब ऐसा नहीं है। हर महीने वेतन मिलती है और यह राशि मेरी जरूरतों को पूरा करने में मददगार बनती है। ममता ने बताया कि वेतन के पैसे से उन्होंने अपने स्कूल आने के लिए स्कूटी ली है और घर का कुछ सामान, आभूषण ली है तथा बचत भी कर रही है। उन्होंने समाज के बच्चों को स्कूल जाने वाले मन लगाकर पढ़ाई करने तथा शिक्षकों को भी बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने की अपील की।


राजभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह सम्पन्न
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के तीन महान साहित्यकारों के नाम पर 03 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार तथा 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा की।
राजभवन के दरबार हॉल में आज आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में तीन उत्कृष्ट शिक्षकों बिलासपुर जिले की डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के राजर्षि पाण्डेय को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार और दुर्ग जिले की डॉ. सरिता साहू को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रतिभाओं के विकास में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज के प्रमुख नागरिक हैं। राज्यपाल ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति में बड़ा परिवर्तन हो रहा हैै, जिसका परिणाम भी अच्छा होगा।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि आज हर क्षेत्र में क्रांति हो रही है और शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांति हो रही है। शिक्षक इस क्रांति का एक हिस्सा है। शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका बदल गया है, लेकिन इस बदलाव के साथ-साथ शिक्षा के गुणवत्ता पर भी ध्यान देना होगा। बच्चों में नैतिक मुल्यों का विकास करने की जवाबदारी भी शिक्षकों की है।
श्री डेका ने कहा कि माता-पिता एक बच्चे को जन्म देते हैं जबकि शिक्षक उस बच्चे के व्यक्तित्व को गढ़ते हैं और उसे उज्ज्वल भविष्य प्रदान करते हैं। शिक्षा के अलावा, शिक्षक बेहतर इंसान बनने के लिए मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और प्रेरणा देने के लिए हर कदम पर हमारे साथ खड़े रहते हैं। शिक्षक ज्ञान और बुद्धि का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक देश उतना ही अच्छा होता है जितने उसके लोग, उसी प्रकार उसके नागरिक भी उतने ही अच्छे होते हैं जितने उसके शिक्षक। इसलिए बहुत कुछ शिक्षकों पर निर्भर करता है कि बच्चों को अच्छी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें। मैं सभी शिक्षकों को उनके जुनून, समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान के लिए सलाम करता हूं।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि शिक्षण सभी व्यवसायों की जननी है। शिक्षक दिवस हमें भविष्य की पीढ़ियों को और भी अधिक चुनौतियों का सामना करने और हमारे देश को मानव कल्याण के प्रति उच्च संवेदनशीलता के साथ एक उन्नत और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं की याद दिलाता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में शिक्षक दिवस का जितना उत्साह और महत्व है वैसा शायद ही कहीं और देखने को नहीं मिलता। भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जयंती को हम सब शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। श्री साय ने कहा कि भारत देश उत्तम शिक्षा के मामले में हमेशा से समृद्ध रहा है। गणित के क्षेत्र में शून्य भारत ने ही विश्व को दिया, आर्यभट्ट जैसे वैज्ञानिक और भाष्कराचार्य जैसे गणितज्ञ भारत में ही पैदा हुए। नागार्जुन जैसे रसायनज्ञ यहाँ हुए। शिक्षकों ने देश को हमेशा नई दिशा दिखाई है। भले ही आज इंटरनेट की दुनिया में ज्ञान एक क्लिक पर उपलब्ध है लेकिन अनुभव भरा ज्ञान, संस्कारपूर्ण शिक्षा, जीवन जीने की कला, कौशल, उत्तम शैली की सीख केवल विद्यालयों में शिक्षकों के जरिए ही संभव है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी जरूरत को समझा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लेकर आए। इस नीति के माध्यम से हमारी शिक्षा में आमूलचूल बदलाव की संभावना तैयार हुई है, जिसमें लोकल से वोकल तक के ज्ञान, सीख व समझ का समावेश किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हमने प्रदेश में भी लागू कर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हमने प्रदेश में 9438 बालवाड़ियाँ आरंभ की हैं। हमने 18 स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की शुरुआत की है। इसके लिए किताबें बनाई हैं और शिक्षक इसे पढ़ा रहे हैं। यह बच्चों की नींव तैयार करने में काफी महत्वपूर्ण है। शिक्षा से नक्सलवाद का अँधियारा छँटने से बस्तर में अब शिक्षा की रोशनी भी तेजी से फैल रही है। बस्तर में वर्षों से बंद 29 स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक समय एआई तथा रोबोटिक्स का है। हमारे बच्चे भी इसमें पीछे नहीं रहेंगे। हमने आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के लिए भी स्कूलों में रोबोटिक्स तथा एआई की शिक्षा आरंभ कर दी है। नक्सल प्रभावित जिलों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए हम बिना ब्याज के शिक्षा ऋण दे रहे हैं। हमारा सबसे ज्यादा ध्यान कौशल विकास पर है। छोटे-छोटे ट्रेड में बच्चों को थोड़ा भी प्रशिक्षित कर दें, तो उनके लिए बेहतर भविष्य की राह खुल जाती है। हम हाइटेक स्कूल तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में पीएम श्री योजना के अंतर्गत 211 स्कूलों का शुभारंभ किया गया है। इसके अलावा 52 स्कूलों की और स्वीकृति मिल गई है। यहाँ गुणवत्तायुक्त शिक्षा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही है। हमारी सरकार ने 13 नगरीय निकायों में नालंदा की तरह हाइटेक लाइब्रेरी की स्थापना का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने स्कूलों में न्योता भोज की भी पहल की है, इससे सामुदायिक सहयोग से स्कूलों में बच्चों को रूचिकर पोषण आहार मिल रहा।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन के साथ प्रतिवेदन का वाचन किया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण दिव्या उमेश मिश्रा ने किया। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने राज्यपाल श्री डेका और मुख्यमंत्री श्री साय को स्मृति चिन्ह स्वरूप पुस्तक भेंट की।
कार्यक्रम में आयुक्त जनसंपर्क मयंक श्रीवास्तव, राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजीव झा, राज्यपाल की संयुक्त सचिव हिना अनिमेष नेताम सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, पत्रकारगण उपस्थित थे।


