रायपुर। जंगल सफारी को पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्रानी सुधीर अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण के लिए जंगल सफारी प्रबंधन ने अहम कदम उठाया है।
जंगल सफारी के निदेशक धम्मशिल गणवीर ने बताया कि अब से जंगल सफारी में आगंतुकों को प्लास्टिक अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही सफारी में प्लास्टिक पैकेजिंग वाले उत्पादों की बिक्री भी प्रतिबंधित होगी। प्लास्टिक के कारण पर्यावरण पर होने वाले दुष्परिणामों के बारे में सतत रूप से पर्यटको को जागरूक किया जा रहा है और जलवायु परिवर्तन के उपायों अन्तर्गत रिसाइकल, रियूज, रिड्यूस के साथ पर्यावरण अनुकूल जीवन पद्धति को आत्मसात् करने पर्यटकों को अवगत कराया जा रहा है। प्लास्टिक के बेतहाशा उपयोग से पर्यावरण को छति पहुँच रही है शासन द्वारा भी प्लास्टिक के उपयोग को लगातार हतोत्साहित की जा रही है।
आम नागरिको के लिए मंगलवार से रविवार तक सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक खुला रहेगा
नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी मे आम नागरिक मंगलवार से रविवार तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक भ्रमण कर सकते है। जंगल सफारी सोमवार को आम नागरिकों के लिए बंद रहेगा।
रायपुर। नंदनवन जू एवं जंगल सफारी, नवा रायपुर में राष्ट्रीय मधुमक्खी दिवस के अवसर पर “पोलिंनेटर्स प्यूपल एंड प्लेनेट कंसर्वे टुडे फॉर सस्टेनबल टुमारो ” थीम पर आधारित शैक्षणिक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ।
कार्यक्रम में मानव जीवन में मधुमक्खियों की महत्वपूर्ण भूमिका से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। कार्यक्रम में नवा रायपुर के हायर सेकंडरी स्कूल राखी के 53 छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को मधुमक्खियों के बारे में प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रदान की गई । मधुमक्खियों की पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ और जैव विविधता पर उनका प्रभाव,भारत में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की मधुमक्खियाँ की प्रजापति और उनकी विशेषताएँ, मधुमक्खी पालन, मधुमक्खियों के जीवन चक्र आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। छात्रों ने अत्यधिक रुचि और उत्साह के साथ भाग लिया और प्रश्न पूछ कर अपनी जिज्ञासा भी व्यक्त की कार्यक्रम में जंगल सफारी की ओर से अधिकारीगण चंद्रमणी साहू , हिमांशु प्रधान, और उपेंद्र साहू शामिल हुए।
जंगल सफारी के संचालक धम्मशील गणवीर ने बताया कि नंदनवन जू एवं जंगल सफारी द्वारा वन मंत्री केदार कश्यप के दिशा निर्देशानुसार वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण मुद्दों पर विभिन्न मोड्यूल तैयार कर स्कूली विद्यार्थियों को पर्यावरण और प्रकृति के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजधानी रायपुर के समीप ग्राम बरौंडा में स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित लाभार्थी किसान सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अतिथियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत प्रबंधन संस्थान परिसर में रूद्राक्ष का पौधा रोपण किया। डॉ सिंह ने इस दौरान प्रतीक स्वरूप पांच किसानों को कृषि यंत्र पावर रिपर, तेलघानी यंत्र, स्पेयर पंप का वितरण किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लाभार्थी किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान साथी जैविक तनाव या बायोटिक स्ट्रेस जैसी गंभीर परिस्थिति से निपटने के लिए रणनीति बनाकर आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर कार्य कर रहे हैं। जैविक तनाव से तात्पर्य पौधे पर जीवित जीवों के हानिकारक प्रभाव से है, जिसमें कीड़े, कवक, बैक्टीरिया, वायरस और अन्य रोगजनक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कृषि में जैविक तनावों पर बुनियादी, रणनीतिक और अनुकूल अनुसंधान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की भूमि से अधिक से अधिक अन्न उपार्जित कर प्रदेश में भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कर पायें इस उद्देश्य से 7 अक्टूबर, 2012 को इस संस्थान की यहां आधारशिला रखी गई थी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संस्थान को 28 सितंबर 2021 को राष्ट्र को समर्पित किया था। तब से लेकर अब तक इस संस्थान ने कई अनुसंधान किये, कृषि जगत में निरंतर छत्तीसगढ़ के किसानों की बेहतर फसल के लिए काम किये और ढेरों उपलब्धियां अर्जित की हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि देश में जैविक स्ट्रेस से सालाना लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये की कृषि उपज का नुकसान होता है।
भारत में जैविक स्ट्रैस के कारण सभी वस्तुओं में 30-35 प्रतिशत नुकसान होता है, वैश्विक स्तर पर, कीटों के कारण फसल उत्पादन का 10 से 28 प्रतिशत तक नुकसान होता है। एक ओर जहाँ अन्न के आभाव में बहुत सारे देश भुखमरी की स्थिति से गुजर रहे हैं तब दूसरी तरफ इतनी बड़ी संख्या में फसलों का नुकसान यह दिखाता है कि जैविक तनाव कृषि के लिए कितनी बड़ी समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए इस संस्थान द्वारा रणनीति बनाकर और तकनीकी रूप से बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान द्वारा अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत कुल 3966 कृषक परिवारों और जनजातीय उप-योजना के तहत कुल 3324 कृषक परिवारों को शामिल किया गया है। प्रदेश के 13 जिलों जशपुर, रायगढ़, कांकेर, राजनांदगांव, बस्तर, महासमुंद, गरियाबंद, कोरबा, सरगुजा, धमतरी, बलौदाबाजार- भाटापारा, दुर्ग और रायपुर अंतर्गत कुल 333 गांवों को परियोजनाओं का लाभ दिया गया है। उन्होंने संस्थान द्वारा किसानों को समर्थन प्रदान करने के साथ ही अनुसंधान और युवाओं को कृषि के प्रति सजग बनाने की दिशा में किये जा रहे कार्यों की सराहना की।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से केन्द्र सरकार प्रतिवर्ष किसानों को 6000 रूपये का आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, तीसरी बार शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले ’पीएम किसान सम्मान निधि’ की 17वीं किश्त जारी कर, किसानों के बैंक खातों में 20,000 करोड़ रूपये अंतरित की। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना, पीकेवीवाई (परंपरागत कृषि विकास योजना), किसान क्रेडिट कार्ड जैसी ढेरों योजनाओं के माध्यम से श्री मोदी ने देश के अन्नदाताओं के हाथ मजबूत कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में डेढ़ दशक की हमारी सरकार में हमने देश में पहली बार किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर एक कीर्तिमान स्थापित किया। छत्तीसगढ़ की प्रमुख फसल धान को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था को कंप्यूटर तथा ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा। धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से संपूर्ण मॉनिटरिंग करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनाया।
प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से, 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का तत्काल भुगतान किसानों को किया। 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि दी। इस साल खरीफ सीजन में 145 लाख मी. टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है।
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 13 लाख किसानों के बैंक खाता में 3716 करोड़ रुपए का बकाया धान बोनस की राशि अंतरित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को भी पूरा किया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राजधानी रायपुर के समीप स्थित राष्ट्रीय स्तर का यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान द्वारा देश और प्रदेश के किसानों के हित में रणनीति बनाकर जैविक तनाव को कम करने की दिशा में बेहतर काम किया जा रहा है। संस्थान द्वारा किसानों की समृद्धि और उत्पादन में वृद्धि के लिए जैविक कारणों को ढूंढ कर उनका समाधान निकाला जा रहा है। इसके साथ ही देश और प्रदेश के विद्यार्थियों को कृषि मैनेजमेंट की शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान कर देश को उन्नति के राह पर ले जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष तथा आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह को प्रदेश में कृषि संस्थान सहित आईआईएम, आईआईटी स्थापित करने का श्रेय देते हुए कहा कि यह उनके कुशल नेतृत्व और दूरदृष्टि का परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ में भी उच्च स्तरीय राष्ट्रीय स्तर के संस्थान स्थापित है।
छत्तीसगढ़ के किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हुए है। किसान खेती-किसानी की ओर अग्रसर हुए है। उन्होंने कहा कि किसानों को सिर्फ धान की खेती नहीं करनी चाहिए, जिसे अन्य फसल प्रभावित हो। उन्हें अन्य पारंपरिक खेती-किसानी की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य किए जा रहे हैं।
किसान लाभार्थी सम्मेलन को संबोधित करते हुए धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर का संस्थान छत्तीसगढ़ में होना गौरव की बात है और यह खुशी की बात है कि इस संस्थान की स्थापना कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रीत्व काल में हुआ था। यह संस्थान छत्तीसगढ़वासियों के हित में उनके दूरदृष्टि परिणाम है। उन्होंने किसानों को इस संस्थान से जुड़कर समृद्ध किसान बनने की अपील की।
कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान के निदेशक एवं कुलपति डॉ. पी.के. घोष, डॉ. संजय शर्मा ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में किसान और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
रायपुर। मनेंद्रगढ़ जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘अभियान के तहत वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग द्वारा किया गया। आयोजन में कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मियावाकी पद्धति के माध्यम से परिसर में पौधारोपण कर वन महोत्सव का शुभारंभ फीता काटकर किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वनमण्डालाधिकारी ने वन महोत्सव के माध्यम से जिले में मियावाकी पद्धति के बारे में बताया। आज बड़े-बड़े मेट्रो सिटी में इस पद्धति के माध्यस से वानिकी किया जा रहा है। एक-एक मीटर के दूरी पर सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। जिससे घना वन मिलता है। जिससे हमें शुद्ध हवा मिलता है। 30 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है। इतना ही वायु और ध्वनि प्रदूषण भी सोखता है। हमारा मनेंद्रगढ़ अर्बन हिट आईलैण्ड बन सकता है। जिले के लोगों ने कॉॅफी मात्रा में पौधारोपण किया है। इसी प्रकार खाली स्थानों में और अधिक पौधारोपण करने की आवश्यकता है। जिससे हमें स्वस्थ पर्यावरण का लाभ मिलेगा। हमारे जिले में इस बार बारिश अच्छी हुई है। पौधारोपण के लिए हमें पर्याप्त मात्रा में आर्द्रता और नमी मिलेगी। उन्होंने जिले जनप्रतिनिधियों , अधिकारियों, महतारी वंदन के हितग्राहियों तथा स्कूल के छात्र एवं छात्राओं को अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आह्वान किया।
इसके साथ ही उन्होंने वनमण्डलाधिकारी को जिले में पौधारोपण कार्यक्रम को अभियान के मिशन मोड में करने कहा। जिससे हम अपनी आने वाली पीढ़ी को शुद्ध एवं स्वच्छ हवा प्रदान कर सके। पर्यावरण एवं वानिकी की उपलब्ध बताते उन्होंनेे कहा कि माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरूघासीदास तमोर पिंगला के रूप में जिले को बड़ा उपहार दिया है। जिसकी स्वीकृति कैबिनेट में मिल चुकी है। यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। उन्होंने सभी को पौधारोपण एवं पर्यावरण की रक्षा करने के हरसंभव उपाय करने को कहा। पृथ्वी के पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए वृक्षों का होना आवश्यक है। इसके लिए सभी लोगों को ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान का शुभारंभ पर्यावरण एवं जलवायु को बेहतर करने के उद्देश्य से किया गया है। अतः सभी जिलेवासी इस अभियान में शामिल होकर इसे सफल बनाएं। पौधारोपण कार्य केवल वनक्षेत्र न किया जाये बल्कि वनक्षेत्र के बाहर निजी एवं शासकीय भूमियों जैसे आंगनबाड़ी, पुलिस चौंकी, उद्यान, अस्पताल, शमशान, शासकीय परिसर, छात्रावास, स्कूल परिसरों आदि स्थानों में भी किया जावेगा।
वनमण्डलाधिकारी मनीष कश्यप ने मियावाकी पद्धति के बारे में बताते हुये कहा कि इस विधि का प्रयोग कर के घरों के आस-पास खाली पड़े स्थान (बैकयार्ड) को छोटे बगानों या जंगलों में बदला जा सकता है। मियावाकी पद्यति के प्रणेता जापानी वनस्पतिशास्त्री अकीरा मियावाकी हैं। इसके माध्यम से जिले के छोटे-छोटे स्थानों पर मिनी फॉरेस्ट के रूप में विकसित करना है। जिससे जिले को हिट वेव से बचाया जा सके। इस पद्धति से प्लांटेशन तीन से चार में बढ़ जाता है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार राज्य में मजबूत अधोसंरचना निर्माण के लिए सड़कें, पुल-पुलिया के साथ ही स्कूल, छात्रावास सहित अन्य शासकीय भवनों के निर्माण आदि के लिए राज्य शासन द्वारा लगातार स्वीकृति दी जा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर ही जशपुर क्षेत्र के लिए 15 विभिन्न सड़कों के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जशपुर क्षेत्र में भुड़केला से लवानदी तक 2.10 किमी की लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 38 लाख 77 हजार रूपए, बालाछापर-आरा-सकरडेगा मार्ग से छोटा बनई पहुंच मार्ग 2.40 किमी निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 57 लाख 84 हजार रूपए, बघियाकानी से शिवमंदिर तक मार्ग लंबाई 0.60 किमी निर्माण कार्य हेतु 87 लाख 21 हजार रूपए, ठेठेटांगर से बरंगजोर मार्ग 1.18 किमी निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 44 लाख 89 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इसी प्रकार एस.एच.17 में 15/10 से घुईडांड मार्ग 1.70 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ 93 लाख 06 हजार रूपए, गड़ाकटा-दुलदुला मार्ग के किमी 10/4 से ग्राम रजौटी पहुंच मार्ग लंबाई 1.68 किमी. निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 87 लाख 33 हजार रूपए, कंदाडोड़हा से घुमरा पहुंच मार्ग लंबाई 0.80 किमी निर्माण कार्य हेतु 78 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसी तरह मयाली रिसोर्ट से देवबोरा बस्ती पहुंच मार्ग 1.26 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 27 लाख 41 हजार, बालाछापर-आरा-सकरडेगा मार्ग से कारीताला 2.00 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 25 लाख 71 हजार रूपए, खरवाटोली से बांधाटोली 2.00 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 33 लाख 99 हजार रूपए, बेलसोंगा से रनपुर पहुंच मार्ग लंबाई 1.38 किमी निर्माण हेतु 01 करोड़ 70 लाख 95 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार मुख्यमार्ग सिंगीबहार से रघराटोली 1.12 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ 88 लाख 36 हजार रूपए, डिपाटोली (सिंगीबहार) से धवईटोली तक 1.36 किमी लंबी सड़क निर्माण हेतु 02 करोड़ 03 लाख 95 हजार रूपए, बहराखैर से जुड़वाईन लंबाई 1.63 किमी निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 29 लाख 96 हजार रूपए एवं जशपुर के एन.एच. 73 खड़सा से कोमड़ो तक 1.94 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 45 लाख 68 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
रायपुर। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार खटीक और प्रदेश के महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज राजनांदगांव के ग्राम ठाकुरटोला में दिव्यांगजन कौशल विकास पुनर्वास और सशक्तिकरण समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) का निरीक्षण किया। उन्होंने सीआरसी के पुराने भवन का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय, कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग उपस्थित रहे।
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि देश में दिव्यांगजनों के पुर्नवास एवं विशेष शिक्षा के लिए 10 राष्ट्रीय संस्थान तथा 25 सीआरसी चलाये जा रहे हैं। यह प्रदेश का पहला सीआरसी सेंटर राजनांदगांव में पुराने भवन में संचालित है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नये भवन का निर्माण कराया गया है। इस केन्द्र के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए दी जा रही सेवाओं को और अधिक प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी। यहां फिजियोथैरेपी के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा। दिव्यांगजनों को ज्यादा अच्छी सुविधाएं मिलगी। ज्यादा मशीनें उपलब्ध करवायेंगे। डिप्लोमा कोर्स के साथ-साथ डिग्री कोर्स, प्रोफेशनल कोर्स प्रारंभ किए जाएंगे। यहां के विद्यार्थी दिव्यांगजनों के क्षेत्र में विशेषज्ञ तौर पर सेवाएं दे सकेंगे। यह सीआरसी दिव्यांगजनों के लिए व्यावहारिक केन्द्र बनने वाला है। साथ ही मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांग बच्चों का ईलाज एवं उनको सशक्त बनाने के लिए कार्य किया जा सकेगा, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रति आभार प्रकट किया। सीआरसी भवन में सुविधाओं का विस्तार हेतु 11 करोड़ रूपए हॉस्टल के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीआरसी में सुविधा एवं गुणवत्ता बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते है कि सबका साथ सबका विकास की मंशा के साथ हमें दिव्यांगजन को भी सशक्त बनाने की जरूरत है। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना लेकर चल रहे हैं। इस सपने को साकार करने के लिए सीआरसी को सशक्त बनाना है। दिव्यांगजनों से संबंधित सभी संस्थानों को सशक्त बनाया जा रहा है।
समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह सीआरसी दिव्यांगजनों के लिए वरदान साबित होगा। दिव्यांगजनों को सशक्त करने की दिशा में केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा कार्य किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सीआरसी नया भवन राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत ठाकुरटोला में निर्माण किया गया है। यह भवन 32 करोड़ की लागत से लगभग 2 मंजिला सर्व सुविधायुक्त बनाया गया है। इस भवन में कुल 35 कमरे हैं, जिसमें भूतल में 17 कमरे, पहली मंजिल में 18 कमरे का निर्माण किया गया है। इस अवसर पर आलोक सोठी, सीआरसी निदेशक स्मिता महोबिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
दुर्ग। बलौदाबाजर पुलिस ने भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को अंततः गिरफ्तार कर लिया है। आपको बता दे सुबह के वक्त ही बलौदाबाजार से पुलिस भिलाई स्थित देवेंद्र यादव के आवास पर पहुंची हुई थी। घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। इस दौरान पुलिस और विधायक के समर्थकों के बीच जमकर बहस भी हुई। सुबह से दोपहर तक पुलिस देवेंद्र यादव को गिरफ्तार करने का प्रयास करती रही। लेकिन काफी कसमकस के बाद शाम के वक्त अंततः पुलिस ने विधायक को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि पुलिस जब देवेंद्र यादव को गिरफ्तार कर घर के बाहर आई, तब भी उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। आपको बता दे कि बलौदाबाजार कलेक्टर कार्यालय में आगजनी की घटना के मामले में पुलिस दूसरी बार भिलाई पहुंची थी। फिलहाल पुलिस की टीम विधायक देवेंद्र यादव को लेकर बलौदाबाजार के लिए रवाना हो गई है। बलौदाबाजार पुलिस द्वारा इससे पहले भी चार बार देवेंद्र यादव को नोटिस जारी किया गया था।
बलौदाबाजार हिंसा मामले में पुलिस विधायक देवेंद्र यादव को पूछताछ के लिए लगातार बुला रही थी। लेकिन विधायक की ओर से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा था। लिहाजा पुलिस ने आज विधायक देवेंद्र यादव के भिलाई स्थित निवास में पहुंचकर उनकी गिरफ्तारी कर अपने साथ बलौदाबाजार लौट गयी है। वहीं पुलिस की इस कार्रवाई पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि देवेंद्र यादव को फंसाया गया है। न्याय की जीत होगी। बलौदा बाजार में भाजपा के नेताओं ने व्यवस्था की और कांग्रेस नेताओं को फंसाया जा रहा है।
रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये राज्य के संभागायुक्तों और कलेक्टर्स की बैठक ली। बैठक में राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, भू-अर्जन, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार, एक पेड़ मां के नाम, नारी शक्ति से जल शक्ति, जल जीवन मिशन, श्रम पोर्टल में दर्ज श्रमिकों के राशन कार्ड बनाने और बच्चों के अधिकारों का संरक्षण और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर कलेक्टरों से जिलेवार जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ग्रामीण इलाकों में एक कारगर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह जिलों में जनदर्शन कार्यक्रम के तहत निराकृत प्रकरणों के ऑंकड़े रखने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार कर प्रकरणों के निराकरण की जिलेवार जानकारी ली गई। भू-अर्जन के बटांकन में आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए लोक निर्माण विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पंजीयन विभाग और सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के लिए कहा।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण ऑकड़ों को पोर्टल में अपलोड करने और जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत एफएचटीसी प्राप्त करने वाली पंचायतों और ग्रामों में हुई प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग और श्रम विभाग के अधिकारियों को श्रम पोर्टल में दर्ज सभी श्रमिकों के राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से बाल अधिकारों के संरक्षण के संबंध में जिलेवार की गई कार्यवाही की समीक्षा की। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों से पोषण ट्रेकर एप में पोषण संबंधी जानकारी की प्रविष्टि की प्रगति की जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन, व्यवस्थापन और फ्री होल्ड के संबंध में शासन द्वारा जारी परिपत्रों और निर्देशों के तहत जिलेवार की गई कार्यवाही के संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। इसी तरह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों से विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत किए गए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस संबंध में जांजगीर-चांपा जिले द्वारा जिले में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेस्ट प्रेक्टिस पर प्रस्तुतिकरण भी दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव शम्मी आबिदी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी, संभागायुक्त और जिले के कलेक्टर मौजूद थे।
कवर्धा। पंडरिया विधानसभा के वनांचल क्षेत्र कुई-कुकदुर में आज विशेष पिछड़ी जनजातिय बालक एवं बालिका छात्रावास में प्रवेश उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में पंडरिया विधायक भावना बोहरा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं और नव प्रवेशी बच्चों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को संबोधित कर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित भी किया और छात्रावास में सुविधाओं का जायजा भी लिया। इस छात्रावास में 250 छात्र एवं 250 छात्राओं के लिए शिक्षा सुविधाएँ उपलब्ध हैं। विदित हो कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा 14 करोड़ की लागत से जनजाति समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए इस छात्रावास का निर्माण किया था जो छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े जनजाति समाज के बच्चों के लिए बने सबसे बड़े छात्रावास में से एक है, जिसमें आज बच्चों ने प्रवेश किया।
इस दौरान भावना बोहरा ने कहा कि आज केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार की कुशल नीतियों और जनहितैषी योजनाओं से हमारे प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहें हैं। आज इस छात्रावास के माध्यम से समुदाय से आने वाले 500 छात्र एवं छात्राओं को शिक्षा और सुविधा दोनों मिल रही है। यहां से बच्चे शिक्षा ग्रहण कर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आयेंगे और अपने समाज व क्षेत्र के साथ ही हमारा व हमारे प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। इस छात्रावास में पढ़ने वाले सभी बच्चों को मैं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देती हूँ और हर संभव सहायता करने का आश्वासन देती हूँ।
उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए आपको परिश्रम हमेशा करना होगा और परिश्रम करने से आपको सफलता जरुर मिलेगी। अगर कभी असफल नहीं होते हैं तो निराश न हों और उसका अवलोकन कर अपनी कमी को समझें और फिर उसे दूर करने के लिए दुगनी मेहनत करिए तो आपको सफलता जरुर मिलेगी। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम ही नहीं है बल्कि उससे भी बढ़कर एक आदर्श समाज की नींव है। किसी भी कार्य को अच्छी तरह कर पाने के लिए शिक्षा का अहम योगदान होता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में तैयार किये गये बजट में विशेष पिछड़ी जनजाति के सदस्यों के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। इस बजट प्रावधान से छत्तीसगढ़ में रह रहे बिरहोर, पहाड़ी कोरवा, बैगा, कमार और अबूझमाड़िया समुदाय के लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा। घास-फूस के घरों की जगह वे पक्के घरों में रह सकेंगे। पेयजल की अच्छी सुविधा होगी। देश में पहली बार इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना बनाई गई। यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु से शुरू की थी। छत्तीसगढ़ में इस योजना पर तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है जनमन योजना के माध्यम से न केवल बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं अपितु इनके लिए रोजगार के अवसर भी इसके माध्यम से सृजित किये जा रहे हैं। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, भाजपा मंडल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं छात्रावास के अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मांग को संज्ञान में लेते हुए तत्काल कार्यवाही करते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह ने रायपुर में दिव्यांगजन पार्क बनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी पार्क के लिए नवा रायपुर में 5 एकड़ जमीन देने की घोषणा की।
दरअसल शनिवार को दिव्य कला मेले के शुभारंभ के अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह के समक्ष राजधानी रायपुर में 'दिव्यांग इन्क्लूसिव पार्क' बनाने की मांग की। श्री अग्रवाल ने कहा कि पार्क बनने से दिव्यांगजनोंं को शारीरिक गतिविधियों और एक्सरसाइज के साथ ही मानसिक विश्राम और मनोरंजन के लिए स्थान उपलब्ध हो जायेगा। दिव्यांग पार्क ऐसे वातावरण प्रदान करते हैं जहाँ दिव्यांगजन अन्य लोगों के साथ बातचीत और सामाजिक संपर्क कर सकते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ती है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मांग को तत्काल संज्ञान में लेते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह ने कहा कि, अगर मुख्यमंत्री राजधानी में 5 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दें तो वो दिव्यांग इन्क्लूसिव पार्क बनाने को तैयार हैं। जिसपर मुख्यमंत्री ने तत्काल ही नवा रायपुर में 5 एकड़ जमीन देने की घोषणा कर दी। और डॉ. वीरेंद्र सिंह ने भी दिव्यांग इन्क्लूसिव पार्क को तत्काल मंजूरी दे दी। यह छत्तीसगढ़ का पहला दिनव्यांजनों को समर्पित पार्क होगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में दो नई रेल लाइन परियोजनाओं के अंतिम सर्वे और डीपीआर निर्माण की स्वीकृति मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इससे छत्तीसगढ़ का रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और अधिक मजबूत होगा।
गौरतलब है कि रेल मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ में दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के अंतर्गत 16 करोड़ 75 लाख रूपये लागत की कुल 670 किलोमीटर लंबी 2 नई रेल लाइन परियोजनाओं के अंतिम सर्वे और डीपीआर निर्माण की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इन दो रेल लाइन परियोजनाओं में से गढ़चिरौली से बीजापुर होते हुए बचेली तक 490 किलोमीटर की नई रेल लाइन के सर्वे को मिली स्वीकृति बस्तर के सर्वसमावेशी विकास की गति को कई गुना बढ़ाने वाली है। इसके सर्वे के लिए रेल मंत्रालय ने 12 करोड़ 25 लाख रूपये स्वीकृत किये हैं। इससे बस्तर के सुदूर अंचल के लोग उच्च शिक्षा, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य और अपने उत्पादों की बिक्री के लिए रेलमार्ग से सीधे शहर से जुड़ेंगे। समूचा बस्तर क्षेत्र विकास के उच्च आयामों को छुएगा।
वहीं कोरबा से अंबिकापुर तक 180 किलोमीटर की नई रेल लाइन के सर्वे को मिली स्वीकृति कोरबा और सरगुजा के सर्वसमावेशी विकास की गति को कई गुना बढ़ाने वाली है। इसके सर्वे के लिए रेल मंत्रालय ने 4 करोड़ 50 लाख रूपये स्वीकृत किये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में रेल सुविधा के क्षेत्र में इन दोनों सर्वे को मिली स्वीकृति क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी, जिससे बस्तर और सरगुजा संभाग में रेल्वे सहित सभी क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही इनसे हजारों-लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
रायपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद रायपुर दक्षिण विधानसभा की सीट खाली हो गई है. इस सीट पर उपचुनाव होना है, लेकिन अभी तारीख का ऐलान नहीं हुआ है. रायपुर दक्षिण उपचुनाव को लेकर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, कांग्रेस को BJP के प्रत्याशी का समर्थन कर देना चाहिए. जमानत जब्त कराने के लिए चुनाव लड़ने से कोई लाभ नहीं है. बृजमोहन अग्रवाल किसके साथ इस सवाल पर उन्होंने कहा, BJP जिसे टिकट देगी उसका सहयोग करूंगा.
कांग्रेस में उठापटक पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, अब तक तो लगता था प्रदेश में चार-पांच कांग्रेस है. भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, मोहन मरकाम की कांग्रेस थी. अमितेश शुक्ल, अमरजीत भगत भी जागृत हो गए हैं. चरणदास महंत की एक अलग कांग्रेस चल रही है. पता नहीं प्रदेश में कितनी कांग्रेस चल रही है. सब मिलकर भी कुछ अच्छा नहीं कर पाएंगे. इनसे सिर्फ प्रदेश को नुकसान ही होगा, लाभ नहीं होगा.
रायपुर। पीजी एवं एमबीबीएस पाठ्यक्रम उत्तीर्ण के बाद छात्र/चिकित्सकों को संविदा पर नियुक्त करते हुए पदस्थापना की गई है. इसका आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जारी किया है.
रायपुर। राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आजादी की 78 वीं वर्षगांठ पर छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी का अवलोकन आम नागरिक महाविद्यालय के विद्यार्थियों और स्कूली बच्चें उत्साह पूर्वक कर रहे हैं। रायपुर के बी.पी. पुजारी स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पी.जी.उमाठे स्वामी आत्मानंद शासकीय स्कूल रायपुर एवं अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए क्विज प्रतियोगिता भी रखी गई थी। जिसमें लगभग 100 बच्चों ने बढ़ चढ़कर कर भाग लिया। बच्चों को प्रदर्शनी के माध्यम से ज्ञानवर्धक बातें भी बताई जा रही है। ताकि बच्चों को आगे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में आसानी हो क्विज के माध्यम से इतिहास, संस्कृति, अंग्रेजी, कृषि और रायपुर के प्रसिद्ध जगह और अन्य महत्वपूर्ण विषय के संबंध में प्रतियोगिता में प्रश्न पूछे गए और सही जवाब देने वाले बच्चों को तुरंत इनाम देकर पुरस्कृत भी किया गया।
छाया चित्र का अवलोकन कक्षा 12वीं की प्रिया मसीह, शेख सानिया, नोसिन, यश साहू, सेजल चंद्राकर, राखी साहू, लक्ष्मी साहू, प्रतिभा, यश साहू, जतिन आदि छात्र एवं छात्राओं ने बताया की आज उनको प्रर्दशनी देखर बहुत अच्छा लगा। जिसमें भारत के छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का परिचय सहित फोटो प्रदर्शनी देखकर छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी मिली।
विद्यार्थियों ने बताया कि छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से बहुत सारी ज्ञानवर्धक जानकारी मिल रही है। अन्य साथियों को भी इसकी जानकारी देंगे ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें। कक्षा 12वीं की शेख सानिया, राखी साहू, लक्ष्मी साहू एवं यश साहू, जतिन एवं अन्य विद्यार्थियों ने क्विज प्रतियोगिता के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर भाग लिया। प्रर्दशनी का आशा राठौर, अरविंद अग्रवाल एवं अन्य शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों ने भी अवलोकन किया।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री साय को राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में आयोजित दिव्य कला मेला में कलाकार हीरा धृतलहरे ने अपने हाथों से बनाई पैरा शिल्प पोर्ट्रेट भेंट की। सुश्री हीरा की भेंट पाकर मुख्यमंत्री ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सुश्री हीरा से कहा कि उनके पास पैरा शिल्प स्केच बनाने का अनूठा हुनर है और खूब अभ्यास कर इसको निखारना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रैक्टिस से परफेक्शन आता है, उसकी बारीकियाँ पता चलती है। लगातार प्रैक्टिस करके वो एक अच्छी शिल्पी बनकर देश-दुनिया में अपना और अपने प्रदेश का नाम रोशन कर सकती है।
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर में लोरमी के विकासखण्ड और तहसील स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों से कहा कि लोरमी के विकास और वहां के नागरिकों को खुशहाल बनाने के लिए मैं भी आपकी टीम का हिस्सा हूं। हम सब मिलकर क्षेत्र का तेजी से विकास करेंगे और जन आकांक्षाओं को पूरा करेंगे। विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में लोरमी प्रदेश में नज़ीर बने, ऐसा काम हम सबको मिलकर करना है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि हम सबको मिलकर लोरमी की समस्याओं को दूर करना है। क्षेत्रवासियों को सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोरमी के लोगों के लिए नई कार्ययोजनाएं तैयार करें और उन्हें गंभीरता से अमलीजामा पहनाएं। उन्होंने लोक सेवक के तौर पर नागरिकों से अच्छा व्यवहार रखने और उनकी समस्याओं का तत्परता से निराकरण करने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की के वे अच्छे कार्यों से अपनी पहचान बनाएं। अपने विभाग और खुद की प्रतिष्ठा बढ़ाएं। लोरमी में हो रहे कार्यों का दूसरे विकासखण्ड और तहसील अनुसरण करें, ऐसा काम करें।
श्री साव ने बैठक में लोरमी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सहित सभी विभागों के कार्यों की बारी-बारी से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने लोरमी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को शहर में नगर पालिका के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने को कहा। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को सिंचाई और घरेलू उपयोग के लिए क्षेत्र में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने जिला खाद्य अधिकारी को अचानकमार क्षेत्र में बारिश के दिनों में पर्याप्त राशन का भंडारण करने को कहा। उन्होंने पीडीएस दुकानों की संख्या बढ़ाने के साथ ही सभी दुकानों की व्यवस्था जांचने के भी निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने श्रम विभाग के अधिकारियों को विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निर्देशित किया। उन्होंने संगठित क्षेत्र और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीकरण और योजनाओं की जानकारी देने शिविर आयोजित करने को कहा। उन्होंने इन शिविरों में श्रमिकों को अन्य विभागों की योजनाओं की भी जानकारी देने को कहा। श्री साव ने जनपद पंचायत कार्यालय में हेल्प-डेस्क स्थापित कर लोगों को अपेक्षित जानकारियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, एसडीएम जी.एल. यादव, तहसीलदार शेखर पटेल, एसडीओपी माधुरी धिरही, जनपद पंचायत के सीईओ चंद्रकुमार धृतलहरे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी लालजी चन्द्राकर, बीएमओ डॉ. जी.एस. दाऊ और बीईओ डी.एस. राजपूत सहित सभी विभागों के अधिकारी बैठक में मौजूद थे।
रायपुर। राजधानी में आयोजित दिव्य कला मेले में मुख्य अतिथि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत सरकार की संस्था एलिम्को द्रारा दिव्य कला मेले में दिव्यांगजन को प्रोत्साहित करने के लिए टोकन के रूप में सहायक उपकरण वितरित किए गए। जिसमे बलौदाबाजार जिला के 4 दिव्यांगजनों संतोष यादव, पुष्पराज पुरेना, धनंजय देवांगन, रामसीला पटेल को मोटराइज्ड ट्राई सायकल और रायपुर के देवांश शर्मा को व्हील चेयर प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान 11 दिव्यांगजनो को टोकन के रूप में ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। जिसमें रायपुर जिले के रोहित कुमार वर्मा को ट्रैक्टर बाहर व्यवसाय हेतु 8 लाख 44 हजार रुपए, ई रिक्शा वाहन क्रय व्यवसाय के लिए क्रमशरू सेवाराम साहू को 1 लाख 57 हजार रुपए, चंदन गिलहरे को 3 लाख 44 हजार रुपए, बालादास मानिकपुरी को 2 लाख 79 हजार रुपए, बेमेतरा के भूपेन्द्र सिंहा टेंट हाउस व्यवसाय के लिए 60 लाख 50 हजार रूपये, दंतेवाड़ा के विक्रम सोनी को सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय के लिए 8 लाख 50 हजार रूपये, ट्रेक्टर-ट्रॉली कृषि सेवा हेतु जशपुर जिले के अशोक यादव 7 लाख 52 हजार रूपये और धनेश्वर यादव को 10 लाख 88 हजार रूपये, बलौदाबाजार जिले के मनोज कुमार वर्मा को मेडिकल व्यवसाय के लिए 8 लाख 50 हजार रूपए, बलरामपुर की प्रतिमा जायसवाल को रेडिमेंट गारमेंट व्यवसाय हेतु 5 लाख रूपए, गौरेला-पेड्रा-मरवाही गणपत कश्यप को किराना दुकान व्यवसाय हेतु 4 लाख 25 हजार रूपए की ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान की गई। ऋण स्वीकृति पत्र दिए जाने वाले इन दिव्यांगों में अस्थि बाधित, दृष्टि बाधित एवं मूक बधिर दिव्यांग शामिल है।
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन मौजूद रहे।
रायपुर। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई मैदान में 17वें ’दिव्य कला मेला’ का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने रायपुर में जमीन मिलने पर दिव्यांगजन पार्क निर्माण कराने की घोषणा की, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर में इस पार्क के निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की घोषणा की। रायपुर में ‘‘दिव्य कला मेला‘‘ 16 अगस्त 2024 से 23 अगस्त 2024 तक आयोजित किया जाएगा। सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।
केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्य कला मेला, दिव्यांग भाई-बहनों के अद्वितीय कौशल और उद्यमशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन है। दिव्यांगजनों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ाने की है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि देश के सर्वांगीण विकास में दिव्यांगजनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सके। प्रधानमंत्री मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत का सपना तब ही पूर्ण हो पाएगा, जब हमारे दिव्यांग भाई-बहन आत्मनिर्भर और सशक्त बनेंगे।
उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में संचालित राज्य संसाधन केंद्र (सीआरसी) के नए भवन बनने के बाद वहां दिव्यांगजनों के लिए डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में भी ’दिव्य कला मेला’ का आयोजन किया जाएगा। इनके स्थान का निर्धारण मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मेले में लगभग 60 स्टॉल लगाए गए हैं। यहां आने वाले अन्य राज्यों के व्यंजनों का रसास्वादन कर सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को पहले अनेक नामों से संबोधित किया जाता था, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें दिव्यांगजन का नाम दिया। उन्होंने बताया कि दिव्यांगों की 7 श्रेणियों को बढ़ाकर 21 श्रेणियां की गई है। शासकीय नौकरी में आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया है। शासकीय विद्यालयों और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश के लिए आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए सुगम भारत अभियान के तहत शासकीय भवनों, रेल्वे स्टेशनों, एयरपोर्ट में रैम्प तथा अलग शौचालय बनाए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने 16 से 22 अगस्त तक रायपुर में आयोजित दिव्य कला मेला को 23 अगस्त तक आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस मेले में दिव्यांगजन उद्यमियों और कलाकारों आने-जाने, ठहरने और स्टॉल उपलब्ध कराने की निःशुल्क व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम द्वारा दिव्यांगजनों को व्यवसाय हेतु रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग भी प्रदान किए जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 75 दिव्यांग विद्यार्थियों को नेशनल ओव्हरसीज स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है। इस वर्ष इसके लिए अब तक 25 आवेदन प्राप्त हुए है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि दिव्य कला मेला ने दिव्यांगजन की रचनात्मकता, कौशल, और सृजनशीलता को एक मंच प्रदान किया गया है, जिससे वे अपने उत्पादों को देश-विदेश में प्रदर्शित कर सकें। उन्होंने कहा कि दिव्य कला मेला के पिछले सफल आयोजनों ने न सिर्फ दिव्यांगजन की भागीदारी को बढ़ावा दिया है, बल्कि उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को भी सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से दिव्य कला मेले में अधिक से अधिक संख्या में आने और दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों को देखने, परखने और खरीदने का आग्रह किया, ताकि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में सहायता मिले।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेला दिव्यांगजन के लिए न सिर्फ आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि सामाजिक समरसता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ भी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में दिव्यांगजन को रियायती ऋण की स्वीकृति में हुई बाधाओं को दूर करते हुए, आज 25 लोगों को ऋण स्वीकृति पत्र जारी करना एक नई शुरुआत का प्रतीक है। एनडीएफडीसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने दिव्यांगजन के आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए इस मेले का आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर है। जिसमें 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के दिव्यांग उद्यमी और कलाकार अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दिव्यांगजनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रहे हैं।
समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार दिव्य कला मेला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के दिव्यांगजन यदि कुछ नया सोचते है तो राज्य सरकार उन्हें अपने सपने को साकार करने के लिए प्रोत्साहन देगी। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए 12 योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार से छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजन पार्क का निर्माण कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सहानुभूति की नहीं प्रोत्साहन की जरूरत है। उनकी प्रतिभा को सामने लाने और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
कार्यक्रम में आकांक्षा इंस्टिट्यूट के दिव्यांग विद्यार्थियों ने मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने इन विद्यार्थियों को पुरूस्कार स्वरूप 51 हजार रूपए की राशि का चेक प्रदान किया। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने 4 दिव्यांगजनों को मोटराईज्ड ट्रायसाइकिल तथा एक दिव्यांग को ट्रायसाइकिल तथा 11 दिव्यांग हितग्राहियों को ट्रेक्टर, ई-रिक्शा क्रय, ट्रेक्टर ट्रॉली, मेडिकल स्टोर, रेडीमेट गारमेंट, किराया दुकान, सेंट्रींग प्लेट, टेंट हाउस व्यवसाय के लिए ऋण राशि के चेक वितरित किए।
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार और मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया। मेले में देश भर के दिव्यांग उद्यमियों कारीगरों के जम्मू और कश्मीर, पूर्वाेत्तर राज्यों सहित अनेक राज्यों के उत्पादों हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई का काम, राखियां, पैकेज्ड फूड, गृह सज्जा और जीवन शैली से संबंधित वस्तुएं, कपड़े, स्टेशनरी और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद, ऑर्गेनिक उत्पाद, खिलौने, पेंटिंग और उपहार, व्यक्तिगत सहायक उपकरण, आभूषण, क्लच वेग आदि उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग एवं नेशनल दिव्यांगजन फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन (एनडीएफडीसी) द्वारा रायपुर में दिव्य कला मेला आयोजित किया गया है।
सामाजिक न्याय मंत्रालय के डीडीजी, किशोर बाबूराव सुरवाडे ने स्वागत भाषण दिया। राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के सीएमडी, नवीन शाह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, विभिन्न संस्थाओं के विद्यार्थी और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।