प्रदेश / छत्तीसगढ़
राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग छत्तीसगढ़ के दूसरे दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनने के लिए आप सभी के बीच आना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। पीएचडी प्राप्त करने वाले सभी शोधार्थियों और अपनी-अपनी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देता हूं। मैं उन शिक्षकों, माता-पिता और अभिभावकों को भी बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने पढ़ाई के दौरान अपने बच्चों का समर्थन किया। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार वर्तमान शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर रही है। एनईपी 2020 शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर देता है। इसका उद्देश्य छात्रों को उद्यमिता के लिए तैयार करना है, और उन्हें ’नौकरी चाहने वाले’ बनने के बजाय ’नौकरी निर्माता’ बनाना है। अब आप सभी अपने जीवन के नये क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। भविष्य में भारी चुनौतियाँ और अवसर आपका इंतज़ार कर रहे हैं। यह जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेने का क्षण है। यह उत्सव का दिन है, एक ऐसा दिन जब आप उन कई चुनौतियों को याद करते हैं, जिन्हें आपने पार किया है और आगे आने वाली चुनौतियों का इंतजार करते हैं, यह जानते हुए कि आपके पास उनका सामना करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान है। आपके द्वारा चुने हुए पेशे या कैरियर में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि आप लगातार अधिक ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करें और साथ ही अपने सॉफ्ट स्किल्स को विकसित करने और एक अच्छा इंसान बनने के अलावा क्षेत्र में नवीनतम ज्ञान से खुद को अपडेट और लैस करें।
राज्यपाल श्री डेका ने डॉ. नेल्सन मंडेला के कथन को उद्यत करते हुए कहा कि “शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं“ अब इसे साबित करना आपके ऊपर है। राज्यपाल ने कहा कि आप सभी को सलाह देता हूं कि बड़े पैमाने पर समाज के लिए काम करने का प्रयास करें और नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट-अप में योगदान दें जो समय की मांग है। इस क्षण को एक संरक्षित वातावरण से ऐसे वातावरण में जाने के रूप में देखें, जहां आपको दुनिया से लगातार सीखना है।
राज्यपाल ने कहा कि दुनिया ऊपर से नीचे तक बदल सकती है, लेकिन कुछ मूल मूल्य कभी नहीं बदलते। वे हैं ईमानदारी, सच्चाई, स्वयं और दूसरों का सम्मान, कड़ी मेहनत, व्यक्तिगत ईमानदारी। आज आपका कर्तव्य है कि ये मूल मूल्य पराजित न हों। सामाजिक समता के बिना विकास को कायम नहीं रखा जा सकता। इस विश्वविद्यालय ने 2015 में अपनी स्थापना के बाद से एक अनुकरणीय प्रतिबद्धता दिखाई है। इस समय में जहां नवाचार, सामाजिक परिवर्तन के चालक बन रहे हैं, आप जैसे युवा विद्यार्थियों से उम्मीद की जाती है। हमेशा इतना अतिरिक्त प्रयास करें कि आपने समाज से जो हासिल किया है, उससे अधिक समाज को वापस लौटा सकें। सामाजिक समता के बिना विकास को कायम नहीं रखा जा सकता। यह विश्वविद्यालय, दुर्ग रिसर्च, एनएसएस, एनसीसी, यूथ रेडक्रॉस, खेल-कूद, सांस्कृतिक एवं पाठ्येतर गतिविधियों जैसे हर क्षेत्र में मजबूती से प्रगति कर रहा है। हाल ही में इस विश्वविद्यालय के छात्रों ने वर्ष 2023-24 में विभिन्न एनएसएस कार्यक्रमों, युवा महोत्सवों और खेलों में पुरस्कार जीते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के साथ किये गये पांच एमओयू वास्तव में उल्लेखनीय हैं।
राज्यपाल ने कहा कि मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि इस विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों ने एनएएसी मान्यता प्रक्रिया के दौरान भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राज्यपाल ने कहा कि अपनी शिक्षा का उपयोग समाज में बेजुबानों को आवाज देने के लिए, उत्पीड़ितों और कम भाग्यशाली लोगों के उत्थान के लिए काम करना चाहिए। राज्यपाल ने आज सम्मानित होने वाले सभी विद्यार्थियों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह को सम्बोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति की मांग पर विश्वविद्यालय में यूटीडी और निर्माणाधीन भवन में ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा कीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शैक्षणिक सत्र 2024-25 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। इससे हमारे विद्यार्थियों को न केवल अपनी रूचि के अनुसार विषय चुनने का अवसर मिलेगा बल्कि वे अपनी दक्षता के अनुसार अच्छी नौकरी प्राप्त कर सकेंगे अथवा स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य में छत्तीसगढ़ अपनी भागीदारी बढ़-चढ़कर निभाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। विकसित भारत के निर्माण में हम सभी को अपनी दक्षता के अनुसार सहयोग देना है। छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु प्रयासरत् है। पीएमश्री स्कूलों की स्थापना इसका बेहतरीन उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पीएमश्री योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में पहले चरण में 193 प्राथमिक स्तर के स्कूल और 18 उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूल को विकसित किया जा रहा है। पीएमश्री योजना के तहत तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ के 52 स्कूल स्वीकृत हुए है। मुख्यमंत्री श्री साय ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार एवं केन्द्र सरकार के आपसी सामंजस्य से हमारी सरकार छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की कतार में खड़ा कर देगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्थापना के 09 वर्ष की अवधि में ही हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग ने अनेक सफलताएं प्राप्त की है। पीएम-उषा योजना के माध्यम से प्रदान की गई 15 करोड़ रूपये की राशि से दुर्ग स्थित पोटियाकला में विश्वविद्यालय के नये भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। जल्द ही विश्वविद्यालय अपने नये भवन में संचालित होने लगेगा। प्रदेश सरकार छात्र-छात्राओं के हित में अनेक कदम उठा रही है। हाल ही में 21 जुलाई को पांच वर्ष के लंबे अंतराल के बाद हमने छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा 2024 सफलतापूर्वक आयोजित की है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से शासकीय महाविद्यालयों में रिक्त सहायक प्राध्यापकों के पद भरे जाएंगे। प्रदेश में व्यापम द्वारा प्रत्येक रविवार को कोई न कोई प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्ग के साइंस कॉलेज परिसर में ऑडिटोरियम निर्माण कार्य अधूरा है, इस संबंध में संबंधितों को इसे पूरा कराने निर्देशित किया गया है। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से सम्बद्ध 158 महाविद्यालयों में से एक दुर्ग साइंस कॉलेज को नैक बंगलुरू द्वारा ’ए प्लस’ ग्रेड मिला है वहीं 04 अन्य निजी महाविद्यालयों को ’ए’ ग्रेड मिला है। इस विश्वविद्यालय के अधीन 09 महाविद्यालयों को ’बी डबल प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ है। यह गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दिया। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में लगभग एक हजार से अधिक पीएचडी हेतु शोधार्थी पंजीकृत है, जो कि अपने आप में एक रिकार्ड है। यहां के छात्र-छात्राओं ने शोधकार्यों एवं शैक्षणिक गतिविधियों में राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य के शिक्षित युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए शासकीय सेवा के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 05 वर्ष की छूट की अवधि को पांच वर्ष के लिए और बढ़ा दिया है। युवाओं को इसका लाभ वर्ष 2028 तक मिलेगा। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मेरा मानना है कि इस प्रकार के दीक्षांत समारोहों की सार्थकता तभी है, जब उच्च शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात युवा एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में अपना उत्कृष्ट योगदान दे सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने दीक्षांत समारोह में सम्मिलित समस्त स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की उपाधि धारकों तथा स्वर्ण पदक प्राप्त छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावक तथा शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वविद्यालय के कुलपति की मांग पर विश्वविद्यालय में यूटीडी और निर्माणाधीन भवन में ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा किया।
समारोह में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास दिल्ली के सचिव शिक्षाविद डॉ. अतुल कोठारी ने दीक्षांत भाषण दिया। कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा ने स्वागत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और विद्यार्थियों को दीक्षा शपथ दिलाई। इस अवसर पर विधायक ललित चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव एवं रिकेश सेन, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास दिल्ली के सचिव शिक्षाविद डॉ. अतुल कोठारी, विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा, कुलसचित भूपेन्द्र कुलदीप, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, अभिभावकगण, विद्यार्थीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थी।






’’अमृत काल: छत्तीसगढ़ विजन@2047’’ विजन डाक्युमेंट तैयार करने स्टियरिंग कमेटी की बैठक सम्पन्न
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा ’’अमृत कालः छत्तीसगढ़ विजन@2047’’ के तहत स्टियरिंग कमेटी की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन अटल नगर नवा रायपुर में आयोजित की गई। बैठक वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता एवं मुख्य सचिव अमिताभ जैन की सह-अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य 2047 तक छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं और नीतियों पर चर्चा करना था। बैठक में राज्य नीति आयोग के सदस्य, सलाहकार, विभिन्न विभागों के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, बुनियादी ढांचा, उद्योग और पर्यावरण संरक्षण, कृषि, टेक्नोलॉजी, कला और संस्कृति की पहचान सहित अन्य विषयों पर राज्य को विकसित राज्य बनाने की संकल्पना पर आधारित विषयों को प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया गया।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने अधिकारियों को विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विधानसभा बजट सत्र में घोषणा की थी कि राज्य स्थापना दिवस, 1 नवंबर 2024 को ’’अमृत काल: छत्तीसगढ़ विजन@2047’’ दस्तावेज़ जारी किया जाएगा। इस विजन डॉक्यूमेंट में अगले 23 वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसमें राज्य के सभी सेक्टर्स के त्वरित विकास को सुनिश्चित किया जाएगा। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सभी वर्गों के कल्याण के लिए केन्द्रीय बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन बजट प्रावधानों को भी ध्यान में रखते हुए हमारा विजन तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विजन दस्तावेज में सभी विभागों के विजन को शामिल करने के लिए अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसके लिए सभी संभागों में युवा, महिला, कृषक और प्रबुद्धजनों के साथ जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन कर उनके विचारों को शामिल किया जा रहा है। साथ ही मोर सपना मोर विकसित छत्तीसगढ़ पोर्टल के माध्यम से लोगों के सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सर्विस सेक्टर को और ज्यादा बढ़ावा देने, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने, भविष्य में जल की जरूरतों को पूरा करने, राज्य के युवाओं के लिए उद्यमशिलता को बढ़ावा देने, राज्य में पर्यटन संभावनाओं को देखते हुए उस पर फोकस करना है। वित्तीय स्रोतों को बढ़ाने के उपायों, ग्रीन एनर्जी की डिमांड, केन्द्रीय सरकार के भविष्य की नीति, पर्यटन के क्षेत्र में ब्रांड विकसित करने, जिसमें रोजगार और राजस्व का सृजन, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों को दस्तावेज में शामिल कर सरल और सुशासित छत्तीसगढ़ बनाने तथा राज्य के नागरिक खुशहाल जीवन जी सके जैसे बातों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों द्वारा संबंधित क्षेत्रों के विकास के लिए बनायी जा रही नीतियों की भी जानकारी होनी चाहिए। स्वस्थ और खुशहाल छत्तीसगढ़ के लिए उन्होंने स्वास्थ्य और सुपोषण पर जोर देते हुए, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं तथा सभी को सस्ता और सुलभ ईलाज की उचित व्यवस्था को भी दस्तावेज में शामिल किए जाने की बात कही। उन्होंने राज्यों के कुछ शहरों को मेडीसिटी के रूप में विकसित करने, जनसंख्या आधारित स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यक्रम बनाने तथा सुपोषण के लिए अभियान चलाने की भी बात कही।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ को कृषि और संबंधित सुपर फूड के पॉवर हब के रूप में विकसित करने, लाजिस्टिक सेवाओं के विस्तार, वायु और सड़क मार्ग की कनेक्टिविटी विकसित करने, हर्बल राज्य के रूप में विकास करने पर जोर दिया। बीपीओ और केपीओ सर्विस की बढ़ोत्तरी, वाईब्रेंड स्टार्टअप विकसित करने, एआई और आईटी सर्विस को बढ़ाने जैसे विषयों को विजन दस्तावेज में प्रमुखता से शामिल करने की बात कही। विजन डाक्युमेंट तैयार करने के संबंध में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, नीति आयोग के सदस्य एस. सुब्रमण्यम, सदस्य सचिव अनुप श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, सचिव सुशासन और अभिसरण राहुल भगत ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव बैठक में दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानंद, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव सामान्य प्रशासन अन्बलगन पी., सचिव कृषि शहला निगार, सचिव तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार डॉ. एस. भारतीदासन, सचिव श्रम अलरमेल मंगई डी., सचिव वित्त मुकेश कुमार, सचिव आवास एवं पर्यावरण आर. संगीता, सचिव परिवहन एस. प्रकाश, सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण बसवराजु एस., सचिव समाज कल्याण भूवनेश यादव, सचिव उच्च शिक्षा प्रसन्ना आर., सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग शम्मी आबिदी, सचिव सहकारिता सी.आर. प्रसन्ना, सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास नरेन्द्र कुमार दुग्गा, विशेष सचिव स्वास्थ्य चंदन कुमार सहित अन्य विभागों के भारसाधक सचिव शामिल हुए।
बेवरेज कार्पोरेशन को विदेशी मदिरा के लिए 70 कंपनियों ने दिया रेट ऑफर,विदेशी मदिरा स्प्रिट के 303 ब्राण्ड एवं बीयर के 69 ब्राण्ड शामिल, आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में दी गई जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कार्पाेरेशन द्वारा विदेशी मदिरा की खरीदी के लिए जारी रेट आफर में 70 कंपनियों ने रेट ऑफर प्रस्तुत किया है, जिनमें छत्तीसगढ़ के मदिरा विनिर्माताओं के साथ-साथ अन्य राज्यों में निर्मित की जाने वाली मदिरा और विदेश में निर्मित मदिरा आपूर्ति करने वाली कंपनियां (बीआईओएस) भी शामिल हैं। इन कंपनियों ने विदेशी मदिरा स्प्रिट के 303 ब्राण्ड एवं बीयर के 69 ब्राण्ड के रेट दिए हैं। यह जानकारी आज आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दी गई।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बीते 19 जून को हुई कैबिनेट की बैठक में विदेशी मदिरा के थोक विक्रय एवं भंडारण हेतु वर्तमान में प्रचलित एफएल 10 ए बी अनुज्ञप्प्ति की व्यवस्था को समाप्त करते हुए सीधे विनिर्माता इकाईयों से विदेशी मदिरा का थोक क्रय किए जाने का निर्णय लिया गया था। विदेशी ब्रांड की मदिरा की सीधी खरीदी की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पोरेशन को दी गई थी। कैबिनेट की इस निर्णय के परिपालन में बेवरेज कार्पोरेशन द्वारा विदेशी मदिरा खरीदी की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी सिलसिले में कंपनियों को रेट ऑफर भी जारी किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य में विदेशी मदिरा का क्रय इससे पहले लायसेंसियों द्वारा किया जाता था। सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।
बैठक में सचिव सह आबकारी आयुक्त आर संगीता ने विदेशी मदिरा की खरीदी से लेकर उपभोक्ताओं को इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में विभागीय अधिकारियों द्वारा की जा रही तैयारियों की गहन समीक्षा की और प्रस्तावित व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कंपनियों के रेट ऑफर एवं फुटकर विक्रय के लिए अनुमोदित होने वाली दर को ब्राण्ड एवं लेबलों के अनुसार वेबसाईट पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिये।
छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को विदेशी मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित व्यवस्था के लागू होने से यूरोप के बड़े देशों में बिकने वाले लोकप्रिय बाण्ड की मदिरा भी दुकानों में मांग अनुरूप उपलब्ध रहेगी। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए कि मदिरा दुकानों में निर्धारित दर से अधिक दर पर मदिरा का विक्रय न हो एवं मदिरा में किसी भी प्रकार की मिलावट न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मदिरा के निर्धारित रेट एवं क्वालिटी की निगरानी एवं किसी भी तरह की गड़बड़ी के मामले में प्रभावी कार्यवाही के लिये मदिरा दुकानों में लगाए गए सीसीटीव्ही कैमरों को आबकारी मुख्यालय के सेन्ट्रलाईज्ड वीडियो मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
बैठक में यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुसार शासकीय कार्य में पारदर्शिता के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन तैयार किया जा रहा है। इस मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन के जरिए राज्य के मदिरा दुकानों में विभिन्न ब्रांड की मदिरा की उपलब्धता की जानकारी आम लोगों को मिल सकेगी।
बैठक में सचिव सह आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय पर कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा की बिक्री से प्राप्त राशि निर्धारित समयावधि में विनिर्दिष्ट बैंक खाते में जमा कराएं। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पाये जाने पर संबंधित कैश कलेक्शन, बैंक एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें। मदिरा की गुणवत्ता की जांच हेतु हाइड्रोमीटर-थर्मामीटर की खरीदी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर सर्वसबंधितों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कार्पाेरेशन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्याम धावडे, विशेष सचिव (आबकारी) देवेन्द्र सिंह भारद्वाज तथा मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
श्रीरामलला दर्शन योजना में 850 श्रद्धालु अयोध्या धाम के लिए रवाना, काशी विश्वनाथ का भी करेंगे दर्शन
रायपुर। श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत 850 श्रद्धालुओं को लेकर मंगलवार को भारत गौरव स्पेशल ट्रेन बिलासपुर से रवाना हुई। ये श्रद्धालु अयोध्या में श्रीरामलला के साथ ही काशी में बाबा विश्वनाथ का भी दर्शन करेंगे। बिलासपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान ने हरी झंडी दिखाकर श्रद्धालुओं को रवाना किया। राज्य शासन के श्रीरामलला दर्शन योजना के अंतर्गत बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालु अयोध्या और काशी जा रहे हैं। यात्रा और दर्शन को लेकर श्रद्धालु काफी उत्साहित दिखे। स्टेशन पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। जय श्रीराम के जयकारे से पूरा स्टेशन राममय हो गया। पारंपरिक नृत्यों और बाजे-गाजों के बीच उन्हें अयोध्या के लिए रवाना किया गया। यात्रा के दौरान खान-पान सहित सभी सुविधाएं राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।
भारत गौरव स्पेशल ट्रेन से श्रीरामलला और बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए जा रहे लोगों ने श्रीरामलला दर्शन योजना के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार जताया। बिलासपुर की जोरापारा, सरकण्डा की रमा तिवारी ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें यह अवसर प्राप्त हो रहा है। हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। हम श्रीरामलला के दर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। कोरबा के प्रताप सिंह ने कहा कि यह योजना राज्य के लोगों की आस्था का सम्मान है। इससे प्रदेशवासियों को श्रीरामलला के दर्शन का सुअवसर मिल रहा है। रायगढ़ की राजकुमारी पटेल ने कहा कि हमें अयोध्या दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। इसके लिए हम सरकार के आभारी हैं।


आदिवासी अंचलों में पहुंच रही हैं तेजी से विकास योजनाएं
छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति की देश-विदेश में अलग पहचान रही है। राज्य के आदिवासी अंचल एक ओर वनों से आच्छादित है। वहीं इन क्षेत्रों में बहुमूल्य खनिज सम्पदा भी है। मनोरम पहाड़ियां, झरनें, इठलाती नदियां बरबस लोगों को आकर्षित करती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गठित नई सरकार बनने के बाद राज्य के आदिवासी अंचलों में जन जीवन में तेजी से बदलाव लाने और उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के लिए अनेक नवाचारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
आदिवासी समुदाय को सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जा रही महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जनमन योजना में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, आवास, पेयजल जैसी महत्वपूर्ण मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है।
आदिवासी क्षेत्रों के तेजी से विकास सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र सरकार की पहल पर जगदलपुर के नगरनार में लगभग 23 हजार 800 करोड़ रूपए की लागत से वृहद स्टील प्लांट लगाया गया हैं, इससे आने वाले वर्षों में बस्तर अंचल की पूरी तस्वीर बदलेगी। लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा साथ ही रोजगार के नए अवसरों का निर्माण होगा।
इस साल के केन्द्रीय बजट में जनजाति उन्नत ग्राम अभियान योजना शामिल की गई है। इस योजना से राज्य के लगभग 85 विकासखंडों में शामिल गांवों को विभिन्न मूलभूत सुविधाएं मिलेगी। इसके अलावा जैविक खेती को बढ़ावा देने जैसी प्राथमिकताएं भी जनजाति क्षेत्रों की दशा और दिशा बदलेंगी।
जनजाति क्षेत्रों के तेजी से विकास सुनिश्चित करने के लिए भारत माला प्रोजेक्ट के अंतर्गत रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है 464 किलोमीटर लंबा और छह लेन चौड़ा एक्सप्रेसवे होगा। यह छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे मार्ग छत्तीसगढ़ में 124 किलोमीटर, ओडिशा में 240 किलोमीटर और आंध्र प्रदेश में 100 किलोमीटर बनेगी। उड़ीसा से आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम तक बनाए जा रहे इस नए कॉरिडोर से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। वहीं नए उद्योगों की स्थापना से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
बस्तर के माओवादी आतंक से सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक तरफ सुरक्षा कैंपों की सख्या बढ़ायी जा रही है। वहीं सुरक्षा कैंपों के आसपास 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में केन्द्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए नियद् नेल्लानार जैसी नवाचारी योजनाओं की शुरूआत की गई है। इस योजना के बेहतर और सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। लोगों का विश्वास फिर से शासन-प्रशासन के प्रति लौटने लगा है।
आदिवासियों की आय में वृद्धि और उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। प्रदेश सरकार ने लगातार ऐसे कदम उठाए हैं, जिनसे वनों के साथ आदिवासियों का रिश्ता फिर से मजबूत हुआ है। वनांचल क्षेत्रों में लघु वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी के साथ-साथ तेन्दूपत्ता का खरीदी कार्य भी पहले से अधिक व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा 36 कॉलेजों के भवन-छात्रावास निर्माण के लिए 131 करोड़ 52 लाख रूपए मंजूर किए गए है। इससे प्रदेश के 36 कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ होंगे तथा शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वहीं युवाओं को उच्च स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं प्राप्त होगी और वे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकेंगे।
राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता पारिश्रमिक दर प्रतिमानक बोरा 4000 से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दिया है। इससे लगभग 13 लाख जनजाति परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में लघु वनोपज संग्रहण भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हो रहा है। लघु वनोपज के प्रसंस्करण के लिए वनधन केन्द्रों की स्थापना की गई है।
प्रदेश में जनजातिय समुदाय के बच्चों के लिए बेेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा माओवादी प्रभावित क्षेत्र के बच्चों के लिए 15 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित है। इन विद्यालयों में मेधावी विद्यार्थियों को अखिल भारतीय मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जा रही हैं। नई दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए संचालित यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई है।
राज्य में बस्तर, सरगुजा, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों के कामकाज को व्यवस्थित और प्रभावित बनाने के लिए इनका पुनर्गठन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इन प्राधिकरणों की कमान अब मुख्यमंत्री के हाथों में होगी। क्षेत्रीय विधायक इन प्राधिकरणों के सदस्य होंगे तथा मुख्यमंत्री के सचिव अथवा सचिव इन प्राधिकरणों के सदस्य सचिव होंगे।
आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए बस्तर अंचल के देवगुड़ियां और घोटुलों तथा अन्य ऐतिहासिक धरोहरों के आसपास एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण किया जा रहा है। इससे लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, साथ ही ऐसे स्थानों में प्राकृतिक सुन्दरता भी बढ़ेगी।




रायपुर दक्षिण उपचुनाव के लिए भाजपा प्रभारियों की नियुक्ति
रायपुर। भाजपा ने रायपुर दक्षिण उप चुनाव के लिए बीजेपी प्रभारियों की घोषणा कर दी है. कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल और प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा को प्रभारी बनाए गए हैं. बता दें कि भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद रायपुर दक्षिण विधानसभा की सीट खाली हो गई है.
CGPSC घोटाले की CBI कर रही जांच : सीएम साय ने ट्वीट कर कहा – लिख रहे हैं सुशासन का नया अध्याय, प्रदेश के युवाओं को मिलेगा न्याय
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सीजीपीएससी घोटाले की जांच के लिए सीबीआई ने आज कई शहरों में छापा मारा है. इस कार्रवाई पर सीएम विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर कहा, सुशासन का नया अध्याय लिख रहे हैं. प्रदेश के युवाओं को न्याय मिलेगा.
सीएम साय ने आगे लिखा है, छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस सरकार ने पीएससी जैसी स्वच्छ छवि वाले संस्थान में घोटाला कर उसको बदनाम किया. प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया. अब सुशासन की सरकार में घोटालों की तह तक जांच हो रही है, कोई भी भ्रष्टाचारी नहीं बचेंगे. युवाओं को न्याय मिलकर रहेगा.
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया तीन साल में 200 ट्रेन रद्द होने का मामला
रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को छत्तीसगढ़ रेलवे से जुड़ी जनसमस्याओं एवं सुविधाओं के मुद्दे को लोकसभा में उठाया। बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान छत्तीसगढ़ में पिछले तीन सालों से ट्रेनों के अनियमित परिचालन और रद्द होने तथा वर्तमान रेल मार्गों के उन्नयन/विस्तार/रख-रखाव और नई रेलगाड़ियों के संचालन और बिलासपुर, रायपुर रेल मंडल में राजस्व संकलन से संबंधित जानकारी मांगी।
जिसपर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि, यूपीए सरकार की तुलना में मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ को 22 गुना ज़्यादा राशि आवंटित की है। 2014 में जहां 311 करोड़ राशि आवंटित हुई थी, वहीं 2024 में 6,922 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है। यूपीए सरकार में जहां साल भर में 6 किलोमीटर रेललाइन बिछायी जाती थी वो अब 100 किलोमीटर सालाना हो गयी है।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में करीब 37 हजार करोड़ रुपए की 25 परियोजनाएं हैं, जिसमे 8 नई लाइन और 17 दोहरीकरण की है जिनकी कुल लंबाई 2,731 किलोमीटर है। रेल मंत्री ने यह भी बताया कि, ट्रेन रद्द होने की वजह रेललाइनों के दोहरीकरण -तिहरीकरण के दौरान इंटरलॉकिंग है जिसके समाधान के लिए नई तकनीक पर काम हो रहा है और जल्द ही रेल यात्रियों को हो रही परेशानियों से निजात मिल जायेगी और रेल यात्रा पहले से ज्यादा सुगम हो जायेगी। रेल मंत्री ने यह भी बताया कि रायपुर और बिलासपुर मंडल द्वारा अन्य गैर-किराया राजस्व कार्यकलापों जैसे रेलवे डिस्प्ले नेटवर्क, आउट ऑफ होम विज्ञापन, रेलगाड़ियों पर विज्ञापन, एटीएम और स्टॉल आदि से मिलने वाले राजस्व में पिछले कुछ समय से वृद्धि देखी गई है।
राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की 23वीं बैठक सम्पन्न
रायपुर। राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मडल छत्तीसगढ़ की 23वीं बैठक आज खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाईन विश्राम भवन के मिनी कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुई। बैठक में सचिव पी. दयानंद ने कहा कि किसी भी देश एवं राज्य के विकास में खनिजों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। छत्तीसगढ़ में खनिज अधारित नये उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य में विद्यमान विभिन्न खनिजों का सतत् एवं व्यवस्थित तरीके से अन्वेषण किया जाना चाहिए।
उन्होंने बैठक में उपस्थित अन्वेषण कार्यों से संबद्ध सभी विभागों एवं संस्थानों से कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास हेतु वे अपनी कुशलता, संसाधन एवं उपलब्ध नवीनतम् तकनीकियों का उपयोग कर प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों का अन्वेषण करे। उन्होंने छत्तीसगढ़ में खनिजों के विकास के लिए कार्य करने वाली एजेंसियों के मध्य उत्पादित आंकड़ों को आपस में साझा करने और परस्पर समन्वय स्थापित किये जाने की सलाह दी है। पी. दयानंद ने बताया कि वर्ष 2023-24 में लगभग 13000 करोड़ रूपए के खनि राजस्व की प्राप्ति हुई है जो राज्य स्थापना वर्ष की तुलना में लगभग 30 गुना अधिक है।
खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने राज्य में खनिज अन्वेषण एवं खनिज दोहन के क्षेत्र में कार्यरत केंद्र और राज्य सरकार के विभागों एवं संस्थानों द्वारा वर्ष 2023-24 में किये गये भू-वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान वर्ष 2023-24 के सम्पादित कार्यों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई और प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों की खोज के लिए वर्ष 2024-25 में प्रस्तावित भू-वैज्ञानिक कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में भौमिकी तथा खनिकर्म विभाग के संचालक सुनील कुमार जैन सहित केन्द्र तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों और उपक्रमों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
प्रदेश में चूना पत्थर और लौह अयस्क के नए भण्डार खोजे गए
भौमिकी तथा खनिकर्म विभाग के संचालक श्री जैन ने वर्ष 2023-24 में सम्पन्न कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष कुल 1050 मिलियन टन चूनापत्थर एवं लौह अयस्क के कुल 179 मिलियन टन भण्डार आंकलित किये गये।
खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में NMET के तहत वर्ष 2023-24 में चूनापत्थर हेतु 01 अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति प्राप्त हुई है। अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को NMET के तहत् राज्य के अन्वेषण कार्य हेतु तीन प्रस्ताव स्वीकृत किये गये थे। जिसमें दो ग्रेफाईट एवं एक दुर्लभ मृदा धातुएँ (REE) शामिल है।
केन्द्र तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों, उपक्रमों के प्रतिनिधियों द्वारा भी छत्तीसगढ़ राज्य में किये गये खनिज अन्वेषण कार्यों की जानकारियों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के उप महानिदेशक डॉ. सुदीप भट्टाचार्या ने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बाक्साइट, गोल्ड, कॉपर, ग्लूकोनाईट, ग्रेफाइट, बेसमेटल, डायमण्ड, लिथियम, REE, PGE, फास्फोराइट, फ्लोराईट खनिज हेतु सर्वेक्षण कार्य किया गया है। वर्ष 2024-25 में विभिन्न खनिजों की कुल 25 परियोजनाओं पर कार्य लिया जा रहा है।
संयुक्त संचालक (भौमिकी) संजय कनकने ने बताया कि संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2024-25 में कुल 12 अन्वेषण परियोजना को सर्वेक्षण-पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें मैंगनीज पर 01, ग्रेफाईट पर 01, चूनापत्थर पर 03, लौह अयस्क पर 05 एवं बाक्साइट पर 02 परियोजना शामिल है। खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में NMET के तहत वर्ष 2024-25 में अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को राज्य में अन्वेषण कार्य हेतु दो प्रस्ताव स्वीकृत किये गये हैं। जिसमें 01 लिथियम तथा 01 ग्रेफाईट का प्रस्ताव सम्मिलित है।
इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में विभिन्न संस्थानों द्वारा प्रदेश में 10 विभिन्न खनिजों की कुल 44 परियोजना अन्वेषण-पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें फास्फोराईट के 02, गोल्ड के 05, ग्लुकोनाईट के 06, REE (Lithium, Tantalum etc.) के 11, लेड-जिंक के 01, फास्फेट के 01, बॉक्साईट के 05, लौह अयस्क के 09, कॉपर के 02, ग्रेफाईट की 01 एवं लीथियम की 01 अन्वेषण-पूर्वेक्षण परियोजना शामिल है।
नियम विरुद्ध राशि आहरण करने पर मोहतरा सरपंच बर्खास्त, निर्वाचन हेतु 6 वर्ष के लिए अयोग्य घोषित
रायपुर। कार्यों के भुगतान हेतु बिना पंचायत प्रस्ताव के 3 लाख 34 हजार 500 रुपये का आहरण नियम विरुद्ध करने पर जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहतरा की सरपंच ईश्वरी साहू को छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम1993 की धारा 40 (1) के प्रावधानो के तहत तत्काल प्रभाव से पृथक कर दिया गया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ पंचयती राज अधिनियम 1993 की धारा 40(2) के प्रावधानो के तहत 6 वर्ष की कलावधि के लिए पंचायत अधिनियम के अधीन निर्वाचन, सहयोजन के लिए निरर्हित घोषित किया है। इस सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिया गया है।
जारी आदेशानुसार ग्राम पंचायत मोहतरा के सरपंच सचिव के विरुद्ध 14 वें एवं 15 वें वित्त की राशि का दुरूपयोग करने की शिकायत पर जनपद पंचायत बलौदाबाजार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जाँच दल गठित कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया जिसमें ग्राम पंचायत मोहतरा की सरपंच ईश्वरी साहु द्वारा ग्राम पंचायत में सार्वजनिक शौचालय निर्माण,अहाता निर्माण, गोठान में वर्मी शेड निर्माण, हैंडपम्प मरम्मत, पेयजल, स्वच्छता कार्यक्रम कार्यो का भुगतान स्वयं एवं अपने पति तथा बिना पंचायत प्रस्ताव के 3 लाख 34 हजार 500 रूपये आहरण किया गया।
सरपंच ग्राम पंचायत मोहतरा द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के अधीन छत्तीसगढ़ पंचायत लेखा नियम 1999 के प्रावधानो का पालन न कर अपने कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई जिसके कारण वह अपने कर्तव्य के निर्वहन में अवचार के दोषी तथा उनका पद पर बना रहना लोकहित में अवांछनीय है। उक्त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर एसडीएम द्वारा सरपंच ग्राम पंचायत मोहतरा ईश्वरी साहु को छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम1993 की धारा 40 (1) के प्रावधानो के तहत तत्काल प्रभाव से पृथक कर दिया है।
CGPSC घोटाला : पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी की भांजी के यहां भी CBI का छापा, सुनीता का श्रम अधिकारी पद पर हुआ है चयन
सुनीता जोशी के घर सुबह से CBI की जांच चल रही है. बता दें कि 2023 में सुनीता जोशी का चयन श्रम पदाधिकारी के पद पर हुआ था. इसके पहले वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर पदस्थ थी. सीबीआई की टीम पिथौरा से करीब 6 किलोमीटर दूर सुनीता जोशी के मायके हरदी गांव पहुंचकर CGPSC घोटाले की जांच कर रही.
सीबीआई ने इन पर दर्ज की है एफआईआर
जांच एजेंसी सीबीआई ने सीजीपीएससी में गड़बड़ी मामले में तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जेके ध्रुव और अन्य के खिलाफ कथित एफआईआर दर्ज की है. इन पर भाई-भतीजावाद और अपने अयोग्य बेटों, बेटी, रिश्तेदारों और परिचितों को जिला कलेक्टर, डिप्टी एसपी के बड़े पदों पर भर्ती सुनिश्चित करने के लिए मेरिट सूची में डालने का आरोप है.
भाजपा सहायता केंद्र में 8 और 9 अगस्त को दो मंत्री सुनेंगे आम लोगों की समस्याएं
रायपुर। भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी के राजधानी में कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में सहायता केंद्र में समस्याओं के निदान प्रदेश सरकार के मंत्री और संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहते हैं।
इसी कड़ी में आगामी 8 अगस्त को प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी समस्याओं का निराकरण करने दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहेंगे। चौधरी के साथ भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव मौजूद रहेंगे। इसी प्रकार 9 अगस्त को महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े जन समस्याओं का निराकरण करने दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहेंगीं।
उनके साथ भाजपा प्रदेश मंत्री अवधेश चंदेल मौजूद रहेंगे। इस हेतु पंजीयन दोपहर 1 से 2 बजे तक होगा। प्रदेश महामंत्री श्री श्रीवास्तव ने बताया कि समस्याओं के समाधान के लिए भाजपा ने सहायता केंद्र की शुरुआत की है और सहायता केंद्र के माध्यम से समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है।
कारखानों में तय मापदंडों का पालन नहीं, तेजी से बढ़ रहा प्रदूषण, हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता से मांगा जवाब
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कारखानों की वजह प्रदूषण बढ़ रहा. इस पर प्रभावी रोक लगाने हाईकोर्ट में चार अलग-अलग जनहित याचिका लगाई गई है. हाईकाेर्ट में पेश रिपोर्ट में राज्य शासन ने माना है कि प्रदेश में तकरीबन 60 ऐसे स्पंज आयरन और सीमेंट प्लांट हैं, जहां तय मानकों व मापदंडों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है और औद्योगिक प्रदूषण तेजी से फैल रहा है. इस मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने महाधिवक्ता से जवाब मांगा है. जनहित याचिका की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी.
हाईकोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में रजिस्टर्ड कराया है. सभी जनहित याचिकाओं पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में सुनवाई चल रही है. इस मामले में हाईकोर्ट ने एडवोकेट प्रतीक शर्मा और पीआर पाटनकर समेत 11 अधिवक्ताओं को न्याय मित्र नियुक्त किया है और उनसे प्रदेश की इन औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण के कारण हो रही परेशानी के बारे में जानकारी मंगाई थी.
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि राज्य में करीब ऐसे 60 स्पंज आयरन या सीमेंट प्लांट हैं , जहां प्रदूषण की शिकायतें आ रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस की डीविजन बेंच ने न्याय मित्रों को कोर्ट कमिश्नर बनाकर डाटा रिपोर्ट पेश करने कहा था. इसके बाद हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस की डीविजन बेंच में सभी कोर्ट कमिश्नरों ने रिपोर्ट पेश कर दी थी.
मामले की सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने स्वीकार किया कि राज्य में कई जगह संचालित प्लांट्स में जरूरी प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है. प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए शासन की योजना बन चुकी है, इसे लागू कराने में कुछ समय लगेगा. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने महाधिवक्ता को जवाब पेश करने कहा है.
साय कैबिनेट बैठक में गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व गठित करने का निर्णय, छत्तीसगढ़ में ईको-पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कैबिनेट की बैठक हुई. कैबिनेट की बैठक में गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व गठित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है.
मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक की अनुशंसा और भारत सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण की सहमति के अनुसार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में स्थित गुरूघासीदास राष्ट्रीय उद्यान तथा तमोर पिंगला अभ्यारण्य के क्षेत्रों को सम्मिलित करते हुए 2829.387 वर्ग कि.मी. क्षेत्रफल में गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व अधिसूचित करने का निर्णय लिया गया है। इसके गठन की आगे की कार्रवाई के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को अधिकृत किया गया है.
टाइगर रिजर्व के गठन से राज्य में ईको-पर्यटन का विकास होगा साथ ही कोर और बफर क्षेत्र में स्थित ग्रामीणों के लिए गाईड, पर्यटक वाहन, रिसार्ट संचालन के साथ ही विभिन्न प्रकार के रोजगार सृजित होंगे. टाइगर रिजर्व में कार्य करने के लिए राष्ट्रीय प्रोजेक्ट टाइगर ऑथोरिटी से अतिरिक्त बजट प्राप्त होगा जिससे क्षेत्र के गांवों में आजीविका विकास के नए-नए कार्य किए जा सकेंगे.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर नगर पालिक निगम चिरमिरी को मिली विकास कार्यों की सौगात
रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल से नगर निगम चिरमिरी को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से अधोसंरचना मद में 35 निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिली है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में निकाय क्षेत्रांतर्गत इन निर्माण कार्यो के लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 4 करोड़ 98 लाख 58 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गयी है।
स्वीकृत निर्माण कार्यों में वार्ड क्र. 15. सरगुजा समिति के पास, हल्दीबाड़ी, धिरमिरी में सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 16. भुरकुण्डी मुक्तिधाम के पास, हल्दीबाडी, चिरमिरी में भवन निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 34, क्षत्रीय समाज भवन के पास, सोनाग्नी नाका, चिरमिरी में सांस्कृतिक भवन निर्माण के लिए 20.50 लाख रूपए, वार्ड क्र. 23, एसईसीएल पानी टंकी पास, छोटा बाजार, चिरमिरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रूपए, वार्ड क्र. 17, पुलिया के पार, मोहन कॉलोनी, हल्दीबाड़ी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20.50 लाख रूपए, वार्ड क्र. 13, बब्लू डे के घर के पास, हल्दीबाड़ी, चिरमिरी में भवन निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
इसी प्रकार वार्ड क्र. 39, गिरीडीह दफाई पो पास, डोमनहिल, चिरमिरी में भवन निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 37, दुर्गा पण्डाल के सामने डोमनहिल, चिरमिरी में बाउण्ड्रीवाल निर्माण के लिए 11.65 लाख रूपए, वार्ड क्र. 39, संकट मोचन मंदिर के पास, डोगनहिल, चिरमिरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20.50 लाख रूपए, वार्ड क्र. 21, मारिया स्कूल के पास, छोटा बाजार, चिरमिरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20.50 लाख रूपए, वार्ड क्र. 35, टैक्सी स्टेण्ड के पास, डोमनहिल, चिरमिरी में उद्यान का सौदर्गीकरण कार्य 22.31 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20, सुलभ शौचालय के पास, छोटा बाजार, चिरनिरी में अतिरिक्त हॉल निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20, लाहिड़ी कॉलेज के सामने, छोटा बाजार, बिरमिरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20.50 लाख रूपए, वार्ड क्र. 07, सुलभ कॉम्पलेक्स के सामने, कोरिया कॉलरी, चिर्तमेरी में सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 13, रेल्वे स्टेशन शिव मंदिर के पास हल्दीबाड़ी, चिरगिरी में शेड निर्माण के लिए 5.55 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20, दलगंजन दाई छोटा बाजार, चिरमिरी में पार्क निर्माण के लिए 25.44 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
वार्ड क्र. 07, फुटबॉल ग्राउण्ड के पास कोरिया कॉलरी, विरविरी में शेड निर्माण के लिए 5.55 लाख रूपए, वार्ड क्र. 07, मित्तल के घर के पास, कोरिया कॉलरी चिरमिरी में शेड निर्माण 5.55 लाख रूपए, वार्ड क्र. 40, टैक्सी स्टैण्ड के पार होमनहिल चिरगिरी में शेड निर्माण के लिए 15.22 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20, गौरव भौय के घर के पार, छोटा बाजार, विरमिरी में सांस्कृतिक मंत्र निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 13 शा. उ. मा. विद्यालय हल्दीबाड़ी के पास अतिरिक्त का निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18, मीना के घर के पास ईटा भट्टा दफाई, हल्दीबाडी में सांस्कृतिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रूपए, वार्ड क्र. नोहर साय के घर के पास से तुर्रा तक, हल्दीबाड़ी, चिरमिरी में सी०सी० नाली निर्माण के लिए, 3.99 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18, जिम हॉल के पास, हल्दीबगड़ी, मिरमिरी में सी०सी० नाली निर्माण के लिए 4.46 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18, इन्द्रजीत के घर के पास से कृष्णा यादव के घर तक हल्दीबाड़ी, चिरमिरी में नाली एवं रिटेनिंगवाल निर्माण के लिए 30.64 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
इसी प्रकार वार्ड क्र. 18, ईटा भट्टा दफाई, हल्दीबाड़ी में सी०सी० रोड निर्माण के लिए 10.89 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18, महेश यादव के घर के पास से संतोष लहरे के घर तक, हल्दीबाड़ी. चिरमिरी में पेवर ब्लॉक फिक्सिंग कार्य के लिए 8.43 लाख रूपए, वार्ड क्र. 11. हल्दीबाडी में छठघाट का सौदर्याकरण कार्य के लिए 15.51 लाख रूपए, वार्ड क्र. 01 से 40 तक, नगरपालिक निगम चिरमिरी क्षेत्रांतर्गत विभिन्न स्थलों में स्ट्रीट लाईट स्थापना कार्य के लिए 11.59 लाख रूपए, वार्ड क्र. 15, हल्दीबाड़ी चिरमिरी में शहीद राजेश पटेल स्मारक का सौंदर्याकरण कार्य के लिए 19.99 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12, शिव मंदिर टैक्सी स्टैण्ड के पास, महुआ दफाई, हल्दीबाड़ी में अतिरिक्त कक्ष निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य के लिए 9.14 लाख रूपए, वार्ड क्र. 13, शिव मंदिर के पास, हल्दीबाड़ी, चिरमिरी में शेड निर्माण के लिए 10.35 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18, ब्राम्हण समाज के पास, हल्दीबाड़ी, चिरमिरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10.42 लाख रूपए, वार्ड क्र. 35, शनि मंदिर के पास, डोमनहिल, चिरमिरी में आर०सी०सी० चबूतरा निर्माण के लिए 3 लाख रूपए, वार्ड क्र. 39, छठघाट के पास, डोमनहिल, चिरमिरी में सौंदयीकरण कार्य के लिए 20 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्रत्येक नागरिक प्रयास करें - राज्यपाल रमेन डेका
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की परिचयात्मक बैठक ली। उन्होंने जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता पर जोर दिया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव यशवंत कुमार, विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय, सहित राजभवन के अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि ऊर्जा की बचत के लिए सभी को प्रयास करना होगा। अनावश्यक बिजली खर्च नहीं करना चाहिए। इसके अलावा प्लास्टिक प्रदूषण से बचने के लिए पानी की बोतलों का यथासंभव कम उपयोग करना चाहिए। अपने आस-पास के वातावरण में स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत सभी को पेड़ लगाना चाहिए और अन्य लोगों को भी प्रेरित करना चाहिए। राज्यपाल श्री डेका ने राज्य में विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में रेडक्रॉस की गतिविधियों को बढ़ाने पर बल दिया और कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल हेतु रेडक्रॉस सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए और अधिक प्रयास करना होगा। राज्य के आकांक्षी जिलों में जो कार्य चल रहे है उनकी नियमित रूप ये मॉनिटरिंग की जाए। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों में भर्ती के लिए कार्रवाई हेतु विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया जाए ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कार्यालय में डिजिटाइजेशन और डिजिटल लाइब्रेेरी बनाने की दिशा में कार्य करने हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा सभी को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और दूसरोें को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल श्री डेका ने आज के समाचार पत्र में प्रकाशित नारायणपुर जिले में नक्सलियों से लड़ कर अपने पिता की जान बचाने वाली साहसी बालिका की खबर को जानकर, उसे राजभवन में बुलाकर सम्मानित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव हिना अनिमेष नेताम एवं राजभवन के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में हाथियों के आतंक और डॉग बाइट पर कैबिनेट की बैठक में सरकार लेगी अहम फैसला, मंत्री रामविचार नेताम ने कही यह बात…
रायपुर। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आज दिल्ली वापसी के बाद अपने दौरे को लेकर कहा कि उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि आज होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रदेश में बढ़ रहे हाथी के आतंक और डॉग बाईट के मामलों को लेकर सरकार अहम फैसले ले सकती है. इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर तंज कसा है.
मंत्री नेताम ने कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर कहा कि यह कांग्रेस का मामला है, उनके पास जितने ताश के पत्ते हैं, उसी में फेंट रहे हैं. लेकिन रिजल्ट तो कुछ होना ही नहीं है, निकलना तो जोकर ही है.
वहीं सरगुजा में हाथियों के आतंक को लेकर मंत्री नेताम ने कहा कि हाथियों का बहुत अधिक दबाव है. हाथी के चलते लोगों को काफी परेशानी होती है खासकर ट्राइबल बेल्ट में रहने वाले लोगों का रात में सोना मुश्किल होता है. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर हमने केंद्रीय मंत्री के पास प्रस्ताव रखा है, कि इसके लिए कोई स्पेशल योजना चलाकर उन्हें सुरक्षित रखा जाए.
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में बढ़ रहे डॉग बाईट के मामलों को लेकर मंत्री नेताम ने कहा कि सरकार की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं. कैबिनेट की बैठक में हो सकता है कि इस पर भी चर्चा हो.
मंत्री रामविचार नेताम ने कैबिनेट की बैठक को लेकर कहा कि यह सरकार का रूटीन का काम है. हर हफ्ते एक बैठक कर सरकार जो काम है, उसके बारे में निर्णय लिया जाता है और काम पूरा किया जाता है. आज भी बैठक है, जो भी छत्तीसगढ़ के लिए आवश्यक होगा, जनहित में होगा, उन पर निर्णय लिए जाएगा.