रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर जिले के प्रवास के दौरान दन्तेश्वरी कन्या कॉलेज के सामने नवीन राजस्व कार्यालय परिसर में 48 – 48 लाख की लागत से निर्मित तीन अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय जगदलपुर, तोकापाल और लोहण्डीगुड़ा तथा 250-250 लाख की लागत से निर्मित लोहण्डीगुड़ा और बुरगुम थाना का लोकार्पण किया।
नवीन अनुविभागीय कार्यालय के खुलने से राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए जगदलपुर के लगभग तीन लाख, तोकापाल के लगभग दो लाख 65 हजार और लोहण्डीगुड़ा के लगभग एक लाख आबादी को सुविधा मिलेगी। इससे पहले जगदलपुर का एसडीएम कार्यालय संयुक्त कार्यालय में संचालित किया जाता था, इसी प्रकार तोकापाल और लोहण्डीगुड़ा का अनुविभागीय कार्यालय तहसील कार्यालय परिसर में संचालित होता था। नवीन थाना भवनों के निर्माण से क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था को भी लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने राजस्व कार्यालय परिसर में 66.49 लाख की लागत से नवीन तहसील कार्यालय जगदलपुर का जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया। इस तहसील कार्यालय में जगदलपुर और नजूल न्यायालय के साथ-साथ फ्रेजरपुर, कुरुंदी, मार्केल का न्यायालय नायब तहसीलदार भी बनाया गया है। पूर्व में यह तहसील कार्यालय अपने पुराने भवन में संचालित की जा रही थी, न्यायालयों का विस्तार होने से पुराने भवन में जगह की दिक्कत और जनता की सहूलियत की दृष्टिकोण से नए जगह पर स्थानांतरित किया गया है। पुराने तहसील भवन को बस्तर दशहरा में शामिल होने वाले देवी-देवताओं और उनके सेवादारों के ठहरने के लिए हेरिटेज ग्राउंड के रूप में विकसित किया जा रहा है।
लोकार्पण के अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाडे, सांसद बस्तर महेश कश्यप,जगदलपुर विधायक किरणदेव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, महापौर सफीरा साहू, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
रायपुर। पेरिस ओलंपिक 2024 का आगाज हो गया है. इस ओलंपिक में भारत की 26वीं उपस्थिति है, जिसमें देशभर से 139 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे. वहीं छत्तीसगढ़ से एक भी खिलाड़ियों का चयन नहीं होने से खिलाड़ियों में निराशा है. पिछले कई सालों से खिलाड़ी मेहनत कर रहे पर चयन नहीं हो रहा. खेल विशेषज्ञ का कहना है कि छत्तीसगढ़ अंधोसंरचना और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते यहां के खिलाड़ियों का चयन नहीं हो रहा.
छत्तीसगढ़ राज्य बने 24 साल हो चुके हैं, मगर विडंबना ऐसी है कि हमारे राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर ही कुछ एक मेडल ला रहे हैं. ऐसे में ओलम्पिक में जाने का सपना कोसो दूर दिखाई देता है. ऐसा नहीं है कि हमारे प्रदेश के खिलाड़ियों में काबिलियत की कमी है. उचित संसाधन और खेलों में राजनीति होने से प्रदेश के खिलाड़ियों का ओलंपिक में मेडल जीतने का सपना केवल सपना ही रह गया है.
ओलम्पिक में मेडल जीतने का सपना संजोए अंतराष्ट्रीय वेटलिफ्टर अजय दीप सारंग ने बताया कि बहुत मेहनत की थी. मेरे पिताजी ने भी मुझे लेकर बहुत मेहनत की थी. कहीं ना कहीं उस समय जागरूकता की कमी थी. 2012 ओलंपिक में क्वालीफिकेशन राउंड में बड़े भाई रुस्तम सारंग बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे, उस समय हमको क्वालिफिकेशन का सिस्टम नहीं मालूम था इसलिए हम शुरू से एक निगेटिविटी में चल रहे थे. क्वालीफिकेशन राउंड समझ में आया तब हमको पता चला कि हमारा भी मौका था. थोड़ा मौका और हम बना लेते तो आज हम ओलंपिक में जरूर होते.
ओलंपिक में खिलाड़ियों का चयन नहीं होना कांग्रेस सरकार की देन : टंकराम
छत्तीसगढ़ से एक भी एकल खिलाड़ी को ओलंपिक में जाने का अवसर नहीं मिला है. इस मामले में छत्तीसगढ़ के खेल मंत्री टंक राम वर्मा ने पूर्ववर्ती सरकार को घेरते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ से एक भी खिलाड़ी ओलंपिक में नहीं गया. इसका कारण यही है कि पिछली सरकार ने कुछ नहीं किया है, जिसके कारण हमारा कोई भी खिलाड़ी वहां नहीं पहुंच पाया है. अभी हम लोग नए सिरे से मेहनत कर रहे हैं. आने वाले समय में हमारा खिलाड़ी ओलंपिक में जरूर जाएगा.
जानिए किस राज्य से कितने खिलाड़ी लेंगे ओलंपिक में हिस्सा
ओलंपिक में देशभर में कुल 139 खिलाड़ियों का चयन हुआ है. हरियाणा 24, पंजाब 19, तमिलनाडु 13, कर्नाटक 7, उत्तरप्रदेश 7, केरल 6, महाराष्ट्र 5, उत्तराखंड 4, दिल्ली 4, आंध्रप्रदेश 4, तेलंगाना 4, पश्चिम, बंगाल 3, चंडीगढ़ 2, गुजरात 2, ओडिशा 2, राजस्थान 2, मणिपुर 2, मध्य प्रदेश 2, असम 1, बिहार 1, गोवा 1, झारखंड 1, सिक्किम से 1 खिलाड़ियों का चयन ओलंपिक में हुआ है.
छत्तीसगढ़ में अंधोसंरचना और इंफ्राट्रक्चर की कमी : खेल विशेषज्ञ
छत्तीसगढ़ के खेल विशेषज्ञ की माने तो छत्तीसगढ़ में अंधोसंरचना और इंफ्राट्रक्चर की कमी है. इसके चलते छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को अच्छा प्रशिक्षण नहीं मिल पाता है. वरिष्ठ खेल विशेषज्ञ जसवंत कुमार क्लॉडियस ने कहा कि ओलंपिक में 28 खेल होते हैं. छत्तीसगढ़ में खेल प्रशिक्षक, इंफ्रास्ट्रक्चर, अधोसंरचना की कमी है. इसी वजह से छत्तीसगढ़ के जो खिलाड़ी हैं वे नहीं निकल पाए. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के बाद ही खेलों में खिलाड़ियों को अवसर दिया जाता है. दुर्भाग्य की बात है कि छत्तीसगढ़ से ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं निकल पाया है. छत्तीसगढ़ से एकमात्र खिलाड़ी रेणुका यादव हॉकी की महिला खिलाड़ी थी, जिन्होंने 2016 में ओलंपिक खेल में भाग लिया था.
खेलों के लिए इस वित्तीय वर्ष में सैकड़ों करोड़ का बजट जारी
छत्तीसगढ़ में खेल विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 90 करोड़ और अनपूरक बजट में 24 करोड़ का प्रावधान है. इस वित्तीय वर्ष में 114 करोड़ का बजट रखा गया है. साथ ही अधोसंरचना के तहत केंद्र से भी राशि का प्रावधान है. कई उद्योगों ने खेल संघों को गोद लिया है. बावजूद इसके खिलाड़ी राष्ट्रीय स्पर्धाओं से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं.
रायपुर। वर्तमान में अचानक हुई विद्युत दरों के वृद्धि से प्रदेश के स्टील उद्योगों को तगड़ा झटका लगा है. इससे छत्तीसगढ़ में लौह बनाने की कीमत काफी बढ़ गई है. स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोएिशन ने राज्य सरकार से पांच सालों के लिए 1.40 रुपए की अनुदान के साथ 15 सालों के लिए 8 प्रतिशत विद्युत शुल्क (Electricity Duty) को 0 करने की मांग की है.
छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के महासचिव मनीष धुप्पड़ ने विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 600 स्टील उद्योग है, जो लगभग 40 प्रतिशत खपत के साथ छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल के सबसे बड़े उपभोक्ता हैं. उद्योग प्रतिवर्ष लगभग 1100 करोड़ यूनिट खपत करता है, जिससे छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल को प्रतिवर्ष लगभग 7700 करोड़ रुपए का सबसे अधिक राजस्व मिलता है.
उन्होंने बताया कि केवल विद्युत खपत के लिहाज से ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ का लौह उद्योग जीएसटी टैक्स के माध्यम से राज्य शासन एवं भारत सरकार प्रति वर्ष लगभग 9 हजार करोड़ से अधिक राजस्व प्रदान करता है. इसके साथ यह उद्योग लगभग ढाई से तीन लाख परिवारों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करता है. छत्तीसगढ़ के मिनी स्टील प्लांट उद्योग 105 स्पंज आयरन एवं 220 रोलिंग मिलों की बीच की कड़ी है.
छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के महासचिव मनीष धुप्पड़ ने भारत के प्रमुख स्टील उत्पादक राज्यों की बिजली दरें का बिल प्रदर्शित करते हुए बताया कि ओडिशा में जहां 5.13 रुपए चार्ज किया जा रहा है, तो वहीं जिंदल पार्क रायगढ़ द्वारा 5.00 रुपए, पंजाब 5.44 रुपए और दामोदर वेल्ली पश्चिम बंगाल द्वारा 5.99 रुपए प्रति यूनिट चार्ज किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि हमारा तैयार माल एवं अन्य राज्यों का तैयार माल एक रूपण है, लेकिन विद्युत दरों में बढ़ोतरी से अन्य राज्यों की तुलना में हमारे माल की लागत काफी बढ़ गई है, और अन्य राज्यों के माल सस्ती दरों पर दूसरे राज्यों में विक्रय किया जा रहा है. भारी नुकसान और आर्थिक तंगी के बीच छत्तीसगढ़ के लौह उद्योग के ऊपर गहरा संकट आ गया है.
छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन ने छत्तीसगढ़ शासन से मांग की है कि जल्द से जल्द छत्तीसगढ़ के लौह उद्योगों को पूर्व की भांति 1.40 रुपए का अनुदान और 8 प्रतिशत विद्युत शुल्क में छूट दी जाए, जिससे छत्तीसगढ़ लौह उद्योग पुनः राज्य की अग्रणी विकास में अपनी महती भूमिका निभा सके. इसके साथ ही राज्य के बजट में जीएसटी लगभग 9000 करोड़ और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को 7700 करोड़ के अपना योगदान पूर्व की भांति प्रदान करता रहे.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश भाजपा ने बोरियाकला स्थित भाजपा मुख्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए सहयोग केंद्र की स्थापना की थी. यह सहयोग केंद्र शुरुआत में 15 दिनों तक संचालित हुआ, लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते दो महीने बंद रहा.
लोकसभा चुनाव के बाद पुनः सहयोग केंद्र जुलाई में प्रारंभ हुआ, जो गत 9 जुलाई से बंद था. भाजपा का सहयोग केंद्र अब 2 अगस्त से फिर शुरू होने जा रहा है. भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने बताया कि 2 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मौजूद रहेंगे. जो भाजपा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की समस्याओं के निदान व केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से अधिकतम लोगों को लाभांवित करेंगे.
बिलासपुर। सिम्स (सिम्स) की नर्सों और अन्य कर्मचारियों को एकतरफा कार्यमुक्त किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें सिम्स में ही कार्यरत रहने और उपस्थिति देने के साथ ही शासन को नोटिस जारी कर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, सिम्स की कर्मचारी गीता हालदार, दमयंती कश्यप, शारदा यादव, और वी लक्ष्मी राव वर्ष 2001 से भी पूर्व से यहां अपनी सेवाएं दे रही हैं। वर्ष 2001 में सिम्स की स्थापना के समय उन्हें गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में प्रतिनियुक्ति पर माना गया, जबकि उनकी मंशा नहीं पूछी गई। वर्ष 2006 में सिम्स को पुनः शासन ने अधिग्रहित कर लिया और याचिकाकर्ताओं की सेवाएं संचालक, चिकित्सा शिक्षा में पुनः प्रतिनियुक्ति पर दे दी गईं। तब से याचिकाकर्ता सिम्स में ही निरंतर सेवाएं दे रही हैं।
बता दें कि 28 जून 2024 को सिम्स प्रशासन ने अचानक याचिकाकर्ताओं को कार्यमुक्त कर दिया और उन्हें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में कार्यभार लेने का आदेश दिया। दूसरी ओर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इन कर्मचारियों को ज्वाइनिंग देने से इस आधार पर मना कर दिया कि उन्हें ऐसा कोई आदेश शासन से प्राप्त नहीं हुआ है।
इस आदेश से क्षुब्ध होकर कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि सिम्स प्रशासन ने सर्विस लॉ का पालन नहीं किया है और उनकी मंशा जाने बिना उन्हें एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया, जो कि फंडामेंटल रूल्स के विपरीत है और कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सिम्स में ही कार्यरत रहने और उपस्थिति देने का निर्देश देते हुए शासन को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अब प्राइवेट स्कूलों की तरह नियमित रूप से पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) आयोजित की जाएगी। राज्य के स्कूल शिक्षा सचिव, सिद्धार्थ कोमल परेदशी ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए एक पत्र जारी किया है। जिसके मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग का आयोजन 6 अगस्त 2024 को संकुल (Cluster) स्तर पर किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा सचिव, सिद्धार्थ कोमल परेदशी द्वारा सभी कलेक्टरों को जारी किये गए पत्र के अनुसार, प्रत्येक संकुल में बैठक के पूर्व तैयारियों को सुनिश्चित करने और जिला स्तरीय टीम द्वारा भौतिक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के दौरान, 12 निर्धारित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और शिक्षकों का चिन्हांकन कर उनका उन्मुखीकरण कराया जाएगा, ताकि वे पालकों को सही जानकारी प्रदान कर सकें।
बैठक के दौरान शिक्षक, शासन द्वारा संचालित विद्यार्थी हितग्राही योजनाओं की जानकारी देंगे, ताकि पालक और विद्यार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। इसके साथ ही, शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन हेतु राज्य में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान की जाएगी। बैठक में केवल शिक्षक और पालक ही शामिल होंगे। विद्यालयों में अध्यापन कार्य सुचारू रूप से चलता रहेगा और आधे शिक्षक बैठक में तथा आधे शिक्षक शैक्षणिक कार्य में व्यस्त रहेंगे। शाला विकास समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों को भी बैठक में आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही, काउंसलर और शिक्षाविदों को भी बैठक में आमंत्रित किया जाएगा ताकि पालकों को श्रेष्ठ पालकत्व की ओर अग्रसर होने में सहायता मिल सके। बैठक की निगरानी जिला स्तर पर एक दल द्वारा अनिवार्य रूप से की जाएगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं समाज सुधारक बालगंगाधर तिलक की 01 अगस्त को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि तिलक जी ने ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है‘ के प्रेरणादायक उद्घोष के साथ सबसे पहले पूर्ण स्वराज की मांग उठाई। इससे आम जनता में देश की स्वतंत्रता के लिए जागरूकता का संचार हुआ। जनता को देश प्रेम एवं अन्याय के विरूद्ध संगठित करने के लिए उन्होंने सार्वजनिक गणेश उत्सव और शिवाजी उत्सव की शुरूआत की। देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
रायपुर। लोकसभा के बजट सत्र में राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय ने रेल के क्षेत्र में विकास के लिए छत्तीसगढ़ को प्राप्त 6922 करोड़ के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया. सांसद पाण्डेय ने कहा कि साल 2009 में छत्तीसगढ़ राज्य को दक्षिण पूर्व मध्य रेल के माध्यम केन्द्रीय बजट में मात्र 311 करोड़ की राशि प्राप्त हुई, जबकि साल 2024 में 6922 करोड़ प्राप्त हुए हैं. बजट में 22 गुना वृद्धि कर रेल के क्षेत्र में विकास को गति प्रदान करने में केंद्र की मोदी सरकार हमेशा से प्रतिबद्ध रही है.
उन्होंने आगे बताया कि राज्य के 32 रेलवे स्टेशन को अमृत स्टेशन योजना में शामिल कर नवीनीकरण व उन्नयन का कार्य जारी है. साथ ही 37018 करोड़ की लागत से 25 नयी रेल परियोजनाओ पर कार्य जारी है. छत्तीसगढ़ में 141 ओवरब्रिज व अंडर ब्रिज का निर्माण किया गया है, जिसमें से 14 राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र से हैं.
डोंगरगढ़-कटघोरा नई रेल लाइन को गति देने की मांग
डोंगरगढ़ से कटघोरा नवीन रेल लाइन को गति प्रदान करने के विषय को सदन में रखते हुए सांसद संतोष पांडेय ने बताया कि इस नवीन रेल लाइन का जल्द निर्माण कार्य चालू होना आवश्यक है, जिससे मुंबई हावड़ा मेन लाइन पर रेल ट्रैफिक का दबाव थोड़ा कम होगा. मालगाड़ियों का परिवहन नवीन रेल लाइन से करने पर वर्तमान में ट्रेनों के समय से चलाये जाने में सहयोग प्राप्त होगा. उन्होंने कहा, नवीन रेल लाइन के निर्माण में डबल इंजन की सरकार का प्रभाव भी देखने मिला है, जिसमें रेल मंत्रालय ने 500 करोड़ और छत्तीसगढ़ की विष्णु देव सरकार ने 300 करोड़ का बजट प्रावधान किया है. सांसद पाण्डेय ने राजनांदगांव और डोंगरगढ़ स्टेशन में पूरी-गांधीधाम, पूरी-अजमेर, भगत की कोठी, डोंगरगढ़-रायपुर लोकल मेमू सहित अन्य ट्रेनों के ठहराव की मांग भी सदन के माध्यम से रखी है.
सांसद संतोष पांडेय ने प्रधानमंत्री मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार रेल के साथ ही सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की ओर सदैव अग्रसर है. सौर उर्जा से लेकर रेल, एवं नवीन सड़कों व औद्योगिक विकास तक सभी क्षेत्रो में डबल इंजन की सरकार का जादू दिखेगा.
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से लंबित 4% डीए और चुनावी घोषणापत्र में दिए गए “मोदी की गारंटी” के संदर्भ में विभिन्न मांगो को लेकर मुलाकात की। इस मुलाकात में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि, जल्द ही देय तिथि से लंबित 4% महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया जाएगा।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री को पूर्ववर्ती सरकार के दौरान बकाया डीए के एरियर्स, एलबी संवर्ग सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के संदर्भ में भाजपा के घोषणा पत्र में किए गए वायदे को पूरा करने की मांग करते हुए राज्य के कर्मचारियों की सरकार से की जा रही अपेक्षाओं से अवगत कराया। जिस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि चुनाव में दिए गए मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए सरकार को कुछ समय दीजिए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो भी वायदा किया है, उसे पूरा करेंगे।
16 जुलाई को इंद्रावती भवन में हुई थी बैठक
गौरतलब है कि 16 जुलाई को इंद्रावती भवन नया रायपुर में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में प्रदेश भर से दो दर्जन से अधिक कर्मचारी अधिकारी संगठन एवं शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि के अलावा सत्ता पक्ष के गैर राजनीतिक अनुषांगिक संगठन से जुड़े कर्मचारी नेता भी शामिल हुए थे।
इस बैठक में मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री से मिलकर कर्मचारियों की मांग रखने का निर्णय लिया गया था। उसके बाद 30 जुलाई को भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय से कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। इस मुलाकात में प्रतिनिधि मंडल ने संगठन महामंत्री पवन साय को अवगत कराया कि कर्मचारियों से किए गए वायदे पूरे नहीं होने से कर्मचारियों में निराशा का माहौल है, जबकि सत्ता परिवर्तन में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। संगठन महामंत्री ने प्रतिनिधि मंडल की बातों को सुनने के बाद हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया और महती भूमिका निभाते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी तक कर्मचारियों की मांग को पहुंचाया।
इसके बाद 31 जुलाई बुधवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल को मिलने का समय दिया। वित्त मंत्री से मुलाकात में प्रतिनिधि मंडल ने बकाया 4% डीए, डीए के एरियर्स सहित पूर्ववर्ती सरकार के समय पिछले 5 वर्षों से लम्बित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की मांग से अवगत कराया। प्रतिनिधि मंडल ने आंदोलनरत नगरीय निकाय के कर्मचारियों की मांग के संबंध में चर्चा करते हुए प्रत्येक माह की एक तारीख को उन्हें वेतन देने की व्यवस्था बनाने का अनुरोध भी किया।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी एवं भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय से मुलाकात करने वाले छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला, मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपूत, संरक्षक तीरथ लाल सेन, छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष आलोक मिश्रा, लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष संजय सिंह, प्रांतीय प्रवक्ता देवाशीष दास, राज्य शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर शामिल थे।
रायपुर। सोशल मीडिया में फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं. ताजा मामला राजधानी रायपुर से सामने आया है. यहां साइबर ठग ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर ठगी करने की कोशिश की. आरोपी ने इस आईडी से कई लोगों को मैसेज भेजे थे. इतना ही नहीं पुलिस के मुताबिक ठग ने फर्जी आईडी से अधिकारियों को कई आदेश भी भेजे थे. मामले में सायबर रेंज थाना ने आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को हिरासत में लिया है और मामले की जांच में जुट गई है.
ऐसे करते हैं ठगी :
गौरतलब है कि ऐसे साइबर ठग लोगों से पैसे ठगने पहले बड़े अफसरों, कारोबारियों या सेलिब्रिटी जैसे लोगों की फोटो का इस्तेमाल करते हुए फेक आइडी बनाते हैं. इसके बाद वे इसी आइडी से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं और फिर जब संबंधित व्यक्ति फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लेता है तो कुछ दिनों बाद अचानक ही पैसों की जरूरत बताते हुए पैसे मांगते हैं और एक विशेष नंबर देकर वे उस नंबर पर आनलाइन ट्रांजेक्शन करने की मांग करते हैं.
ऐसे करे सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा
अपने सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के लिए सबसे पहले तो आपको एक मजबूत पासवर्ड बनाने की जरूरत है. पासवर्ड में कैपिटल लेटर्स, स्माल लेटर्स, स्पेशल लेटर्स और न्यूमेरिक लेटर्स को मिलाकर तैयार होना चाहिए. इतना ही नहीं आपको अपने फोन नंबर, जन्मतिथि, किसी प्रियजन के नाम से जुड़े पासवर्ड रखने से बचना चाहिए. इसके अलावा अपने अकाउंट की सुरक्षा के लिए आप टू फैक्टर आथेंटिकेशन का विकल्प भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इस तरीके में अकाउंट लागिन करने के लिए पासवर्ड डालने के बाद आपको फोन या ई-मेल पर एक कोड भेजा जाता है, जिसे डालने के बाद ही आप लागिन कर सकते हैं. साथ ही अतिरिक्त सुरक्षा के लिए आपको हर छह महीने में अपना पासवर्ड चेंज कर देना चाहिए.
रायपुर। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) ने सीबीएसई (CBSE) को एक स्वतंत्र इकाई के रूप में मान्यता प्रदान की है. इसके चलते, सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के छात्रों को सत्र 2024-2025 से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित विकासखंड, जिला, संभाग, और राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने से अलग कर दिया गया था. हालांकि, छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसियेशन के अनुरोध के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने इस निर्णय को वापस ले लिया है.
एसोसियेशन ने लोक शिक्षण संचालनालय को अवगत कराया कि सीबीएसई ने SGFI से मान्यता प्राप्त कर ली है, लेकिन सेटअप तैयार नहीं हो पाने के कारण इस सत्र में प्रतियोगिताएं आयोजित करना संभव नहीं है. जिसके बाद छात्र हित को ध्यान में रखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने सीबीएसई से संबद्ध विद्यार्थियों को सत्र 2024-2025 में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित विकासखंड, जिला, संभाग, और राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति दी है. यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा.
रायपुर। देश में कोयले का घरेलू उत्पाद बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए कोयला मंत्रालय लगातार कार्य कर रहा है। लोकसभा में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवाल पर कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को यह जानकारी दी है। जिसके मुताबिक कोयला आयात को प्रतिस्थापित करने के लिए सरकार द्वारा कई उपाय किए गए हैं।
2020 में शुरू की गई गैर-विनियमित क्षेत्र (एनआरएस) लिंकेज नीलामी नीति में संशोधन के साथ, एनआरएस लिंकेज नीलामी में कोकिंग कोल लिंकेज की अवधि को 30 साल तक की अवधि के लिए संशोधित किया गया है। शक्ति नीति के संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत विद्युत संयंत्रों को अल्पावधि के लिए पेशकश की गई कोयले तथा एनआरएस लिंकेज नीलामी में 30 वर्ष तक की अवधि के लिए कोकिंग कोल लिंकेज की अवधि में वृद्धि से कोयला आयात प्रतिस्थापन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
सरकार ने वर्ष 2022 में निर्णय लिया है कि कोयला कंपनियों द्वारा विद्युत क्षेत्र के सभी मौजूदा लिंकेज धारकों की पूर्ण पीपीए आवश्यकता को पूरा करने के लिए कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। विद्युत क्षेत्र के लिंकेज धारकों की पूर्ण पीपीए आवश्यकता को पूरा करने के सरकार के निर्णय से आयात पर निर्भरता कम होगी। कोयला आयात प्रतिस्थापन के उद्देश्य से कोयला मंत्रालय में एक अंतर- मंत्रालयी समिति (आईएमसी) का गठन किया गया है। जिसमे विद्युत मंत्रालय, रेल मंत्रालय, नौवहन, वाणिज्य , इस्पात, खान मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, कोयला कंपनियों और बंदरगाही के प्रतिनिधि इस आईएममी के सदस्य है। आईएमसी के निर्देशों पर कोयला मंत्रालय द्वारा एक आयात डाटा प्रणाली विकसित की गई है ताकि मंत्रालय कोयले के आयात का पता लगा सके। कोयले की और अधिक घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाते हैं। साथ ही खनिज रियायत नियम , 1960 को संशोधित किया गया है जिससे कैप्टिव खान के पट्टेदार द्वारा अतिरिक्त राशि के भुगतान पर कोयला या लिग्नाइट की बिक्री की अनुमति दी जा सके, जो खान से जुड़े अल्य उपयोग संयंत्र की आवश्यकता को पूरा करने के बाद एक वित्तीय वर्ष में उत्पादित कुल कोयाले या लिग्नाइट के 50 प्रतिशत तक हो। कोयला अथवा लिग्नाइट की निधर्धारित मात्रा की विक्री की अनुमति से कैप्टिव पट्टेदार कैप्टिय खानी से उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे। इसके अलावा कोयला ब्लॉकों के विकास में तेजी लाने के लिए कोयला मंत्रालय द्वारा नियमित समीक्षा की जायेगी। कोयला कंपनियों ने घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। जिनमे कोल इंडिया लि ने कोयला उत्पादन में वृद्धि करने के लिए भूमिगत (यूजी) खानों में जहां कही व्यचहार्य हो, मुख्यतः सतत खनिकों के साथ व्यापक उत्पादन प्रौद्योगिकियां अपना रही है। सीआईएल ने परित्यक्त/बंद खान की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए हाईवाल खानों की भी योजना बनाई है। सीआईएल जहां कहीं संभव हो, बड़ी क्षमता वाली भूमिगत खानों की भी योजना बना रही है। सीआईएल की अपनी ओपनकास्ट खानों में पहले से ही उच्च क्षमता वाले एक्सकेवेटरों, डम्परों और सतही खनिकों में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी है।
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लि. द्वारा नई परियोजनाओं को आधार प्रदान करने और मौजूदा परियोजनाओं के प्रचालन के लिए नियमित संपर्क किया जा रहा है। एससीसीएल ने कोयले की निकासी के लिए सीएचपी, क्रशर, मोबाइल क्रशर, प्री-वे-बिन आदि जैसी अवसंरचना विकसित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। कोल मंत्रालय ने एनुअल कॉन्ट्रैक्ट क्वांटिटी को कुछ मामलों में नियामक आवश्यकता के 100% तक बढ़ा दिया गया है। जहां पहले एसीक्यू या तो नियामक आवश्यकता (गैर-तटीय) के 90% तक कम कर दिया गया था या जहां एसीक्यू को नियामक आवश्यकता (तटीय विद्युत संयंत्र) के 70% तक कम कर दिया गया था। एसीक्यू में वृद्धि के परिणामस्वरूप अधिक घरेलू कोयले की आपूर्ति होगी जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार माताओं-बहनों को सामाजिक, आर्थिक रूप से सशक्त करने के साथ ही उनके मान-सम्मान को बढ़ावा देने का काम पूरी ईमानदारी से कर रही है, जिसके चलते महिलाओं में एक नया आत्म विश्वास जगा है। महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना के चलते राज्य की 70 लाख महिलाओं को अब अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी तरह की दिक्कत नहीं रही है। इस योजना के तहत महिलाओं के बैंक खाते में राज्य सरकार की ओर से हर महीने एक हजार रूपए की राशि पहुंच रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी के अनमोल योगदान के प्रतीक के रूप में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभिनव पौधरोपण अभियान की शुरूआत की है। इस अभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य को और अधिक हरा-भरा बनाने, पर्यावरण का संरक्षण और महतारी का सम्मान है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में 5 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की माताओं और बहनों से किए अपने संकल्प को पूरा करते हुए महतारी वंदन योजना की शुरूआत की थी। इस योजना के तहत राज्य की 70 लाख महिलाओं को एक हजार रूपए की मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महतारी वंदन योजना की छठवीं किश्त की राशि एक अगस्त को अंतरित करेंगे।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ’एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण अभियान के तहत राज्य में हर व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर ‘एक पेड़ मां के नाम‘ पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत देश में सितम्बर 2024 तक 80 करोड़ एवं मार्च 2025 तक 140 करोड़ वृक्षों के रोपण का लक्ष्य है। ‘एक पेड़ मां के नाम‘ पौधरोपण अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में 2 करोड़ 75 लाख पौधों का रोपण किया किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में ’एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत 4 जुलाई को की थी। उन्होंने रायपुर स्थित अपने निवास पर दहीमन का पौधा लगाया और नागरिकों से अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने का आग्रह किया था।एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत लोग अपनी मां के सम्मान में पेड़ लगाने के अलावा अपनी आस्था के अनुसार देवी-देवताओं के नाम पर भी पौधे लगा रहे है। सभी जिलों में ग्राम एवं पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत ग्रामीण इलाकों में फलदार पौधे, लघु वनोपज एवं औषधीय प्रजाति के पौधों का रोपण हो रहा है। शहरी क्षेत्रों में छायादार प्रजातियां का रोपण किया जा रहा है। स्कूलों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केन्द्र, पुलिस चौकी, अस्पताल, शासकीय परिसर, शासकीय एवं अशासकीय भूमि, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों की रिक्त भूमि में भी इस अभियान के अंतर्गत पौधे रोपित किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य में पेड़ लगाने का यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह मातृत्व का सम्मान करने का एक अनूठा तरीका भी है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान आक्सीजन की मात्रा बढ़ाने, धरती का तापमान कम करने, भूजल स्तर को ऊपर लाने और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम को नवा रायपुर में आबंटित शासकीय आवास में आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने मंत्री श्री नेताम के साथ उनके नए आवास में पूजा-अर्चना की। उन्होंने श्री नेताम को नए आवास में प्रवेश के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय पूरे आवास का अवलोकन किया और परिसर में पारिजात का पौधा लगाया।
गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम को नवा रायपुर के सेक्टर 24 में मंत्रीगणें के लिए नवनिर्मित आवासों में से आवास क्रमांक एम-05 आबंटित हुआ है। मंत्री श्री नेताम ने अपने परिजनों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर आवास में गृह प्रवेश किया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के सेक्टर 24 में नवनिर्मित मुख्यमंत्री निवास का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने नए सीएम हाउस परिसर का अधिकारियों के साथ भ्रमण कर निवास कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
इस मौके पर लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने मुख्यमंत्री को नक्शे के माध्यम से नए सीएम हाउस में हुए सभी निर्माण कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, डॉ. धीरेन्द्र तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद और राहुल भगत मौजूद थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जगदलपुर प्रवास के दौरान 01 अगस्त को वहां आयोजित जिला स्तरीय महिला सम्मेलन में शामिल होंगे और प्रदेश की महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत 1000-1000 रूपए की 6 वीं किश्त जारी कर राखी त्यौहार का उपहार देंगे। इस मौके पर वे महतारी वंदन एप का भी शुभारंभ करेंगे। गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को उनके आर्थिक सशक्तिकरण के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा हर माह एक-एक हजार रूपए की राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की जाती है।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय 3061 महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के संचालन के लिए वित्तीय समावेशन के तहत 100 करोड़ का बैंक लोन का भी वितरित करेंगे। कार्यक्रम में शहीद गुण्डाधूर की प्रतिमा के माल्यार्पण के साथ ही नारी शक्ति से जल शक्ति रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे।
एक पेड़ माँ के नाम
मुख्यमंत्री श्री साय एक पेड़ माँ के नाम महावृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर महतारी वंदन योजना के हितग्राही के साथ ही उद्योग विभाग, श्रम विभाग सहित अन्य विभाग के हितग्राहियों को भी सामग्री वितरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर एक पेड़ मां के नाम का वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत देश में सितम्बर 2024 तक 80 करोड़ एवं मार्च 2025 तक 140 करोड़ वृक्षों के रोपण का लक्ष्य है। एक पेड़ मां के नाम महावृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में 2 करोड़ 75 लाख पौधों का रोपण एंव वन विभाग द्वारा वन एवं वनेत्तर क्षेत्रों में 03 करोड़ 95 लाख 85 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है।
विकास कार्यो का लोकार्पण
मुख्यमंत्री श्री साय जगदलपुर में 9 करोड़ 31 लाख से अधिक राशि के विकास कार्यों लोकार्पण करेंगे। इनमें 48.03 लाख की लागत से अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय जगदलपुर, तोकापाल और लोहांडीगुड़ा तथा 66.49 लाख की लागत से नवीन तहसील कार्यालय जगदलपुर का जीर्णाेद्धार के साथ 2.50-2.50 करोड़ की लागत से निर्मित लोहांडीगुड़ा और बुरगुम थाना का शामिल हैं।
इसी प्रकार जिला अस्पताल (महारानी अस्पताल) परिसर में डीएमएफटी मद के तहत 01 करोड़ 72 लाख 76 हजार की लागत से स्थापित माडुलर किचन एवं सामग्री युक्त अन्नपूर्णा रसोईघर का लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही महारानी लक्ष्मी बाई अस्पताल परिसर में प्रधानमन्त्री भारतीय जन औषधि केंद्र का भी शुभारंभ किया जाएगा।
महतारी वंदन एप
महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन को और सुदृढ़ बनाने के लिए महतारी वंदन मोबाईल ऐप का भी शुभारंभ किया जा रहा है। इस एप के माध्यम से हितग्राहियों को प्रतिमाह हुए भुगतान और यह राशि किस खाते में प्राप्त हुई है की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
महतारी वंदन योजना के किसी हितग्राही की असामायिक मृत्यु हो जाती है तो इसकी सूचना भी इसी मोबाईल ऐप के माध्यम से दी जा सकती है। इस एप के जरिए शिकायतें भेजी जा सकती है तथा निराकरण की स्थिति भी देखी जा सकती है। यदि किसी हितग्राही को उसे प्राप्त हो रहे लाभ त्याग करना हो तो भी मोबाईल ऐप के माध्यम से लाभ त्याग कर सकेगी। इसके अलावा शासन द्वारा योजनांतर्गत समय-समय जारी होने वाले दिशा-निर्देशों की सूचना भी इसी मोबाईल ऐप के माध्यम से हितग्राहियों को प्राप्त हो सकेंगी।
महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की सुविधा के लिए बनाया गया यह मोबाईल ऐप एन्ड्रायड बेस है तथा इसे प्लेस्टोर से https://play.google.com/store/apps/details\id com-mahtarivandanyojan डाउनलोड किया जा सकता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अन्य कामों के शुभारंभ के लिए भले ही श्री गणेश जी की आराधना की जाती है लेकिन अब महीने की पहली तारीख माँ की वंदना अर्थात महतारी वंदन के साथ हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महीने की पहली तारीख को क्लिक कर प्रदेश की 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की राशि जो अंतरित करते हैं।
यह राशि पहली तारीख को इसलिए दी जाती है क्योंकि यह दिन नये महीने की बजट की शुरुआत का होता है। यह अतिरिक्त राशि गृहिणी के खाते में जुड़ती है और स्वाभाविक रूप से इसे खर्च करने का पूरा विवेक उसका होता है। पहली अगस्त को दी जाने वाली यह छठवीं किश्त होगी। जुलाई सत्र में बच्चों की पढ़ाई शुरू हुई और अगस्त के महीने में भी पढ़ाई-लिखाई से संबंधित खर्चे होते हैं। माताओं-बहनों ने अपने बजट के हिस्से में इसके लिए भी राशि लगाई होगी।
देश बचत से भी आगे बढ़ता है। भारत की अर्थव्यवस्था पर गौर करें तो लंबे समय से सकल घरेलू बचत का अनुपात अच्छा होने का सकारात्मक असर आर्थिक सेहत पर पड़ा। महिलाओं ने छोटे-छोटे खर्च बचाकर, छोटी-छोटी खुशियों की आहूति देकर जो बचत की, उससे परिवारों का बचत बढ़ा और यह देश की बचत राशि में जुटा।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जो राशि दे रहे हैं उससे निश्चित ही महिलाएं अपने बचत के स्वभाव के अनुरूप राशि बचाएंगी। यह चक्रवृद्धि ब्याज में बढ़ती जाएगी और आड़े वक्त में जब परिवार के लिए राशि की जरूरत होगी तो वे खर्च कर पाएंगी।
यह राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। बैंक खाते में यह राशि जा रही है और स्वभाविक रूप से बैंकिंग सिस्टम में राशि होने से बचत के काम आयेगी। इसके साथ ही डीबीटी होने की वजह से पारदर्शिता से महिलाओं के खाते में पहुंच रही है। यह विष्णु का सुशासन है जिसमें डिजिटल टेक्नालाजी सर्वाेपरि है। पारदर्शिता है।
जरूरी नहीं कि यह निवेश वे सीधे बैंकिंग तंत्र, जीवन बीमा अथवा म्यूच्युअल फंड आदि माध्यमों से ही कर रही हों, वे अपना निवेश बच्चों की शिक्षा में लगा रही है। इतिहास गवाह रहा है कि जब भी शिक्षा में निवेश किया गया, उसके सबसे अच्छे परिणाम सामने आये हैं। हमारे यहां माता जीजा बाई का उदाहरण हैं जिन्होंने अपने यशस्वी पुत्र शिवाजी को एक महान उद्देश्य के लिए तैयार किया, शिक्षित किया। शिवा जी जैसे योग्य पुत्रों के पोषण के लिए बहुत जरूरी है कि हमारी माताओं-बहनों को हम आर्थिक शक्ति प्रदान करें।
महतारी वंदन का एक रूप धरती माता की सेवा भी है। जलवायु परिवर्तन का संकट दुनिया के सबसे बड़े संकटों में से एक है। हम सब सामान्य नागरिक इस संकट का मुकाबला करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए ही हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में इसे आंदोलन के रूप में आरंभ किया है। उन्होंने अपने स्कूल में रूद्राक्ष का पौधा अपनी माँ के नाम लगाया। महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों से भी उन्होंने आग्रह किया कि वे एक पेड़ माँ के नाम लगाएं।
मुख्यमंत्री ने जो स्कूल में पौधा लगाया, उसके कई मायने हैं। स्कूल में जब हम पौधा लगाते हैं तो आने वाली पीढ़ी को भी पर्यावरण से जोड़ते हैं। जिस पीढ़ी को इन पेड़ों को सहेजना है उसे इस संबंध में जागरूक करते हैं।
केवल जलवायु परिवर्तन के संकट को रोकने के लिए नहीं, हमने इस धरती से जो लिया, अपने पुरखों से जो लिया, उसे धरती को लौटाने भी हमें है। धरती माता का ऋण हमारे ऊपर है। हमें धरती का श्रृंगार पेड़ों से करना होगा तभी हम इस ऋण से उऋण हो सकेंगे।
जब हमारी माताएं महतारी वंदन योजना के अंतर्गत निवेश करती हैं तो वे बचत का एक पौधा बोती हैं जो कालांतर में विशाल वृक्ष के रूप में तैयार होगा। जब हमारी माताएं बहनें इस अभियान के साथ एक पौधा लगाएंगी तो यह पौधा भी विशाल वृक्ष के रूप में तैयार होगा।
अपनी मेहनत जब विशाल और फलदायी रूप में सामने आयेगी तो कितना संतोष इन महिलाओं को होगा। महतारी वंदन योजना और एक पेड़ मां के नाम दो अलग-अलग बातें नहीं हैं वे एक ही हैं और इसमें हमारी आगे की पीढ़ी का उज्ज्वल भविष्य छिपा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और घने जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में ’एक पेड़ मां के नाम’ एक अनूठा वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व का सम्मान, हरे-भरे परिदृश्य को और अधिक हराभरा बनाना है। इस अभियान के तहत हर व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस विचार के पीछे एक गहरा भावनात्मक तत्व है, जो मां के अनमोल योगदान का प्रतीक है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत देश में सितम्बर 2024 तक 80 करोड़ एवं मार्च 2025 तक 140 करोड़ वृक्षों के रोपण का लक्ष्य है। ‘एक पेड़ मां के नाम‘ महावृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में 2 करोड़ 75 लाख पौधों का रोपण एवं वन विभाग द्वारा वन एवं वनेत्तर क्षेत्रों में 03 करोड़ 95 लाख 85 हजार पौधों का रोपण किया किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में 4 जुलाई को ’एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने रायपुर स्थित अपने निवास पर दहीमन का पौधा लगाया और नागरिकों से अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने का आग्रह किया। सरगुजा क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला दहीमन का पौधा अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है और इसका उपयोग विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में क्रियान्वित इस अभियान के तहत लोग अपनी माता कि सम्मान में पेड़ लगाने के अलावा अपनी आस्था के अनुसार देवी-देवताओं के नाम पर भी पौधे लगा रहे है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभियान के तहत वृक्षारोपण स्थलों का नामकरण स्थानीय देवी-देवताओं के नाम से करने का आह्वान किया है। सभी जिलों में ग्राम एवं पंचायत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत आम, जामुन, बेल, कटहल, सीताफल, अनार, शहतूत, बेर, तेन्दू, गंगाईमली जैसे फलदार पौधे तथा लघु वनोपज एवं औषधीय प्रजाति के पौधों जैसे-हर्रा, बहेड़ा, आंवला, नीम, पुत्रजीवा, काला सिरस, रीठा, चित्रक आदि प्रजातियों के पौधों का रोपण हो रहा है। शहरी क्षेत्रों में छायादार प्रजातियां बरगद, पीपल, मौलश्री, कदम, पेल्ट्राफार्म, गुलमोहर, करंज, अशोक, अर्जुन के साथ अन्य प्रजातियों का रोपण किया जा रहा है। अभियान अंतर्गत सभी स्कूलों, छात्रावासों, आंगनवाड़ी केन्द्र, पुलिस चौकी, अस्पताल, शासकीय परिसर, शासकीय एवं अशासकीय भूमि, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों की रिक्त भूमि पर इस महावृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है।
वर्तमान समय में वनों की कटाई और प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। हर व्यक्ति के जीवन में मां का स्थान विशेष होता है। इस अभियान के माध्यम से, लोग अपनी मां के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को व्यक्त कर सकते हैं।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रचार-प्रसार विभिन्न माध्यमों, सोशल मीडिया, रेडियो, और टीवी के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा विभिन्न प्रजातियों के पौधों की व्यवस्था की गई, जो स्थानीय वातावरण के अनुकूल हों। प्रत्येक जिले में वृक्षारोपण के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है, जहां जनसमुदाय अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अपनी मां के नाम पर पौधा लगा रहे है। अभियान की शुरुआत के कुछ ही दिनों में अपार सफलता मिली।
छत्तीसगढ़ में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जून माह में 13 लाख और जुलाई माह में 01 करोड़ 38 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है। अगस्त माह के अंत तक राज्य में कुल 2 करोड़ 75 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। वन विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत 3 करोड़ 95 लाख 85 हजार से अधिक पौधे लगाकर वनीकरण एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य में पेड़ लगाने का यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह मातृत्व का सम्मान करने का एक अनूठा तरीका भी है। यह अभियान न केवल छत्तीसगढ़ के लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक बना रहा है, बल्कि उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का काम भी कर रहा है।
पर्यावरण को शुद्ध बनाए रखने के लिए पेड़-पौधे लगाना जरूरी हैं। ये हमें जीवन के लिए आक्सीजन, खाने के लिए फल और गर्मी में छांव देते हैं। धरा को हरा-भरा करने एवं जीवन को बचाने के लिए पेड़ लगाना चाहिए। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान आक्सीजन की मात्रा बढ़ाने, धरती का तापमान कम करने, भूजल स्तर को ऊपर लाने और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान होगा। इस प्रकार के अभियानों से हम एक हरित और स्वच्छ भविष्य की कल्पना कर सकते हैं।