प्रदेश
छत्तीसगढ़ के IPS संतोष सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर, CISF में DIG बनाए गए
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईपीएस संतोष सिंह (IPS Santosh Singh) केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे। उन्हें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में डीआईजी के पद पर डेपुटेशन मिली हैं। वर्तमान में संतोष सिंह पुलिस मुख्यालय में डीआईजी सीसीटीएनएस/एससीआरबी के पद पर पदस्थ हैं। बता दें कि अवैध नशे के खिलाफ आईपीएस संतोष सिंह के निजात अभियान के चलते उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईएससीपी अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने आईपीएस संतोष सिंह की डेपुटेशन को मंजूरी देते हुए इसके आदेश जारी कर दिए हैं। अंडर सेक्रेटरी संजीव कुमार ने इसके आदेश जारी किए हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में उन्होंने आईपीएस सिंह को तत्काल नई जिम्मेदारी पर ज्वाइन करने के लिए रिलीव करने को कहा हैं।

दृष्टिबाधा नहीं बनी बाधा: योगेश तारक ने हिन्दी में पीएचडी वायवा कर बनाया इतिहास
दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग तथा हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के इतिहास में पहली बार हिन्दी विषय के एक दृष्टिबाधित शोध छात्र का हुआ.
हेमचंद यादव विश्वविद्यालयेक टैगोर हॉल में आयोजित पीएचडी वायवा में शासकीय राजीव लोचन महाविद्यालय, राजिम के हिन्दी विभाग के दृष्टिबाधित सहायक प्राध्यापक योगेश कुमार तारक ने शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग के हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अभिनेष सुराना के मार्गदर्शन में अपना शोध प्रबंधन पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रस्तुत किया.
इनका शोध विषय केदारनाथ ‘शब्द मसीहा’ के साहित्य में सामाजिक यथार्थ एक विश्लेषण था. यह जानकारी देते हुए साइंस कॉलेज दुर्ग के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि पीएचडी वायवा में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलपति डॉ. संजय तिवारी तथा बाह्य परीक्षक के रूप में उपस्थित मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमचंद डहारिया उपस्थित थे.
कुलपति तथा बाह्य परीक्षक ने शोधार्थी योगेश कुमार तारक द्वारा किए गए शोध कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अन्य विद्यार्थियों के लिए अनुकरणीय है. योगेश ने 6 अध्यायों में अपने शोध कार्य को विभक्त करते हुए केदारनाथ ‘शब्द मसीहा’ के साहित्य में सामाजिक यथार्थ खूबसूरती से प्रस्तुतिकरण किया.
रजक के 3 भाई दृष्टिबाधित
दृष्टिबाधित योगेश कुमार तारक राजिम के समीप स्थित बासीन क्षेत्र के निवासी है. 4 भाइयों के परिवार में तारक के 3 भाई दृष्टिबाधित है. योगेश कुमार रजक ने सन् 2022 में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, रायपुर द्वारा आयोजित महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्तमान में शासकीय राजीव लोचन महाविद्यालय, राजिम नियमित सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं.
माता पुस्तकों को पढ़कर योगेश को सुना
योगेश कुमार तारक के सहायक प्राध्यापक बनने में उनकी माता की महत्वपूर्ण भूमिका हैं. योगेश ने बताया कि लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक प्राध्यापक परीक्षा की तैयारी हेतु उनकी माता पुस्तकों को उनको पढ़कर सुनाती थी, वे मां द्वारा सुनाये गये विषय-वस्तु को सुनकर याद कर लेते थे, और इस प्रकार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता प्राप्त की.
राशन वितरण और e-KYC पर सरकार घिरी, असंतुष्ट विपक्ष ने किया सदन का बहिष्कार
रायपुर। विधानसभा में सोमवार को कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने राशन दुकान का मामला उठाया. ई-केवायसी (e-KYC) की वजह से हितग्राहियों के राशन से वंचित रह जाने पर विपक्ष ने मंत्री से जवाब मांगा. खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने दूसरी बार सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया.
सदन में कार्यवाही के दौरान विधायक दिलीप लहरिया ने राशन आंबटन का मुद्दा उठाया. उन्होंने e-KYC नहीं कर पाए हितग्राहियों की जानकारी मांगी. मंत्री दयाल दास बघेल ने बताया कि 64428 हितग्राहियों के e-KYC छूटे हैं. 15758 का e-KYC नहीं हुआ है. विधायक ने कहा कि 1 लाख 44 हजार से ज्यादा लोगों का राशन रोक दिया गया है. मंत्री ने बताया कि जिनका e-KYC नहीं हुआ है, वो जल्द करवा लें.
विधायक दिलीप लहरिया ने इस पर सवाल किया कि KYC कब तक पूरा किया जाएगा. KYC के नाम पर गरीबों का राशन रोका जा रहा है. मंत्री बघेल ने जवाब दिया कि e-KYC राशन दुकान में ही होता है, वहीं KYC होगा, राशन मिल जाएगा. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राशन दुकानों में कई हितग्राही ऐसे है, जिनका मशीन में अंगूठा (निशान) नहीं मिल रहा, इनके लिए क्या व्यवस्था है? डेढ़ लाख लोग राशन से वंचित हैं, इसके लियें क्या व्यवस्था है?
मंत्री बघेल ने जवाब दिया कि जो वंचित है, वो राशन लेने जाते ही नहीं. e-KYC की व्यवस्था राशन दुकान में ही पीएसओ के माध्यम से हो जाता है. इस पर कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा कि बार-बार हितग्राही राशन दुकान जा रहा है. 2 महीने तक e-KYC नहीं होने पर क्या 3 महीने का राशन एक साथ देंगे?
मंत्री ने कहा कि हितग्राही राशन दुकान नहीं जा रहे तो. मोबाइल से भी e-KYC कर सकते हैं. इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि दूरस्थ अंचलों में नेट नहीं चल रहा, सर्वर काम नहीं कर रहा, तो क्या व्यवस्था है? इस पर मंत्री ने कहा कि अगर e-KYC नहीं हुआ है, तो पिछले महीने का राशन देते हैं. इसके साथ मंत्री के जवाब पर असंतोष जताते हुए विपक्ष ने दूसरी बार सदन से बहिर्गमन किया.
बीजापुर पोर्टा केबिन मामला: विधानसभा में हंगामा, चर्चा की मांग पर विपक्ष का वॉकआउट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान बीजापुर जिला के गंगालूर में संचालित पोर्टा केबिन में छात्राओं के गर्भवती होने के मामले में विपक्ष स्थगन लाया. सत्तापक्ष के जवाब से और स्थगन की सूचना के अस्वीकृत होने पर विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गंगालूर पोर्टा केबिन का मामला उठाते हुए कहा कि लगातार नाबालिक छात्राओं, खासतौर के आदिवासी लड़कियों, के साथ 2002 से लगातार यह घटनाएं घट रही है. इस पर सरकार दोषियों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है. इस पर हम स्थगन लाए हैं. कृपया सारा काम रोककर इसमें चर्चा कराएं.
विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि बीजापुर मामले पर लाए, इसमें एक बच्ची 11वीं में पढ़ती थी, और दूसरी बच्ची 12वीं में, लेकिन अब तक सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की है. इस पर चर्चा जरूरी है. कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा कि हमें जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार दोनों बच्चियों को छात्रावास से भगा दिया गया है. प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस पर लीपापोती की जा रही है.
विधायक संगीता ने कहा कि 2024 में मैं खुद जांच समिति में गई थी. में पोर्टा केबिन में भी गई थी. गंभीर मामला है. लखमा ने चर्चा में कहा कि बस्तर के पोर्टा केबिन की यह घटना दर्दनाक है. सरकार से निवेदन है कि अधिकारी पर कार्यवाही की जाए. क्या आदिवासी दुश्मन है? क्या आदिवासी बच्चे पढ़ेंगे नहीं क्या? मां-बाप बच्चों को पढ़ने-लिखने के लिए भेजते हैं, पर वह कोई नहीं है. दोषियों पर कार्यवाही होनी जरूरी है.
विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि हमारे बस्तर मामले का मामला है. अधीक्षिका की जब ऐसी बाते सामने आती है, तब उन्हें घर भेज दिया जाता है. एफआईआर कराने के बजाए उन्हें संरक्षण देने की कोशिश की जाती है. क्या आदिवासी बच्चियों को इसलिए हम पढ़ने भेजते है? यह गंभीर विषय है कार्यवाही रोककर चर्चा कराए.
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि पूरा देश आज के समय में ऐप्सिटन फाइल को देखकर तकलीफ में है. प्रासंगिक रूप से बच्चियों के साथ गलत कृत्य को छुपाया जाना शर्मनाक हुआ इसमें चर्चा करना आवश्यक है.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि पोर्टा केबिन में घटनाएं अभी की नहीं है, सालों से चली आ रही हैं. अभी तो रेप का मामला आया है. बच्चियों की अचानक मौत हो जाती है, बाद में बीमारी को उनको मौत की वजह बताई जाती है. ना डॉक्टर, ना रहने की व्यवस्था. आप इस पर पूरी तरह से विचार कर ले और इस पर चर्चा कराए.
इस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष का आरोप निराधार है, किसी आरोपी को नहीं बचाया जा रहा है. तीनों बच्चियां वर्तमान में पोटा केबिन में नहीं पढ़ती. तीनों बच्चियों और परिजनों ने जवाब दिया है कि स्वयं से वह आना – जाना करते हैं. ऐसी कोई दुर्घटना में सरकार लीपापोती नहीं करती है. ऐसी कोई घटना होती है. तो सरकार कार्रवाई करती है.
विपक्ष के आरोपों को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि पोर्टा कैबिन कलेक्टर के देख-रेख में चलती है. प्रशासन की हमेशा नजर बनी रहती है. वहीं सदन में चर्चा की मांग पर उन्होंने कहा कि बड़ी दुर्घटना घटी है, मामला संदिग्ध है. स्थानीय कलेक्टर के निर्देश पर जांच चल रही है. जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई करेंगे. इसके साथ ही आसंदी ने स्थगन की सूचना को अग्राह्य करने पर विपक्ष ने बहिर्गमन किया.
पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर की शिकायत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मुख्य सचिव को जारी किया नोटिस, जानिए पूरा मामला…
रायपुर। भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिया है.
पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने फ्लोरामैक्स कंपनी के नाम का उपयोग कर 40,000 से अधिक महिलाओं से अरबों रुपए की ठगी की शिकायत की थी. इस पर कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर अजीत बसंत के द्वारा शासन सहित आयोग को गलत जानकारी देने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मुख्य सचिव से जवाब मांगा गया था.
इस पर आयोग ने 16 अक्टूबर 2025 को सिटिंग कार्यवाही करते हुए मुख्य सचिव को फ्लोरामैक्स मामले में पीडितों की शिकायत पर कार्यवाही करने कहा था, लेकिन 30 दिन बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने कार्यवाही कर किसी प्रकार के कोई सूचना प्रेषित नहीं की है. इस संबंध में आयोग ने स्वत: संज्ञान लेकर 17 मार्च को मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए निर्देश दिए गए हैं.

ननकीराम कंवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि केंद्र के मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी हजारों महिलाओं से ठगी कर योजना को फ्लाप करने की मंशा रखने वाले कोरबा जिले के संबंधित दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से कराने की मांग आयोग से की है.
धान उठाव और अमानक चावल पर सरकार घिरी, विधानसभा से विपक्ष का वॉकआउट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 11वें दिन विपक्ष ने अमानक चावल के मुद्दे पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को घेरा. विपक्ष ने गबड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की. खाद्य मंत्री से संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर विपक्ष ने वॉकआउट किया.
प्रश्नकाल के दौरान विधायक रामकुमार यादव ने कृषि साख समितियों के प्रासंगिक व्यय की राशि पर रोक का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि धान के उठाव को रोक दिया गया है, जिसकी वजह किसानों को बहुत तकलीफ होती है. इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि रिसाइक्लिंग की वजह से धान को रोका गया था.
विधायक रामकुमार यादव ने सवाल किया कि जब धान का उठाव नहीं होता है तो पानी गिरने की वजह से धान खराब हो जाता है. आप स्वयं कहा रहे है कि आपने उठाव को रोका है. सक्ती जिले में 30 करोड़ रुपए का धान चूहे खा गए. क्या खाद्य अधिकारी के ऊपर कार्यवाही करेंगे? इस पर मंत्री ने कहा कि सक्ति जिले में 47.41 क्विंटल धान की खरीदी की गई है. उठाव के लिए बस 3.61 लाख धान बचा है.
विधायक ने फिर दोहराया कि जिन धान को चूहें खा गए, उसमें जो भी संबंधित दोषी अधिकारी है उस पर कार्यवाही करेंगे क्या? इस पर मंत्री ने कहा कि मार्च से पहले धान का उठाव कर लेंगे. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने दखल देते हुए कहा कि रिसाइक्लिंग होने की सूचना विभाग के संज्ञान में है क्या. किन-किन स्थानों पर आई? 17 तारीख को आपने धान खरीदी बंद करवा दी, क्योंकि रिसाइक्लिंग हो रहा है. लेकिन असली परेशानी तो रिसाइक्लिंग होने के बाद ही है.
इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि 17 तारीख को धान खरीदी की बात मैने नहीं की, मैने उठाव की बात की है. विधायक ने कहा कि जो सक्ती में जो प्रकरण आया है उसके दोषी के साथ आप पूरे प्रदेश को आश्वस्त करिए कि कंप्यूटर ऑपरेटर और संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही करेंगे. इस पर मंत्री ने कहा कि मार्च से पहले उठाव हो जाएगा.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आप साफ लिख दीजिए कि किसे कितना पैसा दिया जा रहा है, ताकि किसानों को स्पष्ट रहे, उन्हें जानकारी हो. आसंदी ने कहा कि आप कुछ ऐसा चस्पा कर दे कि किसानों को कितना पैसा दिया जा रहा है उन्हें पता हो, क्षति ना हो. इस पर मंत्री ने बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया.
विधानसभा में गूंजा बस्तर के आंगनबाड़ी केंद्रों का मुद्दा, मंत्री ने सुधार का दिया आश्वासन
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 11वें दिन प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के विधायक लखेश्वर बघेल ने बस्तर संभाग के भवन विहिन और जर्जर भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर चिंता जताई. इस पर महिला एवं बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जल्द ही सारी व्यवस्था पूरी करने का आश्वासन दिया.
कांग्रेस के विधायक लखेश्वर बघेल ने प्रश्नकाल के दौरान सवाल किया कि बस्तर संभागान्तर्गत जिलों में अद्यतन स्थिति में कुल संचालित आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों की जिलेवार संख्या बताएं? इसके साथ कुल संचालित केन्द्रों में से भवनयुक्त, भवनविहीन, अत्यंत ही जर्जर, जर्जर भवन की संख्या के साथ पेयजल व शौचालय की उपलब्धता की स्थिति भी बताएं?
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि बस्तर संभागान्तर्गत जिलों में कुल 9876 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं. वहीं एक भी मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित नहीं है. संभाग में कुल संचालित 9876 आंगनबाड़ी केन्द्रों में से 7667 केन्द्र भवनयुक्त, 2209 केन्द्र भवन विहीन और 962 भवन जर्जर हैं. 6431 केन्द्र में पेयजल व 5632 केन्द्र में शौचालय उपलब्ध है.
प्रदेश को मिली DM कार्डियोलॉजी की 2 सीटें, चिकित्सक संगठन ने CM विष्णु देव साय का जताया आभार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ और साहस का इतिहास है। विभाजन की विभीषिका की पीड़ा सबसे अधिक सिंधी समाज ने झेली। उस कठिन समय में आपके पूर्वजों ने अपनी संपत्ति छोड़ी, अपना घर छोड़ा, लेकिन अपना आत्मसम्मान और परिश्रम करने का स्वभाव कभी नहीं छोड़ा। शून्य से शिखर तक कैसे पहुँचा जाता है, यह सिंधी समाज ने आज पूरी दुनिया को सिखाया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की में सिंधी समाज की प्रमुख भूमिका रही है। चाहे वह चेंबर ऑफ कॉमर्स हो या प्रदेश का छोटा-बड़ा व्यापार, आपकी मेहनत से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। आप केवल व्यापार ही नहीं करते, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं। भविष्य में हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का जो सपना देखा है, उसमें सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज बी.टी.आई. ग्राउंड में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बताता है कि सिंधी समाज अपनी जड़ों से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है। ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, खान-पान और सिंधी भाषा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें पवित्र शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वहाँ जो स्नेह और आत्मीयता उन्हें मिली, वही अपनापन आज यहाँ भी महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, धमतरी महापौर रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत अध्यक्ष अमर गिदवानी, श्रीचंद सुंदरानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कान्यकुब्ज समाज छत्तीसगढ़ के विकास में निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और यह समाज प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के आशीर्वाद भवन में आयोजित कान्यकुब्ज शिक्षा मंडल के होली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में राज्य में गौधाम योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। इन गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु श्रीराम से विशेष संबंध है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक रामभक्तों को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कराए जा चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों का दर्शन कराया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। इसके लिए राज्यभर में समाधान शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला तथा कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के पदाधिकारियों सहित सभी आयोजकों को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, कान्यकुब्ज सभा-शिक्षा मंडल के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा, पत्रकार शिरीष मिश्रा, राजेश मिश्रा अरविन्द अवस्थी, मोहन तिवारी, गौरव शर्मा सहित बड़ी संख्या में कान्यकुब्ज समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।
बिजली बिल समाधान योजना के नाम पर साइबर ठगी से सावधान रहें: CSPDCL की अपील
रायपुर। बिजली आज हमारी मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ जाती है और पूरा भुगतान करना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं से यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है।
छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी भीम सिंह ने विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर फैल रहे साइबर ठगी के प्रयासों से सतर्क रहें। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि योजना के पंजीयन या बिजली बिल भुगतान से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए अनजान वॉट्सएप मैसेज, ई-मेल या एसएमएस में आए किसी लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी एपीके फाइल को डाउनलोड करें।
कई बार आर्थिक कठिनाइयों के कारण उपभोक्ता बिजली बिल बकाया रह जाता है और समय के साथ उस पर बिजली बिल में अधिभार बढ़ता जाता है। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार एकमुश्त भुगतान या किस्तों में भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को अपना पंजीयन कराना आवश्यक होगा। यह पंजीयन बिजली विभाग की वेबसाइट, मोबाइल एप या नजदीकी कार्यालय में जाकर कराया जा सकता है।
छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी भीम सिंह ने अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने बकाया बिजली बिल का समाधान करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाना है।
पॉवर कंपनी के अनुसार वह अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए उपभोक्ताओं को कोई एपीके फाइल या संदिग्ध वेब लिंक नहीं भेजती है। इसलिए यदि किसी संदेश में ऐसा लिंक या फाइल प्राप्त होती है तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। कंपनी ने बताया कि योजना की जानकारी और पंजीयन की सुविधा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोग सीधे अधिकृत माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकें।
छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे बिजली बिल या किसी अन्य शुल्क का भुगतान केवल “मोर बिजली एप”, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी विद्युत कार्यालय में ही करें। किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है।
साथ ही उपभोक्ताओं को बताया गया है कि पॉवर कंपनी की ओर से भेजे जाने वाले सभी आधिकारिक संदेश “CSPDCL-S” सेंडर ID से ही आते हैं। यदि किसी अन्य आईडी से संदेश प्राप्त होता है तो उसे संदिग्ध माना जाए। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पॉवर कंपनी ने कहा है कि सतर्कता ही समझदारी है और थोड़ी सावधानी बरतकर साइबर ठगी से आसानी से बचा जा सकता है।
मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान: मुख्यमंत्री साय ने द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल के छात्रों को दी बधाई और शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल रायपुर के छात्रों ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आपकी इस उपलब्धि से न केवल आपके विद्यालय, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय और एक बड़ी उपलब्धि है।
इस अवसर पर स्कूल के संचालक सिद्धार्थ सिंह, कमांडेंट (सेवानिवृत्त) कर्नल आर.के. वर्मा सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष शिक्षा मंत्रालय एवं रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर के सैनिक स्कूल भाग लेते हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर ने इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है।
यह प्रतियोगिता जिला स्तर से प्रारंभ होकर राज्य स्तरीय, जोन स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित की जाती है।छत्तीसगढ़ दक्षिण जोन का हिस्सा है, जिसमें केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के सैनिक स्कूल शामिल होते हैं।
अफीम की अवैध खेती पर पुलिस का शिकंजा, ड्रोन से हो रही बाड़ियों और फार्म हाउसों की निगरानी
बेमेतरा। दुर्ग और बालमरामपुर जिले में जिले में अफीम की खेती के मामलों के सामने आने के बाद पुलिस ने अवैध गतिविधियों और मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए तकनीकी मदद से विशेष चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान का निर्देशन पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू कर रहे हैं। जिले के ग्रामीण और एकांत क्षेत्रों में स्थित बाड़ियों और फार्म हाउसों की सघन जांच के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण इलाकों और फार्म हाउसों का उपयोग अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन या भंडारण के लिए न हो। दुर्गम और बड़े क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तत्काल पता लगाया जा सके।
अभियान को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव, डीएसपी राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का, डीएसपी कौशिल्या साहू और डीएसपी शशीकला उईके के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

इस कार्रवाई में घुमंतु लोगों, ठेले और गुमटी लगाने वालों, फेरी लगाकर कपड़ा बेचने वालों, ईंट भट्ठों में काम करने वाले ठेकेदारों और मजदूरों की जानकारी इकट्ठा कर उनका सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही फैक्ट्रियों, बाड़ियों और फार्म हाउसों में कार्यरत मजदूरों तथा किराये के मकानों में रहने वाले लोगों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अभियान के दौरान कहीं भी अवैध गतिविधि या मादक पदार्थों से संबंधित कोई जानकारी सामने आती है, तो तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी रामकृष्ण साहू ने कहा कि जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है।
यह कार्रवाई दुर्ग और बेमेतरा जिलों में सुरक्षा और निगरानी को बढ़ाने के साथ-साथ अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
रायपुर लोकसभा क्षेत्र में विकास को मिली नई गति, सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से 20.76 करोड़ के 189 कार्य स्वीकृत
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल निरंतर सक्रिय और प्रतिबद्ध हैं। उनके सतत प्रयासों और अनुशंसा के फलस्वरूप रायपुर जिले के सभी विधानसभाओं, रायपुर उत्तर, रायपुर दक्षिण, रायपुर पश्चिम, रायपुर ग्रामीण, अभनपुर, आरंग और धरसीवां विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों एवं शहर के वार्डों में जनसुविधाओं के विस्तार के लिए 2076 लाख रुपए की लागत से 189 विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है।

इन कार्यों में सीसी रोड और नाली निर्माण, सामुदायिक भवन एवं सभा कक्ष का निर्माण, बाउंड्री वॉल निर्माण, स्कूलों में स्मार्ट कक्ष और वाटर कूलर की व्यवस्था, खेल मैदानों का समतलीकरण तथा शौचालय निर्माण जैसे अनेक जनहितकारी कार्य शामिल हैं। इन विकास कार्यों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर लोकसभा क्षेत्र के विकास और जनता की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की जो गति बनी है, उसी संकल्प के साथ रायपुर क्षेत्र में भी निरंतर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना ही सुशासन की पहचान है। स्वीकृत इन कार्यों से क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी और सामाजिक तथा शैक्षणिक अधोसंरचना को भी मजबूती मिलेगी।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इन विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से क्षेत्र में लगातार विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।
कांकेर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, नक्सलियों के 4 स्मारक ध्वस्त, IED बरामद
पखांजूर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के अंत का काउंट डाउन जारी है. जगंल क्षेत्र में जवानों की टीम लगातार अभियान चला रही है. कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में जवानों को सफलता हाथ लगी. हापाटोला-बीनागुंडा के जंगल-पहाड़ी इलाके में नक्सलियों के डंप में छिपाए गए कई आईईडी, नक्सली वर्दी और अन्य सामाग्री बरामद की गई है. वहीं कलपर-आमाटोला में नक्सलियों के 4 स्मारकों पर जवानों ने धवस्त किया है.
जानकारी के मुताबिक, डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम 15 मार्च को छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान ग्राम हापाटोला–बीनागुंडा के जंगल-पहाड़ी इलाके में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डम्प से 3 प्रेशर कुकर आईईडी और 1 पाइप आईईडी बरामद किया गया.

इसके अलावा बिजली वायर का बंडल, नक्सली वर्दी, फटाखा, नक्सल साहित्य सहित अन्य सामग्री भी बरामद की गई. सुरक्षा की दृष्टि से सभी आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया। वहीं ग्राम कलपर और आमाटोला में बनाए गए 4 नक्सली स्मारकों को भी जवानों ने ध्वस्त कर दिया.

नक्सली डंप से क्या-क्या मिला ?
सर्चिंग के दौरान डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने हापाटोला और बिनागुंडा के जंगल में नक्सली डंप बरामद किया. इस दौरान नक्सलियों ने जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए बिछाए आईईडी को बरामद किया. कार्रवाई में एक 10 किलो और दो 5-5 किलो के प्रेशर कुकर आईईडी, एक पाइप आईडी, एक बिजली वायर का बंडल, 3 नक्सली वर्दी बरामद की गई. साथ ही फटाखा, नक्सल साहित्य और अन्य नक्सली सामग्री भी मौके से जब्त कर ली गई.
ग्रामीण विकास को नई रफ्तार: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने 7.82 करोड़ की लागत से बनने वाले नवापारा–सकरी–सतभांवा मार्ग का किया भूमिपूजन
रायपुर। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने रविवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम सकरी में नवापारा–सकरी–सतभांवा मार्ग निर्माण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। पुल-पुलियों सहित इस मार्ग का निर्माण 7 करोड़ 82 लाख 58 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है और इस बार जिले में कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे गांवों का शहरों से संपर्क और मजबूत होगा।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि किसानों के हित में सरकार लगातार कार्य कर रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद कृषक उन्नति योजना के तहत शेष राशि का एकमुश्त भुगतान भी होली से पहले किसानों को कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटी पूरी हो चुकी हैं। विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष डॉ. दौलतराम पाल, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मोहन वर्मा, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।
बसना विधायक संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है। उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, बसना विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।