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PSC परीक्षा से तारा कोल ब्लॉक तक... दीपक बैज का BJP सरकार पर बड़ा हमला, बोले-
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने PSC परीक्षा में गड़बड़ी और तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेसवार्ता में बैज ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है तो दूसरी ओर प्रदेश के जल, जंगल और जमीन को अपने चहेते उद्योगपतियों को बेचने का काम कर रही है।
PSC परीक्षा को लेकर उठाए सवाल
दीपक बैज ने कहा कि 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने PSC परीक्षा को UPSC की तर्ज पर पारदर्शी तरीके से कराने का वादा किया था। इसके बावजूद PSC परीक्षा में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई है। उन्होंने कहा, 265 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी और मुख्य परीक्षा में पदों के तीन गुना अभ्यर्थियों को शामिल किया जाना था, लेकिन इंटरव्यू के लिए केवल 608 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। बैज के मुताबिक, अभ्यर्थियों का कहना है कि न्यूनतम निर्धारित अंक के आधार पर अन्य अभ्यर्थियों को भी इंटरव्यू का मौका मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने 2024 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पर भी सवाल उठाए। बैज ने दावा किया कि दो अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं सामने आई हैं, जिनमें दोनों के उत्तर समान हैं, लेकिन एक अभ्यर्थी को शून्य अंक दिए गए, जबकि दूसरे को अंक प्रदान किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दोनों के उत्तर सही और समान हैं तो दोनों अभ्यर्थियों को समान अंक क्यों नहीं मिले?
तारा कोल ब्लॉक की नीलामी पर भी सरकार को घेरा
PCC चीफ दीकप बैज ने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर भी भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार प्रदेश के जल, जंगल और जमीन को बेचने का काम कर रही है। बैज ने आरोप लगाया कि तारा कोल ब्लॉक को अपने चहेते उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए नीलामी की प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लेमरू क्षेत्र को वन्यजीवों के संरक्षण की दृष्टि से आरक्षित किया गया था। तारा सहित 9 कोल ब्लॉक को नीलामी से अलग रखने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया था। हसदेव अरण्य में खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा भी दाखिल किया गया था, जिसके बाद कोयला मंत्रालय ने 40 कोल ब्लॉक को नीलामी से अलग रखा था।
हाथी क्षेत्र को लेकर भी सवाल
दीपक बैज ने कहा कि 11 दिसंबर 2025 को भाजपा सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि लेमरू क्षेत्र एलीफेंट एक्टिव एरिया से अलग है। उन्होंने दावा किया कि वास्तविकता में यह क्षेत्र हाथियों की सक्रिय आवाजाही वाला क्षेत्र है। बैज ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई और कोयला खनन किया गया तो इसका सीधा असर वन्यजीवों पर पड़ेगा। जंगल कम होने से हाथियों और अन्य वन्यजीवों का मानव बस्तियों की ओर आना बढ़ेगा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने सरकार से PSC परीक्षा में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और तारा कोल ब्लॉक समेत हसदेव क्षेत्र से जुड़े कोल ब्लॉकों की नीलामी पर पुनर्विचार करने की मांग की।
‘वोट बैंक के लिए ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही बीजेपी‘
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम और डिप्टी सीएम अरुण साव के बयानों पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार किया है। धर्मांतरण के मुद्दे पर बैज ने भाजपा पर वोट बैंक की राजनीति करने और समाज में ध्रुवीकरण पैदा करने का आरोप लगाया। बैज ने कहा कि कौन क्या कहता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वोट बैंक के लिए ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। बैज ने कहा कि कानून बनाए जाने के बावजूद धर्मांतरण के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में सरकार को इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्रिसमस के अवसर पर चर्च जाने और माथा टेकने का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा एक तरफ धर्मांतरण का मुद्दा उठाती है और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री क्रिसमस पर माथा टेकते हैं। भाजपा का उद्देश्य वोट बैंक का ध्रुवीकरण करना है।
‘RSS देश में दीमक की तरह’
दीपक बैज ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि RSS देश में दीमक की तरह है। राम मंदिर से जुड़े चंदे के मुद्दे पर भी बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि राम मंदिर में चंदा चोरी किसने की, यह सबको पता है। उन्होंने भाजपा और RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।
अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा, सड़क को तत्काल सुधारने के दिए निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों को गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को हो रही परेशानी की वाईरल वीडियो का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने खरसिया चौक की सड़क में बड़े गड्ढों को भरने, आवश्यक समतलीकरण तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय कर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति की नियमित निगरानी करें, आवश्यकता के अनुसार स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों से समन्वय कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव, जलभराव अथवा अन्य किसी कारण से आवागमन प्रभावित होने या दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। आवश्यकता के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जहां निर्माण कार्य प्रगति पर हैं अथवा बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां गड्ढों को भरने, समतलीकरण, जल निकासी सहित सभी आवश्यक अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। स्थायी निर्माण में मौसम संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयां होने पर भी सड़क को चलने योग्य बनाए रखने के लिए हर आवश्यक उपाय सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय अथवा अन्य किसी एजेंसी से संबंधित सड़क हो, जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। कलेक्टर अपने जिले में अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माणाधीन एवं स्वीकृत सड़क कार्यों में तेजी लाई जाए। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना बनाकर सड़क निर्माण एवं स्थायी मरम्मत के कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के कारण लोगों को लंबे समय तक असुविधा न हो, इसके लिए निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
झरने, जंगल और जनजातीय संस्कृति ने दिलाया सम्मान, छत्तीसगढ़ बना ‘Best Emerging Tourist Destination’
रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक खूबसूरती, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर अपनी अलग पहचान दर्ज कराई है। विशाखापट्टनम में आयोजित 41वें इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के वार्षिक सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की संभावनाओं और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा हुई। देशभर से जुटे पर्यटन विभागों, यात्रा संचालकों और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच छत्तीसगढ़ की विविधतापूर्ण पर्यटन क्षमता को सामने रखने का अवसर मिला। सम्मेलन के दौरान प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए जाने के साथ छत्तीसगढ़ को ‘Best Emerging Tourist Destination’ के प्रतिष्ठित सम्मान से भी नवाजा गया।

विशाखापट्टनम स्थित नोवोटेल वरुण बीच में 10 से 13 सितंबर तक आयोजित चार दिवसीय सम्मेलन की मुख्य विषय-वस्तु ‘भारत—विश्व के पर्यटन अवसरों का अगला बड़ा केंद्र’ रही। सम्मेलन में देश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने, नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने तथा पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन किया गया। इस राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ ने अपनी पर्यटन विविधता और संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित किया।
पर्यटन विकास के विजन को मिला राष्ट्रीय मंच
सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की दिशा, प्रदेश की विशेषताओं और यहां मौजूद पर्यटन अवसरों को प्रमुखता से रखा गया। प्राकृतिक सौंदर्य से लेकर इतिहास, धर्म, संस्कृति और जनजातीय जीवन तक छत्तीसगढ़ की विविध पहचान को पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया। प्रदेश की पर्यटन संपदा को प्रभावशाली वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से देशभर से आए ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स के सामने प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, आदिवासी संस्कृति, वन्यजीव, जलप्रपात, पुरातात्विक धरोहर और साहसिक पर्यटन स्थलों की आकर्षक झलक दिखाई गई।
प्रस्तुति के दौरान देशभर से आए ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स को छत्तीसगढ़ को अपनी नई यात्रा इटिनरी में शामिल करने तथा इसे एक उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने के लिए आमंत्रित किया गया। साथ ही पर्यटन बोर्ड द्वारा प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए की जा रही पहलों और नई पर्यटन संभावनाओं की जानकारी भी साझा की गई। प्रदेश के पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाने, नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने तथा स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
केंद्रीय मंत्री सहित देशभर के पर्यटन प्रतिनिधि हुए शामिल
सम्मेलन में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू, आंध्र प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं छायांकन मंत्री कंदुला दुर्गेश, आंध्र प्रदेश सरकार के विशेष मुख्य सचिव शमशेर सिंह रावत सहित पर्यटन और यात्रा उद्योग से जुड़े अनेक प्रमुख प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने भी सम्मेलन में सहभागिता की। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुए संवाद में उन्होंने प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखा। सम्मेलन के दौरान नीलू शर्मा को सम्मानित भी किया गया।
झरनों, जंगलों और जनजातीय संस्कृति से समृद्ध है छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ की पर्यटन पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है। प्रदेश में प्रकृति के साथ इतिहास, अध्यात्म, संस्कृति और जनजातीय जीवन का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। बस्तर के मनमोहक जलप्रपात और घने वन, सिरपुर की प्राचीन ऐतिहासिक विरासत, दंतेवाड़ा की धार्मिक आस्था और प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एवं लोक परंपराएं छत्तीसगढ़ को देश के अन्य पर्यटन राज्यों से अलग पहचान देती हैं।
इसी विविधता को पर्यटन विकास की बड़ी ताकत के रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रकृति आधारित पर्यटन के साथ धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जनजातीय पर्यटन को एक साथ विकसित करने की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ की विविध पर्यटन संपदा को एक समग्र अनुभव के रूप में देशभर के पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने और स्थानीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाओं को भी महत्वपूर्ण माना गया।
पर्यटन कारोबार के लिए बना संवाद और संपर्क का मंच
सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के पवेलियन में ट्रैवल ट्रेड की उल्लेखनीय उत्सुकता देखने को मिली। बड़ी संख्या में ट्रैवल एजेंट्स एवं टूर ऑपरेटर्स ने पवेलियन पहुंचकर पंजीकृत स्टेकहोल्डर्स और पर्यटन प्रतिनिधियों के साथ बी-टू-बी बैठकें कीं तथा प्रदेश के पर्यटन पैकेज, डेस्टिनेशन और इटिनरी पर विस्तार से चर्चा की। इन बैठकों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को नए साझेदारी अवसर तलाशने, पर्यटन स्थलों की जानकारी साझा करने और पर्यटकों को आकर्षित करने की नई योजनाओं पर विचार करने का अवसर मिला।
सम्मेलन के साथ 11 और 12 सितंबर को भारतीय पर्यटन मेला भी आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों, यात्रा संचालकों और पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच प्रत्यक्ष व्यावसायिक बैठकें तथा संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस आयोजन ने विभिन्न राज्यों के पर्यटन प्रतिनिधियों और ट्रैवल ट्रेड के बीच संवाद को मजबूत करने तथा पर्यटन कारोबार के नए अवसर तलाशने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
‘Best Emerging Tourist Destination’ सम्मान से बढ़ा छत्तीसगढ़ का गौरव
सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि भी सामने आई। 13 सितंबर को आयोजित सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ को “Best Emerging Tourist Destination” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रतिनिधियों ने मंच पर यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया। यह सम्मान राज्य की समृद्ध प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन क्षेत्र में हो रहे नवाचार, सतत विकास और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान का प्रमाण है।
यह सम्मान छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। देशभर के ट्रैवल एजेंट्स, टूर ऑपरेटर्स और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच प्रदेश के पर्यटन स्थलों की बढ़ती चर्चा से छत्तीसगढ़ के लिए नए पर्यटन अवसरों के द्वार खुलने की उम्मीद है। इससे प्रदेश में पर्यटन निवेश को आकर्षित करने, पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के प्रयासों को भी बल मिल सकता है।
पर्यटन मानचित्र पर छत्तीसगढ़ को और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा
41वें इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के वार्षिक सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को प्रदेश के पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। देशभर के यात्रा संचालकों, पर्यटन विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और संभावनाओं की चर्चा से प्रदेश के पर्यटन स्थलों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के नए रास्ते खुल सकते हैं।
प्रकृति की अनुपम छटा, प्राचीन इतिहास, धार्मिक आस्था, समृद्ध जनजातीय परंपराएं, वन्यजीव, जलप्रपात और लोक संस्कृति—इन सभी का संगम छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पर्यटन गंतव्य बनाता है। राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर प्रदेश की इसी पहचान और संभावनाओं को प्रभावी ढंग से सामने रखने के साथ ‘Best Emerging Tourist Destination’ का सम्मान छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। यह उपलब्धि प्रदेश को देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने तथा छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
रायपुर में खाद-बीज कारोबार पर बड़ी कार्रवाई, 3 व्यापारियों पर FIR; 9 संस्थानों की बिक्री पर रोक
रायपुर। किसानों तक पहुंचने वाले खाद, बीज और कीटनाशक सामाग्री में अनियमितता पाए जाने पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. बिना प्राधिकार के कारोबार किया जा रहा था. वहीं कुछ संस्थानों में एक्सपायरी कीटनाशक मिली. औचक निरीक्षण के दौरान गोदामों से भंडारण संबंधी बॉक्स, स्टीकर और सील जैसी सामान बरामद किया गया है.
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है. जांच के बाद तीन व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. वहीं 9 संस्थानों के विक्रय पर प्रतिबंध और 3 गोदाम को सील कर दिया गया है. वहीं एक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है. राज्य और जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल ने प्रतिष्ठानों के औचक निरीक्षण किया. रायपुर जिले में मेसर्स पुलकित बायोफर्टिलाइजर, हरियाणा और रविन्द्र कुमार मित्तल को बिना प्राधिकार पत्र के बीज और उर्वरक का व्यापार किए जाने पर एफआईआर दर्ज की गई.
इसके अलावा एकॉन क्रॉप साइंसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एमिरॉन ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, डेक्सीस एग्रो सॉल्यूशन, भास्कर कृषि केंद्र, अभनपुर कृषि केंद्र और सोपन एग्री केयर प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य प्रतिष्ठानों पर भी अलग-अलग अनियमितताओं के चलते बिक्री प्रतिबंध और नोटिस की कार्रवाई की गई है. वहीं निधि मार्केटिंग सीएंडएफ, उरकुरा से जुड़े कुछ प्रतिष्ठानों में कृषि उत्पादों के भंडारण में गड़बड़ी मिलने पर नोटिस जारी किया गया.
गोदाम से बॉक्स-स्टीकर बरामद
जांच के दौरान भंडारण से संबंधित बॉक्स, स्टीकर और सील जैसी सामग्री मिलने पर गोदाम सील कर दिया गया. इसके अलावा निरीक्षण में सहयोग नहीं करने पर आरडी इंटरप्राइजेस और डीसी इंटरप्राइजेस के विक्रय केंद्र भी सील किए गए हैं.
उप संचालक कृषि ने बताया कि स्पष्टीकरण पर संबंधितों द्वारा पक्ष रखे जाने के बाद उर्वरक में अनियमितता पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एंव आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और कीटनाशी उत्पादों में अनियमितता पर कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं नियम 1971 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी.
छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, आज से बारिश की तीव्रता घटेगी; रायपुर में बादल-बारिश के आसार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोगों को बारिश से हल्की राहत मिलने वाली है. सोमवार से प्रदेश में मानसून की रफ्तार पर ब्रेक लगने वाला है. पिछले 24 घंटों में प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई. बस्तर संभाग में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसमी बारिश अब तक सामान्य रही है और सामान्य से अंतर 4 फीसदी कम है. हालांकि 14 सितंबर से बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 14 सितंबर से बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है. अगले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री रायपुर में दर्ज किया गया और सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री जगदलपुर में रहा.
रायपुर में 32 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान
रायपुर शहर में 14 सितंबर को आसमान सामान्यतः मेघमय रहने की संभावना है. एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
रविवार को इन इलाकों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटे में बस्तर संभाग के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई. बड़े बचेली और कोंटा में 8-8 सेमी, कटेकल्याण में 7 सेमी, सुकमा में 6 सेमी तथा फरसगांव, कुटरू और साल्हेवार में 5-5 सेमी बारिश दर्ज की गई. बारसूर, औंधी, धनोरा, कांकेर और कुआकोंडा में 4-4 सेमी पानी बरसा. डौंडी, छुईखदान, भैरमगढ़, गंडई, छुरिया, मैनपुर, बेलगहना, दंतेवाड़ा, मर्दापाल, अंबागढ़ चौकी, दरभा और बीजापुर सहित कई स्थानों पर 3-3 सेमी बारिश हुई.
लाड़ली बहनों को CM डॉ. मोहन यादव की बड़ी सौगात, 1.25 करोड़ खातों में पहुंचे ₹1835 करोड़
भोपाल/आगर मालवा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 सितंबर को लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने आगर मालवा जिले से 1.25 करोड़ से ज्यादा बहनों के खातों में 1835 करोड़ की राशि ट्रांसफर की। सीएम डॉ. यादव ने लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त प्रदान करने के साथ-साथ आगर मालवा को 226 करोड़ के 33 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 28 करोड़ के 17 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम से पहले उन्होंने बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। उन्होंने बाबा बैजनाथ महादेव से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को घर-घर दीप जलाकर दीपावली मनाने का निवेदन किया।
‘विपक्ष आंख खोलकर देख लें, 55 हजार करोड़ दे चुकी है सरकार’
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नलखेड़ा में बिराजी मां और बाबा बैजनाथ के आशीर्वाद से यहां की धरती धन्य हुई। रक्षाबंधन पर बहन को भाई से हाथ से जो कुछ मिलता है वह भगवान की दया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी और हमारी सरकार लगातार बहनों को हर महीने बिना किसी परेशानी के 1500 रुपये दे रही है।
उन्होंने कहा कि जब बहनों को राशि देने की बात आई तो कांग्रेस लगातार झूठ बोलती रही। कांग्रेस ने कहा ये योजना चलेगी नहीं, सरकार ये रुपये नहीं दे सकेगी, सरकार का पास पैसा नहीं है। लेकिन, मैं कहना चाहता हूं कि कांग्रेसियों आंखें खोलकर देख लो। हमारी सरकार लगभग 55 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि बहनों के खातों में पहुंचा चुकी है। उन्होंने कहा कि हमने जो आपसे वादा किया वो पूरा कर रहे हैं। यह राशि देकर हम सांस्कृतिक भाव भी दिखाते हैं। दुर्गा माता-धरती माता- गौ माता ने हमेशा हमारी संस्कृति को पोषित किया है। मां बगुलामुखी के आशीर्वाद से हम लगातार विकास के काम कर रहे हैं।
बहनों का हो रहा कल्याण
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज यह स्थिति है कि करीब 4 लाख बहनें लघु उद्योग की इकाई स्थापित कर रही हैं। स्वयं सहायता समूह से निकलकर बहनें उद्योगपति बन रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व नमो दीदी, ड्रोन दीदी, लखपति दीदी बन रही हैं। एक के बाद एक सभी क्षेत्रों में बहनें प्रगति कर रही हैं। वे बिना थके परिवार को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि माताएं-बहनें बहुत बड़ी ताकत होती हैं। मैं आज आपके बीच तीज के अवसर पर आया हूं। आज हरतालिका तीज भी है और रात के बाद गणेश चतुर्थी भी है। इस स्थिति में बहनें पूरी रात जागकर परिवार के कल्याण की कामना करती हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान माताओं के भाव को समझते हैं। इसलिए अपने नाम के आगे माता का नाम रखते हैं। मां का नाम लो तो भगवान खुलकर आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने कहा कि इतना विकास हुआ है कि आगर को पहचानना मुश्किल है। कांग्रेस के शासनकाल में यहां टूटे-फूटे, टूटी-फूटी सड़कें थीं। आज आगर मालवा महानगर हो गया है। आज आप यहां से 40 मिनट के अंदर उज्जैन पहुंच सकते हैं। अब सिंहस्थ आने वाला है। इसलिए राजस्थान जाने के लिए इस मार्ग पर 4-लेन बनने वाला है। यहां से एक लाइन सुपर एक्सप्रेसवे की है। आप दिल्ली-मुंबई सहित साढ़े 6 घंटे में जहां जाना चाहें जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित किया: CM
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित कर दिया। यहां का पूरा क्षेत्र बदल गया है। हमारी सरकार ने तय किया कि वह केवल सड़क-बिजली-पानी नहीं देगी, बल्कि बहनों के हाथ में भी पैसे देगी। बहनों को पैसे देंगे, तो वह अपने परिवार का कल्याण करेगी। इन पैसों से बहनों ने बचत करके सिलाई मशीन खरीद ली, ब्यूटी पार्लर चालू कर लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने तय किया और यहां आलू आधारित उद्योग स्थापित किया। इस उद्योग की लागत चार हजार करोड़ की है। उन्होंने जनता से कहा कि अगर कोई कांग्रेसी दरवाजे पर आए तो उससे पूछना कि उसकी पार्टी ने इस क्षेत्र के लिए क्या किया। कांग्रेसियों ने केवल बात की, परिणाम नहीं दिए। आज हम यहां के बच्चों को पढ़ने के लिए लॉ कॉलेज की बिल्डिंग भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य न्याय के देवता हैं। हमने जो कहा वो किया। उन्होंने जनता से नारा भी लगवाया, ‘सच्चा वादा- पक्का काम, प्रेम से बोलो जय श्रीराम।’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेसियों ने भगवान राम के काम में भी अड़ंगे लगाए। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सारे उलझे प्रश्न सुलझ गए। उन्हीं की वजह से बहनों को उज्ज्वला गैस मिला है। बहनों को पक्का मकान मिल रहा है। दूर स्कूल जाने वाले बच्चों को साइकिल दी जा रही है। हमारी सरकार ने प्रतिभाशाली बच्चों को लैपटॉप प्रदान किए।
बहनों की तरक्की में ही राज्य की प्रगति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। किसान-महिला-युवा-गरीब, चारों वर्गों की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। इन चारों वर्गों का कल्याण कर दो, सबका कल्याण अपने आप हो जाता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अब पशुपालन-मुर्गी पालन, बकरी पालन सहित हर उस विकल्प पर काम कर रही है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़े। 1956 में मध्यप्रदेश बना और 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रुपये वार्षिक थी। आज हमारी सरकार में 1 हजार 67 हजार रुपया प्रति व्यक्ति आय है।
उन्होंने कहा कि यहां 300 से ज्यादा उद्योग लगने वाले हैं। बैजनाथ धाम पर 18 करोड़ के काम तो हो ही रहे हैं। और भी जो मांगोगे वो देंगे। धार्मिक पर्यटन के लिए हमारी सरकार जो काम कर रही है, वह चमत्कार है। उज्जैन में 2022-23 केवल 70 लाख लोग आते थे, जबकि महाकाल का महालोक बनने के बाद पिछले साल 8 करोड़ लोग आए हैं। मध्यप्रदेश की जनसंख्या साढ़े आठ करोड़ है। पिछले साल मध्यप्रदेश में 20 करोड़ लोग आए। जैसी नियत-वैसी बरकत, जैसी दृष्टि-वैसी सृष्टि। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण नारों से नहीं, संकल्प शक्ति से हो सकता है। अगर बहनों की तरक्की नहीं हुई तो मध्यप्रदेश की तरक्की नहीं हो सकती।
जनता से की अपील
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बदलते दौर में बहनें केवल लाभ पाने वाली नहीं हैं, वे लाभ कमाने वाली बहनें बन रही हैं। उन्होंने कहा कि बहनों के सपनों को पूरा करने के लिए हमारे पास पर्याप्त धनराशि है। उन्होंने कहा कि बारिश की वजह से मुझे बताया गया कि हेलीकॉप्टर नहीं उड़ा सकते। लेकिन हमने कहा जो वादा किया, निभाना पड़ेगा। भगवान बैजनाथ सबकी रक्षा करेंगे। हमारी सरकार जन कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। हमारी 5 लाख किमी की सड़कें बन रही हैं। कांग्रेस के शासनकाल में रोडवेज की जो बसें बंद हो गई थीं, वो अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के नाम से चालू हो रही हैं। गांव-गांव तक 2030 तक 15 हजार बसें चलाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 तारीख से हम सभी मिलकर गांव में जिनके पट्टे हैं उनकी रजिस्ट्री कराएंगे। इसकी संख्या 50 लाख है। पूरे देश में एकमात्र राज्य मध्यप्रदेश है, जो इतना बड़ा निर्णय ले रहा है। हम राज्य के कल्याण के लिए जितना हो सकेगा, उतना करेंगे। मैं निवेदन करता हूं कि 17 तारीख को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर घर-घर दीपक जलाकर दीपावली मनाएं। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की साख और धाक बढ़ाई है।
BRICS की अध्यक्षता भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज विश्व पटल पर एक विश्वसनीय और प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरा है। वर्ष 2026 में BRICS की अध्यक्षता और 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का परिचायक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह प्रत्येक भारतवासी के लिए गौरव का अवसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज न केवल अपने राष्ट्रीय हितों को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है, बल्कि विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी वैश्विक मंचों पर सशक्त स्वर दे रहा है।
उन्होंने कहा कि “Building Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability” की थीम के साथ भारत की BRICS अध्यक्षता वैश्विक सहयोग, नवाचार और सतत विकास को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। भारत का दृष्टिकोण सदैव दुनिया को साथ लेकर चलने और साझा प्रगति के नए मार्ग तैयार करने का रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक मंचों पर सदैव स्पष्ट और दृढ़ रुख रखा है। साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय समावेशन और तकनीक के माध्यम से जनसामान्य के जीवन में बदलाव का भारत का मॉडल आज दुनिया के लिए प्रेरणा बन रहा है। BRICS जैसे मंच इन अनुभवों और विकास की संभावनाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका देश और राज्यों के लिए निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी लेकर आ रही है। विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भारत का नेतृत्व वैश्विक सहयोग को मजबूत करने, ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त बनाने और साझा समृद्धि के नए मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है और इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व को गढ़ते हैं, उन्हें संस्कार और सही दिशा देते हैं तथा उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे देश में गुरु के सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से पीढ़ियों का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा का प्रभाव केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचता है। इसीलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा ज्ञान का वह प्रकाश है, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है। शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के साथ उसमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। शिक्षित और संस्कारित नागरिक ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र का निर्माण करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ज्ञान और शिक्षा की भूमि रहा है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध शिक्षा केंद्रों में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने आते थे। हमारी यह समृद्ध ज्ञान परंपरा आज भी हमें प्रेरणा देती है। बदलते समय और नई तकनीकों के दौर में शिक्षा के स्वरूप में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। ऐसे में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।
हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर देना हमारा संकल्प
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में पीछे न रहे। गांव हो या शहर, गरीब हो या संपन्न परिवार - हर बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने, अच्छी शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हैं। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर लाइब्रेरी, स्टडी मटेरियल और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान विद्यार्थी की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें, इसके लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान कर रही है। हमारा उद्देश्य केवल शिक्षित युवा तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे आत्मविश्वासी, कुशल और सक्षम युवा तैयार करना है जो विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
बेमेतरा को गौरव पथ और विद्युत सब-स्टेशन की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बेमेतरा जिले के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बेमेतरा शहर में गौरव पथ के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने तथा ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शहरों और गांवों में बेहतर अधोसंरचना का निर्माण विकास की गति को तेज करने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएगा।
“मोर गांव मोर पानी” अभियान के उल्लेखनीय कार्यों का हुआ सम्मान
समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर में सुधार के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के लिए किए गए प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संरक्षण को भविष्य की पीढ़ियों से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी जुड़ने पर बड़े बदलाव संभव होते हैं। उन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले में किए गए प्रयासों की सराहना की।
समारोह में प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित “शिक्षक स्मृति” पत्रिका का भी विमोचन किया गया।

जनकल्याण और सुशासन के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ गरीब, किसान, महिला और युवा सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास का सपना पूरा किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। वहीं तकनीक के उपयोग से शासन की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सेवा सेतु और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी पहलों के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सरलता और समयबद्धता के साथ पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कुशल युवा शक्ति तथा सशक्त गांवों और शहरों से तैयार होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की शाम अपने घरों में एक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, विकास और जनकल्याण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।
शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वोपरि रहा है। शिक्षक अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करते हैं। शिक्षक केवल विद्यार्थी का ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं।
उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षकों का ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है।
शिक्षा के साथ संस्कार भी आवश्यक : मंत्री दयाल दास बघेल
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति पैदा करती है। शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक दीपक की तरह ज्ञान का प्रकाश फैलाकर बच्चों का भविष्य संवारते हैं।
मंत्री श्री बघेल ने सम्मानित सभी शिक्षकों एवं मेधावी विद्यार्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
त्योहारी सीजन से पहले रायपुर में बड़ा एक्शन, जर्जर मकानों को ढहाने का काम शुरू
रायपुर। आखिरकार राजधानी रायपुर की सैकड़ो साल पुरानी जर्जर इमारतों को ढहाने की कार्रवाई शुरू हो गई है. सदर बाजार इलाके निगम ने पुरानी जर्जर इमारत को ढहाने का काम शुरू किया है. हाल ही में रायपुर नगर निगम ने 36 से अधिक जर्जर मकानों को नोटिस जारी किया था.
बता दें कि 11 और 12 सितंबर की दरमियानी रात को डीजे के साउंड से सदर बाजार में भवन के गिरने की घटना सामने आई थी. गनीमत रही कि रात को हुई घटना में किसी व्यक्ति को कोई खरोच तक नहीं आई, लेकिन इस घटना ने निगम प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए मजबूर कर दिया.
इसके पहले दिल्ली में भवन गिरने की घटना में सैंकड़ों जान जा चुकी है. इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर जर्जर भवनों की पहचान कर उन्हें ढहाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. बरसात के दिनों में जर्जर भवनों के गिरने की घटना को देखते हुए अब जाकर सदर बाजार में कार्रवाई की जा रही है.
रायपुर नगर निगम के अधिकारी ने बताया की अब तक कुल 35 से अधिक पुराने जर्जर मकानों को नोटिस जारी किया गया है. बीते दिनों सदर बाजार की इमारत गिर गई थी, जिसके बाद ईमारत को ढहाने का कार्य किया जा रहा है. सदर बाजार इलाके को पूरे तरफ बंद कर दिया गया है. निगम और पुलिस की टीम मौजूद है. जल्द ही कार्रवाई पूर्ण कर दी जाएगी.
निगम की कार्रवाई से खुश लोगों का कहना है कि जर्जर भवनों को ढहाने के लिए बरसात का इंतजार करने की क्या जरूरत थी. पहले ही इन भवनों को गिरा दिया जाना चाहिए था. इससे जान-मान का खतरा हमेशा बना रहता है. इसके साथ ही साथ जिला प्रशासन से उम्मीद लगाए हुए हैं कि त्योहार के मद्देनजर डीजे के दिल दहला देने वाले आवाज से भी राहत दिलाने का काम किया जाएगा.
लगातार दो वर्ष देश में सर्वाधिक रिकवरी दर, यह किसानों की मेहनत का परिणाम है– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। देश में लगातार दो वर्षों तक सर्वाधिक रिकवरी का गौरव हासिल करने वाले भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने किसानों को एक और बड़ी सौगात दी है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज 28 हजार शेयरधारी गन्ना किसानों को 30 रुपए प्रति किलो की रियायती दर पर 50 किलो शक्कर वितरण का शुभारंभ किया। यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब किसानों को रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम में आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा को नेशनल को ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन,नई दिल्ली के द्वारा सर्वोच्च शुगर रिकवरी के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में एफिशिएंसी अवार्ड प्राप्त होने पर क्षेत्र वासियों, शेयर धारक किसानों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किसानों की सुविधा के लिए भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना परिसर में डोम निर्माण की घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह कारखाना किसानों का अपना कारखाना है और इसकी मजबूती किसानों की सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में लगातार तीसरे वर्ष किसानों को रियायती दर पर शक्कर वितरण की शुरुआत की गई है। इस वर्ष 4 हजार 686 नए किसानों को शेयरधारी बनाया गया है। इस प्रकार अब लगभग 28 हजार शेयरधारी किसानों को 30 रुपए प्रति किलो की दर से 50 किलो शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को यह लाभ सहकारिता की भावना और कारखाने से उनके जुड़ाव का महत्वपूर्ण परिणाम है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष कारखाने में 2 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई थी। इस वर्ष इसे बढ़ाकर 4 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, 10 हजार किसानों से गन्ना अनुबंध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में कारखाने से अनुबंध करें और गन्ना उपलब्ध कराएं, ताकि कारखाना निरंतर सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों के सहयोग से ही कारखाना आगे बढ़ेगा और इसका लाभ भी किसानों तक पहुंचेगा।
इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला विजय पाटिल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशीराम धुर्वे, संतोष पटेल, मनीराम साहू, भुनेश्वर चंद्राकर, रामकिंकर वर्मा, खिलेश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे।

देश में सर्वाधिक रिकवरी का लगातार दो वर्षों का गौरव
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने वर्ष 2024–25 और 2025–26 में पूरे देश में सर्वाधिक रिकवरी प्राप्त करने वाले कारखाने के रूप में गौरव हासिल किया है। इसके लिए कारखाने को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर रिकवरी केवल कारखाने की उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत का परिणाम है। किसानों द्वारा उत्पादित गुणवत्तापूर्ण गन्ने और उनके परिश्रम से ही कारखाना उच्च स्तर पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत, कारखाना प्रबंधन की कार्यक्षमता और सहकारिता की भावना मिलकर भोरमदेव शक्कर कारखाना को नई पहचान दे रही है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समिति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें होने वाला लाभ सभी सदस्यों के बीच साझा होता है। यही कारण है कि सहकारिता किसानों के लिए उपयोगी और लाभकारी व्यवस्था है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कारखाने से जुड़कर शेयरधारी बनें और गन्ना अनुबंध के माध्यम से इसकी गतिविधियों को और मजबूत करें। उन्होंने किसानों को समर्थन मूल्य बोनस बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।

कवर्धा के किसानों की मेहनत ने प्रदेश को दिलाई नई पहचान –मंत्री रामविचार नेताम
कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। तीजा पर्व और गणेश चतुर्थी की तैयारियों के बीच किसानों को शक्कर का वितरण किया जाना खुशी की बात है। त्योहारों में प्रसाद और पकवानों के लिए मिठास की आवश्यकता होती है, ऐसे समय में किसानों को रियायती दर पर शक्कर मिलने से त्योहार की खुशियों में और मिठास बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से किसानों के हित में शक्कर वितरण की व्यवस्था फिर शुरू हुई है। कवर्धा के किसानों की मेहनत और परिश्रम ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। बेहतर गन्ना उत्पादन और शक्कर की अच्छी रिकवरी किसानों की मेहनत का परिणाम है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गन्ना उत्पादक किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और गन्ने का उत्पादन और बढ़े। किसानों के हित में बोनस बढ़ाने के लिए भी सरकार आवश्यक प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार शक्कर आज त्योहार के अवसर पर उनके घरों तक पहुंच रही है और इससे खुशियों में मिठास बढ़ेगी।
NDPS कार्यशाला में गृह मंत्री विजय शर्मा का बड़ा संदेश, नशे के निर्माण से भंडारण तक करने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई
कवर्धा। छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस अब और ज्यादा आक्रामक तेवर में कार्रवाई करेगी. प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस प्रशासन को साफ निर्देश दिए हैं कि नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी, परिवहन और भंडारण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाए. नशे के पूरे नेटवर्क पर पुलिस पूरी ताकत से टूट पड़े.
कवर्धा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में राजनांदगांव रेंज स्तरीय एनडीपीएस कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी और विवेचना अधिकारी शामिल हुए. कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नशे के कारोबार पर कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. नशे के सौदागरों से लेकर उनके पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर उसे जड़ से खत्म करना जरूरी है. नशीले पदार्थों का निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए.

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामलों की विवेचना वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मजबूत बनाई जाए, ताकि आरोपी केवल गिरफ्तार ही न हों, बल्कि न्यायालय में भी दोषसिद्ध हों. यानी सरकार का संदेश साफ है—नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं, पुलिस की कार्रवाई सीधे नेटवर्क के खिलाफ होगी.
CGPSC घोटाला: ADM चेतन बरघोरिया की गिरफ्तारी पर CM साय बोले- अपराध किया तो होगी कड़ी कार्रवाई, किसी को नहीं बख्शेंगे
रायपुर। बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में ईडी ने एडीएम चेतन बरघोरिया को गिरफ्तार किया है. मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में उन्हें कोर्ट ने 6 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा गया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एडीएम की गिरफ्तारी पर रविवार (13 सितंबर) को बड़ा बयान दिया.
किसी को बख्शा नहीं जाएगा – CM साय
सीएम साय ने अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारी सरकार में कोई भी अपराध करता है तो उसकी जांच होगी और उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी. किसी को बख्शा नहीं जाएगा.
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बरघोरिया को पूछताछ के बाद गिरफ्तारी कर लिया गया. ईडी ने एडीएम को विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया. कोर्ट में ईडी ने उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बरघोरिया के बीच वाट्सएप चैट मिलने का हवाला दिया गया. अदालत ने उन्हें 6 दिनों की ED रिमांड पर भेज दिया है.
भारत को BRICS की मेजबानी का सौभाग्य मिला : CM साय
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष जुटे हैं. इस बार भारत को ब्रिक्स समिट की मेजबानी करने का सौभाग्य मिला है, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने बीजापुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं से दुर्व्यवहार की शिकायत पर लिया संज्ञान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा असुरक्षित वातावरण से संबंधित किसी भी शिकायत को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आवासीय विद्यालय और छात्रावास बच्चों के लिए केवल अध्ययन के स्थान नहीं, बल्कि उनके घर की तरह हैं। माता-पिता अपने बच्चों को विश्वास के साथ इन संस्थानों में भेजते हैं। इस विश्वास की रक्षा करना शासन-प्रशासन और संस्थान से जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित, भयमुक्त और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना हर परिस्थिति में सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार संबंधी समाचार पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर विश्वदीप और पुलिस अधीक्षक को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर बिना किसी विलंब के विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। यदि किसी स्तर पर शिकायत की अनदेखी, उसे दबाने का प्रयास अथवा कर्तव्य में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय की जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस प्रकरण के संदर्भ में सभी जिलों को व्यापक सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में संचालित बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी निर्धारित व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो रहा है। छात्रावासों में अधीक्षकों एवं अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा बच्चों की शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बच्चों से जुड़ी शिकायतों के मामले में केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक व्यवस्था सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमित निरीक्षण, सतत संवाद और प्रभावी निगरानी के माध्यम से ऐसी परिस्थितियों को पहले ही पहचानने और रोकने की व्यवस्था विकसित की जाए। विद्यालय एवं छात्रावास प्रबंधन को भी यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की उदासीनता गंभीरता से ली जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा उन्हें डराने-धमकाने जैसी किसी भी शिकायत की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें। आवश्यक होने पर पीड़ित छात्राओं को काउंसलिंग एवं अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां निर्भय होकर पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें, इसके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। प्रदेश के प्रत्येक आवासीय विद्यालय और छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वोपरि है। इस दिशा में लापरवाही बरतने वाले किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई न्यायिक अधिकारियों के तबादले
बिलासपुर। चीफ जस्टिस के आर महापात्र ने पदभार ग्रहण करने के बाद कुछ न्यायिक अधिकारियों का ट्रांसफर किया है। साथ ही प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों के लिए पोर्टफोलियो जज भी नामित किए हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की डायरेक्टर सुषमा सावंत के जस्टिस नियुक्त होने के बाद रिक्त हुए पद में उच्च न्यायिक सेवा संवर्ग के न्यायिक अधिकारी एवं वर्तमान में सूरजपुर परिवार न्यायालय की न्यायाधीश डॉ.प्रज्ञा पचौरी को छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी में डायरेक्टर के पद पर पदस्थ किया गया है।
इसी प्रकार कोरबा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष शर्मा के हाईकोर्ट में जस्टिस नियुक्त होने के बाद कोरबा में ही परिवार न्यायाधीश नीता यादव को कोरबा का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पदस्थ किया गया है।
कुनकुरी में पदस्थ द्बितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम कुमार देवांगन का पत्थलगांव जशपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर और कोरबा श्रम न्यायालय के न्यायाधीश अविनाश तिवारी का कोरबा में ही द्बितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तबादला किया गया है।
चीफ जस्टिस ने पोर्ट फोलियो जज भी नियुक्त किए हैं। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू को रायपुर, जांजगीर-चाम्पा एवं सरगुजा अंबिकापुर, जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास को राजनांदगांव, बेमेतरा एवं कोरबा, जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी को दुर्ग एवं बालोद, जस्टिस सचिन सिंह राजपूत को रायगढ़ एवं महासमुंद, जस्टिस राकेश मोहन पांडेय को बस्तर जगदलपुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, जस्टिस संजय कुमार जायसवाल को मुंगेली एवं कोंडागांव, जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल को बिलासपुर एवं धमतरी, जस्टिस बिभु दत्त गुरू को सूरजपुर एवं कोरिया, जस्टिस एके प्रसाद को बलौदाबाजार एवं जशपुर, जस्टिस संतोष शर्मा को कबीरधाम कवर्धा, जस्टिस सुषमा सावंत को उत्तर बस्तर कांकेर तथा जस्टिस सुधीर कुमार को बलरामपुर-रामनुजगंज का पोर्टफोलियो जज नामित किया गया है। ये उक्त जिलों के न्यायालयों के कामकाज की मॉनिटरिंग करेंगे।
कृषि शिक्षक भर्ती विवाद: स्नातकोत्तर योग्यता की मांग, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
बिलासपुर। लाेक शिक्षण संचालनालय के अंतर्गत कृषि शिक्षक पदों के लिए लिखित भर्ती परीक्षा की योग्यता को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. याचिका में कहा गया है कि एनसीटीई (नेशनल टीचर काउंसिल फार एजुकेशन) के 2014 में जारी अधिसूचना के अनुसार 11 वीं और 12 वीं कक्षाओं को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की अनिवार्य योग्यता स्नातकोत्तर होनी चाहिए. जबकि राज्य शासन ने लेकिन सिर्फ स्नातक की पात्रता रखी है. यह नियमों का उल्लंघन है. याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य शासन से जवाब मांगा है.
अधिसूचना के अनुसार, शिक्षक ई संवर्ग के 868 और टी संवर्ग के 786 यानी कुल 1654 पदों पर भर्ती की जाएगी. राज्य शासन द्वारा जारी विज्ञापन के अनुसार शिक्षक के इन पदों के लिए स्नातक और प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा या 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक व बीएड में एक वर्षीय स्नातक या 50 प्रतिशत अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक व चार वर्षीय बीएएड, बीएससीएड, बीएड हो, या 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक व बीएड विशेष शिक्षा में एक वर्षीय स्नातक के साथ ही टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है. याचिका में नियम अनुसार एनसीटीई के तहत पात्रता स्नातकोत्तर करने की मांग की गई है.
राज्य शासन के नोटिफिकेशन के अनुसार, शिक्षक ई संवर्ग में कुल 868 और टी संवर्ग में 786 पदों पर भर्ती की जाएगी. ई संवर्ग में रायपुर संभाग में 209, सरगुजा में 40, बिलासपुर में 270, दुर्ग में 354 पद है. वहीं टी संवर्ग में सरगुजा संभाग में में 265, बिलासपुर में 130, रायपुुर में 56, दुर्ग में 50, बस्तर में 285 शिक्षकों के पद है. ई संवर्ग में हिन्दी विषय के 109, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 319, गणित के 135, सामाजिक विज्ञान के 150 और कृषि के 5 शिक्षक पदों पर भर्ती की जाएगी. ऐसे ही टी संवर्ग में हिन्दी विषय के 141, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 185, गणित के 115, सामाजिक विज्ञान के 100 और कृषि के 95 पदों पर भर्ती होगी.
आवेदन प्रक्रिया में खास बात यह है कि शिक्षक के लिए बीएड के साथ टीईटी अनिवार्य है लेकिन कृषि शिक्षकों के लिए यह अनिवार्यता नहीं रखी गई है. कृषि शिक्षकों के पद पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के लिए केवल बीएड अनिवार्य है टीईटी नहीं. निर्देशों में कहा गया है कि शिक्षक कृषि की पदस्थापना हायर सेकंडरी विद्यालयों में की जाती है इसलिए बीएड उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा लेकिन टीईटी उत्तीर्ण अनिवार्य नहीं है. साथ ही शिक्षक पद के अभ्यर्थी विज्ञापित पदों में से किसी एक विषय के लिए ही आवेदन कर सकते हैं.
साइबर अपराध के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस का बड़ा अभियान, डिप्टी CM विजय शर्मा ने लॉन्च किया ‘साइबर संकल्प’
रायपुर। साइबर अपराधों से मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा सतत रूप से चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ जो कि दिनांक 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाया जा रहा, जिसमें लोगो को साइबर संबधी अपराधों की जानकारी और बचाव के तरीकों की जानकारी दी जाती है। इसी कड़ी में 12 सितंबर को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के सभागार में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और रायपुर के विभिन्न महाविद्यालयों के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार, पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक (तकनीकी सेवाएं) प्रशांत अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रायपुर अमित तुकाराम कांबले, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला एवं कुलसचिव शैलेंद्र पटेल उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा द्वारा ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ किया गया। ‘साइबर संकल्प’ डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता पर आधारित 9 मॉड्यूल का वीडियो पाठ्यक्रम है, जिसका प्रत्येक वीडियो 5 से 6 मिनट अवधि का है। इसके माध्यम से नागरिक सरल भाषा में साइबर अपराध के आधुनिक तरीकों एवं उनसे सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि डिजिटल क्रांति के अंतर्गत भारत में लगभग 36 लाख करोड़ रुपये का डिजिटल लेनदेन हुआ है, जो विश्व के कुल डिजिटल लेनदेन का लगभग आधा है। जिस देश में कभी डिजिटल लेनदेन की कल्पना भी नहीं की जाती थी, आज वही देश विश्व के डिजिटल लेनदेन का नेतृत्व कर रहा है।
उन्होंने साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने का आह्वान किया, इस अभियान को गांव-गांव तक ले जाने पर बल दिया तथा विद्यार्थियों से साइबर जागरूकता के प्रसार में स्वैच्छिक रूप से सहभागी बनकर अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को जागरूक करने का आह्वान किया।

केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं i4c द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता एवं जन-सहभागिता सुनिश्चित करने के साइबर क्राइम वालंटियर बनाया जा रहा है ताकि व्यक्ति स्वयं को और अपने परिवार एवं अन्य लोगों को सुरक्षित करने में अपनी सहभागिता निभा सके। साइबर क्राइम वालंटियर में पंजीकरण करने के लिए नीचे दिए गए क्यू आर कोड पर स्कैन कर सकते है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार ने साइबर अपराधों के नए तरीकों से सावधान रहने एवं ऑनलाइन सुरक्षा मानकों के पालन की सलाह दी। कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि तेजी से फैलते साइबर अपराधों से बचाव हेतु विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों का जागरूक होना अति आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों ने अपनी आपबीती साझा की तथा त्वरित कार्रवाई कर ठगी की राशि वापस दिलाने हेतु पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के पीड़ित डॉ. सेन ने बताया कि किस प्रकार उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जाल में फंसाया गया तथा गोल्डन ऑवर में पुलिस से संपर्क करने के कारण धोखाधड़ी की 60 लाख रुपए की राशि उन्हें वापस प्राप्त हुई। उनके अनुभव ने उपस्थित विद्यार्थियों को साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में विलंब न करते हुए तत्काल 1930 पर संपर्क करने के महत्व से अवगत कराया।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौरव मंडल द्वारा विभिन्न प्रकार के साइबर क्राइम और उनसे बचने के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने मुख्य अतिथि, कुलपति, उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ पुलिस के सतत साइबर जागरूकता अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा, जिसने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों की पहचान, रोकथाम एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की तथा उन्हें साइबर जागरूकता के दूत बनने हेतु प्रेरित किया।
पुलिस कमिश्नरेट के नए नियमों के बीच गणेश समितियों को राहत, डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिए निर्देश
रायपुर। राजधानी में गणेशोत्सव को लेकर जोर शोर से तैयारियां जारी है। छोटों-बड़ों से लेकर सैकड़ों समितियां गणेशोत्सव का आयोजन करती है, लेकिन पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद नए नियम और निर्देश जारी किए गए हैं। इससे समितियों के बीच में कठिनाइयां आ गई है। समितियों की कठिनाइयों को देखते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
अनावश्यक रूप से न करें परेशान- साव
साव ने अधिकारियों से कहा है कि गणेश उत्सव समितियों को होने वाली परेशानियों का तत्काल समाधान किया जाए। किसी भी गणेश समिति को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। गणेश समितियों से चर्चा कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराएं। साथ ही अनावश्यक प्रक्रिया और परेशानी से समितियों को बचाया जाए।
प्रशासन की ओर से मिले हरसंभव सहयोग
साव ने कहा कि गणेश उत्सव आस्था और उत्साह का पर्व है। प्रदेशभर में गणेश समितियां श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजन करती हैं। आयोजन में समितियों को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग मिलना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी गणेश समितियों से भी आग्रह किया है कि उन्हें किसी प्रकार से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। पूरे प्रदेश में उत्साह और भक्तिभाव के साथ गणेश उत्सव का आयोजन हो, इसके लिए प्रशासन आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करेगा।