रायपुर। बारिश के मौसम में राजधानी रायपुर की जनता बिजली आपूर्ति बंद रहने से सबसे ज्यादा परेशान है. रविवार को रायपुर पश्चिम की दर्जनों कॉलोनियों जैसे कैलाशपुरी, पुजारी नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, वीरभद्र नगर, मठपारा और राधा स्वामी नगर में दोपहर तीन बजे से बिजली आपूर्ति बंद ठप रहने से ब्लैक आउट की स्थिति रही. इन कॉलोनी के हजारों लोग दोपहर से लेकर रात तक परेशान रहे. बिजली की अंडरग्राउंड लाइन में खराबी आने के कारण खोजने में पॉवर कंपनी के अधिकारियों का पसीना छूट गया.
रविवार के दिन दोपहर में अचानक बिजली गुल हो जाने से हजारों लोगों का संडे खराब हो गया, उनके बहुत सारे रुक गए, दोपहर से देर शाम तक बिजली सप्लाई बंद होने से लोग परेशान रहे, आक्रोशित लोगों ने बिजली ऑफिस में फोन कर शिकायत की, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला.
बिना किसी सूचना के बिजली बंद होने के बारे में बिजली विभाग के अधिकारी भी कोई जवाब देने की स्थिति नहीं थे, स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन बिजली गुल रहती है, जिसके कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बिजली की समस्या के संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन स्थिति सुधर नहीं रही है, यदि ऐसा ही हाल रहा तो प्रशासन के प्रति लोगों की नाराजगी बढ़ेगी.
रायपुर। नगर निगम अब शहर के किसी भी प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा से पहले ही उसके संबंध में हाईकोर्ट में कैविएट दायर करेगा। इससे कोई भी व्यक्ति या संस्था प्रोजेक्ट को लेकर हाईकोर्ट से एकतरफा स्टे नहीं ला सकेगा।
कैविएट दाखिल होने के बाद कोर्ट बिना नगर निगम का पक्ष सुने कोई भी निर्णय नहीं देगा। नगर निगम ने गंज मंडी, भैंसथान, नवीन मार्केट आदि प्रोजेक्ट को लेकर पहले ही कैविएट दायर कर रखा है। विभिन्न योजनाओं पर प्रभावित लोगों और संस्थाओं के हाईकोर्ट से स्टे लाने के कारण काम शुरू नहीं हो पाता या उसमें अनावश्यक देरी होती है।
ऐसे उदाहरणों को देखते हुए नगर निगम ने अब पहले ही कैविएट दायर करने के निर्णय लिया है। इससे किसी भी प्रोजेक्ट पर नगर निगम को अपना पक्ष रखने का मौका मिल जाता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा रही हैं। भारत ने प्राचीन काल से ही लोकतंत्र की भावना को आत्मसात किया है। उन्होंने कहा कि विधानसभाएं लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं। यही माध्यम है जिससे जनता की आकांक्षाएं शासन की नीतियों में बदलती हैं। डॉ. सिंह आज नई दिल्ली में ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस में ‘भारत लोकतंत्र की जननी‘ विषय पर सम्बोधित कर रहे थे।
ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में पंचायते जीवित इकाई के रूप में कार्य करती हैं। पंचायतों में सामूहिक निर्णय के माध्यम से विवादों का समाधान चर्चा से होता था। पंचायतीराज की यह परंपरा आज भी लोकतंत्र की रीढ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1946 में गठित संविधान सभा लोकतंत्र का अनुपम उदाहरण है।
गौरतलब है कि यह सम्मेलन वीर विठ्ठल भाई पटेल प्रथम निर्वाचित भारतीय स्पीकर के जन्म शताब्दी समारोह के अंतर्गत यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस दो दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ आज केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में किया। इस सम्मेलन में भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत करने पर चर्चा होगी। इस सम्मेलन में भारत के कई राज्यों की विधानसभा के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनप्रतिनिधियों और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में सरकार लगातार संवाद और संपर्क पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में रविवार को राज्य के कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रतिनिधिमंडल ने नवा रायपुर स्थित उनके आवासीय कार्यालय में शिष्टाचार मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में विधायक प्रतिनिधि अनोज यादव, जनपद पंचायत सदस्य राजकुमार यादव, जनपद पंचायत सदस्य अशर्फी यादव और ग्राम पंचायत परहियाडीह की सरपंच भागीरथी आयाम शामिल थे। सभी जनप्रतिनिधियों ने मंत्री नेताम को क्षेत्र की समस्याओं और विकास की जरूरतों से अवगत कराया।
बैठक के दौरान ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जनपद पंचायत स्तर तक की प्राथमिक आवश्यकताओं, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने बताया कि सीमावर्ती और वनांचल क्षेत्रों में अब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी महसूस की जाती है। कई जगहों पर ग्रामीण सड़कों की स्थिति खराब है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। वहीं, छोटे नालों और खेतों में सिंचाई सुविधा का विस्तार आवश्यक है ताकि किसान वर्षभर फसल उत्पादन कर सकें। मंत्री राम विचार नेताम ने प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर जिले के विकास को प्राथमिकता दे रही है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला विशेषकर आदिवासी बहुल और दूरस्थ इलाकों वाला क्षेत्र है, जहां विकास की गति तेज करने के लिए विशेष योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण से ग्रामीण इलाकों को मुख्य बाजारों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ग्रामीण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठा रही है। इस मुलाकात के दौरान ग्राम पंचायत परहियाडीह की सरपंच भागीरथी आयाम ने विशेष रूप से गांव की महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण और योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंचे तो बड़ी संख्या में ग्रामीण आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
वहीं, विधायक प्रतिनिधि अनोज यादव और जनपद सदस्य राजकुमार यादव ने गांवों में पेयजल आपूर्ति और सिंचाई तालाबों के जीर्णोद्धार पर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में कई इलाकों में पेयजल संकट गहराता है, ऐसे में हैंडपंप और ट्यूबवेल की मरम्मत के साथ-साथ नए जलस्रोतों की स्थापना जरूरी है। मंत्री नेताम ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उठाई गई सभी समस्याओं को विभागीय स्तर पर संज्ञान में लिया जाएगा और प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना ही सरकार का ध्येय है। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और प्रतिनिधियों ने मंत्री नेताम को क्षेत्र के लोगों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।
रायपुर। ओसाका (जापान) में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले दिन ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन आकर्षण का केंद्र बन गया। उद्घाटन दिवस पर 22 हजार से अधिक दर्शकों ने यहाँ पहुँचकर छत्तीसगढ़ की विरासत, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक का अनुभव किया।
भारत सरकार के इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के आमंत्रण पर 24 से 30 अगस्त 2025 तक भारत पैवेलियन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। आज इस भव्य पैवेलियन का विधिवत शुभारंभ किया गया।
छत्तीसगढ़ : संस्कृति, उद्योग और अवसरों का संगम
पैवेलियन को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह आगंतुकों को एक जीवंत अनुभव प्रदान करता है। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, औद्योगिक शक्ति और पर्यटन की संभावनाओं को सुंदर रूप से पिरोया गया है। यह वैश्विक दर्शकों को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराता है।
पर्यटन और विरासत की छटा
पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की धरती की सुंदरता और धरोहर को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। नवा रायपुर, देश का पहला ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी, जिसे निवेश और औद्योगिक प्रगति के लिए तैयार किया गया है, यहाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान चित्रकोट जलप्रपात ने भी सबका ध्यान खींचा। भारत का सबसे चौड़ा जलप्रपात होने के कारण इसे “भारत का नियाग्रा” कहा जाता है।
इतिहास और आस्था की झलक देने वाला सीतापुर (Sirpur) पैवेलियन में प्रमुख रूप से प्रदर्शित है। यह 8वीं शताब्दी ईस्वी से जुड़ा भारत का एक विशाल बौद्ध स्थल है, जो छत्तीसगढ़ की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का परिचायक है। भारत और जापान की सांस्कृतिक विरासत के इस जुड़ाव में, छत्तीसगढ़ बुद्ध के विचारों और शिक्षाओं से प्रेरित होकर शांति, समावेश और सतत विकास के साझा मूल्यों को आगे बढ़ाता है।
औद्योगिक शक्ति और लॉजिस्टिक हब के रूप में छत्तीसगढ़
पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति पर विशेष बल दिया गया। राज्य की केंद्रीय स्थिति और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क उसे देश के भीतर सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाते हैं।
विनिर्माण, वस्त्र, आईटी/आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रामोद्योग जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की तेजी से हो रही प्रगति को भी यहाँ प्रदर्शित किया गया है। यह वैश्विक निवेशकों के लिए राज्य को निवेश-तैयार गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।
कला और शिल्प की पहचान
छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोककला और हस्तशिल्प में भी झलकती है। पैवेलियन में बस्तर की ढोकरा कला—4,000 वर्ष पुरानी जीआई टैग प्राप्त धातु शिल्प—अपने अनगढ़ सौंदर्य और मौलिकता से सबको आकर्षित कर रही है।
इसी तरह, कोसा सिल्क, जिसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा कहा जाता है, पैवेलियन का मुख्य आकर्षण बना। यह अपनी प्राकृतिक चमक, मजबूती और आकर्षण के लिए विख्यात है और राज्य के वनों में पाए जाने वाले एंथरेया मायलिट्टा रेशमकीट से तैयार किया जाता है।
कोसा से बनी कलात्मक इंस्टॉलेशन छत्तीसगढ़ की आत्मा को व्यक्त करती है—जहाँ आध्यात्मिकता, प्रकृति और विकास का संतुलन साफ़ दिखाई देता है।
वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की दमदार उपस्थिति
वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पैवेलियन की शानदार शुरुआत और रिकॉर्डतोड़ दर्शक संख्या ने आने वाले सप्ताह की दिशा तय कर दी है। यह पैवेलियन न केवल सांस्कृतिक विविधता का उत्सव है, बल्कि छत्तीसगढ़ को सतत औद्योगिक प्रगति और वैश्विक निवेश अवसरों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव का आज शालेय शिक्षक संघ ने प्रांतीय स्तर पर जोरदार स्वागत किया। राजधानी रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व में प्रदेश कार्यकारिणी और बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। इस दौरान शिक्षामंत्री का फूलमाला और गुलदस्तों से अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव ने आत्मीयता से सभी पदाधिकारियों और शिक्षकों से मुलाकात की तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। यादव ने आश्वस्त किया कि शिक्षा विभाग को समुन्नत बनाने और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ ठोस प्रयास किए जाएंगे।
शालेय शिक्षक संघ ने अपने वक्तव्य में कहा कि लंबे समय से शिक्षा विभाग कई चुनौतियों से जूझ रहा है। विभाग की नीतिगत कमियां, प्रशासनिक अराजकता और शिक्षकों की अनसुलझी समस्याओं ने शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है। संगठन ने उम्मीद जताई कि नए शिक्षामंत्री अपने सक्रिय नेतृत्व से विभाग को पटरी पर लाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करेंगे।
संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने इस अवसर पर कहा, “हमें विश्वास है कि गजेंद्र यादव शिक्षा के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। शिक्षक समाज की रीढ़ हैं और जब तक उनकी समस्याओं का उचित समाधान नहीं होगा, शिक्षा व्यवस्था अपेक्षित ऊंचाई तक नहीं पहुंच सकती।”
इस अभिनंदन समारोह में प्रांतीय पदाधिकारियों और संगठन के वरिष्ठ सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। सभी ने एक स्वर में कहा कि गजेंद्र यादव का कार्यकाल शिक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
शिक्षामंत्री का अभिनंदन करने वालों में प्रमुख रूप से प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे, प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, उपाध्यक्ष विष्णु शर्मा, प्रांतीय मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा सहित प्रदेश के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। साथ ही अतुल अवस्थी, कृष्णराज पांडेय, अजय वर्मा, घनश्याम पटेल, तिलक सेन, खेमन साहू, द्वारिका भारद्वाज, भेमराज देवांगन, प्रताप धनकर, वेद राम जांगड़े, विजय बेलचंदन, अशोक देशमुख, योगेश वर्मा, उमेश चंद्राकर, मिलेश्वर देशमुख, रविकांत देवांगन, राकेश ठाकुर, रोहित देशमुख, अभिनव शर्मा सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई।
अभिनंदन समारोह का माहौल सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण रहा। शिक्षामंत्री ने सभी शिक्षकों को विश्वास दिलाया कि वे उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करेंगे और शिक्षा विभाग को राज्य में एक आदर्श व्यवस्था के रूप में स्थापित करने का हर संभव प्रयास करेंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा धूमधाम से मनाया गया। ‘विष्णु भइया’ के नेवता पर आयोजित इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएँ पहुँचीं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया।
मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उपस्थित माताओं-बहनों को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का महत्वपूर्ण पर्व है। निर्जला व्रत रखकर अपने पति-परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करने वाली सभी माताओं-बहनों को उन्होंने सरकार की ओर से शुभकामनाएँ दीं। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेवता पर माताओं-बहनों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति स्वयं इस पर्व के महत्व को सिद्ध करती है।
उन्होंने कहा कि तीजा के आते ही माताओं-बहनों के मन में प्रसन्नता छा जाती है। भाई-भतीजा के तीजा लिवाने आने की प्रतीक्षा रहती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और घर-परिवार को संचालित करने में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आगे भी ऐसी योजनाएँ लाती रहेगी।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी तीजा-पोरा पर्व की बधाई दी और कहा कि यह अवसर सभी तीजहारिन बहनों के लिए बहुत विशेष है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए खुशी, एकजुटता और आत्मीयता का प्रतीक है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व है। माता-बहनें परिवार को जोड़कर स्वर्ग समान बनाए रखने का कार्य करती हैं। सुहागन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सावन में खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, जिनमें गाय-बैलों की अथक मेहनत का योगदान होता है। इसी मेहनत से हमारे धान के कोठार भरते हैं। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
इस अवसर पर पंडवानी गायिका पद्मश्री उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक सुनील सोनी, इंद्र कुमार साव, अनुज शर्मा, केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेना, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर की महापौर मीनल चौबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
महिला सम्मेलन में महतारियों का उत्साह, तीजहारिन बहनों ने लगवाई मेंहदी
तीजा-पोरा के नेवता के लिए ‘विष्णु भइया’ का जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के भाई के रूप में दिए गए नेवता पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने भाग लिया। यहाँ लगाए गए स्टॉल गुलजार रहे। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सजधज कर सावन के झूले का आनंद लिया।
महतारियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। पंडवानी गायिका श्रीमती उषा बारले ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था। यहाँ मेहंदी, चूड़ियाँ, आलता के स्टॉल और ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए तीजा-पोरा की तैयारियाँ प्रदर्शित की गईं।
ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चिन्हारी आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें तोड़ा, पैरी पैजन, लच्छा, साँटी, झांझ, बिछिया, बिछुआ, चुटकी, ऐंठी, गोल, कंगन या कड़ा टरकउव्वा, कंगन या कड़ा (चोटी की तरह गुँथा हुआ), पटा, ककनी-हर्रया, तरकी, छुमका, ढार, खिनवा, लुरकी, धतुरिया, फुल्ली, नथ, रुपियामाला, तिलरी, कटवा, सूता, करधन, बजुबंद, खग्गा, फुंदरा और झबली जैसे पारंपरिक आभूषणों के साथ कृषि उपकरण और वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित किए गए।
महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत विधि-विधान से शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इन खेलों ने न केवल प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक पर्व की आत्मीयता और सामाजिकता को भी जीवंत कर दिया।
कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और समाज में आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।
रायपुर। मनुष्य का जीवन तभी सार्थक होता है जब उसका अस्तित्व दूसरों के जीवन में प्रकाश और आशा भर दे। इसी दिव्य ध्येय को साकार करते हुए नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर ने रायपुर के विशाल नगर स्थित शगुन फार्म में नारायण लिंब एवं कैलिपर्स फ़िटमेंट शिविर आयोजित किया। यह केवल एक चिकित्सा शिविर नहीं, बल्कि असंख्य टूटे सपनों और ठहरी हुई ज़िंदगी को फिर से गति देने का महापर्व था।
इस शिविर में 382 से अधिक दिव्यांगजन कृत्रिम अंग पाकर एक बार फिर अपने पैरों पर खड़े हुए। जिन पैरों ने वर्षों पहले चलना छोड़ दिया था, वे आज फिर से जीवन की राह पर चल पड़े। जिनके चेहरे पर निराशा की लकीरें थीं, वहाँ अब आत्मविश्वास और प्रसन्नता की उजली मुस्कान खिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा- नारायण सेवा संस्थान सचमुच अपने नाम को सार्थक कर रहा है। नर सेवा ही नारायण सेवा है। किसी परिवार में एक सदस्य असहाय हो जाए तो पूरा परिवार पीड़ा झेलता है, और जब वही सदस्य फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो जाता है, तो पूरा परिवार जीवित हो उठता है। आज इन 400 जीवनों को जीने का नया उत्साह मिला है, यह दृश्य अद्भुत और हृदयस्पर्शी है।
विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबडा ने कहा- “धरती पर देवता उतर आए हैं जो किसी को नया हाथ, नया पैर दे रहे हैं। यह कितनी अद्भुत और महान सेवा है कि जो हाथ कभी लिख नहीं सकते थे, वे आज लिख सकेंगे; जो पैर चलना भूल चुके थे, वे अब फिर से डग भरेंगे।”
शिविर की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मंचासीन समाजसेवी ओपी निगम, संजय पारख, मीरा राव, डॉ अशोक भट्टड, सीताराम अग्रवाल, पंकज शर्मा व अनंत श्रीवास्तव सहित समस्त अतिथियों का स्वागत मेवाड़ी परंपरा से हुआ।
संस्थान के संरक्षक महेश अग्रवाल ने कहा— “रायपुर में अप्रैल में हुए चयन शिविर में 500 से अधिक दिव्यांगजन आए थे, जिनमें से 382 आज कृत्रिम अंग पाकर नया जीवन पा रहे हैं। यह केवल अंग नहीं, बल्कि उनकी रुकी हुई ज़िंदगी को आगे बढ़ाने की चाबी है।”
उन्होंने कहा 45 सदस्यीय टीम ने जर्मन टेक्नोलॉजी से बने नारायण लिंब का फ़िटमेंट किया। डॉक्टरों ने न केवल अंग लगाए, बल्कि उनके उपयोग और देखरेख की प्रशिक्षण भी दी। समारोह के दौरान लाभांवित दिव्यांगों की परेड ने सभी की आंखें नम कर दीं और हृदय गर्व से भर गया। शिविर समारोह के अंत में आभार हरि प्रसाद लढ्ढा ने व्यक्त किया वहीं संचालन महिम जैन ने किया।
नारायण सेवा संस्थान का सफर 1985 से आरम्भ हुआ। संस्थापक कैलाश मानव को पद्मश्री और हाल ही में सामुदायिक सेवा एवं सामाजिक उत्थान सम्मान से अलंकृत किया जा चुका है। संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल अपने मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी के माध्यम से लाखों दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ चुके हैं। 2023 में उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
अब तक संस्थान 40 हज़ार से अधिक कृत्रिम अंग नि:शुल्क लगा चुका है और आज छत्तीसगढ़ में यह संकल्प और प्रबल हुआ कि यहां के दिव्यांगजन भी जीवन की राह पर आत्मगौरव से कदम बढ़ाएंगे।
कोरबा। केराझरिया पंचायत में रविवार को शराबबंदी को लेकर महिलाओं ने शक्ति प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद 100 से अधिक महिलाएं छाता लेकर सड़कों पर उतरीं। उन्होंने अवैध शराब विक्रेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि शराब का अवैध कारोबार फौरन बंद नहीं हुआ तो वे प्रशासन से कार्रवाई की मांग करेंगी। साथ ही खुद भी कड़े कदम उठाएंगी। महिलाओं की चिंता है कि गांव के स्कूली बच्चे, युवा और बुजुर्ग नशे की चपेट में आ रहे हैं। इससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
उनका कहना है कि शराब ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। नशे की लत से परिवार टूट रहे हैं। महिलाएं हिंसा का शिकार हो रही हैं। बच्चों का भविष्य खतरे में है। सरपंच गिरजा पैखरा ने कहा कि शराब पूरे समाज को खोखला कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य और गांव की शांति के लिए इस बुराई को जड़ से खत्म करना है। ग्रामीणों ने भी महिलाओं के इस पहल का समर्थन किया है। अब पूरा गांव एकजुट होकर शराब के खिलाफ खड़ा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के मौसम को खुशनुमा बना दिया है। मानसून की सक्रियता बढ़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और प्रदेशभर में ठंडी हवाओं के साथ सुहावना मौसम देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले सात दिनों तक उत्तरी छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, जबकि कुछ जिलों में भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश का दौर 31 अगस्त तक जारी रह सकता है। शनिवार को भी रायपुर शहर में दिनभर रुक-रुककर वर्षा होती रही, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।
किसानों के लिए फायदेमंद, नागरिकों के लिए चुनौती
लगातार हो रही वर्षा से खेतों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होगी, जिससे खरीफ फसलों को फायदा होगा। धान की रोपाई करने वाले किसानों के लिए यह बारिश वरदान साबित हो सकती है। हालांकि, भारी वर्षा से कई शहरों और कस्बों में जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे आम नागरिकों को यातायात और दैनिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई। रायगढ़ जिले में सर्वाधिक 108 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं दुर्ग जिले में शनिवार को सबसे अधिक तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि न्यूनतम तापमान भी दुर्ग जिले में ही रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि 24 अगस्त को प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और भारी वर्षा भी हो सकती है। विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
कमजोर पड़ रहा सिस्टम
मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब का क्षेत्र वर्तमान में पश्चिम बंगाल और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय है। इसके साथ ही लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर झारखंड की तरफ बढ़ रहा है और धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।
सुकमा। नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर मेट्टागुड़ा कैंप से जवानों की टीम नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान जवानों को नक्सलियों के खुफिया डंप को बरामद कर बड़ी सफलता हासिल हुई है. नक्सलियों के छिपाए गए कंट्रीमेड रायफल, विस्फोटक और भारी मात्रा में लोहे की सामग्री सुरक्षाबलों ने बरामद की है.
जानकारी के मुताबिक, 23 अगस्त को जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसके बाद 203 कोबरा वाहिनी, 241 बस्तर बटालियन सीआपीएफ और जिला बल की संयुक्त पार्टी नक्सल विरोधी अभियान के लिए ग्राम बोटेलंका, ईरापल्ली, कोईमेंटा पहाड़ी, दारेली व आस-पास क्षेत्र की ओर रवाना हुई. अभियान के दौरान कोईमेंटा पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा डंप कर कंट्रीमेड हथियार और अन्य नक्सल सामग्राी को बरामद किया गया.
बरामदगी के दौरान जवानों को नक्सलियों के डंप से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली है. इसमें कंट्रीमेड रायफल, बीजीएल लांचर और उसका बैरल, यूएवी नेत्रा का टूटा हुआ प्रोपेलर, इलेक्ट्रिक होल्डर वेल्डिंग, बैंच वाइस और स्टील पाइप शामिल है. इसके अलावा 7 लोहे के छड़, करीब 2 किलो वजनी 45 लोहे के बेस प्लेट, 8 किलो के 47 पोल एंगलर और लगभग 480 भारी-भरकम आयरन क्लैंप बरामद किए गए. वहीं 35 ग्राउंड सपोर्टर, 1 किलो, 18 और 12 इंच के दर्जनों क्लैंप, एक टी-टाइप क्लैंप, काला वर्दी, एम्युनेशन पाउच और टूटी हुई इन्वर्टर बैटरी भी मिली. मौके से करीब 20 मीटर इलेक्ट्रिक वायर और एक इलेक्ट्रिकल एक्सटेंशन बोर्ड भी जब्त किया गया.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो में BOYES & MOORES INTERNATIONAL COMPANY जापान के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर एवं बस्तर के गौरव अविनाश तिवारी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश और उद्योग स्थापना की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे और निवेशकों को मिलने वाले सहयोग की जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि अविनाश तिवारी, जो मूलतः बस्तर जिले के तोकापाल क्षेत्र के निवासी हैं और नवोदय विद्यालय, बारसूर (दंतेवाड़ा) के पूर्व छात्र रहे हैं, आज जापान की प्रतिष्ठित कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिता डॉ. सुरेश तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भरोसा जताया कि श्री तिवारी जैसे युवा, जो बस्तर की धरती से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं, की सहभागिता से प्रदेश में उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि बस्तर की धरती से निकलकर वैश्विक मंच पर पहचान बनाने वाले प्रतिभाशाली युवा अब छत्तीसगढ़ के विकास में योगदान दे रहे हैं।
बिलासपुर। बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) में सहायक प्राध्यापक फोरेंसिक साइंस पद की भर्ती का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है. कोर्ट ने विश्वविद्यालय द्वारा 22 मई 2025 को जारी नए विज्ञापन पर रोक लगाते हुए रजिस्ट्रार और एग्जीक्यूटिव काउंसिल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच में हुई.
गुरुघासीदास विश्वविद्यालय ने वर्ष 2019 में सहायक प्राध्यापक फोरेंसिक साइंस पद पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था. इस पर दुर्ग निवासी आइ. अर्जुन राव और मौमिता सिंहा समेत कई अभ्यर्थियों ने आवेदन किया. दस्तावेज परीक्षण और चयन सूची में दोनों का नाम क्रमशः 8 और 17 नंबर पर शामिल हुआ. साक्षात्कार की प्रक्रिया के दौरान एक अपात्र अभ्यर्थी सुषमा उपाध्याय ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की थी. सुनवाई के दौरान अदालत ने विश्वविद्यालय को साक्षात्कार परिणाम जारी करने से रोक दिया था. हालांकि, अंतिम सुनवाई में सुषमा उपाध्याय की याचिका खारिज कर दी गई. लेकिन विश्वविद्यालय ने चयन सूची घोषित नहीं की.
एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने यह कहते हुए 2019 का विज्ञापन निरस्त कर दिया कि विज्ञापन को जारी हुए छह वर्ष बीत चुके हैं, जबकि चयन सूची की वैधता एक वर्ष की होती है. परिषद ने नए सिरे से विज्ञापन निकालने का निर्णय लिया और 22 मई 2025 को दोबारा आवेदन आमंत्रित किए. इससे नाराज आइ. अर्जुन राव और मौमिता सिंहा ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका लगाई. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 22 मई 2025 के विज्ञापन पर रोक लगा दी और विश्वविद्यालय से जवाब तलब किया है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो स्थित ‘लिटिल इंडिया’ पहुँचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महात्मा गांधी का शांति, अहिंसा और सद्भाव का अमर संदेश भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व में मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘लिटिल इंडिया’ में महात्मा गांधी की प्रतिमा भारत-जापान मैत्री और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है। यह स्थान न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जापानी नागरिकों को भी भारत की महान परंपराओं और मूल्यों से जोड़ता है।
मुख्यमंत्री श्री साय के साथ इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यगण भी उपस्थित थे।
बिलासपुर। आगामी त्योहारों पर भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए दुर्ग और हज़रत निज़ामुद्दीन स्टेशन के बीच आठ फेरों के लिए एक पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह विशेष ट्रेन दुर्ग से गाड़ी संख्या 08760 और हजरत निजामुद्दीन से गाड़ी संख्या 08761 के रूप में चलेगी। रास्ते में यह ट्रेन रायपुर, उसलापुर (बिलासपुर), पेंड्रा रोड, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी मुरवारा, दमोह, सागर, झांसी, आगरा कैंट, मथुरा जंक्शन और पलवल स्टेशनों पर ठहरेगी।
यात्रा तिथियां- 08760 दुर्ग–हज़रत निजामुद्दीन पूजा स्पेशल: 05 अक्टूबर से 23 नवम्बर 2025 तक, हर रविवार को दुर्ग से रवाना होगी। 08761 हज़रत निज़ामुद्दीन–दुर्ग पूजा स्पेशल: 06 अक्टूबर से 24 नवम्बर 2025 तक, हर सोमवार को निजामुद्दीन से चलेगी। 8760 दुर्ग–निज़ामुद्दीन पूजा स्पेशल (हर रविवार)-दुर्ग से प्रस्थान: 10:45 बजे, रायपुर आगमन/प्रस्थान: 11:20 / 11:25, उसलापुर: 13:20 / 13:30, पेंड्रा रोड: 14:55 / 14:57, अनूपपुर: 15:35 / 15:40, शहडोल: 16:15 / 16:17, उमरिया: 17:09 / 17:11, कटनी मुरवारा: 18:40 / 18:50, दमोह: 20:20 / 20:22, सागर: 22:25 / 22:30, झाँसी: 01:55 / 02:05,आगरा कैंट: अगले दिन 06:15 / 06:25 और हज़रत निज़ामुद्दीन आगमन: 11:10 बजे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में MBBS काउंसलिंग (राज्य कोटे) को लेकर एलिजिबिलिटी लिस्ट और आवंटन लिस्ट में अंतर पर CGDME ने स्पष्ट किया है कि यह अंतर पूरी तरह नियमों और प्रक्रिया पर आधारित है।
विभाग ने बताया कि दिनांक 26 जुलाई 2025 को NTA द्वारा जारी एलिजिबिलिटी लिस्ट केवल अभ्यर्थियों द्वारा भरे गए एलिजिबिलिटी स्टेट पर आधारित होती है। इस सूची में डोमिसाइल सर्टिफिकेट शामिल नहीं होता। जबकि राज्य अपनी अलग मेरिट लिस्ट आवेदकों द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्र और राज्य की शर्तों के अनुसार तैयार करता है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि NTA की एलिजिबिलिटी लिस्ट केवल सुविधा के लिए प्रकाशित होती है, जिस पर कोई दावा या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाती। अंतिम मेरिट लिस्ट केवल राज्य को प्राप्त आवेदनों और निवास व संवर्ग आधारित प्रमाण पत्रों के आधार पर तैयार की जाती है। कई बार NTA की लिस्ट में ऐसे छात्रों के नाम होते हैं जो राज्य कोटे में आवेदन ही नहीं करते, इसी कारण दोनों सूचियों में अंतर दिखाई देता है।
विभाग ने उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में डोमिसाइल की शर्तों के अनुसार 10वीं और 12वीं कक्षा वहीं से पास करना जरूरी है। यदि कोई छात्र 12वीं छत्तीसगढ़ से पास करता है और छत्तीसगढ़ की डोमिसाइल शर्तें पूरी करता है तो वह छत्तीसगढ़ की मेरिट लिस्ट में शामिल होगा, चाहे उसने NEET फॉर्म में महाराष्ट्र एलिजिबिलिटी स्टेट भरा हो।
कई बार अभ्यर्थियों के माता-पिता केंद्रीय सेवा या रक्षा विभाग में कार्यरत होने के कारण बार-बार स्थानांतरण होते हैं। ऐसे में अभ्यर्थी का एलिजिबिलिटी स्टेट और वास्तविक निवास आधारित डोमिसाइल अलग-अलग हो सकता है।
इसी प्रकार, कई छात्र NEET की तैयारी के लिए कोटा (राजस्थान) या अन्य राज्यों में रहते हैं और फॉर्म भरते समय वहीं का पता और एलिजिबिलिटी स्टेट दर्ज कर देते हैं, जबकि वास्तविक रूप से वे अपने मूल निवासी प्रमाण पत्र के आधार पर छत्तीसगढ़ के पात्र होते हैं।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की काउंसलिंग भी CGDME इन्हीं नियमों के अनुसार करता है। यहां अन्य राज्यों के छात्र भी मैनेजमेंट और NRI कोटे से आवेदन कर सकते हैं। इस कारण, यदि किसी का नाम NTA की एलिजिबिलिटी लिस्ट में नहीं है तो भी उसे पंजीकरण से वंचित नहीं किया जा सकता।
आरक्षण को लेकर भी अक्सर भ्रम की स्थिति होती है। कई छात्र फॉर्म में केंद्रीय OBC श्रेणी लिख देते हैं, जबकि वे राज्य की OBC सूची में नहीं होते। ऐसे मामलों में उन्हें अनारक्षित श्रेणी में अवसर दिया जाता है। इसी तरह, कई बार SC/ST प्रमाण पत्र फॉर्म भरते समय उपलब्ध नहीं होता, लेकिन काउंसलिंग के समय छत्तीसगढ़ की आरक्षित श्रेणी के मूल निवासी होने के आधार पर पात्र माना जाता है। विभाग ने कहा कि यदि ऐसे अभ्यर्थियों को एडिट या पंजीकरण का अवसर न दिया जाए तो उनके साथ अन्याय होगा और विवाद की स्थिति बन सकती है।
विभाग ने कहा है कि आवंटन (Allotment) के बाद अभ्यर्थी को प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। स्क्रूटनी अधिकारी यह जांचते हैं कि सभी प्रमाण पत्र नियमानुसार प्रारूप में और सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किए गए हों। प्रवेश नियम 2025 के अनुसार, प्रवेश से एक दिन पहले तक जारी प्रमाण पत्र मान्य माने जाएंगे। अमान्य प्रमाण पत्र मिलने पर अभ्यर्थी को अपात्र घोषित कर दिया जाएगा और यदि प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता तो आवंटन स्वतः रद्द हो जाएगा। जरूरत पड़ने पर दस्तावेजों की क्रॉस वेरिफिकेशन भी की जाती है।
पहला चरण सम्पन्न: 1988 सीटों का आवंटन
छत्तीसगढ़ राज्य नीट यूजी 2025 की प्रथम चरण की काउंसलिंग 23 अगस्त को सम्पन्न हुई। इस चरण में कुल 1988 सीटों का आवंटन किया गया। इनमें MBBS की 1534 सीटों में से 1396 पर प्रवेश सुनिश्चित हुआ, जबकि BDS की 454 सीटों में से 284 पर प्रवेश हुआ।
CGDME ने कहा कि पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया ऑनलाइन और पूर्ण पारदर्शिता के साथ, निर्धारित नियमों का पालन करते हुए सम्पन्न कराई जा रही है। काउंसलिंग का दूसरा चरण 27 अगस्त से प्रारंभ होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) ने महासमुंद स्थित 9M इंडिया लिमिटेड द्वारा सप्लाई की गई 2024 की विभिन्न खेपों में पैरासिटामोल 500 एमजी और 650 एमजी टैबलेट की गुणवत्ता में प्रथम दृष्टया कमी पाई गई है। निगम के दवा गोदामों और स्वास्थ्य इकाइयों से मिली शिकायतों के बाद वर्ष 2024 में निर्मित बैचों की जांच कराई गई हैं।
CGMSCL की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि संबंधित बैच की दवाइयों की गुणवत्ता में कमी है और उन पर काले धब्बे पाए गए हैं जो आम के उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं हैं। इसके बाद निगम ने आदेश जारी करते हुए कंपनी को नागरिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी संदिग्ध बैच तत्काल दवा गोदामों और स्वास्थ्य संस्थाओं से वापस लेने और उसकी जगह गुणवत्तापूर्ण नई खेप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कंपनी ने तय शर्तों के अनुरूप कार्यवाही नहीं की, तो निविदा नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अपने सतत प्रयासों के माध्यम से स्वयं को वैश्विक मंच पर एक प्रतिस्पर्धी एवं दूरदर्शी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापान प्रवास के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ में औद्योगिक सहयोग तथा वैश्विक साझेदारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। इस क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JETRO) के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में क्षेत्रीय विविधीकरण, व्यापार एवं तकनीकी सहयोग, आधारभूत संरचना विकास तथा छत्तीसगढ़ में उभरते निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर राज्य की निवेशक-अनुकूल नीतियों, हाल के सुधारों तथा स्टार्टअप्स और नई पीढ़ी के उद्योगों को प्रदान किए जा रहे सशक्त सहयोग पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के भविष्य की दिशा तय करने में उन्नत प्रौद्योगिकियों की महत्ता पर बल देते हुए टोक्यो में आयोजित “Deep Space – To the Moon and Beyond” नामक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह दौरा विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजनांदगांव में भारत सरकार के सहयोग से प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ को वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था से और गहन रूप से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जापान में बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी भेंट एवं संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने उन्हें राज्य की हालिया नीतिगत पहल, छत्तीसगढ़ में निवेश के प्रति सकारात्मक माहौल तथा बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर केंद्रित प्रयासों से अवगत कराया। भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री साय को आश्वस्त किया कि वे छत्तीसगढ़ और जापान के बीच संबंधों को सशक्त बनाने में सक्रिय सहयोग देंगे तथा जापानी व्यवसायियों को छत्तीसगढ़ में निवेश अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।