प्रदेश / छत्तीसगढ़

मौसम विभाग ने इन संभागों के लिए भारी बारिश का अलर्ट किया जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के मौसम को खुशनुमा बना दिया है। मानसून की सक्रियता बढ़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और प्रदेशभर में ठंडी हवाओं के साथ सुहावना मौसम देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले सात दिनों तक उत्तरी छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, जबकि कुछ जिलों में भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश का दौर 31 अगस्त तक जारी रह सकता है। शनिवार को भी रायपुर शहर में दिनभर रुक-रुककर वर्षा होती रही, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

किसानों के लिए फायदेमंद, नागरिकों के लिए चुनौती

लगातार हो रही वर्षा से खेतों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होगी, जिससे खरीफ फसलों को फायदा होगा। धान की रोपाई करने वाले किसानों के लिए यह बारिश वरदान साबित हो सकती है। हालांकि, भारी वर्षा से कई शहरों और कस्बों में जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे आम नागरिकों को यातायात और दैनिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई। रायगढ़ जिले में सर्वाधिक 108 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं दुर्ग जिले में शनिवार को सबसे अधिक तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि न्यूनतम तापमान भी दुर्ग जिले में ही रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी

मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि 24 अगस्त को प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और भारी वर्षा भी हो सकती है। विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

कमजोर पड़ रहा सिस्टम

मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब का क्षेत्र वर्तमान में पश्चिम बंगाल और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय है। इसके साथ ही लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर झारखंड की तरफ बढ़ रहा है और धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।