रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों में दोपहिया चालकों की सिर पर चोट से लगातार हो रही मौतों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने शहर के सभी दोपहिया वाहन शोरूम संचालकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब हर नए वाहन के साथ हेलमेट देना अनिवार्य होगा। आदेश की अवहेलना पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर पुलिस के मुताबिक, बीते 7 महीनों में बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के 20,495 से भी ज्यादा चालान काटे जा चुके हैं। जागरूकता अभियान और हेलमेट वितरण जैसे प्रयासों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अभी भी सुरक्षा नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे। इसी कारण सड़क दुर्घटनाओं में केवल सात महीने के भीतर 190 लोगों की मौत हो चुकी है। कानून के मुताबिक, मोटरयान अधिनियम 1989 की धारा 138 में यह स्पष्ट है कि दोपहिया वाहन विक्रेता हर वाहन के साथ हेलमेट देना अनिवार्य है, लेकिन इसके बावजूद कई शोरूम संचालक दोपहिया वाहन खरीदने वालों को हेलमेट नहीं दे रहे हैं।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर शोरूम संचालकों पर मोटरयान नियम 33 से 44 के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें व्यवसाय प्रमाण पत्र निलंबित करना या रद्द करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह कदम लोगों को हेलमेट की अहमियत समझाने और हादसों में होने वाली जनहानि को कम करने के लिए उठाया गया है।
एसएसपी ने वाहन विक्रेताओं और नागरिकों से की ये अपील
एसएसपी सिंह ने इसके साथ ही वाहन विक्रेताओं से अपील की है कि वे प्रत्येक वाहन के साथ हेलमेट अनिवार्य रूप से दें और नागरिकों से भी आग्रह किया कि सड़क पर निकलते समय हेलमेट पहनना अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए जरूरी है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि “सड़क पर कब हादसा हो जाए, यह कोई नहीं जानता। लेकिन हेलमेट जैसी सुरक्षा ढाल से जान बचाई जा सकती है। समझदारी दिखाएं, हेलमेट पहनें और सुरक्षित घर लौटें।”
बिलासपुर। बलौदाबाजार जिले के सरकारी स्कूल में छात्रों को कुत्तों का जूठा खाना परोसे जाने के मामले में मंगलवार को बिलासपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए प्रभावितों को मुआवजा देने का आदेश दिया है. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डीबी ने आज मामले पर सुनवाई की है. कोर्ट के समक्ष शपथ पत्र पेश कर स्कूल के प्रभारी प्रधानपाठक और एक शिक्षक को निंलबित करने की कार्रवाई से अवगत कराया गया.
बता दें कि पूरा मामला बलौदाबाजार के पलारी ब्लॉक स्थित लच्छनपुर मिडिल स्कूल का है, जहां 28 जुलाई को रसोइयों द्वारा बनाए गए मध्यान्ह भोजन को आवारा कुत्ते द्वारा जूठा कर दिए जाने के बाद भी रसोइया एवं प्रधानपाठक ने जानबूझकर छात्रों को परोस दिया था और मामले को छुपाने का प्रयास किया था. इस दौरान 84 बच्चों को मध्यान्ह भोजन सेवन पश्चात् गुपचुप तरीके से एंटी रेबीज टीका लगवाए जाने एवं घटना को दबाने के प्रयास के संबंध में कलेक्टर बलौदाबाजार -भाटापारा के प्रतिवेदन के आधार पर शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय लच्छनपुर के प्रभारी प्रधानपाठक नेतराम गिरि एवं शिक्षक एलबी वेदप्रकाश पटेल को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया.
मामले में दो सस्पेंड
कर्तव्य में घोर लापरवाही एवं सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1),(2),(3) एवं 3 (2) के उल्लंघन पर संचालक लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ ने प्रभारी प्रधानपाठक नेतराम गिरि एवं शिक्षक एलबी वेदप्रकाश पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था। निलंबन अवधि में प्रधानपाठक नेतराम गिरि और शिक्षक वेदप्रकाश पटेल का मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिमगा नियत किया गया है.
नई दिल्ली/रायपुर। सहकारिता आंदोलन को मज़बूती प्रदान करने और सहकार से समृद्धि के मंत्र को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में महत्वपूर्ण विषय उठाया। उन्होंने सहकारिता मंत्री अमित शाह से नई राष्ट्रीय सहकारी समिति नीति के उद्देश्य, उसके क्रियान्वयन की स्थिति, प्लेटफ़ॉर्म सहकारी समितियों की विशेषताओं, उद्यम निधि की योजनाओं तथा छत्तीसगढ़ सहित देशभर में गठित बहु-राज्य सहकारी समितियों के ब्योरे पर विस्तार से जानकारी मांगी।
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2025 में नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति का विमोचन किया गया है, जो आगामी दस वर्षों में सहकारी क्षेत्र को व्यवस्थित और सर्वांगीण विकास का मार्गदर्शन करेगी। इस नीति के 16 उद्देश्यों को छह रणनीतिक मिशन स्तंभों में समाहित किया गया है, जिनमें सहकारी समितियों को सशक्त करने, प्रौद्योगिकी आधारित पारदर्शिता लाने, युवाओं व महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सहकारी क्षेत्र को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने जैसे बिंदु शामिल हैं।
विशेष उल्लेखनीय है कि सहकारिता के सिद्धांतों पर आधारित ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ को बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत किया गया है। यह ऐप आधारित टैक्सी सेवा ड्राइवरों और ग्राहकों दोनों के लिए पारदर्शी और लाभकारी होगी। इसका पायलट प्रोजेक्ट दिल्ली और गुजरात में प्रारंभ होने जा रहा है। इस योजना को इफको, नेफेड, अमूल, कृभको, एनडीडीबी, एनसीईएल और नाबार्ड जैसे प्रमुख सहकारी संगठनों का सहयोग प्राप्त है।
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि संशोधित बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 (संशोधित 2023) के अंतर्गत समितियों को अपनी निधियों के निवेश और सहायक संस्थान गठित करने की अनुमति दी गई है। वर्तमान में देशभर में कुल 1779 बहु-राज्य सहकारी समितियाँ पंजीकृत हैं, जिनमें से 8 समितियाँ छत्तीसगढ़ में कार्यरत हैं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इस महत्वपूर्ण प्रयास से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की सहकारी समितियों को नई दिशा और गति मिलने की संभावना है। लोकसभा में उठाए गए इस मुद्दे ने न केवल सहकारी आंदोलन की महत्ता को उजागर किया है बल्कि सहकार से समृद्धि के मार्ग को भी और अधिक स्पष्ट किया है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट संविदा महिला कर्मचारियों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) के दौरान महिला संविदाकर्मी को पूरा वेतन देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मातृत्व अवकाश के दौरान पूरा वेतन दिया जाना उनका कानूनी अधिकार है। यह आदेश प्रदेश की हजारों महिला संविदा कर्मियों के लिए बड़ी राहत और जीत के रूप में देखा जा रहा है।
कबीरधाम जिला अस्पताल से शुरू हुआ मामला
यह मामला कबीरधाम जिला अस्पताल में कार्यरत एक संविदा स्टाफ नर्स से जुड़ा हुआ है। उन्होंने 16 जनवरी 2024 से 16 जुलाई 2024 तक मातृत्व अवकाश लिया था। इस अवधि में उन्होंने 21 जनवरी को बच्ची को जन्म दिया और 14 जुलाई को अवकाश समाप्त कर अपनी ड्यूटी पर लौट आईं। लेकिन इस दौरान उनका वेतन शासन द्वारा रोक दिया गया। नर्स ने इस पर आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सेवा नियमों का हवाला
याचिका में कहा गया कि छत्तीसगढ़ सेवा नियम 2010 के अनुसार मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन दिया जाना अनिवार्य है। इस नियम के बावजूद शासन ने संविदा कर्मचारियों को लाभ से वंचित किया। यह स्थिति न केवल अन्यायपूर्ण थी बल्कि महिला कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन भी थी।
हाईकोर्ट का सख्त रुख
मामले की सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मातृत्व अवकाश केवल स्थायी कर्मचारियों का ही नहीं बल्कि संविदा कर्मचारियों का भी अधिकार है। संविदा कर्मचारी भी वही काम करती हैं और उनके लिए मातृत्व अवकाश की अवधि में वेतन रोकना अनुचित और गैरकानूनी है।
कोर्ट ने कहा कि मातृत्व अवकाश का उद्देश्य महिलाओं को प्रसूति के समय आर्थिक और मानसिक सुरक्षा प्रदान करना है। यदि इस दौरान वेतन रोक दिया जाए तो यह पूरे कानून और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है।
शासन ने किया वेतन भुगतान
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन ने कबीरधाम की संविदा नर्स को अवकाश अवधि का पूरा वेतन भुगतान कर दिया। साथ ही यह निर्णय सभी संविदा महिला कर्मचारियों पर लागू होगा, जिससे प्रदेशभर की हजारों महिला कर्मियों को लाभ मिलेगा।इस फैसले का प्रभाव केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। शिक्षा, पंचायत, महिला एवं बाल विकास और अन्य विभागों में कार्यरत संविदा महिला कर्मचारियों को भी मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन मिलेगा। यह फैसला उन तमाम महिला कर्मियों के लिए बड़ी राहत है जो मातृत्व अवकाश के दौरान आर्थिक संकट झेल रही थीं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।
हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें।
बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश
बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सख्ती के साथ सुधार की पहल
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो।
किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा।
रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित
छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए।
सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी दयानंद, वित्त सचिव मुकेश बंसल, पीसीसीएफ सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले, संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज लोकसभा में छत्तीसगढ़ में बढ़ते प्रदूषण के गंभीर विषय को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने नियम 377 के अंतर्गत केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को प्रदेश में लगातार बिगड़ती पर्यावरणीय स्थिति से अवगत कराते हुए ठोस एवं त्वरित कार्यवाही का आग्रह किया।
अपने संबोधन में श्री अग्रवाल ने कहा कि देशभर में 131 नॉन-अटेन्मेंट सिटीज़ (जहाँ प्रदूषण मानक निर्धारित स्तर से अधिक है) में से अकेले छत्तीसगढ़ के तीन शहर रायपुर, कोरबा और भिलाई शामिल हैं। इसके अतिरिक्त रायगढ़ और जांजगीर-चांपा की स्थिति भी चिंताजनक है।
उन्होंने बताया कि रायपुर के बाहरी क्षेत्र सिलतरा, उरला और बोरझरा भारी उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हुए हैं, जिसके कारण यहाँ वायु एवं जल प्रदूषण का स्तर असामान्य रूप से बढ़ा है। इसका स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य एवं आजीविका पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
सांसद ने सदन में कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने इस विषय की गंभीरता को देखते हुए नागपुर स्थित नीरी (NEERI) से रायपुर के 142 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का व्यापक अध्ययन कराया था। उन्होंने मांग की कि इस रिपोर्ट की प्रति को सार्वजनिक किया जाए तथा रिपोर्ट में सुझाई गई अनुशंसाओं के आधार पर अब तक की गई कार्यवाही का विवरण साझा किया जाए।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पूरे राज्य का इसी तरह का एक और विस्तृत अध्ययन कराया जाए ताकि वर्ष 2025 तक के पर्यावरणीय मानकों की स्पष्ट स्थिति सामने आ सके। साथ ही प्रदेश में जैविक प्रजातियों के प्रत्यारोपण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे जल-जंगल-जमीन और हवा शुद्ध हो सके तथा किसानों को गैर-प्रदूषित भूमि उपलब्ध हो पाए और कृषि व बागवानी उत्पादन में वृद्धि हो।
श्री अग्रवाल ने पर्यावरण मंत्री से आग्रह किया कि इस संबंध में हस्तक्षेप कर प्रभावी कदम उठाएँ, ताकि छत्तीसगढ़ की जनता स्वच्छ हवा में सांस ले सके और उसको साफ पीने का पानी उपलब्ध हो सके।
बिलासपुर। हाईकोर्ट में आज रायपुर के बहुचर्चित सूदखोर तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज 7 FIR पर सवाल उठाते हुए रायपुर एसपी से पूछा कि किस आधार पर एक साथ इस तरह का केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
बता दें कि रायपुर के तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थाने में सूदखोर वीरेंद्र तोमर व उसके भाई रोहित तोमर पर एक्साटर्शन और सूदखोरी का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसके घर में दबिश दी तब चेक और जमीनों के दस्तावेज मिले। जांच में यह पता चला कि मामला आर्गेनाइज क्राइम से जुड़ा हुआ है। लिहाजा पुलिस ने तोमर बंधुओं के खिलाफ अलग-अलग 7 एफआईआर दर्ज कर सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी।
इस कार्रवाई के दौरान वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर पुलिस की गिरफ्तारी के डर से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार रोहित ने अपनी पत्नी भावना के नाम से ऑफिस खोला था, जहां से सूदखोरी का धंधा ऑपरेट करता था। दो माह से पुलिस उनकी तलाश कर रही है। साथ ही दोनों हिस्ट्रीशीटर भाइयों की जानकारी देने पर रायपुर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया है।
पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए तोमर बंधुओं ने वकील सजल गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई है। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने पुलिस पर दबाब और दुर्भावनापूर्वक कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें सूदखोरी और आर्गेनाइज क्राइम जैसे केस में फंसाया गया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केस डायरी तलब किया था।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने राज्य सरकार द्वारा केंद्र के समान 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) देने की घोषणा को वास्तविक तौर पर ‘केंद्र के बराबर डीए’ तभी माना जाएगा, जब जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत डीए एरियर्स सहित प्रदान किया जाएगा। मोर्चा का कहना है कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को लंबे समय से उनके अधिकार के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मोर्चा की प्रतिक्रिया
संयुक्त मोर्चा की ओर से अनिल शुक्ला, महेंद्र सिंह राजपूत, ओ. पी. शर्मा, संजय तिवारी, जितेंद्र सिंह, करण सिंह अटे रिया और संजय सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि अब तक राज्य में कर्मचारियों को केंद्र के अनुरूप डीए देने का दावा कई बार किया गया, लेकिन वास्तविकता यह है कि हर बार डीए औसतन आठ महीने की देरी से और बिना एरियर्स के दिया गया है।उन्होंने कहा कि जब तक जनवरी 2025 से देय 2 प्रतिशत डीए को एरियर्स सहित भुगतान करने का आदेश जारी नहीं होता, तब तक सरकार का यह कदम अधूरा ही माना जाएगा।
चौथा डीए, फिर भी अधूरी गारंटी
साय सरकार बनने के बाद यह चौथी बार है जब कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिला है। लेकिन संयुक्त मोर्चा का आरोप है कि अब तक “मोदी की गारंटी” राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों पर पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है।मोर्चा नेताओं ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनरों को हर बार विलंबित लाभ मिल रहा है। ऐसे में महंगाई भत्ता समय पर और पूरी राशि के साथ मिलना आवश्यक है।
हड़ताल पर फिलहाल रोक
संयुक्त मोर्चा ने साफ किया कि मुख्यमंत्री से सीधी चर्चा होने तक वे हड़ताल पर नहीं जाएंगे। कर्मचारियों की समस्याओं और डीए एरियर्स की मांग को लेकर मोर्चा जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए समय पर आदेश जारी करेगी।
रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में अधिकारियों के तबादले किये गये हैं। हेमंत उपाध्याय दुर्ग संभाग के नये जेडी होंगे। वहीं दुर्ग जेडी रूपलाल ठाकुर को डीपीआई बुला लिया गया है। वहीं कई जिलों के डीईओ के भी तबादले हुए हैं।
रायपुर। विष्णुदेव साय कैबिनेट का विस्तार कल होगा। सुबह 10.30 बजे नये मंत्री विष्णुदेव कैबिनटे में शामिल होगे। राजभवन में इसकी तैयारी पूरी हो गयी है। इधर भाजपा ने भी विधायक दल को शपथ ग्रहण की औपचारिक जानकारी भेज दी है। लिहाजा कई महीनों से चला आ रहा मंत्रिमंडल विस्तार का सस्पेंस अब खत्म होने जा रहा है।
कुछ देर पहले मुख्यमंत्री ने भी इसे लेकर संकेत दे दिया था।मुख्यमंत्री के बयान से साफ हो गया है कि मंत्रिमंडल विस्तार कल हो जायेगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ी चर्चा का विषय मंत्रिमंडल विस्तार बना हुआ था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं संकेत दिया है कि “इंतजार की घड़ी अब पूरी होने वाली है, बहुत जल्द बड़ा फैसला सामने आएगा।”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।राज्यपाल रमेन डेका ने भी हाल ही में रहस्यमय बयान दिया था — “कुछ तो होने वाला है।” इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने और भी उत्सुकता बढ़ाते हुए कहा कि “जब राज्यपाल ने कह दिया है, तो कल कुछ बड़ा जरूर होगा।”
बिलासपुर। प्राचार्य प्रमोशन को लेकर उठ रहे विवाद के बीच हाईकोर्ट ने अहम आदेश दिया है। वरीष्ठता सूची को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 45 दिन के भीतर मामले के निराकरण का आदेश दिया है। दरअसल सरगुजा जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरंगा में प्रधान पाठक पद पर पदस्थ मोहम्मद मुस्ताक खान ने प्राचार्य पद पर पदोन्नति के लिए अपनी वरिष्ठता के साथ अन्याय किए जाने के खिलाफ न्यायालय की शरण ली थी।
मामले के अनुसार, मोहम्मद मुस्ताक खान की नियुक्ति वर्ष 1983 में सहायक शिक्षक के पद पर हुई थी। इसके बाद कलेक्टर सरगुजा के आदेश दिनांक 5 सितंबर 2005 के तहत उन्हें सहायक शिक्षक से अपर डिवीजन टीचर के पद पर पदोन्नत किया गया। बाद में 6 नवंबर 2009 को वे प्रधान पाठक (मिडिल स्कूल) के पद पर पहुंचे।
लोक शिक्षण संचनालय द्वारा 1 अप्रैल 2024 की स्थिति में जारी की गई राज्य स्तरीय अंतिम वरिष्ठता सूची में मोहम्मद मुस्ताक खान का नाम सीरियल नंबर 901 पर दर्ज किया गया। हालांकि, सूची में उनके प्रमोशन की तिथि 5 सितंबर 2005 की जगह 14 अक्टूबर 2008 अंकित कर दी गई। इसी त्रुटि के चलते उनकी वरिष्ठता प्रभावित हुई।
इस गलती के सुधार हेतु मोहम्मद मुस्ताक खान ने 16 मई 2024 को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अंबिकापुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर विचार करते हुए डीईओ ने 5 नवंबर 2024 को लोक शिक्षण संचनालय को पत्र भेजकर त्रुटि सुधार की अनुशंसा भी की। इसके अलावा, संयुक्त संचालक सरगुजा संभाग ने भी 2 सितंबर 2024 को इस विषय में पत्र जारी किया था।
इसके बावजूद, लोक शिक्षण संचनालय द्वारा सुधार की कार्रवाई नहीं की गई। परिणामस्वरूप 30 अप्रैल 2025 को जारी प्राचार्य पदोन्नति सूची में मोहम्मद मुस्ताक खान का नाम शामिल नहीं किया गया। उनकी जगह जूनियर शिक्षकों को प्रमोशन दे दिया गया, जिससे वे वंचित रह गए।
इस अन्याय के खिलाफ उन्होंने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस पर जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच में सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद, माननीय न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक द्वारा पहले से की गई अनुशंसा को ध्यान में रखते हुए याचिकाकर्ता के आवेदन दिनांक 20 मार्च 2025 का निराकरण 45 दिन के भीतर लोक शिक्षण संचनालय रायपुर द्वारा किया जाए।
रायपुर। आखिरकार मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सस्पेंस खत्म होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भी इसे लेकर संकेत दे दिया है। मुख्यमंत्री के बयान से साफ हो गया है कि मंत्रिमंडल विस्तार कल हो जायेगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ी चर्चा का विषय मंत्रिमंडल विस्तार बना हुआ था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं संकेत दिया है कि “इंतजार की घड़ी अब पूरी होने वाली है, बहुत जल्द बड़ा फैसला सामने आएगा।” मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राज्यपाल रमेन डेका ने भी हाल ही में रहस्यमय बयान दिया था — “कुछ तो होने वाला है।” इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने और भी उत्सुकता बढ़ाते हुए कहा कि “जब राज्यपाल ने कह दिया है, तो कल कुछ बड़ा जरूर होगा।”
बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राजभवन में रेड कार्पेट बिछाने से लेकर सभी गणमान्य व्यक्तियों की सूची तैयार कर ली गई है। नए मंत्रियों के लिए तीन सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ियों की भी तैयारी हो चुकी है। इनमें से दो गाड़ियां CG 02 AF 0009 और CG 02 AV 0005 तैयार हो चुकी हैं, जबकि तीसरी गाड़ी फिलहाल ट्रायल पर है।
सूत्रों की जानकारी के अनुसार, संभावित नए मंत्रियों के नामों में अंबिकापुर से राजेश अग्रवाल, आरंग से गुरू खुशवंत सिंह, और दुर्ग से गजेंद्र यादव शामिल हैं। इससे पहले चर्चा में अमर अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा और राजेश मूणत के नाम शामिल थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के अधिकारी कर्मचारियों के लिए दो प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की है। दो प्रतिशत की होगी वृद्धि, अब केंद्र के बराबर 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। अगले महीने से बढ़ा हुआ वेतन कर्मचारियों को मिलेगा।
आपको बता दें कि इससे पहले बजट भाषण में वित्त मंत्री ने 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी की थी। जारी आदेश के अनुसार राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करके 53 प्रतिशत कर दिया गया था। जिसे अब बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया गया है। आपको बता दें अभी केंद्रीय कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है।
हालांकि अगले महीने से महंगाई भत्ता में और भी बढोत्तरी होने वाली है। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में बढोत्तरी से पहले ही राज्य सरकार ने केंद्र के बराबर राज्य सरकार के कर्मियों का डीए बढ़ा दिया है. सातवें वेतनमान में कार्यरत कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, अब उन्हें 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। इस बढोत्तरी के बाद अगले महीने से बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा, एटीएम और डिपॉजिट मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन के कर्मचारियों, नवा रायपुर के आसपास निवासरत नागरिकों तथा बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पहले योजनाओं की राशि का वितरण नगद रूप में किया जाता था, जिससे लीकेज की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हितग्राहियों तक राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना के साथ-साथ बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार भी तीव्र गति से हो रहा है। सरगुजा और बस्तर अंचल के दूरस्थ गाँवों में बैंक शाखाओं की स्थापना से सरकार का “अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने” का संकल्प साकार हो रहा है।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में गुड गवर्नेंस की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश के बैंकिंग सेक्टर और अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और उन्होंने बैंकों से भी इस दिशा में अपनी सक्रिय व प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल और पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक अशोक चंद्र सहित अन्य अधिकारीगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आज आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी है।
1) मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी।
इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए।
2) मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार फाइनल हो गया है। राज्यपाल ने भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर संकेत दे दिये हैं। जानकारी के मुताबिक राजभवन में 20 अगस्त को सीएम विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में नए मंत्री शामिल होंगे। राजभवन में इसकी तैयारी भी शुरू हो गयी है। हालांकि अभी इसकी औपचारिक जानकारी नहीं सामने आयी है।
मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका का मुस्कुराते हुए बड़ा बयान देते हुए कहा ‘अभी इन्फॉर्मेशन तो नहीं आई है, लेकिन कुछ तो होने वाला है.’ अटकलें इसलिए भी तेज हैं कि क्योंकि एक तरफ छत्तीसगढ़ में बीजेपी के कुछ विधायकों ने देर रात मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इधर, मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव, अंबिकापुर विधायक राजेंद्र अग्रवाल, आरंग विधायक खुशवंत साहब का नाम फाइनल बताया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में वैसे तो मंत्रिमंडल की रेस में कई विधायक शामिल हैं, लेकिन माना जा रहा है कि हरियाणा फॉर्मूले के तहत तीन नए मंत्री शपथ ले सकते हैं, माना जा रहा है कि जल्द ही मंत्रिपद की शपथ लेने वाले विधायकों के क्लीयर नाम आज रात या कल सुबह तक सामने आ सकते हैं।
चर्चा यह भी है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सीएम साय नए मंत्रियों के साथ दिल्ली रवाना हो सकते हैं, क्योंकि सीएम विष्णुदेव साय का का अमेरिका दौरा पहले से तय है।बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा के बीच 19 अगस्त को राज्यपाल रमेन डेका का प्रोटोकॉल जारी किया गया है. आज सुबह राज्यपाल रायपुर के जगन्नाथ मंदिर जाएंगे. वहीं सुबह 9:40 बजे विभिन्न पूजा कार्यक्रमों में शामिल होंगे. इसके बाद सुबह 9:40 से 11:30 तक राज्यपाल राजभवन में ही रहेंगे. फिर सुबह 11:30 बजे राज भवन से भिलाई में आयोजित एक निजी यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शामिल होंगे. बता दें कि सुबह 9:40 से 11:30 के बीच मंत्रिमंडल विस्तार के लिए नाम का ऐलान और शपथ ग्रहण की चर्चा है.
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने त्यौहारों और सामाजिक आयोजनों में डीजे और साउंड बाक्स से होने वाले शोर-शराबे पर सख्ती दिखाई है. मामले को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम लागू करने के लिए 6 सप्ताह का समय मांगा, लेकिन मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने साफ कहा कि अब और देरी नहीं चलेगी. कोर्ट ने शासन को केवल तीन सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 9 सितंबर तय कर दी.
दरअसल, रायपुर की एक नागरिक समिति ने डीजे और साउंड सिस्टम से होने वाले ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी. इस बीच मीडिया में लगातार खबरें आने पर कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की.
शोर प्रदूषण खत्म करने कड़े प्रावधान जरूरी
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा कानून में सख्ती नहीं है. केवल 500 से 1,000 रुपये का जुर्माना लगाकर मामला खत्म कर दिया जाता है. न तो उपकरण जब्त होते हैं और न ही कड़े नियम लागू किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि जब तक कड़े प्रावधान नहीं होंगे, डीजे और साउंड बाक्स से होने वाला शोर प्रदूषण खत्म नहीं किया जा सकेगा. नियम में संशोधन होने के बाद 5 लाख रुपए तक की पेनाल्टी लगाई जा सकती है.
लेजर और बीम लाइट पर भी जताई चिंता
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने न सिर्फ डीजे बल्कि लेजर और बीम लाइट से होने वाली परेशानियों पर भी चिंता जताते हुए कहा कि, डीजे का तेज शोर दिल के रोगियों के लिए खतरनाक है और लेजर लाइट से आम लोगों की आंखों को नुकसान पहुंच सकता है. सरकार को इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.
इस दौरान शासन की ओर से बताया गया कि डीजे और वाहन माउंटेड साउंड सिस्टम पर लेजर लाइट पहले से प्रतिबंधित है और उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है. बार-बार उल्लंघन करने पर वाहनों को जब्त भी किया जाता है. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के तहत नियम तोड़ने वालों को 5 साल की सजा, एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.
डीजे संचालकों ने भी लगाई हस्तक्षेप याचिका
इस जनहित याचिका के साथ-साथ डीजे संचालकों की ओर से भी हस्तक्षेप याचिका लगाई गई है. उनका कहना है कि कई बार पुलिस उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर रही है, इसलिए नियम लागू होने से पहले स्पष्ट गाइडलाइन तय होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि शासन पहले ही एक्ट लागू करने का वादा कर चुका है, अब और बहाने नहीं चलेगा. कोर्ट ने निर्देश दिया कि 3 सप्ताह में मसौदा तैयार कर रिपोर्ट पेश करें.
राजिम। राजिम क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद की दुकानों पर औचक छापा मारा. इस जांच में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके बाद तीन दुकानों पर तत्काल प्रभाव से बिक्री पर रोक लगा दी गई है.
जानकारी के अनुसार, अन्नपूर्णा कृषि केन्द्र, वर्षा कृषि केन्द्र और राजेश खाद भंडार में गड़बड़ियां पाई गईं. विशेष रूप से वर्षा कृषि केन्द्र पर बिना पॉस मशीन के खाद की बिक्री, ओवररेटिंग जैसे गंभीर मामलों में संलिप्तता पाई गई है. इसके कारण उसका लाइसेंस 7 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है. प्रशासन ने इन तीनों दुकानों की खाद बिक्री पर रोक लगा दी है और आगे की जांच की जा रही है.
इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद खरीदें, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की ठगी या परेशानी का सामना न करना पड़े.