प्रदेश / छत्तीसगढ़

एरियर्स सहित महंगाई भत्ता की मांग, संयुक्त मोर्चा ने कहा- मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद हड़ताल पर होगा अंतिम फैसला

रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने राज्य सरकार द्वारा केंद्र के समान 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) देने की घोषणा को वास्तविक तौर पर ‘केंद्र के बराबर डीए’ तभी माना जाएगा, जब जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत डीए एरियर्स सहित प्रदान किया जाएगा। मोर्चा का कहना है कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को लंबे समय से उनके अधिकार के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा है।

मोर्चा की प्रतिक्रिया

संयुक्त मोर्चा की ओर से अनिल शुक्ला, महेंद्र सिंह राजपूत, ओ. पी. शर्मा, संजय तिवारी, जितेंद्र सिंह, करण सिंह अटे रिया और संजय सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि अब तक राज्य में कर्मचारियों को केंद्र के अनुरूप डीए देने का दावा कई बार किया गया, लेकिन वास्तविकता यह है कि हर बार डीए औसतन आठ महीने की देरी से और बिना एरियर्स के दिया गया है।उन्होंने कहा कि जब तक जनवरी 2025 से देय 2 प्रतिशत डीए को एरियर्स सहित भुगतान करने का आदेश जारी नहीं होता, तब तक सरकार का यह कदम अधूरा ही माना जाएगा।

चौथा डीए, फिर भी अधूरी गारंटी

साय सरकार बनने के बाद यह चौथी बार है जब कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिला है। लेकिन संयुक्त मोर्चा का आरोप है कि अब तक “मोदी की गारंटी” राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों पर पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है।मोर्चा नेताओं ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनरों को हर बार विलंबित लाभ मिल रहा है। ऐसे में महंगाई भत्ता समय पर और पूरी राशि के साथ मिलना आवश्यक है।

हड़ताल पर फिलहाल रोक

संयुक्त मोर्चा ने साफ किया कि मुख्यमंत्री से सीधी चर्चा होने तक वे हड़ताल पर नहीं जाएंगे। कर्मचारियों की समस्याओं और डीए एरियर्स की मांग को लेकर मोर्चा जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए समय पर आदेश जारी करेगी।