प्रदेश
राज्यपाल रमेन डेका ने रविशंकर विश्वविद्यालय को नैक ए प्लस ग्रेड मिलने पर शुभकामनाएं दी
रायपुर। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयोें के कुलाधिपति रमेन डेका ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर कोे नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने पर शुभकामनाएं दी है।
राजभवन मे आज रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदांनद शुक्ला ने राज्यपाल से भेंट कर विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने का पत्र सौंपा। राज्यपाल ने इसे पूरे प्रदेश के लिए हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि राज्य के अन्य शासकीय विश्वविद्यालयों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी और वे गुणवत्ता में सुधार लाकर अति उत्तम ग्रेडिंग प्राप्त करेंगे।
उल्लेखनीय है कि रविशंकर विश्वविद्यालय राज्य का पहला शासकीय विश्वविद्यालय है जिसे सामान्य विश्वविद्यालय की श्रेणी में ए प्लस ग्रेड प्रदान किया गया है। राज्यपाल श्री डेका ने विगत एक वर्ष में नियमित रूप से शासकीय विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक लेकर उन्हें गुणवत्ता में सुधार लाने और नैक ग्रेडिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है। उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से रविशंकर विश्वविद्यालयों को यह उपलब्धि हासिल हुई है जिसके लिए विश्वविद्यालय के कुलपति ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संचालक प्रोफेसर आर. पी. परगनिहा और कुलसचिव प्रोफेसर अंबर व्यास उपस्थित थे।
शराब घोटाला- EOW जल्द ही आबकारी अफसरों से करेगी पूछताछ
रायपुर। शराब घोटाले में अब शिकंजा और भी कस सकता है। पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुए 3200 करोड़ रुपए का शराब घोटाले में अब अधिकारियों से पूछताछ जल्द ही शुरू होने वाली है। आरोप है कि सिंडिकेट बनाकर अधिकारियों ने काम किया। इस मामले में विभाग की तरफ से अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है। अब उन्ही सस्पेंड अधिकारियों से EOW के अधिकारी जल्द पूछताछ शुरू करने वाले हैं।
जानकारी के मुताबिक निलंबित हुए आबकारी विभाग के कुछ अफसरों को नोटिस भेज पूछताछ के लिए बुलवा भेजा भी गया है। इससे पहले डिस्टलरी संचालकों और मैन पावर सप्लाई करने वाले कारोबारियों से पूछताछ पूरी हो गयी है। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारी मिली है। कारोबारियों से पूछताछ में मिली अहम जानकारियों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
आपको बता दें कि शराब घोटाले के आरोप में EOW ने 22 अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया हैं। सिडिकेट में काम कर रहे अफसरों को 88 करोड़ से ज्यादा की रकम मिली थी। शराब घोटाले की परतें खोलने के लिए EOW अधिकारियों ने अब तक 200 से अधिक लोगों से पूछताछ की हैं। माना जा रहा है कि पूछताछ में और भी कुछ बड़े खुलासे हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राष्ट्रपति रोवर रेंजर अवार्ड से सम्मानित रोवर देवाशीष मखीजा और रेंजर मनतृप्त कौर संधू ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने दोनों प्रतिभाओं को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित विशिष्ट समारोह में छत्तीसगढ़ के रोवर देवाशीष माखीजा, रेंजर मनतृप्त कौर संधू और गाईड कुसुम सिन्हा को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया। श्री देवाशीष ने बताया कि यह गौरवपूर्ण पुरस्कार चार वर्षों के अंतराल में देश भर से चयनित 16 प्रतिभागियों को प्रदान किया गया । गर्व की बात है कि इस बार छत्तीसगढ़ से तीन प्रतिभागियों ने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में उन्हें तत्कालीन राज्यपाल श्रीमती अनुसुइया उइके द्वारा राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा के साथ रेंजर मनतृप्त कौर के पिता गुरजीत सिंह संधू भी उपस्थित थे।
NHM की बैठक में स्वास्थ्यकर्मियों के हित में कई बड़े फैसले
रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) अंतर्गत राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ की ओर से प्रस्तुत मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। विचार-विमर्श के उपरांत समिति ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये।
बैठक में सर्वप्रथम वार्षिक कार्य मूल्यांकन (सीआर) व्यवस्था में पारदर्शिता लाने पर सहमति बनी। अब राज्य और जिला स्तर पर ऐसे पदों के लिए, जिनके स्वीकारकर्ता अधिकारी मिशन संचालक होंगे, अपील सुनवाई का अधिकार स्वास्थ्य विभाग के भारसाधक सचिव को मिलेगा। वहीं जिला और विकासखंड स्तर पर, जहां स्वीकारकर्ता अधिकारी कलेक्टर अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी होंगे, वहां अपील मिशन संचालक के समक्ष प्रस्तुत की जा सकेगी। अपीलीय अधिकारी को प्रतिकूल टिप्पणी अथवा सेवा समाप्ति संबंधी आदेश को मान्य अथवा अमान्य करने का अधिकार दिया गया है।
इसके अलावा, मेडिकल अवकाश सुविधा के अंतर्गत दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में 30 दिन का सवैतनिक अवकाश देने का निर्णय लिया गया। 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि के विषय पर चर्चा करते हुए समिति ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप जुलाई 2023 की स्थिति में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को माह जुलाई 2023 की स्थिति में कार्यरत कर्मचारियों वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1 जुलाई 2023 से 31 मार्च 2024 तक तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 5 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ दिये जाने पर समिति द्वारा सैद्धांतिक सहमति दी गई तथा वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन से सहमति उपरांत वेतन वृद्धि प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में स्थानांतरण नीति एवं मानव संसाधन नीति में आंशिक संशोधन करने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन होगा, जो अन्य विभागों की नीतियों का अध्ययन कर नियमसंगत एवं तर्कसंगत प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी।
साथ ही, कर्मचारियों को चिकित्सा बीमा सुविधा के रूप में न्यूनतम 10 लाख रुपये तक की कैशलेस बीमा कवरेज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। यह लाभ प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत राज्य नोडल एजेंसी के माध्यम से दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ‘दही हांडी प्रतियोगिता’ में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में आयोजित जन्माष्टमी उत्सव एवं दही-हांडी प्रतियोगिता में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतीकात्मक रूप से दही-हांडी तोड़कर उत्सव की परंपरा निभाई तथा राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चों को मिठाई खिलाकर स्नेह प्रदान किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हम छत्तीसगढ़ जैसे पावन प्रदेश के निवासी हैं, जो भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति को और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनाने हेतु निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार भोरमदेव मंदिर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख शक्तिपीठों और तीर्थ स्थलों के समग्र विकास हेतु कार्य कर रही है। साथ ही, श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को विभिन्न पावन स्थलों के दर्शन की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस भव्य आयोजन के सफल संचालन हेतु आयोजक बसंत अग्रवाल एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई दी।कार्यक्रम में विधायक किरण देव एवं पवन साय ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जन्माष्टमी के पावन पर्व की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, महापौर मीनल चौबे, राजीव लोचन महाराज, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।
देश से माफी मांगे राहुल गांधी : सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राहुल गांधी जी को 7 दिन के भीतर हलफनामा देने अथवा देश से माफी मांगने का निर्देश दिया गया है। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि राहुल गांधी जबरदस्ती इस मुद्दे को उछाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी को वास्तव में लगता है कि चुनाव आयोग किसी प्रकार की गड़बड़ी कर रहा है तो उन्हें बिना देर किए हलफनामा प्रस्तुत करना चाहिए। लेकिन यदि उनके पास ऐसा कोई प्रमाण या आधार नहीं है तो उन्हें अपने झूठे आरोपों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि चुनाव आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी और निष्पक्ष संस्था है, जिस पर अनर्गल आरोप लगाना केवल लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास है।
हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं को कल का अल्टीमेटम मिला, पेश नहीं हुए तो संपत्ति होगी कुर्क
रायपुर। राजधानी रायपुर के कुख्यात सूदखोर हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोर्ट ने पुलिस द्वारा दाखिल संपत्ति कुर्की की याचिका को स्वीकार कर लिया है और रायपुर कलेक्टर को चार संपत्तियों की कुर्की के लिए प्रतिवेदन भेजा है।
बता दें कि तोमर बंधु पिछले दो महीने से फरार चल रहे हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगे। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में उद्घोषणा की प्रक्रिया शुरू की। उद्घोषणा की अंतिम तारीख कल तय की गई है। यदि आरोपी कल कोर्ट में पेश नहीं होते तो उनकी संपत्ति कुर्क कर दी जाएगी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। वहीं, सूदखोरी के मामलों में उनकी पत्नियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि तोमर बंधु लंबे समय से सूदखोरी का कारोबार कर रहे थे और उनके खिलाफ कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
गौरतलब है कि रायपुर के सूदखोर तोमर बंधुओं के खिलाफ एक के बाद एक कई मामले दर्ज किए गए हैं। दोनों आरोपी भाइयों पर महंगे ब्याज दरों पर पैसे देकर उनसे जबरदस्ती वसूली करने के आरोप लगे हैं। साथ ही अन्य कई मामलों में भी उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। आरोपियों के घर की तलाशी के दौरान पुलिस को अवैध हथियार भी बरामद हुए थे।
19 लाख के चार हार्डकोर नक्सलियों ने किया सरेंडर, कई बड़ी वारदातों में रहा था शामिल
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। गरियाबंद में कुल 19 लाख रुपए के इनामी 4 हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें डीजीएन डिवीजन का एक डिवीजन कमेटी सदस्य (DVCM), 2 एरिया कमेटी सदस्य और 1 अन्य सक्रिय सदस्य शामिल हैं। सभी पर कई बड़ी वारदातों में शामिल होने के आरोप थे।
कुल 19 लाख रुपए के इनामी नक्सली शामिल हैं, जिन्होंने वर्षों तक जंगलों में रहकर पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले किए थे।रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा के सामने इन सभी ने आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों ने इसे राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और पुलिस की लगातार दबावपूर्ण कार्रवाई का परिणाम बताया है।
कौन हैं सरेंडर करने वाले नक्सली
सरेंडर करने वाले चारों नक्सली सुकमा और बीजापुर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इनमें –
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दीपक उर्फ भीमा मंडावी: डिवीजन कमेटी सदस्य (DVCM), 8 लाख का इनामी नक्सली। डीजीएन डिवीजन में सक्रिय था और ऑटोमैटिक हथियार के साथ सरेंडर किया।
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कैलाश उर्फ भीमा भोगाम: एरिया कमेटी सदस्य, 5 लाख का इनामी। यह मोदेम बालाकृष्णन उर्फ मनोज (सीसीएम/ब्यूरो सदस्य) की प्रोटेक्शन टीम का हिस्सा रहा।
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रनिता उर्फ पायकी: एरिया कमेटी सदस्य, 5 लाख की इनामी महिला नक्सली। इसने सिंगल शॉट हथियार के साथ सरेंडर किया।
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सुजीता उर्फ उर्रे कारम: 1 लाख इनामी नक्सली, जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय था।
इन सभी नक्सलियों पर कई गंभीर वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं, जिनमें सुरक्षाबलों पर हमला, ग्रामीणों को डराना-धमकाना और सरकारी विकास कार्यों में बाधा डालना शामिल है।
कई बड़ी घटनाओं में थी संलिप्तता
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले ये चारों नक्सली बीते कई वर्षों में विभिन्न जिलों में हुई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। इनमें आईईडी ब्लास्ट, सुरक्षा बलों पर हमला और ग्रामीणों की हत्या जैसी गंभीर वारदातें शामिल हैं। इनके सरेंडर से संगठन को बड़ा झटका लगा है।
सरकार की पुनर्वास नीति का असर
आत्मसमर्पण के बाद पुलिस और प्रशासन ने सभी नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत लाभ देने की घोषणा की है। आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। जो भी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाहता है, उसका स्वागत किया जाएगा।इन चारों बड़े इनामी नक्सलियों के आत्मसमर्पण से डीजीएन डिवीजन और एरिया कमेटी को गहरी चोट पहुंची है। पुलिस का मानना है कि इससे अन्य सक्रिय नक्सलियों में भी आत्मसमर्पण का रास्ता चुनने की प्रवृत्ति बढ़ेगी।
कल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे 16 हजार से ज्यादा एनएचएम कर्मचारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16 हजार से अधिक कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। कर्मचारियों ने संविलियन, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, लंबित वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। खास बात यह है कि इस बार आपातकालीन सेवाएं भी पूरी तरह बंद रहेंगी।
18 अगस्त से कामबंदी
रायपुर। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा संकट खड़ा होने जा रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16 हजार से अधिक कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले हैं। इस दौरान राज्यभर के अस्पतालों में न केवल नियमित सेवाएं बाधित होंगी, बल्कि आपातकालीन सेवाएं भी पूरी तरह से बंद रहेंगी। एनएचएम कर्मचारी संगठन ने इस हड़ताल की जानकारी पहले ही कलेक्टर, सीएमएचओ और बीएमओ को लिखित रूप से दे दी है। संगठन का कहना है कि राज्य सरकार ने उनकी मांगों पर 15 अगस्त तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया, जिसके चलते मजबूरन उन्हें कामबंदी करनी पड़ रही है।
आपातकालीन सेवाएं भी बंद
इस हड़ताल का सबसे गंभीर असर विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) पर पड़ेगा। संघ ने साफ किया है कि इस बार न तो आपातकालीन सेवाएं दी जाएंगी और न ही कलम उठाई जाएगी। इसका सीधा असर उन मरीजों पर पड़ेगा जिन्हें तत्काल इलाज की आवश्यकता होती है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी कई लंबित मांगों को लेकर यह आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
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संविलियन (नियमितिकरण)
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पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
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ग्रेड-पे का निर्धारण
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कार्य मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता
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27 प्रतिशत लंबित वेतन वृद्धि
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नियमित भर्ती में आरक्षण
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अनुकंपा नियुक्ति
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मेडिकल व अन्य अवकाश की सुविधा
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स्थानांतरण नीति
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₹10 लाख का कैशलेस चिकित्सा बीमा
कर्मचारियों का कहना है कि ये मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार हर बार आश्वासन देकर पीछे हट जाती है।
20 वर्षों से सेवाएं लेकिन सुविधाओं से वंचित
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वे पिछले 20 वर्षों से प्रदेश के दूरस्थ अंचलों से लेकर बड़े सरकारी अस्पतालों तक सेवाएं दे रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी एनएचएम कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर काम किया था। बावजूद इसके उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई गईं। उनका कहना है कि अन्य राज्यों में एनएचएम कर्मचारियों को बेहतर वेतनमान और सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में उनकी उपेक्षा की जा रही है।
सरकार पर दबाव बढ़ा
इस हड़ताल से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ सकती है। विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में जहां स्वास्थ्य सेवाओं की निर्भरता अधिकतर एनएचएम कर्मचारियों पर ही है, वहां हालात और गंभीर हो सकते हैं। अब देखना होगा कि सरकार किस तरह इस संकट को टालने के लिए आगे कदम बढ़ाती है।
धर्मांतरण को लेकर फिर हुआ बवाल, दोनों पक्ष के लोग पहुंचे थाने
बिलासपुर। जिले के ग्रामीण अंचल में एक बार फिर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के जोंधरा गांव में ग्रामीण के घर आयोजित प्रार्थना सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हिंदू संगठन ने इसे धर्मांतरण की साजिश बताया, जबकि ईसाई समुदाय ने आरोपों को सिरे से नकार दिया। मामला थाने पहुंचा तो दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। जानकारी के मुताबिक पचपेड़ी चौकी क्षेत्र के जोंधरा गांव से जुड़ा है। यहां एक ग्रामीण के घर पर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। बताया जा रहा है कि सभा के दौरान भजन-कीर्तन भी हो रहा था।
इसी बीच आसपास के कुछ लोगों ने सभा को धर्मांतरण की आड़ बताया और इसका विरोध किया। देखते ही देखते मामला बढ़ा और गांव का माहौल गरमा गया।सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा के नाम पर ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उनका कहना था कि गांवों में इस तरह की गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं और भोले-भाले लोगों को लालच देकर धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जाता है।
दूसरी ओर, ईसाई समुदाय के लोगों ने इन आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि यह केवल प्रार्थना और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम था, जिसका किसी तरह के धर्मांतरण से कोई संबंध नहीं है। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष थाने पहुंच गए और अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
जोंधरा गांव में हुई इस घटना के बाद से ग्रामीणों में तनाव का माहौल है। हालांकि पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में 18 अगस्त से झमाझम बारिश के आसार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मध्य हिस्सों में बीते कई दिनों से गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राजधानी रायपुर से लेकर न्यायधानी बिलासपुर तक चिलचिलाती धूप और पसीने से तरबतर मौसम ने आम जिंदगी को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 18 अगस्त से राज्य में झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा, जो तीन से चार दिनों तक जारी रह सकता है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और किसानों व आमजन को बड़ी राहत मिलेगी।
गर्मी और उमस से बेहाल लोग
अगस्त के मध्य तक पहुंचने के बावजूद छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ गया है। राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। तेज धूप और उमस ने लोगों के लिए दिन का समय मुश्किल बना दिया है। सड़क पर निकलने वालों से लेकर दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों तक, सभी इस गर्मी और चिपचिपे मौसम से परेशान हैं। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम परेशानी खड़ा कर रहा है।
बारिश से मिली आंशिक राहत
बीते दिनों राज्य के कुछ हिस्सों, विशेषकर उत्तरी और दक्षिणी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। इससे कुछ समय के लिए लोगों को राहत मिली, लेकिन व्यापक स्तर पर बारिश न होने से गर्मी और उमस बनी हुई है। खेती-किसानी पर भी इसका असर देखने को मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों और नालों में पानी की स्थिति भी कमजोर है।
नया सिस्टम देगा राहत
मौसम विभाग के अनुसार, 18 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने जा रहा है। इसके असर से छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम राज्य में लगातार 3 से 4 दिनों तक सक्रिय रहेगा। इस दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश भी हो सकती है। खासकर रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के कई जिलों में झमाझम बारिश होने के आसार हैं।
बस और ट्रक में भीषण टक्कर, अंबिकापुर से गढ़वा जा रही बस हुई दुर्घटनाग्रस्त
बलरामपुर। नेशनल हाइवे 343 पर मिनी ट्रक और यात्री बस के बीच जोरदार टक्कर हो गयी। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना में कई यात्री घायल हो गए। बस में 40 से अधिक यात्री सवार थे। आधा दर्जन यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना सोमवार सुबह बलरामपुर जिले के पाढ़ी गांव के पास नेशनल हाइवे 343 पर हुई। जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर से गढ़वा जा रही यात्री बस ‘बाबा बस’ जैसे ही पाढ़ी के पास पहुंची, सामने से आ रहे मिनी ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे यात्री घायल हो गए।
40 से अधिक यात्री सवार, कई घायल
हादसे के समय बस में करीब 40 यात्री सवार थे। बस के केबिन और आगे की सीटों पर बैठे करीब आधा दर्जन यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी और घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
एक यात्री की हालत गंभीर
सूत्रों के अनुसार, हादसे में घायल यात्रियों में से एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत पस्ता पुलिस की मदद से जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश घायल खतरे से बाहर हैं, लेकिन गंभीर रूप से घायल यात्री को विशेष निगरानी में रखा गया है।
ड्राइवर हादसे के बाद फरार
हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि ड्राइवर की लापरवाही से हादसा हुआ है या फिर यह ओवरटेकिंग के कारण हुआ, इसकी जांच की जा रही है। मिनी ट्रक चालक भी मौके से गायब बताया जा रहा है। पुलिस दोनों वाहनों के ड्राइवरों की तलाश कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पस्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सुचारू कराया। हादसे की वजह का पता लगाने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को बस से बाहर निकालकर मदद की। ग्रामीणों ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया था, लेकिन सामूहिक प्रयास से यात्रियों को बाहर निकाला जा सका।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से CGEWHO ने रायपुर में 1000 फ्लैट निर्माण को दी मंजूरी
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक और कल्याणकारी पहल आकार ले रही है। प्रदेश के वरिष्ठ नेता एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अथक प्रयासों और दूरदृष्टि के परिणामस्वरूप, केंद्रीय सरकारी कर्मचारी कल्याण आवास संगठन (CGEWHO) ने रायपुर में 1000 फ्लैट्स के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है।
यह प्रदेश की पहली केंद्रीय आवासीय परियोजना होगी, जिसमें केंद्र, राज्य और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध तरीके से आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और किफायती आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। CGEWHO ने इस परियोजना के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिख कर 5 से 7 एकड़ बाधारहित भूमि आवंटित करने का औपचारिक अनुरोध किया है।
इस ऐतिहासिक परियोजना की नींव सांसद बृजमोहन अग्रवाल के दूरदर्शी प्रस्ताव से रखी गई। उन्होंने ‘केंद्रीय विहार’ योजना के अंतर्गत रायपुर के एक केंद्रीय स्थान पर 1000 से अधिक फ्लैटों के निर्माण की सिफारिश की थी, जिससे सरकारी कर्मचारियों को कार्यालय, स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक सुविधाओं तक आसान पहुंच मिल सके।
CGEWHO के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गगन गुप्ता ने रायपुर में परियोजना शुरू करने में गहरी रुचि व्यक्त करते हुए सांसद अग्रवाल का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि रायपुर में केंद्रीय कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जिस तत्परता और गंभीरता से केंद्र तक पहुँचाया है, वह सराहनीय है।
भूमि आवंटन के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, आरडीए अध्यक्ष नंद कुमार साहू, राजस्व सचिव, रायपुर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से आग्रह किया है। भूमि उपलब्ध होते ही परियोजना का पहला चरण शुरू होगा, जो राजधानी में हज़ारों लोक सेवकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को ऊँचाई पर ले जाएगा।
CGEWHO, जो आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन है, जो अपनी ‘न लाभ, न हानि’ नीति, RERA अनुरूपता, पारदर्शी कार्यप्रणाली और IIT व सरकारी इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिए प्रसिद्ध है। देशभर में 35 से अधिक परियोजनाओं की सफल परंपरा के बाद, रायपुर की यह परियोजना छत्तीसगढ़ के लिए एक नई मिसाल बनेगी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि, “यह सिर्फ एक आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए सम्मान और सुविधा का नया अध्याय है। केंद्र सरकार की त्वरित स्वीकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ संकल्प का प्रमाण है। मेरा संकल्प है कि रायपुर में इस परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का दृढ़ संकल्प और सतत प्रयास से रायपुर के नागरिक और सरकारी कर्मचारी इस परियोजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और सुरक्षित आवास के एक नए युग का स्वागत करने को तैयार हैं।


साय कैबिनेट की बैठक 19 अगस्त को, विदेश दौरे से पहले होने वाली इस बैठक में होंगे कई अहम फैसले
रायपुर। विष्णुदेव साय कैबिनेट की अहम बैठक कल होगी। मुख्यमंत्री 21 अगस्त को विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं। विदेश दौरे पर रवाना होने से पहले कैबिनेट की बैठक बुलायी गयी है। छत्तीसगढ़ में 19 अगस्त को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और निर्णय होंगे। बैठक के बाद फैसलों की जानकारी मीडिया को दी जाएगी। वहीं मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।
राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आगामी 19 अगस्त 2025 को राजधानी रायपुर में मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी ढांचा, रोजगार सृजन और निवेश जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। इसके अलावा राज्य की वित्तीय स्थिति और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा होगी।
छत्तीसगढ़ में बारिश: प्रदेश के किस जिले में कितनी हुई बारिश, सरगुजा संभाग में इस बार सबसे ज्यादा बारिश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 722.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1140.6 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 367.2 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 638.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 571.3 मि.मी., गरियाबंद में 620.0 मि.मी., महासमुंद में 581.8 मि.मी. और धमतरी में 624.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 731.8 मि.मी., मुंगेली में 742.7 मि.मी., रायगढ़ में 858.2 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 621.3 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 908.8 मि.मी., सक्ती में 770.8 मि.मी., कोरबा में 753.1 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 678.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 603.5 मि.मी., कबीरधाम में 531.2 मि.मी., राजनांदगांव में 669.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 891.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 509.2 मि.मी., बालोद में 749.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 530.9 मि.मी., सूरजपुर में 865.8 मि.मी., जशपुर में 769.6 मि.मी., कोरिया में 820.0 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 747.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 908.6 मि.मी., कोंडागांव में 618.3 मि.मी., कांकेर में 797.8 मि.मी., नारायणपुर में 812.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 826.3 मि.मी., सुकमा में 642.0 मि.मी., और बीजापुर में 904.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कोतरलिया में रेडी-टू-ईट यूनिट का किया शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को मूर्त रूप देते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार "रेडी-टू-ईट" निर्माण का कार्य पुनः सौंपा है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र प्रदान किए थे। इसके बाद मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से किया गया और अब रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतरलिया से "रेडी-टू-ईट" उत्पादन का शुभारंभ हो चुका है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में 3 करोड़ "लखपति दीदी" बनाने का लक्ष्य रखा गया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेज गति से कार्य कर रहा है। रायगढ़ इस अभियान में अग्रणी जिला बना है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ग्राम कोतरलिया में "रेडी-टू-ईट" निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और महिलाओं को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ से प्रारंभ हुई यह पहल शीघ्र ही प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी और यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।
उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन समूहों को प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। रायगढ़ जिले की परियोजनाओं—रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू के अंतर्गत चयनित समूह जल्द ही “रेडी-टू-ईट” उत्पादन प्रारंभ करेंगे। फिलहाल इसकी शुरुआत कोतरलिया से हो चुकी है।



उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य—दोनों को नई दिशा प्रदान करेगी।
एम्स रायपुर को मिला नया अध्यक्ष, पद्मश्री डॉ. बुधेन्द्र कुमार जैन संभालेंगे जिम्मेदारी
रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 14 अगस्त को गजट नोटिफिकेशन जारी कर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के नए अध्यक्ष के रूप में पद्मश्री डॉ. बुधेन्द्र कुमार जैन की नियुक्ति की घोषणा की। उनकी नियुक्ति को चिकित्सा जगत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे पांच दशकों से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं और लाखों रोगियों को राहत पहुंचा चुके हैं।
डॉ. जैन वर्तमान में चित्रकूट श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी और सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में नेत्र रोगियों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई है। इसी वर्ष उन्हें चिकित्सा सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. जैन ने स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी सेवा भावना का प्रेरणा स्रोत सद्गुरु रणछोड़दास जी महाराज हैं, जिनकी शिक्षाओं ने उन्हें हमेशा मानवता की भलाई के लिए कार्य करने की दिशा दिखाई। उन्होंने एम्स रायपुर के चिकित्सकीय और गैर-चिकित्सकीय कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि रोगियों की भलाई और त्वरित सेवा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
डॉ. जैन ने स्पष्ट किया कि वे मानवता की सेवा को अपना मूल मंत्र मानते हैं और एम्स रायपुर में रोगियों की देखभाल, मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देने का प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि एम्स जैसे संस्थान का लक्ष्य केवल उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि देशभर के चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को उत्कृष्ट शिक्षा और प्रशिक्षण देना भी है।
