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छत्तीसगढ़ में रेल क्रांति : 47 हजार करोड़ रूपए की रेल विकास परियोजनाएं प्रगति पर, वर्ष 2030 तक रेल नेटवर्क हो जाएगा दोगुना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को पूरा करने और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए नई-नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिल रही है। वर्ष 1853 से लेकर 2014 तक 161 साल में छत्तीसगढ़ में केवल 1100 रूट किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से वर्ष 2030 तक प्रदेश में रेल नेटवर्क दोगुना बढ़कर 2200 रूट किलोमीटर हो जाएगा।
केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में छत्तीसगढ़ को 6925 करोड़ रूपए राशि आबंटित की गई है। वर्तमान में केन्द्र सरकार की मदद से छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेल विकास परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। राज्य को दो नई वंदे भारत ट्रेन रायपुर-विशाखापटनम और रायपुर-नागपुर की सौगात मिली है। इसके अलावा राज्य सरकार ने मेट्रो ट्रेन के लिए सर्वे कराने का भी निर्णय लिया है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में बिलासपुर में जोनल कार्यालय को मंजूरी दी गई थी।
छत्तीसगढ़ को नई और प्रगतिरत रेल परियोजना के पूर्ण होेने से राज्य में रेल सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के साथ ही यहां पर्यटन, व्यापार, उद्योग के साथ-साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इन रेल परियोजनाओं से सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
वर्ल्ड क्लास रेल्वे स्टेशन
छत्तीसगढ़ राज्य के 32 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। ये स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त, विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित बनाए जा रहे हैं। हाल में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमृत भारत रेल्वे स्टेशन योजना के तहत राज्य के 5 पुनर्विकसित अंबिकापुर, उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर एवं डोंगरढ़ स्टेशनों का लोकार्पण किया गया है।
अमृत भारत रेल्वे स्टेशन योजना में लगभग 1680 करोड़ रूपए की लागत से 32 रेल्वे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें तीन प्रमुख स्टेशनों बिलासपुर (लागत 435 करोड़), रायपुर (लागत-463 करोड़) एवं दुर्ग स्टेशन (लागत-456 करोड़) का व्यापक पुनर्विकास भी शामिल है। अमृत भारत स्टेशन के अंतर्गत भाटापारा, भिलाई पावर हाउस, तिल्दा नेवरा, बिल्हा, बालोद, दल्लीराजहरा, हथबंद, सरोना, मरोदा, मंदिरहसौद, निपानिया, भिलाई नगर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, बाराद्वार, चाम्पा, नैला, जांजगीर, अकलतरा, कोरबा, उसलापुर, पेंड्रा रोड, बैकुंठपुर रोड, बिलासपुर, महासमुंद, जगदलपुर के स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।
प्रगतिरत रेल परियोजनाएं
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रूपए की लागत से स्वीकृत रेल परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार है- राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन लम्बाई 228 किमी, छत्तीसगढ़ में 48 किमी, लागत 3544.25 करोड़, बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन, लंबाई-206 किमी, छत्तीसगढ़ में 153 किमी, लागत 2135.34 करोड़, खरसिया-धरमजयगढ़ नई रेललाइन, लंबाई-162.5 किमी, लागत 3438.39 करोड़, गौरेला-पेंड्रा रोड-गेवरा रोड परियोजना, लंबाई 156.81 किमी, लागत 4970.11 करोड़, केन्द्री-धमतरी एवं अभनपुर-राजिम आमान परिवर्तन, लंबाई-67.20 किमी, लागत- 544 करोड़, बोरिडांड-अम्बिकापुर दोहरीकरण, लंबाई 80 किमी, लागत-776 करोड़, चिरमिरी-नागपुर न्यू हॉल्ट लाइन, लंबाई-17 किमी, लागत-622.34 करोड़ रूपए शाामिल हैं।
बस्तर अंचल में नई स्वीकृत रेल परियोजनाएं
भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन (140 किमी) परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 3513.11 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यह निर्णय बस्तर अंचल के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
रावघाट-जगदलपुर रेललाइन की मंजूरी से बस्तर अंचल में यात्रा, पर्यटन, व्यापार और रोजगार की सम्भावनाएं बढ़ेंगी। यह रेल परियोजना नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। बस्तर में केके रेल लाईन (कोत्तवलसा से किंरदुल) दोहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। 446 किलोमीटर लम्बाई के रेल लाईन का 170 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में है। छत्तीसगढ़ में इस रेल लाईन का 148 किलोमीटर दोहरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है।
सुकमा-दंतेवाड़ा-बीजापुर भी रेल नेटवर्क में
कोठागुडेम (तेलंगाना) से किरंदुल तक प्रस्तावित 160.33 किमी लंबी नई रेललाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे कार्य को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद सर्वे अब अंतिम चरण में है। इस प्रस्तावित रेललाइन का 138.51 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर से होकर गुजरेगा, जो अब तक रेल कनेक्टिविटी से वंचित रहे हैं। यह परियोजना न केवल आवागमन को सरल बनाएगी, बल्कि इन जिलों के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
नई रेल परियोजनाओं का सर्वे अंतिम चरण में
छत्तीसगढ़ में अम्बिकापुर-बरवाडीह 200 किलोमीटर लागत 9718 करोड़, खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा नई रेल लाइन 278 किलोमीटर लागत 7854 करोड़, रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन 140 किलोमीटर लागत 3513 करोड़, सरदेगा-भालूमाड़ा नई रेललाइन 37.24 किलोमीटर लागत 1282 करोड़ रूपए और धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा 301 किलोमीटर लागत 16,834 करोड़ रूपए रेल परियोजनाओं का डीपीआर तैयार हो रहा है। धरमजयगढ़-लोहरदगा और अंबिकापुर-बरवाडीह रेल परियोजना के लिए सर्वेक्षण का काम अंतिम चरण में।
छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन की परियोजना
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए कटघोरा से डोंगरगढ़ रेल लाईन निर्माण के लिए 300 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इस रेल लाईन के बनने से नागपुर-झारसुगुड़ा रेल मार्ग पर चलने वाली माल-गाड़ियों का लोड कम होगा। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति द्वारा छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन को डोंगरगढ़-कबीरधाम-मुंगेली-कटघोरा रेलमार्ग हेतु भू-अर्जन एवं प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए 300 करोड़ रुपए की राशि दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
पुस्तक वितरण में लापरवाही पर संकुल समन्वयक निलंबित
रायपुर। पुस्तक वितरण में लापरवाही बरतने पर संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग ने संकुल समन्वयक को निलंबित कर दिया है. संभागीय संयुक्त संचालक के निर्देश पर बुक स्कैनिंग कार्य की समीक्षा के लिए सहायक संचालक उषा किरण खलखो एवं सुरेखा थानथराट ने संकुल केन्द्र भूकेल का आकस्मिक निरीक्षण किया. इस दौरान संकुल समन्वयक मनबोध नंद मूल पद शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पौसरा, विकासखंड बसना द्वारा पुस्तक वितरण में लापरवाही पाई गई.
संकुल समन्वयक ने पुस्तक वितरण में चार दिवस की देरी एवं 8 विद्यालयों में काम प्रारंभ न होने की स्थिति के संबंध में संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया. साथ ही 25 जून को आयोजित ऑनलाइन बैठक में भी वे अनुपस्थित रहे. पाठ्यपुस्तकों की डिलीवरी 21 जून को प्राप्त होने के बावजूद वितरण 25 जून को करने, स्कैनिंग कार्य में लापरवाही और विभागीय दिशा-निर्देशों की अवहेलना को गंभीर कदाचार एवं अनुशासनहीनता मानते हुए उक्त कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के प्रतिकूल पाया गया.
संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर राकेश कुमार पाण्डेय ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक के प्रतिवेदन के आधार पर संकुल समन्वयक मनबोध नंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा. उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मगरलोड, जिला धमतरी नियत किया गया है.
IOB लोन घोटाले में बड़ा खुलासा: चार बैंक कर्मचारी आरोपित, EOW ने दाखिल किया 2000 पेज का चालान
रायपुर। इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) की राजिम शाखा में 1.65 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) ने चार आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चालान दाखिल किया है। यह चालान लगभग 2000 पन्नों का है और इसमें बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा की गई सुनियोजित धोखाधड़ी की पूरी कहानी दर्ज है।
यह गंभीर घोटाला दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 के बीच इंडियन ओवरसीज बैंक, राजिम शाखा, जिला गरियाबंद में अंजाम दिया गया। 17 खाताधारकों के नाम पर बिना उनकी जानकारी और सहमति के फर्जी ज्वेल लोन स्वीकृत किए गए। न ही खाताधारक बैंक में उपस्थित थे, न ही कोई वाउचर भरा गया । संपूर्ण प्रक्रिया कम्प्यूटर सिस्टम में कूटरचित तरीके से दर्ज की गई, जिससे बैंक को 1.65 करोड़ 44 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
कैसे हुआ खुलासा?
यह घोटाला तब उजागर हुआ जब खाताधारकों को उनके नाम से लोन स्वीकृति की जानकारी मिली और उन्होंने बैंक में आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की, जिसमें पाया गया कि बिना किसी दस्तावेज या भौतिक उपस्थिति के कंप्यूटर सिस्टम में ज्वेल लोन दर्ज किए गए थे। EOW अब डिजिटल सबूत, लेन-देन के रिकॉर्ड, सिस्टम एक्सेस लॉग्स और CCTV फुटेज की जांच के जरिए अन्य संलिप्त लोगों की पहचान कर रही है। इस घोटाले में और लोगों के संलिप्त होने की भी संभावना जताई जा रही है।
आरोपियों की पहचान
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सुनील कुमार – तत्कालीन शाखा प्रबंधक
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अंकिता पाणिग्रही – तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक
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योगेश पटेल – तत्कालीन लिपिक
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खेमनलाल कंवर – तत्कालीन लिपिक
इन सभी आरोपियों को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, और अब उनके खिलाफ धारा 409, 467, 468, 471, 120बी, 201 भादंवि एवं धारा 13(1)(क) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है।
रक्त शक्ति महा-अभियान: एक दिन में 51 हजार एनीमिया जांच कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
रायपुर। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को जिले में शामिल करते हुए 26 जून को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में चलाए गए रक्त शक्ति महा अभियान में एक ही दिन में जिले की 13 से 45 वर्ष आयु वर्ग की 51,727 महिलाओं का हीमोग्लोबीन (एचबी) जांच कराने पर जिले का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो गया है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की स्टेट हेड सोनल राजेश शर्मा ने आज एसेम्बली हॉल मल्टीपरपज स्कूल पेण्ड्रा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए जिला कलेक्टर को प्रमाण पत्र प्रदान किया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जिले का नाम दर्ज होने पर इस उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला प्रशासन को शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने कहा कि रक्त की कमी होने से बहुत सारी समस्याएं होती है। एचबी की वास्तविक जानकारी प्राप्त करने के लिए रक्त शक्ति महा अभियान ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है।
जिला कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने कहा कि इस अभियान में जिला स्तर से लेकर मैदानी स्तर के सभी विभागों के अमले की सेवाएं ली गई। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की भी सराहनीय सहभागिता रही। अभियान में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व सहायता समूह की महिलाएं, पंचायत सचिव, पटवारी, कोटवार, ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारियों ने इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान किया है।
अवैध होर्डिंग्स, फ्लैक्स लगाने वालों की अब खैर नहीं, इंदौर से सीख लेकर नगर निगम ने की पहल
दुर्ग। भिलाई नगर निगम में भी अब इंदौर की तरह अवैध होर्डिंग्स और फ्लैक्स नजर नहीं आएंगे। शहर के स्ट्रीट पोल और दीवारों पर बेतरतीब होर्डिंग लगाने वालों पर नगर निगम कार्रवाई करेगी। इसके लिए राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी जनजागरूकता लाने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल की शुरुआत प्रशिक्षण टूर के बाद इंदौर दौरे से लौटे महापौर नीरज पाल ने की है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ बनाने और स्वच्छता रैंकिंग में आगे आने के लिए राज्य सरकार अब अन्य राज्यों के नंबर वन नगरीय निकायों का अपने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को विजिट करा रहे. वहां की व्यवस्थाओं को अपने नगरीय निकायों में अपनाने के लिए शैक्षणिक भ्रमण पर भेजे जा रहे हैं।

एमआईसी की सहमति से महापौर ने तैयार किया प्रस्ताव
इस बार दुर्ग जिले के सभी नगरीय निकायों के महापौर, नगर निगम कमिश्नर और स्वास्थ्य अधिकारी इंदौर नगर निगम के 3 दिवसीय दौरे पर थे, जहां वेस्ट मैनेजमेंट और पब्लिक अवेयरनेश, मॉनिटरिंग पर प्राथमिक तौर पर काम किया जा रहा है। वहीं भिलाई निगम को स्वच्छ बनाने के लिए इंदौर नगर निगम की तरह अवैध होर्डिंग और पोस्टर लगाने पर अब कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अलग से नियम बनाए जाएंगे। इसके लिए भिलाई नगर निगम के महापौर नीरज पाल ने एमआईसी की सहमति लेकर प्रस्ताव तैयार किया है। वहीं सार्वजनिक प्रचार प्रसार के लिए यूनिपोल और एलईडी स्क्रीन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
राज्यपाल डेका के साथ मुख्यमंत्री साय ने की भगवान जगन्नाथ की पूजा…
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गायत्री नगर रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा महोत्सव में शामिल हुए। राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर ‘छेरा-पहरा‘ की रस्म निभाई। राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी ने श्री जगन्नाथ जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की।



मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित रथ यात्रा में शामिल हुए। रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में विशेष विधि-विधान के साथ महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व भगवान की प्रतिमाओं को मंदिर से रथ तक लाया गया और मार्ग को सोने की झाड़ू से स्वच्छ किया गया। इस परंपरा को छेरापहरा कहा जाता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को रथ यात्रा की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व ओडिशा के लिए जितना बड़ा उत्सव है, उतना ही बड़ा उत्सव छत्तीसगढ़ के लिए भी है। श्री साय ने कहा कि भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक हैं। उन्हीं की कृपा से वर्षा होती है, धान की बालियों में दूध भरता है और किसानों के घरों में समृद्धि आती है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ में भरपूर फसल हो। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा से मेरी विनती है कि वे हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हमें शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की ओर अग्रसर करें।
मुख्यमंत्री ने सोने की झाड़ू से छेरापहरा की रस्म निभाई
राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पुरी की रथ यात्रा की तर्ज पर यह पुरानी परंपरा निभाई जाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छेरापहरा की रस्म पूरी करते हुए सोने की झाड़ू से मार्ग बुहारकर रथ यात्रा का शुभारंभ किया। इसके उपरांत उन्होंने भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को रथ तक ले जाकर विराजित किया।
ओडिशा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में होती है रथ यात्रा
रथ यात्रा के लिए भारत में ओडिशा राज्य प्रसिद्ध है। ओडिशा का पड़ोसी राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ में भी इस उत्सव का व्यापक प्रभाव है। आज निकाली गई रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा की विशेष विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के पुजारी के अनुसार उत्कल संस्कृति और दक्षिण कोसल की संस्कृति के बीच यह एक अटूट साझेदारी का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ का मूल स्थान छत्तीसगढ़ का शिवरीनारायण तीर्थ है, जहां से वे जगन्नाथ पुरी में स्थापित हुए। शिवरीनारायण में ही त्रेता युग में प्रभु श्रीराम ने माता शबरी के प्रेमपूर्वक अर्पित मीठे बेर ग्रहण किए थे। यहां वर्तमान में नर-नारायण का भव्य मंदिर स्थापित है।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, धर्मलाल कौशिक सहित अन्य गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक 30 जून को, नये चीफ सेकरेट्री से कैबिनेट को कराया जायेगा परिचित
रायपुर। साय कैबिनेट की बैठक 30 तारीख को होगी। इस बैठक में मौजूदा सीएस अमिताभ जैन को विदाई दी जाएगी। साथ ही नए सीएस के परिचय की औपचारिकता निभाई जाएगी। आईएएस के 89 बैच के अफसर अमिताभ जैन प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा समय तक रहने वाले सीएस हैं। वो चार साल से अधिक सीएस के पद पर रहे। दोपहर 12 बजे से ये बैठक मंत्रालय में होगी।
विष्णुदेव कैबिनेट की बैठक में मौजूदा मानसून को लेकर भी चर्चा होगी। किसानों को खाद बीज की उपलब्धता, डीएपी की कमी जैसे मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा होगी। वहीं मानसून सत्र को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा की जायेगी।
पंचतत्व में विलीन हुए प्रसिद्ध कवि पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा से अमेरिका तक अपनी कविताओं से सबका दिल जितने वाले पद्मश्री से सम्मानित कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे आज पंचतत्व में विलीन हो गए. मारवाड़ी शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार में राजनीति, साहित्य और कला क्षेत्र की बड़ी हस्तियां मौजूद रहे.
राजनीति, साहित्य और कला क्षेत्र की बड़ी हस्तियां रहे शामिल
डॉ. सुरेंद्र दुबे के अंतिम संस्कार में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, विधायक अनुज शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, गृहमंत्री विजय शर्मा, वरिष्ठ मंत्री राम विचार नेताम, विधायक सुनील सोनी शामिल हुए. वहीं सूफी भंजन गायक पद्मश्री मदन चौहान, कवि सुदीप भोला, गायक-अभिनेता सुनील तिवारी मौजूद रहे.
वसीम खेमानी बने छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष
गरियाबंद। चेंबर ऑफ कॉमर्स की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा गुरुवार को की गई, जिसमें रायपुर के युवा व्यापारी वसीम खेमानी को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी नियुक्ति पर व्यापारिक जगत में खुशी की लहर है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मेमन ने वसीम खेमानी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि चेंबर में युवा नेतृत्व से संगठन को मजबूती मिलेगी और व्यापारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।
वहीं, अपनी नियुक्ति पर वसीम खेमानी ने चेंबर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थोरानी सहित सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि जो विश्वास उन पर जताया गया है, उस पर वे खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि वे सभी व्यापारियों के हित में कार्य करेंगे और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालेंगे।
इस अवसर पर लघु वनोपज ब्रोकर संघ, डूमरतराई व्यापारी एसोसिएशन, राइस मिल एसोसिएशन, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन, उद्योग जगत, दलाल संघ सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी वसीम खेमानी को बधाई दी।
सीएमएआई के साथ हुआ एमओयू, देश का नया टेक्सटाइल हब बनेगा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुंबई में आयोजित सीएमएआई फैब शो 2025 में हुए शामिल
छत्तीसगढ़ ने वस्त्र उद्योग क्षेत्र में निवेश के नए द्वार खोले – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
कहा टेक्सटाइल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पॉलिसी देश में सबसे बेहतर
मुंबई, 23 अप्रैल 2025- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुंबई के बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित सीएमएआई फैब शो 2025 में भाग लेकर राज्य में वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने निवेशकों और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्योगपतियों से संवाद कर छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा हमने वस्त्र उद्योग क्षेत्र में निवेश के नए द्वार खोले हैं। इस मौके पर छत्तीसगढ़ सरकार ने सीएमएआई (क्लोदिंग मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के साथ एमओयू भी साइन किया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ ने वस्त्र, गारमेंट और हैंडलूम सेक्टर में एक उभरता हुआ केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि हाल ही में हमने कैबिनेट में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन डिजाइन के संस्थान को नवा रायपुर में खोलने की मंजूरी दी है। 271 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले इस संस्थान से छत्तीसगढ़ में टैक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में चांपा की कोसा साड़ियां अपने शिल्प में बेमिसाल हैं। सीएमएआई से एमओयू और निफ्ट की स्थापना से चांपा के कोसा जैसे वस्त्रों की ब्रांडिंग, प्रमोशन में बड़ी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कपड़ा उद्योग प्रत्यक्ष रूप से ग्रामीण स्वरोजगार, तकनीक और कौशल विकास से जुड़ा है। नई औद्योगिक नीति में हमने इन सभी सुविधाओं का ख्याल रखते हुए, टैक्सटाइल सेक्टर से जुडे़ एमएसएमई को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। हम 1000 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों को विशेष अनुदान दे रहे हैं। 100 करोड़ के इन्वेस्टमेंट में 252 करोड़ की प्रतिपूर्ति हमारी सरकार द्वारा किया जा रहा है। टेक्सटाइल के क्षेत्र में देश में इतनी अच्छी पॉलिसी किसी भी राज्य में नहीं है। इसका लाभ कपड़ा उद्योग से जुड़े छोटे और मझोले उद्यमों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में उद्यम शुरू करने पर विशेष रियायतें दी गई हैं।
उन्होंने कहा सिंगल विंडो सिस्टम, इज आफ डूइंग बिजनेस और स्पीड आफ डूइंग बिजनेस की नीतियों के चलते बहुत तेजी से निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति दी जा रही है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस से अब हम स्पीड और बिजनेस की ओर बढ़ चुके हैं। हमने 350 से अधिक रिफार्म्स किये हैं और निवेश का वातावरण बेहद सहज कर दिया है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के स्टॉल का अवलोकन भी किया और जानकारी ली। उन्होंने बताया कि हमारे पारंपरिक हस्तशिल्प को टेक्सटाइल उद्योग से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, संचालक प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक अभिषेक अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
सेंट्रल इंडिया की लोकेशन, बेहतर कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने बताया सेंट्रल इंडिया की हमारी लोकेशन आपको देश भर में सबसे अच्छी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है। इसी साल से रायपुर एयरपोर्ट में कार्गो की सुविधा आरंभ हो गई है। हमारे यहां 48 हजार करोड़ रूपए की कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। रेल्वे नेटवर्क के विस्तार का सबसे अधिक लाभ उद्योग जगत को मिलेगा। रायपुर से विशाखापट्नम तक एक्सप्रेस वे का निर्माण तेजी से हो रहा है। विशाखापट्नम जैसे पोर्ट से हमारी सीधी कनेक्टिविटी रायपुर में बिजनेस को बहुत विस्तार देगी।
टैक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित युवा हो रहे तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा टैक्सटाइल इंडस्ट्री को स्किल्ड मैनपावर भी चाहिए। प्रदेश के आईटीआई में टेक्नालॉजी और इनोवेशन पर आधारित एडवांस कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे टैक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए भी प्रशिक्षित युवा तैयार हो रहे हैं। हमारे यहां आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान हैं जिससे दक्ष मानव संसाधन इंडस्ट्री के लिए उपलब्ध हैं।
दिव्यांगों की मददगार नारायण सेवा संसथान का शिविर 13 अप्रैल दादाबाड़ी रायपुर में
रायपुर, 11 अप्रैल। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त एनजीओ नारायण सेवा संस्थान द्वारा छत्तीसगढ़ के दिव्यांगों के कल्याणार्थ विशाल निःशुल्क शिविर का आयोजन रविवार 13 अप्रैल को रायपुर के जैन दादा बाड़ी, एम.जी. रोड़ रायपुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित होगा।
संस्थान के मीडिया एवं जनसंपर्क निदेशक भगवान प्रसाद गौड़ ने बताया कि ऐसे लोग जिन्होंने किसी हादसे में या अन्य बीमारी के चलते अपना हाथ-पैर गंवा देने से अंगविहिन हुए है अथवा पुराने भारी या ओल्ड तकनीक वाले कृत्रिम अंग के चलते दुःखभरी जिन्दगी जी रहे दिव्यांगों को सशक्त और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करने के लिए संस्थान प्रतिबद्ध है। पदमश्री अलंकृत संस्थापक कैलाश मानव जी की प्रेरणा से संस्थान विगत 40 वर्षों से संस्थान मानवता और दिव्यांगता के क्षेत्र में सेवारत है। छत्तीसगढ़ के दिव्यांगजनों को रायपुर में मदद पहुंचाने के भाव से विशाल निःशुल्क दिव्यांगता निवारण ऑपरेशन चयन एवं नारायण लिम्ब मैजरमेंट शिविर जैन दादा बाड़ी, एम.जी. रोड़ रायपुर में रविवार 13 अप्रैल को प्रातः 8 बजे से सांय 5 बजे तक चलेगा।
प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए निदेशक गौड़ ने बताया कि नारायण सेवा संस्थान का यह फ्री कैम्प विशेष है। यह कुआँ प्यासे के पास योजना के तहत आयोजित है। इसमें दिव्यांग बन्धुओं को संस्थान के अनुभवी एवं विशेषज्ञ ओर्थोटिस्ट एवं प्रॉस्थेटिक डॉक्टर्स टीम द्वारा देखा जाएगा और टीम द्वारा उच्च गुणवत्ता युक्त और वजन में हल्के व टिकाऊ नारायण लिम्ब के लिए व्यवस्थित कास्टिंग कर लिम्ब का माप लिया जायेगा। इन दिव्यांगों को संस्थान लगभग दो माह बाद इनके मेजरमेन्ट के अनुसार मॉड्यूलर कृत्रिम अंग वितरण शिविर आयोजित कर निःशुल्क फिटमेंट करेगा। विदित हो बीते साल मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में 850 लोगों को कृत्रिम अंग लगाए गए है।
शिविर सहयोजक भरत पालीवाल ने बताया कि इस शिविर में आने वाले रोगीयों - परिजनों को निःशुल्क भोजन, चाय अल्पाहार दिया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निदेशक भगवान प्रसाद गौड़, आश्रम प्रभारी हेमंत कुमार और संयोजक भरत पालीवाल ने शिविर का पोस्टर जारी किया। उन्होंने बताया कि इस शिविर के लिए संस्थान पदाधिकारीयों ने रायपुर के सम्मानित व्यक्तियों और मंत्रियों को आमन्त्रित किया है।
संस्थान निदेशक गौड़ ने दिव्यांगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने के लिए अपील करते हुए कहा इस शिविर में भाग लेने के इच्छुक दिव्यांग स्वयं का आधार कार्ड, डिसेबिलिटी प्रमाण पत्र और दिव्यांगता दिखाते हुए 2 फोटो लेकर आए। शिविर संबंधी अधिक जानकारी के लिए संस्थान हेल्पलाइन नम्बर 70235-09999 पर संपर्क करें।
नारायण सेवा संस्थान 1985 से नर सेवा-नारायण सेवा की भावना से काम कर रहा है। संस्थापक कैलाश मानव को राष्ट्रपति महोदय ने मानव सेवा के लिए पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा है। संस्थान के अध्यक्ष प्रशान्त अग्रवाल दिव्यांगों के लिए मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी के माध्यम से मानसिक,शारीरिक एवं आर्थिक दृष्टि से मजबूत कर लाखों दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में ला चुके है। वर्ष 2023 में अग्रवाल को राष्टृपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। संस्थान अब तक 40 हजार से अधिक कृत्रिम अंग लगा चुका है। संस्थान अब छत्तीसगढ़ के दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान कर उनकी रुकी जिन्दगी को फिर से शुरू करने के लिए बड़े स्तर पर काम करेगा।
हनुमान जयंती पर माहेश्वरी समाज का भव्य आयोजन, गुढ़ियारी से निकलगी शोभायात्रा, सुंदरकांड पाठ के साथ होगी भजन संध्या
रायपुर। राजधानी रायपुर में 12 अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर भव्य आयोजन करने जा रही है. माहेश्वरी समाज की ओर से मोवा स्थित महेश गार्डन में एक दिवसीय कार्यक्रम में शोभायात्रा, भंडारा, सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या जैसे विभिन्न धार्मिक आयोजन शामिल हैं.
गुढ़ियारी हनुमान मंदिर से निकलेगी शोभायात्रा
सुबह 7:15 बजे गुढ़ियारी स्थित हनुमान मंदिर से भव्य शोभायात्रा के साथ होगी, जो महेश गार्डन, मोवा तक पहुंचेगी. शोभायात्रा के समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए नाश्ते की व्यवस्था की गई है. इसके बाद दोपहर 12:00 बजे पंडरी में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा.
भजन संध्या और सुंदरकांड पाठ
शाम 6:00 बजे से सुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा, जिसके बाद हाई-टी की व्यवस्था रहेगी. रात्रि 8:00 बजे से भजन संध्या का शुभारंभ होगा. कार्यक्रम का समापन रात्रि 9:30 बजे महाप्रसादी वितरण के साथ होगा.
आयोजन समिति और अतिथि
इस भव्य आयोजन के लिए मुख्य संयोजक पवन झंवर और हेमंत तोतला है, जबकि संयोजन समिति में रमेश झंवर, ललित सोमानी और राकेश सोमानी शामिल हैं. कार्यक्रम में दीपक उपाध्याय (अमरावती) और नंद मूंधड़ा (नापासरवाला) भी उपस्थित रहेंगे. इस आयोजन में महेश महिला संगठन और महेश युवा संगठन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा. सभा के अध्यक्ष पवन झंवर और सचिव हेमंत तोतला ने सभी श्रद्धालुओं से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर किया आत्मीय स्वागत
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आज रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आत्मीय स्वागत किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया।
छत्तीसगढ़ में मनाया जाएगा सुशासन तिहार : सीएम साय ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश, लोगों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी करते हुए “सुशासन तिहार-2025” के आयोजन के निर्देश दिए है। यह तिहार प्रदेश में सुशासन की सशक्त स्थापना, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और जन संवाद को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि सरकार शासन के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता, प्रभावशीलता और जन-हितैषी प्रशासन की स्थापना को लेकर कटिबद्ध है। इस तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे आम जनता से जुड़कर, उनकी समस्याओं को समयबद्ध ढंग से सुलझाने का कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में सुशासन की स्थापना को लेकर लगातार काम कर रही है। शासन-प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर शासकीय काम-काज में पारदर्शिता आए, शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो, इसका लाभ समाज के उन वर्गों को तत्परता से मिले, जिनके लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं, इसको लेकर शासन-प्रशासन स्तर पर प्रभावी पहल की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर सुशासन तिहार-2025 के संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि “सुशासन तिहार-2025” के आयोजन के उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है।
सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस तिहार को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं एवं एक पोर्टल बनाया जा रहा है। प्रत्येक जिले की परंपराओं, आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुसार नवाचार भी किए जा सकते हैं, जिससे यह तिहार अधिक जनोपयोगी और प्रभावशाली बने।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन स्थलों पर समाधान पेटी रखी जाएगी, ताकि लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें निःसंकोच लिखकर उसमें डाल सकें। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर भी की जाए। आवश्यकतानुसार हाट बाजारों में भी आवेदन संग्रह किये जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की भी पोर्टल में व्यवस्था रहेगी। कॉमन सर्विस सेंटर का भी ऑनलाइन आवेदन लेने हेतु उपयोग किया जा सकता है। प्रत्येक आवेदन को एक कोड देने की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। निर्धारित प्रारूप में खाली आवेदन पत्र (ग्रामवार/नगरीय निकायवार कोड सहित) प्रिन्ट कराकर ग्रामीणों को उपलब्ध कराये जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रत्येक आवेदन को पोर्टल में पंजीकृत कर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा, साथ ही, आवेदनकर्ता को पावती दी जाएगी। जनता को आवेदन लिखने में सहायता प्रदान करने हेतु कलेक्टर आवश्यकतानुसार अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी लगा सकते हैं। इन तिथियों का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
आवेदनों का निराकरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा और संबंधित जिला/जनपद/नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजा जाएगा। संबंधित विभाग/अधिकारी लगभग एक माह में इन आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जाएगा। इन आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता का विश्लेषण जिला और राज्य स्तर पर किया जाए।
समाधान शिविर का आयोजन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 05 मई से 31 मई 2025 के दौरान प्रत्येक 08 से 15 पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार समाधान शिविर आयोजित होंगे। शिविरों के आयोजन की तिथि की जानकारी आवेदकों को एस.एम.एस. के माध्यम से तथा आवेदन की पावती के माध्यम से दी जाए, साथ ही इन तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों की प्रविष्टि भी पोर्टल में की जाए तथा जिन आवेदनों का निराकरण शिविर में सम्भव हो, शिविर में किया जाए, शेष आवेदनों का समाधान एक माह में कर आवेदकों को सूचित किया जाए।
शिविरों में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र/प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक शिविर के लिए एक खंडस्तरीय अधिकारी को प्रभारी बनाया जाए, जो शिविर के समुचित संचालन को सुनिश्चित करेंगे। समाधान शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिला स्तर से भी कुछ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों में भी की जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे स्वयं, उप मुख्यमंत्रीगण, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं राज्य शासन के अधिकारी भी कुछ शिविरों में शामिल होंगे तथा वहां आवेदकों से भेंटकर उनकी समस्याओं और निराकरण के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। इस तिहार को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग किया जाएगा। आवेदन लेने, उनकी प्रविष्टि, मॉनिटरिंग एवं समाधान प्रक्रियाओं के लिए समुचित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों की होगी भागीदारी
जिला कलेक्टर यह सुनिश्चित करेंगे कि इस तिहार में स्थानीय सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की भागीदारी हो और उन्हें आवश्यक जानकारियां समय पर उपलब्ध कराई जाए।
विकास कार्यों का औचक निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण उनके द्वारा किया जाएगा। विभिन्न योजनाओं से लोगों को मिल रहे लाभ के बारे में फीडबैक लिया जाएगा। प्रभारी मंत्रीगण, प्रभारी सचिव भी अपने स्तर पर यह प्रक्रिया अपनाएंगे।
समीक्षा बैठक का आयोजन
दोपहर के बाद जिला मुख्यालय पर अधिकारियों के साथ बैठक होगी, जिसमें समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति और विभिन्न योजनाओं व परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी, साथ ही आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। राज्य स्तर से बिंदुवार समीक्षा पत्रक उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रेसवार्ता एवं विभिन्न संगठनों तथा नागरिकों से भेंट
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समीक्षा बैठक के उपरांत अथवा उपयुक्त समय पर प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे और विभिन्न संगठनों एवं नागरिकों से भेंट करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए कुदरगढ़ महोत्सव के समापन समारोह में
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि कुदरगढ़ महोत्सव आस्था, भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के प्रस्ताव पर इस अंचल के आस्था के प्रमुख केन्द्र कुदरगढ़ मंदिर धाम को केन्द्र सरकार की ’प्रसाद योजना‘ में शामिल किया है। इससे यहां के विकास के लिए केन्द्र सरकार से मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ धाम में चैत्र नवरात्र के अवसर पर आयोजित कुदरगढ़ महोत्सव का समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।


कुदरगढ़ धाम में शुरू होगा चिकित्सालय
मुख्यमंत्री श्री साय ने कुदरगढ़ धाम में बनने वाले रोपवे का भूमिपूजन किया। यह रोपवे दो वर्ष में बनकर तैयार होगा। इस अवसर पर उन्होंने कुदरगढ़ धाम के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने प्रशासनिक भवन एवं सर्व सुविधायुक्त सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50-50 लाख तथा गढ़वातियां माता मंदिर में सीढ़ी निर्माण और पेयजल व्यवस्था हेतु 50 लाख सहित कुल 1 करोड़ 50 लाख रुपये के निर्माण कार्यों की घोषणा की। इस दौरान रोपवे निर्माण के लिए अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने धाम में चिकित्सालय निर्माण की भी घोषणा की, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।
105 करोड़ रूपए से अधिक लागत के कार्यो का भूमिपूजन-शिलान्यास
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए माता कुदरगढ़ी से प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की और श्रद्धालुओं को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस अवसर पर 105 करोड़ रूपए से अधिक लागत के 43 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने भटगांव विधानसभा क्षेत्र के लिए सुशासन रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेगा।
भोरमदेव मंदिर हेतु स्वदेश दर्शन योजना में 148 करोड़ रूपए मंजूर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार के प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर के विकास के लिए भारत सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत 148 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी है। प्रदेश की पांच शक्तिपीठों सूरजपुर के कुदरगढ़, चंद्रपुर की चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी शक्तिपीठ के विकास के लिए चार धाम की तर्ज पर योजना बनाई गई है। राज्य सरकार द्वारा तीर्थ दर्शन योजना पुनः प्रारंभ की गई है। इस योजना में 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांगजनों को तीर्थ यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों से इस योजना का भरपूर लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में कुंभ के दौरान छत्तीसगढ़ का मंडप बनाया गया था, जहां छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को ठहरने और भोजन के निःशुल्क व्यवस्था की गई थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास योजनाओं के साथ-साथ समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। अंदरूनी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। बस्तर क्षेत्र में नियद नेल्लानार योजना के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ ग्रामीणों को केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। यहां बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े और सांसद चिंतामणि महाराज ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना की। साथ ही रोपवे निर्माण के लिए बधाई देते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया।
समापन समारोह में दिखी लोकसंस्कृति की झलक
समापन समारोह में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में माता कुदरगढ़ को समर्पित भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं पर लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण किया।
कार्यक्रम में विधायक भूलन सिंह मरावी, शकुंतला पोर्ते, रजनी शंकर त्रिपाठी, वन विकास निगम एवं कुदरगढ़ धाम ट्रस्ट अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।
भारतमाला परियोजना में भ्रष्टाचार : नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लिखा पत्र, CBI जांच की मांग …
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना में भ्रष्टाचार की जांच को सीबीआई से कराए जाने की मांग को लेकर आज नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है. दरअसल, छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में भारत माला परियोजना में भ्रष्टाचार का मुद्दा खूब गरमाया था. चरणदास महंत ने विधानसभा में इस परियोजना को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला था. इस बीच साय कैबिनेट ने इसकी जांच ईओडब्ल्यू से कराने का फैसला किया था.
पत्र लिखकर की सीबीआई से जांच की मांग
छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने पत्र में लिखा कि छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत रायपुर विशाखापटनम प्रस्तावित इकनोमिक कॉरिडोर के सड़क निर्माण के लिए अनुविभाग अभनपुर जिला- रायपुर अन्तर्गत निजी भूमि के अधिग्रहण से मुआवजा राशि के निर्धारण तक की प्रक्रिया में विधि विरूद्ध कार्यवाही करते हुए, लोक सेवकों तथा भूमि स्वामियों के द्वारा आपराधिक षड़यंत्रपूर्वक ऐसे भ्रष्ट आचारण किये गये हैं, जिसके कारण भारत सरकार को कम से कम रू. 43,18,27,627.00 की आर्थिक क्षति हुई है.
नेता प्रतिपक्ष डॉ महंत कहा है कि यह प्रकरण सी.बी.आई. को सौपने और भारतमाला परियोजना के लिए भूमि अर्जन, मुआवजा निर्धारण के अन्य सभी प्रकरणों की भी जांच कराई जाए.












