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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) की दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल जी की जयंती के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर सिंधी समाज को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान झूलेलाल जी समरसता, सहिष्णुता और जल संरक्षण के प्रतीक हैं। उनकी शिक्षाएँ आज भी मानवता को जोड़ने का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) सिंधी समाज का प्रमुख सांस्कृतिक पर्व है, जो न केवल झूलेलाल जी की जयंती के रूप में, बल्कि नववर्ष के रूप में भी पूरे उल्लास और आस्था के साथ मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना की और कहा कि ऐसे पर्व सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नव संवत्सर, चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा की दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि, नव संवत्सर और गुड़ी पड़वा की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चैत्र माह के प्रथम दिन से हिन्दू नववर्ष का शुभारंभ होता है, जो नव ऊर्जा, नव संकल्प और नव चेतना का प्रतीक है। इसी दिन से शक्ति उपासना के पर्व – नवरात्रि का आरंभ भी होता है, जो पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा, महाराष्ट्र सहित देश के कई हिस्सों में नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। यह पर्व आशा, उत्साह और सांस्कृतिक गौरव का उत्सव है, जिसे विशेष रूप से महाराष्ट्रीयन नववर्ष के रूप में मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की देवी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता, चंद्रहासिनी देवी जैसे देवी स्वरूपों में हमारी आस्था रची-बसी है।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पावन दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, साधना और शक्ति के रंग में रंग जाती है। देवी आराधना से सामाजिक समरसता, ऊर्जा और आंतरिक चेतना का संचार होता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने मां भगवती से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे और सभी परिवारों में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ दौरा, जानिए मिनट टू मिनट शेड्यूल
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे छत्तीसगढ़ को कई बड़ी सौगात देंगे. पीएम मोदी सीजीडी, वीआरपीएल परियोजना और 7 रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। पीएम दोपहर 2.30 बजे वो एयरपोर्ट पहुंचेंगे. जहां हेलीकाप्टर से वो बिलासपुर जाएंगे और आमसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम 5.30 बजे वो वापस दिल्ली के रवाना हो जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर में बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अनुरूप, सस्ती और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने और छत्तीसगढ़ को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे। वह बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण- III (1×800एमडब्ल्यू) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपये से अधिक है। यह पिट हेड परियोजना उच्च बिजली उत्पादन दक्षता के साथ अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। वह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660एमडब्ल्यू) के कार्य की शुरुआत करेंगे। वह पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) के तहत 560 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
सीजीडी, वीआरपीएल परियोजना की रखेंगे आधारशिला
भारत के शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों, वायु प्रदूषण में कमी लाने और स्वच्छ ऊर्जा समाधान प्रदान करने के अनुरूप, प्रधानमंत्री कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस वितरण (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसमें 200 किलोमीटर से अधिक हाई प्रेशर पाइपलाइन और 800 किलोमीटर से अधिक एमडीपीई (मीडियम डेंसिटी पॉलीइथिलीन) पाइपलाइन और 1,285 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई सीएनजी डिस्पेंसिंग आउटलेट शामिल हैं। वह हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन (वीआरपीएल) परियोजना की भी आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 2210 करोड़ रुपये से अधिक होगी। इस बहुउत्पाद (पेट्रोल, डीजल, केरोसिन) पाइपलाइन की क्षमता 3 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक होगी।
सात रेलवे परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला
क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह मंदिर हसौद के माध्यम से अभनपुर-रायपुर खंड में मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। वह छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं भीड़भाड़ को कम करेंगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और पूरे क्षेत्र में सामाजिक तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।
छत्तसीगढ़ में सड़क के बुनियादी ढांचे को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री एनएच-930 (37 किलोमीटर) के झलमला से शेरपार खंड और एनएच-43 (75 किलोमीटर) के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड को 2 लेन में अपग्रेड करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री एनएच-130डी (47.5 किमी) के कोंडागांव-नारायणपुर खंड को 2 लेन में अपग्रेड करने की आधारशिला भी रखेंगे। 1,270 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली ये परियोजनाएं आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार लाएगी जिससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।
दो प्रमुख शैक्षिक पहलों को करेंगे समर्पित
सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो प्रमुख शैक्षिक पहलों को समर्पित करेंगे, जिनमें राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल और रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) शामिल हैं। पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया योजना के तहत 130 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। ये स्कूल अच्छी तरह से संरचित बुनियादी ढांचे, स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में मदद करेंगे। रायपुर में वीएसके विभिन्न शिक्षा संबंधी सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और डेटा विश्लेषण को सक्षम करेगा।
पीएम आवास : 3 लाख लाभार्थियों का होगा गृह प्रवेश
ग्रामीण परिवारों के लिए उचित आवास तक पहुंच सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार करने की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए, प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा। प्रधानमंत्री इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे।
सुकमा में 17 माओवादी ढेर : डिप्टी सीएम विजय शर्मा बोले – सरकार एक भी गोली नहीं चलाना चाहती, आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटें नक्सली
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन के अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले के केरला पाल बेहना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ में 17 नक्सली मार गिराए। इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए हैं, जिनमें स्लार, इनसास, एके-47 और कंट्रीमेड हथियार शामिल हैं। इस कार्रवाई में दो जवान घायल हुए हैं, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं। उन्हें त्वरित उपचार के लिए जिला मुख्यालय लाया गया है और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस सफलता पर जवानों को बधाई दी है.
विजय शर्मा ने कहा कि वर्ष 2025 के मात्र 85 दिनों में अब तक 133 नक्सली मारे जा चुके हैं। यह प्रतिदिन का संकल्प है। पिछले कुछ वर्षों में कुल मिलाकर लगभग 2700 से अधिक नक्सली या तो मारे गए हैं, गिरफ्तार हुए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक भी गोली नहीं चलाना चाहती और पुनर्वास नीति के तहत सभी नक्सलियों से अपील करती है कि वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटें। आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।
मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद का पूरी तरह से समापन करने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की रणनीति के तहत नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल और संचार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
सरकार की पुनर्वास नीति और सख्त रुख
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जो लोग आत्मसमर्पण कर रहे हैं, उन्हें सरकार की ओर से पूरी सहायता दी जा रही है, लेकिन जो हिंसा का मार्ग अपनाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का संकल्प स्पष्ट है कि शांति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना है और नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करना है। सरकार की इस स्पष्ट नीति के तहत नक्सली आत्मसमर्पण कर एक सुरक्षित जीवन अपना सकते हैं, लेकिन यदि वे हिंसा का मार्ग नहीं छोड़ते तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
छुट्टी के दिनों में खुले रहेंगे स्टेट जीएसटी कार्यालय, राज्य कर आयुक्त ने जारी किया आदेश
रायपुर। फाइनेंशियल ईयर के अंतिम दिनों छुट्टी के दिन भी स्टेट जीएसटी कार्यालय खुले रहेंगे. रविवार और सोमवार को स्टेट जीएसटी दफ्तर खुले रहेंगे. सोमवार को ईद के दिन भी दफ्तर में कामकाज होगा। इसके लिए राज्य कर आयुक्त ने सभी संभागों के राज्य कर संयुक्त आयुक्त को आदेश जारी किया है.
आदेश में लिखा है कि वित्त मंत्रालय भारत सरकार ने एक सर्कुलर में कहा है कि 29, 30 और 31 मार्च को सीजीएसटी के दफ्तर खुले रहेंगे और इनमें सामान्य कामकाज होगा. राज्य कर (जीएसटी) विभाग के अंतर्गत सभी संभागीय एवं अधीनस्थ वृत्त कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 29, 30 और 31 मार्च को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा.

वित्त मंत्रालय का आदेश, छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे जीएसटी दफ्तर
वित्त मंत्रालय भारत सरकार ने भी छुट्टी के दिनों में सेंट्रल जीएसटी कार्यालय खुले रखने का आदेश जारी किया है. जारी आदेश में कहा गया है कि फाइनेंशियल ईयर के अंतिम दिनों 29, 30 और 31 मार्च को सेंट्रल जीएसटी के दफ्तर खुले रहेंगे.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप पर जताया गहरा शोक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने म्यांमार और थाईलैंड में आए विनाशकारी भूकंप से हुई व्यापक जनहानि पर गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस भयावह तस्वीर ने मन को अत्यंत विचलित और दुःखी कर दिया है। इस दुखद घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भारतवासी म्यांमार और थाईलैंड के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने ईश्वर से सभी के कुशलक्षेम की कामना की है।

छत्तीसगढ़ महाविद्यालय में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया प्रतिभाओं को सम्मानित
उच्च शिक्षा और शोध पर विशेष ध्यान देने की जरूरत : बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। उच्च शिक्षा में शोध का अत्यधिक महत्व है क्योंकि यह न केवल ज्ञान के विस्तार में सहायक होता है, बल्कि समाज, उद्योग और विज्ञान में नवाचार को भी बढ़ावा देता है। शोध से प्राप्त निष्कर्ष नए सिद्धांतों, तकनीकों और समाधानों के विकास में मदद करते हैं, जिससे न केवल शिक्षाविद बल्कि आम जनता भी लाभान्वित होती है। यह कहना है सांसद बृजमोहन अग्रवाल का जो शनिवार को शासकीय जे योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने इस अवसर उत्कृष्ट शोध, शिक्षा, शिक्षण, खेल एवं एनसीसी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित किया।







अग्रवाल ने सम्मानित प्रतिभाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जो लोग किसी भी क्षेत्र में अच्छा कार्य करते हैं, उनका सम्मान करने से समाज को प्रेरणा मिलती है। दूसरे लोग भी अपना बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करते है
उन्होंने कहा कि, आज की शिक्षा प्रणाली पहले से काफी बदल गई है। अब मात्र परसेंटेज ही नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में वही विद्यार्थी सफल होते हैं, जो ज्ञान और मेहनत को प्राथमिकता देते हैं। इतिहास गवाह है कि कई IAS, IPS अधिकारी साधारण अंक प्राप्त करने के बावजूद कठिन परिश्रम से उच्च पदों पर पहुंचे हैं।
सांसद श्री अग्रवाल ने उच्च शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन प्राप्त करने और रुचि के अनुरूप विषयों का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से शोध कार्यों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर महाविद्यालय के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
– अतिरिक्त हॉल निर्माण हेतु सांसद निधि से ₹10 लाख और विधायक निधि से ₹10 लाख की स्वीकृति।
– वर्तमान हॉल को वातानुकूलित करने के लिए विधायक निधि ₹5 लाख* की सहायता।
– नवनिर्मित भवन का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम रखा जायेगा।
– नया रायपुर में नवीन कैंपस के लिए 10 एकड़ भूमि दिलाई जाएगी।
कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, विकास समिति अध्यक्ष राम नारायण व्यास, पार्षद अम्बर अग्रवाल, पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे, प्राचार्य डॉ. तपेश गुप्ता, डॉ. डी.के. पांडे सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इस आयोजन के माध्यम से उच्च शिक्षा और शोध को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल की गई, जिससे महाविद्यालय के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
चैट्रीचन्द्र पर्व पर पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी मांस-मटन की बिक्री, दुकानों का किया जाएगा निरीक्षण…
रायपुर। चैट्रीचन्द्र पर्व के अवसर पर 30 मार्च रायपुर नगर पालिक निगम परिक्षेत्र में मांस -मटन की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी. छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के परिपालन में आदेश जारी किया गया है.
रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारियों ने बताया कि पर्व के दौरान किसी भी दुकान में मांस – मटन की बिक्री करते पाये जाने पर जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी, इसके साथ संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी. पर्व के दौरान रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण दुकानों का सतत् निरीक्षण करेंगे.
रिसर्च पार्क के लिए IIT भिलाई और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन में MOU, मुख्यमंत्री बोले, तकनीक से तालमेल ही सफलता की कुंजी
रायपुर। उद्यम के लिए बदलती हुई तकनीक से तालमेल बहुत जरूरी है। समय के साथ तकनीक में बहुत तेजी से बदलाव हो रहा है। जो उद्यम तकनीक के साथ खुद को अपडेट नहीं करते, वे पीछे रह जाते हैं। आज नई तकनीक को अपनाकर ही सफलता के मानदंडों पर खरा उतरा जा सकता है। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में भी टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित आईआईटी भिलाई एंड छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री कान्क्लेव : विजन विकसित भारत 2047 में उद्यमियों, प्रोफेसर्स और आईआईटी भिलाई के छात्रों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

दंतेवाड़ा में रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए एमओयू सम्पन्न
आईआईटी भिलाई एंड छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री कान्क्लेव में दंतेवाड़ा में रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए आईआईटी भिलाई और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के मध्य एमओयू भी संपादित किया गया। यह कॉन्क्लेव शिक्षा जगत के सहयोग से क्षेत्रीय उद्योगों की तकनीकी उन्नति और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अहम: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे हार्दिक खुशी है कि आईआईटी भिलाई द्वारा ‘विजन विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ इंडस्ट्रीज कान्क्लेव किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो सपना देखा है, उसे साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ के लिए योगदान देना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर लिहाज से समृद्ध है। यहां वन संपदा और खनिज संसाधन भरपूर हैं। हमारा प्रदेश ‘धान का कटोरा’ कहलाता है और यहां के किसान मेहनतकश हैं।
विजन 2047 डॉक्यूमेंट और नई औद्योगिक नीति 2024-30 लागू
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के लिए राज्य सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति 2024-2030 लागू की गई है। इस नीति में सभी वर्गों को विकास में भागीदार बनाया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांगजन सहित अन्य वर्गों को विशेष सहूलियत दी गई है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष फोकस है। बीस्पोक पॉलिसी और सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस नई नीति को लेकर निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
निवेशकों की बढ़ती रुचि, मिले 3700 करोड़ के प्रस्ताव
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि निवेशक अब छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हाल ही में बंगलुरु में आयोजित इन्वेस्ट कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ को 3700 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।नई दिल्ली और मुंबई में भी इन्वेस्ट कनेक्ट मीट आयोजित की गई, जिनमें निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्साह दिखाया है।
ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और आईटी सेक्टर में बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रीन एनर्जी पर विशेष जोर दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसके साथ-साथ टेक्सटाइल और आईटी क्षेत्र में भी निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि औद्योगिक विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तीव्र गति से आगे बढ़ेगा।
स्किलिंग पर विशेष ध्यान, युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ कौशल उन्नयन पर भी राज्य सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है, ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।
इस अवसर पर आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश, सीआईआई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष संजय जैन, अमर परवानी, आईआईटी भिलाई के प्रोफेसर व छात्रगण सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
पूर्व CM बघेल के OSD आशीष वर्मा के घर फिर पहुंची सीबीआई, 4 अधिकारियों की टीम कर रही छानबीन
दुर्ग। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के OSD आशीष वर्मा के निवास पर CBI ने रेड डाली है. 26 को CBI ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास समेत 33 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान सीबीआई ने भिलाई के वसुंधरा नगर स्थित आशीष वर्मा के घर पर भी दबिश दी थी, लेकिन वे घर पर नहीं थे. CBI ने तब उनके घर को सील कर दिया था, जिसके बाद आशीष वर्मा की अपील पर आज उनका घर खोला गया और घर खुलते ही CBI की टीम ने छापेमार कार्रवाई शुरू कर दी है.
छत्तीसगढ़ में 33 से अधिक ठिकानों पर सीबीआई ने मारा छापा
CBI की टीम ने 26 मार्च को तड़के रायपुर, भिलाई समेत दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की. जिन प्रमुख लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया, विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव, KPS ग्रुप के प्रशांत त्रिपाठी, पूर्व OSD मनीष बंछोर व आशीष वर्मा, निरीक्षक गिरीश तिवारी समेत 33 से अधिक ठिकाने शामिल हैं.
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के निर्माण में बनें अग्रणी भागीदार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यापक आर्थिक सुधारों के कारण भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। जीएसटी और कर सुधारों ने टैक्स व्यवस्था को सरल बनाया है और राजस्व संग्रहण को मजबूत किया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भारत की इस विकास यात्रा में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने में भी उनकी भागीदारी अहम होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बैंक ऑडिट एंड एआई’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने CA छत्तीसगढ़ के विशेष लोगो का भी विमोचन किया।




आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य का सबसे बड़ा औजार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बौद्धिक वर्ग हमेशा नई तकनीकों को अपनाता है और एआई (AI) ऐसी ही एक गेम-चेंजर तकनीक है। उन्होंने माना कि एआई न केवल CA पेशे को और सशक्त करेगा, बल्कि इस क्षेत्र की गुणवत्ता व गति को भी बढ़ाएगा। उन्होंने एआई से जुड़ी संभावनाओं और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आईसीएआई की स्थापना को भारतीय अकाउंटिंग क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि 1949 में 1600 लोगों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज चार लाख से अधिक सदस्यों का मजबूत संगठन बन चुका है, जो देशभर में आर्थिक उत्तरदायित्व निभा रहे हैं।
नई औद्योगिक नीति से बढ़ा निवेश, प्रदेश को 4 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की चर्चा करते हुए कहा कि यह नीति निवेशकों के लिए आकर्षक है और सभी वर्गों का ध्यान रखती है। अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लिथियम जैसे दुर्लभ खनिज की उपलब्धता और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की स्थापना से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 महीनों में राज्य सरकार ने कई दूरदर्शी फैसले लिए हैं, जिससे प्रदेश में तेज़ी से विकास हो रहा है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। लोक कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध हो रहा है।
छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047: विकसित भारत में प्रदेश की महती भूमिका
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047 का ज़िक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। प्रदेश के 3,000 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इसमें भागीदार बनेंगे।
आईसीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने संस्था की स्थापना (1949) से लेकर अब तक की विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंट के कार्य से जुड़ी चुनौतियों और दायित्वों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि देश के सभी सीए मिलकर प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के सपनों को साकार करने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।
इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी CA अमित चिमनानी, CA पंकज शाह, CA अभय छाजेड़, CA विकास गोलछा सहित आईसीएआई के रायपुर, भिलाई, बिलासपुर और रायगढ़ ब्रांच के सदस्य उपस्थित थे।
पीएम मोदी छत्तीसगढ़ को देंगे बड़ी सौगात : मात्र 10 रुपए में कर सकेंगे रायपुर से अभनपुर की यात्रा
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ को रेल, सड़क, आवास, शिक्षा, उर्जा और ईंधन समेत कई सौगात देंगे। इस मौके पर पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अभनपुर से रायपुर रेल सेवा की शुरुआत भी करेंगे। गाड़ी संख्या 08835 अभनपुर -रायपुर इनॉग्रल मेमू पैसेंजर स्पेशल आठ कोच के साथ अभनपुर से 15:30 बजे रवाना होकर 15.38 बजे केंद्री, 15.52 बजे सीबीडी, 16.10 बजे मंदिर हसौद और 16.55 पर रायपुर पहुंचेगी। रेलवे की रेल लिस्ट के मुताबिक, मात्र 10 रुपए में अभनपुर से रायपुर तक की सफर कर सकते है।
रेल यात्रियों को 31 मार्च 2025 से रायपुर से अभनपुर के बीच सुबह और शाम को दो मेमो स्पेशल ट्रेन की सुविधा दो फेरे में मिलेगी। एक घंटे के सफर में यात्री रायपुर से अभनपुर पहुंच सकेंगे।
1. 68760/ 68761 रायपुर से अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर (31 मार्च से)
सुबह के दो फेरे में गाड़ी संख्या 68760 रायपुर से अभनपुर मेमू पैसेंजर रायपुर से 9:00 बजे रवाना होकर 9:18 बजे मंदिर हसोद, 9:32 बजे सीबीडी 9:50 बजे केंद्रीय और 10:10 बजे अभनपुर पहुंचेगी। यह गाड़ी वापसी में गाड़ी संख्या 68761 अभनपुर रायपुर पैसेंजर अभनपुर से 10:20 बजे रवाना होकर केंद्री 10.28 बजे, सीबीडी 10.42 बजे, मंदिर हसौद 11:00 बजे और रायपुर 11:45 बजे पहुंचेगी।
2. 68762/68763 रायपुर अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर (31 मार्च से)
शाम के दो फेरे में गाड़ी संख्या 68762 रायपुर- अभनपुर मेमू पैसेंजर रायपुर से 16:20 बजे रवाना होकर 16.38 बजे मंदिर हसौद, 16.52 बजे सीबीडी, 17: 10 बजे केंद्री, 17.30 बजे अभनपुर पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 68763 अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर अभनपुर से 18:10 बजे रवाना होकर 18:18 केंद्री, 18.32 बजे सीबीडी, 18.45 बजे मंदिर हसौद, 19.20 बजे रायपुर पहुंचेगी।

सौगात-ए-मोदी को लेकर छग वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज का बड़ा बयान, कहा- BJP संतुष्टिकरण और कांग्रेस तुष्टिकरण की करती है राजनीति
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सौगात-ए-मोदी अभियान के तहत रमजान के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के जरूरतमंद परिवारों को विशेष किट वितरित की गई. छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज ने सौगात-ए-मोदी को लेकर करते हुए कहा कि पीएम मोदी की सौगात से समाज का हर वर्ग लाभान्वित हो रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है और भाजपा संतुष्टीकरण की राजनीति करती है.
डॉ. सलीम राज ने कहा कि तुष्टिकरण की नीति के कारण कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई, जबकि भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हित में कार्य कर रही है.
जनता को मिल रहा योजनाओं का लाभ
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने आयुष्मान योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इससे आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है. उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना और आयुष्मान योजना से मुस्लिम समाज के भाई-बहनों को भी फायदा हो रहा है. यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण संभव हो पाया है.
हम संतुष्टीकरण की राजनीति करते हैं, तुष्टिकरण की नहीं
डॉ. सलीम राज ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाना है. उन्होंने कहा, “हम संतुष्टीकरण की राजनीति करते हैं, तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करते हैं.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल “सौगात-ए-मोदी” के तहत मुख्यमंत्री साय ने गरीब महिलाओं को गिफ्ट पैकेट वितरित किए जिसमें लेडीज़ सूट का कपड़ा, सेवइयां, खजूर और मिठाइयां शामिल थीं. शुक्रवार को रायपुर में अल्प संख्यक मोर्चे और छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में 500 महिलाओं को गिफ्ट पैकेट वितरित किए गए.
कोयला घोटाले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल आए लपेटे में, रानू साहू के आईएएस पति का भी जुड़ा नाम…
रायपुर। पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल के चर्चित कोयला घोटाले का दायरा बढ़ता जा रहा है. प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को विशेष अदालत में कोयला घोटाले में शामिल नौ और आरोपितों के खिलाफ पूरक चालान पेश किया है.
पूरक चालान में में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल समेत रायपुर जेल में बंद निलंबित आइएएस रानू साहू के पति आइएएस जयप्रकाश मौर्य, कोयला फर्म के मालिक जोगिंदर सिंह, शेख मोइनुद्दीन, हेमंत जायसवाल, वीरेंद्र जायसवाल, एडवोकेट पीयूष भाटिया, पारिख कुर्रे व राहुल शामिल हैं.
अवैध कोल लेवी मामले में ईडी पहले ही कोरबा की पूर्व कलेक्टर रानू साहू, निलंबित आइएएस समीर बिश्नोई, पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया, कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, सुनील अग्रवाल, कोयला कारोबारी हेमंत जायसवाल और कोरबा निवासी उसके भाई वीरेंद्र जायसवाल समेत करीब 20 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है.
क्या है कोयला घोटाला
छत्तीसगढ़ में कथित 500 करोड़ रुपए के कोयला घोटाला मामले में लेवी वसूली का मामला ईडी की रेड में सामने आया था. आरोप है कि कोयला परिवहन के दौरान कोयला व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था. खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर बिश्नोई ने इसके लिए 15 जुलाई 2020 को आदेश जारी किया था. इसके लिए सिंडिकेट बनाकर वसूली की जाती थी. पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया था.
सुरक्षाबलों ने 16 नक्सलियों को किया ढेर, CM साय ने जवानों की बहादुरी को सराहा, कहा- नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में आज हुई मुठभेड़ में अब तक 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इस ऑपरेशन में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के दो जवान घायल हुए हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऑपरेशन की सफलता पर जवानों की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘X’ पर लिखा, नक्सलवाद के नासूर को खत्म करने की दिशा में छत्तीसगढ़ के बढ़ते कदम… सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में सुरक्षाबलों की नक्सलियों के साथ आज जारी मुठभेड़ में अब तक 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मुठभेड़ में डीआरजी के 2 जवान के घायल होने की खबर है। ईश्वर से शीघ्रातिशीघ्र उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।
मानवता विरोधी नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों की मांद में घुसकर उसको जड़ से खत्म करने का काम कर रहे हैं। निश्चित ही जवानों को मिली यह कामयाबी सराहनीय है, उनकी बहादुरी को नमन करता हूं। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप हमारा छत्तीसगढ़ 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
देखें CM साय की एक्स पोस्ट

14 महीनों में 333 नक्सली ढेर, ऑपरेशन तेज
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान को और तेज कर दिया है। पिछले 14 महीनों में 63 मुठभेड़ों में 333 नक्सली मारे जा चुके हैं। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों को कई अहम दस्तावेज भी मिले हैं, जो नक्सली संगठनों के खिलाफ रणनीति बनाने में मददगार साबित हो रहे हैं।
नक्सलवाद का खात्मा बस्तर के विकास की ओर एक बड़ा कदम
गौरतलब है कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद बस्तर की जनता को शांति और सुरक्षा का अनुभव होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बस्तर का विकास तेजी से होगा। छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य पूरी तरह नक्सल मुक्त नहीं हो जाता।
1 लाख तक के सामान की ट्रांसपोर्टिंग पर मिली E-Way Bill में छूट, नोटिफिकेशन जारी…
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए 1 लाख तक के सामान की ट्रांसपोर्टिंग में E-Way Bill में छूट दी है. इस संबंध में आज नोटिफिकेशन जारी किया गया है.
नोटिफिकेशन में बताया गया कि पान मसाला, तम्बाकू और तम्बाकू उत्पाद, विनियरिंग शीट्स, लेमिनेटेड शीट, पार्टिकल बोर्ड, फाइबर बोर्ड, प्लाईवुड, आयरन एंड स्टील, आयरन एंड स्टील के सामान और कोयला को 50 हजार रुपए की श्रेणी में रखा गया है. इसके अलावा अन्य सामान की ट्रांसपोर्टिंग 1 लाख रुपए से अधिक होने पर E-Way Bill देना पड़ेगा.
व्यापारियों ने सरकार से की थी मांग
चेंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी ने बताया कि चेंबर और कैट ने छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए सरकार से मांग की थी, जिस पर अब सरकार ने अमल किया है. हम सरकार के इस कदम की सराहना करते हैं.

डोंगरगढ़ में सज रहा मां का दरबार, चैत्र नवरात्र में उमड़ेगा आस्था का सैलाब…
डोंगरगढ़। घने जंगलों और ऊंची पहाड़ियों के बीच बसा डोंगरगढ़ एक बार फिर नवरात्र महोत्सव के लिए तैयार है. चैत्र नवरात्र 30 मार्च से 6 अप्रैल तक रहेगा, यानी इस बार नवरात्र 8 दिनों का होगा और इस दौरान लाखों श्रद्धालु मां बमलेश्वरी के दर्शन के लिए यहां पहुंचेंगे. पर्व की भव्यता को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट, जिला प्रशासन, रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां व्यापक इंतजाम कर रही हैं. मंदिर परिसर को भव्य रोशनी रंगबिरंगी झालरों और फूलों से सजाया गया है. दर्शनार्थियों के लिए रोपवे सेवा केवल दिन में उपलब्ध रहेगी, जिसका किराया ₹100 (आना-जाना) और ₹70 (सिर्फ एकतरफा) तय किया गया है. सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करने के लिए इस बार 1200 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है.


डोंगरगढ़ का पौराणिक महत्व
मां बमलेश्वरी का यह मंदिर हजारों वर्षों से आस्था का केंद्र है. इसे लेकर दो प्रमुख पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं…..
पहली कथा राजा कामसेन से जुड़ी है, जिनकी घनघोर तपस्या से प्रसन्न होकर माँ बगलामुखी यहां प्रकट हुईं. राजा ने माता से विनती की कि वे पहाड़ों से नीचे भी विराजें ताकि सभी भक्त आसानी से उनकी आराधना कर सकें. माता ने राजा की भक्ति स्वीकार की और एक रूप में पहाड़ी पर बड़ी बमलेश्वरी और दूसरे रूप में समतल भूमि पर छोटी बमलेश्वरी के रूप में स्थापित हो गईं. समय के साथ उनका नाम बमलेश्वरी पड़ गया.
दूसरी कथा राजा विक्रमादित्य से जुड़ी है. कहा जाता है कि डोंगरगढ़ के राजा कामसेन के दरबार में संगीतकार माधवनल और नर्तकी कामकंदला प्रेम में पड़ गए. प्रेम प्रसंग का राज खुलने पर माधवनल को राज्य से निष्कासित कर दिया गया. उसने उज्जैन के राजा विक्रमादित्य से शरण ली, जिन्होंने कामसेन पर आक्रमण कर दिया. भयंकर युद्ध के बाद विक्रमादित्य विजयी हुए, लेकिन जब उन्होंने प्रेम की सच्चाई परखनी चाही, तो कामकंदला ने तालाब में कूदकर जान दे दी, और यह जानकर माधवनल की भी मृत्यु हो गई. इससे विक्रमादित्य व्यथित हो गए और उन्होंने माँ की तपस्या की. माँ बमलेश्वरी प्रसन्न हुईं और दोनों प्रेमियों को पुनर्जीवन दिया. तभी से यह स्थान प्रेम, आस्था और शक्ति का केंद्र बना हुआ है.


विशेष अनुष्ठान और आयोजन
पहाड़ के ऊपर स्थित माता के मंदिर में 7500 दीप और नीचे मंदिर में 900 आस्था के दीप जलाए जाएंगे. जिसकी राशि छोटी माता मंदिर में 2100 रुपए और बड़ी माता मंदिर में 1100 रुपए जमा कर श्रद्धालु मंदिर में दीपक जला सकते हैं. मंदिर में केवल तेल का दीपक जलाया जाता है, घी के दिये जलाने पर रोक लगाई गई है.” मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा पूरे नवरात्र शतचंडी महायज्ञ और दुर्गा सप्तशती पाठ का आयोजन किया जाएगा. अष्टमी को हवन और पूर्णाहुति, जबकि नवमीं को ज्योति विसर्जन किया जाएगा.
