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विष्णु देव सरकार की सुशासन वाली छवि गढ़ने में मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद का अहम योगदान, लाइम लाइट से दूर रहकर करते हैं काम …
रायपुर। साय सरकार की सांय-सांय वाली छवि लोगों की जुबान पर है. इस छवि को गढ़ने में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सचिव के साथ जनसंपर्क सचिव के रूप में पी दयानन्द की महत्वपूर्ण भूमिका है. सरल, सहज छवि के अधिकारी दयानंद लाइम लाइट से दूर रहकर अपना काम करते हैं.
पी दयानन्द मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के भरोसेमंद अधिकारी हैं. इसलिए मुख्यमंत्री के शपथ लेने के पश्चात पहला आदेश पी दयानन्द का ही निकाला गया. मुख्यमंत्री को पूरा भरोसा है कि उनके लम्बे प्रशानिक अनुभव और काबिलियत का लाभ सरकर को मिलेगा इसमें संदेह नहीं कि दयानन्द परदे के पीछे रहकर अपने कार्य को बखूबी अंजाम देते हैं.
वे अपने प्रशासनिक कसावट और विकास को गति देने में, दोनों कार्यों में समन्वय करते हुए सरकार की नई छवि गढ़ रहे हैं. अभी राज्योत्सव और सरकार के एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर “सुशाशन का एक साल छत्तीसगढ़ हुआ खुशहाल’ के स्लोगन के साथ सरकर की उपलब्धि को जनता तक पहुँचाने में सफल हुए. दयानन्द जनसंपर्क विभाग के सचिव भी हैं, इसलिए प्रचार प्रसार का दायित्व भी उन्हीं के कंधो पर है.
राज्य में मोदी की गारंटी के तहत जनता से किए गए वादों को पूरा करने और उसे जनता तक पहुंचाने के लिए बेहतर प्रयास किये गए. शासन की महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि की सकारात्मक कहानियाँ भी आम लोगों तक पहुंचाई गई. सरकार की एक साल की उपलब्धि से प्रदेश के जनमानस में विकास की सकारात्मक माहौल अब धरातल पर दिखने लगा है.
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई: बीजापुर में FIR और निलंबन, रायपुर में 5 अधिकारी सस्पेंड
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास कार्यों में अनियमितता और लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही करते हुए जीरो टॉलरेंस का परिचय दिया है। राज्य शासन ने सड़क निर्माण और ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गड़बड़ी, लापरवाही, गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर सख्ती बरतते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध बीजापुर से लेकर रायपुर तक कड़ी कार्रवाई की है। राज्य शासन ने बीजापुर में सड़क निर्माण में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार, मिलीभगत, शासकीय राशि के अपव्यय और गुणवत्ताहीन कार्यों के दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के साथ ही निलंबन की भी कार्रवाई की है। एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। वहीं रायपुर में मोवा ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
राज्य में भ्रष्टाचार और गडबड़ी पर जीरो टॉलरेंस पर अमल करते हुए सरकार ने आज कई अधिकारियों के विरूद्ध बड़ी कार्रवाई की है। बीजापुर में आर.आर.पी.-1 (एल.डब्ल्यू.ई.) योजना के अंतर्गत 54.40 किमी लंबाई के अति महत्वपूर्ण प्रगतिरत नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य के संबंध में गठित जाँच दल से प्राप्त प्रतिवेदन में पाई गई गड़बड़ियों के गंभीर होने एवं संबंधित अधिकारियों के मिलीभगत होने के कारण सड़क निर्माण में शासकीय राशि के अपव्यय, गबन, त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन प्रतिवेदन देने एवं ठेकेदार/निर्माण एजेंसी के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य हैं। राज्य शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य में गड़बड़ियों, गंभीर भ्रष्टाचार, मिलीभगत कर शासकीय राशि के अपव्यय एवं जानबूझकर गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य किए जाने के कारण तत्कालीन कार्यपालन अभियंता बी.एल. ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी आर.के. सिन्हा और उप अभियंता जी.एस. कोड़ोपी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं अन्य सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराकर तत्काल लोक निर्माण विभाग को सूचित करने के निर्देश बस्तर परिक्षेत्र, जगदलपुर के मुख्य अभियंता को दिए हैं।
नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य के संबंध में गठित जाँच दल द्वारा बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एवं बस्तर मंडल के अधीक्षण अभियंता के साथ विगत 8 जनवरी और 9 जनवरी को कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई कमियां पाई गईं। मार्ग के निर्माण कार्य में 29.00 किमी से 32.00 किमी एवं 50/10 तक कुल 4.20 किमी बी.टी. (OGPC+SEAL COAT) कार्य में अधिकांश जगह सील कोट (SEAL COAT) उखड़ गए हैं, जो डी.एल.पी. 06/2025 तक में है। किमी 41/2 से 50/10 मार्ग के विभिन्न फर्लांग (Furlong) में 41/10, 42/2, 42/6, 42/8, 42/10, 43/2, 43/4, 43/8, 44/6, 44/8, 45/4, 45/6, 45/8, 45/10, 46/6, 47/2, 47/10 एवं 50/8 सड़क सतह सिंक पोथोल्स (SINK POTHOLES) उत्पन्न हो गए हैं, जो डी.एल.पी. 06/2025 तक में है। किमी 28/4, 30/6 एवं 40/2 में पुल के एप्रोच स्लैब अपर्याप्त मोटाई (Inadequate Thickness) एवं बिना रिइनफोर्समेंट (Reinforcement) के बैक फीलिंग मटेरियल (Back filling material) के कमजोर कॉम्पेक्शन (Poor compaction) होने से सेटल्ड (Settled) हो गया है। इस प्रकार निर्धारित मानक एवं मापदण्ड का पालन किए बिना ही कार्य कराया जाकर अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंता द्वारा अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इस पर कठोर कार्रवाई करते हुए विभाग ने अनुविभागीय अधिकारी आर.के. सिन्हा, और उप अभियंता जी.एस. कोड़ोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
लोक निर्माण विभाग ने नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य में निर्धारित मानक एवं मापदण्ड का पालन किए बिना ही कार्य कराए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता को गंभीर कदाचार मानते हुए बीजापुर के सेवानिवृत्त प्रभारी कार्यपालन अभियंता बी.एल. ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें जारी नोटिस में विभाग ने कहा है कि क्यों न उक्त कृत्य के लिए आपके विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। उन्हें इस संबंध में अपना लिखित प्रतिवाद नोटिस प्राप्ति के 15 दिवस की समयावधि में प्रस्तुत करने को कहा गया है। लिखित प्रतिवाद निर्धारित समयावधि में प्राप्त नहीं होने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
मोवा ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गडबड़ी पर पांच अधिकारी निलंबित, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्य का निरीक्षण कर जांच के दिए थे आदेश
लोक निर्माण विभाग ने रायपुर के मोवा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य तथा अनियमितता पर भी बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद विभाग ने पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
ओवरब्रिज में डामरीकरण कार्य में शिकायतों का संज्ञान लेकर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कार्य का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर गुणवत्ताहीन कार्य/खराबी पाई थी। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र, रायपुर के मुख्य अभियंता द्वारा केन्द्रीय गुणवत्ता एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, लोक निर्माण विभाग, रायपुर से जांच प्रतिवेदन प्राप्त की गई, जिसमें औसत बिटुमिन कंटेंट, कंबाईन्ड डेन्सिटी, मटेरियल के ग्रेडेशन मानक स्तर से कम पाया गया। इस प्रकार अमानक स्तर एवं गुणवत्ता के मापदण्डों का पालन किए बिना ही डामरीकरण का कार्य कराया जाकर कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंताओं द्वारा अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने कार्यपालन अभियंता विवेक शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी रोशन कुमार साहू तथा उप अभियंता राजीव मिश्रा, देवव्रत यमराज और तन्मय गुप्ता को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में इन सभी का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने गुणवत्ताहीन कार्य के लिए ठेकेदार केशवदास आर. जादवानी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. विभाग ने ठेकेदार को जारी नोटिस में कहा है कि ओवरब्रिज में डामरीकरण के बाद यातायात प्रारंभ होने पर गिट्टी निकलने लगी जिससे कार्य की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ा. इसमें ठेकेदार की लापरवाही स्पष्ट परिलक्षित होती है. इसके लिए मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग, सेतु परिक्षेत्र रायपुर द्वारा ठेकेदार के पंजीयन को निलंबित/पदावनत करने की अनुशंसा की गई है.
विभाग ने नोटिस में ठेकेदार को कहा है कि आपका कृत्य शासन एवं लोकहित के विपरीत है. इसलिए क्यों न इस कृत्य के लिए आपके पंजीयन को निरस्त, पदावनत, निलंबित किया जाए? ठेकेदार को कारण बताओ सूचना का जवाब 15 दिन के अंदर प्रमुख अभियंता कार्यालय को प्रस्तुत करने कहा गया है. दी गई समयावधि में उत्तर प्राप्त नहीं होने की स्थिति में इस संबंध में ठेकेदार को कुछ नहीं कहना है, यह मानकर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी.

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की बड़ी बैठक समाप्त, आयुक्त अजय सिंह ने कहा- चुनाव के बीच बोर्ड परीक्षा नहीं होगी प्रभावित
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर पालिका और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के संबंध में आज नवा रायपुर स्थित निर्वाचन भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक की. यह बैठक राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर और उप निर्वाचन पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शामिल हुए. इस बैठक में चुनाव के मद्देनजर कई मुद्दों में विस्तृत चर्चा हुई.
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बैठक के बाद बताया कि प्रदेश के मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, आईजी, एसपी और कलेक्टर कमिश्नर की बैठक बुलाई थी. वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन की समीक्षा की गई है. चुनाव कितने चरणों में किया जाए फोर्स की दृष्टि से इस विषय पर जिलों से फीडबैक मांगा गया है. उन्होंने कहा कि 1 मार्च से बोर्ड एग्जाम शुरू होने वाला है हमारा यह प्रयास रहेगा बोर्ड एग्जाम में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो. टीचर और छात्रों के लिए समय पर एग्जाम होना बहुत महत्वपूर्ण है.
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे ने कहा कि आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा हुई है. मतदान केंद्र, मतदान कर्मी, सुरक्षा और मतदाता सूची को लेकर चर्चा की गई. मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के लिए तैयारी पूरी हो गई है. जिला निर्वाचन अधिकारियों से इस विषय पर चर्चा हुई है. निष्पक्ष मतदान करने के लिए भी दिशा निर्देश दिया गया है. संवेदनशील अति संवेदनशील बूथों को चिन्हांकित कर सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं. सुरक्षा के मद्दे नजर इंटेलिजेंस और पुलिस से इनपुट लिया गया है कि कितने चरणों में चुनाव कराया जा सकता है. बोर्ड परीक्षा प्रभावित ना हो यही प्रयास रहेगा.
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह का विभिन्न कार्यालयों में औचक निरीक्षण, ड्यूटी में लापरवाही को लेकर पर कर्मचारियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
रायपुर। कलेक्टर ने अनुपस्थित कर्मचारियों के बारे में जानकारी ली और बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने नगर निगम पहुंचकर “निष्ठा ऐप” की जानकारी ली और कर्मचारियों से हितग्राहियों के प्रति संवेदनशीलता से व्यवहार करने के निर्देश दिए.

डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि सभी कर्मचारियों को सुबह 10 बजे तक कार्यालय आना अनिवार्य है और उन्हें शाम 5:30 बजे से पहले कार्यालय नहीं छोड़ने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि अनुपस्थिति के मामले में वेतन कटौती की जाएगी. इसके साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कर्मचारियों के टेबल पर नाम पट्टिका लगी हो, ताकि उनकी पहचान आसानी से हो सके.

कलेक्टर ने कर्मचारियों से समस्याएं पूछी और निगम कार्यालय की व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव भी मांगे. उन्होंने कार्यालयों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा और सभी कर्मचारियों को हेलमेट पहनने तथा कार में सीट बेल्ट लगाने की सलाह दी.


डॉ. सिंह ने कहा कि प्रत्येक शुक्रवार को कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए बैठक आयोजित की जाएगी और सभी कर्मचारियों को पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाएगा.

इसके बाद कलेक्टर पंडरी स्थित जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने चिकित्सकों से समय पर उपस्थित होने और मरीजों का उचित इलाज सुनिश्चित करने की बात की. उन्होंने लैब में रिजेंट की उपलब्धता की भी जानकारी ली और कहा कि मरीजों की जांच ठीक से की जाए.

इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर अबिनाश मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप भी उपस्थित रहे.
राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का तबादला, वेदव्रत सिरमौर बनाए गए पर्यटन मंडल के महाप्रबंधक, आदेश जारी
रायपुर। राज्य पुलिस सेवा के 2 अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर लेते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. एडिशनल एसपी दुर्ग वेदव्रत सिरमौर को पर्यटन मंडल का महाप्रबंधक बनाया गया है. वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार पटेल को उप परिवहन आयुक्त बनाया गया है.
देखिए सूची-

सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार : SDO और उप अभियंता निलंबित, प्रभारी कार्यपालन अभियंता से PWD ने मांगा जवाब, दोषियों के खिलाफ FIR के दिए निर्देश
रायपुर। बीजापुर के धुर नक्सल इलाके में नेलसनार से मिरतूर- गंगालूर सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करने पर ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने अपने साथियों के साथ मिलकर पत्रकार मुकेश की हत्या की थी. सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए SDO आरके सिन्हा और उप अभियंता जीएस कोड़ोपी को निलंबित किया है. वहीं प्रभारी कार्यपालन अभियंता बीएल ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है.
इसके अलावा इस मामले में बीएल ध्रुव तत्कालीन कार्यपालन अभियंता, आरके सिन्हा अनुविभागीय अधिकारी, उप अभियंता जीएस कोड़ोपी एवं अन्य के खिलाफ तत्काल एफआईआर के निर्देश दिए हैं.
बता दें कि बीजापुर जिले के नेलसनार से मिरतूर- गंगालूर सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करने पर पत्रकार मुकेश को अपनी जान गवानी पड़ी थी. बिना काम के ठेकेदार को जारी हुई करोड़ों की राशि के बाद अफसर भी सवालों के घेरे में आ गए हैं. हत्याकांड के बाद इस सड़क की तीन बार जांच हो चुकी है. उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भी भेज दी गई है.
ठेकेदार ने साथियों के साथ मिलकर की थी मुकेश की हत्या
बीजापुर के पत्रकार मुकेश की हत्या सड़क के भ्रष्टाचार उजागर करने पर ठेकेदार सुरेश चन्द्राकर, अपने दो भाइयों और स्टाफ वर्कर के साथ मिलकर की थी. एक जनवरी को जघन्य रूप से हत्याकर शव को सेप्टिक टैंक डालकर चिनवा दिया था. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आरोपी ठेकेदार सुरेश चन्द्राकर की विभागीय साठगांठ ऐसी थी कि अभी इस सड़क में मात्र 2 पार्ट मतलब 4 किलोमीटर की सड़क पूर्ण और शेष 28 किलोमीटर की सड़क अधूरी है, लेकिन ठेकेदार ने सांठगांठ कर 90% राशि 116 करोड़ रुपए अनुबंध राशि से आहरण कर लिया था.


राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों का तबादला, देखिए लिस्ट-
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव के पहले राज्य शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है. राज्य प्रशासनिक सेवा के 60 अधिकारी इस तबादला सूची में शामिल हैं.
देखिए सूची-




मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के श्रमिकों के हित में अनेक योजनाएं हो रही हैं संचालित - श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन
रायपुर। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन आज शुक्रवार को शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में 78 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खाते में 31.81 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से अंतरित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव की सरकार में प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को लगातार योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। इस अवसर पर अपर आयुक्त श्रम एस. एल. जांगड़े, श्रम कल्याण मंडल के सचिव अभिषेक पांडेय, उपायुक्त श्रम विभाग श्री पैकरा, सहायक श्रमायुक्त आर. के. प्रधान सहित श्रमिक उपस्थित थे।
इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के श्रमिकों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है, जिसका सीधा लाभ श्रमिक भाई-बहनों को मिल रहा है। श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि आगामी शिक्षा सत्र से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रमिकों के बच्चों को दाखिला दिलाया जाएगा, जिसका खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा। मजदूर का बच्चा मजदूर न रहे और पढ़ लिखकर अपना बेहतर मुकाम हासिल कर सके। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर 17 सितम्बर को राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीबीटी के जरिए श्रमिकों के खाते में राशि अंतरित की थी। आज पांचवीं बार श्रमिकों के खाते में राशि हस्तांतरित की जा रही है। मुख्यमंत्री की सोच है कि समय-समय पर शासन की योजनाओं का लाभ श्रमिकों को मिले इस दिशा में सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को लगातार योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। श्रम विभाग के तीनों मंडल-छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है की 17 सितम्बर 2024 से 17 जनवरी 2025 तक 3 लाख 26 हजार श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 430 करोड़ 03 लाख रूपए अंतरित किये जा चुके हैं।

कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत मुकुल कुमार साहू, कुमारी पल्लवी वर्मा, मुकेश तिवारी को 15-15 हजार रूपए, गौरव देवांगन को तीन हजार रूपए के सहायता राशि के चेक प्रदान किया। निःशुल्क सायकल वितरण योजना प्रियंका फ्रांसिस 3706 रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत मंगली कोठले को एक लाख रूपए एवं मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना खिरो नायक को 20 हजार रूपए का चेक प्रदाय किया गया।
बिचौलिए के खिलाफ कार्रवाई जारी : किराना दुकान की आड़ में डंप किया लाखों का धान, टीम ने मारा छापा
तखतपुर। क्षेत्र में लगातार बिचौलिए के खिलाफ कार्रवाई जारी है. अवैध धान भंडारण पर राजस्व एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने फिर 230 बोरी अवैध धान जब्त दुकान को सील किया है. किराना दुकान की आड़ में दुकानदार ने लाखों का धान डंप करके रखा था. पूरा मामला तखतपुर विधानसभा के भीमपुरी का है.
साय सरकार 31 सौ रुपए समर्थन मूल्य पर धान खरीद रही है. इसके चलते तखतपुर क्षेत्र में बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं और किसानों का धान खरीदकर मंडी में बेचने की जुगत में हैं. वहीं इस मामले में प्रशासन भी मुस्तैदी से कार्रवाई कर रही है.
इस मामले में तखतपुर मंडी सचिव निक्की चौबे ने बताया कि अवैध धान भंडारण की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसमें राजस्व और मंडी विभाग की संयुक्त टीम छापामार कार्यवाही की. किराना दुकान में 230 बोरी धान का भंडारण मिला, जिसकी वैध दस्तावेज मांगा गया, लेकिन कोई दस्तावेज नहीं दिखाने पर धान को जब्त कर दुकान को सील किया गया. आगे भी अवैध धान भंडारण पर कार्रवाई जारी रहेगी.
नगरीय निकायों के पेंशनर्स के महंगाई राहत में वृद्धि, 1 अक्टूबर 2024 की तिथि से मिलेगा लाभ
रायपुर। राज्य शासन ने नगरीय निकायों के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स के महंगाई राहत में वृद्धि की है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सातवें वेतनमान के अनुसार पेंशन प्राप्त करने वालों की महंगाई राहत में चार प्रतिशत और छटवें वेतनमान के अनुसार पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर्स के महंगाई राहत में नौ प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। दोनों वेतनमानों के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को 1 अक्टूबर 2024 से इस वृद्धि का लाभ दिया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद आज विभाग ने मंत्रालय से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य शासन द्वारा महंगाई राहत में बढ़ोतरी के बाद सातवें वेतनमान और छटवें वेतनमान के पेंशनर्स का महंगाई राहत क्रमशः 50 प्रतिशत और 239 प्रतिशत हो जाएगा। वर्तमान में सातवें वेतनमान के पेंशनर्स को 46 प्रतिशत और छटवें वेतनमान के पेंशनर्स को 230 प्रतिशत महंगाई राहत दी जा रही है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी में विकास कार्यों का किया भूमिपूजन, निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण कर लोगों की समस्याएं भी सुनीं
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव लगातार फील्ड में उतरकर विकास कार्यों के जमीनी हालात का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने गुरूवार को मुंगेली जिले के लोरमी नगर पालिका के तुलसाघाट वार्ड में निर्मित सीसी रोड का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क की गुणवत्ता को लेकर लोगों से चर्चा कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। श्री साव ने वार्ड में 14 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सड़क का भूमिपूजन भी किया। वहां 80 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने तुलसाघाटवासियों की मांग पर मनियारी नदी पर पुल बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने लोरमी नगर पालिका के वार्ड-15 में निर्माणाधीन सतनाम भवन का जायजा लेकर अधिकारियों को समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी हाईस्कूल मैदान में 44 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि स्कूल में 25 लाख रुपए से अधिक की लागत से बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जाएगा। शहर के खिलाड़ियों की सुविधा के लिए 19 लाख रुपए की लागत से अच्छी रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। लाइट लगने से मैदान में रात में भी विविध धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने लोरमी शहर के विकास के लिए पिछले एक साल में ही 53 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव अपने लोरमी प्रवास के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर पूर्व माध्यमिक शाला झाफल के वार्षिकोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने वहां सांस्कृतिक मंच का लोकार्पण भी किया। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के लिए दस लाख रुपए और झाफल गंगा नगर में नवधा रामायण मंच निर्माण के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा की। श्री साव दशरथलाल अमरीका बाई आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय बंधवा में युवा सम्मान एवं वार्षिकोत्सव में भी शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित कर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कार्यक्रम में एकलव्य स्कूल से दशरथलाल स्कूल तक सीसी रोड निर्माण एवं स्वेच्छानुदान से राशि देने की घोषणा की।



तहसील दफ्तर में एसीबी की दबिश, आरआई को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
भानुप्रतापपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की लगातार कार्रवाई जारी है. आज कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल तहसील कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दबिश देकर आरआई को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
जानकारी के मुताबिक, ग्राम महेंद्रपुर निवासी नरसिंह उयके की 10 डिसमिल जमीन डायवर्सन की रिपोर्ट बनाने दुर्गूकोंदल आईआई संतोष टोप्पो ने 50 हजार रुपए की मांग की थी. प्रार्थी को आरआई डायवर्सन रिपोर्ट बनाने 3 महीने से घूमा रहा था. इससे परेशान होकर प्रार्थी ने एसीबी से शिकायत की थी.
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना : बिजली उपभोक्ताओं के लिए बनी वरदान, मुफ्त बिजली का उठा रहे हैं लाभ…
महासमुंद। केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने महासमुंदवासियों के लिए वरदान साबित हो रही है. जो उपभोक्ता प्रति माह 6 हजार से 12 हजार रुपए का बिजली बिल भरते थे, वे अब इस योजना के तहत अपने छत पर सोलर पैनल लगाकर मुफ्त बिजली बिल का लाभ उठा रहे हैं, यही नहीं दूसरे लोगों को लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त योजना के तहत जिले मे 1159 लोगों ने अपना पंजीयन कराया है, और 800 लोगों ने अपना आवेदन जमा करा दिया है. जिले के 7 हितग्राहियों के खातों में सरकार की सब्सिडी भी आ चुकी है. लाभ लेने वालों में से एक लक्ष्मीकांत पाणिग्रही के घर में 8 किलोवाट का कनेक्शन है, और इनका प्रति माह 6 हजार से 12 हजार का बिल आता था.
इन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगभग साढ़े तीन लाख रुपए का 6 किलोवाट का सोलर पैनल अपने छत पर लगाया. अब इनका बिल न के बराबर आ रहा है. सोलर पैनल लगवाने के एक माह में सरकार द्वारा 78 हजार रुपए का अनुदान भी मिल चुका है.

इसी प्रकार ज्योति विश्वास ने भी 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगाया. इनका बिजली बिल पहले 2700 रुपए प्रति माह आता था, पर अब मात्र 15 रुपए आ रहा है. इनके भी एकाउंट में सरकार का 78 हजार का अनुदान आ चुका है. लाभ प्राप्त कर रहे हितग्राहियों का कहना है सरकार की यह अच्छी योजना है, और इसका लाभ सभी को लेना चाहिए.

इस पूरे मामले मे कलेक्टर विनय कुमार लंगेह का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एक मुफ्त बिजली योजना है. जिसके तहत अपने छत पर सोलर पैनल लगाने से 300 यूनिट मुफ्त बिजली ले सकते हैं. जिसके लिए सरकार अलग-अलग किलोवाट पर 30 हजार से 78 हजार तक अनुदान देती है.
गुम हुए मोबाइल पाकर खिले लोगों के चेहरे : मुंगेली पुलिस ने लौटाए 130 मोबाइल, एसपी ने साइबर अपराध से बचने लोगों को किया जागरूक
मुंगेली। पुलिस की विशेष टीम ने 20 लाख से अधिक के 130 नग मोबाइल फोन रिकव्हर कर मोबाइलधारकों को वापस लौटाया है. पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने CEIR Online Portal से जानकारी एकत्रित कर जिले में संचालित मोबाइल के साथ अन्य सीमावर्ती जिलों व उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, ओडिशा आदि राज्यों से भी मोबाइल फोन रिकव्हर करने में सफलता प्राप्त की है।
गुम मोबाइल ट्रेस करने के लिए CEIR Online Portal (https://www.ceir.gov.in) सेवा सरकार की ओर से संचालित की जा रही है, जिसमें नागरिक अपने गुम हुए मोबाइल की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराकर उसे ब्लॉक करा सकते हैं. पोर्टल पर दर्ज गुम मोबाइल की शिकायत घटना क्षेत्र अनुसार साइबर सेल एवं थाना के पोर्टल पर फॉरवर्ड की जाती है, जिस पर ट्रेसिबिलिटी डेटा प्राप्त कर पुलिस आगे की कार्यवाही करती है.

ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से मुंगेली पुलिस को बहुत से आवेदन प्राप्त हुए थे. मोबाइल रिकव्हरी के लिए पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भापुसे) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी मुंगेली सालिक राम घृतलहरे के पर्यवेक्षण में टीम गठित की गई है. निरीक्षक संजय सिंह प्रभारी साइबर सेल के नेतृत्व में टीम लगातार खोजबीन कर एक्टिव हुए मोबाइलों में से 130 नग मोबाइल को ढूंढने में कामयाब हुई, जिनकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपए है. इन मोबाइलों से सरहदी जिले बिलासपुर, जांजगीर-चाँपा, रायपुर, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कवर्धा व दीगर राज्य उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, ओडिशा से रिकवर कर उनके वास्तविक मालिकों को साइबर सेल मुंगेली, थाना सिटी कोतवाली परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर वापस लौटाकर उन्हें “नव-वर्ष” का तोहफा दिया गया. अन्य एक्टिव ट्रेसिबल मोबाइलों को रिकव्हर किया जा रहा है.

मोबाइल गुम होने पर यहां करें शिकायत
जिले के पुलिस कप्तान भोजराम पटेल ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को साइबर अपराध संबंधी पॉम्प्लेट वितरित कर साइबर अपराध की प्रकृति एवं खतरे के विषय में जानकारी दी. इसमें मुख्यतः डिजिटल अरेस्ट, डॉट एपीके फाईल, सेक्सटॉर्शन, मोबाइल हैकिंग इत्यादि विषयों पर जानकारी दी गई. साइबर अपराध घटित होने पर तत्काल इसकी शिकायत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके, ऑनलाईन पोर्टल पर लॉगिन करके या फिर अपने नजदीकी थाना जाकर शिकायत दर्ज कराने की समझाइश भी दी गई.
CM साय की मौजूदगी में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन के लिए हुआ MOU, 6 संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 70 मीट्रिक टन कंप्रेस्ड बायोगैस का होगा उत्पादन
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ पर्यावरण और नेट जीरो एमिशन के लक्ष्य को पाने की दिशा में बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, गेल इंडिया लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और प्रदेश के 6 नगर निगमों के बीच ऐतिहासिक त्रिपक्षीय एमओयू संपन्न होने के अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं को इस विशेष एमओयू के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि यह कदम स्वच्छता, ऊर्जा उत्पादन और सतत विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान दिलाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में आज एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ रही है। छत्तीसगढ़ में सतत योजना के अंतर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी और इसी पहल के माध्यम से देशवासियों में अपने परिवेश की स्वच्छता को लेकर व्यापक चेतना आई थी। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में स्वच्छता को लेकर बेहतर काम हो रहे हैं। नगरीय निकायों में इन संयंत्रो की स्थापना से शहरों को स्वच्छ-सुंदर बनाने का हमारा संकल्प पूरा होगा। जैव ईंधन के रूप में बायोगैस के उत्पादन से हमारी ऊर्जा की आवश्यकता भी पूरी होगी और वेस्ट टू एनर्जी की परिकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने एमओयू में शामिल सभी संस्थाओं से संयंत्र की स्थापना के कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का करने को कहा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस एमओयू से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता जैसे बड़े उद्देश्य की पूर्ति के साथ-साथ रोजगार भी सृजित होंगे। भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से यह कार्य पूरा होगा और इस क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता का लाभ भी हमें मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में बड़े निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश में स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है और शहरों के लिए आज यह बहुत महत्वपूर्ण विषय हो गया है। हमारा लक्ष्य है कि नगर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बने और भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू से यह कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण होगा। एमओयू के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस, गेल इंडिया, बीपीसीएल, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण और 06 नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सतत् योजना(Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) के अंतर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट से जैव ईंधन जैसे कि कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के निरंतर प्रयास से नगर पालिक निगम अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, राजनांदगांव और धमतरी में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना हेतु सीबीडीए, गेल एवं बीपीसीएल के साथ आज त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इनमें नगर पालिक निगम अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा और सीबीडीए एवं गेल इंडिया लिमिटेड के बीच तथा नगर पालिक निगम बिलासपुर, धमतरी, राजनांदगांव और सीबीडीए एवं भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बीच समझौता हुआ।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
इस एमओयू के माध्यम से 6 नगर पालिक निगमों के लगभग 350 मीट्रिक टन प्रतिदिन नगरीय ठोस अपशिष्ट एवं लगभग 500 मीट्रिक टन अधिशेष बायोमास का उपयोग जैव ईंधन उत्पादन के लिये किया जावेगा। इन 06 संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 70 मीट्रिक टन कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन होगा। इन परियोजनाओं में लगभग 600 करोड़ रुपये का निवेश पूर्ण रूप से GAIL और BPCL द्वारा किया जाएगा। इसी प्रकार संयंत्रों से होने वाले उत्पादन और बिक्री से राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 6 करोड़ रुपये का जीएसटी प्राप्त होगा।
स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और नेट जीरो एमिशन की दिशा में अग्रसर होगा प्रदेश
एमओयू के फलस्वरूप संयंत्रों की स्थापना से उत्पन्न सह-उत्पाद से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। कचरे के प्रभावी निपटान से ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कमी आएगी और छत्तीसगढ़ नेट जीरो एमिशन प्राप्ति की दिशा में अग्रसर होगा।
धान खरीदी में अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई : समिति के चार कर्मचारी निलंबित, अपेक्स बैंक के पर्यवेक्षक भी हटाए गए, दोषियों के खिलाफ होगी FIR
रायगढ़। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के निर्देश पर संयुक्त जांच दल जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर रहा है. इसी के तहत रायगढ़ जिले के विकासखंड तमनार अंतर्गत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, तमनार के धान खरीदी केन्द्र तमनार के भौतिक सत्यापन में गंभीर अनियमितता सामने आई है. जांच के दौरान 6529 बोरी (2611.60 क्विंटल) धान मौके पर कम पाया गया एवं ऑनलाइन में उपलब्ध बारदानों के विरूद्ध 4054 नए बारदाने अधिक और 5980 पुराने बारदाने कम पाए गए. धान एवं बारदाना में अनियमितता बतरने पर कलेक्टर गोयल के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई करते हुए दोषी कर्मचारियों को निलंबित किया गया है. साथ ही FIR की कार्यवाही भी की जा रही है.
उपआयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं रायगढ़ ने बताया कि धान खरीदी केन्द्र तमनार का भौतिक सत्यापन 15 जनवरी 2025 को संयुक्त टीम ने किया, जिसमें धान स्टॉक 6529 बोरी (2611.60 किंवटल) की कमी पाई गई. ऑनलाइन में उपलब्ध बारदानों के विरूद्ध 4054 नए बारदाने अधिक पाए गए. 5980 पुराने बारदानें कम पाए गए. शासन को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंचाने के इस मामले में कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के निर्देशानुसार 04 कर्मचारियों- सहायक समिति प्रबंधक निलाद्री पटनायक, कम्प्यूटर आपरेटर मधुबाला पटनायक, फड़ प्रभारी भरतलाल राठिया और बारदाना प्रभारी शिवशंकर भगत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. धान खरीदी केन्द्रों का सतत् निरीक्षण पर्यवेक्षक अपेक्स बैंक द्वारा किया जाता है. वस्तु स्थिति का सही पर्यवेक्षण नहीं किये जाने के कारण पर्यवेक्षक, अपेक्स बैंक परिक्षेत्र तमनार के सुरेन्द्र साव को हटा दिया गया है.

समिति के कृषक सदस्यों के संचित शेयर को पहुंचाया नुकसान
भौतिक सत्यापन के दौरान कम पाए गए 2 हजार 611.60 क्विंटल धान जिसकी भुगतान राशि 80 लाख 95 हजार 960 रुपए होता है, जो आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित तमनार के कार्यक्षेत्र अंतर्गत शामिल समस्त 1396 कृषक सदस्यों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हितों को प्रभावित करेगा. आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित तमनार वस्तुतः किसानों के शेयर से बनाई गई समिति है, इसमें अनियमितता किए जाने पर 1396 किसानों के संचित शेयर से 80 लाख 95 हजार 960 रुपए की हानि पहुंचाई गई है. इस गंभीर वित्तीय अपराध के लिए सहायक समिति प्रबंधक निलाद्री पटनायक, कम्प्यूटर आपरेटर मधुबाला पटनायक, फड़ प्रभारी भरतलाल राठिया एवं बारदाना प्रभारी शिवशंकर भगत को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है. समय पर संतोषप्रद जवाब प्राप्त नहीं होने पर वैधानिक / FIR की भी कार्यवाही की जाएगी. आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित तमनार के प्राधिकृत अधिकारी के द्वारा सहायक समिति प्रबंधक, कम्प्यूटर आपरेटर एवं धान खरीदी फड़ प्रभारी की व्यवस्था कर ली गई है, जिससे धान खरीदी कार्य प्रभावित नहीं होगी.
सूरजपुर : थाना प्रभारियों का किया गया तबादला, देखें लिस्ट…
सूरजपुर। पुलिस विभाग में थाना प्रभारियों का तबादला किया गया है. सूरजपुर एसपी प्रशांत ठाकुर ने कानून व्यवस्था में कसावट लाने कई टीआई को इधर से उधर किया है.
देखें लिस्ट –

