बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ सरकार की बहुचर्चित रीपा योजना (महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क) में बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। बलौदाबाजार जिले में इस योजना के क्रियान्वयन में भारी अनियमितताओं और घोटाले के आरोपों के बाद शासन ने सख्त कार्रवाई की है।
शंकर साहू-ग्राम पंचायत बिरकोनी, जनपद पंचायत महासमुंद, खिलेश्वर ध्रुव-ग्राम पंचायत गिर्रा, जनपद पंचायत पलारी, टीकाराम निराला-ग्राम पंचायत लटुआ, इन सचिवों पर आरोप है कि इन्होंने भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया, बिना तकनीकी परीक्षण मशीन खरीदी, और देय राशि का टुकड़ों में भुगतान किया।
जनपद पंचायत के अधिकारी
रोहित नायक-तत्कालीन सीईओ, जनपद पंचायत पलारी, रवि कुमार-तत्कालीन सीईओ, जनपद पंचायत बलौदाबाजार, लिखत सुल्ताना-तत्कालीन सीईओ, जनपद पंचायत महासमुंद को शो काज नोटिस दिया गया है।
जांच में खुले भ्रष्टाचार के कई परतें
रायपुर संभागायुक्त महादेव कावरे की ओर से कराई गई जांच में सामने आया कि रीपा योजना के तहत तकनीकी परीक्षण के बिना मशीनों की खरीदी की गई। मशीनें भंडार क्रय नियमों को दरकिनार कर खरीदी गईं, और उनके भुगतान में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
केंद्रों में जंग खा रहीं मशीनें, कुछ चोरी भी
जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लाखों-करोड़ों रुपये की मशीनें ग्रामीण औद्योगिक केंद्रों में यूं ही बेकार पड़ी हैं। इनमें से कई मशीनें उपयोग में नहीं हैं, तो कुछ गायब (चोरी) भी हो चुकी हैं।रीपा योजना के तहत काम करने वाले पूर्व सरपंचों को भी उनके कार्यों का भुगतान नहीं किया गया, जिससे गुस्सा और नाराजगी बढ़ती जा रही है। भ्रष्टाचार और लापरवाही की इस पूरी श्रृंखला ने योजना की मूल भावना को ही सवालों के घेरे में ला दिया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को और धार देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के तीन पुलिस अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) में भेजा गया है। गृह विभाग की अनुशंसा पर सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका आदेश जारी किया है।
गृह विभाग की सिफारिश पर लिया गया फैसला
गृह विभाग की अनुशंसा पर सामान्य प्रशासन विभाग ने इस प्रतिनियुक्ति आदेश को स्वीकृति दी है। यह कदम राज्य में भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के विरुद्ध जांच को तेज और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
ACB-EOW को मिलेगी नई ऊर्जा
इन तीन अधिकारियों की तैनाती से ACB और EOW को मामलों की त्वरित जांच में अतिरिक्त बल मिलेगा। ये अधिकारी अब भ्रष्टाचार से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों, आर्थिक अनियमितताओं और गबन जैसे अपराधों पर पैनी नजर रखेंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज महानदी भवन में कैबिनेट की अहम बैठक हुई. इस बैठक में कई फैसले लिए गए. छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में क्रिकेट अकादमी की स्थापना के लिए 7.96 एकड़ भूमि आबंटित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई.
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय –
1) कैबिनेट द्वारा भारत सरकार के खान मंत्रालय के नवीन दिशा-निर्देश और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)-2024 के संशोधित गाईडलाईन्स के अनुसार छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में आवश्यक संशोधन किये जाने का निर्णय लिया गया है।
इससे न्यास के पास उपलब्ध राशि का न्यूनतम 70 प्रतिशत राशि का व्यय उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र जैसे पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं निःशक्तजन के कल्याण के साथ ही कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, आवास, पशुपालन के समग्र विकास पर किया जाएगा।
2) मंत्रिपरिषद द्वारा साधारण रेत के उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा रेत के उत्खनन एवं नियमन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2019 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय (अनुसूचित क्षेत्र हेतु) नियम 2023 को निरसित करते हुए नवीन नियम ‘‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025‘‘ का अनुमोदन किया गया।
इससे रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिससे आम जनता को उचित दरों पर रेत उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही रेत उत्खनन में पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रस्तावित नियमों में रेत खदान आवंटन की कार्यवाही इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के माध्यम से की जाएगी। इससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।
3) कृषि भूमि के बाजार मूल्य दरों के निर्धारण के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य कर पंजीयन विभाग से प्राप्त प्रस्ताव का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन किया गया, जिसके तहत ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जिस तरह की अनियमितताएँ सामने आई थीं, उनसे बचने के लिए यह व्यवस्था मददगार होगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को विलोपित करने के साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा।
4) बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (cscs) को नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में क्रिकेट अकादमी की स्थापना के लिए 7.96 एकड़ भूमि आबंटित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
नवा रायपुर में अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी की स्थापना से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उनके कौशल और प्रतिभा को निखारने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेगी।
छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य के कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता अर्जित की है। क्रिकेट अकादमी की स्थापना से राज्य के खिलाड़ियों को क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा वहीं छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी।
रायपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने युवा कांग्रेस की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है. छत्तीसगढ़ के भिलाई के मोहम्मद शाहिद को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर नियुक्त किया गया है. वहीं पेंड्रा जिले की प्रीति मांझी को युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव बनाया गया है. इस संबंध में आदेश भी जारी किया गया है.
मोहम्मद शाहिद बने राष्ट्रीय महासचिव
युवा कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव के पद पर मोहम्मद शाहिद नियुक्त किया गया है. वह भिलाई के निवासी हैं. इस लिस्ट में 14 युवा चेहरों के नाम शामिल हैं. मोहम्मद शाहिद के अलावा अजय छिकारा, खुशबू मंगला शर्मा, लेनिन प्रसाद, मनीष चौधरी, मितेंद्र दर्शन सिंह, निगम भंडारी, शेष नारायण ओझा, शिवि चौहान, स्मृति लेंका, श्रवण राव, सुरभि द्विवेदी, तारह जॉनी और विकास छिकारा का नाम शामिल है.
प्रीति मांझी को बनाया गया राष्ट्रीय संयुक्त सचिव
छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले की प्रीति मांझी को भी कांग्रेस पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है. प्रीति मांझी को युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बनाया गया है. बता दें कि कुछ दिन पूर्व दिल्ली में राहुल गांधी और प्रीति मांझी के बीच मुलाकात हुई थी.
दुर्ग। धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामले में गिरफ्तार दो नन और एक युवक की याचिका पर दुर्ग कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ये मामला उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है, इसलिए सक्षम न्यायालय में इसे लेकर आवेदन लगाया जाये।
दरअसल धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों की जमानत को लेकर याचिका दायर की गयी थी, जिस पर जज ने सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि, यह हमारे क्षेत्राधिकार में नहीं है। कोर्ट ने दोनों नन और युवक का जमानत याचिका खारिज दी है। अब NIA के विशेष कोर्ट में इसकी सुनवाई के लिए आवेदन दायर करना होगा।
कोर्ट के निर्देश की जानकारी देते हुए एडवोकेट ने बताया कि,
“ये मामला धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग का है, जो उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आता है, इसके लिए सक्षम न्यायालय NIA कोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर करनी होगी। कोर्ट ने कहा कि या तो प्रकरण को वापस ले लीजिये, नहीं तो याचिका खारिज करनी होगी”
इस मामले में याचिकाकर्ता अगर हाईकोर्ट में याचिका दायर करना चाहते हैं, तो भी उन्हें पहले NIA कोर्ट में अपनी याचिका दायर करनी होगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज कैबिनेट बैठक के बाद अमेरिका रवाना होंगे. इस यात्रा में अमेरिका में बसे छत्तीसगढ़िया भाई-बहनों को मातृभूमि से जोड़ने, निवेश के अवसरों को प्रोत्साहित करने और राज्य के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी प्रवासियों को विकासशील से विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करेंगे और इस वर्ष छत्तीसगढ़ के प्रथम “एनआरआई शिखर सम्मेलन” में भाग लेने के लिए आमंत्रित भी करेंगे. वे विकासशील छत्तीसगढ़ से विकसीत छत्तीसगढ़ के विजन “छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047” के बारे में भी जानकारी साझा करेंगे, जो 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का एक महत्वाकांक्षी रोडमैप है.
वित्त मंत्री अमेरिका में पढ़ाई करने वाले छत्तीसगढ़ी युवाओं के लिए एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम विकसित करने और स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं के अनुभवों पर चर्चा करेंगे. वित्त मंत्री निवेशकों और उद्यमियों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और संयुक्त उद्यम की संभावनाओं पर भी बात करेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ में नवाचार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले. इसके अतिरिक्त, वे प्रवासी भाई-बहनों को छत्तीसगढ़ के आगामी रजत जयंती समारोह में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित करेंगे. उनकी इस यात्रा में वे 7 दिन अमेरिका के प्रवास में रहेंगे.
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) टीम ने मोक्षित कॉर्पोरेशन के कई ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की. यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) में हुए 650 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है.
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम ने दुर्ग में मोक्षित कॉर्पोरेशन के तीन आवासीय परिसरों और कार्यालयों पर एक साथ छापा मारा. इस कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक अधिकारियों के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भी भारी संख्या में मौजूद थे. सुरक्षा के लिहाज से परिसर को चारों ओर से घेर लिया गया और किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई.
आज की कार्रवाई में ईडी की टीम एक दर्जन गाड़ियों में सवार होकर पहुंची और तुरंत कार्यालय व आवासीय परिसरों में दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी. छापेमारी की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई. अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार्रवाई में क्या बरामद हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद एजेंसियां आधिकारिक बयान जारी करेंगी.
जानकारी के अनुसार, मोक्षित कॉर्पोरेशन का नाम इस घोटाले से जुड़ने के बाद जांच एजेंसियों ने गहन पड़ताल शुरू की है. यह घोटाला सीजीएमएससी से संबंधित है, जिसमें पहले भी कई बार कार्रवाई हो चुकी है. करीब छह महीने पहले ईओडब्ल्यू और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने इस मामले में संयुक्त छापेमारी की थी. इसके अलावा, 27 जनवरी 2025 को भी मोक्षित कॉर्पोरेशन और शांतिलाल व शशांक चोपड़ा के गंजपारा स्थित घर और कार्यालय पर ईओडब्ल्यू-एसीबी की टीम ने दस्तावेजों की जांच की थी.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में पदक विजेता खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने खिलाड़ियों को और अधिक मेहनत कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रदेश के विजेता खिलाड़ियों में रजत पदक विजेता अन्नू देवी कुंवर, दीप्ति साहू तथा कांस्य पदक विजेता संजना कन्नौजिया और हर्षा सेन शामिल थीं। प्रशिक्षक विशाल हियाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ किक बॉक्सिंग संघ के प्रदेशाध्यक्ष छगन लाल मुंदड़ा तथा महासचिव आकाश गुरुदीवान उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021 के बहुचर्चित भर्ती घोटाले में फंसे डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी पदों पर चयनित 44 अभ्यर्थियों में से अब 40 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ CBI ने अब तक कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की है और जिनके विरुद्ध ठोस सबूत नहीं मिले हैं, उन्हें 60 दिनों के भीतर नियुक्ति दी जाए।
इस परीक्षा में चयनित कुल 44 उम्मीदवारों में से 4 अभ्यर्थियों के खिलाफ CBI ने पुख्ता सबूत के आधार पर स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इन चारों को घोटाले में संलिप्त पाए जाने के कारण जेल भेजा गया है। जबकि बाकी 40 अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या प्रमाणिक आरोप नहीं होने की बात कही थी।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं की दलील और कोर्ट का आदेश
राजीव श्रीवास्तव, मनोज शर्मा और शर्मिला सिंघवी जैसे वरिष्ठ अधिवक्ताओं की ओर से पेश होकर याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किलों के खिलाफ न तो कोई चार्जशीट दायर की गई है और न ही उनके खिलाफ भ्रष्टाचार या धांधली के कोई सबूत हैं। इन तथ्यों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार 60 दिनों के भीतर ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान करे।
क्या है पूरा मामला?
2021 में PSC परीक्षा के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे प्रतिष्ठित पदों पर चयन किया गया था। लेकिन बाद में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगने पर मामला CBI को सौंपा गया। जांच में केवल चार अभ्यर्थियों के खिलाफ ही पुख्ता सबूत मिले, जिनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया गया।
रायपुर। प्रदेश में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति और प्रभावशीलता की समीक्षा के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की शुरुआत आज राजधानी रायपुर के सर्किट हाउस में की गई। यह बैठक स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की जिलेवार समीक्षा करते हुए सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला कार्यक्रम प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी में कोई ढिलाई न हो और सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव कटारिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जिलों में नियमित रूप से फील्ड विजिट करें और प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की वास्तविक स्थिति की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वच्छता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, आवश्यक जीवनोपयोगी दवाओं की उपलब्धता और अधोसंरचना की स्थिति बेहतर होना अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि सेवा प्रदायगी के प्रत्येक पहलू में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और ईमानदारी बनी रहनी चाहिए।
संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने पर दिया जोर
बैठक के दौरान मातृ और शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए कटारिया ने कहा कि हमारा लक्ष्य ‘शून्य मातृ मृत्यु’ की अवधारणा को साकार करना है। इसके लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर उन्हें समुचित चिकित्सकीय देखभाल प्रदान करना जरूरी है। नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी लाने तथा संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।
डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ाने पर हुई चर्चा
स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। कटारिया ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे तकनीक का समुचित उपयोग करते हुए सेवाओं की निगरानी, सूचना संप्रेषण और फीडबैक प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाएं। साथ ही, विभाग से जुड़े सभी कानूनी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. एसके पामभोई, सभी संभागों के संयुक्त संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मातृत्व स्वास्थ्य, पीसीपीएनडीटी अधिनियम, शिशु स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण, मलेरिया एवं टीबी उन्मूलन जैसे प्रमुख राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी गहन समीक्षा की गई।
सेवा भावना के साथ काम करने की अपील
बैठक के अंत में सचिव कटारिया ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश को टीबी एवं मलेरिया मुक्त बनाना, मातृ-शिशु स्वास्थ्य संकेतकों को राष्ट्रीय औसत से बेहतर करना तथा प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे सेवा भावना के साथ कार्य करें और जन अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने FIDE महिला शतरंज विश्व कप–2025 में भारत की बेटियों के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर हर्ष और गर्व व्यक्त करते हुए विजेता दिव्या देशमुख और उपविजेता कोनेरू हम्पी को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि यह भारत की बेटियों की शक्ति, संकल्प और सामर्थ्य की एक प्रतीकात्मक तस्वीर थी। जब विश्व कप के फाइनल में दो भारतीय बेटियाँ आमने-सामने हों, तो वह पल भारत के लिए गौरव का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का उत्सव बन जाता है।
उन्होंने कहा कि दिव्या देशमुख द्वारा खिताब जीतना और कोनेरू हम्पी द्वारा उपविजेता बनना इस बात का प्रमाण है कि भारत की बेटियाँ अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह जीत पूरे देश, विशेषकर देश की बेटियों के आत्मबल और आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने वाली है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दृढ़ संकल्प, एकाग्रता और लगन – इन तीन गुणों के माध्यम से दिव्या और हम्पी ने न केवल शतरंज की बिसात पर विजय प्राप्त की, बल्कि भारत के हर गाँव और शहर की बेटियों को यह संदेश भी दिया कि सपनों को साकार करने के लिए कोई सीमा नहीं होती।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यह क्षण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय, महानदी भवन में केरल एवं ओडिशा के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद चलाकुडी से बेनी बेहनन, कोट्टायम से के. फ्रांसिस जॉर्ज, कोल्लम से एन. के. प्रेमचंद्रन, कोरापुट से सप्तगिरि उल्का, और केरल विधानसभा सदस्य रोजी एम. जॉन शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से राज्य में हाल ही में चर्चा में आए धर्मांतरण प्रकरण की जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय और समरसता में विश्वास रखने वाला प्रदेश है, जहाँ सभी धर्मों के लोग सौहार्दपूर्वक रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि मामले की जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। कानून स्वतंत्र रूप से अपना कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश की बेटियाँ और नागरिक सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें।
नई दिल्ली/रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं और किसानों के सशक्तिकरण हेतु चलाई जा रही योजनाएं देश में सामाजिक और आर्थिक बदलाव का माध्यम बन रही हैं। इसी क्रम में रायपुर के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज लोकसभा में महिला सशक्तिकरण और तकनीकी कृषि से जुड़ी 'नमो ड्रोन दीदी योजना' को लेकर केंद्र सरकार से कई महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ मांगीं।
लोकसभा में श्री अग्रवाल ने योजना की प्रमुख विशेषताओं, ड्रोन क्लस्टर्स की संख्या, छत्तीसगढ़ सहित देशभर में ड्रोन वितरण की स्थिति, योजना हेतु आबंटित बजट तथा 2024-25 में कितनी महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन सभी बिंदुओं पर सरकार से विस्तृत जानकारी देने का आग्रह किया।
जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि यह योजना वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक ₹1261 करोड़ के बजट में चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत 15,000 ड्रोन महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रदान किए जाएंगे। योजना के तहत ड्रोन पैकेज की कुल लागत का 80 प्रतिशत (अधिकतम ₹8 लाख) तक की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है।
प्रशिक्षण के संबंध में मंत्री ने बताया कि एक महिला सदस्य को 15 दिन का ड्रोन संचालन प्रशिक्षण तथा एक अन्य को 5 दिन का सहायक प्रशिक्षण दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में अब तक 15 महिला सदस्यों को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण दिया गया है और राज्य में 15 ड्रोन वितरित किए गए हैं। देशभर में अब तक कुल 1094 ड्रोन वितरित हो चुके हैं।
ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं के लिए क्लस्टर्स के चयन की प्रक्रिया भी राज्य स्तरीय समितियों द्वारा जारी है, जिनमें सिंचित क्षेत्र, उच्च कीटनाशक-उर्वरक उपयोग वाले क्षेत्र, तथा सघन फसल क्षेत्र प्राथमिकता में रखे जा रहे हैं।
बृजमोहन अग्रवाल ने इस योजना को "महिलाओं के हाथों में तकनीक और आत्मनिर्भरता देने वाला क्रांतिकारी कदम" बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि छत्तीसगढ़ जैसे कृषि-प्रधान राज्य में इस योजना का विस्तार किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इसका लाभ मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
रायपुर। राज्य सरकार ने IAS अफसरों के ट्रांसफर आदेश जारी किये हैं। नम्रता जैन को अपर कलेक्टर रायपुर बनाया गया है, वो अभी सुकमा की जिला पंचायत सीईओ थी। वहीं हेमंत नंदनवार को जिला पंचायत सीईओ महासमुंद, मुकुंद ठाकुर को जिला पंचायत सीईओ सुकमा बनाया गया है। वहीं नम्रता चौबे जिला पंचायत सीईओ बीजापुर और प्रखर चंद्राकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी गरियाबंद बनाया गया है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “ऑपरेशन महादेव” के तहत सुरक्षाबलों द्वारा की गई सफल कार्रवाई को आतंक के विरुद्ध भारत की अडिग नीति का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकवादियों को मार गिराकर आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्यवाही की है। उन्होंने सुरक्षाबलों के साहस को नमन करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से पहलगाम आतंकी हमले के तीनों गुनहगार सज़ा पा चुके हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑपरेशन महादेव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प का सशक्त परिणाम है। भारतीय सेना के जवानों का पराक्रम हर देशवासी के हृदय में विश्वास और गर्व की भावना भर देता है। सेना का यह ऑपरेशन मात्र एक कार्रवाई नहीं यह संदेश है उन सभी दुश्मनों को, जो भारत की भूमि पर आतंकी मंसूबे लेकर आते हैं।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में 2 कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी को लेकर सियासत तेज हो गई है. आज इंडिया गठबंधन के सांसदों ने दुर्ग पहुंचकर जेल में बंद ननों से मुलाकात की. इस दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, दुर्ग शहर के पूर्व विधायक अरूण वोरा भी मौजूद थे। सांसदों के डेलिगेशन ने ननों से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की. मीडिया से चर्चा करते हुए सांसदों ने केंद्र सरकार पर अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. वहीं आगे कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए रणनीति तैयार करने की बात कही.
इंडिया गठबंधन के सांसदों को पहले तो जेल में बंद नैनो से मिलने के लिए अनुमति नहीं दी गई, लेकिन बाद में जेल डीजी की अनुमति के बाद उन्हें मुलाकात करने दिया गया. इस दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिरकार लोकसभा छोड़कर आए सांसदों को वह जेल में बंद महिला बंदियों से मुलाकात करने से रोक रहा है.
देशभर में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जा रहा : सांसद बेनी बेहनान
केरल सांसद बेनी बेहनान ने कहा कि दोनों नन मेरे ही लोकसभा क्षेत्र के हैं. मैं उन्हें अच्छी तरह से जानता हूं. देशभर में सबसे अधिक अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जा रहा है. बजरंग दल और आरएसएस के दूसरे विंग को बढ़ावा दिया जा रहा है. यहां किसी प्रकार के धर्मांतरण और न ही मानव तस्करी का मामला है.
कानूनी तरीके से लड़ेंगे लड़ाई : सांसद सप्तगिरि उल्का
सांसद सप्तगिरि उल्का ने कहा कि बजरंग दल वालों ने सिर्फ महिला नन के कपड़े देखकर उनके साथ अभद्रता की और उन पर मानव तस्करी और धर्मांतरण का आरोप लगाकर पुलिस ने उन्हें जेल में बंद कर दिया है. हम कानूनी तरीके से इस लड़ाई को लड़ेंगे. मुख्यमंत्री विष्णु साय से भी इस विषय पर मुलाकात करेंगे. यहां धर्मांतरण और मानव तस्करी का मामला नहीं है.
रायपुर। भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य के नगरीय निकायों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है कि इस बार सर्वेक्षण में शामिल 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छता के इस राष्ट्रीय मूल्यांकन में देशभर के 4,566 शहरों के बीच छत्तीसगढ़ के 25 शहर टॉप-100 में शामिल हुए हैं, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी छलांग है, जब केवल 16 शहर टॉप-100 में आ पाए थे।
राज्य के 62 नगरीय निकायों ने गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में अपना दर्जा बढ़ाया है, जबकि सिंगल, थ्री और फाइव स्टार प्राप्त करने वाले शहरों की संख्या 71 से बढ़कर अब 114 हो गई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने इस बार फाइव स्टार से बढ़कर सेवन स्टार की सर्वोच्च रेटिंग प्राप्त की है। रायपुर को गारबेज-फ्री सिटी श्रेणी में यह सम्मान प्राप्त हुआ है, साथ ही स्वच्छता में उसे वाटर प्लस शहर का दर्जा भी मिला है।
इस बार बिलासपुर, कोरबा और भिलाई नगर—ये तीन नगर निगम ओडीएफ प्लस प्लस से बढ़कर वाटर प्लस श्रेणी में पहुंच गए हैं। राज्य के 163 नगरीय निकायों को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा प्राप्त हुआ है, जिनमें किरंदुल और भाटापारा नगर पालिका तथा कुंरा नगर पंचायत जैसे निकाय भी शामिल हैं, जो पहले केवल ओडीएफ श्रेणी में थे। सीतापुर नगर पंचायत ने भी ओडीएफ प्लस से आगे बढ़कर ओडीएफ प्लस प्लस दर्जा हासिल किया है।
पिछले डेढ़ वर्षों में 62 नगरीय निकायों ने अपने सतत प्रयासों के माध्यम से गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में सुधार किया है। बिलासपुर और अंबिकापुर ने अपने थ्री स्टार स्तर को बढ़ाकर फाइव स्टार किया है, जबकि भिलाई नगर, जगदलपुर नगर निगम, जामुल नगर पालिका और घरघोड़ा नगर पंचायत ने 2023-24 के सिंगल स्टार दर्जे से आगे बढ़ते हुए अब थ्री स्टार प्राप्त किया है। वहीं, धमतरी, शिबरीनारायण और राजपुर जैसे शहर, जो पूर्ववर्ती सर्वे में स्टार रेटिंग में नहीं थे, उन्होंने सीधे थ्री स्टार श्रेणी में प्रवेश किया है। स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में विशेष प्रयासों के चलते राज्य के 52 नगरीय निकायों ने नो स्टार से उन्नत होकर अब सिंगल स्टार दर्जा प्राप्त कर लिया है।
इस बार कई नगरीय निकायों की राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ा सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय स्तर पर 649वें स्थान पर रहे सिमगा ने इस बार 95वीं रैंक हासिल की है। इसी तरह जशपुर 637वें से 91वें, राजपुर 630वें से 63वें और घरघोड़ा 616वें से 71वें स्थान पर आ गया है। भिलाई-चरोदा ने अपनी रैंकिंग 587 से सुधारकर 68, दोरनापाल ने 557 से 81, दंतेवाड़ा ने 552 से 70, जगदलपुर ने 461 से 55, मुंगेली ने 447 से 86, कवर्धा ने 430 से 77, कुनकुरी ने 426 से 84, दुर्ग ने 314 से 80, राजनांदगांव ने 268 से 46, भिलाई नगर ने 267 से 22, छुरा ने 230 से 76, प्रतापपुर ने 173 से 62, बलरामपुर ने 65 से 53 और रायपुर ने 12वीं रैंक से बढ़कर चौथा स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के शहरों की इस उपलब्धि को स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि शहरी सरकार, राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर नवाचारों के साथ शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के शहरों की रैंकिंग में और भी सुधार होगा और इस बार की राष्ट्रीय सफलता सभी नगरीय निकायों को और अधिक प्रेरित करेगी।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगरीय विकास और स्वच्छता हेतु राज्य सरकार द्वारा 7,400 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, जिसका यह सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे अपने अधीनस्थ अमले के साथ प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर सफाई कार्यों की नियमित निगरानी करें। श्री साव ने कहा कि विभाग की इन दोनों पहलों की इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में 2 ननों की गिरफ्तारी पर सियासत गरमा गई है. जेल में बंद ननों से मुलाकात करने केरल से इंडिया गठबंधन का डेलिगेशन छत्तीसगढ़ पहुंचा है. इस मामले पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, पूरे मामले पर विस्तृत जांच की जा रही है. GRP थाने में FIR हुआ है. उनके बयानों के आधार पर FIR के पर्याप्त आधार उनके पास है. कानून अपना काम कर रहा है.
डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा, GRP थाने में FIR कर बयान भी दर्ज कराया गया है. इन बयानों के आधार पर एफआईआर करने के पर्याप्त आधार की स्पष्टता है. केरल के इन ननों द्वारा हमारे अबूझमाड़ की बेटियों को ले जाया जा रहा था. ऐसी और घटनाएं पिछले कुछ वर्षों में हुई है, जिनकी जानकारी मिली है इसलिए यह मामला जांच का विषय है. कानून अपना काम कर रहा है. सभी अभी जेल में है.
डिप्टी सीएम ने कहा, हम छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर नया कानून ला रहे हैं. इसके बाद धर्मांतरण के मामलों पर और भी स्पष्टता हो जाएगी. छत्तीसगढ़ के लिए ये कानून बहुत प्रभावी रहेगा.