प्रदेश
दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर के संयुक्त ऑपरेशन पार्टी को नक्सलियों ने बनाया निशाना, DRG के 8 जवान और एक ड्राइवर शहीद
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बीजापुर में नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. नक्सलियों ने पूरी तरह से प्लानिंग कर संयुक्त ऑपरेशन से लौट रहे जवानों के वाहन को IED ब्लास्ट कर उड़ाया है. इस घटना में 8 जवान और एक ड्राइवर शहीद हुए हैं. सभी शहीद जवान दंतेवाड़ा डीआरजी के बताए जा रहे हैं. इस घटना की पुष्टि बस्तरआईजी पी सुंदरराज ने की है.
बस्तर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बीजापुर के कुटरू-बेदरे सड़क पर नक्सलियों ने IED ब्लास्ट किया है. दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर के संयुक्त ऑपरेशन पार्टी ऑपरेशन कर वापस लौट रही थी. 6 जनवरी को लगभग 14ः15 बजे जिला बीजापुर के थाना कुटरू क्षेत्रांतर्गत ग्राम अम्बेली के पास माओवादियों द्वारा आईईडी ब्लास्ट कर सुरक्षा बल के वाहन को उड़ाया गया।
जवानों की शहादत जाया नहीं जाएगी – डिप्टी सीएम अरुण साव
इस बड़ी घटना पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि यह नक्सलियों की कायराना हरकत है और यह हमला हताशा में किया गया है. जो जवान शहीद हुए है उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं. जवानों की शहादत जाया नहीं जाएगी. मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त करने का अभियान हम पूरा करेंगे.
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के रवैये पर हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी, कहा – अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर डॉक्टर की सेवा समाप्त करने का आदेश कलंकपूर्ण
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने एक चिकित्सक की याचिका पर सुनवाई के बाद अपने फैसले में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि यह एक कलंकपूर्ण आदेश है, जिसमें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन का स्पष्ट उल्लेख है। लिहाजा याचिकाकर्ता को विभागीय जांच में शामिल कर उसकी सुनवाई की जानी चाहिए, जो वर्तमान मामले में नहीं की गई है। मामला शराब कारोबारी अनवर ढेबर को लेकर डाॅ. प्रवेश शुक्ला पर लगाए आरोप का है. डॉ. शुक्ला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
दरअसल, शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर को इलाज कराने के लिए रायपुर सेंट्रल जेल से जिला अस्पताल लाया गया था, जहां लोअर इंडोस्कोपी मशीन के खराब होने के कारण डाॅ. प्रवेश शुक्ला ने उसे एम्स रेफर कर दिया था। मामले में सेवा में कमी और अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए राज्य शासन ने उसकी सेवा समाप्त करने के साथ ही गोलबाजार थाने में एफआईआर दर्ज करा दी, जिसे लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जिसमें कहा है कि बगैर विभागीय जांच कराए और उसे सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिए बिना कलंकपूर्ण आदेश पारित कर उसकी सेवा समाप्त कर दिया गया है। ऐसे आदेश से उसका कैरियर चौपट हो जाएगा।
दरअसल, शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर को इलाज कराने के लिए रायपुर सेंट्रल जेल से जिला अस्पताल लाया गया था, जहां लोअर इंडोस्कोपी मशीन के खराब होने के कारण डाॅ. प्रवेश शुक्ला ने उसे एम्स रेफर कर दिया था। मामले में सेवा में कमी और अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए राज्य शासन ने उसकी सेवा समाप्त करने के साथ ही गोलबाजार थाने में एफआईआर दर्ज करा दी, जिसे लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जिसमें कहा है कि बगैर विभागीय जांच कराए और उसे सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिए बिना कलंकपूर्ण आदेश पारित कर उसकी सेवा समाप्त कर दिया गया है। ऐसे आदेश से उसका कैरियर चौपट हो जाएगा।
सहायक प्राध्यापक गैस्ट्रो सर्जरी विभाग डाॅ. प्रवेश शुक्ला ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 08 अगस्त 2024 को अस्पताल अधीक्षक एवं एकेडेमिक इंचार्ज द्वारा आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उसकी सेवा शासकीय दाऊ कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, रायपुर, जिला रायपुर छत्तीसगढ़ (‘डीकेएस अस्पताल’ ) में सहायक प्रोफेसर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के पद से समाप्त कर दी गई है। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि वह एक सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर है। उसके पास MBBS, MS(सर्जरी), Dr.NB (डॉक्टरेट ऑफ नेशनल बोर्ड सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी) सुपर स्पेशलिस्ट कोर्स की डिग्री है और वह गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सर्जन के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध डॉक्टर है। प्राइवेट प्रैक्टिस के बजाय उसने सरकारी अस्पताल में काम करने को प्राथमिकता दी है। वह छत्तीसगढ़ का एकमात्र डॉक्टर है जो DKS अस्पताल में तैनात था।
डॉक्टर के खिलाफ आरोप है कि गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सर्जन होने के नाते ओपीडी में इलाज करते समय उसने उसे अन्य सरकारी अस्पताल/एम्स में रेफर कर दिया, क्योंकि जीआई. एंडोस्कोपी (कोलोनोस्कोपी) उपकरण विभाग में उपलब्ध नहीं था। यदि कोलोनोस्कोपी विभाग में उपलब्ध नहीं है, तो वह इसे अन्य सरकारी अस्पताल से करवा सकता था, जो पूर्णतः अनुशासनहीनता है और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन है।
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि स्पेशलिस्ट चिकित्सक होने के कारण वह छत्तीसगढ़ आए, ताकि जरुरतमंदों की सेवा कर सकें। राज्य शासन ने कलंकपूर्ण आरोप लगाकर उसकी सेवा समाप्त कर दी है। इस तरह के आरोप से तो उसका करियर चौपट हो जाएगा। याचिकाकर्ता ने कहा कि राज्य शासन छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी अनुबंध की शर्तों को समाप्त कर सकता है, लेकिन संबंधित अधिकारियों को उसके खिलाफ कोई कलंकपूर्ण आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं है। बिना किसी जांच के मनमाने और दुर्भावनापूर्ण तरीके से 08.08.2024 को आपत्तिजनक आदेश पारित किया गया है, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पूरी तरह से उल्लंघन है।
8 अगस्त को जारी हुआ था डॉक्टर की सेवा समाप्ति का आदेश
मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस प्रसाद ने अपने फैसले में लिखा है कि राज्य शासन के 08 अगस्त 2024 के आक्षेपित आदेश के अवलोकन से ऐसा प्रतीत होता है कि यह एक कलंकपूर्ण आदेश है, जिसमें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन का स्पष्ट उल्लेख है। लिहाजा याचिकाकर्ता को विभागीय जांच में शामिल कर उसकी सुनवाई की जानी आवश्यक है, जो वर्तमान मामले में नहीं की गई है। सिंगल बेंच ने अपने फैसले में लिखा है कि संबंधित अधिकारियों ने कोई विभागीय जांच न करके तथा कलंकपूर्ण आदेश पारित करने से पहले सुनवाई का उचित अवसर न देकर अवैधता की है। लिहाजा 8 अगस्त 2024 का विवादित आदेश निरस्त किए जाने योग्य है तथा इसे निरस्त किया जाता है।
जिला न्यायधीशों और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों से हाईकोर्ट ने मांगा संपत्ति का ब्यौरा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के जिला सत्र न्यायालयों में पदस्थ सत्र न्यायधीशों व अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों को हाईकोर्ट ने अपनी सम्पत्ति का विवरण घोषित करने का निर्देश दिया है. इन सभी से बीते वर्ष तक की स्थिति में वार्षिक ब्यौरा मांगा गया है।
छत्तीसगढ़ के बालोद, बलौदा-बाजार, बस्तर में जगदलपुर, बेमेतरा, बिलासपुर, बलरामपुर रामानुजगंज, धमतरी, दुर्ग, रायपुर, जशपुर, कबीरधाम (कवर्धा), मुंगेली , कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, सरगुजा,(अंबिकापुर, सूरजपुर, महासमुंद, उत्तर बस्तर (कांकेर), कोरिया (बैकुंठपुर), जांजगीर-चांपा, कोंडागांव, दक्षिण बस्तर ( दंतेवाडा) में पदस्थ जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों द्वारा संपत्ति की घोषणा प्रस्तुत की जानी है. इस संबंध में हाईकोर्ट ने सभी जिला न्यायधीशों को पत्र प्रेषित कर अपने जिले में पदस्थ सभी न्यायिक अधिकारियों से निर्धारित प्रारूप में 31 दिसंबर 2024 तक सम्पत्तियों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं.
निर्धारित पीडीएफ प्रारूप में हाईकोर्ट रजिस्ट्री में ई-मेल 28 फरवरी 2025 तक करना होगा. साथ ही इसकी हार्ड कॉपी भी पंजीकृत डाक से भेजने कहा गया है. यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी न्यायिक अधिकारी अपनी सम्पत्तियों की घोषणा व्यक्तिगत रूप से सीधे प्रस्तुत न करें. बता दें कि हर वर्ष न्यायिक अधिकारी इसी प्रकार अपनी संपत्ति की अधिक्कारिक घोषणा करते हैं, यह अनिवार्य प्रक्रिया है.
लखपति दीदी दिव्या निषाद गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में होगी शामिल, देश भर से 10 लखपति दीदियों का हुआ चयन
रायपुर। राजनांदगांव जिले के ग्राम कुसमी की लखपति दीदी दिव्या निषाद 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित एट होम रिसेप्शन में शामिल होंगी तथा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उन्हें सम्मानित करेंगी। लखपति दीदी दिव्या निषाद ने विपरीत और संघर्षपूर्ण स्थिति में भी हार नहीं मानी और राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर सफलता की नई ईबारत लिखी है। दिव्या निषाद ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सम्मान कि बात है कि लखपति दीदी के तौर पर राष्ट्रपति भवन जाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यह जानकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है और घर में सभी खुश हैं।
लखपति दीदी दिव्या निषाद ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और वर्ष 2021 में कोविड-19 की वजह से उनके पति की आकस्मिक मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि गरीबी की स्थिति थी और उन्हें किसी भी तरह का अनुभव और ज्ञान नहीं था। पति की आकस्मिक मृत्यु के दुख ने परिवार को अंदर तक झकझोर दिया। ऐसे समय में अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए तथा अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए समूह की दीदियों से मुझे हिम्मत मिली और मैंने कुछ कार्य करने का निर्णय लिया।
लखपति दीदी दिव्या निषाद ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुडऩे के बाद मेरे जीवन में परिवर्तन आया और आज बिहान की बदौलत मेरा घर फल-फूल रहा है। अंतर्मुखी स्वभाव होने के कारण बिहान से जुडऩे से आत्मविश्वास बढ़ा। प्रशिक्षण के दौरान बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने बताया कि बैंक सखी, बैंक मित्र, पुस्तक लिखने का कार्य, समूह के अध्यक्ष एवं सचिव के कार्य तथा छोटे व्यापार प्रारंभ करने का कार्य सीखने लगी। उन्होंने बताया कि वह जय मां अम्बे स्वसहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह में कार्य करने के दौरान आत्मविश्वास बढ़ा और समूह के माध्यम से ऋण लेकर छोटा सा व्यापार प्रारंभ किया। उन्होंने बताया कि उनकी सालाना आय 4 लाख रूपए से अधिक है और वह बहुआयामी कार्य कर रही हैं। बैंक सखी, बैंक मित्र के अलावा उनकी ग्राम भर्रेगांव में साड़ी एवं बच्चों के रेडिमेड कपड़ों की दुकान है। उन्होंने बताया कि समूह से ऋण लेकर ही उन्होंने अपने घर में ही किराने की दुकान भी प्रारंभ की है। अब उन्होंने अपना पक्के का मकान बना लिया है। आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़ते हुए सिलाई एवं अन्य कार्य कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित एट होम रिसेप्शन के लिए देश भर से 10 लखपति दीदियों का चयन किया गया है। जिसमें से राजनांदगांव जिले से लखपति दीदी दिव्या निषाद का चयन किया गया है। केन्द्र शासन की लखपति दीदी योजना महत्वपूर्ण पहल है। जिसके तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए कार्य किया जा रहा है। इस योजना के तहत महिलाओं को अपना व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए 5 लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जाता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में महिलाओं बन रही हैं सशक्त, हो रही हैं आत्मनिर्भर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने केंद्र हेतु विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं से जुड़कर महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार का सहारा बन रही हैं बल्कि दूसरी महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रही हैं। ऐसी ही कहानी है जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक की ग्राम झिक्की की रहने वाली नीतू गुप्ता की। जो बिहान योजना से जुड़कर लखपति दीदी बन गई हैं और सक्रिय महिला के रूप में कार्य कर रही है।
नीतू गुप्ता मुद्रा लोन के माध्यम से अपना व्यवसाय को और बढ़ा रही है। सामान्य परिवार से आने वाली नीतू का सपना था की वह भी आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार का सहारा बनें। इस तरह से अपने सपनों को पूरा करने के लिए वह बिहान योजना के तहत लक्ष्मी स्व सहायता समूह से जुड़ी। नीतू ने बताया कि उनकी एक छोटी सी किराने की दुकान है। जिससे वे बैंक लिंकेज के माध्यम से मुद्रा लोन लेकर व्यवसाय को बढ़ा रही है। इससे पहले वे सक्रिय महिला के रूप में कार्य करते हुए लोगों को जागरूक कर रहीं थीं। वे बताती है कि महिलाओं को समूह में जोड़ रही है और लोगों को लोन दिलाने का कार्य भी कर रही हैं।
पहले गांव के लोग दूसरे लोगों से ही लोन लेते थे जिससे अधिक ब्याज देना पड़ता था। अब बैंक लिकेज के माध्यम से मुद्रा लोन लेने की समझाईश देती है जिससे लोगों को कम ब्याज दर पर व्यवसाय के लिए पैसा मिल जा रहा है। साथ ही वे सिलाई का कार्य भी करती है। नीतू गुप्ता ने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए मुद्रा लोन के माध्यम से एक लाख रूपए का लोन लिया है।
नीतू गुप्ता अपने पति सुनिल गुप्ता के साथ खेती कार्य में भी उनका साथ देती हैं। 07 एकड़ में वे टमाटर, खीरा, करेला लगाते हैं और माह में अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं। इस तरह वह विगत दो माह में 2 लाख 50 हजार कमा कर लखपति दीदी बन गई हैं।

जीपी सिंह के बाद अब उनकी पत्नी को हाईकोर्ट से मिली राहत, ACB का आय से अधिक संपत्ति मामला रद्द
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह के अलावा उनकी पत्नी के पत्नी के खिलाफ पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा दर्ज कराए गए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के आय से अधिक संपत्ति के मामले को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है. इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई.
बता दें कि जीपी सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति समेत राजद्रोह और एक्सटॉर्शन से संबंधित तीन अपराध पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में दर्ज कराए थे. मामले में हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने पूर्व में ही पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर गलत तरीके से दर्ज एफआईआर मान निरस्त कर दिया था. अब उनकी पत्नी मनप्रीत कौर के खिलाफ भी दर्ज एफआईआर रद्द कर दी गई है.
एडीजी जीपी सिंह की पत्नी मनप्रीत कौर के खिलाफ कांग्रेस सरकार में एसीबी/ईओडब्ल्यू ने आय से अधिक संपत्ति मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 12 और आपराधिक षडयंत्र की धारा 120 बी दर्ज किया था. मामले में एसीबी ने कथित तौर पर स्टेट बैंक के ब्रांच मैनेजर मणिभूषण से दो किलो सोना जब्त किया था. यह सोना पार्किंग में खड़ी स्कूटी से जब्त किया गया था. इस स्कूटी को मणिभूषण का बताया गया और दो किलो सोना को आईपीएस जीपी सिंह के अवैध कमाई का हिस्सा बताया गया जिसे खपाने के लिए अपने परिचित में स्टेट बैंक के मैनेजर मणि भूषण को देने की कहानी एसीबी द्वारा बताई गई थी. मामले में जीपी सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला एसीबी द्वारा तो दर्ज किया ही गया था साथ में उनकी पत्नी, माता-पिता और पारिवारिक मित्र के खिलाफ भी दर्ज किया गया था. जीपी सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने रद्द कर दिया था. जबकि उनके माता-पिता का देहावसान हो चुका है जिसके चलते उनके माता-पिता के ऊपर केस खत्म हो चुका है.
चीज जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डीबी में जीपी सिंह की पत्नी मनप्रीत कौर की ओर से तर्क प्रस्तुत किया कि मनप्रीत कौर विभिन्न प्राइवेट कॉलेजों में बतौर गेस्ट लेक्चरर काम करती थीं. मनप्रीत कौर की क्वालिफिकेशन एमएससी लाइफ साइंस के अलावा लाइफ साइंस में पीएचडी भी है. उनकी पीसी कल्चर में स्पेशलाइजेशन है. शादी से पहले उन्होंने ट्यूशन और नौकरी के माध्यम से कमाए गए पैसों से सेविंग की थी. शादी के बाद उन्होंने एजुकेशनल कंसलटेंट और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की क्लासेस शुरू की थी. सन 2001 से लेकर 2021 तक उनके पति जीपी सिंह जहां-जहां पदस्थ रहे वहां विभिन्न कॉलेजों में उन्होंने मेहमान प्रवक्ता के तौर पर नौकरी की है जिससे उन्हें आय प्राप्त हुई. इसके अलावा कंसल्टेंसी से भी उन्हें आय प्राप्त हुई. उनकी उनके पति जीपी सिंह के अलावा इंडिविजुअल इन इनकम है. उन्होंने नियमित तौर पर इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत 2001 से अपनी इनकम टैक्स रिटर्न भरा है. पर उनकी 10 साल की इनकम को एसीबी ने काउंट ही नहीं किया. ना ही एंटी करप्शन ब्यूरो ने उन्हें इस संबंध में कोई समन भेजा और न उनका पक्ष. बिना समन और बिना पक्ष जाने उन्हें आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के लिए अपने पति आईपीएस जीपी सिंह को उकसाने के लिए आरोपी बना दिया गया.
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि भ्रष्टाचार के मामले में मुख्य आरोपी याचिकाकर्ता मनप्रीत कौर के पति आईपीएस जीपी सिंह को बनाया गया था. जिसे अदालत ने ही रद्द कर दिया है.
लिहाजा याचिकाकर्ता के खिलाफ मामला बने रहने का और ट्रायल चलाने का कोई औचित्य नहीं बनता. सभी तर्कों को सुनने के पश्चात चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है.
पुलिस भर्ती में भेदभाव पर फूटा अभ्यर्थियों का गुस्सा, सड़क पर उतरकर जता रहे हैं विरोध…
रायपुर। पुलिस भर्ती का एक विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है कि अब दूसरा विवाद शुरू हो गया है. अबकी बार माना पुलिस कैंप में हो रही पुलिस भर्ती को लेकर विवाद है, जिसमें फिजिकल टेस्ट में भेदभाव का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थी सड़क पर उतरकर विरोध जता रहे हैं.
माना पुलिस कैंप में पुलिस विभाग में ड्राइवर के लिए हो रही भर्ती में शामिल होने के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी आए हैं, उनका आरोप है कि एडमिट कार्ड होने के बावजूद सीट नहीं है कहकर उन्हें शामिल नहीं किया जा रहा है.
यही नहीं अभ्यर्थियों का आरोप है कि ओबीसी और जनरल का पद नहीं होने का हवाला देकर उन्हें भर्ती प्रक्रिया से वंचित किया जा रहा है. रही-सही कसर फिजिकल टेस्ट में भेदभाव कर पूरी की जा रही है. भर्ती में इस भेदभाव को लेकर अभ्यर्थी सड़क पर उतरकर विरोध कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री श्री साय ने समाजसेविका पद्मश्री राजमोहिनी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सामाजिक क्रांति की अग्रदूत पद्मश्री राजमोहिनी देवी की 6 जनवरी को पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया है। श्री साय ने कहा कि आदिवासी समाज से आने वाली स्वर्गीय राजमोहिनी देवी का संपूर्ण जीवन हमें सामाजिक बुराइयों से लड़ने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री राजमोहिनी देवी ने आदिवासी महिलाओं की स्वतन्त्रता व स्वायत्तता के लिए संघर्ष करने के साथ ही अंधविश्वास और मदिरा पान की समस्याओं के उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय राजमोहिनी देवी की समर्पित सेवा भावना और समाज के प्रति निस्वार्थ योगदान हम सभी के लिए प्रेरणा के स्त्रोत का कार्य करता रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरू गोविंद सिंह जयंती की दी बधाई और शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिखों के 10वें गुरू और खालसा पंथ के संस्थापक गुरू गोविन्द सिंह की जयंती के अवसर पर सिख समाज सहित सभी प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि गुरु गोविंद सिंह आध्यात्मिक गुरू और निडर योद्धा भी थे। उन्होंने प्रेम, एकता, भाईचारे का संदेश लोगों को दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरू गोविंद सिंह के बताए रास्ते पर चलकर हम सभी को देश और समाज के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने शिशुओं को कराया अन्नप्राशन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टाल में पहुंचकर विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने माताओं के साथ आए शिशुओं का अन्नप्राशन कराया और उन्हें दुलार कर उनके स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।
पीएम जनमन योजना के तहत गरियाबंद में धवलपुर, जिडार, जुगाड़ एवं पीपरछेड़ी में बनेगा सर्वसुविधायुक्त छात्रावास
रायपुर। गरियाबंद के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद प्रवास के दौरान केन्द्र सरकार की विशेष योजना ‘पीएम जनमन’ के तहत 4 नये छात्रावास भवनों का शिलान्यास किया। ये छात्रावास धवलपुर, जिडार, जुगाड़ और पीपरछेड़ी में बनाए जाएंगे। इन छात्रावासों को पूर्ण करने के लिए 10 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।
उल्लेखनीय है कि वनांचल गरियाबंद जिले में कमार विशेष पिछड़ी जनजाति निवास करती है। इन वर्गों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए पीएम जनमन योजना के तहत इन छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। इससे इन वर्गों के बच्चों की पढ़ाई निरंतरता आएगी। साथ ही वे अपने बेहतर कैरियर का भी निर्माण कर सकेंगे। पीएम जनमन योजना के तहत बनाए जाने वाले ये छात्रावास सर्वसुविधायुक्त होंगे। इन छात्रावासों में पुस्तकालय एवं कंप्यूटर कक्ष का भी निर्माण किया जाएगा।
पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, ASI, प्रधान आरक्षक समेत 154 पुलिसकर्मी हुए इधर से उधर, देखें लिस्ट…
बालोद। जिले के पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है. पुलिस अधिक्षक सुरजन राम भगत ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मीयों का ट्रांसफर किया है. जारी ट्रांसफर लिस्ट में 4 सहायक उप निरीक्षक, 22 प्रधान आरक्षक और 132 आरक्षक का नाम शामिल हैं. इस प्रकार कुल 154 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है.
देखें लिस्ट :-




मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गरियाबंद में राष्ट्र जागरण 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल
रायपुर। भारत की सनातन परंपरा एक उदार परम्परा है, जो सबको साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सनातन परम्पराओं और संस्कारों से हम सभी को जोड़ने के लिए अनेक अभिनव प्रयास किया जा रहा है। पिछले वर्ष ही अयोध्या धाम में बने भव्य राम मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी जी ने श्रीरामलला प्राण-प्रतिष्ठा की। आज देश-दुनिया से बड़ी संख्या में लोग श्रीरामलला के दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। हमारी सरकार श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के जरिए भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के लोगों को श्रीरामलला के दर्शन करा रही है। अब तक छत्तीसगढ़ से 20 हजार से अधिक लोगों ने योजना का लाभ उठाते हुए श्रीरामलला जी का दर्शन किया है। हमने राज्य की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए राजिम मेले का आयोजन पुनः उसके व्यापक स्वरूप में राजिम कुंभ कल्प के रूप में शुरू किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जिला मुख्यालय गरियाबंद के गांधी मैदान में आयोजित राष्ट्र जागरण 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में आमसभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ गायत्री महायज्ञ में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह हमारे देश की सभ्यता है कि हम स्त्री को देवी का स्वरूप मानते हैं। हमारी सरकार ने देवी स्वरूप माताओं-बहनों के लिए महतारी वंदन योजना लागू कर उन्हें सम्मान देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि गायत्री परिवार के सदस्यों ने वेदमाता गायत्री के 108 कुण्डीय महायज्ञ का भव्य आयोजन किया है और गायत्री महायज्ञ के माध्यम से समाज को धर्म, सद्कर्म से जोड़ने और सद्भाव बढ़ाने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गायत्री परिवार के सदस्यों ने देश को मजबूती प्रदान करने का कार्य किया है, क्योंकि कोई भी देश तभी मजबूत हो सकता है, जब उसकी बुनियाद मजबूत हो। हमारे देश की बुनियाद हमारी सनातन परम्पराओं में है। उन्होंने बताया कि हमारा परिवार कई दशकों से गायत्री परिवार के साथ जुड़ा हुआ है। गायत्री परिवार के सदस्य धर्म जागरण का कार्य कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश माता कौशिल्या की धरती है तथा भगवान श्रीराम जी का ननिहाल है। गायत्री महामंत्र वेदों का और हमारी सनातन परम्परा का सबसे महत्वपूर्ण मंत्र है। यह हमें सन्मार्ग की ओर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के उप कुलाधिपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि मनुष्य को जीवन एक स्वर्णिम अवसर के रूप में मिला है, जिसे अच्छे उद्देश्य में लगाना चाहिए। गायत्री परिवार इंसान के अंदर देवत्व की भावना को जगाने वाला परिवार है। यज्ञ हमें श्रेष्ठ कर्म की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने गायत्री परिवार के सदस्यों को आह्वान किया कि वे समाज से नशे की बुराई को दूर करने के लिए लगातार प्रयास करें।
इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल, महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित गायत्री परिवार के सदस्यगण एवं अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद थे।


अनुकंपा एवं आंगनबाड़ी नियुक्ति पाने वालों ने कहा थैंक्यू सीएम सर...
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर गरियाबंद जिले में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण एवं आंगनबाड़ी के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। इसके फलस्वरूप लगभग 50 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति मिल चुकी है, साथ ही 206 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की भर्ती भी हुई है। आज गरियाबंद जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शामिल होकर जिला प्रशासन के इस विशेष अभियान की प्रशंसा की। साथ ही लाभान्वित हितग्राहियों ने एक स्वर में थैंक्यू सीएम सर कहकर मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताया। कार्यक्रम स्थल में लगाये गये विभागीय स्टॉल के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय से नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका ने मुलाकात की। सभी ने प्रसन्न होकर हुए मुख्यमंत्री को अपनी नियुक्ति के संबंध में जानकारी दी। सभी ने शासन के विशेष पहल से नौकरी मिलने की जानकारी देते हुए खुशी जताई।
अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों में छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पाण्डुका निवासी 18 वर्षीय दीपशिखा सिन्हा भी शामिल है। उन्होने बताया कि उनकी मां श्रीमती दुर्गा सिन्हा प्राथमिक बालक शाला पाण्डुका में सहायक शिक्षक के रूप में पदस्थ थी। 23 मई 2022 को अचानक उनका निधन हो गया। अचानक मां के आकस्मिक निधन से जीवनयापन का बड़ा संकट आ पड़ा। परंतु राज्य सरकार की पहल से मुझे 10 सितंबर 2024 चतुर्थ श्रेणी में भृत्य के पद पर नियुक्ति प्रदान की है। मेरी पोस्टिंग शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अतरमरा में दी गई है। उन्होंने बताया कि सरल प्रशासनिक प्रक्रिया से अनुकंपा नियुक्ति मिल जाने से कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। अब शासकीय नौकरी मिल जाने से परिवार के भरण पोषण एवं भविष्य की भी चिंता दूर हो गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए निष्ठा एवं लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शुभकामनाएं दी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अभनपुर को दी 17 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत अभनपुर विधानसभा में 17 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। सांसद श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए वे सतत प्रयासरत हैं।बृजमोहन अग्रवाल ने ग्राम बिरौदा में लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत से सीसी रोड, नाली, स्कूल में अतिरिक्त कक्ष, महिला भवन, सामुदायिक भवन, मानस भवन, पुस्तकालय भवन, शेड निर्माण और सुलभ शौचालय का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 8 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल-पुलिया का उद्घाटन भी किया गया।
ग्राम सकरी में 5 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें जल जीवन मिशन के तहत 1.31 करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकी और पाइपलाइन विस्तार, 1.2 करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत नाली निर्माण के साथ शेड, शौचालय और सीसी रोड का निर्माण शामिल है।
ग्राम सुंदरकेरा में 1.5 करोड़ रुपये की लागत से लोक कल्याण के कार्यों का लोकार्पण किया गया। वहीं, ग्राम हसदा में 1 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण करते हुए हाईस्कूल भवन और सीसी रोड निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई।
इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू, जिला पंचायत सदस्य सौदागर सोनकर, जनपद सदस्य राजेश साहू, अशोक बजाज, विजय गोयल, वासू साहू, मनीष साहू, नत्थूलाल साहू, शशी साहू समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सांसद श्री अग्रवाल ने सभी स्थानीय निवासियों को इन विकास कार्यों की बधाई देते हुए कहा कि ये कार्य क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगे और आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे।







मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरियाबंद को दी 338 करोड़ की सौगात, 193 विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के जीवन में विकास का उजियारा लाने की बड़ी पहल की है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। गरियाबंद विशाल वन क्षेत्र और प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध जिला है। यहां बड़ी संख्या में विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं, जिनकी विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार मोदी की गारंटी के हर वायदे को पूरा कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज गरियाबंद जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित आमसभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर 338 करोड़ रुपए के 193 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। इनमें 119 करोड़ रुपए के 44 कार्यों का लोकार्पण तथा 219 करोड़ रुपए के 149 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने इस मौके पर जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र देवभोग-झाखरपारा के 36 गांवों के लोगों की सुविधा के लिए बेलाट नाले पर पुल निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में 99 हितग्राहियों को कृषि पंप, मछली जाल सहित एक करोड़ 27 लाख रूपये विभिन्न सामग्रियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में पात्र लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि पीएम जनमन योजना अंतर्गत 2 हजार 528 से अधिक आवास गरियाबंद में हमारे कमार जनजाति के लोगों के लिए स्वीकृत किये गये हैं। गरियाबंद जिले में ही इस योजना के माध्यम से 58 करोड़ रुपए की लागत से 49 सड़कें बन रही हैं। सड़कों के पूर्ण होने से कमार जनजाति की बसाहटें अब मुख्यधारा से जुड़ जाएगी, कमार जनजाति के बच्चे अब आसानी से उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे। कमार बसाहटों तक आसानी से जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस पहुंच पाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब हमने कुंभ मेले का आयोजन राजिम में आरंभ कराया था तब त्रिवेणी संगम की इस नगरी में पूरे देश से संतों का समागम हुआ। राजिम का यश और बढ़ा। दुर्भाग्य से पूर्ववर्ती सरकार ने इसकी गरिमा कम कर दी। हमारी सरकार ने इसे फिर से उसी भव्य रूप में आरंभ किया है। अगले महीने राजिम कुंभ का आयोजन पुनः होगा। इस बार भी पूरी भव्यता से इस सुंदर समारोह का आयोजन हम करेंगे। राजिम में संत-समागम होगा और हम सब इस सत्संग का लाभ प्राप्त करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिकासार कोडार लिंक परियोजना के सर्वे का कार्य तेजी से हो रहा है। 112 किमी अंडर ग्राउंड नहर लाइनिंग का कार्य पूरा होने पर गरियाबंद जिले के हजारों किसान लाभान्वित होंगे। सुपेबेड़ा के किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस सुविधा के लिए जिला मुख्यालय एवं देवभोग में डायलिसिस सेंटर आरंभ किये गये हैं। इस समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग को अनुसंधान के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन के नवाचार कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ माँ के नाम लगाने का अभियान आरंभ किया। इसमें एक ही दिन में गरियाबंद की माताओं-बहनों ने 87 हजार से अधिक पौधे लगाकर लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करा दिया। इसके लिए सभी माताओं-बहनों को बहुत बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे नतीजों के लिए यहां गौरव गरियाबंद अभियान चलाया जा रहा है। डिजिटल क्लास रूम और स्टूडियो के माध्यम से भी छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है, यह अच्छी पहल है।
कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, लोकसभा क्षेत्र महासमुंद की सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम क्षेत्र के विधायक रोहित साहू ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।


