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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : निलंबित अफसर त्रिपाठी की क्रिमिनल रिवीजन पर हुई सुनवाई, हाईकोर्ट ने EOW को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाला मामले में आबकारी विभाग के निलंबित अफसर अरुणपति त्रिपाठी की क्रिमिनल रिवीजन पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब घोटाले मामले में मई 2023 में आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और शराब वितरण कंपनी सीएसएमसीएल के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था. पूछताछ के बाद ईडी की विशेष अदालत ने जेल भेज दिया था. त्रिपाठी ने विशेष अदालत में जमानत अर्जी लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका लगाई. राहत नहीं मिलने पर त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में दोबारा जमानत अर्जी लगाई, जिस पर उन्हें जमानत दी गई थी.
उल्लेखनीय है कि त्रिपाठी के मामले में ईओडब्ल्यू ने भी संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया था. विभाग ने बिना शासन की अनुमति लिए ही कार्रवाई कर ली थी. इसे त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में चुनौती देकर क्रिमिनल रिवीजन प्रस्तुत की. इसमें कहा गया कि धारा 9 के अंतर्गत ऐसे मामलों में शासन की अनुमति पहले लेनी चाहिए. जस्टिस अरविन्द कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में आज सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है. मामले में अगली सुनवाई 17 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में संभावित है.
खेल न केवल मनोरंजन, बल्कि अनुशासन और खेल भावना का प्रतीक: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा आयोजित सिंधी प्रीमियर लीग में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शामिल होकर विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर उन्होंने पत्रकार बनाम पुलिस के बीच हुए रोमांचक क्रिकेट मुकाबले का भी आनंद लिया।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि “हर गेंद एक नया मौका है और हर रन एक नई उम्मीद। खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, टीम वर्क और खेल भावना का प्रतीक भी है।” उन्होंने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेलों के माध्यम से व्यक्ति में अनुशासन, समर्पण और सहयोग की भावना विकसित होती है, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होती है।
इस अवसर पर आयोजन समिति के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे। सांसद श्री अग्रवाल ने आयोजन समिति को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि ऐसे टूर्नामेंट समाज में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का कार्य करते हैं।






राजधानी रायपुर में महिला मड़ई का शुभारंभ, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्टॉलों का किया अवलोकन
रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय महिला मड़ई का शुभारंभ किया। ’सशक्त महिला समृद्ध महिला’ की थीम पर इस मड़ई का आयोजन किया जा रहा है। यह मड़ई आगामी 08 मार्च तक चलेगा। इस मड़ई में प्रदेश भर की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों की प्रदर्शनी एवं विक्रय किया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने महिला मड़ई में महिला समूहों द्वारा बिक्री सह प्रदर्शनी के लिए लगाए स्टालों का अवलोकन किया। महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े को अपने बीच पाकर उत्साहित हुई। श्रीमती राजवाड़े ने यहां लगे विभिन्न स्टालों में जमकर खरीदारी की और रागी,सत्तू और बाजरे का लड्डू स्वाद चखा और उसकी सराहना भी की। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पदमश्री जागेश्वर यादव का सम्मान किया।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, सदस्य राज्य महिला आयोग लक्ष्मी वर्मा, शालिनी राजपूत शाहिद, सचिव सम्मी आबिदी, संचालक जन्मेजय महोबे सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
महिला मड़ई में लगाए गए 87 स्टॉलों बिक्री-सह प्रदर्शनी का अवलोकन दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक किया जा सकता है। मड़ई में सेल्फी जोन बनाया गया है जो आकर्षण का केंद्र है। इसके साथ ही साथ बच्चों के लिए प्ले जोन भी बनाया गया है, जिसमें बच्चों के मनोरंजन के लिए आकर्षक झूले एवं खेल-खिलौने की व्यवस्था की गई है।


महिला मड़ई में नवा बिहान, महतारी वंदन सखी सेंटर, वुमन हेल्पलाइन, दिशा दर्शन, कन्या विवाह, स्पॉन्सरशिप, फास्टर केयर, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड,चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल विवाह, दत्तक ग्रहण और आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र का स्टॉल लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहे। इस मड़ई मेले में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया जिसमें छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच की सुश्री गरिमा दिवाकर ने मनमोहक प्रस्तुति दी।
मड़ई मेले में महिला एवं बाल विकास विभाग के समूहों के साथ अन्य विभागों के समूह जैसे-एनआरएलएम, वन विभाग, पंचायत विभाग इत्यादि की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों के विक्रय एवं प्रदर्शन के लिए निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्थानीय महिला उद्यमियों एवं महिलाओं को आगे बढ़ने हेतु अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंजीकृत महिला उद्यमियों, उत्पादक, स्टार्ट-अप को भी स्टॉल उपलब्ध कराया गया है।
छत्तीसगढ़ में पहली बार हस्तलिखित बजट पेश
100 पृष्ठों में वित्त मंत्री ने हाथ से लिखा ऐतिहासिक बजट
रायपुर, 03 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया। यह पहला मौका है जब राज्य में कंप्यूटर-टाइप्ड बजट की जगह खुद वित्त मंत्री के हाथों से लिखा गया बजट सदन में प्रस्तुत किया। यह बजट 100 पृष्ठों की है, जिसे पूरी तरह हाथ से लिखा गया है।वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे परंपराओं की ओर वापसी और मौलिकता को बढ़ावा देने का कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हस्तलिखित बजट पेश करना एक अलग पहचान और ऐतिहासिक महत्व रखता है।
नई परंपरा की शुरुआत
अब तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में केवल कंप्यूटर-टाइप्ड बजट ही पेश किए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार परंपरागत और अनूठे अंदाज में बजट तैयार किया गया। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी का मानना है कि इससे प्रामाणिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
CHHATTISGARH BUDGET 2025 LIVE: विधानसभा में बजट सत्र की कार्यवाही, वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश कर रहे बजट - CHHATTISGARH BUDGET 2025
रायपुर: विष्णुदेव साय सरकार आज विधानसभा में छत्तीसगढ़ बजट 2025 पेश कर रही है. साय सरकार का ये दूसरा बजट है जिसे वित्त मंत्री ओपी चौधरी दूसरी बार पेश कर रहे हैं. दोपहर साढ़े 12 बजे वित्त मंत्री छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट पेश करेंगे. मंत्री चौधरी ने कहा कि इस बार का बजट पिछले साल के बजट का अगला कदम होगा. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की तर्ज पर 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करने का लक्ष्य है. इस बार का बजट उस दिशा में आगे ले जाने वाला साबित होगा.
बजट प्रस्तुत करने के पूर्व वित्त मंत्री ओपी चौधरी पहुंचे श्रीराम मंदिर, की पूजा-अर्चना
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट पेश करने से पहले प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी आज वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर पहुंचे। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने श्री राम मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की रणनीति और दबाव के सामने नक्सलियों की टीसीओसी माह की रणनीति विफल
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। शासन-प्रशासन की नक्सलवाद के समूल खात्मे की मुहिम के तहत सुरक्षबलों की रणनीति और दबाव के आगे नक्सलियों की कमर टूट चुकी है। उनके गढ़ बारी-बारी से समाप्त किए जा रहे हैं। कहने का मतलबयह कि अब वह दूर दिन नहीं है जब राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा। यही कारण है कि नक्सली टीसीओसी (टैक्टिकल काउंटर अफेंसिव कैंपेन) माह में सुरक्षाबलों को चुनौती नहीं दे पा रहे हैं, जिसके जरिए वे सुरक्षाबलों को अपना निशाना बनाते थे। वैसे भी नक्सली पिछले 14 महीने से लगातार दबाव में हैं और उनके कोर इलाकों में सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सल संगठन को बड़ा नुकसान हुआ है।
बस्तर रेंज में बीते 60 दिनों के भीतर 67 हार्डकोर नक्सली मारे गए हैं। अब नक्सली सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के स्थान पर टीसीओसी माह के दौरान जितने भी मुठभेड़ हुई हैं, उसमें विगत 14 माह के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं। इसमें 300 से अधिक नक्सली मारे गए वहीं अब तक 985 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और 1177 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है।
उल्लेखनीय है कि किसी तरह सुरक्षाबलों पर हमला कर वापसी की रणनीति तैयार करने और अन्य नक्सल गतिविधियों पर रायशुमारी के लिए सुकमा जिले के किस्टाराम थाना क्षेत्र के पुट्टेपाड़ व गुंडराज गुडेम के जंगल में 01 मार्च 2025 को एक बड़ी मीटिंग बुलाई गई थी। इस नक्सली जमावड़े की सूचना सुरक्षाबलों को मिल गई और सुरक्षाबलों के जवान मौके पर पहुंचकर दो नक्सलियों को मार गिराया और नक्सलियों की रणनीति को विफल कर दिया।
गौरतलब है कि नक्सली गर्मी के शुरू होते ही टीसीओसी (टैक्टिकल काउंटर अफेंसिव कैंपेन) मनाते हैं, इसके पीछे भी बड़ा कारण है कि गर्मी में जंगलों में पतझड़ की स्थिति रहती है। पतझड़ की वजह से जंगल में दूर-दूर तक आसानी से देखा जा सकता है और पत्तों के नीचे वूबी ट्रैप और आईईडी भी नक्सली लगाकर रखते हैं और जवानों को निशाना बनाते हैं। बस्तर में अब तक जितनी भी बड़ी नक्सली वारदातें हुई हैं वह टीसीओसी के दौरान ही हुई हैं, लेकिन अब इस दौरान नक्सलियों को मुंह की खानी पड़ रही है।
एक मार्च से जून के पहले हफ्ते तक नक्सलियों का टीसीओसी महीना चलता था। लेकिन पिछले कुछ सालों से कमजोर पड़ रहे नक्सलियों ने इसे मार्च से पहले फरवरी माह के मध्य से ही शुरू कर दबाव बनाने की रणनीति के तहत अपने संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया, जिसमें उन्हे सफलता नहीं मिली है। टीसीओसी माह के दौरान नक्सली बड़ी वारदात को अंजाम देने में लग जाते हैं। नक्सली टीसीओसी महीने में अपने संगठन को मजबूत करते हैं, नए लड़ाकों की भर्ती करते हैं। उन्हें हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने के साथ-साथ फोर्स पर हमला करना भी सिखाते हैं। नक्सली ज्यादातर बड़ी घटनाओं को फरवरी से मई के बीच में अंजाम देते हैं। इस दौरान बीते 10 सालों में अब तक टीसीओसी माह के दौरान 250 जवान बलिदानी हो चुके हैं।
टीसीओसी माह के दौरान हुई प्रमुख घटनाओं में बलिदानी हुए जवानों का आंकड़ा –
-06 अप्रैल 2010- ताड़मेटला हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान बलिदान। -25 मई 2013- झीरम हमले में 30 से अधिक कांग्रेसी नेता मारे गए और कई जवान बलिदान। -11 मार्च 2014- टाहकावाड़ा नक्सली हमले में 15 जवान बलिदान हुए। -12 अप्रैल 2015-दरभा में 5 जवानों समेत एंबुलेंस चालक और स्वास्थ्य कर्मी बलिदान।-मार्च 2017-सुकमा के भेज्जी हमले में 11 सीआरपीएफ जवान बलिदान हुए।-06 मई 2017-सुकमा के कसालपाड़ हमले में 14 जवान बलिदान।- 25 अप्रैल 2017-सुकमा के बुर्कापाल बेस कैंप हमले में 32 सीआरपीएफ के जवान बलिदान।- 21 मार्च 2020-सुकमा के मीनपा हमले में 17 जवान बलिदान।- 23 मार्च 2021-नारायणपुर के कोहकामेटा आईईडी ब्लॉस्ट में 5 जवान बलिदान।- 03 अप्रैल 2021-बीजापुर जिले में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 22 जवान बलिदान हुए।
बस्तर आईजी सुंरदराज पी. ने रविवार को बताया कि नक्सलियों की टीसीओसी के दौरान बस्तर पुलिस को भी बीते वर्ष 2024 में काफी उपलब्धि मिली है। इस दौरान नक्सली संगठन के कई बड़े कैडर के नक्सली भी मारे गए हैं। वर्ष 2024 में नक्सल विरोधी अभियान में प्राप्त बढ़त को आगे बरकरार रखते हुये, वर्ष 2025 में भी बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों के जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रखी है। उन्होंने बताया कि पिछले 60 दिनों में अलग-अलग मुठभेड़ों में 67 नक्सलियों को ढेर किया जा चुका है और इनके शव भी बरामद कर लिये गये हैं।
उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खात्मे के लिए डीआरजी, कोबरा, एसटीएफ, बीएसएफ, बस्तर फाइटर्स व समस्त सुरक्षा बल के जवान मजबूत मनोबल और स्पष्ट लक्ष्य के साथ बस्तर क्षेत्र की शांति, सुरक्षा व विकास के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित नक्सली संगठन के पास अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है। इसलिए नक्सली संगठन से अपील है कि वे तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ें अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहें।
आबकारी नीति में कोई बदलाव नहीं, कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुमोदन किया गया। वर्ष 2025-26 की आबकारी नीति वर्ष 2024-25 की भांति होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 674 मदिरा दुकानें तथा आवश्यकता अनुसार प्रीमियम मदिरा दुकानें संचालित करने का निर्णय भी यथावत् रखा गया है। देशी मदिरा की आपूर्ति पूर्ववत् रेट ऑफर प्रभावी रहेगा। विदेशी मदिरा थोक क्रय, वितरण छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा होगा। मदिरा पर लागू अधोसंरचना विकास शुल्क यथावत् रहेगा। विदेशी मदिरा फुटकर दुकानों पर 9.5 प्रतिशत की दर से लगने वाला अतिरिक्त आबकारी शुल्क समाप्त होगा।
मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गयामंत्रिपरिषद द्वारा ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के हित को देखते हुए ई-प्रोक्योरमेंट के लिए गठित सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। चूंकि वर्तमान में पीएफआईसी द्वारा 100 करोड़ रूपए से उपर की परियोजनाएं स्वीकृत किए जा रहे हैं। बड़ी आईटी परियोजनाओं के संबंध में पहले से सशक्त समिति अनुमोदन की अनिवार्यता होने से अनुमोदन प्रक्रिया का डुप्लिकेशन होता है। इस कारण सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया।छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ता मामलों की समयबद्ध सुनवाई के लिए सदस्य का एक नवीन पद सृजित करने का निर्णय लिया गया।खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के समर्थन मूल्य योजना में धान एवं चावल परिवहन की दर के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा दर को स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन एवं विविध प्रकीर्ण उपबंध विधेयक-2025 के माध्यम से कारखाना अधिनियम-1948, औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 तथा ट्रेड यूनियन अधिनियम-1976 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।रजिस्ट्री ऑफिसों के नियमित रूप से संचालन के लिए वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग में उप पंजीयक के पदोन्नति श्रेणी के रिक्त 9 पदों की पूर्ति के लिए पांच वर्ष की अर्हकारी सेवा में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।राज्य में 01 नवम्बर 2024 से औद्योगिक विकास नीति 2024-30 प्रभावशील है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम-2002 में प्रस्तावित संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केन्द्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के मध्य आजीविका सृजन एवं ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कल्याण विषयक एमओयू के लिए राज्य सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अधिकृत किया गया
आबकारी नीति में कोई बदलाव नहीं, कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुमोदन किया गया। वर्ष 2025-26 की आबकारी नीति वर्ष 2024-25 की भांति होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 674 मदिरा दुकानें तथा आवश्यकता अनुसार प्रीमियम मदिरा दुकानें संचालित करने का निर्णय भी यथावत् रखा गया है। देशी मदिरा की आपूर्ति पूर्ववत् रेट ऑफर प्रभावी रहेगा। विदेशी मदिरा थोक क्रय, वितरण छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा होगा। मदिरा पर लागू अधोसंरचना विकास शुल्क यथावत् रहेगा। विदेशी मदिरा फुटकर दुकानों पर 9.5 प्रतिशत की दर से लगने वाला अतिरिक्त आबकारी शुल्क समाप्त होगा।
मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गयामंत्रिपरिषद द्वारा ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के हित को देखते हुए ई-प्रोक्योरमेंट के लिए गठित सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। चूंकि वर्तमान में पीएफआईसी द्वारा 100 करोड़ रूपए से उपर की परियोजनाएं स्वीकृत किए जा रहे हैं। बड़ी आईटी परियोजनाओं के संबंध में पहले से सशक्त समिति अनुमोदन की अनिवार्यता होने से अनुमोदन प्रक्रिया का डुप्लिकेशन होता है। इस कारण सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया।छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ता मामलों की समयबद्ध सुनवाई के लिए सदस्य का एक नवीन पद सृजित करने का निर्णय लिया गया।खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के समर्थन मूल्य योजना में धान एवं चावल परिवहन की दर के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा दर को स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन एवं विविध प्रकीर्ण उपबंध विधेयक-2025 के माध्यम से कारखाना अधिनियम-1948, औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 तथा ट्रेड यूनियन अधिनियम-1976 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।रजिस्ट्री ऑफिसों के नियमित रूप से संचालन के लिए वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग में उप पंजीयक के पदोन्नति श्रेणी के रिक्त 9 पदों की पूर्ति के लिए पांच वर्ष की अर्हकारी सेवा में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।राज्य में 01 नवम्बर 2024 से औद्योगिक विकास नीति 2024-30 प्रभावशील है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम-2002 में प्रस्तावित संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केन्द्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के मध्य आजीविका सृजन एवं ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कल्याण विषयक एमओयू के लिए राज्य सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अधिकृत किया गया
क्या मेडिकल घोटाले पर सदन में दहाड़ेंगे अजय चंद्राकर?
रायपुर/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में अब तक फायरब्रांड नेता कुरूद विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर छाए हुए हैं।उनकी शेर सी दहाड़ सत्र के हर दिन सुनाई दे रही है। ये अच्छी बात है कि वे लगातार जनहित के मुद्दे उठाकर अपनी ही सरकार को आइना दिखाते हुए जागरूक जनप्रतिनिधि होने का परिचय दे रहे है। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित लगभग 2000 करोड़ के मेडिकल घोटाले पर सदन में उनकी कैसी प्रतिक्रिया होगी?
गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार के दौरान सीजीएमएससी यानी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन में हुए इस घोटाले को भाजपा ने अपना चुनावी मुद्दा बनाया था। इसके बावजूद सत्ता आने के बाद साल भर तक इस मामले में किसी तरह की उच्चस्तरीय जांच नहीं की गई थी। प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने जब इस मामले की प्रधानमंत्री से शिकायत की तब जाकर बीते विधानसभा सत्र में ईओडब्ल्यू जांच की घोषणा हुई।
आपको बता दे कि इस घोटाले में अब तक ईओडब्ल्यू ने सिर्फ एक गिरफ्तारी मेडिकल सप्लाई करने वाली कंपनी मोक्षित कारपोरेशन के मुखिया शशांक चोपड़ा के रूप में की है। जबकि इस घोटाले से कई आईएएस अफसरों के साथ कई कर्मचारियों, सप्लायरों के तार जुड़े हुए है। सबसे आश्चर्य की बात तो यह भी रही की भाजपा सरकार आने के बाद भी विभागीय मंत्री के संरक्षण के चलते अफसरों की जुर्रत कम नहीं हुई। नए घोटाले की तैयारी कर डाली थी। पर समय रहते करस्तानी पकड़ी गई। ऐसे में इस मामले में सदन को सबसे जागरूक विधायक अजय चंद्राकर की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
मेडिकल घोटाले को लेकर विधायक अजय चंद्राकर से उम्मीद इसलिए भी है क्योंकि इस बजट सत्र के दौरान विधानसभा में वे बेहद ही आक्रमक अंदाज में नजर आ रहे हैं। बीते दिनों उन्होंने जहां वेटलैंड सर्वे का मुद्दा उठाकर जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप को कटघरे में खड़ा किया वही जल जीवन मिशन में हो रही अनियमिताओ को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव पर निशाना साधा और राजस्व मामले में हो रही गड़बड़ियों को लेकर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को अपने निशाने पर लिया। हालांकि यह भी देखा गया कि जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अजय चंद्राकर के साथ उनकी बातों के समर्थन में खड़े हुए तो अजय चंद्राकर ने उनसे कहा यह आपका समय की करनी है ये भोग रहे है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संत रविदास जयंती की दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संत रविदास जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि संत रविदास जी ने समाज में समता, एकता और भाईचारे के सिद्धांतों को प्रतिष्ठित किया। उनके उपदेशों ने मानवता की सेवा और सामाजिक समानता का संदेश दिया। संत रविदास जी ने अपने आध्यात्मिक संदेशों के माध्यम से जातिवाद, भेदभाव और सामाजिक असमानता का विरोध किया और प्रेम, करुणा तथा परोपकार को जीवन का आधार बनाने पर बल दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत रविदास जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे। वे हमें सद्भाव, सामाजिक उत्थान और मानवतावादी मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे संत रविदास जी के उपदेशों से प्रेरणा लेकर सामाजिक सद्भाव, समानता और सेवा के मूल्यों को आत्मसात करें और समाज को एक बेहतर दिशा देने में योगदान दें
कांग्रेस ने उठाया बड़ा कदम : 18 निष्कासित नेताओं की हुई घर वापसी, देखिये सूची …
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव खत्म होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने बड़ा कदम उठाया है. पार्टी अपने निष्कासित नेताओं की घर वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पार्टी ने 18 नेताओं का निष्कासन रद्द करते हुए उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया है. इस संबंध में प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने आदेश जारी किया है.
इन निष्कासित नेताओं की हुई वापसी
रायपुर के अजीत कुकरेजा, बिलासपुर के जसबीर गुब्बर, महासमुंद के विश्वजीत बोहरा, दंतेवाड़ा के मनोज मालवीय समेत अन्य 14 नेताओं को वापस पार्टी में लाया गया है. इन नेताओं की पार्टी में वापसी के लिए एक छानबीन समिति का गठन किया गया था, जिसकी अनुशंसा पर यह निर्णय लिया गया.
देखिये सूची-

JEE मेन 2025 रिजल्ट: छत्तीसगढ़ के हर्ष बने स्टेट टॉपर
रायपुर। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा मुख्य 2025 की फाइनल आंसर-की 10 फरवरी को जारी कर दी है और आज किसी भी वक्त जेईई मेन रिजल्ट 2025 को जारी किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ के भी कई छात्रों ने इस परीक्षा में कामयाबी का झंडा गाड़ा है।
जेईई मेन 2025 के सेशन-1 परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. इसमें 14 स्टूडेंट्स ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर के साथ टॉप किया है, जिसमें से सबसे अधिक 5 टॉपर राजस्थान के हैं।यूपी के दो स्टूडेंट्स ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया है। वहीं कैटेगरी वाइज टॉपर की बात करें तो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के दिव्यांग कैटेगरी में हर्सिल गुप्ता, छत्तीसगढ़ 99.9545990 हासिल कर टॉपर की लिस्ट में जगह बनाई हैं।
परिणाम जारी होने के बाद उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर संयुक्त प्रवेश परीक्षा मुख्य (JEE Main) BE और BTech पेपर के लिए परिणामों की जांच कर सकेंगे।
एनटीए ने जेईई मेन 2025 का पहला सत्र 22 से 30 जनवरी तक आयोजित किया। जेईई मेन में उपस्थित होने वाले छात्रों और विशेषज्ञों से प्राप्त फीडबैक के अनुसार, 22 से 29 जनवरी के बीच आयोजित जेईई मेन 2025 की सभी शिफ्टों में प्रश्नों में कक्षा 11 और 12 की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के लगभग सभी अध्याय शामिल थे।
छत्तीसगढ़ के इन छात्रों को जेईई मेन के रिजल्ट में मिली सफलता
1हर्षल गुप्ता 99.954599
2 हर्ष कुमार 99.9172429
3 किंशुक केडिया 99.9087483
4 पृथ्वी देवांगन 99.767314
5 तनीषा अग्रवाल 99.7588904
6 श्रीसंत कुमार मोहना 99.7255572
7 अनिमेष कुमार डहरवाल 99.6479855
8 अक्षत गोयल 99.721524
9 प्रद्युम्न गोंदुले 99.6270581
नगरीय निकाय चुनाव 2025: वोटिंग खत्म होने के बाद मतदान दलों की वापसी शुरू, स्ट्रांग रूम में जमा हो रही EVM मशीनें
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगर सरकार चुनने के लिए मतदान खत्म होने के बाद मतदान कर्मियों के लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। सभी मतदान केंद्रों से ईवीएम मशीनों को सुरक्षित स्ट्रांग रूम तक पहुँचाया जा रहा है। राजधानी में सेजबहार इंजीनियरिंग कॉलेज को स्ट्रांग रूम के रूप में तैयार किया गया है, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईवीएम जमा की जा रही हैं। अभी तक शंकर नगर, श्याम नगर, तेलीबांधा, कटोरा तालाब स्थित मतदान केंद्रों से मतदान दल पहुंच चुके हैं।
लोगों में मतदान को लेकर दिखा जबरदस्त उत्साह
बता दें कि रायपुर नगर निगम में मतदान समाप्ति के बाद मतदान का प्रतिशत करीब 49.55 है। हालांकि, मतदान कर्मियों ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और लोगों में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे मतदान प्रतिशत संतोषजनक रहा। हालांकि, कुछ केंद्रों पर हल्की दिक्कतें आईं, लेकिन उन्हें तत्काल हल कर दिया गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
उप निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि सभी सेक्टर अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और मतदान दलों की वापसी सुनिश्चित की जा रही है। स्ट्रांग रूम के आसपास 100 मीटर की परिधि में सुरक्षा घेरा बनाया गया है और इसे नो एंट्री ज़ोन घोषित कर दिया गया है। दो परतों में सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ CCTV निगरानी भी रखी जा रही है।
गौरतलब है कि मतदान दलों के सुरक्षित लौटने के बाद स्ट्रांग रूम को नियमानुसार सील कर दिया जाएगा। 15 फ़रवरी को मतगणना के दिन सुबह निर्धारित प्रक्रिया के तहत सील खोली जाएगी और मतगणना कार्य शुरू होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गोवा के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमेश बी. तावड़कर ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शाम यहां उनके निवास में गोवा के विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमेश बी. तावड़कर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सांकरा, पाटन दुर्ग के कुलपति प्रोफेसर रवि आर.सक्सेना ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रोफेसर सक्सेना से चर्चा के दौरान प्रदेश में, विकासखंडवार उपजाए जाने वाले विशिष्ट फलों और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित करने, खेती की अत्याधुनिक तकनीकी और अनुसंधान कार्यों को किसानों तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने तथा क्षमता विकास के लिए स्किल डेवलपमेंट के कोर्स प्रारंभ करने की पहल विश्वविद्यालय द्वारा की जानी चाहिए, जिससे अधिक से अधिक संख्या में किसान और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।
15 दिन तक बंद रहेंगी शराब दुकानें, आदेश जारी…
राजिम। राजिम कुंभ कल्प मेले के मद्देनजर छत्तीसगढ़ शासन ने 12 फरवरी से 26 फरवरी तक शराब दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है. महामाघी पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक चलने वाले इस धार्मिक मेले के दौरान श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है.
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, गरियाबंद जिले के राजिम, रायपुर जिले के गोबरा नवापारा और धमतरी जिले के मगरलोड सहित कुल 6 शराब दुकानें इस अवधि में पूरी तरह बंद रहेंगी. आबकारी विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं, और संबंधित जिलों के प्रशासन को इसका सख्ती से पालन कराने को कहा गया है.
