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राजधानी में ATS की बड़ी कार्रवाई: अवैध तरीके से रह रहे 3 बांग्लादेशी नागरिकों को किया गिरफ्तार, पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अवैध रूप से रह रहे तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वाड) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से की। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज भी बरामद किये है। पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि रायपुर में कुछ विदेशी नागरिक फर्जी पहचान के सहारे रह रहे हैं। इस इनपुट के आधार पर एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त जांच शुरू की। जांच के दौरान तीन संदिग्धों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जब पुलिस ने उनके भारतीय पहचान पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज की जांच की, तो पाया गया कि उनके पास मौजूद दस्तावेज फर्जी निकले। इसके बाद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों को हिरासत में ले लिया।
कैसे बने थे फर्जी दस्तावेज?
प्रारंभिक जांच के बाद आशंका जाते जा रही है कि गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिकों ने दलालों की मदद से भारतीय नागरिकता से जुड़े फर्जी दस्तावेज बनवाए होंगे। ये दलाल अवैध प्रवासियों को नकली पहचान पत्र बनवाने में मदद करते हैं, जिससे वे भारत में आसानी से रह सकें और विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान ?
1 – मोहम्मद इस्माईल (27 वर्ष)
पिता का नाम: शेख शमसुद्दीन
मूल निवासी: नाभरन, जिला जैसोर, प्रांत खुलना, बांग्लादेश
वर्तमान पता: मिश्रा बाड़ा, ताजनगर टिकरापारा, रायपुर
2 – शेख अकबर (23 वर्ष)
पिता का नाम: शेख शमसुद्दीन
मूल निवासी: नाभरन, जिला जैसोर, प्रांत खुलना, बांग्लादेश
वर्तमान पता: मिश्रा बाड़ा, ताजनगर टिकरापारा, रायपुर
3 – शेख साजन (22 वर्ष)
पिता का नाम: शेख शमसुद्दीन
मूल निवासी: नाभरन, जिला जैसोर, प्रांत खुलना, बांग्लादेश
रायपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी ताकि उनसे गहराई से पूछताछ की जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी
यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और रायपुर समेत राज्य के अन्य शहरों में भी अवैध प्रवासियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। रायपुर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह कार्रवाई राज्य की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हम किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे। अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ हमारी मुहिम जारी रहेगी।”
आयुष्मान योजना अंतर्गत फर्जी दावे करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई,रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर के 28 अस्पतालों का निरीक्षण, 15 अस्पतालों का पंजीयन निरस्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत फर्जी दावों पर सख्त कार्रवाई करते हुए रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के 28 अस्पतालों का निरीक्षण किया। जांच के बाद 15 अस्पतालों का पंजीयन एक वर्ष के लिए निरस्त कर दिया गया, जबकि 4 अस्पतालों को 6 माह के लिए, 4 को 3 माह के लिए निलंबित किया गया और 5 अस्पतालों को चेतावनी पत्र जारी किया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की नेशनल एंटी फ्रॉड यूनिट समय-समय पर फर्जी दावों की पहचान कर ट्रिगर भेजती रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ शासन ने विस्तृत परीक्षण कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद राज्य नोडल एजेंसी ने संदिग्ध अस्पतालों की पहचान कर राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की विशेष बैठक बुलाई। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिलों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसमें डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने प्रत्येक दिन दो अस्पतालों की गहन भौतिक जांच की।
निरीक्षण के दौरान अनियमितताओं के प्रमाण पाए जाने पर सभी 28 अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और जवाब देने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। अस्पतालों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण समाधानकारक नहीं पाए गए, जिसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कार्रवाई को जरूरी बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना और शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना का उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक को सुलभ और निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनियमितता करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस तरह की अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य योजनाओं की पारदर्शिता को लेकर पूरी तरह गंभीर है और जो भी अस्पताल नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। आयुष्मान योजना का लाभ केवल योग्य लाभार्थियों तक सही रूप में पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी सख्ती से निगरानी रखेगी और आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
राजिम कुंभ में झलक रहा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का भ्रष्टाचार, कुंड निर्माण के नाम पर की खानापूर्ति…
अभनपुर। राजिम कुम्भ कल्प 12 फरवरी से शुरू होने जा रहा है. आस्था, श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत इस आयोजन के ध्येय को जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की करस्तानी मटियामेट करती नजर आ रही है. कार्यों में साफ-साफ नजर आ रही खामी आयोजन के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है.
राजिम कुंभ कल्प के दौरान श्रद्धालुओं के स्नान के लिए रायपुर जिले के नवापारा के नेहरू घाट के पास जल संसाधन विभाग द्वारा पिछले वर्षों की तरह इस बार भी स्नान कुंड का निर्माण करवाया जा रहा है. कार्य को लेकर किस तरह की लापरवाही बरती जा रही है, इसे साफ देखा जा सकता है.
कुंड के किनारे पिछले वर्ष की रेत से भरी सड़ी-गली और पुरानी बोरियों के ऊपर रेत की एक-दो परत नई बोरियों को रख दिया गया है. इसके अलावा कुंड की गहराई भी यथावत है, याने इस बार इसकी न तो सफाई की ओर ध्यान दिया गया है, और न ही कुंड को गहरा किया गया है.

जानकार बताते हैं कि विभागीय अधिकारी नये निर्माण सामग्रियों और कुंड के गहरीकरण का पैसा निकालकर ठेकेदार के मिलीभगत कर गबन कर लेंगे. स्पष्ट है कि कार्य के नाम पर विभागीय अधिकारी राज्य सरकार की आंख में धूल झोंकने का प्रयास कर रहे हैं. इस खामी की तस्वीर को मन-मस्तिष्क में प्रदेश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु लेकर अपने-अपने घरों में जाएंगे. केवल छवि का ही नहीं इस खामी से अनहोनी भी हो सकती है.

मामले में अभनपुर जल संसाधन विभाग के एसडीओ आनंद निकोसे का कहना है कि कुंड निर्माण करने वाले के द्वारा अगर ऐसा किया जा रहा है, तो मैं उसे दिखवाता हूं. कुंड निर्माण में सामग्रियों और गहराई का भौतिक सत्यापन कर जितनी नई सामग्री होगी, उतने का ही भुगतान किया जाएगा. साथ ही काम के अनुरूप ही भुगतान किया जाएगा.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छात्र छात्राओं के साथ सुनी "परीक्षा पे चर्चा" की आठवीं कड़ी
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल देश की प्रगति की चिंता ही नहीं करते, बल्कि वे युवाओं से विशेष जुड़ाव रखते हैं। उनका यह प्रयास है कि भावी पीढ़ी सही निर्णय ले, जीवन की परीक्षाओं को आत्मविश्वास के साथ दे और देशहित में अपनी ऊर्जा का सर्वोत्तम उपयोग करे। प्रधानमंत्री की यह सोच "परीक्षा पे चर्चा" के माध्यम से मूर्त रूप लेती है, जो देश के करोड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों को संबल प्रदान करने वाली पहल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम के दौरान यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम शामिल होकर छात्र-छात्राओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वार्ता "परीक्षा पे चर्चा" को सुना। इसके उपरांत विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी भयमुक्त और तनावरहित वातावरण में करने के लिए छात्र छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले आठ वर्षों से लगातार परीक्षा के समय देश के विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं और उन्हें मूल्यवान टिप्स दे रहे हैं। सालभर की मेहनत के बावजूद परीक्षा के समय तनाव और दबाव का अनुभव होना स्वाभाविक है, लेकिन प्रधानमंत्री की यह पहल इस समस्या को दूर करने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। प्रधानमंत्री न केवल छात्रों से संवाद करते हैं, बल्कि अपने अनुभवों के माध्यम से सफलता का मंत्र भी देते हैं। यह संवाद न केवल बच्चों बल्कि उनके अभिभावकों को भी बहुत कुछ सिखाता है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि परीक्षा के समय उनका मनोबल बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा बच्चों को छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करने, संतुलित आहार लेने, भरपूर नींद लेने और मानसिक शांति बनाए रखने की सलाह देते हैं। इस वर्ष उन्होंने "सूर्य स्नान" के महत्व पर भी चर्चा की, जिससे विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नई प्रेरणा भी देते हैं।
मुख्यमंत्री ने साझा किए छात्र जीवन से जुड़े अनुभव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर अपने छात्र जीवन से जुड़े प्रेरक अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि गांव में उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई और वे पढ़ाई में हमेशा अच्छे रहे। लेकिन बचपन में ही पिता के निधन ने जीवन में कई चुनौतियाँ प्रस्तुत कीं, जिससे उन्होंने बहुत कुछ सीखा। उन्होंने आगे बताया कि उनकी हैंडराइटिंग बहुत अच्छी थी और शिक्षक उसे अन्य विद्यार्थियों के लिए उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तनाव तो स्वाभाविक है, लेकिन जब हमें अपनी तैयारी पर भरोसा होता है, तो हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान रायपुर के मयाराम सुरजन शासकीय स्कूल की छात्रा युक्तामुखी साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का अनुभव मुख्यमंत्री श्री साय के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री से सीधे सवाल पूछने का अवसर मिला, जो उनके लिए अविस्मरणीय क्षण था। युक्तामुखी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनके प्रश्न का उत्तर देते हुए सकारात्मक रहने और छोटी-छोटी खुशियों में आनंद खोजने का मंत्र दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे प्रदेश से 20 लाख से अधिक छात्र छात्राओं ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछने के लिए आवेदन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि "परीक्षा पे चर्चा" केवल परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि यह युवाओं के मानसिक विकास और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली एक सशक्त पहल है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों को, बल्कि अभिभावकों को भी उनके मार्गदर्शन और सहयोग की दिशा में नई दृष्टि प्रदान करता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस संवाद को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए विद्यार्थियों को परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजीव कुमार झा, संचालक शिक्षा दिव्या उमेश मिश्रा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।



नए स्वरूप में दिखेगा राजिम कुंभ कल्प : 20 सालों बाद बदला मेला स्थल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 54 एकड़ में भव्य मंच बनकर तैयार
राजिम। छत्तीसगढ़ के पवित्र तीर्थ त्रिवेणी संगम राजिम में 12 फरवरी से माघ पूर्णिमा के अवसर पर राजिम कुंभ कल्प 2025 का शुभारंभ होने जा रहा है। 20 वर्षों बाद पहली बार इस महाकुंभ के स्थान और स्वरूप में बड़ा बदलाव किया गया है। मेला अब संगम स्थल में नहीं, बल्कि वहां से 750 मीटर दूर लक्ष्मण झूला और चौबे बांधा के बीच लगेगा, जहां 54 एकड़ भूमि पर भव्य मंच तैयार किया गया है।

पंचकोशी धाम थीम पर विशेष आयोजन
इस वर्ष मेले की थीम “पंचकोशी धाम” पर आधारित होगी, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता और संस्कृति का भव्य अनुभव प्रदान करेगी। इस आयोजन के तहत धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, संत समागम और आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।
भक्तों और संतों का महासंगम
राजिम कुंभ कल्प मेले में देशभर से साधु-संतों, कथा वाचकों और श्रद्धालुओं का आगमन होगा। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, लोककला और आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन इस बार के कुंभ कल्प मेले को विशेष बनाएगा। मेला प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, पार्किंग, रुकने और खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई है।

राजिम में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
राजिम कुंभ कल्प को इस वर्ष नए भव्य स्वरूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राजिम कुंभ कल्प के इस महापर्व में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। 12 फरवरी से शुरू होने वाला यह मेला आस्था, आध्यात्म और संस्कृति का संगम साबित होगा।
नक्सली मुठभेड़ में शहीद नरेश धुव के पार्थिव शरीर को राजस्व मंत्री ने दिया कंधा
बलौदाबाजार। नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए नरेश कुमार ध्रुव का उनके गृह ग्राम गुर्रा में लोगों ने डबडबाई आंखों के साथ अंतिम विदाई दी. इसके पहले बलौदाबाजार में शहीद के पार्थिव शरीर को कलेक्टर-एसपी के साथ राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कंधा दिया. इस दौरान शहीद नरेश ध्रुव को नमन करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि उनकी कुर्बानी को देश याद रखेगा.
इसके पहले बीजापुर जिले के नेशनल पार्क के जंगल में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए प्रधान आरक्षक नरेश कुमार ध्रुव का पार्थिव शरीर आज बलौदाबाजार लाया गया. सेना के हेलीकॉप्टर के जरिए शहीद का पार्थिव शरीर चक्रपाणि हाईस्कूल मैदान में बने हेलीपैड पर पहुंचा. हेलीकॉप्टर से उतारते ही शहीद के पार्थिव शरीर को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, कलेक्टर दीपक सोनी और एसपी विजय अग्रवाल ने कंधा देते हुए श्रद्धांजलि सभा तक लाए.
आसमान में गूंजते ‘शहीद नरेश ध्रुव अमर रहे’ नारे के बीच शहीद के माता-पिता, पत्नी-बच्चे और परिजनों के साथ राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, भाटापारा विधायक इंद्र साव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर, नगरपालिका अध्यक्ष प्रत्याशी सुरेंद्र जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए. इसके बाद पुलिस बल ने शोक शस्त्र कर अपने साथी जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की.

शहीद के पिता महेश ध्रुव ने भरे गले से कहा कि देश व अपने छत्तीसगढ़ महतारी की रक्षा के लिए उनका बेटा शहीद हुआ है, यह गौरव की बात है. सबसे मार्मिक पल तब आया जब शहीद की बेटी विभूति ध्रुव ने अपने पिता को अंतिम विदाई देते हुए कहा कि वह बड़ी होकर अपने पिता से भी ऊंचे पद पर पहुंचकर देश की सेवा करेगी. उसके पापा चाहते थे कि उससे भी बड़ा आफिसर बने तो वह उसे पूरा करेगी. उसकी इस बात ने वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर दीं.

मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि हमारे जिले के नरेश कुमार ध्रुव नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए हैं. हम सब जिलावासी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. उनका यह समर्पण व्यर्थ नहीं जाएगा. हमारा जो वीर भाई है, भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी की रक्षा करते हुए शहीद हो गया. छत्तीसगढ़ सरकार छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए संकल्पित है. कुछ दिन बाद यहां से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा.

पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बीजापुर नक्सली हमले में शहीद जवान के पार्थिव शरीर को चॉपर के माध्यम से जिला मुख्यालय लाया गया, यहां उनको श्रद्धांजलि दी गई. उनके गृह ग्राम गुर्रा में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी. प्रशासन ने इसके लिए पूरी व्यवस्था कर ली है.

गृह ग्राम के लिए रवाना हुआ पार्थिव शरीर
श्रद्धांजलि सभा के बाद पुलिस पायलटिंग वाहन के जरिए शहीद के पार्थिव शरीर को भाटापारा ब्लॉक स्थित उनके गृह ग्राम गुर्रा के लिए रवाना किया गया. वहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में आम नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे. पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है, लेकिन शहीद की शौर्यगाथा ने हर किसी के हृदय में देशभक्ति की भावना को और प्रबल कर दिया है.
शहर सरकार के लिए कल बड़ा दिन, कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम लेकर मतदान दल हो रहे रवाना
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव में सोमवार 11 फरवरी का दिन महत्वपूर्ण हैं, इस दिन प्रदेश के तमाम नगरीय निकायों के मतदाता महापौर और पार्षद प्रत्याशियों की किस्मत तय करेंगे. कल के मतदान के लिए आज मतदान दलों को मतदान सामग्रियों का वितरण कर कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान केंद्र के लिए रवाना किया गया.
रायपुर नगर निगम के सभी 10 जोन और 70 वार्ड के लिए सेजबहार स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज से मतदान दलों को मतदान पेटियों का वितरण किया गया. प्रदेश की राजधानी में अन्य शहरों की तरह अध्यक्ष और पार्षद पद के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है. रायपुर में महापौर पद के लिए एक तरफ कांग्रेस से दीप्ति प्रमोद शर्मा, तो दूसरी ओर भाजपा की ओर से मीनल चौबे प्रत्याशी हैं.
इसी तरह बिलासपुर नगर निगम सहित जिले के नगरीय निकायों के लिए मतदान दलों को सामग्री वितरण किया गया. बिलासपुर नगर निगम में भाजपा की ओर से जहां पूजा विधानी तो दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से प्रमोद नायक मैदान में हैं. नगर निगम क्षेत्र में 70 वार्डों में मतदान के लिए 509 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. महापौर सहित पार्षद प्रत्याशियों की किस्मत निगम क्षेत्र के 506162 मतदाता तय करेंगे, जिनमें से 2,54,771 महिला और 2,51,322 पुरुष मतदाता हैं.
अंबिकापुर नगर निगम के लिए पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतदान दलों को चुनावी सामग्री का वितरण कर मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया. नगर निगम क्षेत्र में 1 लाख 21 हजार 454 मतदाता हैं, जिनके लिए शहर के 48 वार्डों में 143 बूथ बनाए गए हैं. इनमें से 8 मतदान केंद्रों को राजनीतिक तौर पर जिला निर्वाचन आयोग ने संवेदनशील घोषित किया है.
इसी कड़ी मे महासमुंद जिले के तीन नगर पालिका एवं तीन नगरपंचायत के लिए बनाए गए 6 अलग – अलग स्ट्रांग रुम से आज सुबह 7 बजे से ही मतदान सामग्री वितरण किया जा रहा है. जिले के 3 नगरपालिका – महासमुंद, बागबाहरा और सरायपाली और 3 नगर पंचायत – तुमगांव, पिथौरा, बसना के लिए कुल 144 मतदान केन्द्र बनाये गए है. महासमुंद नगर पालिका में 60, बागबाहरा नगर पालिका में 21, सरायपाली नगर पालिका में 18, तुमगांव नगर पंचायत में 15, पिथौरा नगर पंचायत में 15 और बसना नगर पंचायत के लिए 15 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं.
गौरतलब है कि महासमुंद जिले के 6 नगरीय निकायों में कुल एक लाख 3 हजार 692 मतदाता हैं, जिसमें पुरुष मतदाता 49 हजार 408, महिला मतदाता 54 हजार 271 और तृतीय लिंग के 13 मतदाता हैं. मतदाता 5 अध्यक्ष और 102 पार्षदों प्रत्याशियों के लिए 11 फरवरी को मतदान करेंगे, इनमें से एक अध्यक्ष और तीन पार्षद पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं.
राजनांदगांव जिले में कल राजनांदगांव नगर निगम के अलावा डोंगरगढ़ नगर पालिका, छुरिया नगर पंचायत और डोंगरगांव नगर पंचायत, एल्बी नगर नगर पंचायत के लिये मतदान होना है. मतदान के लिए मतदान सामग्री एवं ईवीएम मशीन का कृषि उपज मंडी समिति के नव निर्मित गोदाम से वितरण किया गया. कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान दल को रवाना किया जा रहा है.
IAS रिचा प्रकाश चौधरी केंद्रीय वाणिज्य विभाग में उप सचिव नियुक्त
रायपुर। 2014 बैच की छत्तीसगढ़ कैडर की आईएएस अधिकारी रिचा प्रकाश चौधरी को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी देते हुए वाणिज्य विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है. इस संबंध में केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव के नाम से पत्र किया गया है.
इसमें बताया गया है कि केंद्रीय स्टाफिंग स्कीम के तहत आईएएस रिचा प्रकाश चौधरी को वाणिज्य विभाग में उप सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है. चार साल का कार्यावधि पदभार ग्रहण करने के साथ शुरू होगी. इसके साथ ही पत्र जारी होने के तीन सप्ताह के भीतर पदभार ग्रहण करने के लिए निर्देशित किया गया है.

शिव डहरिया ने रायपुर निगम के पार्टी प्रत्याशियों में भरा जोश, मतदाताओं को बूथ तक लाने का बताया गुरु मंत्र
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव में मतदान से एक दिन पहले कांग्रेस रायपुर नगर निगम में अपने सारे समीकरण सही करने में जुटी है. इस कड़ी में रायपुर नगर निगम चुनाव प्रभारी शिव डहरिया ने बैठक लेकर निगम क्षेत्र के पार्टी प्रत्याशियों में जोश भरा. इसके साथ ही कांग्रेस मतदाताओं को बूथ तक लाने का गुरु मंत्र बताया.
कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी दीप्ति दुबे के अलावा निवृत्तमान निगम सभापति प्रमोद दुबे, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ पार्टी नेताओं की मौजूदगी में आयोजित बैठक में प्रत्याशियों के साथ पार्टी के पक्ष में अधिक से अधिक मतदान को लेकर चर्चा हुई. इसके साथ ही प्रत्याशियों को मतदान प्रक्रिया की पावर पाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई.
कांग्रेस प्रत्याशियों की बैठक को लेकर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि कांग्रेस में पूरा जोश है. भाजपा के समय में नगरीय निकायों की स्थिति बत से बत्तर हुई है. शहर में भाजपा की सरकार में कोई काम नहीं हुआ है. इनके समय में तीन महीने में हड़ताल शुरू हो गया था, इससे जनता में भारी नाराज है, जिसका फायदा हमारे पार्षद और महापौर प्रत्याशी को मिलेगा.
भाजपा की ओर से रायपुर नगर निगम के लिए अलग से घोषणा पत्र जारी करने को लेकर शिव डहरिया ने कहा कि भाजपा की सरकार की घोषणा खाली घोषणा है. किसानों को प्रति क्विंटल 3100 रुपए देने, महिलाओं को 500 में सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन अब तक दिया नहीं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही विकास किया है, और इस बार भी कांग्रेस ही विकास करेगी.
चुनाव में शराब बेचने के आरोप पर शिव डहरिया ने कहा कि भाजपा ये सभी काम कर रही है. भाजपा के लोग शराब बेचने का काम करते हैं. वहीं बृजमोहन अग्रवाल जैसे बड़े लोगों धमकाने का काम कर रहे हैं. आने वाले चुनाव में कांग्रेस को लाभ होगा. वहीं महाकुंभ जाने के न्योता को ठुकराने के बयान पर डहरिया ने कहा कि कुंभ में जाने की किसी को मनाही नहीं है. भाजपा हमेशा जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करती है. ये संविधान को नहीं मानते हैं, और संविधान के विरुद्ध काम करते हैं.
निर्दलीय प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी को पैसा बांटते रंगे हाथ पकड़ा, विवाद बढ़ा तो नाले में फेंक दिया लिफाफा
बिलासपुर। नगरीय निकाय चुनाव में मतदान के पहले प्रत्याशी पैसे बांटकर मतदाताओं को लुभाने में जुटे हैं. ऐसे ही एक मामले में निर्दलीय प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी को पैसा बांटते रहे हाथ पकड़ा. इस मामले में जब विवाद बढ़ा तो प्रत्याशी ने नोटों से भरा लिफाफा नाले में फेंक दिया. पूरे वाकये का वीडियो वायरल हो रहा है.
मामला बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 7 कालिका नगर का है, जहां से भाजपा प्रत्याशी श्याम कार्तिक वर्मा आज सुबह मतदाताओं को पैसे बांटने के लिए अपने पास लिफाफे रखे हुए थे. इसकी जानकारी होने पर निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी जितेंद्र भावे ने मौके पर जाकर श्याम वर्मा को रोका. जब अन्य लोगों ने इसका विरोध किया गया तो श्याम वर्मा ने पैसों से भरे लिफाफे को नाली में फेंक दिया.
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें भाजपा प्रत्याशी श्याम कार्तिक वर्मा को निर्दलीय प्रत्याशी जितेंद्र भावे पहले समझाते हैं कि मना करने के बाद भी चुनाव में गड़बड़ कर रहे हो. इस दौरान अन्य व्यक्ति कहता है लगाऊं फोन, श्याम वर्मा कहता है, किसे लगना है. जवाब आता है चुनाव आयोग को फोन लगता हूं ना. जिसके बाद श्याम वर्मा पलटकर जेब में रखे लिफाफे को नाले में फेंक देता है. निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थक नाले में कूदकर फेंके गए लिफाफों को बाहर निकलते हैं. लिफाफों को जब खोल कर देखा गया तो उसमें से 200 रुपए के नोट मिले.
आयुष्मान योजना मामले में अस्पतालों में छापेमारी, 4 बड़े हॉस्पिटल घेरे में
बिलासपुर। आयुष्मान योजना गरीबों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य बीमा योजना है. लेकिन इस योजना में फर्जीवाड़ा का मामला है. सरल भाषा इसे आप बीमा घोटाला भी कह सकते हैं. इस घोटाले के घेरे में शहर के 4 बड़े अस्पताल आ गए हैं. इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की राज्य स्तरीय छापेमारी में हुई है.
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग को यह शिकायतें मिल रही थी कि भारत सरकार की मुफ्त स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत में कई अस्पताल गड़बड़ी कर रहे हैं. इस शिकायत के बाद विभागीय अधिकारियों की टीम ने निजी अस्पतालों में छापेमारी की. छापेमारी के बाद शहर के 4 बड़े अस्पताल नोबल, महादेव, शिशु भवन और एलाइट हॉस्पिटल को नोटिस भेजा गया है.
छापेमारी के लिए बनाई थी 14 टीमें
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद भारत सरकार ने स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखा था, जिसके बाद स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने हेल्थ कमिश्नर को टीम गठन कर जांच की जवाबदारी सौंपी थी. हेल्थ कमिश्नर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने 14 टीमों का गठन कर रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के अस्पतालों की जांच कराई, जिसमें फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ है.
स्वस्थ बच्चों को बताया कुपोषित
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के इन अस्पतालों की ओर से मरीज के इलाज के नाम पर करोड़ों रुपए के फर्जी क्लेम किए गए. आयुष्मान योजना के तहत गरीब महिलाओं के प्रसव के दौरान जन्म लेने वाले स्वस्थ बच्चों को कुपोषित दिखाकर सरकार से ज्यादा पैसे लिए गए.
मतदान से एक दिन पहले कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, 15 बागी प्रत्याशियों को किया निष्कासित…
गरियाबंद। नगर निगम चुनाव में बागी प्रत्याशी न केवल भाजपा बल्कि कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं. ऐसे में मतदान से एक दिन पहले कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 बागी प्रत्याशियों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
बता दे कि गरियाबंद पालिका में कांग्रेस के बागी नेता न केवल पार्षदों का बल्कि कांग्रेस के अध्यक्ष प्रत्याशी का भी समीकरण बिगाड़ रहे हैं. भाजपा ने अपने बागियों को सप्ताह भर पहले किनारा कर दिया था, लेकिन कांग्रेस ने कार्रवाई करने में देर लगा दी क्योंकि अब प्रचार थम चुका है. कल यानी 11 फरवरी को मतदान होना है.

पाइप फैक्ट्री में लगी आग, बुझाने में जुटी दो दमकल गाड़ियां…
रायपुर। रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव तेंदुआ स्थित पाइप फैक्ट्री में आग लग गई है, जिसे बुझाने के लिए दमकल की 2 गाड़ियां मौके पर जुटी हुई हैं. फिलहाल, आग लगने के कारण का खुलासा नहीं हुआ है. आगजनी की घटना से फैक्ट्री में अफरा-तफरी की स्थिति है.
जहरीली चुनावी शराब : लोफंदी में 9 ग्रामीणों की मौत कैसे हुई ? पता लगाने आज पहुंचेगी कांग्रेस जांच समिति
बिलासपुर। बिलासपुर के लोफंदी गांव में महुआ शराब पीने से हुई 9 ग्रामीणों की मौत के मामले में आज कांग्रेस की जांच समिति प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेगी. समिति मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर मौत के कारणों का की जांच करेगी. वहीं फूड पॉइजनिंग या जहरीली शराब के सेवन से मौत की आशंका जताई जा रही है.
यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या चुनाव में बंटने वाली शराब का सेवन करने से ग्रामीणों की मौत हुई थी. बता दें कि इस घटना में पांच ग्रामीण गंभीर रूप से बीमार हैं, जिनका अस्पताल में इलाज हैं.
कांग्रेस की 6 सदस्यीय समिति करेगी जांच
कांग्रेस पार्टी ने मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय समिति का गठन किया. जिसमें विधायक दिलीप लेहरिया को संयोजक बनाया गया. इसमें कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, डीसीसी ग्रामीण विजय केशरवानी, पूर्व विधायक बिल्हा सियाराम कौशिक, पूर्व विधायक तखतपुर रश्मि सिंह एवं बेलतरा के पूर्व विधायक प्रत्याशी राजेंद्र डब्बू साहू शामिल हैं.
क्या है पूरा मामला
बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र के लोफंदी में जहरीली महुआ शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई. जबकि 4 लोगों की हालत गंभीर है, जिन्हें इलाज के लिए सिम्स में भर्ती कराया गया है. जिनमें से एक राजकुमार पटेल को रायपुर रेफर किया गया है. हालांकि प्रशासन इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहा है, वहीं मौत की असल वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी. ग्रामीणों के मुताबिक बीते बुधवार को पहले एक की मौत हुई, फिर दो लोगों की जान गई, तब बीमारी समझकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया था. शुक्रवार की रात एक साथ चार लोगों की मौत हुई, तब कई दिनों से महुआ शराब पीने की सूचना मिली. ग्रामीणों का कहना है कि 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि चार लोग अंजनी पटेल, डोमरा पटेल, गोलू देवांगन, बबलू पटेल, बुटीक पटेल सिम्स में भर्ती हैं.
इन लोगों की हुई मौत
देव कुमार पटेल (45 वर्ष)
शत्रुहन देवांगन (40 वर्ष)
कन्हैया लाल पटेल (60 वर्ष)
कोमल प्रसाद लहरे (56 वर्ष)
बलदेव पटेल (52 वर्ष)
कोमल देवांगन ऊर्फ नानू
रामूराम सुनहले (50 वर्ष)
पवन कश्यप
बुधराम पटेल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भूमकाल दिवस पर अमर शहीद गुंडाधुर को किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भूमकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आदिवासी जननायक अमर शहीद गुंडाधुर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध क्रांति का शंखनाद करने वाले गुंडाधुर का बलिदान इतिहास के पन्नों में सदा अमर रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 10 फरवरी 1910 को बस्तर के वीर आदिवासियों ने अंग्रेजों के अन्याय और शोषण के खिलाफ भूमकाल विद्रोह का बिगुल फूंका था। इस आंदोलन में आदिवासी जननायकों ने अपने प्राणों की आहुति देकर स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा की। अमर शहीद गुंडाधुर के नेतृत्व में हुए इस संघर्ष में सीमित संसाधनों के बावजूद बस्तर के रणबांकुरों ने अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों को चुनौती दी।
श्री साय ने कहा कि भूमकाल विद्रोह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि संपूर्ण देश के स्वाधीनता संग्राम का एक स्वर्णिम अध्याय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमर शहीद गुंडाधुर आदिवासी चेतना और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उनकी संघर्षगाथा हमें अत्याचार, शोषण और अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने की प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संकल्प व्यक्त किया कि गुंडाधुर द्वारा जगाई गई स्वाभिमान और आत्मसम्मान की ज्योति सदैव प्रज्ज्वलित रहेगी और उनकी स्मृति में मनाया जाने वाला भूमकाल दिवस हमें सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने की शक्ति देता रहेगा।
आधार, पैन समेत ये 18 दस्तवेज दिखाकर कर सकेंगे मतदान, वोटर लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम
रायपुर। नगरपालिकाओं और त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2025 के लिए मतदान केन्द्र पर मतदाता की पहचान स्थापित करने के लिए 18 प्रकार के दस्तावेजों को मान्य किया गया है.
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि दस्तावेजों में क्रमशः भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदाय किया गया मतदाता पहचान पत्र, बैंक / डाकघर फोटोयुक्त पासबुक, पासपोर्ट, आयकर पहचान-पत्र (PAN CARD), आधार कार्ड, राज्य/केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम या स्थानीय निकाय अथवा अन्य निजी औद्योगिक संस्थानों द्वारा उनके कर्मचारियों को जारी किए जाने वाले फोटोयुक्त सेवा पहचान-पत्र, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, मनरेगा जॉब कार्ड, फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा योजना (स्मार्ट) कार्ड, ड्रायविंग लायसेंस, स्वतंत्रता सेनानी फोटोयुक्त पहचान-पत्र, केन्द्रीय अथवा छ.ग. राज्य माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा जारी दसवीं एवं बारहवीं की फोटोयुक्त अंकसूची, बार कौशिल द्वारा अधिवक्ताओं को जारी फोटोयुक्त परिचय-पत्र, फोटोयुक्त निःशक्तता प्रमाण-पत्र, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी वैध फोटोयुक्त राशन कार्ड, महाविद्यालय अथवा विद्यालय द्वारा जारी फोटोयुक्त छात्र पहचान-पत्र, फोटोयुक्त शस्त्र लायसेंस एवं छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर SEC-ER द्वारा Online जनरेटेड मतदाता पहचान पर्ची को मान्य किया गया है. मतदाता उपरोक्त में से कोई भी एक फोटोयुक्त पहचान-पत्र मतदान केन्द्र पर लेकर जायेगा और पीठासीन अधिकारी द्वारा पहचान स्थापित की जायेगी.
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर SEC-ER द्वारा Online जनरेटेड मतदाता पहचान पर्ची को मान्य किया गया है. यह पर्ची आयोग की वेबसाईट पर दिये गये लिंक से मतदाता के द्वारा डाउनलोड की जा सकती है, इसके लिए cgsec.gov.in वेबसाईट में जाकर VOTER SEARCH & PRINT – URBAN एवं से VOTER SEARCH & PRINT – RURAL नामवार Search करके अपना मतदान केन्द्र का विवरण देख व print कर सकते हैं.
नक्सल मुठभेड़ अपडेट: दो शहीद जवानों के शवों को जिला मुख्यालय लाया गया, बालोद और बलौदाबाजार में शोक की लहर
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए हैं, जबकि 31 वर्दीधारी नक्सली मारे गए. यह मुठभेड़ थाना मद्देड-फरसेगढ़ बॉर्डर एरिया के जंगलों में 9 फरवरी की सुबह शुरू हुई और शाम तक रुक-रुक कर चलती रही.

मुठभेड़ में DRG हेड कांस्टेबल नरेश कुमार ध्रुव (बालोदाबाजार) और STF कांस्टेबल वासित रावटे (बालोद) शहीद हो गए. दोनों शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को बीजापुर जिला अस्पताल लाया गया है. शवों को हॉस्पिटल के मर्चुरी में रखा गया है, जहां डॉक्टर्स की टीम और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहें.
शहीद जवानों का परिचय
प्रधान आरक्षक नरेश कुमार ध्रुव
पदनाम: प्रधान आरक्षक / 836
जन्मतिथि: 19 सितंबर 1982
भर्ती दिनांक: 23 मई 2007
शहीद दिनांक: 9 फरवरी 2025
स्थायी पता: गुर्रा, जिला बालोदाबाजार

आरक्षक वसित कुमार रावटे
पदनाम: आरक्षक / 1688
जन्मतिथि: 26 अक्टूबर 1991
भर्ती दिनांक: 12 अप्रैल 2016
शहीद दिनांक: 9 फरवरी 2025
स्थायी पता: फागुनदाह, डौंडी, जिला बालोद
