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प्रिंसिपल की मनमानी पर छात्रों के साथ पालकों ने स्कूल में जड़ा ताला, पास बच्चों को फेल करने का आरोप…
गरियाबंद। गरियाबंद में छुरा ब्लॉक के अकलवारा हाईस्कूल के छात्रों के साथ पालकों ने प्रिंसिपल पर मनमानी और छात्राओं से अभद्र व्यवहार का आरोप लगाकर स्कूल गेट में ताला जड़ दिया. पालकों ने कार्रवाई नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन करते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है.
छात्रों ने बताया कि प्रिंसिपल जेपी वर्मा ने 11वीं के छात्रों के परीक्षा परिणाम में हेरा-फेरी कर पास बच्चों को फेल कर दिया है. इस बात ही शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर से करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.
बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ को देख नाराज पालकों ने सुबह से स्कूल के सामने जमकर नारबाजी व प्रदर्शन कर रहे हैं. समाचार लिखे जाने तक न प्रशासन से और न ही शिक्षा विभाग से कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचा था.
जशप्योर बनेगा ग्लोबल ब्रांड – जशपुर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच का मार्ग प्रशस्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल जशपुर की आदिवासी महिलाओं के समूह द्वारा प्राकृतिक वनोपज का प्रसंस्करण कर तैयार की गई विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों का ब्रांड जशप्योर अब जशपुर और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कदमताल करने को तैयार है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आत्मसात करते हुए एक अहम निर्णय लिया गया है जिसके तहत जशपुर जिले की महत्वाकांक्षी महिला केंद्रित ब्रांड जशप्योर का ट्रेडमार्क अब उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा। यह ऐतिहासिक निर्णय जशप्योर को व्यापक उत्पादन, संस्थागत ब्रांडिंग और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच दिलाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।
जशप्योर – परंपरा को उद्यमिता से जोड़कर खोली उन्नति की राह
जशप्योर ब्रांड महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला उपक्रम है, जिसे जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक, पोषणयुक्त और रसायनमुक्त खाद्य उत्पादों का निर्माण करते हुए स्थानीय समुदायों को रोजगार उपलब्ध कराना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
इस ब्रांड का लक्ष्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि और वनोपज का प्रसंस्करण कर खाद्य उत्पादों के रूप में तैयार करना तथा रोजगार से जोड़ते हुए व्यावसायिक स्तर पर इन्हें व्यापक पहचान दिलाना है।
जशप्योर के उत्पादों की मुख्य विशेषता यह है कि ये पूरी तरह से प्राकृतिक हैं। इनमें किसी भी प्रकार के प्रिज़र्वेटिव, रंग या कृत्रिम स्वाद का उपयोग नहीं किया जाता और ये सस्टेनेबल पैकेजिंग में उपलब्ध हैं। जशप्योर केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है।
जशप्योर के उत्पाद बना रहे हैं अपनी अलग पहचान
जशप्योर द्वारा महुआ और अन्य वनोपज को शामिल करते हुए कई प्रकार के पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें महुआ आधारित उत्पाद जैसे महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, महुआ कुकीज़, रागी महुआ लड्डू, महुआ कैंडी और महुआ नेक्टर कोकोआ शामिल हैं। इसके अलावा, ढेकी कूटा जवा फूल चावल, मिलेट आधारित पास्ता और कोदो, कुटकी, रागी तथा टाऊ से बने विभिन्न उत्पाद भी पूरे भारत में अपनी पहचान बना रहे हैं।
महिला उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा
जशप्योर ब्रांड का उद्देश्य केवल व्यापार नहीं है, बल्कि यह आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने का एक सशक्त प्रयास भी है। इस ब्रांड के माध्यम से महिलाओं को रोजगार का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हुई हैं। जशप्योर द्वारा निर्मित हर उत्पाद आदिवासी महिलाओं की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। ये उत्पाद देशभर के विभिन्न स्टोर्स पर उपलब्ध हैं, जो ब्रांड की व्यापक पहुँच का प्रमाण हैं।
जशप्योर के सभी उत्पाद पूर्णतः प्राकृतिक हैं। इनमें किसी भी प्रकार के प्रिज़र्वेटिव, कृत्रिम रंग या स्वाद का उपयोग नहीं किया जाता। यह उत्पाद श्रृंखला न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि पोषण से भरपूर और पर्यावरण-संवेदनशील पैकेजिंग में उपलब्ध है।
जशप्योर के प्रमुख उत्पादों में महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, रागी महुआ लड्डू, महुआ कुकीज़, महुआ कोकोआ ड्रिंक, कोदो, कुटकी, रागी आधारित पास्ता और ढेकी कूटा चावल शामिल हैं।



जशप्योर की सबसे खास बात इसकी महिला प्रधान कार्यशक्ति है। यहां 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी आदिवासी महिलाएं हैं, जो उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस मंच के माध्यम से ये महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि परंपरागत ज्ञान और तकनीकों को आधुनिक बाजार में प्रस्तुत करने में भी सक्षम हो रही हैं।
वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया
20 सितंबर 2024 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में जशप्योर का स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र बना रहा। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले उपभोक्ताओं, पोषण विशेषज्ञों और उद्यमियों ने विशेष रुचि के साथ महुआ और मिलेट से बने उत्पादों की सराहना की। इन उत्पादों में कोई एडिटिव, प्रिज़र्वेटिव या स्टेबलाइजर नहीं है, जिससे ये पूरी तरह से प्राकृतिक, सुरक्षित और पोषणयुक्त हैं।
रेयर प्लेनेट के साथ ऐतिहासिक समझौता
जशप्योर की पहुँच अब देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट स्टोर्स तक होगी। रेयर प्लेनेट के साथ हुए समझौते के तहत पहले चरण में पाँच एयरपोर्ट्स पर महुआ और अन्य उत्पादों की बिक्री शुरू की जा रही है। यह पहल जशप्योर को राष्ट्रीय उपभोक्ताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किए गए, जो राज्य के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
जशप्योर – लोकल टू ग्लोबल की राह पर अग्रसर
जशप्योर से जुड़े जशपुर जिले के युवा वैज्ञानिक श्री समर्थ जैन ने बताया कि जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ शासन के प्रयासों से "महुआ को अब केवल शराब तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे फॉरेस्ट गोल्ड या ग्रीन गोल्ड के रूप में भी देखा जाएगा।" जशप्योर ने यह साबित कर दिया है कि स्वास्थ्यवर्धक भोजन स्वादिष्ट भी हो सकता है। उनका मानना है कि शासन की इस पहल से जशप्योर को लोकल टू ग्लोबल ब्रांड बनाने में मदद मिलेगी और निश्चित ही यह निर्णय प्रदेश भर में वनोपज और स्थानीय उत्पादकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
ब्रांड ट्रेडमार्क हस्तांतरण के इस ऐतिहासिक निर्णय से जशप्योर को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही कच्चे माल की माँग में वृद्धि होगी और आदिवासी महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। इस निर्णय से जशप्योर ब्रांड का ट्रेडमार्क उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा, ताकि इसके दायरे और प्रभाव को और व्यापक बनाया जा सके। इससे जशप्योर के उत्पादों को विश्वस्तरीय बनाने, उत्पादन में वृद्धि के लिए उन्नत मशीनें लगाने और प्रभावी मार्केटिंग सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
तेलीबांधा तालाब परिसर में अनियमितताओं पर महापौर मीनल चौबे सख्त, झूले हटाने और व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश
रायपुर। राजधानी के तेलीबांधा तालाब परिसर में लगातार अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आने के बाद महापौर मिनल चौबे ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान कई खामियां और अनियमितताएं देखने को मिली, जिसे लेकर महापौर मिनल ने मौके पर कंपनी स्टाफ को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि मैथिलीशरण गुप्ता उद्यान में किसी भी प्रकार की छेड़खानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
निरीक्षण में मिली कई अनियमितताएं
तेलीबांधा परिसर के निरीक्षण के दौरान कई खामियां और अनियमितताएं सामने आई. परिसर में जल विहार कॉलोनी की ओर बना सार्वजनिक सुलभ शौचालय बंद पाया गया. जोन-बी स्थित मैथिलीशरण गुप्त उद्यान में बड़ी संख्या में झूले लगाए गए हैं, जिससे उद्यान का उपयोग योग्य क्षेत्रफल काफी कम हो गया है.
तेलीबांधा पाथवे पर नेत्र चिकित्सालय के पास बने पार्किंग क्षेत्र से परिसर की एंट्री पर बोलार्ड्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बड़ी गाड़ियां परिसर में प्रवेश न कर सकें. इसके अलावा, परिसर में कंपनी द्वारा बनाए गए छोटे-छोटे कियोस्क भी बेहद अव्यवस्थित तरीके से स्थापित पाए गए. निरीक्षण के दौरान पाथवे पर तेज रफ्तार से गाड़ियों की आवाजाही देखी गई, जिससे आमजन के लिए दुर्घटना की आशंका जताई गई.
महापौर ने अधिकारियों को दिए निर्देश
महापौर मिनल चौबे ने मौके पर अधिकारियों को मैथिलीशरण गुप्त उद्यान में लगाए गए झूलों को 24 घंटे के भीतर हटाने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो कंपनी का अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह उद्यान जनता की धरोहर है और रहेगा. जल्द ही उद्यान जनता को उद्यान के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा.
उन्होंने बंद पाए गए सुलभ शौचालय को तुरंत आमजन के लिए खोलने के निर्देश दिए. साथ ही, कंपनी द्वारा की जा रही सभी अनियमितताओं को तत्काल सुधारने के आदेश दिए गए. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से निरीक्षण करते रहें, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाहियां दोबारा न हो.
"एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कर शाला प्रवेश उत्सव का शुभारंभ
रायपुर। सांसद एवं पूर्व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को राजधानी के प्रतिष्ठित नगर माता बिन्नी बाई सोनकर शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर शाला प्रवेश उत्सव का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, मां और प्रकृति, दोनों ही जीवन की जननी हैं। यह अभियान हमें यह स्मरण कराता है कि जड़ों से जुड़े रहकर ही हम ऊँचाइयों को छू सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समाज को भावनात्मक रूप से भी जोड़ता है। उन्होंने स्कूल में पढ़ने वाले करीब 1400 विद्यार्थियों से भी एक एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वाहन किया।
शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर जब विद्यार्थियों को स्कूल बैग, किताबें, कॉपियाँ और गणवेश प्रदान किए गए, तो उनके नन्हें चेहरों पर शिक्षा की नई शुरुआत की चमक साफ झलक रही थी।








इस अवसर पर जिले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, कक्षा 10वीं और 12वीं के टॉपर्स को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के भविष्य को आकार देने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षकों की है, और उनमें भी वही निष्ठा, अनुशासन और समर्पण अपेक्षित है, जैसा हम विद्यार्थियों से अपेक्षा करते हैं।
उन्होंने सभी शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को आयोजन में सहभागिता के लिए साधुवाद दिया और आह्वान किया कि,
आइए, हम सब मिलकर शिक्षा, पर्यावरण और संस्कार की इस पवित्र यात्रा को आगे बढ़ाएँ।
कार्यक्रम में नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, जोन अध्यक्ष बद्री प्रसाद गुप्ता, पार्षद रवि सोनकर, अमित साहू, मंडल अध्यक्ष अभिषेक तिवारी, तुषार चोपड़ा समेत गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने ही हमारा संकल्प: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत 334 हितग्राहियों को कुल 35 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का हमारा संकल्प है। आज जिन हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई है, वे स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला स्वसहायता समूहों, रामायण मंडलियों, जसगीत एवं देवी जागरण से जुड़े पंजीकृत संगठनों से संबंधित हैं।




उन्होंने आगे कहा कि यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता को सशक्त बनाने का माध्यम है। हमारी कोशिश है कि जनभागीदारी से जुड़ी संस्थाएं और अधिक प्रभावी ढंग से समाज के सेवा कार्यों में सहभागी बनें।
कार्यक्रम में नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर एवं जिला पंचायत सदस्य सविता चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। श्री अग्रवाल ने सभी हितग्राहियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि वे इस सहयोग से प्रेरणा लेकर समाज सेवा एवं अपने क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता के पोस्टर का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया विमोचन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन किया। यह प्रतियोगिता 1 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक आयोजित की जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य स्वदेशी परंपराओं के पुनरुद्धार पर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनमानस में जागरूकता का वातावरण तैयार करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए भावी पीढ़ियों को जागरूक और संवेदनशील बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्कूली और महाविद्यालयीन छात्र इस अभियान में सहभागी होकर न केवल अपनी रचनात्मक क्षमताओं का विकास करेंगे बल्कि पारंपरिक जीवन मूल्यों और पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूत करेंगे।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधि संस्थान के प्रतिनिधि अक्षय अलकरी, मनोहर चंदेल, आनंद पांडे और डॉ. अनुज नारद सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
सोना तस्करी सिंडिकेट पर ED की बड़ी कार्रवाई, 3.76 करोड़ की संपत्तियां अटैच, मास्टरमाइंड विजय बैद गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोना तस्करी सिंडिकेट से जुड़े सदस्यों के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। सचिन केदार और पुरुषोत्तम कवले की करीब 3.76 करोड़ रुपए की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की गई हैं, जिनमें बैंक खातों में जमा रकम, फ्लैट्स और जमीनें शामिल हैं। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की गई है।
कैसे हुआ खुलासा?
ईडी की जांच डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की शिकायत पर आधारित है, जो कस्टम्स एक्ट 1962 की धारा 135 के तहत दर्ज की गई थी। इस मामले में डीआरआई ने सोने की तस्करी करने वाले कैरियर्स को पकड़ा था। बरामद सोना विदेश से लाया जा रहा था, जिसे भारत में अवैध तरीके से लाकर रायपुर में खपत के लिए भेजा गया था।
ईडी के अनुसार, इस तस्करी का मास्टरमाइंड विजय बैद उर्फ विक्की था, जो कोलकाता से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, नागपुर और मुंबई तक सोने की तस्करी करता था। यह सोना भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के जरिए भारत लाया गया था और रायपुर में नामचीन ज्वैलर्स को बेचा गया। इस मामले में जिन-जिन ज्वैलर्स को सोना बेचा गया, उनमें सुनील कुमार जैन (सहेली ज्वेलर्स), प्रकाश सांखला (नवकार ज्वेलर्स), सुमीत ज्वेलर्स, पुरुषोत्तम कवले (सागर ज्वेलर्स) और धीरज बैद शामिल हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में तस्करी किए गए विदेशी सोना और चांदी की कुल अवैध संपत्ति 260.97 करोड़ रुपए के आसपास है। अब तक ईडी ने 64.14 करोड़ रुपए की संपत्तियों को जब्त या अटैच किया है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा देशभर में तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों पर लगातार शिकंजा कसने का सिलसिला जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जीएसटी कलेक्शन के संदर्भ में राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रियाओं ने दिए सकारात्मक परिणाम - वित्त मंत्री ओपी चौधरी
रायपुर। देशभर में जीएसटी राजस्व संग्रहण को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और प्रभावी बनाने के लिए गठित मंत्रियों के समूह (GoM) की महत्वपूर्ण बैठक आज राजधानी दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के अनुभव साझा किए और बोगस व्यवसायियों पर सख्त कार्रवाई, पंजीयन प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक के प्रयोग तथा फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पर रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस समूह का संयोजन गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद पी. सावंत कर रहे हैं।
बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बतौर सदस्य भागीदारी की और राज्य के अनुभव एवं नीतिगत सुझाव साझा किए। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रहण में आ रही चुनौतियों का आकलन कर व्यापक समाधान तलाशना था।
बैठक के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में जीएसटी के राजस्व पर पड़ने वाले आर्थिक व अन्य कारकों का विस्तार से विश्लेषण किया। इस अवसर पर श्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ में एंटी इवेजन और अनुपालन के क्षेत्र में की गई पहलों की जानकारी दी।
ओ.पी. चौधरी ने बताया कि कर अपवंचन रोकने और वास्तविक करदाताओं को सहूलियत देने के लिए छत्तीसगढ़ में डाटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स का सघन उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव हुई है।
बैठक में बीफा, जीएसटी प्राइम और ई-वे बिल पोर्टल जैसी अत्याधुनिक प्रणालियों के प्रजेंटेशन भी हुए। श्री चौधरी ने सुझाव दिया कि इन नवाचारों को पूरे देश में समान रूप से लागू करने से बोगस व्यवसायियों की पहचान और कार्यवाही में तेजी लाई जा सकेगी।
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ने विशेष रूप से फर्जी बिलों पर नियंत्रण, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट की रोकथाम, तथा पंजीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए केंद्रीयकृत डिजिटल तंत्र के विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन उपायों से न केवल राजस्व बढ़ेगा बल्कि करदाताओं में विश्वास भी बढ़ेगा।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जीएसटी कलेक्शन के संदर्भ में राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रियाओं ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का अनुभव अन्य राज्यों के लिए उपयोगी मॉडल बन सकता है।
बैठक में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि सभी राज्यों को मिलकर साझा प्रयास करने चाहिए ताकि जीएसटी राजस्व संग्रहण में स्थायित्व एवं वृद्धि सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मंत्रियों के समूह द्वारा सुझाए गए उपायों को जीएसटी परिषद शीघ्र लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह बैठक जीएसटी परिषद के समक्ष व्यापक सुधारात्मक प्रस्ताव रखने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जिससे भारत में कर प्रशासन और राजस्व संग्रहण को नई दिशा मिलेगी।
बड़ी संख्या में इस विभाग में हुए तबादले, देखिये पूरी लिस्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों तबादलों का दौर जारी हैं। हर विभाग में इन दिनों खूब तबादले हो रहे हैं। राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग में भी तबादले के आदेश जारी हुए हैं।
देखिये पूरी लिस्ट..


वॉटर वुमन शिप्रा पाठक का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सम्मान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली "वॉटर वुमन" के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण और विशेष रूप से सिंदूर पौधरोपण को जन-जन तक पहुंचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने शिप्रा पाठक को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि शिप्रा पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए किए गए कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर पहचान प्राप्त की है। उनके नेतृत्व में पौधरोपण अभियान ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया है, बल्कि आम लोगों को पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी किया है।इस अवसर पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर हरिशंकर सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
राज्य के संसाधनों का उपयोग स्थानीय युवाओं को रोज़गार, क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किया जाए: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ केवल धान का कटोरा ही नहीं, बल्कि खनिज संपदा का भी धनी प्रदेश है। जो देश की ऊर्जा व औद्योगिक आवश्यकताओं की रीढ़ है। यह कहना है रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने हैदराबाद में कोयला तथा खान मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में भाग लिया। इस बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी तथा केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे समेत समिति सदस्य और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक के पहले सत्र में “खनन से आगे: खदान बंदी एवं पुनः उपयोग” और दूसरे सत्र में “भारत में खनिज अन्वेषण” विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और संभावनाओं को पूरे तथ्यात्मक रूप में सामने रखा।




बंद खदानों की सुरक्षा व पुनः उपयोग की उठाई मांग
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई खदानें बंद पड़ी हैं, जो जन-जीवन के लिए खतरा बनी हुई हैं। उन्होंने मांग की कि:
- परित्यक्त खदानों की घेराबंदी कर उन्हें फ्लाई ऐश व ओवरबर्डन से भरा जाए ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
- एनटीपीसी संयंत्रों से उत्पन्न फ्लाई ऐश को एसईसीएल की बंद खदानों में भरने की व्यवस्था की जाए और प्रति टन दर पर भुगतान सुनिश्चित हो। इसके लिए एनओसी तत्काल प्रभाव से जारी की जाए।
- दुर्ग जिले के धमदा में हाल ही में हुई दुखद दुर्घटना, जिसमें बस खदान में गिर गई थी, यह बताती है कि बंद खदानों की उपेक्षा जानलेवा हो सकती है।
- फ्लाई ऐश से भरी गई भूमि को किसानों को लीज पर देकर कृषि उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जाए।
खनिज चोरी और निगरानी प्रणाली पर चिंता
श्री अग्रवाल ने कोयले की चोरी को गंभीर समस्या बताया और हर खदान में डेटा निगरानी प्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता जताई। साथ ही सभी वजन पुलों को किसी अधिकृत निकाय के अधीन संचालित किए जाने की मांग की।
खनन क्षेत्र के सतत विकास हेतु सुझाव
- खनन क्षेत्रों में वृक्षारोपण को अनिवार्य किया जाए ताकि वनों की क्षति की भरपाई हो सके।
- हर खदान क्षेत्र में स्कूल, आईटीआई, कोचिंग सेंटर, अस्पताल, एवं जल शोधन संयंत्र जैसी बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए।
- कोयला सलाहकार समिति के सदस्यों को पेट्रोलियम क्षेत्र की तर्ज पर सीएसआर फंड का लाभ दिया जाए, जिससे वे क्षेत्रीय विकास में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें।
खनिज अन्वेषण में छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने की मांग
बैठक के दूसरे सत्र में उन्होंने छत्तीसगढ़ में खनिज अन्वेषण की दिशा में गंभीर प्रयासों की आवश्यकता जताई। श्री अग्रवाल ने बताया कि, गरियाबंद जिले के पायलीखंड क्षेत्र को दुनिया की सबसे समृद्ध हीरा खदानों में माना जाता है। जशपुर जिले के तुमला गांव में भी हीरे के भंडार मौजूद हैं। राज्य में प्राकृतिक हीरे, अलेक्जेंड्राइट, गार्नेट, बेरिल, क्वार्ट्ज़, एमेथिस्ट जैसे बहुमूल्य रत्न पाए जाते हैं। साथ ही राज्य में लीथियम और अन्य खनिज भंडार की प्रबल संभावना है।
उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधनों का उपयोग स्थानीय युवाओं को रोज़गार, क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किया जाए। वह भी विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए।
उन्होंने मांग की कि छत्तीसगढ़ में माइनिंग ब्यूरो की स्थापना की जाए और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) एवं राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) के क्षेत्रीय कार्यालय खोले जाएं ताकि राज्य की खनिज संभावनाओं का दोहन वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से हो सके।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बंद पड़ी खदानों को सुरक्षित और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से पुनः उपयोग लायक बनाया जाएगा। राज्य सरकार को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्र जा रहे बच्चों पर मधुमक्खियों का हमला, 4 बच्चे घायल, अस्पताल पहुंचे SDM
भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर जिले में आंगनबाड़ी जा रहे बच्चों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. मधुमक्खियों के हमले में 4 बच्चे घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है. जानकारी मिलते ही एसडीएम, थाना प्रभारी और तहसीलदार अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल-चाल जाना.
जानकारी के मुताबिक, ग्राम खोरा में शुक्रवार को आंगनबाड़ी जा रहे बच्चों पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया. घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर रेफर किया गया. घटना की सूचना के बाद एसडीएम गंगाधर वाहिले, थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख और तहसीलदार सुरेंद्र उर्वशा अस्पताल पहुंचे. उन्होंने घायल बच्चों का हाल-चाल जाना, साथ ही चिकित्सकों को उचित इलाज के निर्देश दिए.
बता दें कि भानुप्रतापुर जिले के घोठा ग्राम पंचायत अंतर्गत मोहगांव प्राथमिक शाला में गुरुवार को जहरीला सांप निकल आया था. क्लास रूम में बच्चों ने सांप निकलते ही शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे शिक्षक एयर आसपास मौजूद ग्रामीण वहां पहुंचे. जिसके बाद सावधानी से सांप को कक्षा से बाहर निकाला गया.
खड़गे के दौरे को लेकर कांग्रेस मुख्यालय में तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक हुई आयोजित
रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 7 जुलाई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं. उनके दौरे को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक में खड़गे की प्रस्तावित सभा की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई.
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में यह बैठक हुई. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे मौजूद रहे. वहीं सह प्रभारी, प्रदेश प्रभारी महामंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक और रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी शामिल हुए. इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे और सभा को लेकर चर्चा की जा रही है.
सभा को सफल बनाने के लिए गठित विभिन्न समितियों की आज दिनभर बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें अब तक की तैयारियों की समीक्षा और आगे की रणनीति को लेकर निर्देश दिए जाएंगे.
7 जुलाई को खड़गे का छत्तीसगढ़ दौरा
बता दें कि बीते दिनों छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने राजीव भवन में बैठक ली थी. इस दौरान उन्होंने मैराथॉन बैठकों के बाद घोषणा की थी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे 7 जुलाई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे. इस दौरान विशाल रूप में किसान-जवान-संविधान सभा आयोजित की जाएगी.
मानसून के आगमन के साथ बोर खनन पर लगा प्रतिबंध हटा, कलेक्टर ने जारी किया आदेश…
रायपुर। प्रदेश में मानसून के आगमन के साथ ही रायपुर जिले में पिछले तकरीबन तीन माह से बोरिंग खुदाई पर लगाया गया प्रतिबंध हटा लिया गया है. गर्मी की शुरुआत यानी 1 अप्रैल से रायपुर में बोर उत्खनन पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिसकी वजह से बहुत जरूरी होने पर बोर खनन के लिए कलेक्टर की अनुमति लेनी पड़ रही थी.
बिना अनुमति के बोर उत्खनन पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है. इस वजह से राजधानी समेत पूरे जिले में प्राइवेट बोर खुदाई बंद हो गई थी. चोरी-छिपे खुदाई भी कार्रवाई के डर से नहीं के बराबर थी. रही-सही कसर प्रतिबंध अवधि के दौरान सूचना मिलने पर कई जगह अवैध बोर उत्खनन पर कार्रवाई कर प्रशासन-पुलिस ने पूरी कर दी थी.
अब मानसून के आगमन के साथ रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ पेयजल संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत लागू प्रतिबंध को हटाने के आदेश 1 जुलाई को जारी किए हैं. इसके बाद अब लोग निर्धारित नियमों का पालन करते हुए बोरिंग करा सकेंगे. हालांकि, प्रशासन ने यह अपील भी की है कि अगर आपके पास जलस्त्रोत उपलब्ध है, तो बोर करवाने से बचना चाहिए. क्योंकि सीमित क्षेत्र में भूजल के अत्यधिक दोहन के गर्मी से पहले ही संकट पैदा होने लगा है.
भूस्खलन से किरंदुल-विशाखापत्तनम रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही ठप, तीन दिन से जगदलपुर में खड़ी ट्रेनें-मालगाड़ियां…
जगदलपुर। ओडिशा के कोरापुट जिले के पास मल्लीगुड़ा और जराटी स्टेशनों के बीच हुए भूस्खलन ने किरंदुल-विशाखापत्तनम रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही को ठप कर दिया है. बुधवार से ही जगदलपुर से चलने वाली यात्री और मालगाड़ियां प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी हैं.
भूस्खलन की वजह से पटरी पर पड़े मलबे को हटाने के लिए रेलवे करीब 300 श्रमिकों और 13 आधुनिक मशीनों की मदद से लगातार काम में जुटा है. वाल्टेयर मंडल के डीआरएम ललित बोहरा और रायगड़ा मंडल के डीआरएम अमिताभ सिंघल मौके पर निगरानी कर रहे हैं. दो दिन से जारी इस अभियान में बारिश के कारण दिक्कतें आ रही हैं, जिससे काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
बताया गया है कि पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर और मलबा खिसककर सीधे ट्रैक पर आ गिरा है, जिससे पटरी पूरी तरह जाम हो गई. सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने एहतियातन 10 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है. साथ ही जगदलपुर से पुरी जाने वाली रथयात्रा स्पेशल ट्रेन को अब कोरापुट से रवाना किया जाएगा.
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले संबंधित हेल्पलाइन या वेबसाइट से अपडेट जरूर लें. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के. संदीप ने कहा है कि स्थिति की नियमित निगरानी हो रही है, लेकिन सेवा कब तक शुरू होगी इसका स्पष्ट अनुमान अभी नहीं दिया जा सकता.
रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें
- राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी
- जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी
- जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस
- विशाखापत्तनम-किरंदुल पैसेंजर
- किरंदुल-विशाखापत्तनम पैसेंजर
- हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी
- जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी
- विशाखापत्तनम-किरंदुल एक्सप्रेस
- किरंदुल-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस
- जगदलपुर-पुरी रथयात्रा स्पेशल
भूस्खलन की वजह से हो चुके हैं हादसे
किरंदुल से विशाखापत्तनम तक फैली यह रेल लाइन पहाड़ी और घाटी इलाकों से होकर गुजरती है. यही वजह है कि यहां बारिश के मौसम में भूस्खलन की घटनाएं आम हैं. रूट पर हुए हादसे –
- जनवरी 2017 कुनेरू स्टेशन पर हादसा, हीराखंड एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त, 39 यात्रियों की जान गई, 50 लोग घायल हुए थे.
- अक्टूबर 2017 चिमीड़िपल्ली के पास चट्टान गिरने से ट्रैक महीनों बंद रहा.
- अगस्त 2022 शिखरपाई के पास बोल्डर गिरने से ट्रेनों की रफ्तार थमी.
- सितंबर 2023 मनाबर-जरा टी खंड में मलबा आने से संचालन रोकना पड़ा. 17 दिन बाद बहल हुआ मार्ग.
- 1967 में जापानी तकनीक से बनी इस KK लाइन पर अब तक दर्जनभर बार भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे हर बार रेलवे सेवा बाधित हुई है.
- 2 जुलाई 2025 वर्तमान मल्लीगुड़ा-जरती खंड में भूस्खलन ने फिर ट्रैक बंद करवा दिया. आज तीसरा दिन है. अभी भी स्पष्ट नहीं कि कब बहाल होगा मार्ग.
पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में तबादला, 5 ASI, 25 हेड कांस्टेबल समेत 161 पुलिसकर्मी इधर से उधर, देखें लिस्ट
बलरामपुर। जिले के पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है. 161 पुलिसकर्मियों को इधर से उधर किया गया है. पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर ने प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण ट्रांसफर का आदेश जारी किया है. इस लिस्ट में 5 ASI, 25 हेड कांस्टेबल समेत कई आरक्षकों के नाम शामिल हैं.
देखें लिस्ट :





