प्रदेश
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं पर मुख्यमंत्री साय ने लगाया विराम, कहा- अभी करना होगा इंतजार…
रायपुर। प्रदेश के सियासी गलियारे में बीते कई दिनों से चल रही चर्चाओं को विराम देते हुए आखिरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल का विस्तार तो करना ही है, लेकिन अभी थोड़ा इंतजार करना होगा. मुख्यमंत्री का बयान ऐसे समय में आया है, जब न केवल पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता बल्कि प्रदेश की जनता भी मंत्रिमंडल विस्तार पर ध्यान लगाए हुए है।
बता दें कि साय मंत्रिमंडल में इस वक्त मंत्रियों के दो पद रिक्त हैं. संगठन की कोशिश है कि हरियाणा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी 14 मंत्रियों का फार्मूला लागू किया जाए. सत्ता और संगठन के अहम चेहरे दिल्ली दौरे पर हैं, जहां एक उच्च स्तरीय बैठक की गई है. हालांकि, यह बैठक संगठन चुनाव पर केंद्रित थी, मगर माना जा रहा है कि तमाम आला नेताओं की मौजूदगी में मंत्रिमंडल विस्तार पर भी मुहर लगाई है।
इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव समेत कई नेता शामिल थे.
विष्णुदेव साय सरकार को एक साल बीत गए हैं. सरकार ने पहले एक मंत्री पद रिक्त रखा गया था, लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के सांसद निर्वाचित होने के बाद उन्होंने विधायकी से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल में दो पद रिक्त हो गए. बृजमोहन के विभाग मुख्यमंत्री के अधीन आ गए. पहले से ही विभागों का बोझ मुख्यमंत्री पर था.
लोक सभा चुनाव के ठीक बाद मंत्रिमंडल विस्तार कर लिए जाने की चर्चाएं थी, लेकिन महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव खत्म होने तक विस्तार टाल दिया गया. सरकार ने हाल ही में एक वर्ष का जश्न भी मना लिया है. नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव सिर पर है. कई कद्दावर नेता मंत्रिमंडल विस्तार की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. उन्हें उम्मीद है कि विस्तार होने की स्थिति में उनका नंबर लग सकता है.
राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात
हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी. माना जा रहा है कि इस मुलाकात में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा की गई. संगठन सूत्रों की मानें तो इस मुलाकात में मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले संभावित चेहरों को लेकर रायशुमारी की गई है. पिछले दिनों राज्य सरकार के जनादेश पर्व के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा छत्तीसगढ़ आए थे. उस दौरान भी भाजपा प्रदेश कार्यालय में राज्य के आला नेताओं के साथ बंद कमरे में उनकी रायशुमारी हुई थी. उस वक्त भी कयास लगाए गए थे कि मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की गई है.
संभावित नामों में कौन-कौन?
मंत्रिमंडल विस्तार की हर चर्चा में दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव का नाम सामने आता रहा है. गजेंद्र यादव आरएसएस के पूर्व प्रांत प्रमुख बिसराराम यादव के बेटे हैं. कहते हैं कि साय मंत्रिमंडल के गठन के वक्त भी गजेंद्र यादव के नाम पर चर्चा की गई थी, मगर तब किन्हीं कारणों से उनका नाम अंतिम सूची में नहीं आ सका था. यादव समाज से आने की वजह से भी उनका पलड़ा भारी है. राज्य में ओबीसी वर्ग में साहू समाज के बाद सर्वाधिक संख्या यादवों की है. ऐसे में सामाजिक समीकरण भी गजेंद्र यादव के पक्ष में बनते दिख रहे हैं.
इधर बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल का नाम भी संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में तेजी से उछला है. 14 साल तक मंत्री रह चुके अमर अग्रवाल रिजल्ट ओरिएंटेड काम करने के लिए पहचाने जाते हैं. भीड़ से अलग रहकर काम करने में भरोसा करने वाले अमर अग्रवाल ने पूर्ववर्ती रमन सरकार में आबकारी पॉलिसी बनाई थी. शराब बिक्री का ठेका सिस्टम खत्म किया था. इस फैसले से आबकारी राजस्व में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई थी. अमर अग्रवाल देश में इकलौते चेहरे रहे हैं, जो सर्वाधिक लंबे समय तक जीएसटी काउंसिल में बतौर सदस्य शामिल थे.
मंत्रिमंडल विस्तार में राजेश मूणत का नाम भी सुर्खियों में है. रमन सरकार में आवास एवं पर्यावरण, ट्रांसपोर्ट, पीडब्ल्यूडी, नगरीय प्रशासन जैसे बड़े विभाग संभाल चुके मूणत की पहचान बड़े से बड़ा टास्क पूरा करने के लिए जाना जाता है. विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह के करीबी माने जाते हैं.
मंत्रिमंडल विस्तार के लिए संभावित नामों में अजय चंद्राकर भी एक नाम हैं. तेजतर्रार छवि के अजय चंद्राकर अपने संसदीय ज्ञान और गहरी राजनीतिक समझ के लिए पहचाने जाते हैं. अगर बस्तर संभाग से मंत्रिमंडल में चेहरा लिए जाने की वकालत की गई, तब ऐसी स्थिति में मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का नंबर लग सकता है. लोकसभा चुनाव में किरण देव अपने नेतृत्व कौशल का प्रदर्शन कर चुके हैं.
विक्रम उसेंडी भी एक अहम नाम साबित हो सकते हैं. इन संभावित नामों के इतर रायपुर दक्षिण उप चुनाव जीतने वाले सुनील सोनी भी वाइल्ड कार्ड एंट्री पा सकते हैं. सांसद रहते सुनील सोनी की टिकट कट गई थी. उनकी जगह बृजमोहन अग्रवाल को पार्टी ने लोकसभा चुनाव लड़ाया था. लोकसभा चुनाव जीतने के बाद बृजमोहन अग्रवाल की खाली हुई रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से सुनील सोनी ने चुनाव लड़ा और बड़ी जीत दर्ज की. किन्हीं कारणों से पूर्व मंत्रियों का पत्ता मंत्रिमंडल विस्तार में कटता है, तब ऐसी स्थिति में सुनील सोनी का नंबर लग सकता है.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्यपाल को लिखा पत्र, शीतकालीन सत्र में पारित इन विधेयकों को बताया असंवैधानिक
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्यपाल रामेन डेका को पत्र लिखकर विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पारित दो विधेयकों को असंवैधानिक बताया है। उन्होंने राज्यपाल से इन पर उचित कार्रवाई की मांग की है। डॉ. महंत ने पत्र में बताया कि 19 दिसंबर 2024 को विधानसभा में छत्तीसगढ़ नगर पालिका (संशोधन) विधेयक, 2024 (क्रमांक 11) और छत्तीसगढ़ नगर पालिका (संशोधन) विधेयक, 2024 (क्रमांक 12) पारित किए गए। उन्होंने इन विधेयकों को संविधान के अनुच्छेद 243-प (243-यु) का उल्लंघन करार दिया है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्यपाल रामेन डेका को लिखे पत्र में बताया कि विपक्ष ने इन दोनों विधेयकों पर विचार-विमर्श से पहले ही इन्हें संविधान के प्रावधानों के खिलाफ बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी। साथ ही, उच्चतम न्यायालय के निर्णय (राइट पिटीशन संख्या 278/2022, 10 मई 2022) का हवाला देते हुए इन विधेयकों को सदन में प्रस्तुत न करने की अपील की थी। बावजूद इसके, विधेयकों को पारित कर दिया गया।
डॉ. महंत ने पत्र में यह भी बताया कि इन विधेयकों के लागू होने के बाद नगर पालिकाओं के पांच साल की अवधि के भीतर चुनाव कराने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी और छह महीने की अतिरिक्त अवधि दी जा सकेगी। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 243-प (3)(क) का उल्लंघन बताते हुए असंवैधानिक करार दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि इन विधेयकों पर संवैधानिक प्रावधानों के तहत विचार किया जाए और जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डॉ. चरणदास महंत का राज्यपाल के नाम पत्र


आरक्षण की तिथि में बदलाव, अब इस दिन होगा महापौर, नपा और नगर पंचायत अध्यक्षों के पदों का आरक्षण, आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव में नगर पालिका निगमों के महापौर, नगर पालिका व नगर पंचायत अध्यक्षों के पदों का आरक्षण अब 27 दिसंबर की बजाय 7 जनवरी को होगा. इसका आदेश नगरीय प्रशासन विभाग, छग शासन ने जारी किया है.

देश को आजादी दिलाने में जनजातीय समाज के वीर सपूतों का अमूल्य योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। हमारा देश और समाज हमेशा प्रगतिशील सोच के साथ आगे बढ़ेे, समाज की नई पीढ़ी शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की करे, उद्यमशीलता की तरफ बढ़े, इसके लिए समाज को निरंतर जागरूक होकर युवाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा इसी एकजुटता पर बल देते हैं। हम सब एकजुट रहेंगे और माँ भारती की सेवा करने संकल्पित रहेंगे तो हमारा प्रदेश और देश मजबूत होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के विकासखण्ड बगीचा के ग्राम घुघरी में आयोजित छत्तीसगढ़ स्तरीय नागवशी समाज के महासम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज के भगवान बिरसा मुंडा, गुण्डाधुर, रानी दुर्गावती, वीर नारायण जैसे वीर सपूतों ने अपनी वीरता से देश को आजादी दिलाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज की इन महान विभूतियों के गौरव को लोगों तक पहुंचाने एवं उनका मान बढ़ाने के लिए जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्नों में गुम इन शहीदों के योगदान को सामने लाने के लिए नवा रायपुर में जनजातीय योद्धाओं को समर्पित स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। इसमें छत्तीसगढ़ के आदिवासी जन नायकों द्वारा लड़े गए 13 महान संग्रामों का वर्णन भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर घुघरी में सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख, खड़ा नाला में पुल निर्माण, ढ़ोड़की में व्यपवर्तन योजना के जीर्णाेद्धार एवं बगीचा में एक करोड़ रुपये की लागत से मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने नागवंशी समाज की बहु प्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए घुघरी में उनकी देवभूमि को संरक्षित करने हेतु सामुदायिक वनाधिकार पट्टा प्रदान किया गया। इसके साथ ही मात्रात्मक त्रुटि के कारण वंचित रह गए 40 बच्चों को मुख्यमंत्री ने जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने नागवंशी समाज के आराध्य भगवान महादेव-पार्वती एवं नाग देव की पूजा कर प्रदेश की जनता के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनके द्वारा ही जनजातीय कल्याण और उत्थान के लिए सर्वप्रथम आदिमजाति कल्याण विभाग का निर्माण किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातीय लोगों के उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के कल्याण हेतु बिजली, पानी, राशन वितरण, आवास, स्वास्थ्य, आयुष्मान कार्ड निर्माण आदि का कार्य किया जा रहा है।
सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक पत्थलगांव गोमती साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा प्रदेश के विकास को दुगुनी गति प्रदान की गई है। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए हमारे जनजातीय समाज के मुख्यमंत्री द्वारा निरन्तर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव, जनप्रतिनिधि कृष्ण कुमार राय, नागवंशी समाज के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।




कथावाचक प्रदीप मिश्रा के बयान का सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया समर्थन
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, सेजबहार में चल रहे शिव महापुराण की कथा में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बिना नाम लिए एक धर्म विशेष पर टिप्पणी की, जिस पर अब सियासत भी हो रही है. रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पंडित मिश्रा ने सनातन को मजबूत करने, नए साल में शिवालयों में जाने की बात कही है.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, पं. प्रदीप मिश्रा ने सही बात कही है, इसमें गलत क्या है. आज एक नई पीढ़ी एक अलग दिशा में जा रही है. सनातन नया वर्ष दिवाली नवरात्रि में होता है. नए वर्ष में मदिरा सेवन की परंपरा सनातन की परंपरा नहीं है.
बता दें कि बुधवार की कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि बच्चों को लाल रंग के कपड़े और सांता क्लॉज की टोपी पहनाकर उन्हें ‘जोकर’ जैसा न बनाए. बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाने की बजाय उन्हें भारतीय वीरों की ड्रेस जैसे शिवाजी, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी के जैसे कपड़े पहनानी चाहिए।
पंडित मिश्रा ने आगे कहा था कि सनातन धर्म की साख को मजबूत करिए. सनातन धर्म की साख को प्रबल बनाइए और सनातन धर्म को मजबूत करने का प्रयास करिए. अपना धर्म छोड़कर किसी दूसरे धर्म में जाकर जूठन मत खाइए. भले अपनी रूखी-सूखी हो, वो खाइए. अपने घर का खाओ, जैसा भी हो. घर की रोटी के आगे कोई रोटी अच्छी नहीं लगती. तुम कहीं की भी होटल में चले जाओ, कहीं पर भी घूमने चले जाओ, कितने भी एसी के कमरे में ले लो, 15 दिन, 20 दिन, एक महीने में तुम्हें तुम्हारे घर की याद आएगी. कितनी भी तुम मटर पनीर खा लो, पालक पनीर खा लो, चाहे तुम दुनिया भर की सब्जी खा लो, मगर जो भी हो, तुम्हारा अपना खाना सबसे अच्छा होता है.
सुशासन दिवस के अवसर पर नालंदा परिसर में ‘खुशहाल एक साल’ इवेंट का किया गया सफलतापूर्वक आयोजन
रायपुर। देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती में उनके कविता संग्रह में से चुनिंदा कविताओं का राजधानी के युवाओं ने वाचन किया, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया और हिंदी में पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ में दिए गए उनके भाषण पर भी अपने विचार प्रकट किए। यह अवसर था राजधानी रायपुर के नालंदा परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस का। जनसंपर्क विभाग की ओर से नालंदा परिसर में ‘खुशहाल एक साल’ इवेंट का आयोजन किया गया जिसमें नालंदा परिसर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा न केवल देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी की जीवन यात्रा, कविता संग्रह और विचारों से रूबरू हुए, बल्कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व मे राज्य सरकार की विगत एक वर्ष की उपलब्धियों और योजनाओं के प्रति भी जागरूक हुए। मनोरंजन और खेल – खेल में युवाओं को अपने प्रदेश के बारे में बहुत कुछ जानने का मौक़ा मिला। सबके बीच अपने विचार व्यक्त करने से झिझकने वाले युवाओं ने भी हल्के फुलके वातावरण में संकोच करना बंद कर ख़ुशी-ख़ुशी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
युवाओं ने राज्य में संचालित महतारी वंदन योजना, नियद नेल्ला नार योजना, मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना, कृषक उन्नति योजना, पर्यटन, छत्तीसगढ़ की बोलियों, आभूषणों आदि के बारे में पूछे गए प्रश्नों का सही उत्तर देने में तत्परता दिखाई। छत्तीसगढ़ में मिलने वाले खनिज, प्रदेश की लोक कला, खान -पान, गौरवशाली इतिहास संबंधी प्रश्नों को भी विभिन्न गतिविधियों के बीच में पूछा गया और इस दौरान सही उत्तर देने वाले युवाओं को विभिन्न डिस्काउंट कूपन, बिहान के उत्पाद उपहार स्वरूप प्रदान किए गए। डिस्काउंट वाउचर में नालंदा परिसर में स्थित लाइब्रेरी के मासिक शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट ने भी प्रतियोगी परीक्षाओं के एस्पिरेंट्स को खूब लुभाया । इससे उनका उत्साह और बढ़ गया और उन्होंने इवेंट की समाप्ति तक पूरे उमंग के साथ आयोजन में हिस्सा लिया । उल्लेखनीय है कि खुशहाल एक साल इवेंट का यह छठवाँ आयोजन था। इससे पहले भी रायपुर शहर के विभिन्न स्थलों में इवेंट आयोजित किया गया जिसमें युवाओं ने भरपूर रुचि और उत्साह के साथ आयोजन की सफलता में अपनी सहभागिता प्रदान की थी।



सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, रायपुर समेत 6 जिलों में बनेंगे एग्जाम सेंटर
रायपुर। ऑल इंडिया सैनिक स्कूल्स एंट्रेंस एग्जामिनेशन 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. 13 जनवरी की शाम 5 बजे तक आवेदन किए जा सकते हैं. इस परीक्षा के माध्यम से कक्षा छठवीं और नवमीं में प्रवेश दिए जाएंगे. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है. देश के 89 सैनिक स्कूलों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा हो रही है. इस परीक्षा के लिए देश के 190 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे.
33 स्कूलों में कक्षा छठवीं और नवमीं में प्रवेश दिए जाएंगे, जबकि 39 स्कूलों में नए स्कूलों में कक्षा छठवीं में एडमिशन होंगे. इसी तरह 17 नए स्कूलों में कक्षा नवमीं में एडमिशन दिए जाएंगे. परीक्षा शुल्क सामान्य, ओबीसी के लिए 800 रुपए और एससी व एसटी वर्ग के लिए 650 रुपए है. राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के 6 जिलों बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर, कांकेर और रायगढ़ में एग्जाम सेंटर बनेंगे. परीक्षा को लेकर विस्तृत जानकारी वेबसाइट https://exams.nta.ac.in/AISSEE पर जारी की गई है.
रक्षा मंत्रालय की जमीन पर अवैध उत्खनन, हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, शासन से शपथ पत्र में मांगा जवाब…
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने न्यायधानी के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से लगी रक्षा मंत्रालय की जमीन पर मुरूम की अवैध खुदाई के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है. कोर्ट ने आज मामले की सुनवाई की. जिसमें जिसमें मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश रविन्द्र अग्रवाल की विशेष बैंच ने सख्त नाराजगी जताते हुए खुदाई के मामले में राज्य सरकार और रक्षा मंत्रालय से शपथपत्र में जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई अब 9 जनवरी 2025 को होगी.
बता दें, बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट चकरभाठा से लगी रक्षा मंत्रालय विभाग की जमीन जो तेलसरा ग्राम के अंतर्गत आती है. यहां अवैध रूप से मुरूम का उत्खनन किए जाने की खबर प्रकाशित की गई. जिसमें बिल्डर के द्वारा मुरूम खोदकर कॉलोनी विकसित की जाने की जानकारी दी गई. वहीं शासन को करोड़ों रुपए की रॉयल्टी का नुकसान हुआ था. इस मामले पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि 13 दिसंबर 2024 की खबरों पर देर से कार्रवाई कर नोटिस दिया गया. इस पर सरकार का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजकुमार गुप्ता ने कोर्ट में गूगल के माध्यम से निकला नक्शा पेश किया और तर्क दिया कि 2012 में भी उस जगह पर गड्ढा मौजूद था. लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को अमान्य कर दिया और कहा कि गूगल पर हर समय विश्वास नहीं किया जा सकता..! सब फेल हो गए हैं..!
कोर्ट ने दी सख्त प्रतिक्रिया
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने सरकार का पक्ष रखते हुए आगे कहा कि गांव और आसपास के लोग भी यहां से मुरुम ले जाते रहे हैं. इसे लेकर कोर्ट ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारों की आंखें बंद रहती हैं. इतना नहीं है कि गांव वाले बेचारे ले गए हैं..! ये जो बड़े बड़े लोग हैं जो इस सबके पीछे हैं..!
वहीं अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि 2018 से रेगुलेशन के साथ रॉयल्टी लेने का प्रावधान किया गया और एक व्यक्ति को परमिशन भी दी गई है. वहीं खनिज विभाग की तरफ से मेमर्स फॉर्चून एलिमेंट के संचालक पवन अग्रवाल को 25 दिसंबर 2024 नोटिस दिया गया है. जिसके जवाब के बाद पूरी जानकारी मिल जाएगी. इस पर भी कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि न्यूज आइटम 13 दिसंबर का है और आपने आरोपी बिल्डर को नोटिस इतने दिनों बाद दिया है.
रक्षा मंत्रालय का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा ने कोर्ट में अपील करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी, कलेक्टर, इस जमीन पर हो रहे उत्खनन पर रोक लगाएं. वहीं कोर्ट ने इस पूरे मामले में अब शासन और केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय विभाग से शपथपत्र पर जवाब मांगा है.
विवादों के घेरे में BJP मंडल अध्यक्ष की नियुक्तियां : भाजपा ने रद्द की दो जगहों की नियुक्ति, बाकी जगहों पर फैसला कल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद कई जगह कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कार्यकर्ताओं की शिकायत पर माना और कवर्धा के पिपरिया मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति को रद्द कर दिया है. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, कल भाजपा कार्यालय में बैठक होगी, जिसमें बाकी विवादित जगहों की चर्चा कर पार्टी और कार्यकर्ताओं के हित में निर्णय लेंगे.
बता दें कि कल फाइनल अध्यक्षों के नाम का पैनल तय हो सकता है. जिला अध्यक्षों के नामों का पैनल भी फाइनल किया जाएगा. 29 दिसंबर को दिल्ली में संगठन की बैठक होगी, जहां अंतिम मुहर लगेगा. भाजपा मंडल अध्यक्ष चुनाव विवाद पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, चर्चा के बाद विवादित मंडल अध्यक्षों पर निर्णय लिया जाएगा. बीजेपी का बड़ा परिवार है. एक दो जगहों पर इस तरह के प्रॉब्लम आते हैं. बैठकर पार्टी और कार्यकर्ताओं के हित में निर्णय लेंगे. जहां-जहां विवाद है उस पर बात करेंगे.
शिकायत पर चर्चा के बाद लेंगे फैसला : उपासने
इस मामले में भाजपा पुनर्विचार समिति के सहसंयोजक सच्चिदानंदन उपासने ने कहा कि लगातार शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद कुछ जगह की नियुक्ति रद्द हुई है. इसमें माना मंडल, पिपरिया मंडल जैसे मंडल शामिल हैं. जीतने नियुक्ति निरस्त हो रहे या स्थगित हुए हैं उन सभी के चुनाव जिला चुनाव के बाद होंगे. उन्होंने कहा, 27 दिसंबर को प्रदेश कार्यालय में बैठक बुलाई गई है, जिसमें जहां-जहां से शिकायत मिली है उस पर चर्चा की जाएगी. किसी की उम्र कम है, किसी के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं. प्रमाणित शिकायत पर बैठक होगी, जिसमें प्रदेश के लोगों को बुलाया गया है. शिकायतकर्ता को भी बुलाया गया है. जितनी भी नियुक्ति रद्द हुई है उसमें सुनवाई के बाद ही फैसला होगा.
बता दें कि भीमवंत निषाद को माना भाजपा मंडल अध्यक्ष बनाए गए थे, जिसका कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था. भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस से आए भीमवंत निषाद को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है, जिसके विरोध में भाजपा माना मंडल के सदस्य प्रदेश कार्यालय पहुंचकर वरिष्ठ नेताओं से शिकायत की थी. साथ ही विधायक मोतीलाल साहू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी.

विधायक मोतीलाल पर कार्यकर्ताओं का अपमान करने का आरोप
बताया जा रहा है कि रायपुर ग्रामीण विधानसभा के अंतर्गत मेघुराम साहू का नाम सर्वसम्मति से मंडल अध्यक्ष के लिए तय किया गया था, जिसके बाद अचानक भीमवंत निषाद का नाम सामने आ गया. इसके बाद माना स्थित सामुदायिक भवन में तोड़फोड़ करते हुए कार्यकर्ताओं ने विधायक मोतीलाल साहू का विरोध किया था. कई कार्यकर्ता भाजपा विधायक की गाड़ी के सामने लेट गए थे. कार्यकर्ताओं ने विधायक साहू पर आरोप लगाया था कि उन्होंने कर्मठ मंडल अध्यक्ष को नियुक्त नहीं करके उनका अपमान किया है.
गरियाबंद जिले में भी मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति पर विवाद
गरियाबंद में भी भाजपाइयों ने जिले में हाल ही में किए गए मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर विवाद खड़ा किया था. विशेष रूप से झाखरपारा और फिंगेश्वर मंडल में कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष है। झाखरपारा में उमाशंकर को मंडल अध्यक्ष बनाने का ऐलान पहले ही किया गया था, लेकिन अंतिम समय में भगवानो बेहेरा का नाम घोषित कर दिया गया, जिससे माली समाज के नेताओं में नाराजगी है. इस फैसले के खिलाफ बिंद्रानवागढ़ के नेता राजधानी रायपुर पहुंचकर नियुक्तियों में अनियमितता का आरोप लगाया था.
मालाओं से लाद मुंह मीठा कराया, लिफाफा दूसरे नाम का खुला
जिलेभर में सबसे ज्यादा अप्रत्याशित नियुक्ति झाखरपारा मंडल मानी जा रही है. इलाका माली समाज बाहुल्य है. वोटर्स का 68 फीसदी हिस्सा माली समाज से आते हैं इसलिए भाजपा संगठन में पूर्व से माली समाज का दबदबा भी रहा है. झाखरपारा मंडल में ज्यादातर बड़े नेताओं ने मंडल अध्यक्ष के लिए उमाशंकर निधि के नाम पर सहमति दी थी. कॉन्फिडेंस इतना कि नाम के ऐलान से एक दिन पहले ही जश्न मना लिया गया. उमाशंकर को फूल मालाओं से लाद मुंह मीठा कराया गया. सोशल मीडिया में बधाई तक दे दी गई, लेकिन अगले दिन प्रभारी ने बंद लिफाफा से भगवानो बेहेरा का नाम खोल दिया था.
निचले स्तर पर अनियमितता का आरोप
अप्रत्याशित चयन को लेकर माली समाज के बड़े नेता बिन्द्रानवागढ़ के शीर्ष नेताओं के साथ राजधानी पहुंचकर वरिष्ठ नेताओं से शिकायत की थी. निचले स्तर पर अनियमितता का आरोप लगाकर कार्यकर्ताओं की भावना के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया था. भाजपा के ओबीसी प्रकोष्ठ के पूर्व जिला अध्यक्ष व माली समाज के अध्यक्ष नीलकंठ बीसी ने कहा था कि माहौल को असंतोषित करने के लिए कुछ लोगों की यह साजिश है. उमाशंकर पर सबकी सहमति बन गई थी. उन्होंने जल्द ही सामाजिक बैठक लेकर अपना रुख तय करने की बात कही थी.
फिंगेश्वर में बंद कमरे में हुई खींचतान
फिंगेश्वर मंडल में मंजुलता हरित को मंडल अध्यक्ष बनाया गया, ये भाजपा के वरिष्ठ नेता भगवत हरित की बहू है. नाम का ऐलान होते ही भरी बैठक में जमकर हंगामा हुआ. वायरल हुए वीडियो के मुताबिक बंद कमरे में कार्यकर्ता खींचतान करते भी दिख रहे हैं. बताया जा रहा है कि कार्यकर्ता मुकेश साहू पर सहमति दे रहे थे. हंगामा के बीच बड़े नेताओं पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है. यहां का विवाद भी ऊपर तक पहुंच गया है.
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने बस्तर की बेटी हेमबती को “प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2024” से किया सम्मानित, सीएम साय ने ट्वीट कर लिखा- शाबाश बिटिया!
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज बस्तर संभाग के कोण्डागांव की जुडो खिलाड़ी हेमबती को “प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024” से सम्मानित किया. छत्तीसगढ़ के इस गौरवशाली पल को लेकर सीएम साय ने ट्वीट कर हेमबती को शाबाशी दी है. उन्होंने लिखा- शाबाश बिटिया! राष्ट्रीय जुडो खिलाड़ी, कोंडागांव की बिटिया हेमबती नाग को आज माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा “प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार – 2024” से सम्मानित किया जाना, समस्त प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है.
सीएम साय ने बताया कि हेमबती ने कठिन परिस्थितियों में भी अपना हौसला नहीं खोया, अपनी अथक मेहनत और कड़े संघर्ष से उन्होंने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और राष्ट्रीय स्तर की अन्य प्रतियोगिता में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है.
हमारी सरकार ऐसे प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है. निश्चित ही बिटिया की यह उपलब्धि प्रदेश की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है. उन्होंने हेमबती को मिले सम्मान के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी.
बता दें, अगरतला (त्रिपुरा) में 12 से 15 दिसंबर तक 68वीं राष्ट्रीय स्कूल प्रतियोगिता में जिले 4 खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया. इसमें बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हेमवती नाग ने रजत पदक प्राप्त किया.
वहीं पंजाब के लुधियाना में 6 से 11 जनवरी तक आयोजित जूडो प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने वाली जूडो खिलाड़ी हेमवती नाग का कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अभिनंदन किया तथा उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं.

कथावाचक प्रदीप मिश्रा के बयान पर सियासत, कांग्रेस ने दुबई के कार्यक्रम पर किया सवाल, उप मुख्यमंत्री साव ने झाड़ा पल्ला…
रायपुर। पंडित प्रदीप मिश्रा के सांता क्लाज को लेकर दिए गए विवादित बयान पर सियासत होने लगी है. एक तरफ कांग्रेस बयान को लेकर हमलावर है, तो वहीं भाजपा इस पूरे प्रकरण से अपना पल्ला झाड़ रही है.
कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा कथावाचक हैं, राजधानी आए हैं, उनका स्वागत है. पंडित मिश्रा दुबई में चंद्राकर के आमंत्रण पर कथा करने गए थे. उनसे पूछना चाहिए कि उनसे-उनका क्या संबंध है. कुछ तो क्लू मिलेगा.
वहीं कथावाचक के बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि धर्माचार्य के बयान पर मेरी कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करना उचित नहीं है. मैं तो कहता हूं कि कल हमने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल बिहारी वाजपेई की 100वीं जयंती मनाई है. आज छत्तीसगढ़ जिस दिशा में आगे बढ़ा है, वह अटल जी के कारण संभव हुआ है.
जानिए किस बयान पर मचा है बवाल
बता दें कि पंडित प्रदीप मिश्रा ने राजधानी रायपुर के सेजबहार में शिव महापुराण कथा का वाचन करते हुए राजधानी में सांता क्लाज के बिक रहे लाल कपड़े को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर भारत की भूमि पर अगर किसी को पहनाना है तो अपने बच्चों को वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप या झांसी की रानी अहिल्या बाई के कपड़े पहनाओ, पर अपने बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाकर जोकर मत बनाओ, जिससे उनकी हंसी उड़ जाए.
उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म की साख को मजबूत करिए. सनातन धर्म की साख को प्रबल बनाइए और सनातन धर्म को मजबूत करने का प्रयास करिए. अपना धर्म छोड़कर किसी दूसरे धर्म में जाकर जूठन मत खाइए. भले अपनी रूखी-सूखी हो, वो खाइए. अपने घर का खाओ, जैसा भी हो. घर की रोटी के आगे कोई रोटी अच्छी नहीं लगती.
नगरीय निकाय-पंचायत चुनाव पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बयान, ‘तैयारियां अंतिम चरण में, जल्द होगा ऐलान’
रायपुर। नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तारीख के ऐलान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार की तैयारियां अंतिम चरण में है. सरकार की अलग-अलग एजेंसियां, विभाग काम कर रहे हैं. एक चरण का आरक्षण का बचा हुआ है. बहुत जल्द आरक्षण प्रक्रिया खत्म हो जाएगी. चुनाव आयोग जल्द चुनाव कार्यक्रम तय करेगा.
हरियाणा के तर्ज पर छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के विस्तार पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. मुख्यमंत्री केंद्रीय मंत्रियों से बातचीत कर निर्णय करेंगे. वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत के छत्तीसगढ़ दौरे पर कहा कि मोहन भागवत देशभर में प्रवास करते हैं. वे जिनसे मिलेंगे, उनसे मिलना तय रहेगा.
प्रदीप मिश्रा के बयान पर कही यह बात
पंडित प्रदीप मिश्रा के सांता क्लाज को लेकर बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि धर्माचार्य के बयान पर मेरी कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करना उचित नहीं है. मैं तो आपसे कहता हूं कि कल हमने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल बिहारी वाजपेई की 100वीं जयंती मनाई है. आज छत्तीसगढ़ जिस दिशा में आगे बढ़ा है, वह अटल जी के कारण संभव हुआ है.
इस जिले के 31 केंद्रों में आज नहीं होगी धान की खरीदी, बारिश बनी बाधा, रख रखाव की चुनौती…
गरियाबंद। जिले के 31 धान खरीदी केंद्र में बारिश के चलते आज खरीदी नहीं होगी. दरअसल, बीते दो दिनों से लगातार देवभोग अमलीपदर तहसील क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश हो रही है. बारिश से देवभोग अमलीपदर के 10 तो गोहरापदर ब्रांच के 16 खरीदी केंद्र प्रभावित हुए हैं. वहीं मैनपुर ब्रांच के 5 केंद्र में उठाव नहीं होने से खरीदी बंद है.
बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. धान खरीदी केंद्रों में फड़ गीली हो गई है, रख-रखाव भी चुनौती बनी हुआ है. अगर मौसम खुलता भी है तो इनमें से कुछ केंद्रों में खरीदी शुरू हो सकती है, लेकिन ज्यादातर केंद्रों में आज धान खरीदी शुरू कर पाना मुश्किल नजर आ रहा है.

देवभोग ब्रांच मैनेजर अमरसिंह ध्रुव और अमलीपदर ब्रांच मैनेजर नयन सिंह ठाकुर ने कहा कि दो दिनों से बारिश हो रही है. खरीदी केंद्रों में ,खरीदी हुई धान के रखरखाव की पूरी कोशिश की गई है. पर्याप्त पालीथीन भी खरीदी की गई है. फंड गिले होने के कारण व केंद्र तक आवाजाही हेतु बने मार्ग गिले होने के कारण किसानों को केंद्र तक धान लाने में दिक्कत होगी. मौसम खुला और गीली जमीन रास्ते सूखे तो धान की आवाजाही होगी. बीते दिन भी खरीदी प्रभावित रही, आज भी केंद्रों ने खरीदी प्रभावित होने की सूचना दी है.

मैनपुर में भी खरीदी बंद
इधर मैनपुर ब्रांच के 5 खरीदी केन्द्र में धान खरीदी की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है. बफर लिमिट से कई गुना ज्यादा धान रखा हुआ है. धीमी गति से उठाव जारी है. अब सहकारी समितियों ने जगह खाली नहीं होते तक खरीदी बंद रखने का निर्णय लिया है. मैंनपुर ब्रांच मैनेजर दुष्यंत इंगले ने बताया कि समितियां खरीदी बंद कर दिए है, उच्च अधिकारियों को सूचना दिया गया है. उठाव के लिए गाड़ियों की संख्या बढ़ाने का आग्रह किया गया है.
मुख्यमंत्री ने वीर बाल दिवस पर गुरू गोविंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान को किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस पर दसवें सिख गुरू गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया है। मुख्यमंत्री ने गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों ने धर्म की रक्षा के लिए बहुत कम उम्र में ही अपने आप को बलिदान कर दिया। उन्होंने अपनी वीरता और शौर्य से देश को गौरवान्वित किया है। हम सभी को वीर सपूतों के अदम्य साहस और बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए।
अटल बिहारी बाजपेई कोई व्यक्ति नहीं, युग पुरुष हैं: बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण अटल बिहारी बाजपेई की महान उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि क्षेत्रीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत, और विकास की संभावनाओं को पहचानते हुए छत्तीसगढ़ को एक स्वतंत्र राज्य का दर्जा मिले। उनका यह निर्णय राज्य के लोगों के लिए प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने वाला साबित हुआ। यह कहना है रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का जो बुधवार को भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई 100 वीं जयंती “सुशासन दिवस” के अवसर पर राजधानी में अटल चौक, अवंती विहार और कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए और अटल जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में एक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया, जिसमें अटल बिहारी बाजपेई के जीवन, योगदान और विचारधारा को प्रदर्शित किया गया। साथ ही फुंडहर चौक, अटल एक्सप्रेस वे पर अटल परिसर का भूमिपूजन भी किया गया। श्री अग्रवाल ने अटल जी को याद करते हुए कहा कि, अटल जी कोई व्यक्ति नहीं बल्कि युग पुरुष थे, जिनका जीवन राष्ट्र सेवा, भारतीय राजनीति और समाज को नई दिशा देने के लिए समर्पित था। उनकी दूरदर्शी सोच और नीतियों ने भारत को विकास के पथ पर अग्रसर किया।
अटल जी की नेतृत्व क्षमता, कवित्व, और मानवता ने हर भारतीय को प्रेरित किया। वह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक ऐसे विचारक और मार्गदर्शक थे जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया। उनका जीवन और उनकी सोच हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा समेत नगर निगम अधिकारी और गणमान्यजन उपस्थित रहे।







छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अमित अग्रवाल बने केंद्र सरकार में सेक्रेटरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी अमित अग्रवाल को केंद्र सरकार में सचिव के पद पर प्रमोट किया गया है. उन्हें फार्मास्युटिकल विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अमित अग्रवाल छत्तीसगढ़ कैडर के तीसरे अधिकारी हैं, जिन्हें सचिव बनने का अवसर मिला है.
आईएएस अमित अग्रवाल से पहले बी.एस. बासवान और बीवीआर सुब्रमण्यम को केंद्र सरकार में सचिव प्रमोट हो चुके हैं. छत्तीसगढ़ के नए मुख्य सचिव के लिए भी अमित अग्रवाल का नाम सुर्खियों में है.
देखिये आदेश की कॉपी-







