मनेन्द्रगढ़। चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में कोयला के अवैध भंडारण पर राजस्व व माइनिंग विभाग की टीम ने एक साथ दबिश दी है. टीम ने साढ़े 3 लाख रुपए मूल्य का लगभग 60 टन अवैध कोयला जब्त किया है.
जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रदीप बंगाली पर के ठिकानों पर राजस्व व माइनिंग विभाग की टीम संयुक्त दबिश दी है. आरोपी अवैध खदान में मजदूरों को लगाकर कोयला इकठ्ठा करने का काम करता था. प्रशासन की कार्रवाई के बाद अवैध कोयला तस्करों में खलबली मची हुई है.
भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं को सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल (SSB) की 33वीं बटालियन ने रायपुर और भिलाई जैसे बड़े नगरों में भ्रमण का अवसर दिया. यह दल आज अपने घर लौट आया, और लौटने पर युवाओं के चेहरे पर खुशी और उत्साह स्पष्ट रूप से नजर आया. कई युवाओं ने पहली बार रेल यात्रा का अनुभव किया, जबकि अधिकांश ने पहली बार भिलाई और रायपुर जैसे बड़े शहरों की सैर की.
दीपक ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए बताया, “मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि फैक्ट्री इतनी बड़ी होती है. हम हमेशा सोचते थे कि हमारे आसपास से कच्चा लोहा कहां जाता है, अब हमें पता चला कि लोहा बनाने का कारख़ाना कहाँ है.”
सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट महेंद्र ठाकुर ने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को महानगरों की जीवनशैली से परिचित कराना था. इस दौरान युवाओं को भिलाई स्टील प्लांट और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण कराया गया, जिससे वे कुछ नया सीख सकें और आत्मविश्वास से भरपूर हो सकें.
युवक संतलाल ने भी अपनी खुशी जताते हुए कहा, “हम पहली बार भिलाई गए थे और वहां स्टील प्लांट को देखकर हम बड़े रोमांचित हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे भ्रमण से नक्सली प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को शहरी जीवन और विकास की ओर आकर्षित किया जा सकता है, और इससे SSB तथा सुरक्षा बल आम जनता के करीब आ सकते हैं.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ठंड अपनी पकड़ और जमाता जा रहा है. सबसे ज्यादा हालत गंभीर उत्तर छत्तीसगढ़ की है, जहां मौसम विभाग ने 13 और 14 दिसंबर को शीतलहर चलने की आशंका जताई है.
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. प्रदेशभर में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट जारी है. बीते 24 घंटे में कई जिलों में 5 डिग्री तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.
वहीं प्रदेश के कई जगहों पर ओस की बूंदें जमने लगी हैं. सरगुजा में सबसे कम 6 डिग्री तक तो बलरामपुर में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री तक न्यूनतम तापमान पहुंचा गया.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा बस्तर एवं सरगुजा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले जिलों में विकास एवं निर्माण कार्याें के लिए कुल 22 करोड़ 31 लाख 77 हजार की स्वीकृति जारी की गई है। जारी आदेश के अनुसार बस्तर विकास प्राधिकरण हेतु 11 करोड़ 79 लाख 67 हजार रूपए तथा सरगुजा विकास प्राधिकरण हेतु 10 करोड़ 52 लाख 10 हजार स्वीकृत किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर विकास प्राधिकरण और सरगुजा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं। बस्तर विकास प्राधिकरण अंतर्गत आने वाले छह जिलों कोंडागाव के लिए 5.34 करोड़, बस्तर के लिए 3.20 करोड़, कांकेर के लिए 1.83 करोड़, बीजापुर के लिए 51 लाख, नारायणपुर के लिए 24 लाख एवं सुकमा के लिए 67.50 लाख रुपए जारी किए गए है। इसी प्रकार सरगुजा विकास प्राधिकरण अंतर्गत आने वाले छह जिलों बलरामपुर के लिए 2.25 करोड़, सूरजपुर के लिए 1.73 करोड़, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर हेतु 1.89 करोड़, जशपुर के लिए 1.66 करोड़, सरगुजा के लिए 1.99 करोड़ एवं कोरिया के लिए 1.01 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। इस राशि का उपयोग क्षेत्र विशेष के विकास कार्याें के लिए किया जाएगा। इस राशि से प्राधिकरण क्षेत्र में सी.सी.रोड़ निर्माण, पुल-पुलिया निर्माण, नाली निर्माण, पेयजल सुविधाओं का विस्तार, नलकूप खनन एवं हैंण्डपम्प की स्थापना, हाट-बाजार में शौचालय निर्माण, तालाब में पचरी निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण, सांस्कृतिक भवन निर्माण एवं रंगमंच, कला मंच निर्माण, चबूतरा निर्माण, मुक्तिधाम शेड निर्माण, शाला भवन, छात्रावास भवन, आश्रम में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, पेयजल व्यवस्था, शौचालय का निर्माण, कन्या शालााओं में बाउण्ड्रीवाल निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, मरीजों के परिजनों के लिए सराय निर्माण, अस्पताल में पेयजल व्यवस्था आदि कार्य किए जाएंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्ट्रीट वेंडर्स और महिला समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पीएम – स्वनिधि योजना ने स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने में मदद की है और डे – एनयूएलएम योजना ने महिलाओं को उद्यमशीलता की राह में आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि तथा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकायों, बैंकों, लाभार्थियों एवं स्ट्रीट वेंडर्स को समारोह में सम्मानित किया।
उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, विधायक मोतीलाल साहू भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारे स्ट्रीट वेंडर्स बहुत सस्ते में और गुणवत्ता के साथ हमारे स्ट्रीट वेंडर्स ग्राहकों को सामान उपलब्ध कराते हैं। पहले इन लोगों की सहायता के लिए किसी तरह की योजना नहीं थी। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने संवेदनशीलता के साथ स्ट्रीट वेंडर्स की दिक्कतों को न केवल समझा बल्कि उन्हें आगे बढ़ाने के लिए पीएम स्वनिधि योजना प्रारंभ की। इस योजना की शर्तें बेहद आसान रखी। कोई जमानतदार नहीं, मासिक किश्तों में ऋण चुकाने की सुविधा और ब्याज सब्सिडी के लाभ के चलते लाखों स्ट्रीट वेंडर्स के लिए अब अपने सपनों को पूरा करने की राह खुल गई। हमारी सरकार आपको हर संभव मदद प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही महिला स्वसहायता समूहों को विभिन्न छोटे – छोटे व्यवसायों के लिए कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करके उन्हें सशक्त करने का सराहनीय कार्य एनयूएलएम योजना में किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मामूली ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करा कर लाखों महिलाओं को उद्यमशीलता की राह में आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शहरी बेघरों के लिए चलाए जा रहे आश्रयस्थल की लगातार मानिटरिंग की आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ और चार नगरीय निकायों को स्पार्क अवार्ड 2023-24 से सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की मदद के लिए नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों तथा इन्हें बैंक लिंकेज प्रदान करने वाले बैंक अधिकारियों का भी हम सम्मान कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने इस अवसर पर कहा कि ये योजनाएं रोज कमाने खाने वाले गरीब परिवारों के लिए बड़ी लाभदायक साबित हो रही है। इसके जरिए लाभार्थी शहर की फुटपाथों पर व्यवसाय संचालित कर भरण पोषण कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार के एक वर्ष की अवधि में किए गए कार्यों और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार एवं गरीबों और महिलाओं को आजीविका के साधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। जब यह तबका मजबूत होगा तो छत्तीसगढ़ भी मजबूत होगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसव राजू एस. ने शहरी गरीब परिवारों के उत्थान के लिए संचालित पीएम – स्वनिधि योजना, पंडित दीनदयाल अंत्योदय योजना के कुशल क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी तक 88,498 स्ट्रीट वेंडर्स को 184.98 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता पीएम स्व निधि योजना अंतर्गत बैंको से प्रदान कराई गई है। इसी तरह राज्य शहरी आजीविका मिशन के तहत 30 हजार 347 महिला स्व सहायता समूहों को रिवाॅल्विंग फंड के रूप में 30 करोड़ 34 लाख रूपये का वितरण किया गया है!
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “विकास, उपलब्धि और सुशासन के एक साल”, “डे – एनयूएलएम, पीएम – स्वनिधि योजना” और “मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना” पर लघु फिल्म लांच की। इस अवसर पर लाभार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी मुख्यमंत्री सहित अतिथियों अवलोकन किए।
इस अवसर पर कलेक्टर डॉ.गौरव सिंह, आयुक्त नगर पालिक निगम अबिनाश मिश्रा, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय, बैंकर्स, स्ट्रीट वेंडर्स, डे – एनयूएलएम के लाभार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने मंत्रिमण्डल के सदस्यों के साथ न्यू सर्किट हाउस सिविल लाईन में राज्य सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर प्रेस कान्फ्रेंस को सम्बोधित किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों और तेंदूपत्ता संग्राहक हितग्राहियों को संबोधित पत्र ”विष्णु की पाती” , मुख्यमंत्री श्री साय के चुनिंदा भाषणों के चुनिंदा अंश पर आधारित 'उद्गार : विजन और विचार', प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के अनुभव को दर्शाती पुस्तिका 'खुशियों का आशियाना', महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के अनुभवों को दर्शाती पुस्तिका ' खुशियों का नोटिफिकेशन' , राज्य शासन के विजन को दर्शाती 'सेवा ही सर्वोपरि', छत्तीसगढ़ सरकार की विगत एक वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित 'सुशासन का एक साल, छत्तीसगढ़ हुआ खुशहाल' का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने शासन की एक वर्ष की उपलब्धियों के रिपोर्ट कार्ड 'जनादेश परब रिपोर्ट कार्ड' का विमोचन किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा सहित कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वनमंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, जनसंपर्क आयुक्त जनसंपर्क रवि मित्तल, संचालक अजय कुमार अग्रवाल उपस्थित थे।
खैरागढ़। गोंडवाना गोंड महासभा और सर्व आदिवासी समाज ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर आज खैरागढ़ के आंबेडकर चौक पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग एकत्रित हुए और अपनी प्रमुख मांगों को लेकर राज्य सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील की. मुख्य मांगों में खैरागढ़ जिले की तीन जिला पंचायत सीटों को अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित करना और जिले में एकलव्य आदिवासी विद्यालय की स्थापना शामिल हैं. प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने एसडीएम टीपी साहू को प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के नाम से एक ज्ञापन सौंपा.
धरने के दौरान आंबेडकर चौक पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे पूरे इलाके को छावनी जैसा बना दिया गया. यह कदम किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उठाया गया था. धरने में अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य गणेश सिंह ध्रुव भी शामिल हुए, जिन्होंने आदिवासी समाज की प्रमुख मांगों का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि खैरागढ़ जिला पंचायत की तीन सीटों को आरक्षित करना आदिवासी समाज का अधिकार है, और सरकार से इस पर तत्काल कदम उठाने की अपील की.
गोंडवाना महासभा के जिला अध्यक्ष संतोष छेदैया ने कहा, “आदिवासी समाज को एकजुट रहना चाहिए. हमें आपस में नहीं बंटना है. अगर हम बंटेंगे तो कमजोर हो जाएंगे, लेकिन एकजुट होकर हम अपने अधिकारों की रक्षा कर पाएंगे.”
आदिवासी समाज ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे चक्का जाम और बड़े आंदोलन के लिए तैयार हैं. प्रदर्शन में महिलाओं और युवाओं की भी बड़ी भागीदारी रही, जो आदिवासी समाज के अधिकारों के प्रति अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे.
यह धरना प्रदर्शन आदिवासी समाज की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है. अब सभी की नजरें सरकार पर हैं कि वह इन मांगों पर कब और कैसे कार्रवाई करती है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में कोर्ट ने ईडी की 3 शराब डिस्टलरी को आरोपी बनाए जाने की आवेदन याचिका को स्वीकार कर लिया है. ईडी ने मामले को लेकर कोर्ट में जवाब पेश किया है. जिसके बाद अब 20 दिसंबर को ईडी की विशेष कोर्ट में याचिका पर सुनवाई होगी.
दरअसल, ईडी ने शराब घोटाला मामले में वेलकम, भाटिया और केडिया शराब डिस्टलरी को आरोपी बनाने की याचिका की दायर की है. जिसे विशेष कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. 20 दिसंबर को कोर्ट याचिका पर सुनवाई करेगा.
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला करीब 2500 करोड़ रुपये का है. अनवर ढेबर, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के पूर्व MD अरूणपति त्रिपाठी, तत्कालीन आबकारी आयुक्त निरंजन दास, प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी के डायरेक्टर विधु गुप्ता, प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी के अकाउंटेंट सुनील दत्त और प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फ़िल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के स्टेट हेड दिलीप पांडे पर छत्तीसगढ़ के नकली होलोग्राम मामले का आरोप हैं.
इस मामले में आरोपों के मुताबिक, प्रिज्म होलोग्राफ़ी कंपनी के मालिक विधु गुप्ता ने साल 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ की डिस्टिलरियों को नकली होलोग्राम उपलब्ध कराए थे. इन होलोग्राम को अवैध शराब की बोतलों पर चिपकाया जाता था. इसके बाद, इन बोतलों को फर्ज़ी ट्रांज़िट पास के साथ CSMCL की दुकानों तक पहुंचाया जाता था.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी को पूरी तेजी से पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के जेएमपी शासकीय स्कूल प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर जिले को 451 करोड़ 25 लाख की लागत वाले 134 विकास कार्याे के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित 3 हजार 883 हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह के अनुरोध पर तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बेड संख्या 30 से बढ़ाकर 50 बेड करने, तखतपुर में चौपाटी निर्माण के लिए 1 करोड़, तखतपुर में बाबा गुरूघासीदास जयंती उत्सव के लिए 5 लाख रुपए देने सहित अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के चयनित 142 कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपा।
कार्यक्रम में केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने की। उन्होंने बाइक एंबुलेंस की सेवा के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड में बाइक एम्बुलेंस की सुविधा मार्च महीने से शुरू होने से अब तक 4089 मरीजों को इसका सीधा लाभ मिला है। इसमें सभी वर्ग के मरीज शामिल हैं। बाइक एम्बुलेंस गर्भवती महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, बच्चों के टीकाकरण और मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए भी उपयोग में लाया जा रहा है। बाइक एंबुलेंस के जरिए वनांचल क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए केन्द्र तक लाया जाता है और शिशुवती माताओं को प्रसव के बाद सुरक्षित घर भी पहुंचाया जाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शराब घोटाला, कोयला घोटाला की संभावना को हमने सुशासन के जरिए रोका है। प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप पीएससी की सीबीआई जांच शुरू हो गई है। लोक सेवा आयोग की परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई है, जिसके चलते किसान मजदूर गरीब के बेटे आज बड़े-बड़े पद पर चयनित हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट में नाइट लैंडिंग की सुविधा जल्द मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का फायदा राज्य को मिल रहा है। हमारी सरकार मजबूती से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। सरकार ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का बीड़ा हमने उठाया है। नियद नेल्ला नार योजना के तहत घोर नक्सली एरिया में हमने विकास की रोशनी पहुंचाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के एक साल पूर्ण होने पर जनादेश तिहार के रूप में इसे मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय विकास एवं शहरी राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार बनते ही हमने 18 लाख आवास गरीबों को स्वीकृत किया गया। किसानों को 2 साल का बकाया बोनस भी एकमुश्त दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का यह दिन ऐतिहासिक है जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिले को 452 करोड़ के विकास कार्याे की सौंगात दी है। हमारी प्रतिबद्धता जनता और विकास के कार्याे के प्रति है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले स्थित सिकासार बांध के पानी को महासमुंद ले जाने की योजना पर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल ने इसे राजिम क्षेत्र के किसानों की “पानी लूट” करार दिया है. अपने तीखे तेवरों के साथ शुक्ल ने भाजपा सरकार को चेतावनी दी कि अगर यह योजना बंद नहीं हुई, तो आंदोलन की लहर पूरे राज्य में गूंजेगी.
बांध किसानों के लिए, सरकार की नजर पानी पर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुक्ल ने सीधे-सीधे भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सिकासार बांध किसानों की जीवनरेखा है. इसे छीनने की कोशिश किसानों की आजीविका पर हमला है.” उन्होंने कहा कि यह बांध पंडित श्यामाचरण शुक्ल की दूरदृष्टि का परिणाम है, जो राजिम क्षेत्र के किसानों की सिंचाई जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया था.
राजिम विधायक पर सवाल, चुप्पी पर कटाक्ष
शुक्ल ने राजिम विधायक रोहित साहू की खामोशी पर सवाल उठाए. उनका कहना था, “विधायक की चुप्पी दर्शाती है कि उन्हें अपने किसानों से ज्यादा अपनी कुर्सी प्यारी है. क्या वे क्षेत्र के किसानों की चिंता करने का साहस जुटा पाएंगे?”
किसानों के नाम पर साजिश?
शुक्ल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की यह योजना एक “सिंचाई राहत” का बहाना है, जबकि असल में यह किसानों के हक पर डाका है. “राजिम के किसान पानी के लिए तरसेंगे और सरकार महासमुंद के नाम पर राजनीति करेगी.”
कांग्रेस उतरेगी सड़कों पर
कांग्रेस ने इस योजना के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है. शुक्ल ने कहा, “हम इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे. भाजपा सरकार को जगाने का वक्त आ गया है.”
क्षेत्रीय राजनीति गरमाई
इस मुद्दे ने गरियाबंद और महासमुंद के लोगों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है. जहां राजिम के किसान इसे अपनी आजीविका का सवाल मान रहे हैं, वहीं महासमुंद के लोग इसे राहत के तौर पर देख रहे हैं.
सरकार के फैसले से पहले ही यह मुद्दा राजनीति की आग में घिर चुका है. अब देखना यह है कि किसान, नेता और सरकार के बीच यह जंग कहां तक जाती है.
नई दिल्ली। लोकसभा में आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने इस विधेयक को प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।
श्री अग्रवाल ने कहा, "इतिहास गवाह है कि जब भी केंद्र में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकार रही है, जनता से जुड़े विषयों पर प्रभावी कदम उठाए गए हैं। यह विधेयक भी प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित परिवारों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।"
उन्होंने इस विधेयक के तहत आपदा पीड़ितों के लिए डेटा बेस तैयार करने के प्रावधान को सराहा। यह डेटा बेस पुर्नवास, पुर्ननिर्माण, जन धन और अधोसंरचना में सुधार के साथ-साथ संभावित जीवन और धन हानि को रोकने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में पहले से तैयारी और आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करना समय की मांग है।
विपक्ष पर निशाना
श्री अग्रवाल ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा, *"यह विधेयक 15वें वित्त आयोग के निर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है और इसमें राज्यों और जिलों को अधिक शक्ति दी गई है। विपक्ष द्वारा इस संशोधन विधेयक पर सवाल उठाना निराधार है।"* उन्होंने बताया कि यह विधेयक मानव जनित और प्राकृतिक आपदाओं, दंगों और पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट समस्याओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि गांवों और शहरों की आपदा अलग अलग होती है। शहरों में दंगे, अग्निकांड ज्यादा होते हैं और ग्रामीण इलाकों में बाढ़, ओलावृष्टि और जंगली जानवरों के चलते फसल और जनहानि होती है। इस विधेयक में सभी के बारे में चिंता की गई है।
सांसद बृजमोहन ने छत्तीसगढ़ में आपदा प्रबंधन संस्थान खोलने की मांग की
श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में एक आपदा प्रबंधन संस्थान स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य खनिज, कोयला और लोहे के खनन के माध्यम से केंद्र को बड़ा राजस्व देता है, लेकिन हाथियों के उत्पात और नक्सलवाद जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में एक आपदा प्रबंधन संस्थान छत्तीसगढ़ के लोगों को राहत प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के आपदा पीड़ित परिवारों की ओर से इस विधेयक के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह विधेयक उनकी समस्याओं के समाधान में सहायक सिद्ध होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव घोटाले मामले में गिरफ्तार आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को 10 आरोपियों की न्यायिक रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने सुनवाई के बाद सभी 10 आरोपियों को 1 फरवरी, 2025 तक के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है.
इन आरोपियों की कोर्ट में पेशी
महादेव घोटाले मामले में गिरफ्तार आरोपी गिरीश तलरेजा, नितिन टिंबरेवाल, सतीश चंद्राकर, चंद्रभूषण वर्मा, भीम सिंह यादव, सूरज चौखानी, नीतीश दीवान, असीम दास, अमित अग्रवाल, सुनील दमानी को ईडी की विशेष कोर्ट में पेश किया गया.
क्या है महादेव सट्टा ऐप ?
महादेव सट्टा ऐप सट्टे के लिए बनाया गया है. इस पर यूजर पोकर, कार्ड गेम, चांस गेम नाम के लाइव गेम खेलते हैं. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और चुनाव जैसे खेलों में भी अवैध सट्टा लगाया जाता है. अवैध सट्टे के नेटवर्क के जरिए ऐप का जाल तेजी से फैला. सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खोले गए.
रायपुर। हमारी सरकार के कार्यकाल को 13 दिसम्बर को एक वर्ष पूरे हो जायेंगे। इस अवसर को हम जनादेश परब के रूप में मना रहे हैं। हमने ’’मोदी की गारंटी’’ पर काम करते हुए शपथ लेने के दूसरे ही दिन मंत्रिमंडल में निर्णय लिया और प्रधानमंत्री आवास निर्माण की स्वीकृति दी। हमने आवास से वंचित हमारे प्रदेश के 18 लाख परिवारों को आवास देने के लिए निर्णय लिया। आज भी आवास के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया गया है। पीएम आवास के हितग्राहियों के पक्के मकान बन रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरबा के सीएसईबी पूर्व फुटबॉल मैदान में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज ऊर्जाधानी कोरबा में 625 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया गया है। यह एक बड़ी राशि हैै और इस राशि से जिले के विकास का और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले को डीएमएफ से बड़ी राशि प्राप्त होती है और इस राशि से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ अधोसंरचनात्मक विकास में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से विवाह के बंधन में बंधने वाले 102 नव दांपत्य जोड़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। 13 लाख से अधिक किसानों के दो साल का बकाया धान बोनस राशि 3716 करोड़ का भुगतान भी किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए हम वचनबद्ध है। सरकार बनने के बाद पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच जारी है। जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। हमने प्रदेश में सुशासन देने का काम किया है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में सुधार करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है, इस योजना में छत्तीसगढ़ के 6 हजार 500 गांव भी शामिल है और इस क्षेत्र के परिवारों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में लागू नई उद्योग नीति के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि इस नीति से प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति युवाओं, अग्निवीर सहित अन्य युवाओं को लाभ मिलेगा। सिंगल विण्डो सिस्टम से एक जगह से आवेदन करने की सुविधा होगी।
उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है कि इतनी बड़ी 625 करोड़ रूपये की राशि से अधिक की राशि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं की खाते में एक हजार प्रतिमाह डाले जा रहे हैं। 31 सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। उन्होंने सरकार के एक साल पूर्ण होने पर कोरबा वासियों को बधाई देते हुए आभार भी प्रकट किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी हितग्राहीमूलक योजनाओं से बड़ी संख्या में हितग्राहियों को लाभान्वित किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने हसदेव नदी पर रपटा निर्माण सहित अन्य कार्यों की घोषणा की
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की मांग पर जिले में विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सर्वमंगला हसदेव नदी रपटा सहित, पुरानी बस्ती रानी रोड की ओर एप्रोच रोड निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कोरबा मुख्यालय में नया सर्किट हाउस निर्माण, झगरहा में माध्यमिक शाला का हाई स्कूल में उन्नयन और कोरबा नगर निगम के विभिन्न वार्डाे में विकास कार्याे के लिए 23 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित पीएससी घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। सूत्रों के मुताबिक, CBI ने आज राजनांदगांव में पूर्व परीक्षा नियंत्रक रही आरती वासनिक से जुड़े एक शख्स के घर पर छापा मारा है और उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी ने 4 दिन पहले आरती वासनिक के राजनांदगांव स्थित घर पर दबिश दी थी। उस दौरान सीबीआई को कुछ ठोस सबूत मिले। उन्हीं साक्ष्य के आधार आज राजनांदगांव में यह कार्रवाई की गई। इस मामले में सीबीआई ने पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और उद्योगपति श्रवण गोयल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, और फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है। दोनों ही न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार में साल 2019 से 2022 तक सीजीपीएससी परीक्षा के तहत भर्तियां हुई थीं। इसमें कैंडिडेट्स के सिलेक्शन प्रोसेस को लेकर विवाद बना। जिसके बाद ईओडब्ल्यू और अर्जुंदा पुलिस ने भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप में मामला दर्ज किया। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने साल 2020 में 175 पदों पर भर्तियां की थीं। उसके बाद साल 2021 में 171 पदों पर भर्तियां हुई थीं। ये सारी भर्तियों को लेकर विवाद गहराया। तत्कालीन सीजीपीएससी के अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी पर यह भी आरोप लगे कि उन्होंने गलत तरीके से अपने कई रिश्तेदारों को नौकरी दी। इसकी जांच करने के बाद सीबीआई ने CGPSC के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और छत्तीसगढ़ के स्टील कारोबारी श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य की जनता के नाम अपने संदेश में कहा है कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार का पहला साल पूरा हो रहा है। हमारा यह पहला साल आप सभी की सहभागिता और विश्वास के साथ विकास के लिए समर्पित रहा। बीते 12 महीनों में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने विकास के नये आयाम स्थापित किए हैं। विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के अपने संकल्प को पूरा करने की दिशा में हम सफलता के साथ लगातार आगे बढ़े हैं। इस दौरान हमने प्रदेश के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम किया और उपलब्धियां हासिल की, हमारी प्राथमिकता में वे लोग रहे जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने हमें अंत्योदय का संदेश दिया है। इसी के अनुरूप हमने प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने के लिए लगातार काम किया है। हमने राज्य के जनजातीय समाज के गौरव को फिर से ऊंचाई पर स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। उनकी आय और रोजगार में वृद्धि के लिए अनेक कदम उठाए गए। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई, जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग नीति में पर्यटन को शामिल किया गया।
उन्होंने कहा कि हमारी नई उद्योग नीति से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में भी विकास की नई संभावनाओं का सृजन हुआ है। यह नीति प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। हमने इस नीति को रोजगार परक बनाया है। हमने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हुए 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की। प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को पूरा करते हुए महतारी वंदन योजना शुरू की गई। इसका लाभ 70 लाख माताओं-बहनों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने के लिए सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। इस निर्णय पर तेजी से अमल करते हुए आवासों के निर्माण के लिए बड़ी राशि भी जारी की गई। इस तरह हमने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। नक्सलवाद के पूरी तरह खात्में के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ें हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है।
उन्होंने कहा कि हमने वादा किया था कि हम राज्य में सुशासन स्थापित करेंगे। इसके लिए तकनीक का प्रयोग करते हुए शासन-प्रशासन को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में हमें अच्छी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को हम लगातार साकार कर रहे हैं। पुराणों में जिसे राम-राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने वादे के मुताबिक हमने सीजीपीएससी परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया है। पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हुई और उनके परिणाम घोषित हुए। इससे राज्य की प्रतिभाओं का विश्वास सीजी पीएससी पर लौट आया है। सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास की नीति पर चलते हुए हम आने वाले दिनों में भी विकास के नये सोपान तय करेंगे। आप सभी को इन उपलब्धियों की बहुत-बहुत बधाई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई. इस दौरान आयोग ने कई मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. आयोग के सदस्य सरला कोसरिया, लक्ष्मी वर्मा, ओजस्वी मंडावी, और सुदीपिका शोरी ने भी सुनवाई में भाग लिया.
बुजुर्ग मां को बेटे-बहू से प्रताड़ना
एक प्रकरण के दौरान बुर्जुग आवेदिका ने बताया कि उसका बेटा-बहू उससे दुर्व्यव्हार करते है और आवेदिका के नाम के मकान में ही निवास कर शारीरिक व मानसिक रूप से अत्याचार कर रहे है. आयोग ने कहा कि ऐसी स्थिति में दोनो अनावेदक (बेटा-बहू) के खिलाफ आवेदिका घरेलू हिंसा का मामला न्यायालय में दर्ज करवा सकती है व आयोग ने अनावेदकगणों को समझाईश देते हुए कहा कि वह तत्काल आवेदिका के मकान को खाली करें अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.
बच्चे को छीनने का मामला
एक प्रकरण में अनावेदक ने आवेदिका के दोनो बच्चों 2 वर्ष और 4 माह को आवेदिका से छीनकर अपने पास रख लिया था. आयोग के द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए अनावेदक को बुलाया गया. अनावेदक अपने 2 वर्ष के बच्चे को लेकर उपस्थित हुआ और 4 माह के बच्चे को वह झांसी से 200 कि.मी. दूर अपनी बुआ के पास छोड़ आया है. आयोग की समझाईश पर दोनो पक्ष साथ रहने को तैयार है. अनावेदक को निर्देशित किया गया कि 13.12.2024 को अपने 4 माह के बच्चे को लेकर आयोग में उपस्थित हो, तब प्रकरण पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा.
कार्यस्थल पर उत्पीड़न
आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया की उसे कार्यस्थल पर अनावेदकगणों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था, आवेदिका अनावेदकगणों की संस्था में 15 वर्षों से कार्यरत् है. स्कूल की अध्यक्ष जो आवेदिका से साथ कार्य कर रही थी उसे अनावेदकगणों ने जांच में गडबडी पाये जाने पर कार्य से निकाल दिया, जिसकी सूचना आवेदिका को नही थी. आवेदिका ने बताया कि अनावेदकगणों द्वारा हिसाब मांगने व हस्ताक्षर को लेकर आवेदिका के साथ गाली-गलौच व मारपीट किया और आवेदिका को 1 माह का वेतन भी नही दिया गया. आयोग ने यह निर्देश दिया कि दोनो पक्ष अपने अपने दस्तावेज लेकर आयोग में उपस्थित हो ताकि प्रकरण का निराकरण किया जा सके.
मकान पर विवाद
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि आवेदिका की मां ने मकान उसके नाम पर रजिस्ट्री किया था, लेकिन अनावेदकगण आवेदिका से गुंडागर्दी करते है इसलिए आवेदिका मकान में नहीं रह पा रही है. अनावेदिका का कहना है कि आवेदिका ने अपनी मां से धोखे से रजिस्ट्री करवाई थी. आयोग ने कहा कि आगामी सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करने के लिए सभी अनावेदकगणों को उपस्थित किया जाना अनिवार्य है ताकि प्रकरण का निराकरण किया जा सके.
पति-पत्नी के बीच विवाद
अन्य प्रकरण में दोनो पक्षों को सुना गया जिसमें आवेदिका ने बताया कि आवेदिका के नाम के मकान में अनावेदक (पति) रहता है उनकी 23 वर्ष की पुत्री है. आवेदिका ने कहा कि अनावेदक (पति) उससे दुर्व्यवहार करता है. आयोग के सामने भी अनावेदक ने बत्तमीजी से बात किया जिसे आयोग के सदस्यों ने भी देखा. अगली सुनवाई में आवेदिका और अनावेदक को अपनी पुत्री को आयोग में उपस्थित करने को कहा गया, जिससे प्रकरण का निराकरण किया जा सके.
रायपुर। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी तेज हो गई है. इस कड़ी में रायपुर जिले के जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों में आरक्षण की तारीख तय हो चुकी है. रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने सभी पंचायत जनप्रतिनिधियों के आरक्षण के लिए 17 और 19 दिसंबर तय कर दी है.
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए लोकसभा में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रभावी आवाज उठाई। श्री अग्रवाल ने जल शक्ति मंत्री से प्रश्न के माध्यम से राज्य में चल रही बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन परियोजनाओं की जानकारी मांगी।
जिसपर जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने बताया कि,
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (पीएमकेएसवाई-एआईबीपी) और पारी-पासू कमान क्षेत्र विकास के अंतर्गत छतीसगढ़ की तीन परियोजनाओं को शामिल किया गया है। दो परियोजनाओं नामत मनियारी टैंक परियोजना और खारुंग परियोजना के एआईबीपी घटक का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि केली परियोजना चल रही है। पीएमकेएसवाई-एआईबीपी के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से वर्ष 2023-24 के दौरान छत्तीसगढ़ को 49.62 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा केली सिंचाई परियोजना को 40.633 करोड़ रुपए, मनियारी टैंक को 43.57 करोड रुपये और वर्ष 2016 से पहले (वर्ष 2008-09 से वर्ष 2015-16 के दौरान) खारंग परियोजना को 10.47 करोड़ रुपये प्रदान किए गए है।
सभी तीनों परियोजनाओं के कमान क्षेत्र विकास-जल प्रबंधन (सीएडीडब्ल्यूएम) घटक नामतः मनियारी टैंक परियोजना, खारुंग परियोजना और केली परियोजना चल रहे हैं और वर्ष 2016-17 से वर्ष 2023-24 के दौरान छत्तीसगढ़ को 28.58 करोड़ रुपये प्रदान किए गए है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों और नागरिकों के लिए जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही सहायता का आभार व्यक्त करते हुए इन परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने राज्य में अन्य प्रभावित क्षेत्रों को शामिल कर नई योजनाओं की आवश्यकता पर बल दिया।