प्रदेश
तेलंगाना, आंध्र और ओडिशा बॉर्डर में सक्रिय 22 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सरकार की योजनाओं से प्रेरित होकर हिंसा का किया त्याग
बीजापुर। छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में पुलिस को आज एक और बड़ी सफलता मिली है. कोर नक्सल क्षेत्र बीजापुर में 22 नक्सलियों ने आज आत्मसमर्पण कर दिया है. सरेंडर करने वाले नक्सली में तेलंगाना स्टेट कमेटी और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर के सदस्य हैं. इनमें से 6 लोगों पर कुल 11 लाख रुपये का ईनाम घोषित था. सभी 22 नक्सली फायरिंग, आईडी ब्लास्ट और आगजनी जैसे अन्य अपराधों में शामिल रहे हैं.
बता दें, प्रदेशभर में नक्सलियों के खात्मे के लिए सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. बीजापुर जिले में वर्ष 2025 में अब तक कुल 107 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 143 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा, 82 माओवादियों को सुरक्षाबलों ने अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया है.
पुलिस लगातार उनके हथियार, कैश और दैनिक जीवन से संबंधित सामाग्रियों को खोजकर जब्त कर रही है. साथ ही सप्लायरों को भी दबोचा गया है. इससे माओवादी संगठन में काफी दबाव बना है. वहीं सरकार ने नक्सलियों को समाज में वापिस लौटने और एक सामान्य जीवन जीने के लिए भी रास्ता दिया है. सरकार की नियद नेल्लानार और पुनर्वास योजना से प्रभावित होकर कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. इसी प्रकार आज इन 22 नक्सलियों ने भी सरेंडर कर मुख्यधारा से जुड़ने और प्रदेश के विकास में सहियोग देने के लिए सरेंडर कर दिया है.
नक्सलियों के सरेंडर को लेकर पुलिस ने कहा कि “यह आत्मसमर्पण सरकारी पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास को दर्शाता है. यह सफलता सुरक्षा बलों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है.”
अलाना मीनाक्षी के मौजूदगी में ग्रैंड पेप टॉक में बिखरा शतरंज का हुनर
रायपुर। रोटरी कॉस्मो डीवाज़ क्लब द्वारा आयोजित ग्रैंड पेप टॉक एवं इंटरएक्टिव सेशन में विश्व शतरंज चैम्पियन अलाना मीनाक्षी कोलगटला ने अपनी उपस्थिति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस कार्यक्रम में युवा शतरंज खिलाड़ियों, उनके माता-पिता और क्लब के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
कार्यक्रम की शुरुआत रिवरडेल स्कूल की आकांक्षा द्वारा प्रभावशाली परिचय के साथ हुई. इसके बाद अलाना मीनाक्षी और उनकी माता अपर्णा कोलगटला ने मंच संभाला और अपनी सफलता की कहानी साझा की. उनकी यात्रा ने उपस्थित लोगों को शतरंज और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. इवेंट का सबसे रोमांचक क्षण तब आया जब रोटरी कॉस्मो डीवाज़ की अध्यक्ष वनीता सिंघल और अलाना के बीच एक रैपिड राउंड मुकाबला हुआ. इस मुकाबले ने मंच पर जोश और उत्साह भर दिया.
अलाना ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार जीतने की अपनी कठिन यात्रा साझा की, जिससे सभी प्रेरित हुए. उन्होंने बताया कि कैसे लगन, मेहनत और परिवार के समर्थन से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई.
10 खिलाड़ियों के खिलाफ शतरंज मुकाबला
कार्यक्रम का सबसे अनोखा पल तब आया जब अलाना ने एक साथ 10 खिलाड़ियों के खिलाफ सिमल्टेनियस गेम खेला और महज 5 मिनट में शानदार चालें चलीं. यह नजारा उपस्थित दर्शकों के लिए अविस्मरणीय बन गया. कार्यक्रम के अंत में रोटरी कॉस्मो डीवाज़ की सचिव कोपल सर्राफ ने धन्यवाद ज्ञापित किया और अलाना व उनकी माता को इस प्रेरणादायक सत्र का हिस्सा बनने के लिए आभार प्रकट किया.
नवोदित खिलाड़ियों को मिली प्रेरणा
यह आयोजन ज्ञान, प्रेरणा और मनोरंजन का बेहतरीन संगम साबित हुआ. अलाना की प्रेरणादायक कहानी ने युवा शतरंज प्रेमियों को अपने सपनों की ओर बढ़ने का साहस और दृढ़ निश्चय प्रदान किया.
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने अपने विद्यालय को स्मार्ट क्लासरूम और फर्नीचर की दी सौगात, कहा – सरकारी स्कूल के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दिलाना हमारा संकल्प
लोरमी। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने अपने स्कूली दिनों की यादों को संजोते हुए उसी विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम एवं अध्ययन के लिए आधुनिक फर्नीचर की सुविधा प्रदान की। इस पहल के तहत शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के मानकों के अनुरूप मुंगेली और बिलासपुर जिले के सरकारी विद्यालयों में 250 ड्यूल डेस्क (फर्नीचर) उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी कुल लागत लगभग ₹24 लाख है। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि सरकारी स्कूलों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने के लिए आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग का आश्वासन दिया।

सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार की पहल
केंद्रीय राज्य मंत्री साहू ने यह कार्य हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HUDCO) के सीएसआर फंड के माध्यम से पूरा कराया। इस पहल से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सेमरसल (मुंगेली) एवं शासकीय हाई स्कूल, बछालीखुर्द (बिलासपुर) के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। इस अवसर पर तोखन साहू ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अपने स्कूली दिनों की यादें साझा की और कहा, “सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। बेहतर शैक्षिक वातावरण से ही उनका समग्र विकास संभव है।”
उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान कोयलारी संकुल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। पोषण साहू (प्राचार्य, कोयलारी संकुल) को उत्कृष्ट प्राचार्य सम्मान से सम्मानित किया गया। शत्रुघ्न साहू एवं लक्ष्मण पात्रे को उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शांति देवचरण भास्कर, अनिता कोमल साहू, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डी.एस. राजपूत, भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष सुशील यादव, राजेन्द्र साहू, दिनेश कश्यप, लेखराज सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने जजों को नामित किया पोर्टफोलियो जज, देखिए आदेश सूची…
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने हाई कोर्ट के 14 जजों को पोर्टफोलियो जज के रूप में नामित किया है. इस संबंध में हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने अधिसूचना जारी की है. जारी अधिसूचना में पोर्टफोलियो जज को जिले का आवंटन कर दिया है. अपने प्रभार वाले जिले में न्यायिक व्यवस्थाओं के अलावा प्रशासकीय कामकाज की भी मानिटरिंग करेंगे.
हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के विनोद कुजूर ने अधिसूचना जारी कर हाई कोर्ट के 14 जजों के नाम की सूची और उनके आगे प्रभार वाले जिले का नाम भी जारी किया है. जारी सूची में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस संजय के. अग्रवाल को रायगढ़ एवं धमतरी के अलावा कोरबा एवं जांजगीर-चांपा, न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू को बिलासपुर, न्यायमूर्ति रजनी दुबे को रायपुर एवं कबीरधाम (कवर्धा), न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास को दुर्ग एवं बालोद, न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी को बेमेतरा एवं महासमुंद, न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी को राजनांदगांव एवं कोरिया (बैकुंठपुर) सिविल डिस्ट्रिक्ट का प्रभार सौंपा है.
इनके अलावा न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत को कोंडागांव एवं मुंगेली, न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडे को बलौदाबाजार एवं बस्तर (जगदलपुर), न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल को बलरामपुर एवं रामानुजगंज, न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल को सरगुजा (अंबिकापुर), न्यायमूर्ति रवीन्द्र कुमार अग्रवाल को जशपुर, न्यायमूर्ति अरविन्द कुमार वर्मा को सूरजपुर, न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु को दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) और न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद को उत्तर बस्तर (कांकेर) सिविल डिस्ट्रिक्ट का प्रभार सौंपा है.
जारी अधिसूचना में चीफ जस्टिस के इस आदेश को एक अप्रैल से प्रभावशील बताया गया है. पोर्टफोलिया जज अपने प्रभार वाले जिले के जिला एवं सत्र न्यायालय का समय-समय पर निरीक्षण करेंगे. इस दौरान न्यायालयीन अधिकारियों के साथ ही अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे. न्यायदान की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के साथ ही किसी तरह की व्यवहारिक व तकनीकी दिक्कतों को दूर करने की कोशिश भी करेंगे.
समस्याओं का करते हैं निराकरण
प्रभार वाले जिले में बार और बेंच के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ ही वकीलों की समस्याओं का निराकरण करने के अलावा बार की तरफ से आने वाले सुझाव पर अमल करते हैं. न्यायालयीन कामकाज पर लगातार नजर भी रखते हैं. इसके अलावा कोर्ट परिसर में नए भवन या अन्य निर्माण कार्य को लेकर इनकी सहमति जरूरी रहती है. साथ ही जजों को जिलों से संबंधित अन्य कई दिए गए हैं. समय-समय पर इन जिला न्यायालयों की मानिटरिंग भी की जाती है.

मुख्यमंत्री श्री साय ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शहीद दिवस पर किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शहीद दिवस पर नमन किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए हंसते-हंसते फाँसी का फंदा चूमने वाले ये वीर सपूत न केवल हमारी आज़ादी की नींव हैं, बल्कि वे हर भारतीय युवा के लिए प्रेरणा-पुंज भी हैं। उनकी शहादत ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और पूरे देश में क्रांति की चेतना जागृत की। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान आज भी हम सभी में राष्ट्रप्रेम की ज्योति को प्रज्वलित करती है। उनका जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत मिसाल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमर शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहेंगे, देशहित को सर्वोपरि मानेंगे और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
समायोजन की मांग कर रहे बीएड सहायक शिक्षक, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की वेशभूषा में निकाली रैली…
रायपुर। BEd सहायक शिक्षकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. रविवार को भटगांव बस स्टैंड से भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की वेशभूषा के साथ रैली निकालकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं.
लंबे समय से समायोजन की मांग कर रहे BEd सहायक शिक्षकों ने कुछ ही दिन पहले खून से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा था. सहायक शिक्षक पुलिस प्रशासन से भगत सिंह चौक तक जाने देने की मांग कर रहे हैं.
बता दें कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 10 दिसंबर, 2024 को दो सप्ताह के अंदर डीएड डिग्रीधारक को सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति का आदेश दिया था. जिसमें बीएड डिग्रीधारक सहायक शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द करने की बात कही थी.
इसके साथ ही शुरू हुई साय सरकार की कार्रवाई के बाद से BEd सहायक शिक्षक सरकार से नौकरी वापस देने की मांग के अलावा सरकार से समायोजन की मांग कर रहे हैं.
भोरमदेव महोत्सव की तैयारियां जोरों पर, प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोककला और परंपराओं का होगा भव्य प्रदर्शन
कवर्धा। भोरमदेव महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. 26 और 27 मार्च को आयोजित महोत्सव में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोककला और परंपराओं का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा.
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भोरमदेव महोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण किया. इस दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र छवाई, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे. भोरमदेव महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे.
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि भोरमदेव महोत्सव के शुभारंभ और समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना प्रस्तावित है. महोत्सव के दोनों दिनों में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति भी रहेगी. इस लिहाज से महोत्सव स्थल पर सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्था की जा रही है.
जेल में शिक्षा की अलख जगा रहे कैदी : तिहाड़ के बाद रायपुर सेंट्रल जेल में सबसे ज्यादा बंदी कर रहे पढ़ाई
रायपुर। राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में सैकड़ों कैदी शिक्षा की अलख जगा रहे. तिहाड़ जेल के बाद रायपुर में सबसे ज्यादा बंदी पढाई कर रहे. शिक्षा सत्र 2024-25 में पहली कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर तक 291 कैदी पढ़ाई कर रहे हैं. इन सभी कक्षाओं की परीक्षा के लिए संबंधित शिक्षा संस्थानों, बोर्ड और विश्वविद्यालय ने रायपुर सेंट्रल जेल में परीक्षा केंद्र भी बनाया है. इस तरह से शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल ने यह उपलब्धि हासिल की है. उम्मीद है कि यहां शिक्षा प्राप्त करने के बाद कैदियों में शायद ही अपराध करने की प्रवृत्ति दोबारा आएगी.
रायपुर सेंट्रल जेल में सैकड़ों बंदियों की जिंदगी को शिक्षा के माध्यम से बदलने का प्रयास किया जा रहा है. यहां भारत साक्षरता मिशन अंतर्गत (उल्लास) 39 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं. प्राथमिक व माध्यमिक कक्षा में 72 से ज्यादा कैदी पढ़ाई कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ ओपन हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा में 68 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं. बीए और एमए में 100 से ज्यादा कैदी हैं. समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, हिंदी साहित्य अंग्रेजी साहित्य, लोकप्रशासन सहित अनेक विषयों पर कैदी पीजी कर रहे हैं.
कॉलेजों के प्राध्यापक और विषय विशेषज्ञों का मिल रहा मार्गदर्शन
68 कैदी संस्कृत के अनेक विषयों में पढ़ाई कर रहे हैं. इसी तरह इग्नू के अनेक पाठ्यक्रमों में सैकड़ों कैदी अध्ययनरत हैं. यहां इन कक्षाओं से संबंधित 11 हजार 663 पुस्तकें भी पुस्तकालय में रखी गई है. जेल शिक्षकों के अलावा विभिन्न महाविद्यालय के प्राध्यापक व समय-समय पर विषय विशेषज्ञ पाठ्यक्रम अनुसार कैदियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं. साथ ही प्रत्येक बैरक में कैदियों को शिक्षा देने के लिए दो-दो कैदियों को सांकेतिक साक्षरता सेना (देखरेख) के रूप में नियुक्त किया गया है.
रायपुर जेल में ही बनाया गया स्थायी परीक्षा केंद्र
जेल अधीक्षक अमित शांडिल्य ने बताया कि जेल में कैदियों को शिक्षित करने के लिए अनेक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल सतत् काम कर रही है. शिक्षा सुविधा के मामले में तिहाड़ के बाद रायपुर सेंट्रल जेल है, जहां सैकड़ों कैदी पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं. जेल में अध्ययनरत कैदियों को परीक्षा देने बाहर नहीं जाना पड़े इसलिए चार शैक्षिक संस्थाओं ने रायपुर सेंट्रल को स्थायी परीक्षा केंद्र बनाया है. छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल एनआईओएस, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम्, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से मान्यता मिली है.
स्टोर में लगे आग से 400 पुराने ट्रांसफॉर्मर जले, हटाए गए एक्जीक्यूटिव इंजीनियर
रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य पावर वितरण कंपनी के रायगढ़ स्थित स्टोर में आग लगने से 400 पुराने ट्रांसफॉर्मर आग में भस्म हो गए थे. घटना के बाद स्टोर के कार्यपालन यंत्री को हटाने के साथ घटना की जांच शुरू कर दी गई है. बड़ी बात यह है कि ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य विद्युत उपकरणों का बीमा नहीं कराया गया था.
रायगढ़ के स्टोर में लगी आग से पावर कंपनी को एक बार फिर लाखों रुपए की क्षति हुई है. गुढ़ियारी में आगजनी की वजह से 50 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. गुढ़ियारी में घटना की जांच तत्कालीन कार्यपालक निदेशक ओएंडएम एवं वर्तमान में वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने की थी. कमेटी ने भविष्य में होने वाली घटना को रोकने के लिए सुझाव भी दिए हैं, परंतु सुझाव केवल फाइल तक सीमित रह गए हैं. सूत्रों की मानें तो गुढ़ियारी में घटना के बाद शुरुआत के दो-तीन माह तो स्टोर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया परंतु अब फिर पुराने ढर्रे पर स्टोर संचालित हो रहे हैं.
रायगढ़ स्टोर इसका ताजा उदाहरण है. स्टोर के आसपास काफी संख्या में सूखी घास व छोटे-छोटे पेड़ थे. जिसकी सफाई नहीं कराई गई. रायगढ़ स्टोर में आगजनी से 400 पुराने ट्रांसफॉर्मर जल गए. इससे कंपनी को फिर लाखों की चपत लगी है. ज्यादातर ट्रांसफॉर्मर रिपेयर के लिए रखे गए थे. जिसका पुनः उपयोग किया जा सकता था. पुराने ट्रांसफॉर्मर के जलने को लेकर भी पावर कंपनी के गलियारे में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. बताते हैं कि स्टोरों में फायर ऑडिट के निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है.
आगजनी के बाद कंपनी प्रबंधन ने बिलासपुर के मुख्य अभियंता आलोक अम्बष्ट की जांच का जिम्मा सौंपा है. वहीं स्टोर के कार्यपालन यंत्री गुंजन शर्मा को तत्काल हटा दिया गया है. इधर, सीन ऑफ क्राइम मोबाइल यूनिट के वरिष्ठ वैज्ञानिक पीएस भगत ने भी पुलिस को अपनी रिपोर्ट दे दी है.
रिपोर्ट के अनुसार स्टोर के बाहर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आते-जाते समय बीड़ी अथवा सिगरेट पीकर बचे हुए टुकड़े को बिना बुझाए फेंक दिया गया होगा. जिससे सूखी घास में आग लगी और उसकी चिंगारी स्टोर के भीतर केबल में गिरी. प्लास्टिक एवं ट्रांसफॉर्मर के ऑयल होने की वजह से आग तेजी से फैल गई. वहीं स्टोर से हटाए गए कार्यपालन यंत्री गुंजन शर्मा ने कहा कि आगजनी जहां हुई, वहां रिपेयर के लिए आए ट्रांसफॉर्मर ही रखे हुए थे. नए ट्रांसफॉर्मर सुरक्षित हैं. स्टोर में फायर सिस्टम लगा था, लेकिन तेज हवा की वजह से आग तेजी से फैल गई.
बीजापुर के सुदूर वनांचल में सुशासन का सूर्योदय: तिमेनार में पहली बार पहुंची बिजली
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अति सुदूर गांव तिमेनार में मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत आजादी के 77 वर्षों बाद पहली बार बिजली पहुंची। यह ऐतिहासिक उपलब्धि माओवादी आतंक के अंधकार को चीरकर विकास, अमन और शांति के नए सबेरे की ओर कदम बढ़ाने का प्रतीक है।
तिमेनार में अब भय की जगह उजाला और आतंक की जगह उम्मीद ने ले ली है। गांव के 53 घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे पूरे गांव में हर्ष और उल्लास का माहौल है।
विकास की रोशनी से दूर हो रहा भय और असुरक्षा
भैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेचापाल के आश्रित गांव तिमेनार के निवासियों ने पीढ़ियों तक बिजली की रोशनी नहीं देखी थी। अब, जब शासन-प्रशासन ने इन दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना शुरू किया है, तो ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सपना साकार हो रहा है।
ग्रामीणों की जुबानी – “अब डर नहीं लगता, खुशियों का उजियारा छाया है!”
गांव के निवासी मशराम, पंडरु कुंजाम, मंगली और प्रमिला वेको ने बताया कि गांव में पहली बार बिजली पहुंची है, अब रात के अंधेरे से डर नहीं लगता। जंगली जानवरों, सांप-बिच्छू के भय से भी मुक्ति मिली है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई आसान हो गई है, और अब हम भी विकास की दौड़ में शामिल हो रहे हैं।”
ग्रामीणों का कहना है कि अब न केवल आतंक और भय का माहौल समाप्त हो रहा है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी सुधर रही है।
मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता – “हर गांव में विकास की किरण पहुंचेगी”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार प्रदेश के हर मजरा-टोला को विद्युतीकरण से जोड़ने और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की धारा प्रवाहित करने के लिए संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जहां कल तक नक्सली आतंक का साया था, वहां आज विकास की किरणें फैल रही हैं। यह परिवर्तन ही असली जीत है । तिमेनार में हुआ विद्युतीकरण बस्तर के दूरस्थ अंचलों में सुशासन और विकास के नए युग की शुरुआत का संकेत है। अब यह क्षेत्र माओवाद के डर से मुक्त होकर समृद्धि और उजाले की ओर अग्रसर हो रहा है।
गांवों में हो रहा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
तिमेनार में विद्युतीकरण के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी हो रहा है।
तिमेनार अब सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि बस्तर के बदलाव की जीवंत मिसाल बन गया है। जहाँ कभी अंधकार और आतंक का बोलबाला था, वहीं अब बिजली की रोशनी, बच्चों की मुस्कान और विकास की रफ्तार है। यह परिवर्तन केवल एक योजना की सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की सक्रियता और जनता के विश्वास का प्रतिफल है। तिमेनार में सुशासन से हो रहे बदलाव की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे मजबूत हों और नीति जन-केंद्रित हो, तो कोई भी दुर्गमता विकास के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।



छत्तीसगढ़ में पश्चिमी विक्षोभ का असर जारी, बदली-बारिश ने दी गर्मी से राहत, जानिए कैसा रहेगा आज मौसम का मिजाज…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण बीते तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदल गया है. गर्मी के मौसम में भी बरसात जैसा नजारा देखने को मिल रहा है. बदली-बारिश के चलते गर्मी से भी राहत मिली है. पिछले 24 घंटों में रायगढ़ जिले के कापू क्षेत्र में सबसे ज्यादा 51.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, वहीं 3 दिनों में बिजली गिरने से तीन लोगों की जान भी चली गई. मौसम विभाग ने आज बस्तर संभाग के कुछ जिलों और रायपुर में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है.
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब कम हो रहा है. अगले 24 घंटों तक प्रदेश का अधिकतम तापमान सामान्य रहेगा. लेकिन अगले चार दिनों में उत्तर छत्तीसगढ़, विशेषकर सरगुजा और आसपास के जिलों में दिन के तापमान में 5 से 6 डिग्री तक वृद्धि हो सकती है. वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में तापमान 2 से 4 डिग्री बढ़ने की संभावना है.
ऐसा रहा बीते दिन प्रदेश का मौसम
तापमान में बदलाव: शनिवार को राज्य का सबसे अधिक तापमान 37.5 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री अंबिकापुर में था. मौसम में बदलाव के कारण राज्य के अधिकतर हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहा.
बारिश: जशपुर, शंकरगढ़ में 50 मिमी, सूरजपुर में 40 मिमी, भैयाथान, अंतागढ़ और कोचली में 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. इसके साथ ही कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ओले भी गिरे.
राजधानी में ऐसा रहेगा मौसम
रायपुर में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है. यहां दिन का तापमान 37 डिग्री और रात का तापमान 23 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है. शनिवार को रायपुर में दिन का तापमान 35 डिग्री और रात का तापमान 22.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है. माना क्षेत्र में भी अधिकतम तापमान 34 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम था, और न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री कम था.
हड़ताली सचिवों ने दी आत्मदाह की चेतावनी : सरकार के अल्टीमेटम के बाद भी ग्राम पंचायत सचिव हड़ताल पर, नियमितीकरण के लिए उठा रहे आवाज
तखतपुर। मोदी की गारंटी पूरी नहीं होने पर प्रदेश पंचायत सचिव संघ के तत्वाधान में पिछले 5 दिनों प्रदेश के 11 हजार से अधिक सचिव काम बंद कलम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदेश सचिव संघ ने केंद्र सरकार के दो साल के भीतर नियमितीकरण के वादे को लेकर सरकार के खिलाफ धरना देकर आवाज उठा रहे. सरकार के अल्टीमेटम के बाद भी तखतपुर ब्लॉक सचिव संघ ने राज्य सरकार के आदेश की कॉपियां जलाई और अपनी मांगों को लेकर हड़ताल खत्म नहीं करने की बात कही। प्रदेश सचिव संघ के जिला अध्यक्ष श्याम कार्तिक जायसवाल समेत सचिवों ने मांग पूरी नहीं होने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी।
राज्य सरकार के आदेश की कॉपियों को आज तखतपुर सचिव संघ के धरना स्थल में जलाकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर सचिवों ने अपना विरोध जताया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर हमारी मांग एक अप्रैल तक पूरी नहीं होती है तो हम मंत्रालय का घेराव करेंगे। इसके बाद भी हमारी मांग पूरी नहीं होती तो आमरण अनशन करेंगे. आमरण अनशन में भी मांग पूरी नहीं होती है तो आत्मदाह करेंगे। हम सरकार की इस दमनकारी नीति के सामने घुटने टेकने वाले नहीं है।

ग्राम पंचायतों में काम ठप, योजनाओं का लाभ लेने भटक रहे ग्रामीण
सचिवों के हड़ताल के कारण केंद्र एवं राज्य सरकार की तमाम योजनाओं का क्रियान्वयन ठप हो गया है। पंचायतों में ग्रामीण जन्म, मृत्यु , प्रमाण पत्र, पेंशन, आवास, राशन कार्ड जैसे शासन की कई योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटक रहे हैं। पंचायत सचिवों के काम बंद कलम बंद अनिश्चितकालीन हड़ताल से पंचायतों में सभी तरह के कार्य ठप पड़े हैं. ग्रामीणों को काम कराने सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटना पड़ रहा है।
सरकार के आदेश की जलाई कॉपियां
पंचायत सचिवों के हड़ताल को लेकर राज्य सरकार हरकत में आई और सचिवों की मांग तो पूरी नहीं हुई लेकिन उनके इस हड़ताल को खत्म करने के लिए पत्र जारी किया गया है. पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि प्रदेश के सभी सचिव 24 घंटे के भीतर काम पर वापस नहीं लौटते हैं तो उनके ऊपर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश सरकार की इस दमन कारी आदेश की कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश सचिव संघ के जिला अध्यक्ष श्याम कार्तिक और तखतपुर ब्लॉक सचिव संघ ने राज्य सरकार के आदेश कॉपियां जलाई और अपनी मांगों को लेकर हड़ताल खत्म नहीं करने की बात कही।
29 विभाग के काम करते हैं ग्राम पंचायत : ब्लॉक अध्यक्ष
इस मामले में तखतपुर ब्लॉक सचिव संघ के ब्लॉक अध्यक्ष तुलसी ध्रुव ने बताया कि सचिव 29 विभाग के 200 से अधिक प्रकार के कार्य करते हैं। अगर सचिव का काम बंद करता है तो इसका प्रभाव ग्राम पंचायतों में साफ तौर पर दिखता है. ग्राम पंचायतों के मूलभूत राशन, पेंशन, जन्म, मृत्यु, आवास, निर्माण, पेयजल ऐसे अनगिनत कार्य सचिवों के हड़ताल से रुक जाते हैं। हम अपनी नियमतिकरण की मांग को लेकर प्रदेश के 11 हजार से अधिक सचिव हड़ताल पर हैं, जिसका सीधा असर ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में पड़ रहा है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की है।
विधानसभा में गलत जानकारी देना पड़ा भारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी समेत 5 निलंबित, देखें आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2025 के दौरान सदन में गलत जानकारी देने के मामले में वन मंत्री केदार कश्यप ने जांच के निर्देश दिए थे। जिसके बाद PCCF व्ही. श्रीनिवास राव की अध्यक्षता में कमिटी का गठन किया गया था। वहीं जांच रिपोर्ट के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी समेत 5 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2025 के दौरान कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने इंदिरा निकुंज माना रोपणी में संचालित कुंवारादेव महिला स्व सहायता समूह के कार्य संचालन के संबंध में विभाग द्वारा सदन में गलत जानकारी प्रस्तुत करने की बात कही थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री केदार कश्यप ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख को जांच करने के लिए निर्देश दिए थे।
वन मंत्री के निर्देश के बाद PCCF व्ही. श्रीनिवास राव की अध्यक्षता में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक नावेद शुजाउद्दीन और मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त, रायपुर, राजू अगासिमनी सदस्यों द्वारा तत्काल जांच समिति गठित किया गया. इसके बाद तथ्यों को छुपाने और गलत जानकारी प्रस्तुत करने वाले दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5 अधिकारी-कर्मचारी को निलंबित किया गया. जिनमें रायपुर वनमंडल के रायपुर परिक्षेत्र अधिकारी सतीश मिश्रा, माना नर्सरी प्रभारी वनपाल तेजा सिंह साहू, वनमंडल कार्यालय के सहायक ग्रेड-02 अविनाश वाल्दे और प्रदीप तिवारी, परिक्षेत्र कार्यालय के लिपिक अजीत ड़डसेना को तत्काल प्रभाव से निंलबित किया गया।
इसके अलावा वनमंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल एवं उप वनमंडलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही शासन स्तर पर करने के लिए पत्राचार करने निर्देशित किया है। मंत्री केदार कश्यप ने वन विभाग के समस्त अधिकारियों को भविष्य में इस प्रकार की गलती दोबारा न करते हुए विधानसभा से संबंधित प्रश्नों की जानकारी सत्य एवं निष्ठापूर्व भेजने की हिदायत दी है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने विभाग से संबंधित शासन स्तरीय पत्राचार, आडिट कंडिका एवं योजनाओं से संबंधित सभी जानकारी सत्यता के साथ समय सीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं और कहा है कि विभाग में चल रही समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश की अंतिम छोर प्रचार-प्रसार कर आम जनता तक पहुंचा के निर्देश दिए है जिससे जिससे शासन के प्रति जनता का विश्वास बना रहे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव छत्तीसगढ़ धीवर समाज के वार्षिक अधिवेशन एवं सम्मान समारोह में हुए शामिल
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज दुर्ग जिले के दारगांव में छत्तीसगढ़ धीवर समाज के वार्षिक अधिवेशन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने समारोह में धमधा नगर पंचायत में धीवर समाज के सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। सांसद विजय बघेल भी समारोह में शामिल हुए।
श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि धीवर समाज प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से निरंतर आगे बढ़ रहा है। समाज को भगवान राम को गंगा पार लगाने का आशीर्वाद मिला है। प्रभु भजन के माध्यम से धीवर समाज ने हमेशा सनातन धर्म का प्रसार किया है। सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं, जिसका लाभ उन्हें मिल रहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि धीवर समाज बहुत ईमानदार, मेहनती एवं प्रतिष्ठित समाज है। अपनी प्रतिष्ठा और मेहनत के दम पर समाज ने प्रदेश में एक अलग स्थान बनाया है। पूरा समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
सम्मेलन से सामाजिक कुरीति होती है दूर
श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि सामाजिक सम्मेलन में छोटे पारिवारिक विवाद व मनमुटाव को निपटाने का काम होता है। समाज को एकजुट करने के लिए ये जरूरी काम है। न्यायालय जाने से समय और पैसे की बर्बादी होती है। सामाजिक बैठक से बड़े-बड़े विवाद सुलझ जाते हैं। साथ ही सामाजिक कुरीतियों को भी दूर करने पर चर्चा होती है।
पूर्व विधायक लाभचंद बाफना और अवधेश चंदेल, दुर्ग जिला पंचायत की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, जनपद अध्यक्ष जितेंद्र साहू और धीवर समाज के अध्यक्ष सूरज धीवर सहित धीवर समाज के सभी परगना के अध्यक्ष और अनेक पदाधिकारी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।


पुनर्वास केन्द्र बीजापुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों से उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया संवाद
रायपुर। बीजापुर जिले के सबसे सुदूर क्षेत्र तेलंगाना के सीमा से लगे पामेड़ सहित पालागुड़ा, मारूड़बाका, भैरमगढ़ के 28 आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास के तहत राजमिस्त्री एवं अन्य प्रशिक्षण प्रदाय कराया जा रहा है। विगत तीन माह से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का स्वागत भारत माता की जय घोष करते हुए किया।
इस अवसर पर आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उपमुख्यमंत्री से सीधा संवाद करते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जिसमें रामलू भंडारी, अर्जुन मड़काम, सोमारू माड़वी, सुखराम हेमला सहित अन्य साथियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के पुनर्वास नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले के नक्सल संगठन का जीवन एक भटका हुआ और गुमराह से भरा जीवन था। उस खोखली विचारधारा को त्याग कर समाज के मुख्यधारा से जुड़कर बहुत ही बेहतर जीवन मिला लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की जानकारी के अभाव में हम रास्ता भटक गए थे किन्तु शासन के पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर एक बेहतर जीवन जी रहे हैं। आज शासन-प्रशासन द्वारा हमें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिससे हम आत्मनिर्भर बनकर समाज के मुख्यधारा में शामिल हो सके।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उनके अनुभवों को गंभीरतापूर्वक सुना और आाधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाता सहित सभी प्रकार आवश्यक दस्तावेज पुनर्वास केन्द्र में ही बनवाकर केन्द्र और राज्य शासन के समस्त योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने। वहीं पुनर्वास केन्द्र में उनके दैनिक दिनचर्या से अवगत होकर प्रार्थना, पूजा-अर्चना को शामिल कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने आवश्यक पहल करने, एक्सपोजर विजिट कराकर बाहरी दुनिया का भ्रमण कराने रायपुर, जगदलपुर जैसे शहर ले जाने के निर्देश दिए। ज्यादातर लोग पढ़ाई नहीं किए है उनको साक्षर बनाने के लिए आवश्यक पहल करते हुए दिनचर्या में शामिल कर खेलकूद, मनोरंजन, देशभक्ति फिल्में दिखाने सहित उनको नियमित आमदनी के स्त्रोत हासिल हो सके उस दिशा विशेष प्रयास करने के निर्देश कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत को दिए। राज मिस्त्री के कार्य सीखने पर कुछ लोगों ने उत्साहित होकर कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत सिविल कार्य करेंगे ताकि व्यवसाय एवं आमदनी का स्त्रोत मिल सके।
उप मुख्यमंत्री से मिलकर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी पी सुंदरराज, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर संबित मिश्रा, डीएफओ रंगानाथा रामाकृष्णा वाय, सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार, उप निदेशक इन्द्रावती टाईगर रिजर्व संदीप बल्गा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।


प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियां शुरू, मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानन्द ने सभास्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का किया जायजा
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च को बिलासपुर जिले के बोदरी तहसील के ग्राम मोहभठ्ठा में आयोजित कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानन्द ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी आवश्यक तैयारियां 25 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानन्द ने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम है। बिलासपुर के साथ राज्य भर से लोग प्रधानमंत्री को सुनने पहुंचेंगे। सभा में शामिल होने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाये। श्री दयानन्द ने सभास्थल पर मुख्य मंच, हेलीपेड, ग्रीन रूम, सांस्कृतिक मंच, हितग्राहियों एवं अतिथियों की बैठक व्यवस्था आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने सभास्थल के समीप बनाये गये पार्किंग स्थलों का भी जायजा लिया और वहां जनसुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि मोहभठ्ठा में प्रधानमंत्री की आमसभा के लिए 55 एकड़ का विशाल सभा स्थल तैयार किया जा रहा है। इसके नजदीक ही तीन हेलीपेड, 9 पार्किंग स्थल तैयार किए जा रहे हैं।

