पत्रकार, साहित्यकार, राजनेता और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में धरमलाल कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ी को जो स्थान मिला है, उसमें पं. चतुर्वेदी का बहुत बड़ा योगदान है. छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के गठन और प्रथम अध्यक्ष की नियुक्ति की बात आई तो पं चतुर्वेदी के छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ी के प्रति योगदान, उनकी सोच के कारण उन्हें सर्वथा उपयुक्त पाया गया, आगे उनके व्यक्तित्व व कृतित्व के कारण उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया. उन्होंने कहा कि मेरे स्पीकर रहते छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा देने का बिल पारित हुआ और अब कोई भी विधायक सदन में छत्तीसगढ़ी भाषा में प्रश्न पूछ सकते हैं.
प्रदेश
राजधानी में SSP संतोष सिंह की सख्त कार्रवाई: मौदहापारा, बैजनाथपारा और वीआईपी रोड पर रातभर पुलिस ने की चेकिंग, ड्रंकन ड्राइविंग और संदिग्धों पर बड़ी कार्रवाई
रायपुर। राजधानी रायपुर में बीती रात पुलिस प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है. SSPसंतोष सिंह ने खुद CSP और टीम के साथ मौदहापारा, बैजनाथपारा और वीआईपी रोड पर औचक निरीक्षण कर सघन चेकिंग में कई अलग-अलग कार्रवाई की है. SSP संतोष सिंह देर रात जयस्तंभ चौक पर पुलिस की टीम को ब्रीफिंग करते नजर आए. इस दौरान उन्होंने औचक पुलिस फोर्स को ब्रीफ किया कि रात्रि चेकिंग में क्या ध्यान रखना है.
पुलिस की टीम के साथ अफसरों ने मौदहापारा, बैजनाथपारा और वीआईपी रोड पर चेकिंग के दौरान एल्कोमीटर से जांच आकर ड्रंकन ड्राइविंग पर गाड़ियों की जप्ती की, कई दर्जन संदिग्ध लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई. वहीं कुछ के साथ संदिग्ध सामन पकड़ा गया जिन पर कार्रवाई की गई.

देर रात तक चेकिंग चलती रही. इस दौरान सीएसपी आज़ाद चौक अमन झा, सीएसपी कोतवाली योगेश साहू, प्रशिक्षु आईपीएस अभिषेक चतुर्वेदी और थाना प्रभारी गण दल बल सहित उपस्थित रहे.
सैनिकों के शौर्य और बलिदानों के कारण ही आज हम स्वतंत्र और सुरक्षित हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर शहीदों और देश की सेवा में जुटे सभी सैनिकों को नमन करते हुए कहा है कि यह दिन हमें अपने देश के उन वीर जवानों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र हैं और सुरक्षित जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों से देश की सेनाओं, भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में अधिक से अधिक योगदान करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र झंडा सेना दिवस हमें याद दिलाता है कि हम अपने वीर-जवानों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि आप सभी झंडा-दिवस में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाएं। झंडा-दिवस पर जो भी धनराशि एकत्रित की जाती है, वह हमारे सैनिकों और उनके परिवारों की कल्याण योजनाओं में काम आती है। आप सबसे मेरा आग्रह है कि आप भी इसमें सहभागी बनें और राष्ट्र-सेवा में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री श्री साय से आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर संचालक, सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़, ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की और उन्हें लेपल पिन लगाकर सशस्त्र सेना झंडा दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में अपना योगदान दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ साथ प्राकृतिक आपदाओं, आतंरिक संकटों और मानवता के किसी भी संकट के समय हमारे साथ खड़ी रहती हैं। हमारे सैनिकों की वीरता और समर्पण ने देश को हर परिस्थिति में सुरक्षित बनाए रखा है। ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने बताया कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि से 27 कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। इस वर्ष इस निधि से एक करोड़ 5 लाख रुपए की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत सैनिकों और शहीदों के परिवारों को वितरित की गई है।

पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी का सपना था छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराना: धरमलाल कौशिक
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि पं. चतुर्वेदी दल से नहीं, अपितु दिल से कार्य करते थे, शायद इसी कारण वह बिलासपुर की पहचान बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि पं चतुर्वेदी छत्तीसगढ़ी को राजभाषा बनाने केंद्र की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहे, अब उनके इस कार्य को छत्तीसगढ़ की अस्मिता से जोड़ कर अस्तित्व की लड़ाई लड़ने का वक्त आ गया है. उन्होंने कहा कि 24 साल की तरुणाई वाला छत्तीसगढ़ पं चतुर्वेदी के जीवन, उनके संघर्ष और भाषायी अस्मिता के अस्तित्व से सीख ले सकता है, तो आज हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए. थावे विद्यापीठ के कुलपति डॉ. विनय पाठक ने कहा कि 1987 में भारतेंदू साहित्य समिति ने मेरे संपादकत्व में पं चतुर्वेदी पर अभिनंदन ग्रंथ प्रकाशित किया, उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर उनके निर्देशन में 4 स्टूडेंट पीएचडी कर चुके हैं. ‘बेटी की बिदाई’ पर कई कवियों ने लिखा है पर पं चतुर्वेदी की चार पंक्तियां- ‘का बरम्हा के बेटी नइये, का बिदा के दुख नहीं जानय, जब बिदा करे के बेरा आतिस, तव अंधरी, भैरी कर देतिस’, उनकी रचना को राष्ट्रीय फलक पर ले जाती हैं. महापौर रामशरण यादव ने कहा कि पं चतुर्वेदी अपनी सादगी और बिना लाग लपेट के खरे संवाद के लिए जाने जाते थे. तत्कालीन पूर्व मंत्री बीआर यादव उनके घनिष्ट थे, जिनके साथ उन्हें भी कार्य करने का अवसर मिला. पूर्व मेयर किशोर राय ने मांग की कि पं चतुर्वेदी के जीवन वृत्त और कोटेशन शिलालेख में लिखाए जाने चाहिए ताकि भावी पीढ़ी उससे प्रेरणा ले सके. साहित्यकार एके यदु ने कहा कि पं चतुर्वेदी अविभाजित मध्यप्रदेश में भी उम्दा कोटि के साहित्यकार, पत्रकार के रूप में जाने जाते थे,इसीलिए उनकी राष्ट्रीय पहचान बनी. छत्तीसगढ़ी कवि सनत कुमार तिवारी ने अपनी ओजपूर्ण शैली में काव्य पाठ किया. कार्यक्रम में नगर निगम के उप नेता राजेश सिंह ठाकुर, कांग्रेस नेता राकेश शर्मा, राजकुमार तिवारी डॉ. एमएल टेकचंदानी, राघवेंद्र दुबे, राष्ट्रीय कवि मंच के जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार तिवारी, बिलासपुर प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष संजीव पांडेय, उमेश मौर्य, जितेंद्र सिंह ठाकुर, डॉ. मनोज चौकसे, शशिकांत अंबिका चतुर्वेदी, सूर्यकान्त ममता चतुर्वेदी, अंबर सोमी चतुर्वेदी, कर्ण अपर्णा चतुर्वेदी, डॉ. सुषमा शर्मा, राकेश पांडेय, पीयूष गुप्ता, विष्णु कुमार तिवारी आदि उपस्थित थे.‘बेटी के बिदा’ ने राष्ट्रीय पहचान दिलाई
भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत..
कार्यक्रम में ये रहे शामिल
रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में दो नये PG कोर्स को मंजूरी, राज्य के युवाओं को मिलेगा लाभ, जानें विभागों में सीटों की संख्या
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णदेव साय राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार और युवाओं के लिए राज्य में ही मेडिकल शिक्षा की सुविधा को लेकर काफी संवेदनशील है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्व. लखीराम मेमोरियल शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में पीजी के 02 नये कोर्स प्रसुति एवं स्त्रीरोग विभाग हेतु 04 सीट एवं चर्मरोग विभाग हेतु 04 सीट की मंजूरी दी है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य शासन के द्वारा नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी दिए जाने पर सीटों में वृद्धि से मेडिकल के छात्रों को लाभ मिलेगा। राज्य में ही पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश की संभावना बढ़ने से छात्रों को राज्य में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन की तरफ से स्व. लखीराम अग्रवाल मेमोरियल शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में पीजी के 02 नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने की मंजूरी दी गयी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा इस आशय का इशेंसियेलिटी सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया है। नए कोर्स में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के लिए 04 सीट एवं चर्म एवं रजित रोग विभाग के लिए 04 सीट पीजी हेतु अनुमति प्रदान की गई है। गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व भी जनरल सर्जरी के 07, एमडी पीडियाट्रिक्स से 04 और जनरल मेडिसीन के 05 की अनुमति प्रदान की गई थी।
धान खरीदी को लेकर BJP का कांग्रेस पर तीखा हमला, शिव रतन शर्मा बोले- छत्तीसगढ़ में हो रही रिकॉर्ड धान खरीदी, कांग्रेसी कर रहे झूठी बयानबाजी
रायपुर। राजधानी रायपुर के रजबंधा मैदान स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) जिला कार्यालय एकात्म परिसर में आज प्रथम चरण की संगठन बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिव रतन शर्मा ने मीडिया से चर्चा के दौरान बैठक से जुड़ी जानकारी साझा की, इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं के द्वारा धान खरीदी को लेकर दिए जा रहे बयानों पर तीखा हमला किया।
बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष शिव रतन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता झूठी बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के नेताओं द्वारा धान खरीदी में गड़बड़ी और बारदाना की कमी को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे निराधार हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने भी शुरू में बारदाना की कमी की बात कही थी, लेकिन अब वह कह रहे है कि स्थिति में सुधार हो चुका है।” शर्मा ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड धान खरीदी की जा रही है, और विपक्षी दलों का काम सिर्फ भ्रम फैलाना है।
रायपुर में पहले 16 मंडल थे, अब होंगे 20
रायपुर में बीजेपी की प्रथम चरण की संगठन बैठक को प्रदेश उपाध्यक्ष शिव रतन शर्मा ने बताया कि आज की बैठक में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाग लिया। शिव रतन शर्मा ने बताया कि संगठन पर्व के तहत रायपुर में 2 लाख की जगह 3 लाख सदस्य बनाए गए हैं और 3600 सक्रिय सदस्य बने हैं। उन्होंने कहा, “रायपुर में 16 मंडल थे, अब 20 मंडल होंगे। सभी मंडल के चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी।”
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विद्युत उपकेंद्र का किया शुभारंभ, 22 गांवों को लो-वोल्टेज की समस्या से मिलेगी मुक्ति
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के नवरंगपुर में 33/11 केव्ही नवीन सब स्टेशन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यहां 3.15 एमव्हीए क्षमता का पॉवर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। इस नए विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के 22 गांवों को लो-वोल्टेज की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इससे छह हजार बिजली उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विद्युत उपकेंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार विकास के कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हर एक गारंटी को पूरा किया जा रहा है। गांव, गरीब, किसान सभी का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुए इस नए विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्रवासियों को लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। उन्होंने लोगों से बिजली का सदुपयोग करते हुए इसके बचत की अपील की।
उल्लेखनीय है कि नवरंगपुर, डिंडोरी, कठौतिया इत्यादि गांवों के खुड़िया फीडर से अधिक दूरी के कारण हमेशा लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती थी। नवरंगपुर में 33/11 केव्ही का नया सब-स्टेशन बन जाने से अब यह समस्या नहीं होगी। पथर्रा फीडर के आठ गांवों आछीडोंगरी, राम्हेपुर, भस्करा, लीलापुर, खैराखुर्द, पीथमपुर, डबरी इत्यादि को नवरंगपुर सब-स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इससे अधिक लोड की समस्या दूर होगी। लोकार्पण कार्यक्रम में विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।
अभियंताओं को भवन निर्माण और मरम्मत की नई तकनीकों की दी जानकारी,लोक निर्माण विभाग द्वारा विभागीय अभियंताओं के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन
रायपुर। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा विभागीय अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने भवन निर्माण और मरम्मत की नई तकनीकों की जानकारी दी। लोक निर्माण विभाग द्वारा रोडवार्ता फाउंडेशन के सहयोग से रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 6 दिसम्बर से 8 दिसम्बर तक ‘गुड इंजीनियरिंग प्रेक्टिसेस इन बिल्डिंग कन्सट्रक्शन’ (GOOD ENGINEERING PRACTICES IN BUILDING CONSTRUCTION) पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग के दुर्ग जोन के सात जिलों राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा और कबीरधाम जिले के 150 कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता एवं उप अभियंता भाग ले रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों में रोडवार्ता फाउंडेशन के मुख्य प्रबंध निदेशक आई.के. पाण्डेय, नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के प्रमुख अभियंता सलिल श्रीवास्तव, क्रांकीट विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक सतन्दर कुमार, क्रांकीट विशेषज्ञ सुरेश कुमार और बिल्डिंग स्ट्रक्चर विशेषज्ञ समीर पाण्डेय ने ‘गुड इंजीनियरिंग प्रेक्टिसेस इन बिल्डिंग कन्सट्रक्शन’ के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने भवन निर्माण और मरम्मत के कार्यों में उपयोग हो रहे नए तकनीकों और मशीनरी के बारे में भी बताया।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव विभागीय समीक्षा बैठकों में लगातार निर्माण की गुणवत्ता पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने इसके लिए विभागीय अभियंताओं के क्षमता विकास के लिए नियमित प्रशिक्षण के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा सड़क एवं पुल-पुलियों के निर्माण संबंधी प्रशिक्षण के बाद भवन निर्माण और मरम्मत में नई तकनीकों की जानकारी तथा इन कार्यों में बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। दुर्ग जोन के अभियंताओं के प्रशिक्षण के बाद अन्य जोनों के लिए भी इसका आयोजन किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लिया बस्तर ओलंपिक 2024 संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन की समीक्षा बैठक, आयोजन स्थल का किया निरीक्षण
रायपुर। बस्तर ओलंपिक 2024 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज बस्तर पहुँचकर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप और खेलमंत्री टंकराम वर्मा साथ थे। बस्तर जिला के कलेक्टोरेट प्रेरणा सभाकक्ष में उपमुख्यमंत्री ने तैयारियों का विस्तृत चर्चाकर आयोजन को सफल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में अति विशिष्ट अतिथि अमित शाह के आगमन के संबंध में भी चर्चा किए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर ओलंपिक बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों के युवाओं को खेल के माध्यम से मुख्य धारा से जोड़ने की पहल है। खेल के द्वारा युवाओं का एक माहौल देना है साथ ही योजनाओं के संबंध में जानकारी भी दिया जाना है। बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तर के विजेता का समाज में महती भूमिका होगी, ये विजेता बस्तर के नौजवानों को उन्नति के लिए अन्य युवाओं को प्रेरित करने का प्रयास करेंगे। खेल प्रतियोगिता में बस्तर के अंदरूनी इलाक़ों के अधिक से अधिक पहुँचे और खिलाड़ियों का हौसला अफ़ज़ाई करें।
बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस प्रतियोगिता में खेल संघों, विभिन्न समाजों के प्रमुखों को आमंत्रित किया जाए। साथ ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को भी प्रचारित किया जाए। खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार बस्तर के युवाओं की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन किया जा रहा है। इसका सफलता पूर्वक संभाग स्तरीय आयोजन किया जाने हेतु आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाए।
संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में 2422 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं इसके अलावा 300 आत्मसमर्पित खिलाड़ियों और नक्सल हिंसा से दिव्यांग खिलाडी शामिल हो रहे है। बैठक में संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की आवास की व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। साथ ही उद्घाटन और समापन समारोह की रूपरेखा की जानकारी दी गई। बैठक से पहले तीनों मंत्रियों ने इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम में उद्घाटन और समापन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा और बैठक व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मुख्य अतिथियों की बैठक व्यवस्था, खिलाड़ियों का पुरस्कार वितरण सहित अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। इस अवसर पर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, खेल विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, संचालक खेल विभाग तनुजा सलाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का किया भूमिपूजन एवं शिलान्यास
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के खुड़िया में 290 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। जल जीवन मिशन के तहत खुड़िया मल्टी-विलेज योजना से मुंगेली जिले के तीनों विकासखंडों के 206 गांवों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। जिले के करीब 60 हजार परिवारों को योजना का फायदा मिलेगा। खुड़िया जलाशय के सामने ही 23 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। योजना का काम एक वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के भूमिपूजन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खुड़िया मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना से खुड़िया जलाशय के पानी को शुद्ध कर गांव-गांव में बनी पानी टंकियों के माध्यम से घरों तक पहुंचाया जाएगा। जल गुणवत्ता से प्रभावित और ग्रीष्म ऋतु में जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने से संकटग्रस्त गांवों को इससे पूरे साल भर स्वच्छ पेयजल मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए तेजी से काम कर रही है। विष्णु देव साय की सरकार में सांय-सांय विकास कार्य हो रहे हैं। राज्य के चहुंमुखी विकास और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रियता से योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुंगेली जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पाण्डेय और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय सिंह सहित जिला प्रशासन व पीएचई के अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद थे।
योजना से जल गुणवत्ता और गर्मियों में भू-जल स्तर के नीचे चले जाने से प्रभावित गांवों में नहीं होगी पेयजल की समस्या

खुड़िया मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना से मुंगेली जिले के 206 गांवों की करीब ढाई लाख आबादी को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। लोरमी विकासखंड के 84 गांवों के 27 हजार 627, मुंगेली विकासखंड के 86 गांवों के 19 हजार 737 और पथरिया विकासखंड के 36 गांवों के 12 हजार 248 परिवारों को योजना से पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। योजना के अंतर्गत 423 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के साथ ही तीनों विकासखंडों के गांवों में कुल 216 पानी टंकियों के माध्यम से घर-घर पेयजल पहुंचाया जाएगा। लोरमी विकासखंड में 87, मुंगेली विकासखंड में 91 तथा पथरिया विकासखंड में 38 टंकियां बनाई जाएंगी।
मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना से तीनों विकासखण्डों के खारे पानी वाले 19 गांवों और भू-जल स्तर के नीचे चले जाने से प्रभावित 38 गांवों के साथ ही अन्य गांवों को भी साल भर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होगी। शासन द्वारा योजना के लिए 290 करोड़ 12 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत पेयजल की आपूर्ति के लिए 430 किलोलीटर क्षमता के एमबीआर के साथ ही अलग-अलग क्षमता के छह जेडबीआर भी बनाए जाएंगे। 45 बीएचपी क्षमता की तीन रॉ वाटर पम्पिंग मशीनरी और 95 बीएचबी क्षमता की तीन क्लियर वाटर मशीनरी भी स्थापित की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नवनिर्वाचित प्रबंधकारिणी समिति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। आदिवासी समाज को आगे बढ़ने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शपथ ले रहे सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज एक समृद्ध संगठन है। इस संगठन के सभी सदस्यों का लंबा अनुभव रहा है। मुझे विश्वास है कि आदिवासी समाज के प्रतिनिधि के रूप में वे अपनी जिम्मेदारी को बहुत कुशलता से निभाएंगे ।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जनजातीय समाज के विकास के लिए बहुत अच्छा वातावरण है। छत्तीसगढ़ सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों सरकारें जनजातीय समाज की चिंता करती हैं। आज हम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को याद करते हैं जिन्होंने आदिवासियों के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। जब मैं सांसद था तब उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया था। आज भारत के राष्ट्रपति पद पर आदिवासी समाज की महिला सुशोभित हैं और छत्तीसगढ़ में भी आदिवासी का बेटा मुख्यमंत्री है। यह बहुत गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिए लगातार काम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरुआत विगत 2 अक्टूबर को की है। इस अभियान का लाभ 5 करोड़ जनजातीय लोगों को मिलेगा। इसमें छत्तीसगढ़ के कई गांव शामिल हैं। इन गांवों में सड़क, बिजली और पानी सहित सभी बुनियादी सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं जिनके विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत इन समूहों के लिए बुनियादी सुविधाएं और सेवाएं पहुंचाई जाती हैं। आज जहां-जहां विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहट है वहां सड़क, बिजली, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित सभी सुविधाएं मिल रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब नई शिक्षा नीति भी लागू है। यह नीति रोजगारपरक है। इससे हमारे बच्चे पढ़कर रोजगार पाने के लिए सक्षम होंगे। आदिवासी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिले इसलिए छत्तीसगढ़ में प्रयास संस्था बहुत अच्छा काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने देश की राजधानी नई दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे आदिवासी समाज के बच्चों के लिए ट्राइबल यूथ होस्टल की सीटों को बढ़ाकर 200 कर दिया है। हम राजधानी रायपुर की तरह पूरे प्रदेश में नालंदा परिसर बनाने जा रहे हैं। प्रदेश के 22 जिलों में नालंदा परिसर बनाने की स्वीकृति दे दी गई है। इससे छत्तीसगढ़ के सभी इलाकों के बच्चे अपने जिले में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर पाएंगे। जनजातीय समाज की बेहतरी के लिए सरगुजा विकास प्राधिकरण और बस्तर विकास प्राधिकरण कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हो रहा है। आज किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना में 1000 रुपये माताओं-बहनों को दिया जा रहा है। एक साल में सरकार ने अनेक योजनाओं के माध्यम से लोगों के कल्याण के लिए कार्य किया है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के साथ समाज के सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। मुझे उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज का संगठन समाज के शोषित पीडितों की मदद के लिए उनकी आवाज बनकर शासन-प्रशासन तक बात पहुंचाएगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रांताध्यक्ष शिशुपाल सोरी, विधायक दुर्ग ग्रामीण ललित चन्द्राकर, बी एल ठाकुर, बीपीएस नेताम, एम आर ठाकुर, फूल सिंह नेताम, जे मिंज, भारत सिंह , डॉ लक्ष्मी ध्रुव, वंदना उइके, शशि सिंह , आर के राय सहित छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।


“युवा बदल सकते है देश की तस्वीर” – बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान सभा में चेताया था कि इस देश को गरीबी या बाहरी ताकतों से नहीं, बल्कि देश के जयचंदों और मीरजाफरों से सबसे बड़ा खतरा है। उनकी यह बात आज सच होती दिख रही है। यह विचार सुप्रसिद्ध विचारक और राष्ट्र चिंतक राकेश सिन्हा ने “मेरा संविधान – मेरा अभिमान” कार्यक्रम के समापन समारोह में व्यक्त किए।
कार्यक्रम का आयोजन शासकीय नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर में किया गया। इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि राकेश सिन्हा ने मुख्य वक्ता के रूप में सभा को संबोधित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राकेश सिन्हा ने कहा कि, “डॉ. अंबेडकर ने जिस खतरे की आशंका जताई थी, वह आज सत्य साबित हो रही है। अमेरिकी उद्योगपति जॉर्ज सोरोस जैसे लोग देश के संविधान पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला कर रहे हैं और उनके एजेंट देश के भीतर संविधान पर खतरा बताकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। संविधान केवल एक लिखित दस्तावेज नहीं है, बल्कि इसे संचालित करने वाले लोगों के चरित्र और नैतिकता पर आधारित होता है। यही कारण है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में संविधान होते हुए भी वे संकट में हैं।”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने युवाओं को संविधान की मूल भावना को समझने पर बल दिया। उन्होंने कहा, “भारत का संविधान न केवल हमारे लोकतंत्र की नींव है, बल्कि यह हमारी एकता, अखंडता और विविधता का मार्गदर्शक भी है। आजादी के बाद भारत अगर पल्लवित, पुष्पित और विकसित हो रहा है तो उसका सबसे बड़ा आधार हमारा संविधान है। भारत का संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है। हमें न केवल अपने मौलिक अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि अपने कर्तव्यों को भी समझना चाहिए।”
विजेताओं का सम्मान:
संविधान दिवस के उपलक्ष्य में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सभी केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों – आईआईएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, एम्स, सिपेट समेत 100 से अधिक कॉलेजों में “मेरा संविधान – मेरा अभिमान” विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समापन समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला, युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय तोमर, प्राचार्य अमिताभ बनर्जी, राज्य गौ रक्षा आयोग के अध्यक्ष विशेश्वर पटेल, कार्यक्रम संयोजक दानसिंह देवांगन, तथा कार्यक्रम प्रभारी संजय जोशी सहित हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं और गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने संविधान की मूल भावना और महत्व को रेखांकित करते हुए युवाओं को मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।















बढ़ते HIV संक्रमित मरीजों की संख्या पर स्वास्थ्य मंत्री सख्त, कहा- प्रतिबंधित दवा बेचने वालों का होगा लाइसेंस निरस्त
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ का एक ऐसा जिला जहां बड़ी संख्या में HIV पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ गई है। दरअसल, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही में एड्स (HIV) संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 252 तक पहुंच चुकी है। जिनमें से 8 बीते नवंबर महीने में सामने आए हैं। संक्रमितों में इंजेक्शन के माध्यम से नशा करने वाले कम उम्र के युवा भी शामिल हैं।
इन सबके बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज गौरेला पेण्ड्रा मरवाही दौरे पर थे। जहां उन्होंने जिले में AIDS के मरीजों की बढ़ती संख्या और युवाओं में इंजेक्शन के माध्यम से बढ़ते नशे को लेकर कहा कि स्वास्थ्य विभाग को दिशा निर्देश दिये जा चुके है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि नशीली और प्रतिबंधित दवाओं को बिना डॉक्टर की अनुमति को बेचते पाए जाने या स्टॉक में कमी बेसी पाई जाती है तो ड्रग डिपार्टमेंट के माध्यम से ड्रग लाइसेंस होगा निरस्त, साथ ही FIR भी होगा। प्रदेश के सभी जिलों में इस प्रकार की कार्यवाही देखने को मिलेगी, सप्ताह में 1 या 2 ऐसी कार्रवाई जरूर होगी। नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के विक्रय को लेकर हमने ज्वाइंट टीम बना दी है, जिसमें डिप्टी CM व गृहमंत्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के आला अधिकारी शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हमने रायपुर में 34 दुकानों पर रेड की थी, जिसके बाद कुछ दुकानों पर कार्रवाई भी गई है। वहीं AIDS के बढ़ते मरीजों की संख्या पर कहा कि प्रत्येक जिले में प्रचार रथ निकालकर जानकारी दी जा रही है। प्रचार प्रसार से जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्कूल, कॉलेज, सोशल मीडिया के माध्यम से जन जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है।
धान खरीदी पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर सीएम साय का तंज, कहा- मंडी, खरीदी केंद्र जाकर देखें, नहीं है कहीं दिक्कत
रायपुर। धान खरीदी के मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि घर में बैठकर किसी के बारे में बोलना आसान होता है. मंडी में जाकर देखें, धान खरीदी केंद्रों में जाकर देखें. तीन तारीख को देखने गए थे, क्या हुआ. अच्छा है लोग जाएं और देखें. ब्लैम लगाने से अच्छा है कि पास से जाकर प्रत्यक्ष देखें.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि धान खरीदी में कोई दिक़्क़त नहीं हो रही है. छोटी-मोटी दिक्कतें थीं, उसको दूर कर लिया गया है. कहीं भी धान खरीदी बंद नहीं हुई थी. राइस मिलरों से बातचीत नहीं होती तो समस्या हो सकती थी. आज उनसे बातचीत हुई है. समस्या का समाधान हो गया है. बता दें कि कांग्रेस ने 10 दिसंबर को धान खरीदी केंद्रों में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.
वहीं महादेव सट्टा एप्प को लेकर मुख्य मंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जो भी दोषी है, सभी पर कार्रवाई होगी. चाहे महादेव सट्टा एप का हो या शराब घोटाला, चाहे कोयला घोटाला को हो या DMF घोटाला. कोई भी घोटालेबाज बचेंगे नहीं. सबके ऊपर सख़्ती से कार्रवाई होगी. सीजीपीएससी में जो घोटाला किए थे, उनका भी जेल जाने का सिलसिला शुरू हो गया है.
महादेव बुक सट्टा : ED ने एक दिन में जब्त की 388 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति, अब तक 2300 करोड़ रुपए की संपत्ति कर चुकी है जब्त…
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 5 दिसंबर को महादेव बुक सट्टा एप/वेबसाइट के प्रमोटर, पैनल संचालक और प्रमोटरों के सहयोगियों की 387.99 करोड़ रुपए चल और अचल संपत्ति कुर्क की है. इसके साथ ही महादेव सट्टा एप मामले में करीब 2300 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति जब्त की जा चुकी है.
ईडी की ताजा कार्रवाई में चल संपत्ति के तौर पर मॉरीशस स्थित कंपनी, एफपीआई और एफडीआई के माध्यम से हरि शंकर टिबरेवाल से संबंधित मेसर्स टानो इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज फंड द्वारा किया गया निवेश शामिल है, वहीं छत्तीसगढ़, मुंबई और मध्य प्रदेश में स्थित अचल संपत्ति शामिल है.
महादेव ऑनलाइन बुक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब तक कुल 2295.61 करोड़ जब्त, जमा अथवा कुर्क किए गए हैं. वहीं जांच के दौरान ईडी ने अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ विशेष न्यायालय (पीएमएलए), रायपुर के समक्ष चार अभियोजन शिकायतें दायर हैं.

अवैध खनन और परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 11 हाइवा और 8 ट्रैक्टर जब्त
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर खनिज और राजस्व विभाग द्वारा अवैध खनन और परिवहन पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है. 6 दिसम्बर को दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने ग्राम करहीकछार में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की.
खनिज विभाग ने रेत परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर 7 हाईवा वाहनों को जब्त कर बेलगहना थाने में पुलिस सुरक्षा में रखा है. वहीं, राजस्व विभाग ने भी 4 हाईवा और 4 ट्रैक्टर जब्त किए हैं, जिन्हें तहसील कार्यालय में सुरक्षार्थ रखा गया है. इन सभी मामलों में संबंधित प्राधिकरणों द्वारा नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.
करहीकछार रेत खदान के संचालक को भी नोटिस जारी किया गया है. इसके अलावा, खनिज विभाग की टीम ने घुटकु, कछार और पेण्डरवा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते हुए 4 ट्रैक्टर जब्त कर कोनी थाने में सुरक्षार्थ रखवाए हैं.
खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भण्डारण पर खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही जारी है. वन विभाग भी वन क्षेत्र में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के मामलों में कठोर कार्रवाई कर रहा है.
महादेव सट्टा ऐप मामला : ED ने शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड पर भेजा
रायपुर। महादेव अनॉलाइन सट्टा ऐप घोटाला मामले में ईडी ने शेयर ब्रोकर गौरव कुमार केडिया को कोलकाता से गिरफ्तार किया है. इडी ने केडिया को विशेष कोर्ट में पेश कर 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर लेने का आवेदन लगाया था. कोर्ट ने गौरव केडिया को 5 दिन की रिमांड पर भेजा है.
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कमल किशोर सारडा, सारडा ग्रुप के चेयरमैन, उपस्थित रहे. उनके साथ महेंद्र कुमार धारीवाल, वम्मा ग्रुप के मालिक ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस आयोजन को विशेष बनाया.
सारडा डेयरी एंड फूड प्रोडक्ट्स लिमिटेड (वचन) डेयरी पार्लर का पंडरी में भव्य उद्घाटन, चेयरमैन ने कहा- हमारा गुणवत्ता और विश्वास के प्रति समर्पण
रायपुर। आज पंडरी क्षेत्र में वचन डेयरी पार्लर के भव्य उद्घाटन के साथ एक नई उपलब्धि का स्वागत किया. यह आधुनिक डेयरी पार्लर, सारडा ग्रुप की गुणवत्ता और पोषण के प्रति प्रतिबद्धता को साकार करता है, जो ग्राहकों को ताज़ा और उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद प्रदान करेगा.
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कमल किशोर सारडा, सारडा ग्रुप के चेयरमैन, उपस्थित रहे. उनके साथ महेंद्र कुमार धारीवाल, वम्मा ग्रुप के मालिक ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस आयोजन को विशेष बनाया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमल किशोर सारडा ने कहा, “यह पार्लर सिर्फ एक व्यावसायिक पहल नहीं, बल्कि हमारे गुणवत्ता और विश्वास के प्रति समर्पण का प्रतीक है. हमारा उद्देश्य ताजा, पौष्टिक और विविधतापूर्ण डेयरी उत्पादों को ग्राहकों के करीब लाना है.”
इस अवसर पर सारडा ग्रुप के अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे
पंकज सारडा, संयुक्त प्रबंध निदेशक, विपुला सारडा, निदेशक, वेंकट राम, निदेशक, जी.के. छंगानी, निदेशक, सी.एच. विश्वनाथ, निदेशक, वचन डेयरी पार्लर में दूध, दही, पनीर, मक्खन, घी, फ्लेवर्ड मिल्क सहित वचन के विशेष उत्पाद जैसे रबड़ी और श्रीखंड भी उपलब्ध होंगे, जो स्थानीय स्वाद को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं.
उद्घाटन समारोह में स्थानीय समुदाय ने बड़ी संख्या में भाग लिया और वचन के उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला का प्रत्यक्ष अनुभव किया. लाइव उत्पाद प्रदर्शन और विशेष उद्घाटन ऑफर ने इस अवसर को और भी खास बना दिया.
सारडा ग्रुप भविष्य में वचन डेयरी पार्लर की श्रृंखला को और विस्तारित करने की योजना बना रहा है, जिससे ग्राहकों को स्वास्थ्य, स्थिरता और फार्म-टू-टेबल अनुभव प्रदान किया जा सके.