प्रदेश
एक साल में कोरबा का विकास का पहिया तेज रफ़्तार से दौड़ पड़ा, 300 करोड़ के कार्य शुरू: उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन
रायपुर। वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन आज शुक्रवार को कोरबा प्रेस क्लब के तिलक भवन में आयोजित लखन का एक साल व राज्य सरकार का अमृत काल कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि 3 दिसम्बर 2023 का वह स्वर्णीम दिन जब कोरबा की जनता ने विकास, सुशासन और समृद्धि के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेकर आम जनता ने प्रचंड जनादेश दिया था। विगत एक वर्ष में आप सभी के विश्वास पर खरा उतरते हुए कोरबा समेत प्रदेश की प्रगति में अनेक नए आयाम स्थापित किये। मोदी की गारंटी के सभी प्रमुख वादे प्रमुखता से पूरे किए गए है। जिले के 295706 और कोरबा नगर निगम क्षेत्र के 71865 माताओं और बहनों को महतारी वंदन योजना के तहत् प्रतिमाह 1000 रू. दिये जा रहे है।
उन्होंने कहा कि कोरबा विधानसभा समेत पूरे जिले के समुचित विकास (नेशनल हाईवे, बॉयपास सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, आंगनबाड़ी, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, सामुदायिक भवन, मंच, पंडाल, तालाब गहरीकरण, सी.सी. रोड़, नाली, सामाजिक भवन, बिजली,) व्यवस्था के लिए कुल 1800 करोड़ से अधिक की राशि इस एक साल में स्वीकृत करायी गयी है। कोरबा विधानसभा में 300 करोड़ के कार्य शुरू करए गए।जिनमें अधोसंरचन, विधायक मद, डीएमएफ, राजस्व आपदा प्रबंधन, नगरीय निकाय, प्रभारी मंत्री मद, सहित अन्य मदो से कार्य स्वीकृत कराकर प्रारंभ कराये जा रहे है। कुछ बडे प्रोजेक्ट टेंडर प्रक्रिया में है, बहुत जल्द विकास कार्यों का श्रीगणेश होगा। बिना किसी भेदभाव के वार्डों में कार्य कराये जा रहे हैं। प्रेस क्लब तिलक भवन में अतिरिक्त निर्माण कार्य लागत 25 लाख के कार्यों का मंत्री श्री देवांगन ने भूमि पूजन किया। साथ ही प्रेस क्लब की मांग पर अतिरिक्त विकास के लिए मंत्री श्री देवांगन ने 20 लाख की घोषणा की। प्रेस क्लब के पदाधिकारी और सदस्यों द्वारा मंत्री श्री देवांगन का अभिनंदन और आभार जताया।
उन्होंने कहा की प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरूण साव के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आज कोरबा जिला विकास के नई उंचाईयों की ओर अग्रसर है। इस एक साल में हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता शहर से लेकर पूरे जिले के सड़को के जीर्णाेद्धार और निर्माण पर थी। कई वर्षों से उरगा-कोरबा-कटघोरा फोरलेन सड़क, जमीन की खरीद फरोक्त में गड़बड़ी की वजह से अटकी हुई थी। हमारे प्रयास से केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने इस मार्ग के लिए 1593 करोड़ की राशि स्वीकृत दी है। बहुत जल्द इसका निर्माण प्रारंभ होगा, इसी तरह हाल ही में कटघोरा से अंबिकापुर डबल लेन सड़क का फोरलेन करने की हरी झंडी मिल गई है। हमारा प्रयास रहा है कि कोरबा शहर के बीच से भारी वाहनों का दबाव कम हो, इसके लिए बरमपुर से प्रगतिनगर तक 8 कि.मी. लंबे बॉयपास मार्ग के लिए 83 करोड रू. की स्वीकृति उपरांत टेंडर प्रकिया प्रारंभ कर दी गई है। बहुप्रतिक्षित संजय नगर रेल्वे फाटक पर अंडरब्रिज का निर्माण 70 करोड़ रू. के लागत से होगा। इससे प्रभावित लोगों को 3.11 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। आप सभी को याद होगा 2018 में भाजपा सरकार में ढेंगुरनाला बॉयपास सड़क का डीएमएफ फण्ड से निर्माण प्रारंभ किया गया था। अब पुनः 5 वर्ष पश्चात प्रारंभ करा दिया गया है। विधानसभा चुनाव से पूर्व शहर के सड़कों का आनन फानन में घटिया डामरीकरण किया गया था। पहली बारिश में ही डामरीकरण पूरी तरह से उखड गया था। हमने मानसून सिजन खत्म होते ही तत्काल डामरीकरण का कार्य पूर्ण कराया। पत्रकार मित्रों आपको याद होगा सर्वमंगला मंदिर पहुंच मार्ग बेहद जर्जर स्थिति में था। हमने सर्वमंगला मंदिर बॉयपास मार्ग का निर्माण समयवाधि में शुरू कराकर पूर्ण कराया है।
पिछले एक वर्ष में इन बड़े कार्यों की मिली स्वीकृति
टीपी नगर में वर्ल्ड क्लास इंडोर स्टेडियम, लागत 25 करोड़ की स्वीकृति, टीपी नगर न्यू बस स्टैण्ड की मरम्मत व नवीनीकरण कार्य की लागत 98 लाख रू. की स्वीकृति, इंदिरा स्टेडियम के पवेलियन, पाथवे, टायलेट ब्लाक, स्वीमिंग पुल सहित अन्य विकास कार्य 2.5 करोड़ की स्वीकृति, जिला खनिज न्यास के मद से कोरबा विधानसभा अंतर्गत 100 विभिन्न विकास कार्यों के लिए 9.19 करोड़ के कार्य प्रारंभ, सामुदायिक भवनों का निर्माण विस्तार व मरम्मत कार्य के लिए 4.90 करोड़ के कार्य प्रारंभ, 18 सामाजिक भवनों का निर्माण विस्तार व उन्नयन कार्य, लागत 2.96 करोड़ के कार्य प्रारंभ,44 सांस्कृतिक मंच एवं शेड का निर्माण लागत 3.7 करोड़ के कार्य प्रारंभ, 74 स्थानों पर सी.सी. रोड़ एवं नाली निर्माण, लागत 7.8 करोड़ के कार्य प्रारंभ, 28 आंगनबाड़ी एवं मुक्तिधाम निर्माण व मरम्मत कार्य, लागत 2.8 करोड़ के कार्य प्रारंभ और 10.27 पेयजल, प्रसाधन व अन्य भवनों का जीर्णाेद्धार, लागत 1.89 करोड़ के कार्य प्रारंभ।
स्वास्थ्य, शिक्षा
शासकीय स्कूलों के 1.20 लाख बच्चों के स्वास्थ्य एवं नियमित उपस्थिति के लिए विष्णुदेव सरकार की अनूठी पहल स्कूलों में बच्चों को मिलने लगा पौष्टिक नाश्ता, दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में सुचारू रूप से लैब टेस्ट और कन्फर्म रिपोर्ट के लिए लैब आन व्हील्स की सुरूवात की गई। इस योजना के तहत् ग्रामीणों को 53 प्रकार के टेस्ट की घर बैठे सुविधा मिल रही है, जिला खनिज न्यास मद से 22 सीएचसी और 6 पीएचसी के भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति मिली, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोरबा समेत 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सोनोग्राफी की सुविधा प्रारंभ की गई, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 5 चिकित्सा विशेषज्ञ, 9 विशेषज्ञ शल्य चिकित्सक, स्टाप नर्स, लैब टेक्निशियन, फिडिंग डेमोस्टेटर, रेडियोग्राफर, फार्मसिस्ट और 4 दंत चिकित्सकों की नियुक्ति, जिले की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की दृष्टिकोण से शिक्षकों की कमी को दूर करते हुए प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल व हायर सेकेण्डरी स्कूलों में डी.एम.एफ से मानदेय के आधार पर 517 शिक्षक व 269 भृत्य की नियुक्ति की गई है।
जल संसाधन विभाग के नवनियुक्त सहायक अभियंताओं को दिया गया प्रशिक्षण, सचिव टोप्पो ने कहा – जनता से जुड़े कार्यों के प्रति रहें संवेदनशील
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने संसाधन विभाग में 80 सहायक अभियंताओं की लोक सेवा आयोग के माध्यम से नियुक्ति प्रदान की है. इन अभियंताओं ने विभाग में अपनी उपस्थिति दे दी है. विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो के निर्देशानुसार इन नवनियुक्त सहायक अभियंताओं को 2 से 6 दिसंबर तक 5 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण दिया गया.
प्रशिक्षण कार्यक्रम विभाग के ट्रेनिंग सेंटर रायपुर में हुआ, जिसमें 76 प्रतिभागियों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के समापन सत्र में विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो प्रशिक्षणार्थियों के बीच उपस्थित हुए. सचिव का विभाग के अधिकारियों ने स्वागत किया. सचिव ने प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि उन्हें शासन द्वारा राजपत्रित अधिकारी का दर्जा प्राप्त है, वे अनुकूल आचरण रखें और कार्यालय एवं जन सामान्य से जुड़े कार्यों के प्रति संवेदनशील रहना सीखें. उन्हें सोशल मीडिया में भी शासकीय सेवा के अनुरूप रहते हुए भाग लेना चाहिए.
सचिव ने कहा कि विभाग की कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए रिक्त पदों पर भर्ती के साथ नवनियुक्त आधिकारियों का प्रशिक्षण भी अनिवार्य है. भविष्य में लगातार आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण के सत्र बुलाकर इनका कैपेसिटी बिल्डिंग विभाग द्वारा किया जाएगा. सभी प्रशिक्षणार्थियों को सचिव के हाथों प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र भी दिया गया. उनके द्वारा नवनियुक्त सहायक अभियंताओं की प्रशिक्षण में उपस्थिति की सराहना की गई एवं भविष्य के प्रशिक्षणों में अनिवार्यतः उपस्थिति का निर्देश दिया गया.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल, जिला एवं सत्र न्यायालय में ई-लाइब्रेरी की घोषणा की
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधाई कार्य मंत्री अरुण साव आज मुंगेली में अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश चन्द्र कुमार अजगल्ले ने करही स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मुंगेली जिला एवं सत्र न्यायालय में ई-लाइब्रेरी की घोषणा की। उन्होंने वहां सुविधाओं के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने मुंगेली बार को आदर्श और सुविधाजनक बनाने के लिए भी प्रयास करने की बात कही। विधायक पुन्नुलाल मोहले भी समारोह में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा अधिवक्ताओं से बहुत गहरा नाता है। मेरा सौभाग्य है कि मैं भी इस बार का सदस्य रहा हूं और आज मुख्य अतिथि के रूप में आने का मौका मिला है। मुंगेली बार का इतिहास अत्यंत वैभवशाली और गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की जवाबदारी बहुत बड़ी है, इसलिए पक्षकार से मुकदमा लेने के बाद उसे न्याय दिलाने की पूरी कोशिश करनी चाहिए। वकील मुकदमा जीतता है या सीखता है, हारता नहीं है। समाज में वकीलों की बहुत प्रतिष्ठा है। समाज की सेवा में आपका भी योगदान महत्वपूर्ण होना चाहिए। श्री साव ने कहा कि पक्षकार कितने रुपए देगा, इसका मूल्यांकन नहीं करना चाहिए। अधिवक्ताओं का पूरा ध्यान पक्षकारों को न्याय दिलाने में होना चाहिए। उन्होंने नवनिवार्चित पदाधिकारियों को मुंगेली बार की गरिमा को और आगे बढ़ाने को कहा।
विधायक पुन्नूलाल मोहले ने अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि सभी पदाधिकारी समाज की सेवा के लिए बेहतर कार्य करेंगे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश चन्द्र कुमार अजगल्ले ने मुंगेली बार की सराहना करते हुए अधिवक्ताओं को बिना किसी भेदभाव के पीड़ितों को समभाव से न्याय दिलाने की बात कही। कलेक्टर राहुल देव, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, पूर्व सांसद लखन लाल साहू, मुंगेली नगर पालिका के अध्यक्ष संतुलाल सोनकर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बलराम देवांगन, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-एक वरिष्ठ श्रेणी रेशमा बैरागी पटेल, वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश शुक्ला और संजय गुप्ता भी समारोह में मौजूद थे।
इन्होंने ली शपथ
जिला एवं सत्र न्यायाधीश चन्द्र कुमार अजगल्ले ने अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष राजमन सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष आकुम गेंदले, उपाध्यक्ष रूखमणी दिव्या, सचिव राजेन्द्र चन्द्रवंशी, संरक्षक विरेन्द्र कुमार मिश्रा, सहसचिव रजनीकांत ठाकुर, कोषाध्यक्ष प्रदीप हरवंश, ग्रंथालय सचिव अमित सोनी, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा सचिव जीवन लाल बंजारा, कार्यकारिणी सदस्यों मनोज केशरवानी, गोली बर्मन, सुरेन्द्र देवागंन, हरप्रीत कौर आजमानी, बोधराम साहू और विजेन्द्र सिंह को शपथ दिलाई।
व्हाइट कोट सेरेमनी के अवसर पर नवप्रवेशित चिकित्सा छात्रों के चिकित्सा आचार संहिता की शपथ ग्रहण सामरोह में शामिल हुए राज्यपाल रमेन डेका
रायपुर। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में एम. बी. बी. एस. प्रथम वर्ष में नव प्रवेशित विद्यार्थियों को चिकित्सा आचार संहिता की शपथ दिलाने के लिए ‘‘व्हाइट कोट सेरेमनी’’ का वृहद गौरवशाली आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति रही। पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि एम. बी. बी. एस. प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित 230 छात्र - छात्राओं को राज्यपाल महोदय की उपस्थिति में चिकित्सा आचार संहिता महर्षि चरक शपथ दिलाया जाना महाविद्यालय के लिए बड़े गौरव की बात हैं। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अरविंद नेरल ने मेडिकल प्रोफेशन के क्रियान्वयन के समय निभाये जाने वाले नैतिक मूल्यों और आदर्शों की जानकारी दी। डॉ. नेरल ने कहा कि मरीज दवाइयों के अलावा एक आदर्श चिकित्सक से अपनत्व, मुस्कुराहट और मित्रवत व्यवहार की अपेक्षा रखते हैं। मेडिकल साइंस सभी विज्ञानों में सबसे अधिक मानवीय और सभी मानविकी में सबसे अधिक वैज्ञानिक होता है। एक डॉक्टर ताउम्र विद्यार्थियों की तरह सीखता रहता है।
अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी ने चरक आचार संहिता की शपथ विद्यार्थियों को दिलाई, उनके द्वारा कहे गए शब्दों को नवप्रवेशित 230 छात्र-छात्राओं ने अपना दाहिना हाथ उठाकर दोहराया।
मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने चिकित्सा छात्रों को व्हाइट कोट समारोह की महत्ता बताते हुए कहा कि आज आपने जो शपथ लिया है उसका सदैव स्मरण करना अति आवश्यक है। चिकित्सा का क्षेत्र सेवा के साथ-साथ एक गरिमामयी प्रोफेशन है जिसमें ‘‘यह व्हाइट कोट बेदाग रहे,’’ इस बात का ध्यान रखना आवश्यक होता है। चरक संहिता एवं व्यक्तिगत जीवन से जुड़े कुछ अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक को बीमारी के मूल कारणों (रूट कॉज ऑफ डिजीज) को जानने की कला में निपुण होना चाहिए। बतौर चिकित्सक मरीज के गोल्डन ऑवर में जीवन रक्षा के लिए बेहतर निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए। राज्यपाल ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मियों के चिकित्सा सेवा, साहस और कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने मानव सेवा के लिए जो कुछ भी किया वह अतुलनीय है।
राज्यपाल के उद्बोधन पश्चात विद्यार्थियों द्वारा अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का ज़िक्र करते हुए ‘‘हम तुम्हारे साथ हैं, वी आर द डॉक्टर्स, वी आर आलवेज देयर फार यू'' की संगीतमय प्रस्तुति दी गई। एम. बी. बी. एस. चिकित्सा पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने 20 बिस्तरों वाले आईसोलेशन वार्ड का लोकार्पण और भारतीय जन औषधि केन्द्र का शुभारंभ किया
रायपुर। प्रभारी मंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकत्सालय जीपीएम में 20 बिस्तरीय आईसोलेशन सह पीडियाट्रिक वार्ड का लोकार्पण और भारतीय जन औषधि केन्द्र का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा भर्ती के 47 विभिन्न पदों पर नियुक्ति हेतु आदेश पत्र दिए। उन्होंने सभी लोगों को भारत को टी. बी. मुक्त बनाने की शपथ भी दिलाई। संविदा भर्ती के पदों में स्टॉफ नर्स एनआरसी, नर्सिंग ऑफिसर एनएचएमपी, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर (मनोरोग नर्स), साइकोलॉजिस्ट-क्लिनिकल, द्वितीय एएनएम, एएनएम (आरबीएसके), डेंटल असिस्टेंट, ब्लॉक सुपरवाइजर (वीबीडी), एसटीएस, ओटी टेक्निशियन, लैब सहायक, नर्सिंग अधिकारी, जूनियर सचिवीय सहायक (एनएचएम), सचिवीय सहायक (आईडीएसपी), जूनियर सचिवीय सहायक (एनसीडी), जिला डाटा सहायक एवं सचिवीय सहायक (एनएचएम) के पद शामिल है।
श्रीमद्भागवत कथा में हुए शामिल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्री राम मंदिर परिसर के महर्षि वाल्मीकि उत्सव मंडप में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने व्यास पीठ पर विराजमान आचार्य पवन नन्दन द्वारा कही जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आचार्य पवन नन्दन से आशीर्वाद ग्रहण किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री राम मंदिर परिसर में 02 दिसंबर से 08 दिसंबर तक किया जा रहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कथा के आयोजकों सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में अब तक 32.29 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीदी, 6.80 लाख किसानों को 6807.82 करोड़ रूपए का भुगतान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में धान 14 नवम्बर सें शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। राज्य में 14 नवम्बर से अब तक 32.29 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 6.80 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 6807 करोड़ 82 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 6 दिसम्बर को 66181 किसानों से 2.95 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 76378 टोकन जारी किए गए थे।
राज्य सरकार धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर जारी किए है, जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाईन नम्बर पर फोन कर अपनी समस्यओं का समाधान कर सकते है।
समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन की भी सुविधा
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय हेतु किसानों द्वारा टोकन आवेदन समिति माड्यूल एवं टोकन तुहर हाथ एप्प के माध्यम से किये जाने की सुविधा प्रदाय की गई है। कुल टोकन आवेदन का 40 प्रतिशत समिति माड्यूल एवं 60 प्रतिशत एप्प के माध्यम से आरक्षित किया गया है। जिन कृषकों को एप्प के माध्यम से टोकन आवेदन करने में कठिनाई हो रही हो, वे समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन करा सकते हैं। किसानों द्वारा आवेदन के दौरान आवश्यक प्रविष्टि करने के उपरांत आवेदन की तारीख से लेकर 15 जनवरी 2025 तक रिक्त स्लॉट में धान विक्रय हेतु दिवस का चयन किया जा सकता है। लघु एवं सीमांत कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों 03 टोकन की सुविधा प्रदाय की गई है।
किसान बारदाना के लिए प्रति नग 25 रूपए
भारत सरकार की नवीन बारदाना नीति अनुसार धान का उपार्जन नये एवं पुराने बारदानों में 50 अनुपात 50 में किया जाना है। प्रदेश में अनुमानित धान उपार्जन 160 लाख टन के आधार पर सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था कर ली गई है। उपार्जन केन्द्रों में पुराने बारदानें के रूप में मिलर बारदाना, पीडीएस बारदाना, समिति द्वारा उपलब्ध कराये गये बारदानों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष परिस्थिति में किसान बारदाना का भी उपयोग किया गया है, जिसका 25 रू. नग के मान से किसानों को भुगतान हेतु राशि 11 करोड़ 23 लाख रूपए अपेक्स बैंक को दी जा चुकी है।
धान खरीदी केन्द्रों में 72,194 गठान बारदाना उपलब्ध
समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए कुल 4 लाख गठान नये बारदानों की आवश्यकता है, जिसके विरूद्ध 3.51 लाख नये बारदानें प्रदेश को प्राप्त हो गए है, शेष बारदानें आगामी 15 से 20 दिवसों में प्राप्त हो जायेगें। अभी तक धान उपार्जन में पीडीएस बारदाने 32392 गठान, मिलर बारदानें 23078 गठान, किसान बारदानें 10176 गठान उपयोग किये जा चुके है। उपार्जन केन्द्रों में पीडीएस बारदाने 18985 गठान, मिलर बारदानें 54209 गठान उपयोग हेतु उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी उपार्जन केन्द्र में बारदानों की कमी नहीं है।
मंत्रालय के 27 अफसरों का तबादला, देखें लिस्ट…
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मंत्रालय के 27 उप सचिव से लेकर अनुभाग अधिकारियों का तबादला किया है. 6 साल से अधिक समय से अधीक्षण शाखा में एसओ, अवर सचिव रहे एनएस मरावी अब लोक निर्माण विभाग में उप सचिव होंगे. इसका आदशे आज सामान्य प्रशासन विभाग छग शासन ने जारी किया है.
देखें लिस्ट –



कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करने वाले व्यवसायियों के प्रतिष्ठानों पर स्टेट जीएसटी की दबिश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य कर निरीक्षकों को शासकीय कार्य के दौरान व्यवसायियों द्वारा धमकाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए इस पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए है।
उल्लेखनीय है कि राज्य कर जीएसटी विभाग द्वारा बोगस फर्मों, संदिग्ध फर्मों की पहचान के लिए रिस्क पैरामीटर के आधार पर ऐसे फर्मों की पहचान कर भौतिक सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। विभाग के निर्देश पर निरीक्षकों द्वारा रायपुर स्थित मेसर्स योगेश कमर्शियल, महेश कालोनी, गुढियारी के मुनीश कुमार शाह एव मेसर्स श्री जगन्नाथ कन्स्ट्रक्शन, दलदल सिवनी के राहुल शर्मा के विरूद्ध अनियमितता की शिकायत प्राप्त होने पर व्यवसाय के भौतिक सत्यापन हेतु राज्य कर निरीक्षक रितु सोनकर और होमेश वर्मा को निर्देशित किया गया था। आदेश के परिपालन में कर निरीक्षक भौतिक सत्यापन करने गये थे, लेकिन उक्त दोनों व्यवसायियों के द्वारा निरीक्षकों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए धमकी दिया गया जिससे व्यवसाय के भौतिक सत्यापन के शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय के द्वारा व्यवसायियों के इस कृत्य को गंभीरता से लिया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशन में विभाग ने व्यवसायियों के संव्यवहारों की पड़ताल की तथा कर अपवंचन और जीएसटी अधिनियम के प्रावधानो का पालन नहीं करने पर आज विभाग ने दोनों फर्मों के प्रतिष्ठानों पर जांच जब्ती की कार्यवाही की। विभाग द्वारा शासकीय कार्यों में बाधा पहुंचाने एवं अधिकारियों को धमकाने के लिए उक्त व्यक्तियों के विरूद्ध पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की गई।
खुड़िया मल्टी-विलेज योजना से 206 गांवों को मिलेगा पेयजल, 290 करोड़ रुपए से अधिक की योजना से 60 हजार परिवार होंगे लाभान्वित
रायपुर। जल जीवन मिशन के तहत खुड़िया मल्टी-विलेज योजना से जिले के तीनों विकासखंडों के 206 गांवों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। मुंगेली जिले के करीब 60 हजार परिवारों को योजना का फायदा मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव 7 दिसम्बर को मुंगेली जिले के खुड़िया में 290 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भूमिपूजन करेंगे। खुड़िया जलाशय के सामने ही 23 एमएलडी (Million Liter per Day) क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। योजना का काम एक वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
खुड़िया मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना में खुड़िया जलाशय के पानी को शुद्ध कर गांव-गांव में बनी पानी टंकियों के माध्यम से घरों तक पहुंचाया जाएगा। जल गुणवत्ता से प्रभावित और ग्रीष्म ऋतु में जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने से संकटग्रस्त गांवों को इससे पूरे साल भर स्वच्छ पेयजल मिलेगा। मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के 84 गांवों के 27 हजार 627 परिवार, मुंगेली विकासखंड के 86 गांवों के 19 हजार 737 परिवार और पथरिया विकासखंड के 36 गांवों के 12 हजार 248 परिवार योजना से लाभान्वित होंगे।
शासन द्वारा योजना के लिए 290 करोड़ 12 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत मुंगेली जिले के 206 गांवों में पेयजल की आपूर्ति के लिए 430 किलोलीटर क्षमता के एमबीआर (Master Balance Reservoir) के साथ ही अलग-अलग क्षमता के छह जेडबीआर (Zonal Balance Reservoir) भी बनाए जाएंगे। 45 बीएचपी क्षमता की रॉ वाटर पंपिग मशीनरी और 95 बीएचबी क्षमता की क्लीयर वाटर मशीनरी स्थापित की जाएगी।
गरीब परिवार के आवास का सपना चूर-चूर : प्रशासन ने अधूरे मकान पर चलाया बुलडोजर, पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय की गुहार
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में प्रशासन ने बिना कोई नोटिस दिए गरीब परिवार के निर्माणधाीन प्रधानमंत्री आवास पर बुलडोजर चला दिया. अब बच्चों के साथ सपन का परिवार सड़क पर आ गया है. रो-रो कर बच्चियाें ने कहा कि जब तोड़ना ही था तो प्रधानमंत्री आवास क्यों दिया गया. अब स्कूल नहीं जाएंगे. पापा यही छोटी सी दुकान से हमें पढ़ाते थे, पापा लोन पटाएगा या हमें पढ़ाएगा. बता दें कि कुछ समय पहले ही सपन हाल्दार का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था. आवास के लिए पैसे कम न पड़े, इसके लिए एक लाख का लोन भी लिया था, उन्होंने सोचा था कि शासन के पैसे के साथ इस पैसे से अच्छा मकान बना लूंगा, पर गरीब परिवार का अपना पूरा होता उससे पहले प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया.

जानिए पूरा मामला
कोंडागांव जिले के सिंगारपुरी पंचायत के सपन हाल्दार अपने परिवार के साथ सड़क पर पकौड़े बनाकर 7 सदस्यों का परिवार चला रहा है. 30 वर्षों से कच्चा मकान था, जिसमे एक पक्का मकान बनाने का सपना देख रहा था. कुछ समय पहले ही यह सपना पूरा हुआ और प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुई. आवास के लिए पैसे कम न पड़े, इसके लिए एक लाख का लोन भी ले लिया, उन्होंने सोचा कि शासन के पैसे के साथ इस पैसे से अच्छा मकान बना लूंगा, मगर गरीब परिवार का सपना पूरा होता उससे पहले निर्माणाधीन मकान को अवैध बताकर तहसीलदार ने बिना कोई नोटिस के बुलडोजर चला दिया.
एक तरफ सरकार ने गरीब परिवार का सपना पूरा करने सपन का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किया. पंचायत ने जमीन का जियो टैग किया. फिर सब कुछ सही मिला तो सपन के खाते में एक बार 40 हजार रुपए और एक बार 60 हजार रुपए डाला गया. इसके बाद मकान का निर्माण शुरू किया गया था. मकान का निर्माण आधा हुआ तो है फिर अचान प्रशासन ने उस पर बुलडोजर चला दिया. यही नहीं, पशुओं के लिए बनाए शेड को भी गिरा दिया. अब पशु खुले में घूम रहे. बच्चों संग परिवार सड़क पर आ गया है. बिना सूचना के अतिक्रमण पर हुई इस कार्रवाई से ग्रामीणों में नाराजगी है.
ग्रामीणों और अफसरों के बीच हुई नोकझोक
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अतिक्रमण स्थल पर एकत्रित हुए. अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी नोक झोक देखने को मिली. ग्रामीण का आरोप है कि उक्त भूमि पर विगत 30 वर्षों से कब्जा है. अभी 4 वर्ष पूर्व ही बोरगांव में कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित की गई है, जबकि इसका फरसगांव तहसील में प्रकरण चल रहा है. आज सुबह जब घर पर घर के बड़े बुजुर्ग नहीं थे तब तहसीलदार एवं राजस्व की टीम ने जेसीबी से निर्माणाधीन मकान को तोड़ दिया.

अतिक्रमण की शिकायत पर हटाया गया अतिक्रमण
इस मामले में फरसगांव एसडीएम अश्वन कुमार पोसम ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के लिए आवंटित 25 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी. इस पर नियम अनुसार अतिक्रमण को हटाया गया है. जब प्रधानमंत्री आवास की बात आई तो उन्होंने कहा, इसके बारे मे कुछ जानकारी नहीं है. पता कर लिया होता तो गरीब का मकान बच जाता.
जनपद सीईओ ने बताई पूरी प्रक्रिया
जनपद पंचायत सीईओ रामेश्वरमहापात्र ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के लिए जब सब कुछ पुख्ता होता है तो केंद्र सरकार से लिस्ट आती है. इसके आधार पर मकान स्वीकृत होते हैं. भूमि का इसीलिए जियो टैग किया जाता है, ताकि गलत स्थान पर आवास न बने, फिर हितग्राही के खाते में पैसे आते हैं. स्थान परिवर्तन का भी लंबा प्रावधान होता है. विषम परिस्थितियों मे भारत सरकार को जानकारी देकर संसोधन किया जाता है.
विष्णु के सुशासन और मोदी की गारंटी में प्रदेश में हो रहा है लगातार विकास कार्य : मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल
रायपुर। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जीपीएम जिले को 43 करोड़ 10 लाख 14 हजार रुपए की लागत के 37 विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण कार्यों की सौगात दी । इनमें भूमि पूजन के 32 करोड़ 38 लाख 10 हजार रुपए की लागत के 30 कार्य और 10 करोड़ 72 लाख 04 हजार रुपए की लागत के 7 लोकार्पण कार्य शामिल है। मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत तेंदूमूड़ा में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला प्रांगण में प्रभारी मंत्री एवं अतिथियों ने पूजा अर्चना के साथ विधिवत् भूमि पूजन किया।
इस मौके पर मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रहा है कि आने वाले 13 दिसम्बर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन का एक साल पूरा हो रहा है। इस अल्प अवधि के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने केबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासहीन परिवारों को आवास दिया। उन्होंने किसानों को दो साल का बकाया बोनस, 3100 रूपए क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी, महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महिने एक-एक हजार रूपए देने, तेंदुपत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रूपए करने, पीएससी घोटाले की निष्पक्ष जांच एवं पारदर्शी भर्ती, रोजगार के क्षेत्र में विशेष पहल, आयुष्मान कार्ड से 5 लाख रूपए तक मुफ्त इलाज सहित सरकार की पिछले एक साल की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जीरो टारलेंस की सरकार चला रहे हैं।
जिले के प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना मेरा पहला दायित्व है। उन्होंने मरवाही में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए 3 करोड़ रूपए और जिला चिकित्सालय के लिए 35 करोड़ रूपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिलेवासियों के बेहतर उपचार के लिए पिछले एक साल के भीतर जिले में 12 विशेषज्ञ डॉक्टर की पदस्थापना की गई है।
रास्ते में खड़ी कार ने रोका सीएम साय का काफिला, 10 मिनट तक मुख्यमंत्री करते रहे इंतजार
कवर्धा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली. मुख्यमंत्री का काफिला 10 मिनट तक केवल इसलिए रुका रहा, क्योंकि रास्ते में कार को खड़ी कर ड्राइवर गायब हो गया था. पुलिस के रास्ता क्लियर नहीं कर पाने पर दूसरे रूट से मुख्यमंत्री कवर्धा पहुंचे.
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विश्व हिन्दू परिषद चंद्रशेखर वर्मा की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर स्थित कुसुमघटा गांव पहुंचे थे. शादी समारोह से वापस जाते समय रास्ते पर कार खड़ी थी, जिसकी वजह से सीएम के काफिले को रोकना पड़ा.
कार के ड्राइवर को तलाश करने में समय लगता देख सीएम की सुरक्षा में तैनात जवान गाड़ी के इर्द-गिर्द जमा हो गए. पुलिस के रूट चेंज नहीं कर पाने की वजह दूसरे रास्ते से मुख्यमंत्री साय कवर्धा पहुंचे. काफिले में सीएम साय के साथ डिप्टी सीएम विजय शर्मा भी मौजूद थे.
पंडो जनजाति के उत्थान हेतु मुख्यमंत्री का विशेष प्रयास, मूलभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने विशेष शिविरों का हो रहा आयोजन
सूरजपुर जिले में पंडो जनजाति को मूलभूत सुविधाओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन संपूर्णता अभियान के तहत प्रत्येक बुधवार को किया जा रहा है, जो कि उनकी विकास यात्रा में एक निर्णायक पहल साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदैव समाज के सबसे पिछड़े और हाशिए पर खड़े समुदायों के विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। उनकी यह मान्यता है कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सुविधा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी भौगोलिक स्थिति में क्यों न हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस सोच को मूर्त रूप प्रदान करते हुए पंडो जनजाति जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है, ताकि इन समुदायों का समुचित विकास हो सके और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके। इसी क्रम में पंडो जनजाति के विकास की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए सूरजपुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत भवनों में विशेष शिविरों का आयोजन इस उद्देश्य से किया जा रहा है कि पंडो जनजाति के लोगों को शासन की योजनाओं का संपूर्ण लाभ पहुंचाया जा सके।
पण्डो जाति के लिए विशेष शिविरों का आयोजन इनके विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। विशेष शिविरों के द्वारा इस जनजाति के प्रत्येक परिवार को शासकीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इन शिविरों का आयोजन 18 दिसंबर 2024 तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत भवनों में किया जाएगा। इसके तहत हर परिवार का सर्वेक्षण कर पंडो परिवार की जानकारी एकत्रित कर उनकी आवश्यकता और उपलब्ध सुविधाओं का आकलन करने के बाद संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इन पंडो परिवारों को मूलभूत सुविधाओं और योजनाओं से शत-प्रतिशत संतृप्त करने के लिए शिविरों का रोस्टर और कार्ययोजना बनाई गई है। रोस्टर के अनुसार प्रत्येक गांव में शिविर का आयोजन किया जा रहा हैै। इसमें तिथियों का निर्धारण कर जनजाति के लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। शिविरों के सफल क्रियान्वयन के लिए, कलेक्टर एस जयवर्धन ने विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सभी विभाग के अधिकारियों द्वारा अद्यतन जानकारी परियोजना प्रशासक व एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सूरजपुर को उपलब्ध कराई जाती है। इस वर्ग के विकास के लिए जिला प्रशासन, जनपद पंचायत, और आदिवासी विकास परियोजना के अधिकारी समन्वय में कार्य कर रहे हैं। हर विभाग के अधिकारी को अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विकास की यह प्रक्रिया निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।
इस पहल से इस आदिवासी वर्ग के जीवन स्तर में निरंतर सुधार आ रहा है। शिविरों के आयोजन से पंडो जनजाति को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता की योजनाओं का लाभ विशेष शिविरों के माध्यम से उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इन शिविरों में जिन योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, उनमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत पंडो जनजाति के परिवारों को पक्के मकान, स्वास्थ्य बीमा, मुफ्त गैस कनेक्शन, शौचालय निर्माण और सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
शासन एवं प्रशासन के इस प्रयास की सराहना पंडो जनजाति और स्थानीय समुदाय के लोगों द्वारा निरंतर की जा रही है। पहले जहां इन जनजातियों को मूलभूत सुविधाओं की कमी और योजनाओं से वंचित रहने की शिकायत थी, वहीं अब इन शिविरों के माध्यम से उन्हें उनका हक मिल रहा है। कई पंडो परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए हैं कि कैसे इन योजनाओं के कारण उनके जीवन में बदलाव आया है।
इस योजना के संबंध में स्थानीय पंडो निवासी रामेश्वर पंडो ने बताया कि पहले हमें शासन की योजनाओं के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाती थी, और न ही हमें पूरी तरह से उनका लाभ मिल पाता था। लेकिन अब विशेष शिविरों के माध्यम से हमें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। हमारे परिवार को आवास योजना का लाभ मिला है, और हमें स्वास्थ्य बीमा भी मिला है। इससे हमारे जीवन में काफी सुधार हुआ है।
उल्लेखनीय है कि इस संपूर्णता अभियान अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों सूरजपुर, रामानुजनगर, प्रेमनगर, भैयाथान, ओडगी और प्रतापपुर के ग्रामों में निवासरत विषेष पिछड़ी जनजाति पंडो को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने एवं संतृप्तिकरण प्राप्त करने की दिशा में निरंतर शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परिवार के मुखिया आधारित योजनाओं को देखा जाए तो विभिन्न ग्राम पंचायतों में 124 शिविर का अयोंजन कर 82 घरों में विद्युतीकरण, 184 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना, 72 शौचालय, 118 का मनरेगा जॉब कार्ड, 209 को उज्जवला गैस कनेक्षन, 389 को किसान क्रेडिट कार्ड, 250 को पीएम किसान सम्मान निधि एवं 73 घरों में हर घर नल से जल की सुविधा प्रदान की गई।
इसके अलावा हितग्राहीमूलक योजनाओं को देखा जाए तो 191 हितग्राहियों का जाति प्रमाण पत्र, 322 का आधार कार्ड, 393 का राशन कार्ड, 99 को वोटर कार्ड, 116 को पेंशन, 243 स्व सहायता समूह गठन, 16 हितग्राहियों को वनधन केंद्र आजीविका, 44 का कौशल विकास, 583 हितग्राहियों का श्रम विभाग में पंजीकरण, 347 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, 113 को प्रधानमंत्री पोषण योजना, 278 को सुकन्या समुद्धि योजना से लाभन्वित किया गया। 291 हितग्राहियेां का आंगनबाड़ी में पंजीयन, 496 का आयुष्मान कार्ड निर्माण, 107 को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का लाभ, 1558 का सिकल सेल एनीमिया जांच, 140 हितग्राहियों का टीकाकरण, 94़9 हितग्राहियों का टीवी उन्मूलन जांच, 1166 लेागों का कुष्ठ रोग जांच, 33 को प्रधानमंत्री जनधन योजना से, 91 को जीवन ज्योति बीमा योजना एवं 158 हितग्राहियों को सुरक्षा बीमा योजना से लाभान्वित किया गया है।


छत्तीसगढ़ SI भर्ती में हाइट और उम्र सीमा में छूट देने की मांग, युवाओं ने गृहमंत्री को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एसआई भर्ती में युवाओं ने उंचाई और उम्र की सीमा में छूट की मांग की है. दरअसल, आदिवासी अभ्यार्थियों की हाइट औमतौर पर कम ही होती है, जिसके कारण भर्ती से वंचित हो जाते हैं, इसीलिए वर्तमान जारी भर्ती में पांच सेंटीमीटर छूट की मांग की गई है. इसे लेकर युवाओं ने गृहमंत्री विजय शर्मा को ज्ञापन सौंपा है. वहीं मांग नहीं मानने पर युवाओं ने उग्र प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ में 2018 और 2021 की भर्ती में छूट दी गई थी. हांलाकि इस बार जारी एसआई भर्ती में छूट नहीं दी गई हैं. वर्तमान जारी एसआई भर्ती में सभी वर्ग के लिए 168 सेंटीमीटर हाइट निर्धारित की गई है. जहां पड़ोसी राज्य झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, राजस्थान और मध्य प्रदेश, इन सभी राज्यों में छूट दी गई है. वहीं आदिवासियों के लिए अन्य राज्य में पुरुषों के लिए 160 सेंटीमीटर और महिलाओं के लिए 148 सेंटीमीटर छूट निर्धारित है.
आयु सीमा में छूट की मांग
साल 2018 में 975 पदों की भर्ती निकाली गयी थी, जो तीन सरकार देखने के बाद कोर्ट के आदेशानुसार भर्ती की गई है. इस दौरान बहुत से अभ्यर्थी आयु सीमा से बाहर हो गए हैं. इस बीच उनको दोबारा मौका नहीं मिला है, इसलिए आयु सीमा में छूट की माँग किया जा रहा है.
सामान्य वर्ग के लिए 33 साल निर्धारित
सब इंस्पेक्टर भर्ती में इस साल 33 साल सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा निर्धारित की गई है। जिसे कम से कम 36 साल बढ़ाने की मांग की जा रही हैं, डेढ़ वर्ष की अतिरिक्त छूट की मांग कर रहे हैं। मध्यप्रदेश और बिहार में छूट दी गई है। मध्य प्रदेश में 36 वर्ष किया गया और बिहार में 37 वर्ष किया गया है, अभ्यार्थियों के हित को देखते हुए सरकार जल्द ही छूट का लाभ विद्यार्थियों को देिया जाए।
आंदोलन की भी दी चेतावनी
आज इसे लेकर ज्ञापन सौंपने वाले युवाओं ने कहा कि दूसरे राज्य के भाती छूट नहीं दी जाती है, तो छत्तीसगढ़ के आदिवासी और सामान्य युवा आंदोलन में चले जाएंगे। जिसकी जिम्मेदारी गृह विभाग की होगी।
एएस माइनिंग एंड मिनरल्स के ठिकाने पर सेंट्रल GST की दबिश, दो महीने पहले ही खुला है ऑफिस
रायपुर। राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित एएस माइनिंग एंड मिनरल्स एलएलपी के ठिकाने पर सेंट्रल जीएसटी की टीम ने शुक्रवार को दबिश दी है. सेंट्रल जीएसटी की टीम लेन-देन के तमाम दस्तावेजों की छानबीन कर रही है.
जानकारी मुताबिक, सेंट्रल जीएसटी की टीम चार गाड़ियों में रायपुर के शंकर नगर स्थित एएस माइनिंग एंड मिनरल्स एलएलपी के कार्यालय पहुंची है. टैक्स चोरी के शक में सेंट्रल जीएसटी की टीम ने दबिश दी है. महज दो महीने पहले खुले कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों की टीम के सदस्य पड़ताल में जुटे हैं.
मुख्यमंत्री की पहल पर 700 बिस्तरीय एकीकृत नवीन अस्पताल भवन निर्माण के लिए 231 करोड़ रूपए का ई टेंडर सीजीएमएससी ने किया जारी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के रूप में तरक्की और सुशासन का ये सफर लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में रायपुर के मेकाहारा में बढ़ते मरीजों का दबाव कम करने के लिए परिसर में 700 बिस्तरीय एकीकृत नवीन अस्पताल भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है । उल्लेखनीय है कि इस वर्ष के बजट में मेकाहारा परिसर में 700 नवीन एकीकृत अस्पताल का प्रावधान किया था जिसके निर्माण की प्रक्रिया अब शुरू कर दी गयी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में इलाज के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सके इसके लिए लगातार पूंजीगत व्यय के निर्णय लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और नई सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दे रहे है।
मेकाहारा परिसर में 700 बिस्तरीय नवीन एकीकृत अस्पताल भवन के लिए 231 करोड़ रूपए के ई- टेंडर जारी होने पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का इजाफा करना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होने कहा है कि इस एकीकृत अस्पताल के निर्माण से मेकाहारा अस्पताल के अतिरिक्त भी लोगों के पास सर्वसुविधा वाला अस्पताल रहेगा। इसमें रायपुर सहित सम्पूर्ण प्रदेश के लोगों को इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और लोगों को ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा।
ई टेंडर के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी सीजीएमएससी की वेबसाइट www.cgmsc.gov.in पर 10 दिसंबर से उपलब्ध रहेगी। इसके लिए प्री-बिड मीटिंग 19 दिसंबर को सीजीएमएससी मुख्यालय में सुबह 11 बजे होगी। आनलाइन निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 2 जनवरी 2025 तक होगी और 6 जनवरी 2025 को यह टेंडर खुलेगा।
