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पुलिस कर्मियों के लिए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का बनेगा मजबूत आधार - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 8 प्रमुख बैंकों के साथ पुलिस सैलरी पैकेज के तहत समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को पुलिस कर्मियों के लिए सुरक्षा और सहयोग का एक मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता पुलिस विभाग के कर्मचारियों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल पुलिस कर्मियों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि उनके परिवारों की आवश्यकताओं को भी पूरा करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन और पारदर्शिता की नीति को और मजबूत करेगी और पुलिस कर्मियों के कार्यक्षमता और मनोबल में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल को पुलिस विभाग के कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार किसी भी बैंक में सैलरी खाता खोल सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार की बाध्यता या अतिरिक्त शुल्क नहीं होगा। सभी बैंकों से प्राप्त प्रस्ताव पुलिस इकाइयों को भेजे जाएंगे ताकि पुलिस कर्मी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सबसे उपयुक्त बैंक का चयन कर सकें। यह समझौता पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कई लाभ प्रदान करेगा। इसमें सामान्य मृत्यु के मामलों में ₹1 लाख से ₹10 लाख तक की जीवन बीमा राशि, दुर्घटना में मृत्यु के मामलों में ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक की सहायता, स्थायी विकलांगता के मामलों में ₹30 लाख से ₹1 करोड़ तक और आंशिक विकलांगता के लिए ₹22.5 लाख से ₹1 करोड़ तक की बीमा राशि का प्रावधान शामिल है। बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख से ₹20 लाख तक और कन्या विवाह के लिए ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी। नक्सल हिंसा में शहीद होने वाले पुलिस कर्मियों के परिवारों के लिए ₹10 लाख से ₹50 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
आत्मरक्षा प्रशिक्षण की राशि का बंदरबाट! : कलेक्टर, कमिश्नर से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, युवक ने अब प्रभारी मंत्री से की शिकायत…
मुंगेली। विष्णु के सुशासन में कर्राटे प्रशिक्षित एक शिकायतकर्ता पिछले कई महीने से ऐसा कोई मंगलवार नही होगा, जब वह कलेक्ट्रेट नहीं पहुंचता होगा. मामला रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण की राशि मे बन्दरबांट से जुड़ा है. ये मामला इसलिए भी गम्भीर हो जाता है, क्योंकि शिक्षा विभाग से जुड़ा मसला है और यह विभाग अभी मुख्यमंत्री के पास है. मामला डिप्टी सीएम अरुण साव और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के गृह जिले का है. इसके बावजूद मुंगेली जिले में शिक्षा विभाग के अफसर जांच-जांच का खेल खेल रहे हैं. मामले की शिकायत कलेक्टर और कमीश्नर से की गई है. इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है. शिकायतकर्ता युवक ने अब मामले की शिकायत प्रभारी मंत्री से की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. इस पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
शिकायतकर्ता चैतराम साहू का आरोप और शिकायत है कि इसमें स्कूली बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाले गंभीर किस्म के प्रशिक्षण को शिक्षा विभाग के अफसरों और कर्मचारियों ने कमाई का जरिया बना लिया. यही वजह है कि विभाग के लापरवाह जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते इसको लेकर न मॉनिटरिंग की गई और न ही मॉनिटरिंग दल का गठन किया गया. प्रशिक्षकों के चयन को लेकर भी गाइडलाइन को दरकिनार कर जमकर मनमानी की गई. हैरत की बात तो ये है कि ज्यादातर स्कूलों में शिक्षकों ने खुद को प्रशिक्षक बताकर न सिर्फ प्रशिक्षण दिया बल्कि राशि भी ले लिया. यही नहीं, प्रशिक्षकों को नियमानुसार PFMS पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण की राशि का भुगतान किया जाना था, इसमें भी नगद भुगतान कर जमकर खेला किया गया।
प्रभारी मंत्री ने क्या कहा…
कलेक्टर राहुल देव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए थे, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर इस मामले की जांच एक APC स्तर के अधिकारी ने की, लेकिन जांच प्रकिया पूर्ण हो जाने के बावजूद इस मामले में शिक्षा विभाग के उच्च अफसरों ने कार्रवाई करने में कोई रुचि नहीं दिखाई. इसके विपरीत अभी भी जांच-जांच के खेल में मामला उलझा है और ठंडे बस्ते में पड़ा है, जबकि कलेक्टर ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे. शिकायतकर्ता का कहना है कि लगता है कलेक्टर को शिक्षा विभाग के अफसरों ने गुमराह कर दिया है, क्योंकि यदि जांच सही हुई और कार्रवाई भी हुई तो शिक्षा विभाग के ही अफसर जद में आ जाएंगे. शिकायत कर्ता चैतराम साहू का कहना कि अब उन्होंने जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन को ज्ञापन देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है. इस पर मंत्री ने जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
जानिए पूरा मामला
शिकायतकर्ता चैतराम साहू ने पूर्व में कलेक्टर से शिकायत करते हुए कहा था कि पथरिया विकासखंड के जिन स्कूलों में बालिकाओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाना था, उन स्कूलों में प्रशिक्षण के नाम पर शासकीय राशि का जमकर बंदरबांट किया गया है. वहीं शिकायत में यह भी कहा गया था कि प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति करते हुए स्कूल शिक्षकों ने ही प्रशिक्षण दे दिया है, जबकि इसके लिए जुडो, कर्राटे, ताइक्वांडो, किक बॉक्सिंग, मार्शल आर्ट जैसे अन्य विधाओं में पारंगत खिलाड़ी या प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाना था. शिकायतकर्ता का कहना है कि सूचना के अधिकार से मिली जानकारी के मुताबिक, पथरिया विकासखंड के कई स्कूलों में बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिए जाने के नाम पर भुगतान किया गया है. कायदे से जारी गाइडलाइन के मुताबिक प्रति स्कूल 15 हजार रुपए की राशि प्रशिक्षकों को PFMS पोर्टल के माध्यम से प्रधानपाठक या प्राचार्य द्वारा दिया जाना था, लेकिन नियम विपरीत स्कूल के प्राचार्य और प्रधानपाठकों ने सीधे प्रशिक्षक को नगद भुगतान कर दिया है.
मनमानी और राशि बंदरबांट के लिए जिम्मेदार कौन ?
शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मनमानी और उदासीन रवैय्ये के चलते इसे लेकर मॉनिटरिंग भी नहीं करने की बात सामने आई है. यही वजह है कि कई स्कूलों में आज तक प्रशिक्षण भी नहीं हुआ है और जहां हुआ भी है उनमें से कई स्कूलों में गाइडलाइन से परे प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण देकर नियम विरुद्ध तरीके से राशि आहरण कर लिया गया है. कई स्कूलों में तो प्रशिक्षण हुआ भी है तो प्रशिक्षकों को स्वीकृत राशि से कम भुगतान किया गया है.
दोषियों को बचाने किसका सरंक्षण ?
शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि नियम विरुद्ध स्कूल शिक्षकों ने शाला अवकाश के बाद प्रशिक्षण लेने की बात कहते हुए स्कूलों में प्रशिक्षण दिया है और फिर नियम विरुद्ध तरीके से प्रधानपाठक एवं प्राचार्यों ने भुगतान किया है. यह मनमर्जी जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता और मॉनिटरिंग नहीं करने की वजह से निर्मित हुई है तो फिर आत्मरक्षा प्रशिक्षण का जिम्मा और बालिका शिक्षा का शाखा संभालने वाले शिक्षा विभाग के अफसरों पर कार्रवाई आखिर किसके संरक्षण की वजह से नहीं हो रहा है ?
जिम्मेदार अफसर की उदासीनता या साठगांठ ?
प्रशिक्षकों के चयन को लेकर आत्मरक्षा प्रशिक्षण का जिम्मा संभाल रहे शिक्षा विभाग के अफसर को जिला स्तर पर चयन टीम बनाना था, जिस पर कलेक्टर के अनुमोदन के पश्चात ही प्रशिक्षकों का चयन होता. फिर उन्हें स्कूलों का प्रशिक्षण के लिए आबंटित किया जाता, लेकिन नियम कायदों को दरकिनार कर बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने जैसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण का कार्य शिक्षा विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते मजाक बन गया, क्योंकि जिम्मेदारों ने प्रशिक्षण को लेकर न मॉनिटरिंग की और न ही मॉनिटरिंग दल का गठन किया गया. ऐसे में शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि क्या इसमें शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अफसर का भी साठगांठ है ? इधर अब कार्रवाई नहीं होते देख शिकायतकर्ता ने आंदोलन करने की बात कही है.
छत्तीसगढ़ में हुआ राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण- 81 हजार से अधिक छात्रों की दक्षताओं का हुआ समग्र मूल्यांकन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर केन्द्र शासन द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश भर में एक साथ राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण 2024 का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण 2024 में कक्षा तीसरी, छठवीं और नवमी की 3409 स्कूल से 81 हजार 179 विद्यार्थियों की दक्षताओं का समग्र मूल्यांकन किया गया।
इस परख सर्वेक्षण का उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ-साथ शिक्षकों, स्कूलों और पूरी शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता का आकलन करना है। यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप छात्रों की बुनियादी और मध्य स्तर की क्षमताओं का आकलन करता है। प्राप्त परिणामों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों की शैक्षणिक गुणवत्ता की रैंकिंग की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में किए गए सर्वेक्षण में कक्षा तीसरी के 1199 स्कूलों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें कुल 24 हजार 379 विद्यार्थी शामिल हुए। इसी प्रकार कक्षा छठवीं के 1065 स्कूल से 25 हजार 665 विद्यार्थी और कक्षा नवमी के 1145 स्कूल से 31 हजार 135 विद्यार्थी शामिल हुए। इस प्रकार कुल 3409 स्कूलों से कुल 81 हजार 179 विद्यार्थी परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में शामिल हुए।
गौरतलब है कि इस बार परख (PARAKH- प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा एवं समग्र विकास के लिए ज्ञान का विश्लेषण) नाम दिया गया। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य बच्चों के समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन का मूल्यांकन करना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों के मूल्यांकन से संबंधित मापदंड स्थापित करना है। इस बार सर्वेक्षण कक्षा तीसरी, छठवीं और नवमी के छात्रों पर केंद्रित रहा, जो उनके पिछले कक्षाओं में अर्जित दक्षताओं पर आधारित था। परीक्षा में प्रश्न ओएमआर शीट के माध्यम से बहुविकल्पीय प्रारूप में रखा गया था।
महिला समेत सात नक्सलियों के समर्पण पर सीएम का ट्वीट, लिखा- सुशासन बना नक्सली हिंसा का जवाब
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा में गुरुवार को एक महिला समेत 7 नक्सलियों ने समर्पण किया है. छत्तीसगढ़ सरकार ने क्सलवाद के खिलाफ इस सफलता को लेकर अपने सोशल मीडिया में ट्वीट किया है. ट्वीट में लिखा है कि सुशासन नक्सलियों के हिंसा का जवाब बना है. शासन की योजनाओं से प्रभावित होकर सुकमा में एक महिला समेत 7 नक्सलियों ने सुरक्षा बल के जवानों के सामने भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ आत्मसमर्पण किया है. उन्हें पुनर्वास नीति के तहत सुविधाएं दी जाएंगी.
बता दें, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और लगातार हो रहे एनकाउंटर के चलते नक्सल संगठन कमजोर पड़ रहे हैं. हाल के महीनों में कई नक्सली नेता और मिलिशिया के सदस्य मारे गए हैं। इसी दबाव के कारण अब बड़ी संख्या में नक्सली हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर रहे हैं.
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने माओवादी संगठन पर भेदभाव और अत्याचार करने का आरोप लगाया है. उन्होंने समाज की मुख्यधारा में लौटने और एक बेहतर जीवन जीने की इच्छा जाहिर की है।
देखें ट्वीट:

सरेंडर करने वाले नक्सली
– माड़वी राजू: मेहता आरपीसी के मिलिशिया सदस्य
– माड़वी देवा
– सुन्नम वेंकटेश
– कवासी हड़मा
– सोड़ी गंगा
– सोड़ी सुखमती: मंडीमरका आरपीसी की मेडिकल सदस्य
– ओयम एंका: जोन्नुगड़ा आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य
DMF घोटाला : ठेकेदार मनोज द्विवेदी को ED ने किया गिरफ्तार, निलंबित IAS रानू साहू से जुड़ा है मामला…
रायपुर। छत्तीसगढ़ के डीएमएफ घोटाले मामलें में शुक्रवार को ई़डी ने बड़ी कार्रवाई की है. निलंबित आईएएस रानू साहू और माया वारियर के करीबी DMF वेंडर मनोज कुमार द्विवेदी को ED ने गिरफ्तार कर लिया है.
मिली जानकारी के अनुसार, DMF वेंडर मनोज कुमार द्विवेदी ने काम दिलाने के नाम पर दूसरे ठेकेदारों से करीब 11 से 12 करोड़ रुपए की वसूली की. जिसके बाद इन पैसों को माया वारियर के जरिए रानू साहू तक पहुंचाने का आरोप है. जांच में ये भी सामने आया है कि मनोज कुमार द्विवेदी खुद उदगम सेवा समिति के नाम से NGO का संचालन करता है. DMF का काम दिलाने के नाम पर वसूली गई रकम में से मनोज कुमार द्विवेदी पर करोड़ों रुपए कमाने का भी आरोप है.
जानिए क्या है DMF घोटाला
जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने धारा 120 बी 420 के तहत केस दर्ज किया है। इस केस में यह तथ्य निकाल कर सामने आया है कि डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड कोरबा के फंड से अलग-अलग टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमित की गई है। टेंडर भरने वालों को अवैध लाभ पहुंचाया गया है.
पद का गलत इस्तेमाल
जांच रिपोर्ट में यह पाया गया है कि टेंडर की राशि का 40% सरकारी अफसर को कमीशन के रूप में इसके लिए दिया गया है। प्राइवेट कंपनियों के टेंडर पर 15 से 20% अलग-अलग कमीशन सरकारी अधिकारियों ने ली है। ED ने अपनी जांच रिपोर्ट में पाया था कि IAS अफसर रानू साहू और कुछ अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने पद का गलत इस्तेमाल किया था.
पहले ही हो चुकी है माया वारियर की गिरफ़्तारी
रानू साहू जून 2021 से जून 2022 तक कोरबा में कलेक्टर थीं। इसके बाद फरवरी 2023 तक वह रायगढ़ की भी कलेक्टर रहीं। इस दौरान माया वारियर भी कोरबा में पदस्थ थीं। DMF की बड़ी राशि आदिवासी विकास विभाग को प्रदान की गई थी, जिसमें घोटाले का आरोप है। इसका प्रमाण मिलने के बाद ED ने माया वारियर की गिरफ्तार किया था.
बस्तर ओलंपिक्स के समापन पर शामिल होंगे गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया न्यौता…
रायपुर। बस्तर ओलंपिक्स के समापन समारोह में शामिल होने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 दिसंबर को छत्तीसगढ़ आएंगे. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि केंद्रीय मंत्री को आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है.
दिल्ली और महाराष्ट्र दौरे से लौटे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में नक्सली हमले में जवान के शहीद होने और भाजपा सरपंच को मारे जाने पर कहा कि मजबूती के साथ लड़ाई लड़ी जा रही है, जिसकी वजह से नक्सलियों में बौखलाहट है.
वहीं सरकार के गठन को 13 दिसंबर को एक साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार के गठन को एक साल पूरे होंगे. जो काम जनता के लिए किए हैं, उसकी रिपोर्ट जनता को सौंपेंगे.
23 साल बाद परिवार को मिले लूटे गए आभूषण, हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में 23 साल के लंबे इंतजार और हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद, आखिरकार देवभोग पुलिस ने 2001 की बड़ी डकैती में लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों को उनके असली मालिक, उरमाल निवासी ओमप्रकाश गोयल के परिवार को सौंप दिया. देवभोग पुलिस ने परिवार और उनके अधिवक्ता ऋषभ अवस्थी की मौजूदगी में जप्त सामग्री को खोला. डकैती के आभूषणों का मिलान करने में पुलिस को 6 घंटे लग गए, जिसमें लूटे गए 15 किलो चांदी और 700 ग्राम सोने के 35 प्रकार के जेवर हैं. इसकी कीमत आज से 23 साल पहले 20 लाख थी.
बता दें, साल 2001 में हुी यह डकैती अविभाजित रायपुर जिले की उस समय की सबसे बड़ी डकैती थी, जिसे शांतिसीलो गैंग ने अंजाम दिया था. इस मामले में पुलिस ने गैंग के 16 सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिनमें गैंग लीडर कैलाश कच्छिम, हरा जानी, मनीराम, और श्यामसुंदर शामिल थे. डकैती में शामिल सभी आरोपियों को निचली अदालत ने सजा सुनाई थी, लेकिन आरोपी हाईकोर्ट में अपील पर चले गए. इसके चलते बरामद आभूषणों की सुपुर्दगी का मामला लंबित हो गया.

थाना प्रभारी गौतम गावड़े ने इस पूरी प्रक्रिया को न्यायालयीन आदेश का पालन बताया. उन्होंने पुष्टि की कि सभी आभूषण विधिवत रूप से परिवार को दो दिन पहले सौंप दिया गया है.
छत्तीसगढ़ में आज से न्यूनतम तापमान में आएगी गिरावट, बढ़ेगी ठंड…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ठंड का मौसम एक बार फिर जोर पकड़ने वाला है. शुक्रवार से उमस और गर्मी जैसे हालात से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेशभर में तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू होगा. राजधानी रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ में यह गिरावट 3 से 4 डिग्री तक हो सकती है.
दक्षिण बस्तर में जारी रहेगा बारिश का दौर
दक्षिण छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे वहां न्यूनतम तापमान में सिर्फ 1-2 डिग्री की गिरावट दर्ज होने की संभावना है.
8 और 9 दिसंबर को बारिश के आसार
मौसम विभाग ने 8 और 9 दिसंबर को प्रदेशभर में बारिश की संभावना जताई है. बीते दिनों बादल और हल्की बारिश के कारण ठंड का असर कम हो गया था. राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, जबकि न्यूनतम तापमान 14 डिग्री से बढ़कर 19 डिग्री सेल्सियस हो गया था.
अंबिकापुर सबसे ठंडा, दुर्ग सबसे गर्म
6 दिसंबर को राजधानी का आकाश मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है. प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 33.6 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान
- रायपुर: अधिकतम 33°C, न्यूनतम 19°C
- माना: अधिकतम 32.3°C, न्यूनतम 19.2°C
- बिलासपुर: अधिकतम 31.6°C, न्यूनतम 18°C
- अंबिकापुर: अधिकतम 28.4°C, न्यूनतम 9.4°C
- पेंड्रारोड: अधिकतम 29.2°C, न्यूनतम 13.4°C
- जगदलपुर: अधिकतम 31.3°C, न्यूनतम 22.6°C
- दुर्ग: अधिकतम 33.6°C, न्यूनतम 17.4°C
मौसम विशेषज्ञ का बयान
मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि प्रदेश में न्यूनतम तापमान में गिरावट शुरू हो गई है. मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों के दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है. दक्षिण छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
जिला न्यायाधीशों के 36 रिक्त पदों पर पदोन्नति के आधार पर होगी भर्ती, जारी की गई 72 लोगों की सूची…
बिलासपुर। जिला न्यायाधीश के रिक्त 36 पदों पर पदोन्नति के आधार पर भर्ती की जाएगी, जिसके लिए 72 लोगों की सूची छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की ओर से जारी की गई है. यह भर्ती उच्च न्यायिक सेवा (भर्ती एवं सेवा की शर्तें) नियम, 2006 के तहत की जाएगी.


साइबर की पाठशाला : CG Police का ऑनलाइन ट्रेनिंग सेशन, छात्रों को दिए टिप्स, जानिए साइबर अपराध से बचने के तरीके…
साइबर कंसल्टेंट और ट्रेनर डॉ. रक्षित टंडन ने इस विशेष लाइव सत्र में साइबर वर्ल्ड में सर्फिंग के दौरान बच्चों से जुड़े खतरों और सुरक्षित सर्फिंग टिप्स दिए। लाइव सेशन के दौरान डॉ. रक्षित टंडन ने बच्चों से ऑनलाइन गेमिंग और मोबाइल पर गेम्स खेलने के दौरान होने वाली गलतियों के बारे में बात की। पहले उन्होंने बच्चों से पूछा कि कौन सा गेम खेलते हो। फिर उस गेम को सबके सामने गूगल प्ले स्टोर पर दिखाया तो सभी दंग रह गए। दरअसल, उस गेम के लिए एक आयु सीमा निर्धारित थी, जिसका ध्यान किसी ने नहीं रखा।

प्ले स्टोर पर ऐसे कई सारे गेम्स है, जिनके एक्सेस के लिए तय किमत देनी होती है। कुछ इन्हें खेलने के लिए किसी वेबसाइट से apk फाइल डाउनलोड करते लेते है. इस पर साइबर ट्रेनर ने कहा कि फ्री गेम्स के चक्कर में फेक .apk file download करने से बचना चाहिए। साइबर हाइजीन पर बात करते हुए उन्होंने आगे सभी बच्चों से गेम खेलने के दौरान और डाउनलोड करने के दौरान कई बार दिखने वाले आपत्तिजनक वीडियो पर भी बात की तथा शिक्षकों अभिभावकों से बच्चों के मन मस्तिष्क को मिलने वाली ऑनलाइन डाइट पर भी ध्यान रखने सलाह दी।

बच्चों ने पूछे डॉ रक्षित टंडन से अहम सवाल

आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सेजस से 8वीं की छात्रा आकांक्षा और गौरेला मां कल्याणिका स्कूल के 11वीं के छात्र मयंक ने साइबर फिशिंग से बचने के तरीके के बारे में पूछा। साथ ही ऐसे ऐप्स, लिंक के बारे में पूछा जिससे किसी भी ऐप, लिंक का सेफ या खतरनाक पता चल सके। जिसके बाद डॉ रक्षित टंडन ने बच्चों को बताया कि फिशिंग लिंक्स में न फंसे और फेक.apk फाइल से बचने के लिए ऐसे ऐप और लिंक की जांच करने के लिए www.virustotal.com की जालकारी दी। ऑनलाइन स्क्रीन शेयर करते हुए कुछ फेक लिंक्स के खतरों और मालवेयर को भी दिखाया। साथ ही www.sancharsathi.gov.in के बारे में भी बताया गया। डायल 1930 की उपयोगिता और www.cybercrime.gov.in पर जाकर रिपोर्टिंग करने और खुद को प्रशिक्षित करने के लिंक्स को भी ऑनलाइन दिखाया गया।

सेजस इंग्लिश मीडियम स्कूल की आठवीं के छात्र आर्यन ने पूछा, क्या हैकर्स मोबाइल या लैपटॉप का वेब कैमरा, फ्रंट कैमरा भी हैक कर सकते हैं। इस सनाल पर डॉ रक्षित टंडन ने बताया कि कुछ ऐसे हैकर्स हैं जो ये करते हैं। इसलिए वेब कैमरा जब इस्तेमाल में नहीं हो तब वेब कैम कवर लगाए। वहीं कुछ ऑनलाइन प्रोडक्ट्स भी स्क्रीन पर साझा किए, जिससे वेब कैम को कवर किया जा सकता है।
धान खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा: बेचा 84 कट्टा धान, भुगतान हुआ 220 कट्टे का, किसान ने समिति पदाधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप
मोहला-मानपुर। जिले के औंधी तहसील स्थित धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. ग्राम डोमिकला निवासी किसान कन्हैया लाल ने औंधी सहकारी समिति के एक पदाधिकारी पर उसके नाम से धान बिक्री में फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगाया है. वहीं किसान ने इस संबंध में समिति के प्रभारी प्रबंधक को लिखित शिकायत देकर समिति पदाधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है.
किसान कन्हैया लाल के मुताबिक उसने केवल 84 कट्टा धान केंद्र में बेचा है, लेकिन उसके नाम से समिति के दस्तावेज में 220 कट्टा धान विक्रय दर्ज हुआ है. यही नहीं 220 कट्टा धान विक्रय के एवज में उसे राशि का भुगतान भी हुआ है. कन्हैया लाल की माने तो उसे 220 कट्टा धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त हुआ था. कन्हैया लाल के मुताबिक औंधी सहकारी समिति के पदाधिकारी ने उससे कहा कि तुम्हारे टोकन में बाकी का 136 कट्टा धान मै बेच दूंगा तुम दस्तखत बस कर देना.
धान बेचे जाने के बाद 220 कट्टा धान का भुगतान भी किसान कन्हैया लाल के बैंक खाते में हो गया. भुगतान उपरांत समिति पदाधिकारी द्वारा जब किसान कन्हैया लाल से अतिरिक्त 136 कट्टा धान बेचने के एवज में पैसा मांगा गया तो किसान कन्हैया लाल ने किसी गड़बड़ी की आशंका वश समिति के प्रभारी प्रबंधक संतराम से धान विक्रय को लेकर जानकारी ली. तब जाकर खुलासा हुआ कि किसान कन्हैया लाल के टोकन से केवल 84 कट्टा धान ही कन्हैया द्वारा खुद बेचा गया है. वहीं कन्हैया लाल के टोकन से अतिरिक्त 136 कट्टा धान बेचने की बात कहने वाले समिति पदाधिकारी द्वारा अतिरिक्त 136 कट्टा धान बेचा ही नहीं गया. बल्कि बिना अतिरिक्त धान बेचे किसान के धान विक्रय दस्तावेज में 84 कट्टा धान विक्रय की जगह 220 कट्टा धान विक्रय अंकित कराया गया. जिसके चलते 84 कट्टा धान बेचने वाले किसान कन्हैया लाल को कुल 220 कट्टा धान का भुगतान हुआ.
इस मामले में आरोप ये भी लग रहे हैं कि उक्त समिति पदाधिकारी के बेटे को धान उपार्जन केंद्र में धान की गिनती के काम में नियुक्त किया गया है. तथा पदाधिकारी के बेटे द्वारा ही कन्हैया लाल के धान की गिनती विक्रय के दौरान की थी. जो इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि समिति पदाधिकारी व उसके बेटे ने गिनती में हेरफेर कर 84 की जगह 220 कट्टा धान विक्रय दस्तावेज में अंकित करवा दिया. और अब बिना अतिरिक्त धान बेचे उक्त पदाधिकारी द्वारा किसान कन्हैया लाल से अतिरिक्त 136 कट्टा धान का पैसा मांगा जा रहा है.
दूसरी ओर औंधी सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक संतराम कृषान ने किसान कन्हैया लाल द्वारा उक्ताशय के संबंध में शिकायती आवेदन देने की पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्होंने तमाम जानकारियों से उच्च प्रबंधन को वाकिफ करा दिया है. प्रबंधक ने इस बात की भी पुष्टि की है कि धान विक्रय के दरमियान कन्हैया लाल के धान कट्टे की गिनती फर्जी धान बिक्री के आरोप में घिरे समिति पदाधिकारी के बेटे द्वारा ही किया गया. प्रभारी प्रबंधक संतराम के मुताबिक कन्हैया लाल ने बताया है कि 220 कट्टा धान के टोकन में उसने केवल 84 कट्टा धान ही बेचा है. शेष 136 कट्टा धान समिति पदाधिकारी द्वारा खपाने की बात कही है. लेकिन 136 कट्टा धान द्वारा केंद्र में नहीं दिया गया है.
महाराष्ट्र में महायुति सरकार ने ली शपथ, मुख्यमंत्री साय ने CM फडणवीस और डिप्टी सीएम को दी बधाई
रायपुर। महाराष्ट्र में आज महायुति सरकार का शपथग्रहण समारोह बड़ी धूमधाम से सम्पन्न हुआ. दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित इस समारोह में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ एकनाथ शिंदे और अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. महायुति सरकार का शपथग्रहण पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बधाई दी है.
सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजीत पवार को बधाई देते हुए लिखा, देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री एवं एकनाथ शिंदे व अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और आप सभी के दूरदर्शी नेतृत्व में महाराष्ट्र के विकास की यात्रा अनवरत जारी रहेगी. निश्चित ही, डबल इंजन सरकार की दोगुनी ऊर्जा महाराष्ट्र की प्रगति को नई ऊंचाई पर ले कर जाएगी.

मुख्यमंत्री बनने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया. वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शपथ से पहले बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे को याद किया. शिंदे महाराष्ट्र के पहले ऐसे नेता बन गए हैं, जो मुख्यमंत्री के बाद डिप्टी सीएम के पद पर पहुंचे हैं. इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने शिंदे सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी.
एनसीपी नेता अजित पवार ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. अजित पवार का यह छठा मौका है जब वह उपमुख्यमंत्री बने हैं. वे महायुति और महाविकास अघाड़ी की सरकारों में इस पद पर रह चुके हैं.
मुख्यमंत्री ने बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 06 दिसम्बर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने कहा है कि बाबा साहब बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। अनेक भाषाओं के जानकार होने के साथ ही वे विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और कुशल राजनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने सामाजिक भेदभाव और छूआ-छूत के विरूद्ध अभियान चलाया और सबके लिए समान अधिकार, स्वतंत्रता और व्यवहार की वकालत की। बाबा साहब का देश की उन्नति के लिए दिया गया अतुलनीय योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जनजातीय समुदायों के हितों का मुद्दा लोकसभा में उठाया
नई दिल्ली। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र निवासी अनुसूचित जनजाति समुदायों के अधिकारों को लेकर लोकसभा में महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) 2006 के तहत जनजातीय समुदायों को उनके अधिकार देने की प्रगति और लंबित मामलों पर प्रश्न किया।
जिस पर जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उड़के ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासियों के अधिकारों को मान्यता देने का कार्य राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर 2024 तक राज्य में 4,22,101 व्यक्तिगत अधिकार पत्र और 47,685 सामुदायिक अधिकार पत्र को मान्यता दी जा चुकी है।
मंत्री ने यह भी बताया कि मंत्रालय को मासिक प्रगति रिपोर्ट (एमपीआर) के माध्यम से राज्य सरकारों से अद्यतन जानकारी प्राप्त होती रहती है। छत्तीसगढ़ में अधिनियम के तहत कार्यान्वयन की प्रक्रिया निरंतर प्रगति पर है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए यह अधिनियम महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य सरकार से लंबित मामलों में तेजी से निर्णय लेने का आग्रह किया, ताकि वंचित समुदायों को उनके अधिकार शीघ्र प्रदान किए जा सकें।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय आबादी का सामाजिक और आर्थिक उत्थान उनके अधिकारों के सम्मान और उन्हें सशक्त बनाने से ही संभव है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है।
स्कूल के समीप तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान
बिलासपुर। हाई कोर्ट में बिलासपुर के स्कूलों के आस-पास और अन्य सार्वजनिक जगहों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर संज्ञान में लेकर जनहित याचिका की सुनवाई की. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की युगलपीठ के सामने मुख्य सचिव और बिलासपुर निगम आयुक्त ने हलफनामा पेश किया. मामले में अगली सुनवाई 27 जनवरी, 2025 को होगी.
दरअसल, मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 नवंबर 2024 को छुट्टी के दिन हाई कोर्ट की बैठक हुई. मुख्य न्यायाधीश ने रजिस्ट्रार जनरल को मीडिया रिपोर्टों के आधार पर मामले को जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में पंजीकृत करने का निर्देश दिया. इसके बाद लगातार सुनवाई जारी है.
महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने आज सुनवाई के दौरान शासन का पक्ष रखते हुए शपथ पत्र में जानकारी दी कि आदेश का परिपालन करते हुए बिलासपुर जिला प्रशासन ने कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर पेनल्टी और अन्य कार्रवाई की है. वही गंभीरता से कोटपा कानून का पालन कराया जा रहा है.
चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा ने इस पूरे मामले में राज्य सरकार और बिलासपुर नगर निगम को निर्देश देते हुए सतत् निगरानी करने कहा है. वहीं कोटपा कानून 2003 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में बिलासपुर निगम आयुक्त को अपना व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी 2025 को रखी गई है.
देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, एकनाथ शिंदे और अजित पवार बने डिप्टी सीएम
मुंबई। महाराष्ट्र को अपना नया मुख्यमंत्री मिल चुका है। देवेंद्र फडणवीस ने आज महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ ले ली है। बता दें कि इस कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र के आजाद मैदान में किया गया। आजाद मैदान के बाहर भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के होर्डिंग्स भर-भर कर लगाए गए हैं। शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत केंद्र सरकार के कई मंत्री, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समेत कई वीवीआईपी शामिल हुए।
एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने ली शपथ
इसके बाद दूसरे स्थान पर शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे और तीसरे स्थान पर एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बता दें कि महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में महायुति को बंपर जीत मिली थी। ऐसे में कई बैठकों के बाद यह तय हुआ कि एकनाथ शिंदे सीएम पद छोड़ेंगे। कयास लगाए जा रहे थे कि एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम नहीं बनेंगे। हालांकि महायुति घटक दलों के नेताओं और शिवसैनिकों के अनुरोध पर एकनाथ शिंदे ने डिप्टी सीएम के पद को स्वीकार कर लिया। बुधवार को इसे लेकर एकनाथ शिंदे ने कहा था कि इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने मेरी मदद की थी सीएम बनने में। आज मैं देवेंद्र फडणवीस की मदद कर रहा हूं। वहीं अजित पवार ने कहा था कि महायुति की सरकार चलाने में हम अपना शत प्रतिशत देंगे।
शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन पहुंचा?
देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार के शपत ग्रहण समारोह में अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों, कैबिनेट मंत्रियों व अन्य नेताओं के अलावा फिल्मी, खेल जगत व उद्योग जगत के सितारे भी पहुंचे। इस कार्यक्रम में मुकेश अंबानी, अनंत अंबानी, देवेंद्र कुमार उपाध्याय, श्रीराम नेने, माधुरी दीक्षित, विक्की कौशल, खुशी कपूर, रूपा गांगुली, शालिनी पिरामल, सिद्धार्थ रॉय, नीता अंबानी, राधिका अंबानी, नोअल टाटा, दीपक पारीख, कुमार मंगलम बिरला, अजय पीरामल, उदय कोटक, शाहरुख खान, सलमान खान, सचिन तेंदुलकर, अंजलि तेंदुलकर, दिलीप संघवी, अनिल अंबानी, रणबीर कपूर, रणबीर सिंह, गीतांजलि किरलोस्कर, मानसी किरलोस्कर, बीरेंद्र सराफ, रोहित शेट्टी, बोनी कपूर, एकता कपूर, श्रद्धा कपूर, जय कोटक, विक्रांत मैस्सी, जयेश शाह शामिल होने के लिए पहुंचे।
राज्य में आरक्षण की कार्यवाही समय सीमा में सुनिश्चित करें: राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह
रायपुर। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में नगर पालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायत के आम निर्वाचन 2024-25 हेतु शासन स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग,नगरीय प्रशासनएवं पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारिओं की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अटल नगर नवा रायपुर स्थित आयोग कार्यालय के सभा कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव बसवराजू एस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विशेष सचिव तारण सिन्हा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने राज्य में आरक्षण की कार्यवाही समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रियाएं चुनाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, जिससे समय पर और निष्पक्ष चुनाव कराया जा सके। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को सुचारू और पारदर्शी ढंग से कराने के लिए तैयारियों का मूल्यांकन किया गया। मतदान दलों के मानदेय एवं उनके परिवहन हेतु वाहनों के किराये के संबंध में समीक्षा की गई।
बैठक में चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई, जिसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने कहा कि निर्वाचन कार्य की आवश्यकता को देखते हुए आयोग एवं जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रिक्त पदों तथा जिलों में मुख्य नगरपालिका अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी-जनपद पंचायत एवं तहसीलदार/नायब तहसीलदार के रिक्त पदों की पूर्ति हो।
इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, उप सचिव डॉ. नेहा कपूर, डॉ. अनुप्रिया मिश्रा एवं आलोक कुमार श्रीवास्तव सहित सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित थें।