प्रदेश
IPS रजनेश सिंह SSP के पद पर पदोन्नत, छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के तेजतर्रार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी रजनेश सिंह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर पदोन्नत कर दिया है. उनकी यह पदोन्नति 01 जनवरी 2025 से प्रभावी मानी जाएगी. यह आदेश गृह (पुलिस) विभाग के सचिव हिम शिखर गुप्ता ने आज जारी किया.
गृह (पुलिस) विभाग ने हाल ही में 13 वर्षों की सेवा पूरी करने वाले आठ आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की थी. हालांकि, तकनीकी त्रुटियों के कारण इस सूची में 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी रजनेश सिंह का नाम शामिल नहीं हो पाया था. छत्तीसगढ़ शासन ने इस त्रुटि को संज्ञान में लेते हुए 18 मार्च 2025 को संशोधित आदेश जारी कर रजनेश सिंह को चयन श्रेणी वेतनमान (लेवल-13) में पदोन्नति प्रदान की है. उनके वेतनमान को Rs 1,23,100 – Rs 2,15,900 के स्तर पर स्वीकृत किया गया है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंगपंचमी की दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंग, उमंग और आनंद के पर्व रंगपंचमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रंगपंचमी प्रेम, सौहार्द और एकता का प्रतीक है। होली के पांच दिन बाद मनाया जाने वाला यह उत्सव रंगों की खूबसूरती और उल्लास का संदेश देता है। इस दिन लोग रंग, गुलाल और अबीर से एक-दूसरे को सराबोर कर खुशियों और मेल-मिलाप का पर्व मनाते हैं।
उन्होंने कहा कि रंगपंचमी हमें जीवन में रंगों के महत्व को समझने और सकारात्मकता को अपनाने की सीख देती है। यह पर्व हमें प्रेरित करता है कि हम अपने जीवन में ही नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी खुशियों के रंग भरने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से इस पर्व को आपसी प्रेम, सौहार्द और उल्लास के साथ मनाने की अपील की और कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, खुशहाली और उत्साह लेकर आए।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के विभागों के लिए 12 हजार 389 करोड़ 29 लाख रूपए से अधिक अनुदान मांगे पारित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त, आवास एवं पर्यावरण एवं योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 12 हजार 389 करोड़ 29 लाख रूपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गई। इसमें वित्त विभाग से संबंधित व्यय के लिए 11 हजार 109 करोड़ 43 लाख 25 हजार रूपए, आवास एवं पर्यावरण से संबंधित व्यय के लिए 1 हजार 208 करोड़ 36 लाख 72 हजार रूपए, योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी विभाग से संबंधित व्यय के लिए 71 करोड़ 49 लाख 60 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई।
वित्त विभाग
वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी वित्त विभाग के अनुदान मांगों की चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि वित्त विभाग के इस बजट में मुख्य रूप से शासकीय सेवकों को पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति हितलाभों, जैसे- पेंशन, परिवार पेंशन, पेंशन कम्यूटेशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, एनपीएस में नियोक्ता अंशदान आदि मदों का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2004 से अप्रैल 2022 के मध्य नियुक्त शासकीय सेवकों के लिए एनपीएस-ओपीएस चयन करने विकल्प दिया गया था। नियोक्ता अंशदान के लिये बजट में प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि 1 अप्रैल, 2022 से पुरानी पेंशन योजना की बहाली के फलस्वरूप भविष्य के पेंशन दायित्वों के बढ़ते वित्तीय भार को ध्यान में रखते हुए इसके प्रबंधन के लिये 456 करोड़ का प्रावधान पेंशन निधि में निवेश के लिये रखा गया है। इसके लिये हम पेंशन निधि अधिनियम भी बनाने जा रहे हैं, जिससे इस प्रक्रिया को स्थायी स्वरूप दिया जा सकेगा। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। यह हमारी सरकार के दूरगामी सोच एवं कुशल वित्तीय प्रबंधन का ही एक प्रमुख भाग है।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा भविष्य में बाजार ऋणों की देयताओं को ध्यान में रखते हुए संचित शोधन निधि का गठन किया गया है, जिसमें गत वर्ष के अवशेष ऋणों के 0.5 प्रतिशत प्रति वर्ष निवेश किया जाता है। साथ ही निधि में कुल अवशेष ऋणों का 5 प्रतिशत तक निवेश होना चाहिए। वर्तमान में इस निधि में कुल अवशेष ऋणों का 7.3 प्रतिशत से अधिक है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि हमने राज्य सरकार की गारंटी पर लिये जाने वाले ऋणों की अदेयता की स्थिति में उनका भुगतान सुनिश्चित करने हेतु गारंटी मोचन निधि में अब तक 500 करोड़ निवेशित किये हैं तथा इस बजट में भी 500 करोड़ का प्रावधान किया है। संचित शोधन निधि के साथ गारंटी मोचन निधि में बड़ी राशि निवेशित करने वाला छत्तीसगढ़ देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में से एक है।
वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को विकासशील से विकसित राज्य बनाने की दिशा में कार्यरत है। हमने इस बजट में एक नया फंड छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड बनाया है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का प्रथम राज्य होगा। निश्चित रूप से यह हमारे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन की पहल में सहयोगी होगा।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य में हितग्राहियों को सुचारू रूप से लाभ पहुंचाने हेतु डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर सेल का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल के द्वारा सीएसएस की विमुक्त की गई राशि की निगरानी एवं जमीनी स्तर तक के उपयोगीकरण का पर्यवेक्षण किया जाता है। एसएनएस-स्पर्श के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष 03 राज्यों में शमिल है। निर्धारित लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने पर राज्य शासन को भारत सरकार से इस वर्ष 500 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। राज्य के आय-व्यय का रियल टाईम पर्यवेक्षण एवं डेटा विश्लेषण किया जा सकेगा, जिससे वित्तीय प्रबंधन और बेहतर हो सकेगा।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हमने अपने बजट में प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिये आवश्यक प्रावधान रखने का प्रयास किया है। किसी भी कार्य को करने के लिये हमारी सोच सकारात्मक होनी चाहिये, हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन की सरकार में हो रहे रिफॉर्म इस सकारात्मकता के द्योतक हैं।
आवास एवं पर्यावरण विभाग
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी अपने विभाग आवास एवं पर्यावरण विभाग के अनुदान मांग के चर्चा पर जवाब देते हुए कहा कि नवा रायपुर अटल नगर को आधारभूत सुविधाओं का विस्तार एवं देश और दुनिया में पहचान स्थापित करना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है। नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र में पेयजल की निर्वाध आपूर्ति, प्रदेश के कोने-कोने से शासकीय कार्य हेतु आने वाले लोगों के लिए परिवहन सुविधा, कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास जैसी जनसुविधा उपलब्ध कराने में हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी की परिकल्पना थी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी की याद में हमारी सरकार ने नवा रायपुर में ’’अटल स्मारक और संग्रहालय’’ निर्माण का निर्णय लिया है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे IIM, Hidaytulla Law University, IIIT, IHM स्थापित है। विश्वस्तरीय आवासीय विद्यालय का निर्माण पूर्णता की ओर है। केन्द्रीय विद्यालय एवं अन्य अनेक निजी विद्यालय एवं विश्वविद्यालय नवा रायपुर क्षेत्र में संचालित है। हमारी सरकार ने युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी एवं उच्च्तर अध्ययन की सुविधा प्रदाय करने की योजना बनाई है। हमारी सरकार ने बजट में पुस्तकालय भवन निर्माण के लिए प्रावधान किया है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के अंतर्गत नवा रायपुर में विकसित भारत आईकोनिक डेस्टिनेशन निर्माण की योजना है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायुपर अटल नगर में रोजगार, निवेश एवं बसाहट को प्रोत्साहित करने हेतु कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स में आईटी कंपनियों को प्लग एवं प्ले सुविधा के साथ फर्निशड बिल्ट-अप स्पेस के आबंटन हेतु नीति तैयार की गई। इस नीति अनुसार प्राधिकरण द्वारा 02 आई.टी. फर्मों को बिल्टअप स्पेस आबंटित किया गया है, इस आबंटन से नवा रायपुर में आई.टी. क्षेत्र में लगभग 2000 लोगों हेतु कुशल रोजगार सृजित होगा। नवा रायपुर अटल नगर में निवेश, रोजगार एवं बसाहट को प्रोत्साहन देने हेतु स्वास्थ्य प्रयोजन, सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग, शैक्षणिक प्रयोजन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स/इलेक्ट्रिकल उद्योग क्षेत्र में निश्चित भूखण्डों को रियायती दरों पर आबंटन किये का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि आवास एवं पर्यावरण मण्डल में चल रहे कार्यो की समीक्षा एवं पारदर्शिता हेतु डिजिटलाइजेशन अंतर्गत ऑनलाईन मॉनिटरिंग डेशबोर्ड विकसित किया गया, जिसमे मण्डल की परियोजनाओं, संपदा, न्यायालयीन प्रकरण एवं रखरखाव से संबंधित कार्यो की समीक्षा/जानकारी प्राप्त की जा सकेंगी। राज्य में कन्टीन्यूअस एम्बियंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन्स की स्थापना की गई है। इनसे 24ग7 मॉनिटरिंग डाटा उपलब्ध हो रहे हैं। केन्द्रीय पर्यावरण प्रयोगशाला जल, वायु, मिटटी एवं अन्य ऐसे परीक्षणों में सहायता करेगी, जिससे राज्य में मॉनिटरिंग व्यवस्था सुदृढ़ हो सकेगी एवं विश्वसनीय डाटा बैंक भी तैयार हो सकेगा। इसी दिशा में पर्यावरण मंडल में 90 पदों की भर्ती की कार्यवाही की जा रही है।
ऑन लाईन इमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम के लिये सेट्रल सर्वर के स्थापना
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश में स्थापित 17 प्रकार के प्रदूषणकारी उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के सतत निगरानी हेतु कंटिन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम, कंटिन्यूअस एबिएन्ट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, एवं कंटिन्यूअस इफल्यूएन्ट क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम से रियल टाईम डाटा हैण्डलिंग प्राप्त करने की व्यवस्था कराई गई है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों की राजधानियों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर प्रदेश में भी प्रदेश के मध्य क्षेत्रों को समाहित करते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र’‘ का गठन किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र तथा संबंधित प्राधिकरण की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार की जा रही है।
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आधारभूत सांख्यिकी जिसमें सर्वेक्षण, विश्लेषण, मूल्यांकन संबंधी जानकारी का संकलन कर सविन्यास प्रकाशन का दायित्व निभा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने वर्ष 2047 तक प्रदेश को विकसित बनाने हेतु पथ प्रदर्शक दस्तावेज छत्तीसगढ़ अंजोर-विजन@2047 बनाया हैं। यह विजन जनता की महत्वाकांक्षाओं, भावनाओं व आशाओं से प्रेरित हैं। इस मार्गदर्शी विजन में सामाजिक एवं आर्थिक विकास संबंधित अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक रणनीतियों और पहलों का समावेश किया गया हैं। वर्ष 2047 तक राज्य को विकसित राज्य की ओर ले जाने हेतु आर्थिक एवं सामाजिक विकास संबंधी कुल 13 थीम्स का की परिकल्पना विजन डाक्यूमेंट में किया गया है।
वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी एवं पंजीयन) विभाग
वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी एवं पंजीयन) मंत्री ओ पी चौधरी अपने विभाग के अनुदान मांग के चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत में आर्थिक सुधारों की दिशा में जीएसटी कर प्रणाली सर्वाधिक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व कदम है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता एवं कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है। जीएसटी प्रणाली एक राष्ट्र, एक कर एवं एक बाजार की संकल्पना को साकार रूप प्रदान करता है। जीएसटी प्रणाली में केन्द्र और राज्य के 17 प्रकार के विभिन्न अप्रत्यक्ष करों को समाहित किया गया है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार सत्ता में आने के पश्चात कर प्रशासन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया है। करदाताओं को होने वाली असुविधाओं को दूर करने का सतत प्रयास किया जा रहा है। जीएसटी लागू होने से वस्तुओं की लागत में कर का भार कम हुआ है। वस्तुओं के मूल्यों में कमी आई है, इससे खपत को बढ़ावा मिला है और आर्थिक क्षेत्र को मजबूती मिली है तथा उपभोक्ताओं को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी) विभाग राज्य का मुख्य राजस्व संग्रहणकर्ता विभाग है। वित्तीय वर्ष 2024-2025 में अभी तक (माह फरवरी तक) जीएसटी से प्राप्त राजस्व 20,174 करोड़ है जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में राजस्व संग्रहण के दृष्टिकोण से तीसरे स्थान पर है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जीएसटी प्रणाली 01 जुलाई 2017 से लागू हुई है। इस समय राज्य में पंजीयत व्यवसाईयों की संख्या 1 लाख 28 हजार थी जो वर्तमान मे बढ़कर 1 लाख 87 हजार हो गई है। यह जीएसटी विभाग के जागरूगता अभियान और ईज ऑफ डुइंग बिजनेस सेल (EODB सेल) के गठन से संभव हुआ है। करदाताओं को कर अनुपालन, पंजीयन अथवा ई-वे बिल जनरेशन में आने वाली समस्याओं के त्वरित और सटीक समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर कॉल सेंटर और हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है।
जीएसटी अधिनियम के पूर्व के अधिनियमों के अंतर्गत व्यवसाईयों के वर्षों पुराने राशि की वसूली के लिये पुरानी सरकार द्वारा वन टाईम सेटलमेण्ट स्कीम (ओटीएस) 2023 लागू की गई थी जिसे व्यापारियों की विशेष मांग पर 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दी गई है। जीएसटी विभाग द्वारा कर संग्रहण हेतु अधिकतम तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है इसके लिए गतवर्ष फरवरी 2024 में बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के राज्य का महत्वपूर्ण राजस्व अर्जक विभाग है। अभी राज्य के 40 रजिस्ट्री ऑफिस ऐसे हैं जिनके पास अपना खुद का भवन तक नहीं है, और ये तहसील दफ्तर के बहुत छोटे छोटे कमरे में चल रहे हैं। इस कमी को दूर करने के लिए राज्य के 25 रजिस्ट्री ऑफिस में नवीन भवन निर्माण के लिए इस बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य विभाजन के पश्चात रजिस्ट्री विभाग में कई सालों से सेटअप रिवीजन नहीं हुआ है। सेट-अप रिवीजन नही होने के कारण वर्तमान कार्यरत रजिस्ट्री ऑफिसों में काम का अत्यधिक दबाव है। लोगों को आसानी से अपॉइंटमेंट नहीं मिल पाते। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर जैसे जगहो में भारी भीड़ और अपॉइंटमेंट के लिए वेटिंग की समस्या आम है। इसको ध्यान में रखते हुए पंजीयन विभाग के सेटअप का रिवीजन किया गया है तथा नए 85 पदों सृजन किया गया है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवीन उद्योगों को रियायत, ऑनलाईन पंजीयन प्रणाली पर विशेष फोकस करते हुए विभाग द्वारा पंजीयन प्रणाली में मोबाईल एप ‘सुगम’ लागू किया गया हैै। जिसमें पक्षकार द्वारा पंजीयन के लिए आवेदन प्रस्तुत करते समय संपत्ति की फोटो अपलोड करते ही उस स्थान के अक्षांस एवं देशांतर की जानकारी स्वतः कैप्चर हो जाती है। गूगल मैप के माध्यम से संपत्ति की सही स्थिति, निर्मित संरचना मुख्यमार्ग से दूरी का अनुमान होने से संपत्ति का उचित मूल्यांकन हो पा रहा है, जिसके कर अपवंचन की रोकथाम हो रही है। इसके साथ ही पैन आधार इंटीग्रेशन, सतर्कता प्रकोष्ठ का गठन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि वास्तविक बाजार मूल्य एवं गाइडलाइन दरों की विसंगति दूर करने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 30 प्रतिशत की कमी को समाप्त कर 2019-20 की दरों को यथावत लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजीयन शुल्क में कमी/युक्तियुक्तकरण के तहत गाइडलाइन दर से ऊपर की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क से छूट एवं पारिवारिक व्यवस्थापन हेतु शुल्क की रियायत का प्रावधान किया गया है।
वित्त, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी, वाणिज्यिक कर (जीएसटी एवं पंजीयन) विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण राघवेन्द्र सिंह, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुनील सोनी, शेषराज हरवंश, हर्षिता बघेल ने भाग लिया।
विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का किया शुभारंभ
रायपुर। विधान सभा परिसर स्थित ऐलोपैथिक चिकित्सालय में आज विधान सभा के सदस्यों के लिए आयोजित तीन दिवसीय “स्वास्थ्य परीक्षण शिविर” का शुभारंभ विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप एवं लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया।
इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण, विधान सभा सचिव दिनेश शर्मा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया भी उपस्थित थे। यह शिविर दिनांक 18 से 20 मार्च तक रहेगा। इस शिविर में पं. जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के विभिन्न विशेषज्ञ एवं चिकित्सक पूर्वान्हः 11.00 बजे से अपरान्ह् 5.00 बजे के मध्य विधायकों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे।
“स्वास्थ्य परीक्षण शिविर” के शुभारंभ अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा मंत्री, श्याम बिहारी जायसवाल का स्वास्थ्य परीक्षण चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिवर्ष विधान सभा परिसर में बजट सत्र के दौरान समस्त मान. सदस्यों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर का आयोजन किया जाता है। इस शिविर में ई.सी.जी., एक्सरे, सोनोग्राफी एवं पैथोलॉजी टेस्ट के साथ दन्त, ऑख, नाक, गला, संबंधी विभिन्न विशेषज्ञ/ चिकित्सक उपस्थित रहकर विधायकों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे।

2 इनामी समेत 3 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
सुकमा। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को लगातार कामयाबी मिल रही है. इसी कड़ी में आज सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सक्रिय दो इनामी सहित तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. आत्मसमर्पण करने वाले दो नक्सलियों पर 2-2 लाख, कुल 4 लाख रुपये का इनाम घोषित था.
इन सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ शासन की “छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार” योजना से प्रेरित होकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में डीआईजी ऑफिस सुकमा, आरएफटी (रेपिड फोर्स टीम), और 151वीं वाहिनी सीआरपीएफ की बड़ी भूमिका रही.
तखतपुर नगर पालिका के उपाध्यक्ष पद की दौड़ में गौरी देवांगन ने मारी बाजी, कांग्रेस पार्टी में खुशी का माहौल
तखतपुर। नगर पालिका तखतपुर उपाध्यक्ष का चुनाव आज हुआ, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी गौरी देवांगन की जीत हुई. नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रत्याशी गौरी देवांगन को 10 मत मिले. वहीं भाजपा प्रत्याशी अंकित अग्रवाल को 6 मत मिले. चार मत से गौरी देवांगन ने जीत हासिल की।

विजय केशवानी कांग्रेसी जिलाध्यक्ष ग्रामीण बिलासपुर ने कहा, नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद पर कांग्रेस का कब्जा हो गया है. इसके चलते कांग्रेस खेमे में खुशी का माहौल है. कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर जमकर नारेबाजी करते हुए खुशी मनाई. बता दें कि नगर पालिका तखतपुर में कांग्रेस की पूजा मक्कड़ अध्यक्ष बनी हैं. यहां कांग्रेस के 9 पार्षद तो भाजपा के 6 पार्षद विजयी हुए हैं.
आय से अधिक संपत्ति मामले में अदालत का अहम फैसला: सरकारी अधिकारी को सुनाई 5 साल सश्रम कारावास की सजा, लगाया 1 लाख का जुर्माना
रायपुर। आय से अधिक संपत्ति मामले में विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रायपुर ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में पदस्थ अधीक्षण अभियंता मनोज सिंह ठाकुर को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया है।
ऐसे हुआ खुलासा
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 20 जुलाई 2015 को विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर मनोज सिंह ठाकुर के रायपुर स्थित दीनदयाल नगर निवास पर छापा मारा था। इस दौरान सोने-चांदी के आभूषण, नगदी, वाहन, कीमती दस्तावेज, बैंक पासबुक और बीमा पत्रक समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि मनोज सिंह ठाकुर और उनके परिजनों के नाम पर कुल 71 लाख 22 हजार 771 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति दर्ज है।
कोर्ट का कड़ा रुख, भ्रष्टाचार को बताया समाज के लिए घातक
पूरी जांच और सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय रायपुर के न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि –“वर्तमान समय में भ्रष्टाचार समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है। यह देश, प्रदेश और समाज के समुचित विकास को प्रभावित करने वाला एक गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।”
सरकारी गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के नाम पर लाखों का भ्रष्टाचार, उच्च शिक्षा विभाग का बाबू सस्पेंड
रायपुर। सरकारी गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के नाम पर लाखों रुपए का भ्रष्टाचार करने के आरोप में उच्च शिक्षा विभाग के बाबू काे निलंबित कर दिया गया है. यह आदेश उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त जनक पाठक ने जारी किया है. निलंबन काल में आकाश श्रीवास्तव सहायक ग्रेड-02 का मुख्यालय उच्च शिक्षा संचालनालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है. निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.
उच्च शिक्षा संचालनालय से जारी आदेश में कहा गया है कि एक वर्ष से वर्क फार्म होम कार्य करने एवं वित्तीय अनियमितता संबंधी शिकायत मिली थी. जांच समिति की रिपोर्ट अनुसार बाबू आकाश श्रीवास्तव ने अनाधिकृत रूप से कर्तव्य पर अनुपस्थित रहा और उच्च शिक्षा, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर में लेखा संबंधी कार्यों में सुनियोजित तरीके से कुटरचना कर लगभग 18,55,289 रुपए का गबन किया जाना पाया गया है. आकाश श्रीवास्तव, सहायक ग्रेड-02 का यह कृत्य छग सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है. इसके चलते आकाश श्रीवास्तव, सहायक ग्रेड-02, उच्च शिक्षा संचालनालय को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित किया जाता है.

जानिए पूरा मामला
दरअसल उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर में शासकीय गाड़ी में पेट्रोल डलवाने के नाम पर एक बाबू ने बड़ा घोटाला किया है. जांच में पता चला कि अपर संचालक की गाड़ी बिना चले ही 6 माह में 6 लाख रुपए की पेट्रोल पी गई. क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ आकाश श्रीवास्तव (सहायक गेड-2) बाबू ने पूरे भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है. इसके अलावा इसी ऑफिस में 4 कर्मचारियों को हर महीने वेतन देने के नाम पर दस महीने तक 10-10 हजार रुपए शासन से लिए गए. ये कर्मचारी कार्यालय में पदस्थ ही नहीं हैं. यह फर्जीवाड़ा देवकुमार वर्मा, अजय टंडन, भूपेंद्र वर्मा और खिलावन जोशी नाम के कर्मचारियों के नाम पर किया गया था.
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विभागों के लिए 21,277 करोड़ 28 लाख से अधिक की अनुदान मांगें पारित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज पुलिस, गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के वित्तीय सहायता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 21,277 करोड़ 28 लाख रूपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गई। इसमें पुलिस विभाग से संबंधित व्यय के लिए 8237 करोड़ 13 लाख 16 हजार रूपए, गृह विभाग से संबंधित व्यय के लिए 141 करोड़ 64 लाख 25 हजार रूपए, जेल विभाग के लिए 278 करोड़ 99 लाख 90 हजार रूपए, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 8055 करोड़ 65 लाख 97 हजार, त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के वित्तीय सहायता के लिए 4025 करोड़ 76 लाख 69 हजार रूपए, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए 64 करोड़ रूपए तथा तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के लिए 474 करोड़ 8 लाख 4 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सदन में बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए एक-एक गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के हर आवासविहीन परिवारों को छत देने का सपना को साकार करने का काम रही है। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत राज्य के 18 लाख गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए पहली कैबिनेट बैठक में ही स्वीकृति प्रदान कर इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना हमारे सरकार के लिए केवल ईंट और गारे से बने घरों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह लाखों जरूरतमंदों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि भारत सरकार हमारी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए 11 लाख 50 हजार नऐ मकानों की मंजूरी दी, इसके लिए 8 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया, अब तक 7 लाख 69 हजार मकानों की स्वीकृति दी जा चुकी है और निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व वाले सरकार ने इस वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 8500 करोड़ ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है। इससे आवासहीन एवं जरूरतमंद परिवारों का स्वयं के मकान का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाभियान के तहत 26 हजार 426 विशेष पिछड़ी जनजाति के हितग्राहियों को मकानों की स्वीकृति दी गई और उनके खातों में 259 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई है।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सदन बताया कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 2.70 लाख स्व सहायता समूह के माध्यम से 29.14 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाओं को जोड़कर विभिन्न आयमूलक गतिविधियों के माध्यम से रोजगार मुहैया कराई जा रही है। योजना के तहत अब तक संगठनों को 6873 करोड़ रूपए से अधिक की राशि आपदा कोष के रूप में जारी किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में दो लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य के विरूद्ध 2.24 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी है। वहीं केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से नमों ड्रोन दीदी योजना शुरू की गई है। अभी तक 14 ड्रोन दीदी तैयार कर 74 और ड्रोन दीदीयों के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर देश में जन आंदोलन के रूप में वृहद स्तर स्वच्छ भारत मिशन अभियान चलाया गया, जिसका उत्साहवर्धक परिणाम प्राप्त हुए हैं। हमारी सरकार इस वर्ष के बजट में स्वच्छ भारत मिशन के लिए 200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बस्तर संभाग के ऐसे अपूर्ण सड़के जो कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में है, सुरक्षा बलों के सहयोग से 204 किलोमीटर की 19 सड़के पूर्ण कर लिया गया है। वहीं 35 वृहद पुलों का निर्माण कर 85 करोड़ रूपए व्यय किया गया हैं। इस वर्ष बजट में नवीनीकरण कार्य हेतु 350 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार पीएम-जनमन योजना अंतर्गत पीवीजीटी बसाहटों में सड़क निर्माण के लिए 500 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ग्राम सडक विकास योजना के लिए 92.70 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है इससे 167 किलोमीटर की 66 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ग्राम गौरवपथ योजना के लिए 100 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि हमारी सरकार ग्रामीण महिलाओ को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने के उद्देश्य से 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार 70 ग्राम पंचायतों में भवन निर्माण हेतु 14 करोड़ रूपए का प्रावधान है। वहीं प्रदेश सभी पंचायतों में पंचायत राज मंत्रालय के सहयोग से कम्प्यूटर उपलब्ध कराया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जो ठोस कदम उठाए गए हैं, वे मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। विशेष रूप से नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों से प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्य तेज हुए हैं और नक्सलवाद अपनी अंतिम अवस्था में पहुँच चुका है। इस वित्तीय वर्ष में गृह विभाग के लिए पिछले वर्ष की बजट की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि की हुई है, जो यह दर्शाती है कि सरकार कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
प्रदेश में पुलिस अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए इस बजट में ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं। पुलिस अधोसंरचना निर्माण के लिए 518 करोड़ की राशि आवंटित की गई है, जो पिछले वर्षों के कुल बजट से भी अधिक है। पिछले बजट में इस मद के लिए 200 करोड़ की राशि रखी गई थी, लेकिन इस बार इसे ढाई गुना से अधिक बढ़ाया गया है। सरकार का यह निर्णय पुलिस बल को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने और उनके कार्यस्थल की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस थानों, प्रशिक्षण केंद्रों, प्रशासनिक भवनों और पुलिस आवासों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए यह राशि खर्च की जाएगी।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हमारी सरकार द्वारा बीते एक वर्ष में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। प्रदेश के जवान कठिन परिस्थितियों में भी पूरी बहादुरी से नक्सलवाद का सामना कर रहे हैं। बीते 14 महीनों में 157 मुठभेड़ों में 305 माओवादियों के शव बरामद हुए हैं, 396 हथियार और 492 आईईडी पकड़े गए हैं, जबकि 1205 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। हमारी पुनर्वास नीति एवं सुरक्षा बलों के दबाव के चलते 975 नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए आत्मसमर्पण किया है। यह हमारे सुरक्षा बलों की कार्यकुशलता और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का प्रतिफल है।
नक्सल उन्मूलन के लिए इस वर्ष के बजट में कई नए प्रावधान किए गए हैं। बस्तर के सातों जिलों में नक्सल विरोधी बल बस्तर फाइटर्स के लिए 3202 नए पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस के प्रशासनिक और आवासीय भवनों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। नक्सल आसूचना तंत्र को और मजबूत करने के लिए नवीन भवन निर्माण एवं उपकरणों के लिए लगभग 2.74 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नक्सल विरोधी अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 14 करोड़ की लागत से एक विशेष डब्लूएचएपी वाहन खरीदा जाएगा।
प्रदेश में पुलिस बल के आधुनिकीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस वर्ष के बजट में पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों, संचार उपकरणों, बुलेटप्रूफ जैकेट और विशेष निगरानी ड्रोन से लैस करने के लिए 350 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए प्रदेश में आधुनिक साइबर सेल की स्थापना की जा रही है, जिसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। पुलिस वाहनों की संख्या बढ़ाने एवं गश्त की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी इस बजट में महत्वपूर्ण आवंटन किया गया है। पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पुलिस आवासीय सुविधा को बेहतर बनाने के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे पुलिस कॉलोनियों का निर्माण एवं मरम्मत कार्य किया जाएगा। पुलिस कर्मियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 75 करोड़ की राशि आवंटित की गई है, जिसमें पुलिस अस्पतालों का उन्नयन एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति शामिल है। महिला सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ और ‘निर्भया पेट्रोलिंग यूनिट’ का विस्तार करने के लिए 100 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक थाना स्तर पर महिला हेल्पडेस्क स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिससे महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।प्रदेश में पुलिस और जनता के बीच समन्वय को बढ़ाने के लिए ‘जनसंवाद कार्यक्रम’ की शुरुआत की गई है, जिसके तहत स्थानीय नागरिकों और पुलिस अधिकारियों के बीच नियमित संवाद स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 30 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।
सड़क और संचार नेटवर्क का विस्तार भी सरकार की प्राथमिकता में है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए 53 नए सुरक्षा कैम्प स्थापित किए गए हैं। इस प्रयास के तहत नारायणपुर-धौड़ाई-दंतेवाड़ा-बारसूर मार्ग को चालू किया गया है, जिससे वर्षों से प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर सुरक्षा उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। वर्ष 2023 से जनवरी 2025 तक की अवधि में विभिन्न योजनाओं के तहत 49 मार्गों पर 243 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और 11 पुलों का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। संचार नेटवर्क को सशक्त करने के लिए माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में 577 नए मोबाइल टॉवर स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, विद्युतीकरण के कार्य भी तेज किए गए हैं, जिससे सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में पहली बार बिजली पहुँची है। प्रदेश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और विकास को प्राथमिकता देते हुए इस बजट में ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं। सरकार की मंशा केवल नक्सल उन्मूलन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश में शांति, विकास और स्थायित्व को स्थापित करना भी हमारा संकल्प है। पुलिस बल को सशक्त करने, अधोसंरचना का विकास करने, महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में यह बजट एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के अनुदान मांग पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग को सशक्त बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 474 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे संस्थानों का विस्तार, अधोसंरचना विकास और युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत देने के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति के तहत 500 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
सचिन पायलट कल छत्तीसगढ़ दौरे पर : कांग्रेस मुख्यालय में लेंगे महत्वपूर्ण बैठक, जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से करेंगे मुलाकात
रायपुर। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट बुधवार, 19 मार्च को छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे। इस दौरान वे शराब घोटाले मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात करेंगे। वहीं दोपहर 2 बजे कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें प्रदेश के तीनों सह-प्रभारी, पीसीसी अध्यक्ष, सदस्य और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
बता दें कि निकाय चुनाव के बाद यह सचिन पायलट का पहला छत्तीसगढ़ दौरा होगा। बैठक में संगठन में बदलाव, नई नियुक्तियां और हाल ही में हुई चुनावी हार की समीक्षा पर चर्चा हो सकती है। बैठक के बाद शाम 5 बजे सचिन पायलट दिल्ली लौट जाएंगे।
छत्तीसगढ़ चेंबर चुनाव 2025 : ललित जैसिंघ ने खरीदा फॉर्म, अध्यक्ष पद हेतु कल दाखिल करेंगे नामांकन
रायपुर। चेंबर चुनाव 2025 के लिए नामंकन प्रक्रिया जारी है. सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने आज नामांकन फॉर्म खरीदा. कल वे अपने समर्थक के साथ अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे.
ललित जैसिंघ ने कहा कि नामांकन पत्र खरीदा है. पिछले 25 साल से चेंबर से जुड़ा हुआ हूं. कई अलग-अलग पद में कार्य किया है. प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भी रहा. लगातार व्यापारी वर्ग के लिए हमेशा तत्पर रहता हूं. मै हमेशा व्यापारी समाज के लिए 24×7 उपलब्ध रहूंगा.
चेंबर चुनाव 2025 में नियमों के तहत, चेंबर का कोई भी सदस्य प्रत्याशी का प्रस्तावक व समर्थक हो सकता है. प्रस्तावक और समर्थक का नाम प्रकाशित मतदाता सूची में होना अनिवार्य है. किसी भी जिले का सदस्य किसी भी प्रत्याशी का प्रस्तावक या समर्थक बन सकता है.
बता दें कि नाम निर्देशन पत्र 17, 18 और 19 मार्च को 11:00 बजे से 2:00 बजे तक दिए जाएंगे. फॉर्म जमा करने का समय दोपहर 3:00 से शाम 6:00 बजे तक रहेगा. नाम निर्देशन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 मार्च को सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 तक रहेगा, नाम निर्देशन पत्र शुल्क प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष पद के लिए 31,000 रुपए, प्रदेश उपाध्यक्ष और मंत्री पद के प्रत्याशियों के लिए 15,000 रुपए तय किया गया है. साथ ही ये चुनाव की सभी प्रक्रिया चेंबर भवन में संपन्न की जाएगी.
निगम सभापति के चुनाव में अधिकृत प्रत्याशी की हार की जांच करने भाजपा की टीम पहुंची कोरबा, दर्ज कर रही पार्षदों के बयान…
कोरबा। कोरबा नगर निगम में सभापति चुनाव में अधिकृत प्रत्याशी की हार की वजह जानने के लिए बीजेपी की तीन सदस्यीय जांच टीम शहर में पहुंच गई है. टीम टीपी नगर स्थित भाजपा कार्यालय में बारी-बारी से भाजपा पार्षदों का बयान दर्ज कर रही है.
जानकारी के अनुसार, टीपी नगर स्थित भाजपा कार्यालय में टीम के सदस्य पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक रजनीश सिंह और श्रीनिवास पार्टी के नेताओं और पार्षदों से अलग-अलग चर्चा कर रहे हैं. चर्चा में जो भी बात सामने आएगी, उसकी रिपोर्ट जांच टीम प्रदेश संगठन को सौंपेगी, जिसे राष्ट्रीय संगठन को भेजा जाएगा.
बयान दर्ज करने से पहले कोरबा पहुंचने पर जांच टीम के तीन सदस्यों का स्वागत करने के लिए भाजपा नेता गोपाल मोदी, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉक्टर राजीव सिंह, वर्तमान जिला अध्यक्ष मनोज शर्मा और पूर्व महापौर जोगेश लांबा उपस्थित रहे.
सुकमा के युवाओं ने पहली बार राजधानी रायपुर का किया भ्रमण, दर्शक दीर्घा में बैठकर देखी सदन की कार्यवाही
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के दूरस्थ गांवों से आए युवाओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत नियद नेल्लानार योजना में शामिल सिलगेर, पूवर्ती, एलमागुंडा, लखापाल, शालातोंग, साकलेर, छोटेकेडवाल, बगडेगुड़ा और बेदरे जैसे गांवों के 119 युवा पहली बार अपने गांव से बाहर निकले और राजधानी रायपुर पहुंचे।इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान युवाओं ने रेलवे स्टेशन, छत्तीसगढ़ विधानसभा और वनवासी कल्याण आश्रम का दौरा किया।
राजधानी आगमन के दौरान युवाओं ने छत्तीसगढ़ विधानसभा का भ्रमण किया और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी, जिससे वे बेहद उत्साहित नजर आए। इस अवसर पर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से भेंट की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने युवाओं से चर्चा करते हुए कहा कि युवा चाहें तो अपने गांव में अमन-चैन और विकास की रोशनी फैला सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं से उनके गांव की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके गांवों में पक्की सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, राशन, चिकित्सा और आवास जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की और कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में हम सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को विकसित और समृद्ध राज्य बनाएंगे।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नियद नेल्लानार योजना के तहत गांवों के आर्थिक विकास के लिए विशेष रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इन गांवों के निकट नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि आजादी के 75 साल बाद पहली बार अपने गांव से बाहर निकल कर राजधानी पहुंचे अनेक ग्रामीणों ने प्रदेश की प्रगति को नजदीक से देखा और भविष्य में अपने गांवों के विकास में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचे और वहां के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। राज्य सरकार प्रदेश के माओवाद प्रभावित इलाकों में तेजी से बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है।
राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अब इन दूरस्थ गांवों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना और नियद नेल्ला नार योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीण युवाओं को प्रदेश की विकास प्रक्रिया से जोड़ने में मदद मिल रही है। यह पहल न केवल इन गांवों के युवाओं के लिए एक नई आशा की किरण लेकर आई है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के उज्जवल भविष्य की भी झलक देती है।
राजधानी के वीरभद्र नगर में घनी आबादी वाले इलाके के बीच घर में लगी भीषण आग, मचा हड़कंप, देखें वीडियो..
रायपुर। राजधानी रायपुर में टिकरापारा के पास वीरभद्र नगर इलाके में एक घर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग की लपटें और धुआं कई किलोमीटर दूर कैनाल रोड से भी देखा जा सकता था। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग को अलर्ट किया गया, जिसके बाद दमकल की गाड़ियां मौके के लिए रवाना हो गई है।
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बता दें कि मौके पर स्थानीय लोग आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए दमकल टीम का इंतजार किया जा रहा है। यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
बोर्ड परीक्षा के बीच बिजली विभाग ने 100 से ज्यादा घरों के कनेक्शन काटे, ग्रामीणों का भड़का आक्रोश, यूथ कांग्रेस ने तहसील कार्यालय का घेराव कर सौंपा ज्ञापन
गरियाबंद। बोर्ड परीक्षाओं के बीच बिना किसी पूर्व सूचना के 100 से अधिक घरों के बिजली कनेक्शन काटे जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। बिजली विभाग द्वारा लंबित बिल भुगतान का हवाला देकर की गई इस कार्रवाई के विरोध में यूथ कांग्रेस ने तहसील कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया और प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और ब्लॉक अध्यक्ष मनोज पांडे ने किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा के दौरान बिजली काटना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। नेताम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन दिन के भीतर बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किए गए, तो हितग्राही परिवारों के साथ मिलकर वे बिजली कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
लो वोल्टेज और बिजली कटौती बनी ग्रामीणों की बड़ी समस्या
ग्रामीणों ने बताया कि सिर्फ कनेक्शन काटने की समस्या ही नहीं, बल्कि लो वोल्टेज और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से भी लोग परेशान हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई, व्यापार और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद यूथ कांग्रेस नेताओं ने तहसीलदार अनिल भोई को ज्ञापन सौंपा, जिसमें बिजली कनेक्शन की बहाली और लो वोल्टेज की समस्या के समाधान की मांग की गई।
अब देखना होगा कि प्रशासन तीन दिन के भीतर कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं, या फिर ग्रामीणों को आंदोलन के अगले चरण में जाना पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की 500 करोड़ से अधिक की जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री, दोषियों के खिलाफ जल्द दर्ज होगी FIR
रायपुर। राजधानी के प्रमुख बाजारों में वक्फ बोर्ड की 500 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की जमीन पर भू-माफिया ने कब्जा कर रखा है. कई जमीनों को फर्जी तरीके से खरीदकर रजिस्ट्री भी करवा ली गई है. ऐसी जमीनों की रजिस्ट्री को रद्द कराने के लिए वक्फ बोर्ड ने कलेक्टर को पत्र लिखकर शिकायत की थी. इस मामले में कभी भी इन फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के ऊपर FIR दर्ज हो सकती है.
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ. सलीम राज ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर वक्फ बोर्ड की जमीन पर किए गए कब्जों को हटाने और फर्जी रजिस्ट्री को रद्द करने की मांग की है. साथ ही कलेक्टर को भी पत्र भेजा है कि फर्जी रजिस्ट्री को रद्द कराकर जमीन, मकान पर काबिज लोगों पर FIR दर्ज कराई जाए. साथ ही कब्जा खाली कराया जाए।
इस मामले में छत्तीसगढ़ बक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि अवैध तरीके से छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की जमीन को भू-माफिया ने बेचा है. बेचने वाला अज्ञात है. ऐसा करोड़ों रुपयों का फर्जीवाड़ा जमीन में किया गया है. सभी कलेक्टर और SSP को निर्देश दिया गया है कि इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए. डॉ. सलीम ने कहा, जयस्तंभ चौक, सिविल लाइन, डीडी नगर, गोल बाजार सहित कई जगह पर भूमाफिया ने वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जा किया है.
इन इलाकों की जमीन पर भूमाफिया ने किया है कब्जा
बता दें कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ. सलीम राज के अनुसार राजधानी के प्रमुख बाजारों में से मालवीय रोड, सदरबाजार, हलवाई लाइन, बैजनाथपारा, मोतीबाग, शास्त्री बाजार, टिकरापारा, लाखेनगर आदि इलाकों में वक्फ बोर्ड की करोड़ों की जमीनों पर भू-माफिया और प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर रखा है. डॉ. सलीम ने कहा, विष्णुदेव साय की सरकार जीरो टॉलरेंस सरकार है. इस सरकार में बिल्कुल भी भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा. जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों पर जल्द कार्रवाई हो सकती है.
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिले मुख्यमंत्री साय, शहरी विकास और ऊर्जा के विषयों पर की चर्चा, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू रहे मौजूद
रायपुर। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सदन भवन परिसर में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की. इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू उपस्थित रहे.
मुलाकात के दौरान सीएम साय और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पुष्प गुच्छ भेंट किया. बैठक में शहरी विकास और ऊर्जा से संबंधित विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई. बता दें कि इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की.