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पानी को बनाया नहीं जा सकता, केवल बचाया जा सकता है : पद्मश्री उमा शंकर पांडे
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र (CGSCCC) द्वारा नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में ”सतत आवास और कृषि क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (APCC) के क्रियान्वयन” पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एयर कंडीशनर तापमान विनियमन पर पोस्टर और जलवायु परिवर्तन से संबंधित 100 सफलता कहानियों पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया गया।
कार्यशाला में पद्मश्री उमा शंकर पांडे ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल संकट आज विश्व की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है। उन्होंने यह बात दोहराई कि पानी बनाया नहीं जा सकता, केवल बचाया जा सकता है। उन्होंने सभी से जल बचाने की अपील की और इस दिशा में ठोस व सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए संग्रहालय और विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, उन्होंने यह सुझाव दिया कि छात्रों को पानी बचाने के उपायों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाए और ”पानी की पाठशाला” जैसी पहल शुरू की जाए, ताकि जल के महत्व और उसके संरक्षण की तकनीकों को लोगों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी पद्धतियां अपनाई जानी चाहिए, जिनसे घर का पानी घर में, गांव का पानी गांव में और जंगल का पानी जंगल में ही संरक्षित रहे। उन्होंने नया रायपुर में मौजूद जल संरचनाओं और जलाशयों की सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की प्रशंसा की और नदियों को स्वच्छ रखने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या को कम करने के लिए समुदाय की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस दिशा में ”प्लास्टिक का उपयोग न करने” और आम जनता के बीच जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी), हरित भवन (ग्रीन बिल्डिंग), और हरित इस्पात (ग्रीन स्टील) जैसे नवाचारी उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समुदाय के प्रत्येक सदस्य को अपनी भूमिका समझनी होगी और पर्यावरण अनुकूल आदतें विकसित करनी होंगी। साथ ही, उन्होंने जोर दिया कि जागरूकता अभियानों और स्थानीय स्तर पर प्रयासों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सतत आवास और कृषि क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रभावी समाधान खोजने के साथ-साथ (APCC) के तहत बनाई गई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा करना है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र (CGSCCC) राज्य की जलवायु परिवर्तन संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री और वन मंत्री के नेतृत्व में तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के मार्गदर्शन में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यशाला में आबकारी विभाग की सचिव एवं आयुक्त आर. संगीता, आईआईटी मुंबई के क्लाइमेट स्टडीज विभाग के प्रोफेसर डॉ. रघु मर्तुगुडे, तमिलनाडु WTC के पूर्व निदेशक डॉ. पन्नीरसेल्वम, रायपुर नगर निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा, बेंगलुरु के वास्तुकार डॉ. सुजीत कुमार, अंबिकापुर नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी रितेश सैनी और नर्मदा नैचुरल फार्म्स के संस्थापक संकल्प शर्मा सहित अन्य विशेषज्ञों ने भाग लिया। इन विशेषज्ञों ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपने विचार और अनुभव साझा किए।
कार्यशाला में दो तकनीकी सत्र और दो पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। कार्यशाला में विभिन्न विषय विशेषज्ञों, अधिकारियों और पर्यावरणविदों सहित पीसीसीएफ आनंद बाबू, अतिरिक्त पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) प्रेम कुमार, वानिकी विशेषज्ञ बी.पी. सिंह, आईएफएस अधिकारी अमिताभ बाजपेयी, और कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
धान खरीदी केंद्र और आंगनबाड़ी का कमिश्नर कावरे ने किया औचक निरीक्षण, धान तौल में पाई गई गड़बड़ी, प्रभारी निलंबित, सुपरवाइजर को भी किया सस्पेंड …
रायपुर। संभागायुक्त महादेव कावरे ने बिलासपुर सहित मुंगेली और जांजगीर-चांपा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने मुंगेली जिले के चंदखुरी धान खरीदी केंद्र में तौल में गड़बड़ी पाये जाने पर खरीदी प्रभारी भुवनेश्वर साहू को तत्काल हटाने के निर्देश दिए. महादेव कावरे ने सहायक पंजीयक सहकारिता को पत्र प्रेषित कर गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार केंद्र प्रभारी को निलंबित करने को कहा है.
कमिश्नर कावरे ने निरीक्षण के दौरान अपने समक्ष में धान का तौल करवाया. तौल में 40 किलोग्राम के बोरा में वजन 41.33 किलोग्राम वजन पाया गया. वहीं जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम अमरताल तहसील अकलतरा की महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर अनिता साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. कमिश्नर के निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र 2 में एक भी बच्चे केंद्र में उपस्थित नहीं पाए गए.
संभागायुक्त कावरे ने शासकीय योजनाओं का फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन का जायजा लेने के क्रम में जांजगीर-चांपा, मुंगेली और बिलासपुर का दौरा किया. उन्होंने इस दौरान निर्वाचक नामावलियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य का जायजा भी लिया. उन्होंने जांजगीर जिले के अमरताल में आंगनबाड़ी और स्कूल का निरीक्षण किया. इसके बाद तिलई धान खरीदी केंद्र पहुंचे. वहां मौजूद किसानों और कर्मचारियों से चर्चा कर धान खरीदी की प्रगति की जानकारी ली. इसके बाद मुंगेली जिले के सरगांव में शासकीय कन्या उमावि एवं आत्मानंद बालक उमावि का निरीक्षण किया.
चंदखुरी धान खरीदी केंद्र का भी अवलोकन किया. धान खरीदी के अंतर्गत तौल में गड़बड़ी पाई गई. निर्धारित मात्रा से ज्यादा मात्रा में किसानों से तौल में लिया जा रहा था. सहायक पंजीयक सहकारिता को केंद्र प्रभारी को हटाकर निलंबित करने के निर्देश दिए. बिलासपुर जिले के रहंगी में निर्वाचक नामावली के संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रगति की जानकारी ली और मध्यान्ह भोजन का निरीक्षण किया. धान खरीदी केंद्र हिर्री भी पहुंचे. अभी तक वहां सीसीटीवी केमरा स्थापित नहीं हुआ है. कमिश्नर ने खरीदी केंद्र में कैमरा लगाने, निर्धारित मात्रा में ही धान की तौल करने और केंद्र में किसानों की सुविधाओं का ख्याल रखने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सुगमता से हो रही धान की खरीदी, छत्तीसगढ़ में अब तक 18.09 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीदी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में धान 14 नवम्बर सें शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। राज्य में 14 नवम्बर से अब तक 18.09 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 3.85 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 3706 करोड़ 69 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 29 नवम्बर को 46345 किसानों से 2.12 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 54805 टोकन जारी किए गए थे।
छात्रों को शीघ्र पासपोर्ट सुविधा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया मुद्दा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के छात्रों को शीघ्र और सुलभ पासपोर्ट सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। श्री अग्रवाल ने केंद्रीय विदेश मंत्री से राज्य में पासपोर्ट सेवा केंद्रों की वर्तमान स्थिति और लंबित मामलों की जानकारी मांगी थी।
इस पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि कोई भी छात्र तत्काल श्रेणी में अतिरिक्त शुल्क देकर शीघ्र पासपोर्ट प्राप्त कर सकता है। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 2014 से 2024 के बीच कुल 10 पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) खोले जा चुके हैं, जिनमें महासमुंद को छोड़कर सभी लोकसभा क्षेत्रों में एक-एक केंद्र कार्यरत है।
श्री अग्रवाल ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार ने पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया को सरल और उदार बनाते हुए यह सुविधा दी है कि आवेदक देश के किसी भी क्षेत्र से पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, एमपासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
देशभर में पासपोर्ट सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान में 93 पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) और 442 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2024-25 के लिए पासपोर्ट संबंधी गतिविधियों के लिए 924 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है। जानकारी के मुताबिक रायपुर पासपोर्ट कार्यालय में वर्तमान में 1,929 पासपोर्ट मामले लंबित हैं। बृजमोहन अग्रवाल ने इस पहल को राज्य के छात्रों और नागरिकों के लिए बड़ी राहत करार देते हुए विश्वास जताया कि शीघ्र पासपोर्ट सेवा से छत्तीसगढ़ के युवाओं को विदेश जाने के अवसरों में तेजी आएगी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ‘द साबरमती रिपोर्ट’ देखकर हुए भावुक, कहा – इस फिल्म ने देश के सामने लाया गोधरा में हुई हिंसा का सत्य
फिल्म के दौरान उनके साथ प्रमुख रूप से जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश पटेल, वरिष्ठ भाजपा नेता खूबचंद पारख, दिनेश गांधी, संतोष अग्रवाल, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, कोमल सिंह राजपूत, लीलाधर साहू, गिन्नी चावला, मधु बैद, भावेश बैद, सुमीत भाटिया, मूलचंद भंसाली समेत बड़ी संख्या में नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।


लोगों के संघर्ष और बलिदान को समर्पित है फिल्म
“द साबरमती रिपोर्ट” फिल्म राम मंदिर आंदोलन के ऐतिहासिक संघर्ष की सजीव झलक प्रस्तुत करती है, जिससे लोगों को उस समय की कड़ी चुनौतियों और संघर्षों की गहरी समझ मिलती है। यह फिल्म उन सभी लोगों के संघर्ष और बलिदान को समर्पित है, जिन्होंने इस आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 सर्वेक्षण : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए हितग्राहियों को समय देने के दिए निर्देश
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए वर्तमान में जारी सर्वेक्षण के दौरान ऐसे पात्र नागरिकों जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं है, उनके आवेदन तत्काल निरस्त नहीं करते हुए उन्हें दस्तावेजों के लिए समय प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगरीय निकायों को हितग्राहियों के जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेजों के लिए संबंधित राजस्व कार्यालय से व्यक्तिगत समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राहियों के राजस्व कार्यालयों में लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करने के लिए राजस्व विभाग को पत्र प्रेषित किया है।
केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी क्षेत्रों में 'सबके लिए आवास' मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। इसके लिए हितग्राही परिवार का आधार कार्ड, बैंक खाता, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज इत्यादि की प्रविष्टि भारत सरकार द्वारा अनिवार्य की गई है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव को कुछ हितग्राहियों के माध्यम से यह पता चलने पर कि वांछित दस्तावेजों में से मुख्यतः राजस्व संबंधी दस्तावेजों की कमी के कारण पोर्टल पर हितग्राहियों की जानकारी दर्ज नहीं हो पा रही है, श्री साव ने हितग्राहियों की असुविधा को देखते हुए और योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाने के लिए सहानुभूतिपूर्वक कार्यवाही करते हुए सभी नगरीय निकायों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी नगरीय निकायों में योजना के अन्तर्गत प्रक्रियाधीन हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) में प्राप्त हो रहे आवेदनों में अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त न करते हुए संबंधित हितग्राहियों को दस्तावेजों की पूर्ति के लिए यथोचित समयावधि प्रदान करने को कहा है, जिससे अधिकतम हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया जा सके। श्री साव ने हितग्राहियों के जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेजों के लिए संबंधित राजस्व कार्यालय से व्यक्तिगत समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश नगरीय निकायों को दिए हैं, जिससे कि संभावित हितग्राहियों को दस्तावेज प्राप्त करने में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का लाभ हर हाल में अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही परिवार को आवास दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पात्र हितग्राही परिवारों को योजना में शामिल करने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है।
मुख्यमंत्री से केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज शाम उनके निवास में छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री सोमन्ना का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री सोमन्ना से राज्य में रेल परियोजनाओं के विकास सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव द्वय पी. दयानंद और डॉ. बसवराजु एस, मंडल रेल प्रबंधक रायपुर संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने ’बस संगवारी एप’ लॉन्च किया, बस यात्रियों, विशेष रूप से दूरस्थ अंचलों के यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक होगा एप का उपयोग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों को अब बस की समय-सारणी और बस रूट की जानकारी घर बैठे मिल सकेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सुशासन की अवधारणा पर अमल करते हुए यात्रियों की यात्रा को सुगम और सरल बनाने के लिए ’बस संगवारी एप’ लॉन्च किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बस संगवारी एप बस यात्रियों, विशेष रूप से दूरस्थ अंचलों के यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक होगा। निकट भविष्य में इस एप के माध्यम से अंतर्राज्यीय बसों के परिवहन और बसों के रियल टाइम ट्रेकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। अभी यात्रियों को बस की टाइमिंग पता करने के लिए बस स्टैण्ड या बस स्टॉप पर जाना पड़ता है। लोगों की इस परेशानी का समाधान इस एप के जरिए मिल सकेगा। परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश ने बस संगवारी एप के संचालन के बारे में मुख्यमंत्री श्री साय को विस्तार से जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा तैयार कराए गए इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। इस एप के माध्यम से यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन सुविधाजनक होगा। इस एप में वर्तमान में 5 हजार से अधिक बसों को शामिल किया गया है, जो विभिन्न रूट में संचालित हैं। जल्द ही अंतर्राज्यीय बसों के संचालन की जानकारी भी इस एप के माध्यम से मिल सकेगी। बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। बस संगवारी एप को जीपीएस के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जिससे बसों की लाइव ट्रेकिंग भी की जा सकेगी।
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसव राजू एस. और राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आबकारी सचिव आर. संगीता, एडीजी ट्रेफिक प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर उपस्थित थे। बैठक में सभी संभागों के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक वर्चुअली शामिल हुए। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष एवं एआईजी ट्रेफिक संजय शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दिया।
छत्तीसगढ़ की इनामी महिला नक्सली ओडिशा में गिरफ्तार, कई बड़े मुठभेड़ों में थी शामिल
बस्तर। छत्तीसगढ़ की एक महिला नक्सली को ओडिशा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार महिला नक्सली माओवादी नेता की सुरक्षा टीम की सदस्य थी और कई बड़े मुठभेड़ में शामिल थी. इस नक्सली पर दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित था.
ओडिशा की मलकानगिरी पुलिस ने आंती माड़वी उर्फ लाके को एमवी-79 थाना क्षेत्र के कुर्ती जंगल से गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, लाके 11 बड़े नक्सली मुठभेड़ों में शामिल रही है. वह मलकानगिरी के तुलसी और दुलदुला एनकाउंटर में भी सक्रिय भूमिका निभा चुकी है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने लाके से पूछताछ शुरू कर दी है.
मानेसर दिल्ली की NSG टीम छत्तीसगढ़ में दे रही पीएसओ प्रशिक्षण, आपातकालीन परिस्थितियों से बचने के बता रहे तरीके
रायपुर। मानेसर (गुड़गांव) की एनएसजी टीम रायपुर में रहकर छत्तीसगढ़ के व्हीआईपी की सुरक्षा में लगे पीएसओ को कड़ा प्रशिक्षण दे रही है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अति. पुलिस महानिदेशक ( गुप्तवार्ता) आईपीएस अमित कुमार के प्रयास एवं मार्गदर्शन में चल रहा है. प्रथम बैच में 18 से 30 नवंबर तक बारह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्यभर के 100 से अधिक पीएसओ ने भाग लिया. NSG द्वारा राज्य के सभी पुलिस इकाई के वाहन चालकों को भी 6-6 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें आपातकाल में चालकों द्वारा किए जाने वाले ड्रील शामिल है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में आज होमगार्डस ग्राउंड माना में पीएसओ एवं पुलिस वाहन चालकों का संयुक्त अभ्यास NSG के नेतृत्व में कराया गया, जिसमें आपातकालीन परिस्थिति में वाहन चालकों एवं पीएसओ द्वारा क्या किया जाना है, इसे विस्तार से दिखाया एवं ड्रिल द्वारा समझाया गया. आज डेमो ड्रिल अभ्यास में अति. पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार स्वयं उपस्थित रहकर ड्रिल का सूक्ष्मता से अवलोकन किया. एडीजी (गुप्तवार्ता) के अतिरिक्त डेमो ड्रिल अभ्यास में व्हीआईपी सुरक्षा वाहिनी के कमाडेंट हरीश राठौर, पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय माना के पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिंज, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (सुरक्षा) ज्ञानेन्द्र अवस्थी उपस्थित रहे। एनएसजी प्रशिक्षण दस्ते के मुखिया ग्रुप कमांडर राजीव पनवर और उनके सहायतार्थ 13 एनएसजी दल के सदस्य उपस्थित रहे.

एनएसजी के ग्रुप कमांडर ने की पुलिस जवानों की सराहना
अति. पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता ने अपने आशीर्वचन में पुलिस में प्रशिक्षण के महत्व पर बल दिया. व्हीआईपी सुरक्षा में लगे जवानों को भविष्य में भी लगातार प्रशिक्षण दिए जाने पर जोर देते हुए एनएसजी को श्रेष्ठ प्रशिक्षण दल बताया. सेनानी व्हीआईपी सुरक्षा वाहिनी ने पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रशिक्षणार्थियों की संख्या आदि के बारे में बताया. ग्रुप कमांडर NSG राजीव पनवर ने राज्य के व्हीआईपी सुरक्षा में लगे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पुलिस जवानों की सराहना की. पुलिस जवानों को धैर्य और समर्पण की भावना से प्रशिक्षण प्राप्त करने की बात कही. आज के डेमो कार्यक्रम में व्हीआईपी के काफिले में बाहरी आक्रमण होने पर पीएसओ द्वारा दिए जाने वाले प्रतिक्रिया के बारे में दर्शाया गया. डेमो कार्यक्रम के मंचीय कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन सहायक सेनानी निशांत शर्मा ने किया.
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से हो पालन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में प्रदेश के सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सड़क दुर्घटना के नियंत्रण के उपायों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण के लिए दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट के उपयोग तथा वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्य में तेजी लाने, जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने, सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के इलाज के लिए निर्माणाधीन ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट्स का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में परिवहन विभाग द्वारा तैयार कराया गया ‘‘बस संगवारी एप’’ लांच किया और परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा पर प्रकाशित पोस्टर का विमोचन किया।
बैठक में जानकारी दी गई कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के राज्य शैक्षणिक अनुसंधान परिषद की पाठ्यपुस्तकों में सड़क यातायात नियमों से संबंधित अध्याय पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। बैठक में बताया गया कि यातायात व्यवस्था का इलेक्ट्रॉनिक सर्विलेंस रायपुर, बिलासपुर और नवा रायपुर में किया जा रहा है। भिलाई और दुर्ग में यह व्यवस्था आंशिक रूप से संचालित है। सितंबर 2023 से अक्टूबर 2024 तक 101 ब्लैक स्पॉट और 748 जंक्शन के सुधार कार्य पूर्ण किए गए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने पर सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु की संभावना 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग द्वारा 6 लाख 70 हजार से अधिक तथा पुलिस विभाग द्वारा 4 लाख 87 हजार से अधिक चालानी कार्यवाही की गई है। 01 जनवरी 2023 से 31 अक्टूबर 2024 तक 7826 वाहन चालकों का लायसेंस निलंबित किया गया है। 8 दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों राजनांदगांव, धरसींवा अभनपुर, पाली, सिमगा, सुकमा, बेमेतरा और पत्थलगांव में ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। 14 हजार 261 वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस, 72 हजार से अधिक वाहनों में स्पीड गवर्नर तथा 2200 बसों में पेनिक बटन लगाए गए हैं। बैठक में ब्लैक स्पॉट की पहचान, सुधार की कार्यवाही, सड़कों में यातायात संकेतक, होर्डिंग्स हटाने, फुटपाथ, पार्किंग, सर्विस लेन से अतिक्रमण हटाने आदि कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसव राजू एस. और राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आबकारी सचिव आर. संगीता, एडीजी ट्रेफिक प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर उपस्थित थे। सभी संभागों के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक वर्चुअली बैठक में शामिल हुए। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष एवं एआईजी ट्रेफिक संजय शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दिया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया पीएम स्वनिधि योजना का मुद्दा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पीएम स्वनिधि योजना से पटरी दुकानदारों में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। यह कहना है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री पथ विक्रेता आत्मनिर्भरता निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के प्रभाव और प्रगति को लेकर लोकसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से जानकारी मांगी थी। जिसपर विभागीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने जानकारी दी कि यह योजना राज्य के पटरी दुकानदारों के लिए आत्मनिर्भरता बढ़ाने का माध्यम बन रही है।
मंत्रालय से मिली जानकारी को साझा करते हुए श्री अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब तक 87,565 लाभार्थियों को प्रथम ऋण के तहत 87.04 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई है। इसके साथ ही, प्रथम, द्वितीय और तृतीय ऋण के तहत कुल 1,25,267 लाभार्थियों को 181.82 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।
इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पटरी दुकानदारों को न केवल आर्थिक सहायता मिली है, बल्कि उनकी आजीविका सुदृढ़ हुई है और आत्मनिर्भरता को बल मिला है। बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना छोटे व्यापारियों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आर्थिक मजबूती प्रदान करने में मील का पत्थर साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन देने और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा आवास : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 15,000 आवासों की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए यह पहल एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 15,000 आवास केवल मकान नहीं बल्कि उन परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस योजना को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन देने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। पीड़ित परिवारों को आवास मिल जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना सामाजिक समरसता और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस योजना में विशेष रूप से उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनका नाम सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 और आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं था। इन नामों को 6 दिसंबर 2024 तक आवास प्लस पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति केंद्र सरकार द्वारा दी गई है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने की स्वीकृति हेतु निवेदन किया था परिणामस्वरूप 15 हजार आवास की स्वीकृति भारत सरकार से दी गयी है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस विशेष परियोजना के तहत पुलिस अधीक्षक जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों की सूची प्रदान करेंगे। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा इस सूची का सर्वेक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत कलेक्टर के माध्यम से लाभार्थियों के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप आवास निर्माण की प्रक्रिया आरंभ होगी।
शासन की अभिनव पहल : रायपुर में 2025 तक घर-घर पहुंचेगी नेचुरल गैस, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण में होगा सुधार

आज रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देशानुसार नगर निगम रायपुर के आयुक्त अविनाश मिश्रा ने भारत सरकार के उपक्रम गेल इंडिया लिमिटेड के उपमहाप्रबंधक निर्माण जे.के. पाण्डेय और रायपुर में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति घरों में किये जाने डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाने अधिकृत हरियाणा गैस एजेंसी के प्रबंधक राकेश रंजन, नगर निगम रायपुर के अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, कार्यपालन अभियंता अंशुल शर्मा की उपस्थिति में इस संबंध में चर्चा कर संबंधित अधिकारियों से योजना की आवश्यक जानकारी ली.
आयुक्त को गेल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों ने जानकारी दी कि मुंबई नागपुर झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइप लाइन से रायपुर शहर क्षेत्र में घरों के लिए प्राकृतिक गैस आपूर्ति और शहर क्षेत्र में सीएनजी स्टेशन के माध्यम से वाहनों में प्राकृतिक ईंधन आपूर्ति की अभिनव योजना पर कार्य निरंतर प्रगति पर है. वर्ष 2025 के दौरान रायपुर शहर में प्राकृतिक गैस पाइप लाइन आपूर्ति से संबंधित योजना का व्यवहारिक क्रियान्वयन शासन के निर्देशानुसार करने की योजना है. इस योजना के राजधानी शहर रायपुर में क्रियान्वयन से शहर में प्रदूषण नियंत्रण का कार्य और अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा एवं वायु गुणवत्ता में इससे शहर में सुधार क्रियान्वयन के माध्यम से दृष्टिगोचर हो सकेगा. इसके माध्यम से राजधानी शहर में पर्यावरण संरक्षण का कार्य प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा.
घर-घर पहुंचेगी नेचुरल गैस कनेक्शन सुविधा
जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 के दौरान भारत सरकार के उपक्रम गेल इंडिया लिमिटेड के माध्यम से बिछाई जा रही मुख्य प्राकृतिक गैस पाइप लाइन से वितरक लाइन रायपुर शहर क्षेत्र में इस के लिए अधिकृत हरियाणा गैस एजेंसी के माध्यम से बिछाकर लगभग 1 लाख घरों में सीएनजी गैस आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाकर कनेक्शन देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है. इस के लिए प्राकृतिक गैस आपूर्ति पाइप लाइन बिछाकर घरों में की जायेगी एवं शहर में वाहनों में प्राकृतिक ईंधन आपूर्ति के लिए सीएनजी स्टेशन खोले जायेंगे. औद्योगिक क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस आपूर्ति करने का कार्य वर्ष 2025 के दौरान किये जाने की योजना पर कार्य प्रगति पर है. आयुक्त अविनाश मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को शासन की लोककल्याणकारी योजना का क्रियान्वयन का कार्य प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है.
ऊर्जा और जल संरक्षण के विषय में क्रेडा ने किया कार्यशाला का आयोजन, 100 से अधिक किसान हुए शामिल …
रायपुर। क्रेडा विभाग द्वारा ऊर्जा और जल संरक्षण विषय पर प्रतिवर्ष किसानों की जागरूकता के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जाता है. इस अवसर पर ऊर्जा और जल संरक्षण के महत्व पर जागरूकता फैलाने और ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा संरक्षण में राष्ट्र की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाता है. इसी कड़ी में क्रेडा ने जागरूकता कार्यक्रम सह अर्द्धदिवसीय कार्यशाला का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र रायपुर में किया. जिसमें जिले के लगभग 100 किसानों ने हिस्सा लिया. कार्यशाला में लाईव पंप का डेमोंस्ट्रेशन भी किया गया और जागरूकता रैली भी निकाली गई.
इस अवसर पर आकाश शर्मा, जिला प्रभारी क्रेडा रायपुर ने छत्तीसगढ़ शासन के नेतृत्व और क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा के मार्गदर्शन में प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में क्रियान्वित और संचालित की जा रही समस्त योजनाओं एवं प्रयासों की जानकारी दी गई. इसके अलावा समस्त कृषकों को ऊर्जा संरक्षण के बारे में जानकारी देते हुए उच्च ऊर्जा दक्षता और स्टार रेटेड पंपों और उपकरणों के उपयोग के विषय में जानकारी भी दी और वैश्विक स्तर पर भारतीय मानक ब्यूरों के दिशा निर्देशों के बारे में बताया गया.
कार्यशाला में समस्त कृषकों को सौर सुजला योजना, पी.एम. सूर्यधर मुफ्त बिजली योजना, बायोगैस कार्यक्रम और क्रेडा द्वारा विकसित सौर समाधान ऐप जिसका विमोचन मुख्यमंत्री ने दिनांक 18.112024 को किया गया है, इसकी जानकारी भी दी गई. इस ऐप के माध्यम से प्रदेश अंतर्गत सौर ऊर्जा से संबधित समस्त परियोजनाओं की जानकारी प्रदेश की जनता को उपलब्ध होगी, साथ ही प्रदेश अंतर्गत क्रेडा द्वारा स्थापित समस्त सौर संयंत्रों के प्रभावी संचालन/संधारण और मॉनिटरिंग भी किया जाएगा. इस ऐप को गुगल प्ले स्टोर में सौर समाधान-CGCREDA लिखकर डाऊनलोड किया जा सकता है.
कार्यशाला में इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय रायपुर के डीन जी के दास, आकाश शर्मा क्रेडा जिला प्रभारी रायपुर, गौतम रॉय प्रोजेक्ट हेड और साइंटिस्ट, प्रियंका पचौरी प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर, आदित्य बघेल सहायक अभियंता, नाथूराम महावी उप अभियाग, सुनील कुमार टोप्पो उप अभियंता और अन्य वार्मचारी गण उपस्थित रहे.
ग्रामीणों ने रोका रेल विस्तार का काम, गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
कोरबा। रेल विस्तार से खराब हुई सड़क को लेकर मड़वाढोढा के पास ग्रामीणों ने माकपा के नेतृत्व में काम को रोक दिया है. बड़ी संख्या में ग्रामीण काम रुकवाने पहुंचे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि रेल विस्तार के कारण सड़क खराब हो गई है. इसके चलते बरसात में सड़क बंद हो जाएगी.
ग्रामीणाें के मुताबिक, गेवरा पेंड्रा रेल विस्तार के लिए मड़वाढोढा एवं पुरैना गांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को जर्जर कर दिया गया है. बरसात में सड़क मार्ग पूर्ण रूप से बंद हो जाएगा. खराब सड़क को लेकर मड़वाढोढा और पुरैना गांव के ग्रामीणों ने माकपा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन करते हुए रेल विस्तार के काम को बंद करा दिया है.

ग्रामीणों ने कहा कि जब तक मड़वाढोढा एवं पुरैना गांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को ठीक नहीं किया जाएगा तब तक रेल विस्तार के कार्य को शुरू नहीं होने देंगे. ग्रामीणों के विरोध के बाद गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.
वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास से सामाजिक अंधविश्वास हटेंगे- डॉ. दिनेश मिश्र

डॉ. मिश्र ने अंधविश्वास एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आयोजित कार्यक्रम कहा हमारे देश के विशाल स्वरूप में अनेक जाति, धर्म के लोग हैं जिनकी परंपराएँ व आस्था भी भिन्न-भिन्न है लेकिन धीरे धीरे कुछ परंपराएँ, अंधविश्वासों के रूप में बदल गई है. जिनके कारण आम लोगों को न केवल शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा से गुजरना पड़ता है बल्कि ठगी का शिकार होना पड़ता है. कुछ चालाक लोग आम लोगों के मन में बसे अंधविश्वासों, अशिक्षा व आस्था का दोहन कर ठगते हैं. उन अंधविश्वासों व कुरीतियों से लोगों को होने वाली परेशानियों व नुकसान के संबंध में समझा कर ऐसे कुरीतियों का परित्याग किया जा सकता है. विभिन्न सामाजिक व चिकित्सा के संबंध में व्याप्त अंधविश्वासों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा देश के विभिन्न प्रदेशों में अनेक प्रकार के अंधविश्वास प्रचलित हैं जो न केवल समाज की प्रगति में बाधक हैं बल्कि आम व्यक्ति के भ्रम को बढ़ाते हैं, उसके मन की शंका-कुशंका में वृद्धि करते हैं.
डॉ. मिश्र ने कहा छत्तीसगढ़ में टोनही के नाम पर महिला प्रताडऩा की घटनाएँ आम है जिनमें किसी महिला को जादू-टोना करके नुकसान पहुँचाने के संदेह में हत्या, मारपीट कर दी जाती है जबकि कोई नारी टोनही या डायन नहीं हो सकती, उसमें ऐसी कोई शक्ति नहीं होती जिससे वह किसी व्यक्ति, बच्चों या गाँव का नुकसान कर सके. जादू-टोने के आरोप में महिला प्रताडऩा रोकना आवश्यक है. अंधविश्वासों के कारण होने वाली टोनही प्रताडऩा/बलि प्रथा,तथा सामाजिक बहिष्कार जैसी घटनाओं से भी मानव अधिकारों का हनन हो रहा है. अंधविश्वासों एवं सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिये प्रदेश में पिछले 29 वर्षों से कोई नारी टोनही नहीं अभियान चलाया जा रहा है.

डॉ. मिश्र ने कहा कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास अतिआवश्यक है. कई बार लोग चमत्कारिक सफलता प्राप्त करने की उम्मीद में ठगी के शिकार हो जाते हैं, जबकि किसी भी परीक्षा, साक्षात्कार, नौकरी प्रमोशन के लिए कठोर परिश्रम व सुनियिोजित तैयारी आवश्यक है. तुरन्त सफलता के लिए किसी चमत्कारिक अँगूठी, ताबीज, तंत्र-मंत्र कथित बाबाओं के चक्कर में फँसने की बजाय परिश्रम का रास्ता अपनाना ही उचित है.
डॉ. मिश्र ने कहा समाज में जादू-टोना, टोनही आदि के संबंध में भ्रामक धारणाएँ काल्पनिक है, जिनका कोई प्रमाण नहीं है. पहले बीमारियों के उपचार के लिए चिकित्सा सुविधाएँ न होने से लोगों के पास झाड़-फूँक व चमत्कारिक उपचार ही एकमात्र रास्ता था, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के बढ़ते कदमों व अनुसंधानों ने कई बीमारियों, संक्रामकों पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है तथा कई बीमारियों के उपचार की आधुनिक विधियाँ खोजी जा रही है. बीमारियों के सही उपचार के लिए झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र की बजाय प्रशिक्षित चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. कोरोना काल में भी आधुनिक चिकित्सा के सहयोग से महामारी पर नियंत्रण पाया जा रहा है.
डॉ मिश्र ने कहा आमतौर पर अंधविश्वासों के कारण होने वाली घटनाओं की शिकार महिलाएँ ही होती है. अपनी सरल प्रवृत्ति के कारण से सहज ही चमत्कारिक दिखाई देने वाली घटनाओं व अफवाहों पर विश्वास कर लेती है व ठगी व प्रताडऩा की शिकार होती है, जिससे भगवान दिखाने के नाम पर रूपये, गहने दुगुना करने के नाम पर ठगी की जाती है. अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन व सामाजिक जागरण में अपना अमूल्य योगदान विद्यार्थी एवं स्थानीय ग्रामीण भी दे सकते हैं. उन्हें आस-पास के लोगों को इस संदर्भ में विज्ञान सम्मत जानकारी देनी चाहिए. कार्यक्रम में व्याख्यान के बाद चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या भी प्रस्तुत की गई व प्रश्नोत्तर हुए . कार्यक्रम को डॉ शैलेश जाधव, महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ एच के एस गजेंद्र ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के डॉ. पटेल, डॉ बर्मन, सहित छात्र , उपस्थित रहे.