रायपुर। भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 14 एवं 15 नवंबर को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में राज्य स्तरीय भव्य आयोजन किया जाएगा। विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टरों, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्तों को सभी आवश्यक तैयारी करने निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में इस वर्ष जनजातीय गौरव दिवस को प्रदेश में व्यापक रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जनजातीय गौरव दिवस, आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान और बलिदानों को सम्मानित करने तथा आमजन एवं भावी नागरिकों को उनके बलिदान से प्रेरणा लेने के लिए मनाया जाता है। वर्ष 2021 को केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 15 नवंबर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में इसे जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया था, तभी से प्रतिवर्ष 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
राज्य स्तर पर जनजातीय गौरव दिवस के व्यापक आयोजन के संबंध में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा जिला स्तरीय अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम आयोजन की आवश्यक तैयारियों के संबध में निर्देशित किया गया है। श्री बोरा ने बताया कि जनजातीय गौरव दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन 14 एवं 15 नवंबर को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में होगा। कार्यक्रम आदिम जाति विकास विभाग एवं आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के मुख्य निर्देशन में किया जायेगा।
श्री बोरा ने बताया कि कार्यक्रम का थीम ’’सामाजिक, आर्थिक विकास, आजीविका एवं उद्यमिता, कला-संस्कृति एवं धरोहर, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं जीवन शैली’’ है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासियों के हितों का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। इसमें राज्य के 17 विभाग और 25 योजनाओं को शामिल किया गया है। इस आयोजन में राज्य स्तर पर संचालन समिति के लिए प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है एवं क्रियान्वयन समिति मुख्यालय स्तर पर आयुक्त, आदिम जाति विकास की अध्यक्षता में 17 सदस्यीय क्रियान्वयन समिति का गठन किया गया है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बाहुल्य राज्य है जनगणना 2011 के अनुसार कुल जनसंख्या का लगभग 30.62 प्रतिशत आदिवासी निवास करते हैं। इसके अलावा राज्य में 43 प्रमुख जनजातियां एवं 162 उप जातियां हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से जनजातीय महापुरूषों के कार्यों तथा बलिदान के गौरवपूर्ण स्मरण के साथ ही आदिवासियों के हितों का संरक्षण एवं इन्हें प्रोत्साहित करने का अवसर मिलेगा। इस हेतु जिला स्तर पर भी कार्यकम आयोजित किये जाएंगे एवं राज्य स्तर पर भी वृहद रूप से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
रायपुर। 6 नवम्बर 2024 को हाईकोर्ट बिलासपुर में डीएड पक्ष की ओर से सरकार के विरुद्ध दाखिल किए गए कंटेम्प्ट केस की सुनवाई हुई. न्यायाधीश नरेंद्र कुमार व्यास ने कहा कि किसी की नौकरी छीनना किसी समस्या का समाधान नहीं है. उन्होंने सरकार को बीएड प्रशिक्षित नवनियुक्तों को वर्ग-2 में शिक्षक पद पर समायोजित करने का सुझाव देते हुए कहा कि ये चयनित हैं, मिडिल स्कूल में शिक्षण की योग्यता रखते हैं और इन्हें 1 वर्ष शिक्षण का अनुभव भी प्राप्त है.
जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बीएड प्रशिक्षितों को प्राथमिक के लिए योग्य नहीं माना है, लेकिन माध्यमिक स्कूलों में शिक्षण के लिए ये योग्य हैं. इन 2900 सहायक शिक्षकों के प्रति सरकार की ज़िम्मेदारी है. सरकार के पास अपनी शक्तियां है, जिनका प्रयोग कर इनकी सेवा सुरक्षित रखी जा सकती है.
गौरतलब है कि 2 अप्रैल 2024 को हाईकोर्ट और 28 अगस्त 2024 को सुप्रीमकोर्ट के फैसले से लगभग 2900 बीएड प्रशिक्षित नवनियुक्त सहायक शिक्षकों की नौकरी ख़तरे में आ गई है. ये सभी सहायक शिक्षक बस्तर और सरगुजा सम्भाग के सुदूर अंचल में विगत एक वर्ष से अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अप्रत्याशित रूप से नियमों में बदलाव की वजह से इन पर पदमुक्ति का ख़तरा मंडरा रहा है. सभी बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों ने पूर्व में भी वर्ग 2 (मिडिल) में समायोजन के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को विभिन्न शिक्षक संगठनों के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है.
बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों का कहना है कि सहायक शिक्षकों को शिक्षक पद पर समायोजित कर दिया जाए, क्योंकि पूरी प्रक्रिया में अभ्यर्थियों का कोई भी दोष नहीं है. आज सभी 3000 शिक्षक सहित पूरे परिवार की आजीविका इसी नौकरी पर आश्रित है. मामले की अगली सुनवाई 28 नवम्बर को होगी. हाईकोर्ट ने सरकार को इन बिंदुओं पर विचार करने कहा है.
बिलासपुर। भू अभिलेख शाखा से रिकार्ड गयाब होने के मामले में डिप्टी कलेक्टर जय उरांव को हाई कोर्ट की डबल बेंच से राहत मिली है. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के दो महत्वपूर्ण फैसले जिसमें सरकारी जमीन की अफरा-तफरा में हाथ काला करने वाले तब के अतिरिक्त तहसीलदार और वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर व एक सरपंच के खिलाफ न्यायालयीन आदेश की अवहेलना के आरोप में नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. इन दोनों फैसले पर जस्टिस रजनी दुबे व जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने आगामी आदेश तक रोक लगा दी है. डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले पर त्रुटि पाते हुए यह आदेश जारी किया है.
याचिकाकर्ता लक्ष्मी वैष्णव ने सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए अपील की है, मामले की सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच को बताया गया, कि सिंगल बेंच ने न्यायालयीन अवमानना का दोषी पाते हुए उसे सरपंच पद से हटाते हुए अमरिका बाई अजगले को ग्राम पंचायत का कार्यवाहक सरपंच नियुक्त करने का निर्देश जारी किया है. ऐसा आदेश या निर्देश न्यायालय की अवमानना अधिनियम के तहत पारित नहीं किया जा सकता है. याचिकाकर्ता को बहुमत से कार्यवाहक सरपंच के रूप में विधिवत चुना गया था और 16.01.2024 से वह बिना किसी चूक के अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही है. इसलिए 18.09.2024 को सिंगल बेंच द्वारा जारी विवादित आदेश के प्रभाव और संचालन पर अन्य पक्षों को नोटिस दिए जाने तक रोक लगाई जाए. इधर अमरिका बाई अजगले के अधिवक्ता ने याचिकाकर्ता की प्रार्थना का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अवमानना मामले में पक्षकार नहीं है और अवमानना मामले में अवमाननाकर्ता ने 23.04.2024 को पारित सिंगल बेंच के आदेश का पालन नहीं किया है, इसलिए अवमानना न्यायालय ने सही ढंग से आदेश पारित किया है और यह अपील स्वीकार्य खारिज किए जाने योग्य है.
मामले में दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में लिखा है कि हमने दोनों पक्षों की दलील सुनी और कोर्ट द्वारा पारित 18.09.2024 के विवादित आदेश का भी अवलोकन किया है. अवमाननाकर्ता को सरपंच पद से हटाने का निर्देश जारी किया गया था और याचिकाकर्ता के अनुसार, वह जनवरी, 2024 से काम कर रही है. मामले में अंतरिम उपाय के रूप में, यह निर्देश दिया जाता है कि 18.09.2024 के आदेश का प्रभाव और संचालन सुनवाई की अगली तारीख तक स्थगित रहेगा.
वहीं डिप्टी कलेक्टर जय शंकर उरांव के अधिवक्ता ने डिवीजन बेंच से कहा कि याचिकाकर्ता उस समय उस पद पर तैनात नहीं था, जब सिंगल बेंच द्वारा 12.08.2024 को आदेश पारित किया गया था. यहां तक कि अवमानना मामले में 25.10.2024 को विवादित आदेश पारित करने के समय भी याचिकाकर्ता कहीं और पदस्थ था. सरकारी मजीन की हेरा-फेरी के संबंध में मुख्य आरोप संबंधित न्यायालय के रीडर के खिलाफ है कि उसने संबंधित रिकॉर्ड को गलत जगह रख दिया है. इसलिए याचिकाकर्ता को जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता. मामले में कोर्ट ने 25.10.2024 को अपीलकर्ता के खिलाफ जारी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश को डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई तक प्रभाव और संचालन पर रोक लगा दिया है.
ये है पूरा मामला
पौंसरा की 2.15 एकड़ जमीन की खरीदी बिक्री 2013-14 में की गई थी. तब इसे लेकर जमकर विवाद हुआ था. विवाद सुलझने के बाद जमीन का नामांतरण कर दिया गया. नामांतरण आदेश में तात्कालीन अतिरिक्त तहसीलदार जय शंकर उरांव के हस्ताक्षर हैं. पेखन लाल शेंडे ने रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण आदेश के दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने की मांग करते हुए 31 अगगस्त 2024 को तहसीलदार बिलासपुर के समक्ष आवेदन पेश किया. लगातार स्मरण करने के बाद भी जब दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराया गया. तो पेखन लाल शेंडे ने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका लगाई. मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने तहसीलदार बिलासपुर को नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता को पूरे प्रकरण के दस्तावेज उपलब्ध कराने कहा. कोर्ट के निर्देश के बाद भी याचिकाकर्ता को दस्तावेज नहीं मिले. इस मामले में कोर्ट ने एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया था. जिसे लेकर अपील की गई थी, डीबी ने इस आदेश पर रोक लगाई है.
जगदलपुर। राज्य सरकार ने बस्तर के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जगदलपुर के नियानार गांव में 118 एकड़ भूमि के आवंटन की मंजूरी दे दी है. इस कदम से बस्तर क्षेत्र में सहायक उद्योगों की स्थापना को बल मिलेगा, खासकर नगरनार इस्पात संयंत्र के आसपास. इससे स्थानीय रोजगार में वृद्धि और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) ने लंबे समय से इस भूमि आवंटन की मांग की थी, जिसे अब मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वीकार किया गया और केबिनेट की स्वीकृति भी मिल गई है. इस भूमि आवंटन से छोटे और मध्यम उद्योगों की स्थापना को सरल बनाने में मदद मिलेगी.
बीसीसीआई के अध्यक्ष श्याम सोमानी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम बस्तर में औद्योगिक और व्यवसायिक वातावरण को और सशक्त बनाएगा. उनका मानना है कि इससे न केवल स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. इसके साथ ही, बस्तर का औद्योगिक क्षेत्र और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था तेजी से विकास की दिशा में बढ़ेगी.
रायपुर। सिखों के पहले गुरू पूज्य श्री गुरुनानक के 555 वें प्रकाश पर्व के निमित्त रायपुर में आज भव्य शोभायात्रा निकाली गई. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यालय जागृति मंडल में शोभा यात्रा-प्रभात फेरी का भव्य स्वागत किया गया. यहां मातृशक्ति द्वारा श्रद्धेय श्री गुरुनानक देव जी के जीवन कृतित्व को व्यक्त करने वाले अत्यंत प्रेरक कीर्तन प्रस्तुत किए गए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने पालकी साहब में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया. इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा जी अपने उद्बोधन में कहा कि “श्रीगुरुनानक देवजी का संपूर्ण जीवन हिंदुत्व और धर्म की रक्षा में बीता.
उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण समाज को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित में कार्य करने की आवश्यकता है. श्रीगुरुनानक देव भारत मां के सच्चे सुपुत्र व प्रेरणापुंज हैं.” इस अवसर पर बड़ी संख्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने पालकी साहब में पुष्प अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्रहित में कार्य करने की मंगलकामना की. प्रभात फेरी के अवसर पर नारायण नामेदव ने पीता वारया ते लाल चारो वारे ओ हिंदू तेरी शान….गीत गाया, जिससे लोग राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गए.
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ प्रचारक शांताराम सर्राफ, प्रांत कार्यवाह चंद्रशेखर देवांगन जी, प्रांत प्रचारक अभय राम वर्मा, सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव, सह प्रांत प्रचार प्रमुख संजय तिवारी, महानगर संघचालक घनश्याम बिड़ला जी, सज्जन सिंह, जागीर सिंह, कुलविंदर सिंह तथा ज्ञानी सिंह समेत बड़ी संख्या में संघ के कार्यकर्ता व समाजसेवी उपस्थित रहे.
रायपुर। आगामी उपचुनाव को लेकर पूर्व सांसद और रायपुर दक्षिण से भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी का जनसंपर्क जारी है, प्रत्याशी सुनील सोनी ने पं. सुंदरलाल शर्मा वार्ड, टिकरापारा वार्ड और संजय नगर वार्ड में जनसंपर्क किया इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक मोतीलाल साहू, भाजपा के अन्य नेता और कार्यकर्तगण के साथ बड़ी संख्या में स्थानीयजन भी उत्साहपूर्वक इस जनसंपर्क में शामिल हुए।
इसे लेकर प्रत्याशी सुनील सोनी ने कहा कि अपनों के बीच आशीर्वाद का सिलसिला जारी है, उपचुनाव में कमल खिलने के बाद विकास का सिलसिला भी दोगुनी तेजी से जारी रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आगामी उपचुनाव लिए आशीर्वाद मांगने रायपुर दक्षिण में जनसंपर्क कर रहा हूं और इस दौरान पूरे उत्साह के साथ स्थानीय निवासियों का साथ और आशीर्वाद मिल रहा है, सभी एक बार फिर कमल खिलाने के लिए उत्सुक हैं और मैं विश्वास दिलाता हूं कि जन-जन का यह उत्साह, आशीवार्द और समर्थन व्यर्थ नहीं जाएगा और इस उपचुनाव में भाजपा की जीत के बाद हम भी रायपुर दक्षिण में दोगुनी तेजी से उन्नति का कमल खिलाने के लिए सतत समर्पित रहेंगे।
भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने रायपुर में कार्य करने के अपने अनुभवों के बारे में बताते हुए कहा कि रायपुर की जनता मेरे परिवार का हिस्सा है, महापौर से लेकर सांसद बनने तक सब रायपुर की जनता के आशीर्वाद से ही संभव हुआ और इस दौरान हमने क्षेत्र के विकास के लिए जो कार्य किए उससे जनता में उत्साह बढ़ा है तथा अब और भी अधिक लोगों का स्नेह और आशीर्वाद मिल रहा है और मुझे विश्वास है कि इस उपचुनाव में भी कमल खिलेगा और महापौर और सांसद के बाद अब विधायक के रुप में कार्य करने अवसर भी रायपुर दक्षिण की जनता देगी। मेरा आग्रह है कि आगामी 13 नवंबर को 2 नंबर पर कमल निशान का बटन दबाकर एक बार फिर रायपुर दक्षिण में भाजपा को प्रचंड मतों से विजयी बनाएं।
बिलासपुर। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में मूक-बधिर से सामूहिक दुष्कर्म के 5 आरोपियों की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि अपीलकर्ताओं के अपराध के संबंध में निष्कर्ष पर पहुंचने में ट्रायल कोर्ट ने कोई कानूनी या तथ्यात्मक त्रुटि नहीं की है.
बता दें, 25 अगस्त 2019 की शाम करीब 6-7 बजे मरवाही पुलिस स्टेशन के अंतर्गत बाजार में आरोपियों ने मूक-बधिर पीड़िता को जबरन मोटरसाइकिल से तालाब के पास ले जाकर उससे सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था. इस मामले में संजीव कुजूर, सूरज दास समेत पांचों आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 366/34, 342/34 और 376 (डी) के तहत जुर्म दर्ज किया गया.
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता की चाची ने मरवाही पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराया, कि उसका बड़ा भाई उसके घर के पास रहता है, और उसकी 22 वर्षीय बेटी (पीड़िता), जो जन्म से मूक बधिर है, और इशारों के माध्यम से बातचीत करती है जिसे वह उसकी मां समझती है. पीड़िता हमेशा की तरह 25 अगस्त की शाम खाना (भीख) मांगने बाजार गई थी. देर रात 11 बजे के करीब वह रोती हुई घर लौटी. उसने उसे और अपनी मां को इशारे से बताया कि जब वह शाम बाजार से लौट रही थी, पांच लड़कों ने उसे जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बिठाया, उसे तालाब की सीढ़ियों पर ले गए, उसके हाथ-पैर बांध दिए और एक-एक करके उसके साथ बलात्कार किया. पीड़िता ने चेहरे, पीठ और कमर पर खरोंच के निशान दिखाए, साथ ही प्राइवेट पार्ट में दर्द होने की बात बताई. इसके बाद पीड़िता की चाची ने पीड़िता और परिजनों के साथ पुलिस स्टेशन में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
मामले में 25 वर्ष की सजा सुनाई गई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दंडनीय अपराधों के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, मरवाही की अदालत में आरोप पत्र दायर किया. जहां से इसे 10.12.2019 को परीक्षण के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायालय के न्यायालय को सौंप दिया गया. ट्रायल कोर्ट के जज ने आरोपियों के खिलाफ 2 जनवरी 2020 को आईपीसी की धारा 366/34, 342/34 और 376डी के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोप तय किए. मामले में आरोपियों का डीएनए टेस्ट फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, रायपुर को विश्लेषण हेतु भेजकर इसकी रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई. ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों को 25 वर्ष कैद की सजा सुनाई.
वहीं आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसे चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डीबी ने खारिज कर दिया. सुनवाई के बाद जजों ने कहा, कि ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ताओं के अपराध के संबंध में निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई कानूनी या तथ्यात्मक त्रुटि नहीं की है. इसके साथ ही अपील खारिज कर दी गई. हाई कोर्ट ने एफएसएल व डीएनए टेस्ट पीड़िता के बयान को सजा के लिए साक्ष्य माना है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व राज्यसभा सांसद स्वर्गीय गोपाल व्यास के निधन पर पुरैना स्थित निवास पहुंचे और अंतिम दर्शन कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय गोपाल व्यास के मंशानुरूप उनका पार्थिव शरीर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को दान किया जाएगा। इस दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, विधायक विक्रम उसेंडी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा श्री व्यास छत्तीसगढ़ राजनीति के पुरोधाओं में एक थे। वे 2006 से 2012 तक छत्तीसगढ़ राज्य से राज्यसभा सांसद रहे। श्री व्यास जी गृहस्थ रहते हुए भी महान संत थे। उनकी सरलता और सादगी ने सभी को प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला। उन्होंने सदैव देश व समाज हित में कार्य किया। यह देश एवं प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।मुख्यमंत्री श्री साय ने व्यास जी के साथ बिताए दिनों को याद करते हुए कहा कि मुझे अनेक अवसरों पर उनके साथ कार्यक्रमों में शामिल होने का मौका मिला। सामान्यतः किसी कार्यक्रम का शुभारंभ हम फीता काट कर करते हैं, लेकिन व्यास जी कहते थे कि मुझे यह व्यक्तिगत रूप से अच्छा नहीं लगता। हमारा काम काटने का नहीं बल्कि जोड़ने का है। श्री व्यास जी के निधन पर मुख्यमंत्री ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की कामना की ।
रायपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य गोपाल व्यास का आज सुबह निधन हो गया. उन्होंने 92 साल की उम्र में अपनी अंतिम सांस ली. वे छत्तीसगढ़ राजनीति में एक महत्वपूर्ण हस्ती थे. व्यास ने 3 अप्रैल 2006 से 2 अप्रैल 2012 तक छत्तीसगढ़ राज्य से राज्यसभा सांसद के रूप में सेवा दी. वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ कार्यकर्ता रहे और पार्टी व संघ के लिए जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य किए.
उनके पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए उनके निज निवास HDD 33, विधायक कॉलोनी, रायपुर में सुबह 10:45 तक रखा गया है. इसके बाद देहदान के लिए AIIMS रायपुर के गेट नंबर 5 के लिए ले जाया जाएगा.
आपातकाल के समय जेल में रहे बंद
आपातकाल के दौरान गोपाल व्यास ने भी संघर्ष किया था और 1975 से 1977 तक रायपुर की जेल में बंद रहे. उनका योगदान भारतीय राजनीति में अहम था, और वे अपने संगठन के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहे. राज्यसभा से 13 फरवरी 2019 को सेवानिवृत्त होने के बाद वह सक्रिय राजनीति से दूर थे, लेकिन संगठन को मजबूत बनाने में उनका योगदान निरंतर था.
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने दिलाई थी सदस्यता
गोपाल व्यास ने छत्तीसगढ़ में भाजपा के सदस्यता अभियान में भी हिस्सा लिया था. करीब एक महीने पहले, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें सदस्यता दिलाई थी. इस दौरान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जेपी नड्डा ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके आशीर्वाद लिया था.
जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र थे व्यास
गोपाल व्यास का जन्म 15 फरवरी 1932 को हुआ था. उनका शिक्षा जीवन जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से जुड़ा था, और वे राजधानी रायपुर के विधायक कालोनी में अपने परिवार के साथ निवास करते थे. उनका निधन भाजपा और संघ परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है.
बिलासपुर। जिले में नशे का एक बड़ा सौदागर अफीम की तस्करी करते पुलिस के हत्थे चढ़ा है. यह आरोपी ट्रक ट्रांसपोर्ट के आड़ में अफीम की तस्करी कर रहा था. आरोपी तस्कर से 20 लाख रुपये कीमत की 2 किलो अफीम और ट्रक सहित 60 लाख का माल जब्त किया गया है. बताया जा रहा है कि गुमला झारखंड से छत्तीसगढ़ होते हुए भुसावल महाराष्ट्र अफीम तस्करी का प्लान था. NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने एंड टू एंड इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया है.
दरअसल, बिलापसुर पुलिस को पॉइंट मिला था कि रोड रूट के जरिए बड़े पैमाने पर ड्रग्स के सप्लाई किया जा रहा है. महाराष्ट्र पासिंग ट्रक का इसके लिए इस्तेमाल हो रहा है. पुलिस ने टीमों को हाइवे में अलर्ट किया. इसी दौरान पाराघाट टोलप्लाजा के पास एक संदिग्ध ट्रक मस्तूरी पुलिस के हांथ लगा. तलाशी में ट्रक से 2 किलो अफीम बरामद किया गया. ट्रक ट्रांसपोर्ट के आड़ में यहां अफीम का तस्करी हो रहा था. पूछताछ में पता चला कि लोहे का पाइप लेकर ट्रक झारखंड से सूरत गुजरात जाने के लिए निकला था. इसी में गुमला से भुसावल महाराष्ट्र अफीम का भी सप्लाई करना था. गग्गू बुआ (अमृतसर) निवासी आरोपी ड्रग सप्लायर नवनूर सिंह को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी.
बहरहाल, आरोपी तस्कर से 20 लाख कीमत के 2 किलो अफीम के साथ ट्रक समेत 60 लाख का माल जप्त किया गया है. NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने मामले में एंड टू एंड इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया है. पुलिस ड्रग्स में सोर्स का पता लगा रही है, जिसके बाद इसके अन्य आरोपियों पर भी पुलिस का शिकंजा कसेगा.
रायपुर। हाल ही में राजधानी स्थित मेकाहारा अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के ओटी में को आग लग गई थी. इस दौरान बड़ी मुश्किल से मरीजों और डॉक्टरों का रेस्क्यू किया गया था. इस घटना के बाद फायर सिस्टम के मेंटेनेंस के लिए तत्काल बजट की अनुमति मिल गई है. प्रबंधन अस्पताल के फायर फाइटिंग सिस्टम को दुरुस्त करने में जुट गया है. इसके अलावा अस्पताल में फायर सिस्टम का ऑडिट भी किया जाएगा.
बता दें, 5 नवंबर को अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) के हड्डी रोग विभाग के ओटी में आग लगने से अस्पताल में हड़कंप मच गया था. फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुुंची. इस दौरान ओटी में ऑपरेशन चल रहा था. खिड़की काटकर डॉक्टर और मरीज को बाहर निकाला गया. आग लगने के कारण धुएं से ऑपरेशन कर रहे डॉक्टर बेहोश हो गए थे. उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था.
कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पाया. घटना की सूचना पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, महापौर एजाज ढेबर, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, रायपुर एसएसपी संतोष सिंह समेत पुलिस, फायर ब्रिगेड के अधिकारी, कर्मचारी, तहसीलदार और जोन कमिश्नर सहित बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे थे.
रायपुर। कोरबा नगर विधायक व वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने जिले व प्रदेशवासियों को छठ पूजा की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान भास्कर व छठी मइया सबकी मनोकामना पूर्ण करें।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि छठ पूजा का पर्व सूर्य देवता की उपासना और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का महान अवसर है। यह पर्व प्रकृति और मानव के बीच के प्रेम को दर्शाता है। सूर्य देवता की आराधना से हम जीवन के हर पहलू में सकारात्मकता और नई ऊर्जा का अनुभव करते हैं।
उन्होंने कहा कि छठ पूजा का महत्व सिर्फ धार्मिक आस्था में नहीं, बल्कि हमारे समाज की सांस्कृतिक, एकता और सौहार्द्र में भी निहित है। यह पर्व हमें एकजुट कर हमें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने की प्रेरणा देता है।
इसके साथ ही मंत्री श्री देवांगन ने नगर निगम कोरबा और पुलिस प्रशासन से छठ पूजा के दौरान सभी प्रमुख छठ घाटें में पर्याप्त लाइट, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर। राज्योत्सव के तीसरे दिन समापन समारोह में पवनदीप और अरुणिता ने शानदार गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। इन दोनों ही प्रख्यात गायकों ने एक के बाद एक शानदार गीत गाकर समारोह में समां बांध दिया। मेरी दुआओं से आती है सदा यही, मेरी होके हमेशा ही रहना जैसे गीतों ने वातावरण में तरंग जगा दी। दर्शक अपने पसंदीदा गानों को गाने का आग्रह करते रहे। देर शाम तक कलाकारों ने सुंदर प्रस्तुति कर सबका मन प्रसन्न कर दिया। इसके पहले जादू बस्तर का कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई। इस कार्यक्रम में बस्तर के अनूठे संगीत की प्रस्तुति ने लोगों का दिल जीत लिया। बस्तर ने हमेशा से ही अपने भीतर एक लोकधुन को सहेज कर रखा है जो मीठी है दिल को छू लेने वाली है। आज इन सुंदर लोकधुनों की प्रस्तुति हुई। पूरा वातावरण एक अनूठे स्वरसंसार में डूब गया। लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बहुत सराहा और कलाकारों को भरपूर प्रोत्साहित किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ सांस्कृतिक संध्या का आनंद लिया।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ की सरकारी पावर कंपनी के मीटर रीडर की समस्या विद्युत वितरण कंपनी लगातार नजरअंदाज कर रहा है. स्मार्ट मीटर लगने के बाद इन सभी मीटर रीडरों के सिर में बेरोजगार होने का खतरा मंडरा रहा है, यही कारण है कि स्पाट बिलिंग एवं मीटर रीडिंग श्रमिक 5 दिनों की हड़ताल पर बैठे थे, जो बेनतीजा निकली. अब इसके बाद अब सभी रीडर अनिश्चितकाली हड़ताल पर चले गए हैं. राज्य भर के सभी जिलों में रीडर ने हड़ताल कर दी है.
विद्युत वितरण कंपनी में सालों से लोग मीटर रीडिंग का काम कर रहे है , जिससे लोगों का घर का खर्च चलता है लेकिन अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद इन रीडरों की आवश्यकता नहीं रह जाएगी. यही कारण है कि बेरोजगारी के भय से सभी रीडर अपने लिए कंपनी में कोई अन्य काम की मांग कर रहे है, लेकिन अभी तक कंपनी से कोई भी आश्वाशन नहीं मिला है. इस संबंध में आज उन्होंने कंपनी के अध्यक्ष को इस संबंध में नोटिस दे दी है. अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से पहले स्पाट बिलिंग एवं मीटर रीडिंग श्रमिक ठेका कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर 5 दिन की हड़ताल किया था.
इस दौरान कंपनी प्रबंधन की तरफ से उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. इसके पहले भी संघ द्वारा कई बार इस विषय को लेकर चर्चा की गई है लेकिन कंपनी को इतने लोगों के बेरोजगार होने की जरा भी चिंता नहीं है. इससे नाराज महासंघ ने 6 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है. इस अनिश्चित हड़ताल होने से नवंबर महीने में रीडिंग का काम नहीं होगा, जिससे उपभोक्ताओं को इस महीने का बिजली बिल नहीं मिलेगा.
आज सौंपा गया है ज्ञापन
आपको बता दें कि पूरे राज्य की राजधानी के अलावा बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदा बाजार, समेत सभी जिलों के एक साथ रीडर हड़ताल पर बैठे हैं. इस संबंध में दुर्ग जिले के धमधा में भी मीटर रीडरों ने अपनी मांग रखते हुए ज्ञापन सौंपा है और अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे हैं.
रायपुर। रायपुर दक्षिण उपचुनाव में प्रचार के लिए राजधानी पहुंचे कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने बैक टू बैक 2 जनसभाओं को संबोधित किया. इसके बाद कांग्रेस भवन में पत्रकारवार्ता को संबोधित भी किया. इस दौरान उन्होंने कई विषयों पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने आज दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में दो चुनावी सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. पायलट ने कहा कि रायपुर का उपचुनाव हो या फिर झारखंड, महाराष्ट्र का चुनाव कांग्रेस की जीत होगी. जिस तरह से झारखंड और महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री भाषण दे रहे हैं, वो उनकी भाषा के स्तर को प्रकट करता है. उन्होंने कहा, मैं तो खुद दोनों राज्यों में प्रचार कर आया हूं. दावे से कह सकता हूं कि भाजपा की बौखलाहट दिख रही है. उन्होंने कहा कि रायपुर उपचुनाव में युवा कांग्रेस अध्यक्ष को हमने उम्मीदवार बनाया है और यह चुनाव संकेत देने वाला है.
दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में प्रचार के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बीजेपी सरकार को निशाना साधा. उन्होंने काटोगे तो बंटोगे वाले बयान पर कहा कि भाजपा का काम समाज में जहर घोलना, नफरत फैलाना और बांटना ही है. कांग्रेस तो पढ़ोगे तो आगे बढ़ोगे कहती है. कांग्रेस ऐसे बयानों को कड़ी निंदा करती है. इस तरफ की राजनीति नहीं होनी चाहिए और न जिम्मेदार पदों में बैठे लोगों की ऐसी भाषा होनी चाहिए.
कांग्रेस को बदनाम करने की आदत
आपराधिक घटनाओं में कांग्रेस के लोगों के शामिल होने के लगाए जा रहे आरोपों के पायलट ने कहा, भाजपा का काम ही कांग्रेस को बदनाम करना है. सरकार भाजपा की है और वो हर मोर्चे पर नाकाम हो रही है, लेकिन बदनाम कांग्रेस को करने में लगी है. भाजपा सरकारों की आदत है कांग्रेस पर दोष मढ़ना, जेल भेजना, प्रताड़ित करना. लेकिन जनता सब देख रही और समझ रही है.
निष्पक्ष चुनाव पर जताई आशंका
रायपुर दक्षिण में निष्पक्ष चुनाव को लेकर पायलट ने आशंका जाहिर की है. उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार मशीनिरी का दुरुपयोग कर सकती है. भाजपा ऐसा करती भी रही है. हालांकि कांग्रेस के कार्यकर्ता हर बूथ में मजबूती के साथ डटे हैं, फिर भी सरकार उनकी है तो वो कुछ भी कर सकते हैं, इससे इंकार नहीं किया जा सकता.
महिला स्वराज शक्ति अभियान का शुभारंभ
इसके अलावा प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कांग्रेस का महिला स्वराज ‘शक्ति अभियान’ का शुभारंभ किया. इस मौके पर सचिन पायलट ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि आधी आबादी को पूरा हक देने का उद्देश्य कांग्रेस का है. इसी के तहत हम महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी राजनीति में चाहते हैं. पंचयात से लेकर संसद तक उनका प्रतिनिधित्व ज्यादा हो. शिक्षित और प्रशिक्षित होकर वो उच्च पदों पर पहुंचे.
रायपुर। सोशल मीडिया एप एक्स पर आज छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2024 देशभर में दूसरे नंबर पर ट्रेंड करता रहा है। तीन दिवसीय इस राज्योत्सव का भव्य आयोजन 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक राज्योत्सव स्थल, नया रायपुर अटल नगर में किया गया, जहां देश के सुप्रसिद्ध कलाकारों ने छत्तीसगढ़ आकर अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की मौजूदगी में समापन अवसर पर राज्य अलंकरण पुरस्कार भी दिए गए ।
राज्योत्सव में हुई सभी प्रस्तुतियों की लाइव स्ट्रीमिंग देश-विदेश के लोगों ने देखा और बढ़-चढ़कर राज्योसव के सभी कार्यक्रमों का हिस्सा भी बने। आज देशभर में दिन भर सोशल मीडिया एप एक्स पर छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2024 ट्रेंड करता रहा।
गौरतलब है कि आज राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव के समापन अवसर पर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बतौर मुख्य आतिथ्य शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल रमेन डेका ने की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं राज्य स्थापना दिवस का उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया था।
रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आज तीसरा एवं अंतिम दिन है। पृथक छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 24 वर्षों की इस अल्पायु में ही छत्तीसगढ़ ने नवीन औद्योगिक विकास नीतियों के माध्यम से विकास के कई नए आयाम गढ़े हैं।
यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ राज्य में ’अमृतकालः छत्तीसगढ़ विजन / 2047’ के नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30 जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारम्भ हो चुका है।
1 नवंबर, 2024 से प्रारंभ होकर 31 मार्च 2030 तक छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नवीन उद्योग नीतियों को लागू कर एक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है।
इस नवीन एवं महत्वपूर्ण नीति का लक्ष्य समग्र औद्योगिक विकास के माध्यम से रोजगार सृजन एवं अग्रणी औद्योगिक राज्य की परिकल्पना को साकार करना है। साथ ही वृहद उद्यमों के माध्यम से पब्लिक एवं प्राइवेट सेक्टर हेतु प्रोत्साहन देना है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के समापन तथा राज्य अलंकरण समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए सबकी भागीदारी की जरूरत है। इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान बढ़चढ़कर होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के लिए एक मिसाल, यहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास के नये कीर्तिमान बन रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने राज्य अलंकरण से सम्मानित सभी विभूतियों कोे बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 36 सम्मान, जिन्हें देखकर मुझे ऊर्जा मिली है।
उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि जब शताब्दी ने पलटी खाई तो छत्तीसगढ़ का उदय हुआ, ये यात्रा यहां तक आ गई है। इसके लिए बहुत शुभकामनाएं देता हूँ, छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, पुरानी कहावत है आज भी कानों में गूंजती है। आप सभी इस कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। इस समारोह में आकर मेरा मन गौरव से भर गया है। छत्तीसगढ़ की पावन धरती समृद्ध सांस्कृतिक जीवन का दस्तावेज है। राष्ट्र के प्रति समर्पण और भारतीयता हमारी पहचान है। वर्ष 2000 में इस राज्य को विशिष्ट पहचान मिली। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को इस अवसर पर याद न करें तो बड़ी चूक होगी। उनकी याद सदैव आती है। राष्ट्रहित पर वे हमेशा अटल और मानवीय भावनाएं के विषय में बहुत कोमल थे। राजनीति में उन्होंने ऐसी सर्जरी की कि किसी को पीड़ा नहीं हुई और तीन राज्य बनाए, मैं उन्हें नमन करता हूँ। आपने पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री को बुलाकर एक बड़ा मापदंड हासिल किया, इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बधाई के पात्र हैं। अटल जी ने जो कारीगरी की, उसमें कोई दर्द नहीं था। भाई चारा था। अगले साल छत्तीसगढ़ अपने स्वर्ण युग में प्रवेश करेगा इसका सुखद समन्वय भारत के अमृत काल के साथ हो रहा है। हमें अपनी गौरवमयी विरासत को नहीं भूलना चाहिए। यह मौका है हमारे महापुरुषों को याद करने का। आज जब हम अमृतकाल मना रहे हैं। मुझे और आपको गर्व है कि जिन लोगों ने अपना बलिदान किया, उन्हें दूर दूर जाकर हम उन्हें नमन कर रहे हैं। उनके समक्ष नतमस्तक हो रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीरनारायण सिंह जैसे लोगों ने विषम हालात में स्वतंत्रता की ज्योति को जलाये रखा, हम उन्हें हमेशा स्मरण करते हैं और इसके लिए जनजातीय दिवस मना रहे हैं। इन महापुरुषों ने निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा की। इस मौके पर आपको मैं चिंतन और मंथन के लिए भी आग्रह करूंगा। सेवा निःस्वार्थ होना चाहिए, इसमें कोई स्वार्थ नहीं होना चाहिए। निःस्वार्थ सेवा के नाम पर या आड़ पर हमारी श्रद्धा को परिवर्तन करने का प्रयास किया जा रहा है। हमारी संस्कृति हजारों साल पुरानी है उस पर प्रहार किया जा रहा है। इस पर हमें सजग होना चाहिए। यह धनबल के आधार पर हो रहा है। भोलेपन के आधार पर हो रहा है। भारत की आत्मा को जीवंत रखने के लिए ऐसी ताकतों को कुचलने की आवश्यकता है। आपसे आग्रह है कि इनसे सचेत रहिये। इन प्रयत्नों में खासतौर पर हमारे आदिवासियों भाइयों को निशाना बनाया जाता है। हमारे भारत की संस्कृति सबको समेटने वाली संस्कृति है। इस विशेषता को बरकरार रखना है। इस राज्य के युवाओं के लिए एक और चिंता का कारण है जिस पर यह सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने नक्सलवाद से लड़ने का काम किया है। सरकार की सकारात्मक नीतियों की वजह से युवाओं को अनेक अवसर मिल रहे हैं। राज्य की गति और देश की प्रगति में बड़ा जुड़ाव है। राज्य की प्रगति और देश की प्रगति एक दूसरे की पूरक है। भारत की विकास यात्रा ने दुनिया को चमत्कृत कर दिया है। दुनिया हमारी तकनीकी प्रगति को देखकर दांतों तले उंगली दबा रही है। मेरे मन में शंका नहीं है कि छत्तीसगढ़ का देश की प्रगति में बड़ा योगदान रहेगा। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा बेहद समृद्ध है। इस राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। इस ओर ध्यान दिया जा रहा है। नतीजे भी अच्छे आ रहे हैं। यहां की खनिज संपदा जैसे बस्तर का लौह अयस्क, कोरबा का कोयला भारत के औद्योगिक विकास की प्राणवायु है। इस भूमि को धान का कटोरा कहा जाता है। यह राष्ट्र के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। एक बात मैं जरूर ध्यान दूंगा और आपसे भी आग्रह करूंगा कि राज्य का हित राष्ट्रीय दृष्टिकोण से देखना होगा, राज्य का हित राष्ट्र के हित से अलग नहीं है। प्रदेश के निरंतर विकास के लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बधाई देना चाहता हूँ।
संविधान दिवस ज्यादा समय दूर नहीं है। आज के नवयुवकों को याद दिलाना चाहूंगा। संविधान हमारी महत्वपूर्ण आधारशिला है इस पर हमारा भविष्य टिका है। संविधान दिवस हर वर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है। हर नागरिक को संविधान की अहमियत का एहसास होना चाहिए। इसके आदर्शों का पालन हमारी जिम्मेदारी है। संविधान से खिलवाड़ के हर प्रयास को कुंठित करना चाहिए। आपातकाल देश का काला क्षण था। 21 महीनों तक अधिकारों पर विराम लग गया। हालात इतने भयावह थे कि प्रजातांत्रिक मूल्य नजर तक नहीं आ रहे थे। लाखों लोगों को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया था। इस भयावह कालखंड की जानकारी आज की पीढ़ी को होनी चाहिए।
इस राज्य में आईआईटी है। आईआईएम है। जिस पेशे से मैं जुड़ा हूँ उससे भी जुड़ा हुआ विश्वविद्यालय है जो बहुत प्रतिष्ठित है। राज्य का युवा, महिला एवं हर वर्ग अपना योगदान दे सके, अपना उज्ज्वल भविष्य बना सके, ऐसी नीतियां छत्तीसगढ़ में तैयार हो रही है। यहां प्रशासनिक पारदर्शिता आई है। समाज के हर वर्ग को सशक्त करने का प्रयास हुआ है। राज्य ने हाल ही में एक उद्योग नीति बनाई है इससे नवयुवकों की आशाएं फलीभूत होंगी। केंद्र और राज्य ने युवाओं के लिए इतनी योजनाएं शुरू की हैं कि युवा अपने उद्यम से अन्य लोगों को भी लाभ दे सकते हैं।
इस मौके पर राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि मैं असम प्रदेश से आता हूं। यह हरा-भरा प्रदेश है। छत्तीसगढ़ और असम राज्य में कई समानताएं हैं। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत हिस्सा वनों से घिरा हुआ है। दोनों ही राज्य प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर राज्य है। प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर सतत् आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के 24 वर्षाे में हमने शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। एक युवा राज्य के रूप में हमारा उद्देश्य सिर्फ आर्थिक विकास नहीं बल्कि समग्र विकास है जिसमे हर नागरिक का उत्थान हो सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत 2047 की संकल्पना को हम सबको साकार करना है। इसमे हर नागरिक, हर युवा पूरे उत्साह से योगदान देगा। प्रदेश के विकास में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई योजनाएं प्रारंभ की गई है। महिलाओं को समाज में सम्मान जनक स्थान दिलाने के लिए महतारी वंदन योजना जैसी अभिनव योजनाएं संचालित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन की शुरुआत अलंकृत हो रही सम्मानित विभूतियों को बधाई देते हुए की। उन्होंने कहा कि आज अलंकृत हो रही विभूतियों में नारायणपुर के बुटलू राम माथरा जी भी हैं। उनकी सराहना ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री ने भी की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्योत्सव 03 करोड़ छत्तीसगढ़ियों की एकता और अखण्डता का प्रतीक है। पिछले 2 दिनों में हम लोगों ने 24 वर्षों की यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को मिली उपलब्धियों का जश्न मनाया, लेकिन आज का यह अवसर अपनी आगे की यात्रा के बारे में बात करने का अवसर है, विकास की नई ऊंचाईयों को छूने का संकल्प लेने का अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल हम लोग राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाएंगे, उसके आगे की यात्रा राज्य के स्वर्णिम भविष्य के साथ स्वर्ण जयंती की ओर आगे बढ़ने की यात्रा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी माताएं-बहनें भावी विकास के लिए हमारी ताकत हैं। हमारी महतारी वंदन योजना के फलस्वरूप प्रदेश की माताएं और बहनें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। महिला सशक्तिकरण से ही हम प्रदेश का सशक्तिकरण कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में शांति स्थापित करते हुए लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की पुण्य भूमि में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। माओवाद के खिलाफ कड़ाई के साथ लड़ रहे हैं। राज्य में माओवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के युवाओं को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने, बस्तर की खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के उद्देश्य से हम बस्तर ओलंपिक का आयोजन कर रहे हैं।प्रदेश के किसानों, आदिवासियों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं सहित समस्त नागरिकों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उन्नति में भागीदार बनें। आप सभी के प्रयासों से विकसित छत्तीसगढ़ के सपनों को साकार करेंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने लोककलाकारों को प्रोत्साहित करने महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोक कलाकरों को प्रोत्साहित करने तथा लोक संस्कृति का देश विदेश में प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से बनाए गए ‘‘छत्तीसगढ़ कलाकार पंजीयन भुगतान नियम 2021’’ के संबंध में कला, संगीत, नृत्य, नाट्य एवं गायन के क्षेत्र में राज्य अलंकरण प्राप्त कलाकारों के लिए एक विशिष्ट ग्रेड ‘ए1’ निर्धारित करने की घोषणा की।
साथ ही समस्त ‘‘ए’’ श्रेणी के कलाकारों की अधिकतम कार्यक्रम स्वीकृति सीमा को 10 से बढ़ाकर 20 किया जाता है तथा ‘‘बी’’ श्रेणी कलाकारों की अधिकतम सीमा 12 को बढ़ाकर 24 करने की घोषणा की। साथ ही ग्रेड निर्धारण समिति की प्रत्येक बैठक में अधिकतम 3 प्रतिष्ठित कला विशेषज्ञों को अशासकीय सदस्य के रूप में सम्मिलित करने की घोषणा की।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से लेकर कौशल उन्नयन तक हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में बढ़िया काम हमने किया। छत्तीसगढ़ कभी पलायन के लिए जाना जाता था। एक रुपए किलो चावल आने के बाद छत्तीसगढ़ से पलायन का काम रूका। अब यहां आईआईटी भी हैं आईआईएम भी हैं। 14 मेडिकल कालेज भी है। उन्होंने इस अवसर पर सभी नागरिकों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई भी दी।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं अन्य अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।