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युवा कांग्रेस द्वारा लॉन्च किया गया यंग इंडिया के बोल का पांचवा संस्करण
रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस द्वारा मंगलवार को राजधानी रायपुर में यंग इंडिया के बोल का पांचवा संस्करण शुरू किया गया। प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने इसका पोस्टर को लॉन्च किया गया। दरअसल युवा कांग्रेस द्वारा लगातार 4 वर्षों से यंग इंडिया के बोल चलाया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में 18 से 35 वर्ष के सभी युवा भाग ले सकते हैं उन्हें आईवॉसी ऐप के माध्यम से इसमें अपना पंजीयन करा सकते है।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए आकाश शर्मा ने बताया कि देश एवं प्रदेश में चल रहे किसी भी एक विषय पर अपना एक वीडियो बनाना होता है या फिर वाद विवाद या रील बनाकर इसमें अपलोड किया जाता है उसके बाद जिला स्तर पर एवं प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर प्रवक्ताओं को चयनित किया जाता है। यह केवल एक प्रतिभा खोज कार्यक्रम नहीं है। यह युवा आवाज़ों को सशक्त बनाने और हमारे देश में बदलाव लाने वाले भविष्य के नेताओं को सामने लाने के लिए एक आंदोलन है। प्रतियोगिता तीन स्तरों में राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर और तीन श्रेणियों – भाषण, वाद-विवाद और रील निर्माण में आयोजित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर, सर्वश्रेष्ठ वक्ता, सर्वश्रेष्ठ वाद-विवादकर्ता और सर्वश्रेष्ठ रील-निर्माता को 50,000 प्रथम, उपविजेता को 40,000 और द्वितीय उपविजेता को 25,000 का पुरस्कार मिलेगा। सर्वश्रेष्ठ महिला प्रतिभागी (यदि शीर्ष तीन में नहीं है) को 40,000 का पुरस्कार दिया जाएगा। राज्य स्तर पर प्रत्येक श्रेणी के विजेताओं को 10,000, उपविजेताओं को 7,500 और सर्वश्रेष्ठ महिला प्रतिभागी (यदि शीर्ष दो में नहीं है) को 7,500 का पुरस्कार मिलेगा। इसके अतिरिक्त, राज्य स्तर की प्रतियोगिता में योग्य सभी प्रतिभागियों को राज्य या जिला स्तर पर युवा कांग्रेस में पद दिए जाएंगे, जिससे वे संगठन के मिशन में सक्रिय रूप से शामिल रह सकें। पत्रकारवार्ता में मुख्य रूप से प्रदेश महासचिव जसमीत शर्मा, मीडिया विभाग अध्यक्ष आशीष द्विवेदी, मीडिया प्रभारी तुषार गुहा, प्रदेश सचिव अमिताभ घोष, अनूप वर्मा, अपराजिता तिवारी, प्रवक्ता राहुल कर, लक्षित तिवारी व शिवम दुबे उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही, कमिश्नर ने जनपद सीईओ को किया निलंबित
कोंडागांव। शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर बस्तर संभागायुक्त डोमन सिंह ने बड़े राजपुर के जनपद सीईओ पर बड़ी कार्रवाई की है. संभागायुक्त ने जनपद पंचायत बड़ेराजपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गेंदलाल चुरेन्द्र को हितग्राहीमूलक महत्वाकांक्षी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को समय-सीमा में पूरा किए जाने में लापरवाही बरतने एवं अपने पदीय कर्तव्यों तथा शासकीय कार्यों के निर्वहन में रुचि नहीं लेने पर उन्हें निलंबित किया है.
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत की गई है. इस कृत्य के लिए जनपद सीईओ के विरुद्ध विभागीय जांच भी की जाएगी. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर, जिला कोण्डागांव में निर्धारित किया गया है. उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी.
छत्तीसगढ़ में भूखंड पर निर्माण पड़ेगा महंगा: लेआउट शुल्क में हुई भारी वृद्धि, मध्यम वर्ग पर पड़ेगा असर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब भूखंड पर निर्माण कराने के लिए लेआउट पास कराना महंगा हो गया है। राज्य के आवास एवं पर्यावरण विभाग ने लेआउट शुल्क में कई गुना वृद्धि करते हुए इसे लागू कर दिया है। यह शुल्क अब भूखंड के क्षेत्रफल के आधार पर लिया जाएगा।
बता दें कि पहले किसी भी भूखंड के लिए लेआउट पास कराने पर 3,750 रुपये का शुल्क लिया जाता था। नई दरों के अनुसार, यह शुल्क न्यूनतम 60,000 रुपये कर दिया गया है। यह बदलाव राज्य सरकार के लिए बड़े राजस्व का साधन बनेगा, लेकिन मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ लेकर आएगा।

नियमों में किया गया संशोधन
आवास एवं पर्यावरण विभाग ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन किया है। अब लेआउट पास कराने के लिए आवेदन के साथ शुल्क जमा करने की पावती लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। पावती के बिना किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा और उसे अमान्य घोषित कर दिया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया और शुल्क संरचना में बदलाव
आवास एवं पर्यावरण विभाग ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 के तहत छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन किया है। संशोधन के तहत प्रत्येक लेआउट आवेदन के साथ शुल्क की पावती संलग्न करना अनिवार्य होगा। बिना पावती के किसी भी आवेदन को विधिमान्य नहीं माना जाएगा और उसे खारिज कर दिया जाएगा।
आवेदन शुल्क की नई दरें इस प्रकार हैं
विकास अनुज्ञा शुल्क: ₹5000 प्रति हेक्टेयर। भूखंड क्षेत्रफल को निकटतम पूर्णांक में राउंड फिगर कर गणना की जाएगी। उदाहरण के लिए, 1.499 हेक्टेयर को 1 हेक्टेयर और 1.5 हेक्टेयर को 2 हेक्टेयर माना जाएगा।
भवन अनुज्ञा शुल्क: प्रस्तावित निर्मित क्षेत्र के लिए ₹1 प्रति वर्ग मीटर।
शुल्क वापसी: किसी भी स्थिति में आवेदन शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।
अनुज्ञा निलंबन और प्रतिसंहरण: नगर निवेशक को यह अधिकार दिया गया है कि वह किसी अनुज्ञा को निलंबित या रद्द कर सकता है, यदि उसे विश्वास हो कि –
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अनुज्ञा मिथ्या कथन या गलत जानकारी के आधार पर प्राप्त की गई है।
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अनुज्ञा में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया गया है।
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अधिनियम या नियमों का पालन नहीं किया गया है।
हालांकि, निलंबन या प्रतिसंहरण का आदेश जारी करने से पहले संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य होगा। यदि आवेदक शर्तों का पालन कर लेता है, तो आदेश रद्द किया जा सकता है। लेकिन मिथ्या कथन के आधार पर प्राप्त अनुज्ञा स्थायी रूप से रद्द होगी।
भूखंड क्षेत्र और शुल्क में कितनी हुई वृद्धि ?
भूखंड क्षेत्रफल के मामले में बदलाव करते हुए 12.5 मीटर और 21 मीटर को अब राउंड फिगर में 15 मीटर और 24 मीटर कर दिया गया है। इसके साथ ही शुल्क 30% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।
सामुदायिक खेल और मनोरंजन स्थल के लिए नियम
नए नियमों के तहत नगर विकास योजना या अन्य विकास नियमन में सामुदायिक खेल स्थल और मनोरंजन प्रयोजन के लिए क्षेत्र आरक्षित रखा जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए हुए ये बदलाव
औद्योगिक क्षेत्रों में अब किसी प्लॉट, लेआउट, या उपखंड में छात्रावास और डॉरमेट्री के निर्माण की अनुमति होगी। नियम 50 के अनुसार, एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) और भूतल आच्छादित क्षेत्र (ग्राउंड कवरेज) को पूरी भूमि पर लागू किया जाएगा।
विशेष वाणिज्यिक प्रावधान
100 मीटर या उससे अधिक चौड़ाई वाले पहुंच मार्गों पर स्थित 5 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल के वाणिज्यिक भूखंडों में 5.0 एफएआर लागू होगा। यदि ऐसे भूखंड केंद्रीय व्यापारिक जिला (CBD) या ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) क्षेत्र में स्थित हैं, तो 2.0 अतिरिक्त एफएआर दिया जाएगा।
उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
नियमों का उल्लंघन या विचलन करने पर भवनों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। खुले क्षेत्रों में 9/15 मीटर की दूरी पर नालों की सीमा या उच्चतम बाढ़ चिन्ह से ऊपर मार्ग और खुली पार्किंग की अनुमति होगी। हालांकि, कवर्ड पार्किंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि इन संशोधनों से सरकार को राजस्व में भारी बढ़ोतरी होगी। लेकिन बढ़े हुए शुल्क और सख्त नियमों से मध्यम वर्गीय भूखंड मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। खासतौर पर छोटे भूखंड मालिकों को इस नई व्यवस्था से बड़ी परेशानी हो सकती है।
मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में जल संसाधन विभाग की बैठक संपन्न, अधिकारियों को दिए ये जरूरी दिशा-निर्देश
रायपुर। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने की सख्त हिदायत दी। मंत्री कश्यप ने बैठक में सभी मुख्य अभियंताओं को यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद समय सीमा के भीतर टेंडर लग जाना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लेट लतीफी व लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में स्वीकृत कार्यों की निविदा की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि समस्त स्वीकृत कार्यों की निविदा प्रक्रिया को पूर्व बैठक में दिए गए निर्देश के अनुरूप लक्ष्य लेकर कार्य करें। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 31 दिसंबर 2024 तक के निविदा कार्य आदेशों को आचार संहिता के पूर्व संपन्न किया जाए साथ ही समय-समय पर कार्यों से अवगत कराने के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिए हैं।
पुनरक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त नहीं हो पाने के कारण लंबे समय से अपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति हेतु मंत्री परिषद से अनुमोदन प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव तत्काल शासन को प्रस्तुत करने का कहा है ताकि समय में योजनाओं को स्वीकृति प्राप्त कर संबंधित कार्यों को पूर्ण किया जा सके।
वाटर लिंकिंग योजना पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश
मंत्री केदार कश्यप ने नदी जोड़ो अभियान को लेकर कहा कि यह केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। महानदी से इंद्रावती नदी को जोड़ने वाली परियोजना को गोदावरी कावेरी लिंक परियोजना में शामिल करने के लिए NWDA को प्रस्ताव भेजे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बांध सुरक्षा अधिनियम से संबंधित कार्यों एवं भूजल स्मार्ट मीटर लगाने हेतु EOI बुलाने का कार्य अतिशीघ्र प्रारंभ करें। बैठक में मंत्री केदार कश्यप ने सिकासर बांध से कोडार बांध को जोड़ने के कार्य सर्वेक्षण एक माह के भीतर पूर्ण करने हेतु डीपीआर शासन को प्रेषित करने का निर्देश दिया है।
जगदलपुर में जल्द खुलेगा मुख्य अभियंता कार्यालय
जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप के प्रयासों से बस्तरवासियों को मुख्य अभियंता कार्यालय प्राप्त होगा। अधिकारियों ने बताया कि जगदलपुर में मुख्य अभियंता कार्यालय हेतु वित्त विभाग से अनुमोदन हो चुका है। तत्काल आवश्यक औपचारिकता पूर्ण कर कार्यालय प्रारंभ किया जाएगा।
नई भर्ती की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी
जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर राज्य जल सूचना केंद्र के लिए 22 पदों की सहमति वित्त विभाग से प्राप्त हो चुकी है। समस्त औपचारिकता पूर्ण कर कार्यालय प्रारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर जल संसाधन सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उइके, मुख्य अभियंता एस. व्ही. भागवत, के.एस. गुरूवर, एस.के. टिकम, डी.के. उमेरकर, आर.के. इंदवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा, आश्रम-छात्रावासों में ‘स्वच्छ परिसर स्वच्छ जीवन’ अभियान चलाए जाने के दिए निर्देश
रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सानमणि बोरा ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में साफ-सफाई के लिए ‘स्वच्छ परिसर स्वच्छ जीवन’ अभियान चलाया जाए। श्री बोरा ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नियद नेल्लानार, पीएम जनमन एवं धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा कर करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के तहत पात्र हितग्राही योजना का लाभ लेने से वंचित न रहे इसका भी विशेष रूप से ध्यान दिया जाए।
बता दें कि यह समीक्षा बैठक नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। समीक्षा बैठक में आयुक्त पी.एस.एल्मा, अपर संचालक संजय गौड़ सहित सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बैठक में कहा कि छात्रावास आश्रमों में प्राप्त सामग्री के उपयोग से पूर्व निर्माण एवं क्रय समिति से अनुमोदन के साथ ही सामग्री का भौतिक सत्यापन भी कराया जाए। उन्होंने सहायक आयुक्तों को अनुदान प्राप्त शासकीय संस्थाओं की हर चार माह में बैठक लेने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा न्यायालयीन प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के संबंध में निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने छात्रावास-आश्रमों की साफ-सफाई के संबंध में स्वच्छ परिसर स्वच्छ जीवन अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। इस अभियान के अंतर्गत छात्रावास-आश्रमों में स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ रसोई घर, बच्चों की क्लासरूम एवं शयन कक्ष में साफ सफाई, परिसर में साफ सफाई, किचन गार्डन एवं परिसर में डी.डी.टी. का छिड़काव इत्यादि व्यवस्थाएं किया जाना है। इसके अलावा बच्चों को टीकाकरण, सिकलसेल जांच, मलेरिया जांच, एनीमिया जांच एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु भर्ती की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में प्रवेश बढ़ाने के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। पीवीटीजी समुदाय का कोई भी बच्चा शिक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित नहीं रहना चाहिए, इसका पूर्ण ध्यान रखा जाए।
प्रमुख सचिव बोरा ने निर्माण कार्यों में पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए और सहायक आयुक्त एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव द्वारा टीआरटीआई परिसर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भी निरीक्षण किया गया उन्होंने कार्य की अपेक्षित प्रगति ना होने पर निर्माण एंजेसी के अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य को पूर्ण गुणवत्ता सहित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने नए साल में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को दिया तोहफा: राजधानी रायपुर में टेनिस और राजनांदगांव में हॉकी अकादमी को मंजूरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचनाओं को तेजी से विकसित किया जा रहा है। नए साल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों को बड़ी सौगात दी हैं। उन्होंने राजधानी रायपुर में टेनिस अकादमी और राजनांदगांव में हॉकी अकादमी का प्रारंभ करने के लिए मंजूरी दी है। इन दो नई अकादमी के प्रारंभ होने से यहां के खिलाड़ी टेनिस और हॉकी के क्षेत्र में देश में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बना सकेंगे।
टेनिस और हॉकी अकादमियों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की अत्याधुनिक खेल सुविधाओं के साथ ही उत्कृष्ट कोच भी उपलब्ध होंगे। जहां खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा, वहीं हॉकी और टेनिस के खिलाड़ियों को अपने हुनर को संवारने और निखारने में मदद मिलेगी। इन खेल अकादमियों की स्थापना से राज्य में खेलों के विकास के लिए एक नया वातावरण बनेगा। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रौशन कर सकेंगे।
गौरतलब है कि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायपुर में स्थापित होने वाले टेनिस अकादमी के लिए 13 नए पदों तथा राजनांदगांव की हॉकी अकादमी के लिए 14 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा सांसद और सरगुजा संभाग के सभी विधायकों की ली बड़ी बैठक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सरगुजा संभाग के सभी विधायकों और सरगुजा सांसद के साथ बड़ी बैठक की। बैठक में उन्होंने सरगुजा अंचल के विकास को लेकर सभी के साथ मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में सांसद और विधायकों से क्षेत्र में विकास की सभी संभावनाओं को लेकर अहम चर्चा की और उनके सुझाव लिए। उन्होंने कहा कि समूचे सरगुजा संभाग के विकास पर हमारी नजर है और सरगुजा को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने सभी संभावनाओं पर काम कर रहे है। हमारी सरकार एक बेहतर कार्य योजना इसके लिए तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने विकसित छत्तीसगढ़ का जो विजन तैयार किया है, उसमें समूचे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ हमारे दोनों आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग की अग्रणी भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर उनके क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने नागरिकों के लिए मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने और इसका सतत मॉनिटरिंग करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने विजन के अनुरुप विकास के कामों को लगातार जारी रखेंगे।
पर्यटन नक्शे पर उभरेगा सरगुजा, सड़कों के जाल से परिवहन सुविधाएं बेहतर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में सरगुजा क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को लेकर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। देश में पर्यटन के नक्शे पर सरगुजा को विशेष स्थान मिले, यह प्रयास हम कर रहे है। उन्होंने कहा कि हाल ही में अंबिकापुर एयरपोर्ट से नियमित विमान सेवा की शुरुआत हुई है, जिससे नागरिक सुविधाओं के बढ़ने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने समूचे सरगुजा संभाग में परिवहन की बेहतर सुविधा के लिए काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यातायात को सुगम बनाने के लिए सरगुजा को अन्य इलाकों से बेहतर सड़कों के माध्यम से जोड़ा जाएगा। सड़कों के जाल से परिवहन सुविधाएं बेहतर होगी और इससे सरगुजा का तेजी से विकास भी होगा।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक भैयालाल राजवाड़े, विधायक राम कुमार टोप्पो, विधायक राजेश अग्रवाल, विधायक उद्धेश्वरी पैंकरा, विधायक रायमुनि भगत, विधायक शकुंतला पोर्ते, विधायक गोमती साय, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक भूलन सिंह मरावी और अधिकारीगण मौजूद रहे।
शिक्षा विभाग ट्रांसफर: शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक आधार पर किया तबादला
रायपुर। शिक्षा विभाग में तबादलों का दौर जारी है। शिक्षक, व्याख्याता, प्रधान पाठक, प्राचार्य, सहायक शिक्षकों की लगातार जारी हो रही ट्रांसफर लिस्ट के बीच एक और ट्रांसफर आदेश जारी किया गया है।
जहां व्याख्याता की मिशन समन्वयक के पद पर प्रतिनियुक्ति को खत्म करते हुए स्कूल भेज दिया गया है। वहीं प्रधान पाठक को सहायक कार्यक्रम समन्वयक से प्रतिनियुक्ति पर लेते हुए जिला मिशन समन्वयक बनाया गया है।

पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव ने की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की तारीफ, कही ये बात…
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम TS सिंहदेव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की तारीफ की है. सिंहदेव ने कहा कि राज्य को केंद्रीय गृहमंत्री सहयोग कर रहे हैं. राजनीति को पृथक रखकर नक्सलवाद के खिलाफ काम हो. अमित शाह नक्सलवाद खत्म करने की मंशा रखते हैं. हर सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ काम किया है.
सिंहदेव ने कहा कि नक्सलवाद खत्म करने तय टाइम लाइन के चक्कर में निर्दोष लोग नहीं मारे जाने चाहिए. आम लोगों के तरफ से शिकायत न आए कि आम लोग मारे जा रहे. नक्सलवाद के खिलाफ कार्यवाही से हमें संतुष्टी होगी. प्रदेश का हर आदमी नक्सलवाद का खात्मा चाहता है.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एचएमपी वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ली महत्वपूर्ण बैठक, दिए दिशा निर्देश
रायपुर। ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस जिसे एचएमपीवी वायरस कहा जा रहा है, इससे निपटने के लिए छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह से तैयार है। वायरस को लेकर सतर्कता बरतने और तैयारियों के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय नवा रायपुर में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
देश के कुछ हिस्सों में इस वायरस के मरीज मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों की टीम सतत रूप से इस वायरस के बारे में निगरानी रख रही है और इसके लक्षणों एवं प्रभाव के बारे में भी अध्ययन कर रही है। श्री जायसवाल ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग कोरोना महामारी के बाद से ही किसी भी प्रकार के आपात स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि इस वायरस को रोकें और साथ ही इससे लड़ने के लिए आम जनता को भी जागरूक करें। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह वायरस पहले भी रिपोर्ट किया जा चुका है और इससे घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन सावधानी बरतनी जरूरी है । उन्होंने आम जनता से स्वच्छता पर जोर देने की बात कही है।
वायरस से बचने के लिए ये करें
विशेषज्ञों के अनुसार एचएमपीवी वायरस से बचने के लिए भीड़ वाली जगह से दूरी बना कर रखें, सर्दी खांसी बुखार वाले मरीजों के के संपर्क में नहीं आएं, सर्दी खांसी बुखार के लक्षण पर तत्काल स्थानीय अस्पताल में जांच कराएं। ताकि किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। खांसते व छींकते समय मुंह व नाक को रूमाल से ढंके, अपने हाथों को साबुन एवं सेनेटाइजर से साफ करते रहें, यदि बीमार हैं तो घर पर रहें, ज्यादा पानी पीएं एवं पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
ये काम न करें
सर्दी, खांसी व बुखार होने पर अथवा सामान्य स्थिति में भी टिशू पेपर का दोबारा इस्तेमाल न करें। बार-बार आंख नाक व मुंह को न छूएं । सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें तथा डाक्टर से सलाह लिए बिना किसी भी दवा का इस्तेमाल न करें।
गौरतलब है कि एचएमपी वायरस खांसने, छींकने से निकलने वाले ड्रापलेट्स, संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने अथवा नजदीकी संपर्क में आने , दूषित सतह पर हाथ लगाने के बाद मुंह, नाक या आंखों को छूने से फैलता है। सर्दी, खांसी , बुखार तथा सर्दियों में सांस लेने में परेशानी इसके सामान्य लक्षण हैं। कुछ गंभीर केसेस में निमोनिया और ब्रोंकाइटिस भी इस बीमारी के लक्षण हैं। देश के कुछ राज्यों में इसके मरीज मिलने की सूचना मिलते ही राज्य के स्वास्थ्य विभाग का अमला अपनी तैयारी में जुट गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक सामान्य रेस्पिरेटरी वायरस है जो आम तौर पर सर्दी के दिनों में दिखाई पड़ता है।
भक्तिन माता राजिम के आदर्श सभी समाजों के लिए अनुकरणीय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। राजिम शैव और वैष्णव परंपरा का संगम स्थल है। राजिम के इस पवित्र स्थल में ही भगवान श्रीराम ने कुलेश्वर महादेव की स्थापना कर उनकी पूजा-अर्चना की थी। सोन्ढूर, पैरी और महानदी के त्रिवेणी संगम के कारण यह क्षेत्र पूरे देश में प्रसिद्ध है। राजिम नगरी छत्तीसगढ़ का प्रयागराज के रूप में प्रसिद्ध है। यहां से प्रवाहित होने वाली महानदी
पापमोचिनी गंगा कहलाती है। राजिम भक्तिन माता के नाम पर ही राजिम का नाम हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजिम में साहू समाज द्वारा आयोजित भक्तिन माता राजिम जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हम सबके लिए गौरव की बात है कि हम आज उस भूमि में एकत्रित हुए हैं जहां भगवान श्रीराम ने माता सीता के साथ अपने चरण रखे। माता सीता ने यहां महादेव की पूजा अर्चना की और रेत से ही कुलेश्वर महादेव को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि राजिम भक्तिन माता ने जिस त्याग और तपस्या का उदाहरण प्रस्तुत किया, उसकी स्मृति साहू समाज संजोये हुए है। राजिम भक्तिन माता की जयंती से सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा मिलता है। साथ ही उनके आदर्शाें पर चलने की प्रेरणा मिलती है। समाज के एकजुट होने से प्रदेश और देश को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने इस अवसर पर राजिम में भक्तिन माता की भव्य कांस्य प्रतिमा की स्थापना के लिए 5 करोड़ रूपए की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि साहू समाज प्रगतिशील समाज है। यह समाज खेती किसानी के साथ-साथ व्यापार, उद्योग जगत में आगे बढ़ रहा है। साहू समाज अपनी विरासत को भी संजोये हुए हैं। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास सबका विश्वास और सबका प्रयास की नीति लेकर 140 करोड़ भारतीयों को अपना परिवार मानकर उनके हित में 18-18 घंटे काम करने वाले देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपके समाज का गौरव हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के समय राजिम में भव्य कुंभ कल्प की शुरूआत हुई थी। पूर्ववर्ती सरकार ने इसकी गरिमा कम कर दी थी। हमारी सरकार ने राजिम कुंभ कल्प की गरिमा को पुनर्स्थापित किया है। पिछले साल राजिम कुंभ में देश भर से संत समागम हुआ। हम इस साल भी हम भव्य राजिम कुंभ कल्प का आयोजन करने जा रहे है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माताओं और बहनों की उपस्थिति है। हमने महतारी वंदन योजना से महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम किया है। अभी हाल ही में इस योजना की ग्यारहवीं किश्त माता-बहनों के खाते में हस्तांतरित की गई है। पहली तारीख को माताओं-बहनों के मोबाइल में इस योजना की राशि जाती है और उनका चेहरा खिल जाता है। इससे उन्हें अपने बजट को व्यवस्थित करने में मदद मिलती है। जब भी मैं इस बारे में उनसे चर्चा करता हूँ वे बहुत खुश हो कर बताती हैं कि इस योजना से उनके जीवन में कितना बदलाव आया। सही मायने में तब लगता है कि हम अटल जी के सुशासन का सपना छत्तीसगढ़ में साकार कर रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि उन्होंने अमेरिका प्रवास के दौरान देखा कि किस तरह विदेशों में भी साहू समाज के बच्चे छत्तीसगढ़ का परचम लहरा रहे हैं। अपनी कर्मठता और संकल्पशक्ति से साहू समाज के लोग देश-दुनिया में समाज का नाम उंचा कर रहे हैं। केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बताया कि भक्त माता करमा के नाम पर डाक टिकट जारी होना हम सब के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि करमा माता ने अपना जीवन समाज को समर्पित किया, उनके विचारों और आदर्शाे से समाज का विकास हो सके इसलिए जरुरी है कि हम सभी उन विचारों को आत्मसात करें।
मुख्यमंत्री ने की माता राजिम एवं भगवान श्री राजीव लोचन की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजिम पहुंचकर भगवान राजीव लोचन मंदिर में भक्तिन माता राजिम एवं भगवान राजीव लोचन की विधि विधान से पूजा अर्चना की और प्रदेशवासियों की खुशहाली और सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक मोतीलाल साहू, रोहित साहू, ईश्वर साहू, संदीप साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ कैडर के IPS अमित कुमार को राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ कैडर के 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी अमित कुमार को उनकी विशिष्ट और अनुकरणीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन्हें 7 जनवरी 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा प्रदान किया गया. अमित कुमार ने अपने करियर में जिस निष्ठा और समर्पण से काम किया है, वह कानून व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने का एक आदर्श उदाहरण है.
अमित कुमार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में 12 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी), उप महानिरीक्षक (डीआईजी) और संयुक्त निदेशक (पॉलिसी) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. सीबीआई में उनके कार्यकाल को नीतिगत सुधारों और एजेंसी की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए याद किया जाता है.

छत्तीसगढ़ में अमित कुमार ने नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र और दुर्ग-रायपुर जैसे शहरी जिलों में कानून व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. उनकी रणनीतिक सोच और नेतृत्व ने न केवल नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद की, बल्कि शहरी क्षेत्रों में पुलिसिंग को भी नई दिशा दी.
वर्तमान में अमित कुमार छत्तीसगढ़ पुलिस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें जनवरी 2023 में इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर नियुक्त किया गया था, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई थी.
राष्ट्रपति पुलिस पदक अमित कुमार की अद्वितीय सेवाओं और उनके द्वारा स्थापित उच्च मानकों का प्रमाण है. यह सम्मान उनके जैसे समर्पित अधिकारियों को प्रेरणा प्रदान करता है और देश के कानून-व्यवस्था तंत्र में उनके योगदान को अमर करता है.
नगरीय निकाय चुनाव को लेकर उप मुख्यमंत्री साव का बड़ा बयान, कहा- हमारी मंशा एक साथ चुनाव कराने की, अलग-अलग चुनाव में…
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव एक साथ कराने के मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा एक साथ होगी और हमारी मंशा चुनाव एक साथ कराने की है. अलग-अलग चुनाव करने में 80 दिन लगता है. एक साथ होगा तो 35 दिनों में हो जाएगा. ऐलान एक साथ किया जाएगा, तो कह सकते है कि चुनाव एक साथ हुआ है.
उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा में नगरीय निकाय चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया को लेकर कहा कि नागरिक निकायों के चुनाव का बिगुल बज चुका है. चुनाव की दृष्टि से यह (आरक्षण प्रक्रिया) सरकार की तरफ़ से अंतिम काम था, जो हमने कर दिया है. अब राज्य निर्वाचन चुनाव की तिथि का ऐलान करेंगे.
वहीं 9 तारीख़ को होने वाले भारतीय जनता पार्टी की बैठक को लेकर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में आने वाले चुनाव को लेकर चर्चा होगी. सभी विधायक और संसद मौजूद रहेंगे.
दाऊ चिंताराम टिकरिहा पर बनी फिल्म “छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम” और पुस्तक का हुआ विमोचन, मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा- युवाओं को उनके जीवन से लेनी चाहिए प्रेरणा
बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले के गौरव दाऊ चिंताराम टिकरिहा पर आधारित फिल्म “छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम” रिलीज हो गई और उनके जीवन से जुड़ी गौरव गाथा पर लिखी पुस्तक का विमोचन भी किया गया.

फिल्म रिलीज और पुस्तक विमोचन के अवसर पर मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि आज के युवाओं को दाऊ चिंताराम टिकरिहा से प्रेरणा लेनी चाहिए. जो ये कहते हैं कि मांस खाने और मदिरा पीने से शरीर बनता है. दाऊ चिंताराम टिकरिहा सात्विक भोजन करते थे समय की पाबंदी रखते थे और दैनिक कसरत करते थे. उनके शरीर का बल ही बता रहा है कि शाकाहारी भोजन में जो ताकत है मांसाहार में नहीं है. वे समाजसुधारक भी थे संस्कृति के रक्षक थे जो लवकुश की जन्मस्थली तुरतुरिया मे माताजी के मंदिर का जीर्णोद्धार कराया साथ ही बच्चों को शिक्षा मिले स्कूल बनवाया गरीब कन्यायों की शादी करवाई. ऐसे विराट व्यक्तित्व के धनी चिंताराम टिकरिहा आज उनके जीवन पर छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम फिल्म बनी है पुस्तक लिखी गई है मैं धन्यवाद देता हूं फिल्म के निर्देशक अंशु धुरंधर और पूरे टिकरिहा परिवार को, जिन्होंने उनके जीवन से जुड़ी कहानियों उपलब्धियों को सामने लाया है. निश्चित ही यह प्रेरणा देगा और बच्चे युवा उनसे प्रेरणा लेकर अपने व्यक्तित्व का निर्माण कर सकेंगे.

कार्यक्रम मे पहुंचे मुख्य अतिथि सहित विशिष्ट अतिथियों ने छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम टिकरिहा के चित्र मर माल्यार्पण दीप प्रज्ज्वलित किया साथ ही उनके व्यक्तित्व से बने चित्रो का लोकार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तत्पश्चात पुस्तक का विमोचन व फिल्म का रिमोट दबाकर शुभारंभ किया. आये हुए अतिथियों का फिल्म के निर्देशक अंशु धुरंधर, टिकरिहा परिवार से धनेश टिकरिहा, डॉ दीपक टिकरिहा, दौलतराम टिकरिहा, हेमन्त टिकरिहा भुपेन्द्र टिकरिहा सहित परिवार जनो ने अतिथियों का सम्मान किया.

टिकरिहा परिवार से दाऊ चिंताराम टिकरिहा के पुत्र धनेश टिकरिहा ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि हमें बड़ा गर्व है कि हम दानवीर धर्मवीर छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम टिकरिहा के पुत्र है और उनके वंशज है और उन्होंने जो हमें शिक्षा दिया आज हम उनके बताये मार्ग पर चल रहे हैं आज उनके व्यक्तित्व पर पुस्तक लिखी गई फिल्म बनाया गया यह बडे़ ही सौभाग्य की बात है निश्चित ही इससे समाज के बच्चों युवाओं को प्रेरणा मिलेगी.
फिल्म के निर्देशक अंशु धुरंधर ने कहा कि बचपन से उनके व्यक्तित्व के बारे में उनके कार्यो के बारे में सुनता था तब से उनके जीवन का अध्ययन कर रहा था कि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर और भी लोगों को प्रेरित करने पुस्तक का लेखन व निर्माण किया है यह वैदिक राज युटुब चैनल पर देखने को मिलेगा साथ ही पुस्तक भी बहुत जल्द लोगों को पुस्तक दुकानों में मिल जाएगी.
कार्यक्रम में ग्राम बुड़गहन के प्रतिभाशाली बच्चों का अतिथियों ने सम्मानित किया. वहीं टिकरिहा परिवार द्वारा मुख्य अतिथि सहित विशिष्ट अतिथियों का शाल श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया.
फिल्म और पुस्तक के शुभारंभ अवसर पर दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, भाटापारा के पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि मीर अली मीर, वर्मा समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष खोडसराम कश्यप सहित जनप्रतिनिधि व टिकरिहा परिवार और हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन हेमन्त टिकरिहा ने किया और आए हुए अतिथियों को धन्यवाद दिया.
संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल समिति की बैठक में शामिल हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली/ रायपुर। रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को राज्यसभा सचिवालय में आयोजित संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल समिति की बैठक में भाग लिया। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और निपुण भारत मिशन को सम्मिलित करते हुए शिक्षा, महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव एवं अन्य प्रतिनिधियों ने आरटीई अधिनियम, 2009 के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रारंभिक शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण सुधार पर अपनी प्रस्तुति दी। साथ ही केन्द्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नवोदय विद्यालय संगठन (NVS), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) जैसी स्वायत्त संस्थाओं के कार्यकरण पर चर्चा की गई। सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने शिक्षा के शुरुआती वर्षों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR), केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) और अन्य निकायों के कार्यकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि “इस बैठक से शिक्षा, महिला और बाल विकास के क्षेत्रों में बेहतर नीतियों और योजनाओं को लागू करने में प्रभावी कदम उठाने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह चर्चा हमारे देश के भविष्य को सशक्त और उज्ज्वल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।”
रायपुर में होगा ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 02 का आयोजन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ …
रायपुर। दो दिवसीय ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2 का आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के 5 स्टार हॉटल मेफेयर लेक रिसार्ट में 10 और 11 जनवरी को किया जाएगा. जिसमें 17 राज्यों से 1500 प्रतिनिधि शामिल हो रहें है. सेकेन्डरी स्टील में राष्ट्रीय स्तर का इतना बड़ा आयोजन करने का सौभाग्य छत्तीसगढ़ को मिला है. इसके आयोजक है छत्तीसगढ़ स्टील रि-रोलर्स एसोसिएशन और सहयोगी है, छत्तीसगढ़ स्पॉज आयरन मैन्युफैक्चरर्स जिएशन व छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन.
छत्तीसगढ़ स्टील रि-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी, महासचिव बांकेबिहारी अग्रवाल और इवेन्ट चेयरमैन रमेश अग्रवाल और को-चेयरमैन अमित अग्रवाल ने संयुक्त पत्रकारवार्ता में बताया कि भारत पहले ही 2030 तक 300 मिलियन स्टील उत्पादन क्षमता के लक्ष्य के 150 मिलियन टन के आधे रास्ते को पार कर चुका है. आने वाले वर्षों में हम यहां से कहां तक जायेगें यही इस कॉनक्लेव का मुख्य फोकस विषय रहेगा.
जैसे कि मालूम हो लौह अयस्क से समृद्ध छत्तीसगढ़ भारत में तीसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक राज्य है और देश के कच्चे उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देता है. 10 प्रतिशत पेलेट और 20 प्रतिशत स्पॉज आयरन की हिस्सेदारी राष्ट्रीय स्तर के कुल उत्पादन में छत्तीसगढ़ का है.
उन्होंने बताया की प्रथम दिवस 10 जनवरी को कॉनक्लेव का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमार स्वामी के द्वारा सुबह 10.30 बजे किया जाएगा. इस अवसर पर प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल व अन्य अतिथि की उपस्थिति अपेक्षित है. उद्घाटन पश्चात एक से सवा घंटे का अलग-अलग सत्र होगा, जिसमें विषय के विषेषज्ञ अपनी बात रखेगें. क्वालिटी कंट्रोल और तकनीकी विषय पर भी विषेश रूप से चर्चा होगी और समस्याओं पर बात होगी. साथ ही प्रौद्योगिकी विषेशज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा 17 राज्यों से लगभग 1500 प्रतिनिधि कॉनक्लेव में शामिल होगें, प्रमुखतरू महाराष्ट्र, ओडिसा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, पंजाब जैसे राज्य हैं. वहीं भिलाई इस्पात संयंत्र, एसईसीएल, जिंदल स्टील, टाटा स्टील, एनएमडीसी जैसे बड़ी कंपनियों के उच्चाधिकारी भी शामिल होगें. 10 जनवरी की शाम सांस्कृतिक संध्या में मीट ब्रदर्स ग्रुप मुंबई अपनी प्रस्तुति देगें कॉनक्लेव में चूंकि देश भर से लोग हिस्सा ले रहे है इस लिये राष्ट्रीय स्तर पर स्टील निर्माताओं के साथ नेटवर्किंग बनेगा इसलिए ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव का मुख्य फोकस प्वाइंट है अवसर और चुनौती दो दिन के इस कॉनक्लेव में भारत के इस्पात उद्योग के नए अवसरों और बदलते बाजार की गतिशीलता पर केंद्रित चर्चा भी होगी राज्य व केन्द्र सरकार की इंडस्ट्री से जुडी पॉलिसी पर बात रखी जाएगी.
दूसरे दिन 11 जनवरी को समापन सत्र में अतिथिगण शामिल होगें, इसी दिन शाम में मोटिवेशनल सत्र रखा गया है जिसमें बॉलीवुड के प्रख्यात लेखक, गीतकार पद्मश्री जावेद अखतर अपना प्रेरक उदबोधन देगें, पश्चात बाहर से आये प्रतिनिधियों का औद्योगिक भ्रमण का भी कार्यक्रम है. पूरा विश्वास है कि दो दिन का यह ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव इस सेक्टर के लिये मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को स्टील मेकिंग का हब बनाने में मार्ग प्रशस्त करेगा. कार्यक्रम के प्रथम दिन देश के प्रख्यात डायमंड बैरन, सावजी भाई ढोलकिया का एक घंटे का प्रेरक उद्बोधन रहेगा.
सावजी भाई ढोलकिया आपने समाज सेवा के लिये प्रख्यात है, इन्होने अपने कर्मचारियों को अनगिनत कारें, मकान, जेवर इत्यादि देकर उनका जीवन आसान करने और कई गावों में पानी की व्यवस्था और सामाजिक उत्थान के लिये अनेक कार्य किये है, उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री से भी सम्मानित किया है. इसके अलावा एक घंटे का मांईड और सोल के लिये ड्रम बजा कर कैसे जागृत किया जाता है यह कार्यक्रम भी समायोजित है.
कार्यक्रम में देश भर से लगभग 125 निर्माता अपने अपने प्रोडक्ट और सर्विसेस भी प्रदर्शित करेगें, जिसका लाभ कॉनक्लेव में आने वाले सभी को एक छत के नीचे मिल सकेगा. एक्जीविशन प्रदर्शनी के लिये अलग से एक 30 हजार फुट का डोम बनाया जा रहा है. यह कॉनक्लेव में आने वाले सभी निर्माता होंगे जो लोहे के क्षेत्र में कार्यरत है छत्तीसगढ़ में उद्योगों की स्थापना के अपार संभावना है, बाहर से आने वाले सभी को यहां की औद्योगिक पॉलिसी के बारे में भी जानकारी दी जायेगी, जिससे उन्हे छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने या विस्तार करने में मदद मिलेगा. अलग-अलग विषयों पर व्याख्यान होगा, जिसे राज्य शासन के उच्चाधिकारी भी अपनी उपस्थिति से इसे और सार्थक करेगें. कॉनक्लेव को आयोजित करने वाली संस्था छत्तीसगढ़ स्टील रि-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी महासचिव बांकेबिहारी अग्रवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम देश और प्रदेश में होनी वाला सबसे विशाल और भव्य कार्यक्रम होगा.
नगरीय निकाय चुनाव : 124 नगर पंचायतों में पूरी हुई आरक्षण की प्रक्रिया, एसटी 20, एससी 16, ओबीसी के लिए 26 सीटें आरक्षित, देखिए लिस्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है. नगर निगम, नगर पालिका के बाद 124 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है. आरक्षण प्रकिया के बाद अब कभी भी प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव का ऐलान हो सकता है.
124 नगर पंचायतों में अनुसूचित जाति (ST) के लिए 16 सीट आरक्षित की गई है, जिसमें 5 सीटें महिला आरक्षित है. अनुसूचित जनजाति (SC) के लिए 20 सीट आरक्षित की गई है, जिसमें 7 सीटें महिला आरक्षित है. अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 26 सीटें आरक्षित की गई है, जिसमें 9 सीटें महिला आरक्षित है. वहीं 62 अनारक्षित सीटों में से 9 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है.
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